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                <title>Dr. MSG Health Tips - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>कान साफ करने का गुरु जी ने बताया सही तरीका</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा । शाह सतनाम जी आश्रम बरनावा यूपी से रूहानी सत्संग के दौरान साध-संगत द्वारा पूछे गए के सवालों के जवाब देते हुए पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने स्वास्थ्य संबंधी अनमोल टिप्स दिए। सवाल : कान में अगर खाज होती है या कान साफ करना है तो क्या करें? […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/kaan-ki-safai-kaise-kare-in-hindi/article-44215"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/kaan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा । </strong>शाह सतनाम जी आश्रम बरनावा यूपी से रूहानी सत्संग के दौरान साध-संगत द्वारा पूछे गए के सवालों के जवाब देते हुए पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने स्वास्थ्य संबंधी अनमोल टिप्स दिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सवाल :</strong> कान में अगर खाज होती है या कान साफ करना है तो क्या करें? | kaan ki safai kaise kare</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पूज्य गुरु जी का जवाब :</strong> वैसे नेचर है कि जब आप नहाकर हटोगे तो कोई भी रूमाल या कपड़ा लेकर कान पर ऐसे मार कर देखना जितनी भी फालतू की चीज है वो बाहर आ जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पर आपको आदत बनी हुई हैं, खासकर बहनों को तो सिर की सुर्इं निकाली और कान में मारने लग जाएंगी। हमने देखा है बेटियों को ऐसे करते हुए। और भाई तिनका सा ले लेते हैं, आजकल बने बनाए भी आते हैं, उसका ये नहीं पता कि कहां तक चला गया। कई पर्दे में मार बैठते हैं, क्योंकि वो पतला सा होता है उसका कोई मुंह, सिर तो है नहीं और अंदर कान में खाज मची तो कईयों को मीठी-मीठी भी लगने लगती है और आगे पर्दे पर मार देते हैं और फिर सुनने वाले काम की छुट्टी। कभी भी ऐसा नहीं करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">ज्यादा ही हो तो ख़ुद साफ रूर्इं लो, जो डॉक्टरों के पास होती है, हल्का सा तिनके पर लगाकर कान की बाहर की तरफ जो मैल होती है वो निकल जाती है। कान के बिल्कुल अंदर जो मैल होती है वो फायदेमंद होती है। आपके कानों में कीट-पतंगा कुछ भी नहीं घुसता, क्योंकि ये जहरीली चीज होती है। वो इसकी बदबू से, आपको बदबू नहीं आती, पड़ोसी को भी नहीं आती, लेकिन सिर्फ उन कीट-पतंगों को आती है, जो कान में घुसने को तैयार रहते हैं। तो अंदर वो अगर थोड़ी सी वैक्स पड़ी है तो फायदेमंद है। उसकी बदबू से और उसको टच करने से वो जीव भाग जाते हैं। kaan ki safai kaise kare</p>
<p style="text-align:justify;">जैसे नाक में हैं वैसे ही कान के अंदर भी छोटे-छोटे बाल होते हैं और वो भी फिल्टर का काम करते हैं ताकि कानों पर पर्दें पर कोई और चीज जाकर जम ना जाए, कलियर सुने। जैसे प्याज की झिल्ली होती है, उससे भी पतला पर्दा होता है कान का और आप सुर्इंया, पता नहीं क्या-क्या मारते हैं। पहले तो आया करते थे कड़छी से लेकर कि आजा तेरा कान साफ करूं। तो कई बहरे हुए हैं उस पंगे में, क्योंकि आगे कान का पर्दा फट जाता है। तो आप आराम से कान को साफ करें। कान में पानी न जाए तो ज्यादा अच्छा रहता है। तो कान में ज्यादा कलाकारी मत किया करो।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Mar 2023 11:23:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एम.एस.जी. हैल्थ टिप्स : एसिडिटी से राहत पाने के घरेलू नुस्खे</title>
                                    <description><![CDATA[अनियमित जीवनशैली और खराब खान-पान के चलते अक्सर तेजाब की समस्या से जूझना पड़ता है। आजकल इस समस्या से लगभग हर दूसरा व्यक्ति पीड़ित है। एसिडिटी होने पर शरीर की पाचन- क्रिया ठीक नहीं रहती। इसमें छाती और पेट में जलन होती है। साथ ही गले में जलन और अपच भी इसके ही लक्षण हैं। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/home-remedies-for-relieving-acidity/article-26956"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-09/acidity.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अनियमित जीवनशैली और खराब खान-पान के चलते अक्सर तेजाब की समस्या से जूझना पड़ता है। आजकल इस समस्या से लगभग हर दूसरा व्यक्ति पीड़ित है। एसिडिटी होने पर शरीर की पाचन- क्रिया ठीक नहीं रहती। इसमें छाती और पेट में जलन होती है। साथ ही गले में जलन और अपच भी इसके ही लक्षण हैं। कई बार ग्रसित व्यक्ति को घबराहट भी होने लगती है और खट्टी डकार आती है। ऐसा मुख्यत: खान-पान में अनियमितता के कारण होता है। इससे बचने के लिए रात को सोने से तीन घंटे पहले भोजन कर लेना चाहिए।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">तेजाब बनने पर इस क्रिया को करने से हजारों लोगों को फायदा हुआ है। सुबह खाली पेट 2-3 गिलास सामान्य पानी पियें और बाद में गले में अंगुली मारकर पानी बाहर निकाल दें। इस क्रिया को वमन क्रिया कहते हैं। इससे पानी के साथ-साथ तेजाब भी बाहर आ जाएगा। कुछ दिन लगातार ऐसा करने से हो सकता है कि तेजाब बनना बिल्कुल बंद हो जाए।</li>
<li style="text-align:justify;">तेजाब की समस्या से निजात पाने के लिए एक कप पानी उबालें, इसमें एक चम्मच सौंफ मिलाकर रात-भर ढककर रख दें। सुबह पानी को छानकर इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर भोजन के बाद इस मिश्रण को पी लें।</li>
<li style="text-align:justify;">भोजन करने के बाद गुड़ का सेवन करने से तेजाब की समस्या नहीं होती है।</li>
<li style="text-align:justify;">त्रिफला चूर्ण दूध या गुनगुने पानी से लेने से तेजाब में काफी आराम मिलता है।</li>
<li style="text-align:justify;">कच्ची सौंफ चबाने से भीफायदा होता है।</li>
<li style="text-align:justify;">सौंफ , आंवला व गुलाब के फूलों को बराबर हिस्से में लेकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को आधा-आधा चम्मच सुबह-शाम लेने से भी तेजाब की समस्या में लाभ होता है।</li>
</ul>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Sep 2021 15:40:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एम.एस.जी हैल्थ टिप्स : माइग्रेन से संबंधित टिप्स</title>
                                    <description><![CDATA[सदा खुश रहो जैसे 10-10 पर टिकी घड़ी की सुईयां मुस्कुराते हुए सकारात्मक चेहरे को दर्शाती है। मिलनसार बनो। ज्यादा रिर्जव मत बनो। बेवजह चिंता करने से मुश्किलें कम नहीं होंगी बल्कि यह आपके सोचने की शक्ति कम करके आपको तनाव की तरफ ले जाएगी। -पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/migraine-related-tips/article-25298"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-07/stress.jpg" alt=""></a><br /><blockquote>
<h4 style="text-align:justify;"><span style="color:#333399;"><strong>सदा खुश रहो जैसे 10-10 पर टिकी घड़ी की सुईयां मुस्कुराते हुए सकारात्मक चेहरे को दर्शाती है। मिलनसार बनो। ज्यादा रिर्जव मत बनो। बेवजह चिंता करने से मुश्किलें कम नहीं होंगी बल्कि यह आपके सोचने की शक्ति कम करके आपको तनाव की तरफ ले जाएगी।</strong></span><br />
<span style="color:#333333;"><strong>-पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां।</strong></span></h4>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">माईग्रेन एक प्रकार का सिरदर्द है, जिसके कारण कई घंटों तक सिरदर्द बना रहता है। माईग्रेन दिमाग में रसायनों के असंतुलन के कारण होता है। मौसम में बदलाव से भी माईग्रेन हो सकता है। कभी-कभी ये दर्द अचानक शुरू होता है और अपने आप ठीक भी हो जाता है। माईग्रेन होने पर तनाव, बैचेनी और थकान होती है। माईग्रेन उम्र के किसी भी पड़ाव में हो सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>मालिश व लेप :- (migraine)</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">अगर माइग्रेन हो तो सबसे पहले हल्के हाथों से मालिश करनी चाहिए। हाथों के स्पर्श से मिलने वाला आराम किसी भी दवा से ज्यादा असर करता है। सिरदर्द होने पर कंधों और गर्दन की मालिश भी करनी चाहिए, इससे दर्द से राहत मिलती है।</li>
<li style="text-align:justify;"> एक तौलिये को गर्म पानी में भिगोकर, उस गर्म तौलिये से दर्द वाले हिस्से की सिकाई कीजिए। कुछ लोगों को इसी तरह ठंडे पानी से की गई मालिश से भी आराम मिलता है। माइग्रेन में बर्फ के टुकड़े का भी प्रयोग किया जा सकता है।</li>
<li style="text-align:justify;"> माईगे्रन में दर्द होने पर कपूर को भी घी में मिलाकर सिर पर हल्के हाथों से कुछ देर तक मालिश कीजिए।</li>
<li style="text-align:justify;"> नींबू के छिलके को पीसकर, इसका लेप माथे पर लगाने से माईगे्रन में होने वाले सिरदर्द से राहत मिलती है और माईगे्रन ठीक होता है।</li>
<li style="text-align:justify;">माइग्रेन में सिरदर्द होने पर धीमी आवाज में संगीत सुनना बहुत फायदेमंद होता है। दर्द से राहत पाने के लिए बंद कमरे में धीमी आवाज में अपने पंसदीदा संगीत को सुनिए, सिरदर्द कम होगा और आपको राहत मिलेगी।</li>
<li style="text-align:justify;"> अधिक पानी पीना चाहिए।</li>
<li style="text-align:justify;"> पर्याप्त नींद लें। अधूरी नींद या ज्यादा सोने से भी माईगे्रन बढ़ सकता है।</li>
<li style="text-align:justify;"> गलत तरीके से उठने-बैठने या सोने से आप की पीठ, गर्दन या सिर से जुड़ी नाड़ियों में दवाब के कारण भी माईगे्रन का दर्द बढ़ सकता है। हमेशा काम करते वक्त व बैठते वक्त शरीर को पोश्चर सही रखें।</li>
<li style="text-align:justify;"> संतुलित आहार लें व ज्यादा समय तक भूखे पेट ना रहें।</li>
<li style="text-align:justify;"> हर रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।</li>
<li style="text-align:justify;"> तेज धूप में बाहर न आएं।</li>
<li style="text-align:justify;"> तेज रोशनी की तरफ न देखें। गर्मी के दिनों में बाहर जाते वक्त टोपी या छाते का इस्तेमाल करें।</li>
<li style="text-align:justify;"> ज्यादा समय तक कम्पयूटर व मोबाईल पर काम करने या गेम खेलने से बचें।</li>
<li style="text-align:justify;"> ज्यादा नजदीक से टीवी या कम्प्यूटर ना देखें।</li>
<li style="text-align:justify;"> कम रोशनी या धुंधली जगह पर काम ना करें।</li>
<li style="text-align:justify;">माइग्रेन में माथे पर विक्स लगाएं, फिर तौलिए से ढककर भाप लें। इससे आराम मिलता है।</li>
<li style="text-align:justify;"> तेज गंध वाली जगह पर ना जाएं। तेज गंध वाले इत्र व डि- आडोरेंट ना लगाएं।</li>
<li style="text-align:justify;"> तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें। योग, प्राणायाम व रूहानी भजन सुनकर मन को शांत रखने की आदत डालें। सदा खुश रहें।</li>
</ul>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jul 2021 15:57:18 +0530</pubDate>
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