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                <title>Father's Day Special - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Father's Day Special RSS Feed</description>
                
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                <title>Father&amp;#8217;s Day 2024: इस फादर्स डे ये हो सकते हैं अपने पिता के लिए सुंदर से उपहार!</title>
                                    <description><![CDATA[Father’s Day 2024: वह व्यक्ति, जो हमेशा अपना पूरा जीवन हमारे और पूरे परिवार का समर्थन करता है और करने के लिए एक स्तंभ के समान खड़ा रहा है। उस महान व्यक्ति को सम्मान देने का दिन आ गया है। वह हमारा पिता, हमारा दादा भी हो सकता है और वे सभी लोग हो सकते […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/these-can-be-a-lovely-gift-for-your-father-this-fathers-day/article-58670"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/fathers-day-special.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Father’s Day 2024: वह व्यक्ति, जो हमेशा अपना पूरा जीवन हमारे और पूरे परिवार का समर्थन करता है और करने के लिए एक स्तंभ के समान खड़ा रहा है। उस महान व्यक्ति को सम्मान देने का दिन आ गया है। वह हमारा पिता, हमारा दादा भी हो सकता है और वे सभी लोग हो सकते हैं, जो हमारे लिए पिता के समान हमारी देखभाल करते हैं। अपने बच्चों और परिवारों के लिए वे अपने आराम और खुशी की परवाह किए बिना त्याग करने को तैयार रहते हैं, वे बहुत-बहुत बधाई के पात्र हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पितृत्व का ये जश्न एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, इसे लगातार मनाया जाना चाहिए। फादर्स डे 2024 उन लोगों के लिए अपने प्यार को व्यक्त करने का सुनहरा अवसर है, जो अपने माता-पिता के प्रति आदर-सम्मान की भावना रखते हैं, उनसे अपार स्नेह और प्यार करते हैं। फादर्स डे 2024 के अवसर पर आज यहां 5 वित्तीय उपहार सुझाए जा रहे हैं जो लोग अपने चहेते, अपने प्यारे पिता को गिफ्ट दे सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP)</h3>
<p style="text-align:justify;">यदि आपके पिता की म्यूचुअल फंड निवेश में बहुत ज्यादा दिलचस्पी नहीं है, तो आप अपने पिता के लिए एक सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए रकढ एक बेहतरीन तरीका हो सकता है। एसआईपी की मदद से, कोई व्यक्ति नियमित अंतराल पर, आमतौर पर मासिक या त्रैमासिक, किसी चयनित म्यूचुअल फंड स्कीम में एक निश्चित राशि का निवेश करना शुरू कर सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कर्ज चुकाएं</h3>
<p style="text-align:justify;">किसी व्यक्ति के लिए उसके दिमाग पर सबसे बड़ा बोझ किसी से लिया हुआ कर्ज होता है, जोकि आपके पिता की काफी मेहनत और जद्दोजहद के बाद भी चुकाया नहीं जा रहा। अपने पिता के बकाया कर्ज को जल्द से जल्द चुकाने के लिए उपलब्ध धन का उपयोग करें। यदि अभी कर्ज चुकाना संभव नहीं है, तो फादर्स डे 2024 भविष्य में कर्ज चुकाने की योजना बनाने और उसके अनुसार बचत शुरू करने का सुनहरा अवसर है। बकाया कर्ज चुकाने से व्यक्ति की वित्तीय स्थिरता में सुधार होता है और उसे नए सिरे से शुरूआत करने में मदद मिलती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ऐड-ऑन क्रेडिट कार्ड</h3>
<p style="text-align:justify;">इस फादर्स डे के अवसर पर लोग अपने पिता को ऐड-आॅन क्रेडिट कार्ड भी गिफ्ट कर सकते हैं ताकि वे जो चाहें खरीद सकें। क्रेडिट कार्ड व्यक्ति को अपने विवेक से पैसे खर्च करने की सुविधा देता है। ऐसी चीज का मालिक होने से पिताओं को, खास तौर पर उन लोगों को जो अपनी सेवानिवृत्ति की आयु पार कर चुके हैं और अपने बच्चों पर निर्भर हैं, उन्हें ऐसे में आर्थिक रूप से स्वतंत्रता महसूस होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्वास्थ्य बीमा</h3>
<p style="text-align:justify;">यदि आपके पिता के पास कोई सक्रिय स्वास्थ्य बीमा योजना नहीं है, तो आपके लिए यह सुनहरा अवसर है कि आप उन्हें स्वास्थ्य बीमे के तौर पर यह योजना बनाएं। स्वास्थ्य बीमा योजना लेने से पहले, यह जांचना बेहतर जरूरी है कि क्या यह उम्र से संबंधित बीमारियों और अस्पताल में भर्ती होने को कवर करता है। फैमिली फ्लोटर प्लान चुनना बेहतर है, जो माता-पिता दोनों के खर्चों को कवर करने में मदद करता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आपातकालीन निधि खोलें</h3>
<p style="text-align:justify;">आपातकालीन निधि, अप्रत्याशित परिस्थितियों से निपटने में बेहद मददगार होती है, जिसे आकस्मिक निधि के रूप में भी जाना जाता है, जैसे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, दुर्घटनाएं, बेरोजगारी या कोई और अचानक जरूरत। जबकि यह भी हो सकता है कि हमारे माता-पिता ने आपात स्थितियों के लिए पैसे बचा रखे हों लेकिन आपके पिता को एक अतिरिक्त आकस्मिक निधि बनाने से अप्रत्याशित परिस्थितियों की स्थिति में जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी।</p>
<p><a title="Kedarnath Yatra 2024: केदारनाथ यात्रा को लेकर सामने आई चौंकाने वाली बात!" href="http://10.0.0.122:1245/pilgrims-arriving-on-kedarnath-yatra-without-medical-checkup/">Kedarnath Yatra 2024: केदारनाथ यात्रा को लेकर सामने आई चौंकाने वाली बात!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 18:29:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Father&amp;#8217;s Day न्यूजीलैंड की साध-संगत ने पौधारोपण कर मनाया</title>
                                    <description><![CDATA[ऑकलैंड, न्यूजीलैंड (रंजीत इन्सां)। पूज्य पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को समर्पित ‘फादर्स डे’ (Father’s Day) न्यूजीलैंड की साध-संगत ने आज 100 से भी अधिक पौधे लगाकर मनाया। Father’s Day साध-संगत द्वारा ये पौधारोपण अभियान शेक्सपियर रीजिनल पार्क में किया गया, जहाँ साध-संगत के साथ-साथ स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/fathers-day-celebrated-by-planting-saplings-in-new-zealand/article-48985"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/aucland.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ऑकलैंड, न्यूजीलैंड (रंजीत इन्सां)।</strong> पूज्य पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को समर्पित ‘फादर्स डे’ (Father’s Day) न्यूजीलैंड की साध-संगत ने आज 100 से भी अधिक पौधे लगाकर मनाया। Father’s Day</p>
<p style="text-align:justify;">साध-संगत द्वारा ये पौधारोपण अभियान शेक्सपियर रीजिनल पार्क में किया गया, जहाँ साध-संगत के साथ-साथ स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे हुए थे। पहाड़ी ई शिखर पर लगाए जाने वाले यह पौधे ऑकलैंड (Auckland) काउंसिल द्वारा लगवाए गए। Father’s Day</p>
<p style="text-align:justify;">पौधारोपण के इस कार्यक्रम में साध-संगत नार्थ शोर एवं ऑकलैंड साउथ ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। गौरतलब है कि पूज्य पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षा अनुसार देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में साध-संगत अपना हर त्यौहार मानवता भलाई के कार्य करके मनाती है। Father’s Day</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="ग्राम पंचायत ने शिकंजा कसा, अब इस गाँव में नहीं बिकेगा नशा" href="http://10.0.0.122:1245/gram-panchayat-tightens-the-screws-now-drugs-will-not-be-sold-in-this-village/">ग्राम पंचायत ने शिकंजा कसा, अब इस गाँव में नहीं बिकेगा नशा</a></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jun 2023 18:22:15 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>फादर्स-डे विशेष:  हो मेरी जान तुम ‘पापा’, मेरे भगवान तुम ‘पापा’</title>
                                    <description><![CDATA[एक ऐसा संत जिसने अपनी करोड़ों औलाद का जीवन संवारा (Father’s Day Special) सच कहूँ/विजय शर्मा करनाल। ‘‘तुम न होते तो एक भी कदम मैं चल पाता नहीं, तुम से ही मिली है मुझे आज एक नई जिन्दगी, सच मैं कहता हूँ इस जहान में तुमसा कोई नहीं, एक पल के लिए तुम्हारे बिन मुझको जीना नहीं, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/fathers-day-special/article-24576"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-06/guru-ji.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>एक ऐसा संत जिसने अपनी करोड़ों औलाद का जीवन संवारा</strong></h3>
<h3 style="text-align:center;"><strong> (Father’s Day Special)</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/विजय शर्मा करनाल।</strong> ‘‘तुम न होते तो एक भी कदम मैं चल पाता नहीं, तुम से ही मिली है मुझे आज एक नई जिन्दगी, सच मैं कहता हूँ इस जहान में तुमसा कोई नहीं, एक पल के लिए तुम्हारे बिन मुझको जीना नहीं, हो मेरी जान तुम ‘पापा’, मेरे भगवान तुम ‘पापा’।’’ ये पंक्तियां मैं अकेला नहीं कह रहा बल्कि मेरे साथ 6 करोड़ से ज्यादा बच्चे उस ‘संत पिता’ के लिए कह रहे हैं। जिन्होंने अपने जीवन का हर पल, हर स्वांस अपनी करोड़ों औलाद का जीवन संवारने में समर्पित कर दी। इन ‘संत पिता’ ने कूड़े के ढेर में पड़ी बेटियों को ही नहीं अपनाया बल्कि मजबूरन देह व्यापार की दल-दल में फंसी वेश्याओं को भी ‘शुभदेवी’ का दर्जा देकर कन्यादान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इतना ही नहीं, करोड़ों लोगों का नशा व बुराइयां छुड़वाई और मानवता, इंसानियत व नेकी-भलाई के मार्ग पर चलना सिखाया। फादर्स-डे पर हम आज बात कर रहे हैं वर्ल्ड के बैस्ट ‘पिता’ की। जिन्हें लोग अनगिनत नामों से जानते हैं। कोई उन्हें ‘गुरु’ कहता है, कोई ‘पिता जी’, कोई कहता है ‘पापा कोच’ तो कोई कहता है इंसानियत का मसीहा। जी हां, हम बात कर रहे हैं डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की। जिन्होंने एक नहीं, दो नहीं बल्कि पूरे विश्व में 135 मानवता भलाई कार्य चलाकर समाज को एक नई दिशा दी। तो आईये जानते हैं कि क्यों हैं ये वर्ल्ड के ‘बैस्ट फादर’।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>‘शुभ देवी’ का दर्जा देकर बेटी बनाया, सेल्यूट ‘पापा’</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लायक तो नहीं थे नफरत के, तूने कोहिनूर हीरे से भी ज्यादा चमका दिया, इतना प्यार दिया इस नाली के कचरे को ‘शुभ देवी’ का दर्जा देकर बेटी बना लिया। पूज्य पिता जी ने मुझे जो नई जिन्दगी दी और समाज में सम्मान दिलाया ऐसा कोई इंसान नहीं बल्कि ‘खुदा’ ही कर सकता है। नरक से बदत्तर दलदल से निकालकर पूज्य पिता जी ने वो घर-बार परिवार दिया, जिसके शायद मैं लायक भी नहीं थी। मैं आज फादर्स-डे पर अपने ‘संत पिता’ को बारम्बार सेल्यूट करती हूँ और ये गर्व से कहती हूँ मैं उस बाप की बेटी हूँ, जो दोनों जहान में अपने बच्चों की संभाल करता है।<br />
<strong>-शुभ देवी, रूमी इन्सा ं(काल्पनिक नाम) हरियाणा।</strong></p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सत्संग में समझ आया ज़िंदगी का सही अर्थ</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मेरे हाथ में नहीं था मेरा जन्म, तू मेरा दोष तो बता, ये समाज मुझे हिजड़ा, किन्नर, छक्का कहकर चिढ़ाता रहा। बस ये ही कहानी थी मेरी। दूसरों की दुआ में उठने वाले ये हाथ कभी अपनी तकदीर नहीं बना पाए। फिर सोचा शायद ख़ुदा को भी ये ही मंजूर होगा। लेकिन मैं गलत थी। एक संत है जिसने एक पिता के समान मुझ जैसे लाखों किन्नरों की सुध ली और हमें एक सम्मानजनक नाम दिया ‘सुखदुआ समाज’। पूज्य पिता जी का सत्संग सुना तो जीने की सही राह और जिन्दगी का सही अर्थ समझ आया। वो एक पिता के रूप में भगवान का रूप हैं। जो सारी सृष्टि की भलाई के लिए दुआएं करते हैं।<br />
<strong>-सुखदुआ, सोनिया महंत, इंद्री करनाल। </strong></p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>पापा कोच ने शाही बेटियों को बनाया मिसाल</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">भू्रण हत्या व लिंग भेद पर रोक लगाने के उद्देश्य से पूज्य गुरु जी ने ऐसी लड़कियां जिनको गर्भ में मार देना था, उनको अपनाया व माँ-बाप की जगह खुद का नाम दिया और उन्हें शाही बेटियों का दर्जा दिया। अब ये बेटियां उच्च शिक्षा ग्रहण कर समाज सेवा और मानवता भलाई कार्यों में अह्म भूमिका निभा रही हैं। पूज्य गुरु जी के मार्गदर्शन में ये शाही बेटियां शिक्षा के साथ-साथ नेशनल और इंटरनेशनल लेवल तक खेलों में पदक जीतकर अपनी धाक जमा चुकी हैं। फादर्स-डे पर इन शाही बेटियों ने भी अपने ‘पापा कोच’ को शुभकामनाएं दी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आप ये न सोचो कि हमें कुछ पता नहीं, एक तरफ तो आप हमें ‘पिता जी’ कहते हो, और बाप को पता ही नहीं कि उसके बच्चों को क्या परेशानी है। वो मां-बाप ही क्या, जिसे अपनी औलाद का पता न हो, हमें अपने करोड़Þों बच्चों के बारे में सब कुछ पता होता है। एक गुरु, पीर-फकीर के लिए उसकी औलाद हमेशा छोटे बच्चे की तरह होती है। वो अपनी औलाद की इस जहान में भी संभाल करते हैं और उस जहान में भी। और आपको टेंशन तो होनी ही नहीं चाहिए, किसी का बाप बड़ा होता है तो वो उसके सिर पर राज करता है, राज। और जिसका दोनों जहान का अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, भगवान हो जाए, उसको टैंशन किस बात की और क्यों?<br />
<strong>-पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां। </strong></p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>दुनिया भर से बधाई देने के लिए भेजे गए ग्रीटिंग कार्ड</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">फादर्स-डे पर पिछले कई दिनों से दुनिया भर से पूज्य पिता जी को ग्रीटिंग कार्ड भेजने का सिलसिला जारी है। साध-संगत द्वारा रोहतक के सुनारिया भेजे जा रहे ग्रीटिंग कार्ड स्वयं अपने हाथों से तैयार कर उन्हें अपनी भावनाओं से सजाया गया है। पंजाब के लुधिायाना से एक छोटी बच्ची अनामी इन्सां ने अपने ग्रीटिंग कार्ड में लिखा कि ‘‘डॉ. एमएसजी के प्यार ने हमें जीना सीखा दिया, प्यार दिया अपने बच्चों को इतना, की रब्ब भूला दिया’’। ऐसे ही अनेकों ग्रीटिंग डेरा श्रद्धालुओं द्वारा सुनारिया भेजे जा रहे हैं और हैरान करने वाली बात तो ये थी कि डाकघरों के बाहर ग्रीटिंग कार्ड भेजने वालों की इतनी लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जिससे घंटों के बाद दूसरे का नंबर आता। शायद ये ही प्यार है, श्रद्धा है, अटूट विश्वास है करोड़ों बच्चों का अपने ‘संत पिता’ पर।</p>
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<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Jun 2021 02:51:36 +0530</pubDate>
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