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                <title>अंतरिम बजट पर चुनावी वायदों की परछाई</title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्र की एनडीए सरकार ने अपने अंतरिम बजट में भी संपूर्ण बजट से अधिक राजनैतिक निशाने साध हैं। बजट में की गई घोषणाओं से आगामी लोकसभा चुनाव जीतने की मंशा साफ है। सरकार पंरपरा के विपरीत मुकम्मल बजट जैसी घोषणाएं कर रही है। यह बजट एनडीए के चुनाव मैनीफैस्टो की तरह नजर आ रहा है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>केन्द्र की एनडीए सरकार ने अपने अंतरिम बजट में भी संपूर्ण बजट से अधिक राजनैतिक निशाने साध हैं। बजट में की गई घोषणाओं से आगामी लोकसभा चुनाव जीतने की मंशा साफ है। सरकार पंरपरा के विपरीत मुकम्मल बजट जैसी घोषणाएं कर रही है। यह बजट एनडीए के चुनाव मैनीफैस्टो की तरह नजर आ रहा है। सरकार की नीति में असंतुलन साफ नजर आ रहा है। चार साल कर्मचारियों को आमदन कर में कोई छूट न देने वाली सरकार ने कर छूट वाली राशि की हद दोगुनी कर दी है। इस फैसले की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि विकास दर में विस्तार न होने के बावजूद सरकार ने इतनी बड़ी सौगात देने की गुंजाईश कैसे निकाल ली।</p>
<p>अब पांच लाख से कम आमदन पर कोई टैक्स नहीं भरना होगा। 5 लाख से अधिक कमाने वाला पहले की तरह ही टैक्स भरेगा वहीं दूसरी तरफ आरक्षण देने के लिए सरकार 8 लाख से कम आमदन वाले को लाभ का हकदार मानती है। 6 लाख कमाने वाला सरकार की नजर में पिछड़ा नहीं परंतु 7 लाख कमाने वाला पिछड़ा है। फैसले के पीछे आर्थिक व वैज्ञानिक दृष्टि कम व राजनैतिक उद्ेदश्य और अधिक मजबूत नजर आते हैं। छोटे किसानों को 6 हजार रुपये वार्षिक देने का निर्णय आज की महंगाई वाले जमाने में भिक्षा देने के समान है। इस मामले में वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सन् 2015 में फिरोजपुर (पंजाब) में की गई घोषणा को ही नजरअन्दाज कर दिया है।</p>
<p>शहीदों की धरती हुसैनीवाला में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों को हर माह 5 हजार रुपये पैंशन देने की घोषणा की थी व अब सरकार ने मात्र 60 हजार की बजाय 6 हजार रूपये की राशि से काम चला लिया है, जबकि कर्मचारी वर्ग को दोगुनी राहत दी है। किसानों व कर्मचारियों में भेदभाव सामाजिक असमानता की कसक का अहसास करवाएगा। इस समय पर देश में किसानों की ओर से आत्महत्याएं करने का सिलसिला जारी है, जिसे रोकने के लिए सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं ले सकी। हालांकि पंजाब सहित कई राज्य केंद्र के पास किसानों की कर्ज माफी के लिए पहुंच की है। केंद्र सूबों को कर्ज माफी पर जवाब दे चुका है।</p>
<p>मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ हाल में हुए विधान सभा चुनावों में भाजपा की राज्य इकाईयों ने अपने चुनाव मैनीफैस्टो में किसानों को कर्ज माफी के वायदे किए थे। 60 साल के मजदूर को 3000 रुपये प्रति महीना पैंशन की घोषणा करना जायज है परंतु किसानों की पैंशन वाले घोषणा का भूलना सरकार की नीतियों के असंतुलित व विवेकहीन होने का सबूत है। ईपीएफ काटे जाने वाले कर्मचारी को 6 लाख का बीमा देने वाली सरकार ने किसानों और मजदूरों को बिल्कुल ही भुला दिया है। बजट में राहत की वर्षा तो नजर आती है परंतु आर्थिकता को मजबूत करने के लिए आर्थिक दृष्टिकोण ढूंढ़ने पर भी नजर नहीं आता। घोषणाओं को पूरे करने के लिए फंड का प्रबंध व स्रोतों का जिक्र नहीं किया गया। स्वामी नाथन आयोग की सिफारशों को लागू करने का वायदे भी पीछे रह गए हैं। एनडीए ने अपने पिछले चार सालों व यूपीए सरकार की गलतियों को सुधारने के लिए कुछ घोषणाएं की हैं। कुल मिला कर इस बजट में से कोई नवीन व ठोस रास्ता नहीं मिलता जो देश को तेजी से आगे ले सके।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Feb 2019 20:28:08 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>कैप्टन सरकार द्वारा वायदे पूरे न करने का मामला: किसानों का हल्ला बोल प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों का जेल भरो आंदोलन, डीसी दफ्तर के दोनों गेट रहे बंद संगरूर (सच कहूँ न्यूज)। चुनावों दौरान कैप्टन सरकार द्वारा किसानों से किए वादों को पूरा न करने के खिलाफ बुधवार को किसान संगठनों ने प्रबंधकीय परिसर पर हल्ला बोला। डीसी कार्यालय को दोनों गेटों पर किसानों के प्रदर्शन ने पुलिस की सिरदर्दी बढ़ा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/farmers-protest-against-captain-government-2/article-3013"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/protest-5.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">किसानों का जेल भरो आंदोलन, डीसी दफ्तर के दोनों गेट रहे बंद</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> चुनावों दौरान कैप्टन सरकार द्वारा किसानों से किए वादों को पूरा न करने के खिलाफ बुधवार को किसान संगठनों ने प्रबंधकीय परिसर पर हल्ला बोला। डीसी कार्यालय को दोनों गेटों पर किसानों के प्रदर्शन ने पुलिस की सिरदर्दी बढ़ा दी। हालांकि, पुलिस ने किसी को भी अंदर घुसने नहीं दिया, लेकिन किसानों के हल्ला बोल प्रदर्शन ने प्रशासन को एक बार सकते में जरूर डाल दिया। कुल हिंद किसान सभा जहां एक नंबर गेट पर डटी रही, वहीं दूसरी तरफ पंजाब किसान संगठन ने नेतृत्व में किसानों ने दूसरा गेट घेर लिया। किसानों ने बेरीकेड्स फांदकर डीसी दफ्तर में घुसने की कोशिश की, किंतु पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक लिया। किसानों ने बेरीकेड्स पर चढ़कर ही पंजाब सरकार मुदार्बाद के नारे लगाए।</p>
<ul>
<li><strong>आमजन डीसी परिसर में काम करवाने के लिए होते रहे परेशान</strong></li>
<li><strong>पुलिस ने किसानों को परिसर के बाहर ही रोका</strong></li>
<li><strong>15 अगस्त तक जारी रहेगा संघर्ष</strong></li>
</ul>
<h2>कुर्बानियां देने के लिए तैयार रहें किसान</h2>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर किसानों ने कहा कि पंजाब सरकार चुनावों के समय किए अपने वादे को पूरा करे, क्योंकि कर्ज के जाल में फंसा किसान हर रोज आत्महत्याएं कर रहा है। पूरे देश में किसानों की तरफ से शुरू किया यह आंदोलन 15 अगस्त तक लगातार जारी रहेगा। भारतीय किसान यूनियन सिद्धुपूर के जिला प्रधान बिक्रमजीत सिंह लौंगोवाल व भारतीय किसान यूनियन कांदियां के जिला नेता भूपिंदर सिंह बनभौरा ने संबोधित करते किसानों को बड़ी कुर्बानियों के लिए तैयार रहने की अपील करते कहा कि किसानों की तरफ से शुरू किया यह संघर्ष या तो सरकार को किए वादे पूरे करने के लिए मजबूर कर देगा या आगामी समय में सियासी लोग कोई भी वादा करने से पहले 100 बार सोचेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आम जनता हुई परेशान</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रबंधकीय परिसर में धरना प्रदर्शन चलते रहते हैं, लेकिन कभी ऐसी स्थिति नहीं आई, जैसी आज जनता को झेलनी पड़ी। किसानों के एकदम से हल्ला प्रदर्शन से डीसी कार्यालय के दोनों गेटों को बंद कर दिया गया। ऐसी स्थिति में डीसी कार्यालय में अपने वाहनों पर काम करवाने आने वाले जनता को भारी समस्या का सामना करना पड़ा। सेवा केंद्र में अपना काम करवाने आए गुरजंट सिंह ने कहा कि एक तो सुविधा केंद्र में काम नहीं हुआ और दूसरा यहां परेशानी अलग। छोटे वाहनों को लोगों ने छोटे दरवाजे से बमुश्किल निकाला।</p>
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                <pubDate>Wed, 09 Aug 2017 09:26:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस ने चुनावी वायदों को पूरा नहीं किया: राम सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[9 को प्रदेश भर में डीसी दफ्तर घेरेंगे किसान मानसा (सच कहूँ न्यूज)। चुनाव के समय कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा किए गए वायदों को लागू करवाने को लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता उगरांहा 9 जून को प्रदेश के समूह डीसी कार्यालय के आगे एक दिवसीय धरना देने का ऐलान किया है। जानकारी देते जिला […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:center;">9 को प्रदेश भर में डीसी दफ्तर घेरेंगे किसान</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>मानसा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> चुनाव के समय कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा किए गए वायदों को लागू करवाने को लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता उगरांहा 9 जून को प्रदेश के समूह डीसी कार्यालय के आगे एक दिवसीय धरना देने का ऐलान किया है। जानकारी देते जिला प्रधान राम सिंह भैणीबाघा ने कहा कि जत्थेबंदी किसानों के सिर चढ़े कर्ज को खत्म करवाने व नौजवानों के लिए रोजगार की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष करती आ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने चुनाव मैनिफेस्टों में जो वायदे किए गए थे कि किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा, नौजवानों को रोजगार दिया जाएगा लेकिन कैप्टन सरकार बने तीन माह से ज्यादा का समय हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब कि कर्ज खत्म करने के लिए कमेटियां बना कर टाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि तीन माह के दौरान दर्जनों किसान आत्महत्या कर चुके है । किसान नेताओं ने कहा कि किसानों सिर चढे कर्ज को तुरंत खत्म करवाने ,किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्या को रोकने व बेरोजगारी की मार झेल रहे नौजवानों को रोजगार की मांग को लेकर 9 जून को समूह डीसी कार्यालय के समक्ष धरने लगाकर सरकार की टाल मटोल वाली नीति के खिलाफ रोष प्रकट किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Sun, 04 Jun 2017 07:40:26 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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