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                <title>Fish - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>देवी मंदिर तालाब में मृत मिली सैकड़ों मछलियां, श्रद्धालुओं में रोष</title>
                                    <description><![CDATA[पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने के चलते मछलियों की मौत होने की आशंका श्रद्धालुओं की प्रशासन से मछलियों के जीवन की रक्षा के लिए उचित इंतजामात कराने की मांग | Kairana News कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: प्राचीन देवी मंदिर तालाब में सैकड़ों मछलियां मृत मिलने से सनसनी फैल गई। इस दौरान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/hundreds-of-fish-found-dead-in-devi-mandir-pond/article-71645"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-05/kairana-news-29.jpg" alt=""></a><br /><h3 class="ai-optimize-7 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने के चलते मछलियों की मौत होने की आशंका</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li class="ai-optimize-7 ai-optimize-introduction">श्रद्धालुओं की प्रशासन से मछलियों के जीवन की रक्षा के लिए उचित इंतजामात कराने की मांग | Kairana News</li>
</ul>
<p class="ai-optimize-8" style="text-align:justify;"><strong>कैराना (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Kairana News: प्राचीन देवी मंदिर तालाब में सैकड़ों मछलियां मृत मिलने से सनसनी फैल गई। इस दौरान मौके पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने मृत मछलियों को तालाब से बाहर निकलवाकर अंतिम क्रियाकर्म कराया। मछलियों की मौत से श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त है। Kairana News</p>
<p class="ai-optimize-9" style="text-align:justify;">कस्बे के प्राचीन देवी मंदिर तालाब में मछलियां पाली गई है, जिन्हें मंदिर आने वाले श्रद्धालु रोजाना आटे आदि की गोलियां खिलाते है। मछलियों को भोजन कराना श्रद्धालुगण शुभ मानते है। शनिवार प्रातः करीब सात बजे कस्बे के श्रद्धालु तालाब पर पहुंचे तो उन्हें सैंकड़ों मछलियां मृत अवस्था में तालाब के पानी के ऊपर तैरती हुई दिखाई दी। मछलियों के मृत मिलने से श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त हो गया। उन्होंने मामले की सूचना मंदिर कमेटी के सदस्यों को दी। आरोप है कि सूचना देने का बावजूद मंदिर कमेटी का कोई भी सदस्य मौके पर नही पहुंचा। Kairana News</p>
<p class="ai-optimize-9" style="text-align:justify;">बाद में मौके पर मौजूद गांव मलकपुर निवासी श्रद्धालु दिनेश सैनी ने पानी के अंदर घुसकर मृत मछलियों को बाहर निकाला, जिन्हें नगरपालिका की जेसीबी मशीन से मंदिर के निकट खाली पड़ी जमीन में गड्ढा खुदवाकर दबवाया गया। बताया जा रहा है कि वातावरण के तापमान में वृद्धि होने के चलते तालाब का पानी गर्म हुआ, जिससे पानी में ऑक्सीजन की मात्रा घटने से मछलियों की मौत हुई है। श्रद्धालु अजय कंसल ने बताया कि तालाब पर पहुंचे श्रद्धालुओं के सहयोग से मृत मछलियों को पानी से निकलवाकर गड्ढे में दबाया दिया गया है। इसके अलावा, तालाब में करीब दो कुंतल चूना व फिटकरी आदि मिला कर डाली गई है, जिससे तालाब में अन्य मछलियों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिल सके।</p>
<p class="ai-optimize-9" style="text-align:justify;">श्रद्धालुओं ने व्यक्तिगत खर्च से वाटर रोटेट मशीन को मौके पर लगवाया है। यह तालाब के पानी को तेजी के साथ घुमाकर ठंडा करने का कार्य करेगी, जिससे जलीय प्राणियों के जीवन की राह आसान होगी। श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रत्येक वर्ष गर्मी के मौसम में तालाब के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने के चलते भारी संख्या में मछलियों की मौत हो जाती है। तालाब की समुचित सफाई न होना भी मछलियों की असमय मौत का कारण बन रहा है। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से तालाब में पल रही मछलियों व अन्य जीवों की रक्षा के लिए व्यापक इंतजाम कराने की मांग की है। इस दौरान अनुज मित्तल, अभिषेक वालिया, वैभव बंसल, स्पर्श आदि का विशेष सहयोग रहा। Kairana News</p>
<p class="ai-optimize-10"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="CM Flying Raid: गांव किरढ़ान की डेयरी पर सीएम फ्लाइंग का छापा" href="http://10.0.0.122:1245/cm-flying-raid-on-kirdhan-village-dairy/">CM Flying Raid: गांव किरढ़ान की डेयरी पर सीएम फ्लाइंग का छापा</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 May 2025 18:26:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Fishes Story: तीन मछलियां</title>
                                    <description><![CDATA[Fish Story: एक नदी के किनारे उसी नदी से जुड़ा एक बड़ा जलाशय था। जलाशय में पानी गहरा होता है, इसलिए उसमें काई तथा मछलियों का प्रिय भोजन जलीय सूक्ष्म पौधे उगते हैं। ऐसे स्थान मछलियों को बहुत रास आते हैं। उस जलाशय में भी नदी से बहुत-सी मछलियां आकर रहती थी। अंडे देने के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/children-corner/three-fishes-story/article-61683"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-09/fish.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Fish Story: एक नदी के किनारे उसी नदी से जुड़ा एक बड़ा जलाशय था। जलाशय में पानी गहरा होता है, इसलिए उसमें काई तथा मछलियों का प्रिय भोजन जलीय सूक्ष्म पौधे उगते हैं। ऐसे स्थान मछलियों को बहुत रास आते हैं। उस जलाशय में भी नदी से बहुत-सी मछलियां आकर रहती थी। अंडे देने के लिए सभी मछलियां उस जलाशय में आती थी। वह जलाशय लम्बी घास व झाड़ियों द्वारा घिरा होने के कारण आसानी से नजर नहीं आता था। Fish Story</p>
<p style="text-align:justify;">उसी में तीन मछलियां यही आकर रहती थी। उनके स्वभाव भिन्न थे। अन्ना नाम की मछली संकट आने के लक्षण मिलते ही संकट टालने का उपाय करने में विश्वास रखती थी। प्रत्यु कहती थी कि संकट आने पर ही उससे बचने का यत्न करो। यद्दी का सोचना था कि संकट को टालने या उससे बचने की बात बेकार हैं करने कराने से कुछ नहीं होता जो किस्मत में लिखा है, वह होकर रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">एक दिन शाम को मछुआरे नदी में मछलियां पकड़कर घर जा रहे थे। बहुत कम मछलियां उनके जालों में फंसी थी। अत: उनके चेहरे उदास थे। तभी उन्हें झाड़ियों के ऊपर मछलीखोर पक्षियों का झुंड जाता दिखाई दिया। सबकी चोंच में मछलियां दबी थी। वे चौंके। Fish Story</p>
<p style="text-align:justify;">एक ने अनुमान लगाया ‘‘दोस्तो! लगता हैं झाड़ियों के पीछे नदी से जुड़ा जलाशय हैं, जहां इतनी सारी मछलियां पल रही हैं।’’<br />
मछुआरे पुलकित होकर झाड़ियों में से होकर जलाशय के तट पर आ निकले और ललचाई नजर से मछलियों को देखने लगे।</p>
<p style="text-align:justify;">एक मछुआरा बोला ‘‘अहा! इस जलाशय में तो मछलियां भरी पड़ी हैं। आज तक हमें इसका पता ही नहीं लगा।’’ ‘‘यहां हमें ढेर सारी मछलियां मिलेंगी।’’ दूसरा बोला।</p>
<p style="text-align:justify;">तीसरे ने कहा ‘‘आज तो शाम घिरने वाली हैं। कल सुबह ही आकर यहां जाल डालेंगे।’’</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रकार मछुआरे दूसरे दिन का कार्यक्रम तय करके चले गए। तीनों मछिलयों ने मछुआरे की बात सुन ली थी। अन्ना मछली ने कहा ‘‘साथियो! तुमने मछुआरे की बात सुन ली। अब हमारा यहां रहना खतरे से खाली नहीं हैं। खतरे की सूचना हमें मिल गई हैं। समय रहते अपनी जान बचाने का उपाय करना चाहिए। मैं तो अभी ही इस जलाशय को छोड़कर नहर के रास्ते नदी में जा रही हूं। उसके बाद मछुआरे सुबह आएं, जाल फेंके, मेरी बला से। तब तक मैं तो बहुत दूर अटखेलियां कर रही होऊंगी।’’</p>
<p style="text-align:justify;">प्रत्यु मछली बोली ‘‘तुम्हें जाना हैं तो जाओ, मैं तो नहीं आ रही। अभी खतरा आया कहां हैं, जो इतना घबराने की जरुरत है हो सकता है संकट आए ही न। उन मछुआरों का यहां आने का कार्यक्रम रद्द हो सकता है, हो सकता हैं रात को उनके जाल चूहे कुतर जाएं, हो सकता है। उनकी बस्ती में आग लग जाए। भूचाल आकर उनके गांव को नष्ट कर सकता हैं या रात को मूसलाधार वर्षा आ सकती हैं और बाढ में उनका गांव बह सकता हैं। इसलिए उनका आना निश्चित नहीं हैं। जब वह आएंगे, तब की तब सोचेंगे। हो सकता हैं मैं उनके जाल में ही न फंसूं।’’</p>
<p style="text-align:justify;">यद्दी ने अपनी भाग्यवादी बात कही ‘‘भागने से कुछ नहीं होने का। मछुआरों को आना हैं तो वह आएंगे। हमें जाल में फंसना हैं तो हम फंसेंगे। किस्मत में मरना ही लिखा हैं तो क्या किया जा सकता हैं?’’</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रकार अन्ना तो उसी समय वहां से चली गई। प्रत्यु और यद्दी जलाशय में ही रही। भोर हुई तो मछुआरे अपने जाल को लेकर आए और लगे जलाशय में जाल फेंकने और मछलियां पकड़ने । प्रत्यु ने संकट को आए देखा तो लगी जान बचाने के उपाय सोचने। उसका दिमाग तेजी से काम करने लगा। आस-पास छिपने के लिए कोई खोखली जगह भी नहीं थी। तभी उसे याद आया कि उस जलाशय में काफी दिनों से एक मरे हुए ऊदबिलाव की लाश तैरती रही हैं। वह उसके बचाव के काम आ सकती हैं। Fish Story</p>
<p style="text-align:justify;">जल्दी ही उसे वह लाश मिल गई। लाश सड़ने लगी थी। प्रत्यु लाश के पेट में घुस गई और सड़ती लाश की सड़ांध अपने ऊपर लपेटकर बाहर निकली। कुछ ही देर में मछुआरे के जाल में प्रत्यु फंस गई। मछुआरे ने अपना जाल खींचा और मछलियों को किनारे पर जाल से उलट दिया। बाकी मछलियां तो तड़पने लगीं, परन्तु प्रत्यु दम साधकर मरी हुई मछली की तरह पड़ी रही। मछुआरे को सड़ांध का भभका लगा तो मछलियों को देखने लगा। उसने निश्चल पड़ी प्रत्यु को उठाया और सूंघा ‘‘आक! यह तो कई दिनों की मरी मछली हैं। सड़ चुकी हैं।’’ ऐसे बड़बड़ाकर बुरा-सा मुंह बनाकर उस मछुआरे ने प्रत्यु को जलाशय में फेंक दिया। Fish Story</p>
<p style="text-align:justify;">प्रत्यु अपनी बुद्धि का प्रयोग कर संकट से बच निकलने में सफल हो गई थी। पानी में गिरते ही उसने गोता लगाया और सुरक्षित गहराई में पहुंचकर जान की खैर मनाई।</p>
<p style="text-align:justify;">यद्दी भी दूसरे मछुआरे के जाल में फंस गई थी और एक टोकरे में डाल दी गई थी। भाग्य के भरोसे बैठी रहने वाली यद्दी ने उसी टोकरी में अन्य मछलियों की तरह तड़प-तड़पकर प्राण त्याग दिए। Fish Story</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:–  </strong><a title="अकबर के साले व बीरबल की योग्यता" href="http://10.0.0.122:1245/akbar-and-birbal-story/">अकबर के साले व बीरबल की योग्यता</a></p>
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                                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/children-corner/three-fishes-story/article-61683</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Sep 2024 16:32:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अजब-गजब: इन्सान की शक्ल वाली मछली, हाथ लगाने पर होती है ‘गुदगुदी’</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। विश्व भर में कई तरह के अजीबोगरीब समाचार देखने और सुनने को मिलते है। आज जो हम आपको एक ऐसी अजब-गजब न्यूज बताने जा रहे हैं, जिससे सुनकर आप भी अचंभित हो जाएंगे। जी हां, एक ऐसी मछली जो इन्सानों की तरह दिखती है और उसके पेट पर गुदगुदी करने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/amazing-human-shaped-fish/article-24606"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-06/unique-fish.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> विश्व भर में कई तरह के अजीबोगरीब समाचार देखने और सुनने को मिलते है। आज जो हम आपको एक ऐसी अजब-गजब न्यूज बताने जा रहे हैं, जिससे सुनकर आप भी अचंभित हो जाएंगे। जी हां, एक ऐसी मछली जो इन्सानों की तरह दिखती है और उसके पेट पर गुदगुदी करने से वह इन्सान की तरह हंसती भी है। इसी कड़ी में मैसाचुसेट्स में रहने वाले 29 साल के जैफरी दादर ने लोगों को हंसने वाली मछली की झलक दिखाई। मछली पकड़ते हुए जैफरी के जाल में ये अनोखी फंस गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">जैफरी ने इसका वीडियो शेयर कर दावा किया कि इस मछली के पेट में गुदगुदी करने से वो ठहाके लगाकर हंसती है। इस हंसती हुई मछली की तस्वीरें वायरल हो रही है। हालांकि, लोगों ने इन फोटोज को देख मछुआरे को भला-बुरा भी कहा। जैफरी के हाथ पिछले हफ्ते स्केट मछली लगी थी। इसे जैफरी ने मैसाचुसेट्स के केप कॉड बे से पकड़ा था। जैफरी ने दावा किया कि ये मछली दिखने में इंसानी शक्ल की लगती है और हाथ लगाने पर इसे गुदगुदी भी होती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मछली की शक्ल इंसानों जैसी</h4>
<p style="text-align:justify;">जेफरी ने मछली को हंसाते हुए उसका वीडियो भी पोस्ट किया। हालांकि इसकी तस्वीरें जब लोगों के सामने आई, तो उन्होंने इस पर मिली जुली प्रतिक्रिया दी इसके अलावा मछली की एक और खासियत ने लोगों का ध्यान खींचा। मछली की शक्ल इंसानों जैसी दिखाई दे रही है। कुछ ने इसे क्यूट बताया तो किसी ने उसपर जैफरी का जुल्म कुछ ने तस्वीर को अच्छे से एक्सप्लेन किया। उनके मुताबिक, जिसे लोग मछली की आँख समझ रहे हैं वो असल में उसकी नाक की जगह है। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Jun 2021 12:42:26 +0530</pubDate>
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