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                <title>Migraine - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Migraine: माइग्रेन से हैं परेशान? इन चीजों से बनाएं दूरी, वरना बढ़ सकता है सिरदर्द</title>
                                    <description><![CDATA[आजकल माइग्रेन की समस्या तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। यह एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसमें सिर के एक हिस्से में तेज और धड़कता हुआ दर्द हो सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/-draft--add-your-title/article-89906"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/migraine.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Migraine: आजकल माइग्रेन की समस्या तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। यह एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसमें सिर के एक हिस्से में तेज और धड़कता हुआ दर्द हो सकता है। कई लोगों को इसके साथ मतली, उल्टी, तेज रोशनी और आवाज से परेशानी जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। सामान्य सिरदर्द की तुलना में माइग्रेन का दर्द अधिक तीव्र हो सकता है और कई घंटे या कभी-कभी इससे भी ज्यादा समय तक बना रह सकता है। इसके ट्रिगर हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोगों में तनाव, नींद की कमी या तेज रोशनी समस्या बढ़ाती है, जबकि कुछ लोगों में खास खाद्य पदार्थ माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि नीचे बताए गए सभी खाद्य पदार्थ हर माइग्रेन मरीज में समस्या पैदा करें। इसलिए अपने व्यक्तिगत ट्रिगर को पहचानना सबसे महत्वपूर्ण है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">माइग्रेन के प्रमुख लक्षण</h4>
<p style="text-align:justify;">माइग्रेन के दौरान अलग-अलग लोगों में अलग-अलग लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं—<br />सिर के एक तरफ तेज या धड़कता हुआ दर्द<br />रोशनी और तेज आवाज से परेशानी<br />मतली या उल्टी<br />आंखों के सामने चमकती रोशनी, धब्बे या अन्य दृश्य बदलाव<br />हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन<br />बोलने में परेशानी<br />चिड़चिड़ापन और थकान<br />कुछ लोगों में सिरदर्द शुरू होने से पहले ऑरा के लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>माइग्रेन में इन चीजों से सावधान रहें</strong></h4>
<h4 style="text-align:justify;">1. कॉफी और ज्यादा कैफीन</h4>
<p style="text-align:justify;">कैफीन का असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है। कुछ लोगों को थोड़ी मात्रा में कैफीन से राहत मिलती है, लेकिन अत्यधिक या अनियमित कैफीन सेवन कुछ लोगों में माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। वहीं, रोजाना ज्यादा कैफीन लेने के बाद अचानक इसे बंद करना भी सिरदर्द पैदा कर सकता है। इसलिए अगर आपको बार-बार माइग्रेन होता है तो चाय, कॉफी और कैफीन वाले पेय पदार्थों की मात्रा पर नजर रखें।</p>
<h4 style="text-align:justify;">2. कुछ तरह की चीज</h4>
<p style="text-align:justify;">कुछ लोगों में एज्ड चीज जैसे चेडर, ब्लू चीज, स्विस और अन्य पुराने चीज माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। इनमें मौजूद कुछ यौगिक संवेदनशील लोगों में सिरदर्द की समस्या बढ़ा सकते हैं। अगर चीज खाने के बाद बार-बार माइग्रेन होता है, तो कुछ समय के लिए इसे सीमित करके अपने लक्षणों पर नजर रख सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">3. बहुत ठंडी चीजें</h4>
<p style="text-align:justify;">आइसक्रीम या बहुत ठंडी चीजें खाने से कुछ लोगों को अचानक तेज सिरदर्द हो सकता है, जिसे आमतौर पर ब्रेन फ्रीज कहा जाता है। कुछ माइग्रेन मरीजों में यह दर्द माइग्रेन अटैक को भी ट्रिगर कर सकता है। खासकर गर्मी या एक्सरसाइज के तुरंत बाद बहुत ठंडी चीजें लेने से बचना बेहतर हो सकता है, अगर आपने पहले इनके बाद सिरदर्द महसूस किया हो।</p>
<h4 style="text-align:justify;">4. पनीर और प्रोसेस्ड डेयरी उत्पाद</h4>
<p style="text-align:justify;">पनीर या अन्य डेयरी उत्पाद हर व्यक्ति के लिए माइग्रेन ट्रिगर नहीं होते। हालांकि, अगर किसी खास डेयरी उत्पाद के सेवन के बाद बार-बार सिरदर्द होता है तो उसे अपने फूड ट्रिगर की सूची में शामिल करके डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह ली जा सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">5. सूखे मेवे और कुछ अन्य खाद्य पदार्थ</h4>
<p style="text-align:justify;">कुछ लोगों में सूखे मेवे, खासकर ऐसे उत्पाद जिनमें सल्फाइट्स या अन्य प्रिजर्वेटिव्स मौजूद हों, सिरदर्द को ट्रिगर कर सकते हैं। इसी तरह कुछ लोगों को खट्टे फल या अन्य विशेष खाद्य पदार्थों से भी परेशानी हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए बिना वजह सभी खाद्य पदार्थों को डाइट से हटाने के बजाय यह पहचानना जरूरी है कि कौन-सा भोजन वास्तव में आपके माइग्रेन को ट्रिगर करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">लंबे समय तक माइग्रेन को नजरअंदाज न करें</h4>
<p style="text-align:justify;">बार-बार होने वाला या अचानक बहुत तेज सिरदर्द सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। माइग्रेन और हृदय या स्ट्रोक के जोखिम के बीच संबंध पर शोध हुआ है, खासकर ऑरा वाले माइग्रेन में, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि माइग्रेन होने से किसी व्यक्ति को निश्चित रूप से हार्ट अटैक या स्ट्रोक होगा।<br />अगर सिरदर्द का पैटर्न अचानक बदल जाए, जीवन का सबसे तेज सिरदर्द हो, साथ में कमजोरी, बोलने में दिक्कत, बेहोशी, दौरा, दृष्टि में गंभीर बदलाव या सीने में दर्द जैसे लक्षण हों तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।</p>
<h4 style="text-align:justify;">माइग्रेन को कंट्रोल करने के लिए क्या करें?</h4>
<p style="text-align:justify;">माइग्रेन को नियंत्रित करने के लिए केवल भोजन पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। लाइफस्टाइल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">लंबे समय तक खाली पेट न रहें और नियमित अंतराल पर भोजन करें।<br />पर्याप्त और नियमित नींद लें।<br />दिनभर पर्याप्त पानी पिएं।<br />तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन और रिलैक्सेशन तकनीकों का सहारा लें।<br />तेज रोशनी, तेज आवाज या अन्य व्यक्तिगत ट्रिगर से बचें।<br />कैफीन का सेवन सीमित और नियमित रखें।<br />माइग्रेन डायरी बनाकर देखें कि किस भोजन या परिस्थिति के बाद दर्द शुरू होता है।<br />बार-बार माइग्रेन होने पर डॉक्टर से उचित जांच और उपचार की सलाह लें।</p>
<h4 style="text-align:justify;">जरूरी बात</h4>
<p style="text-align:justify;">माइग्रेन का कोई एक ऐसा खाद्य पदार्थ नहीं है जिसे हर मरीज के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित माना जाए। ट्रिगर व्यक्ति-दर-व्यक्ति अलग हो सकते हैं। इसलिए अपनी डाइट में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डायटीशियन से सलाह लेना बेहतर है। सही उपचार, नियमित दिनचर्या और व्यक्तिगत ट्रिगर की पहचान से माइग्रेन के अटैक को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-08/migraine.jpeg" alt="Migraine" width="630" height="353"></img>
Migraine: माइग्रेन से हैं परेशान? इन चीजों से बनाएं दूरी, वरना बढ़ सकता है सिरदर्द
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 15:22:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Migraine: क्या आप माइग्रेन की समस्या से हैं परेशान, तो तुरंत बंद कर दें इन चीजों का सेवन, बन सकती है गंभीर बीमारी</title>
                                    <description><![CDATA[Migraine Pain Relief: माइग्रेन एक बहुत ही सामान्य सी न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें सिर के एक हिस्से में दर्द होने लगता है। इस दर्द (Migraine pain) के अनुभव के साथ धड़कनों में तेजी, मतली, उल्टी और ध्वनि व प्रकाश के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता का भी अनुभव हो सकता है। दरअसल माइग्रेन का सिरदर्द सामान्य सिरदर्द […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/migraine-pain-relief/article-51508"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/migraine.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Migraine Pain Relief: माइग्रेन एक बहुत ही सामान्य सी न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें सिर के एक हिस्से में दर्द होने लगता है। इस दर्द (Migraine pain) के अनुभव के साथ धड़कनों में तेजी, मतली, उल्टी और ध्वनि व प्रकाश के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता का भी अनुभव हो सकता है। दरअसल माइग्रेन का सिरदर्द सामान्य सिरदर्द की तुलना में अधिक तीव्रता वाला होता है। यह दर्द असहनीय होता है। इस पर गंभीरता से ध्यान देने की भी आवश्यकता होती है क्योंकि कुछ स्थितियों में ये साइकोसोमेटिक डिसआॅर्डर के कारण होने वाली समस्या भी हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं अगर आपको काफी लंबे समय से माइग्रेन की समस्या बनी हुई है, तो आप इसे अनदेखा बिल्कुल भी ना करें और इस पर गंभीरता से ध्यान दें। क्योंकि माइग्रेन से पीड़ित लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक होने का खतरा अधिक होता है। माइग्रेन और हार्ट अटैक दोनों में ब्लू वेसल में खून की सप्लाई ठीक तरह से नहीं हो पाती है और इसके कारण माइग्रेन से मायोकार्डियल इन्फेक्शन, हार्ट स्ट्रोक-अटैक और यहां तक कि मौत का भी खतरा रहता है। दरअसल जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या लंबे समय तक रहती है, उनमें हार्ट संबंधी समस्या जैसे दिल का दौरा, हार्ट अटैक या स्ट्रोक-अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा दोगुना हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक रिपोर्ट के अनुसार माइग्रेन का अगर समय रहते इलाज नहीं किया गया तो इसके कारण जानलेवा इस्केमिक स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में जिन लोगों को लाइट माइग्रेन से लेकर सीवियर माइग्रेन तक है, तो उन्हें अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करना चाहिए और उसे ठीक रखना चाहिए एवं इस समस्या का जल्द से जल्द निदान करना चाहिए। कई मामलों में माइग्रेन की समस्या आनुवंशिक होती है। ऐसे में आज हम आपको अपने इस लेख में कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बताएंगे जो माइग्रेन की समस्या को बढ़ा सकते हैं। इसलिए अगर आपको माइग्रेन की समस्या है तो आप इन फूड्स को तुरंत खाना छोड़ दे। साथ ही हम आपको बताएंगे कि माइग्रेन की समस्या को कम कैसे करें।</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/learn-the-story-of-increasing-uric-acid-how-hot-water-controls-it-learn-tips-to-control-uric-acid/">Warm Water In Uric Acid: जानें, यूरिक एसिड बढ़ने की कहानी, कैसे कंट्रोल करता है इसे गर्म पानी?</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“Warm Water In Uric Acid: जानें, यूरिक एसिड बढ़ने की कहानी, कैसे कंट्रोल करता है इसे गर्म पानी?” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/learn-the-story-of-increasing-uric-acid-how-hot-water-controls-it-learn-tips-to-control-uric-acid/embed/#?secret=HkNLjPvMNF%23?secret=ffuU6I06pM" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<h3 style="text-align:justify;">माइग्रोन के लक्षण | symptoms of migraine</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li style="text-align:justify;">आंखों के सामने काले धब्बे दिखाई देना।</li>
<li style="text-align:justify;">स्किन में चुभन।</li>
<li style="text-align:justify;">बात करने में दिक्कत</li>
<li style="text-align:justify;">चिड़चिड़ापन।</li>
<li style="text-align:justify;">आंखों के नीचे काले घेरे होना।</li>
<li style="text-align:justify;">हाथ पैरों में झनझनाहट।</li>
<li style="text-align:justify;">सिर के एक तरफ बहुत तेज दर्द।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">माइग्रेन को कैसे करें कम | how to reduce migraine</h3>
<p style="text-align:justify;">अब सवाल यह है कि माइग्रेन की स्थिति को कैसे कम किया जा सकता है। यदि आपको तेज सिर दर्द होता है, तो उसको ट्रिगर करने वाली समस्याओं के बारे में जानें और उनसे बचाव के उपाय ढूंढे, इसके लिए मेडिटेशन एक बेहतर उपाय है।<br />
माइग्रेन की समस्या से बचने के लिए हेल्दी डाइट लें और लंबे समय तक भूखे ना रहें, क्योंकि भूखा रहने से माइग्रेन की समस्या और बढ़ जाती है। दरअसल कैफीन का बहुत ज्यादा सेवन करने से भी माइग्रेन का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में चाय, कॉफी और कैफीन चीजों का सेवन कम करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">माइग्रेन के मरीज भूलकर भी ना करें इन चीजों का सेवन</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कॉफी:</strong> कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि कॉफी का अत्यधिक सेवन करने से माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप दिन भर में अधिक से अधिक दो बार ही कॉफी का सेवन करें इससे ज्यादा आप कॉफी का सेवन करने से बचें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चीज:</strong> चीज बहुत लोगों की काफी पसंद होती है, लोग बर्गर में भी चीज डलवाते हैं हर फास्ट फूड में चीज का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन ये किसी को नहीं पता है कि इससे माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में अगर आपको माइग्रेन की समस्या है तो ब्लू चीज, चेडर, ब्री, फेटा, स्विस आदि चीजों के सेवन से बचना चाहिए। आइसक्रीम: ठंडे खाद्य पदार्थ जैसे आइस्क्रीम, ठंडा पानी, व ठंडे खाद्य पदार्थों को खाने से भी माइग्रेन का दर्द हो सकता है। अगर आपने एक्सरसाइज करने के तुरंत बाद या किसी गर्म खाद्य पदार्थ को खाने के बाद ठंडी चीजें खाई तो आपको माइग्रेन की समस्या काफी बढ़ सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पनीर:</strong> माइग्रेन के दर्द को बढ़ाने में पनीर भी जिम्मेदार होता है वहीं, सूखे मेवों से भी माइग्रेन की समस्या होती है। दरअसल सूखे मेवों में सल्फाइट्स नाम का केमिकल होता है। इसके अलावा संतरे जैसे खट्टे फलों से भी माइग्रेन का दर्द बढ़ता है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/wow-what-a-tea-cholesterol-control-in-one-sip/">Apple Tea: वाह, क्या चाय है! एक चुस्की में करे Cholesterol कंट्रोल</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Aug 2023 17:14:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>एम.एस.जी हैल्थ टिप्स : माइग्रेन से संबंधित टिप्स</title>
                                    <description><![CDATA[सदा खुश रहो जैसे 10-10 पर टिकी घड़ी की सुईयां मुस्कुराते हुए सकारात्मक चेहरे को दर्शाती है। मिलनसार बनो। ज्यादा रिर्जव मत बनो। बेवजह चिंता करने से मुश्किलें कम नहीं होंगी बल्कि यह आपके सोचने की शक्ति कम करके आपको तनाव की तरफ ले जाएगी। -पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/migraine-related-tips/article-25298"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-07/stress.jpg" alt=""></a><br /><blockquote>
<h4 style="text-align:justify;"><span style="color:#333399;"><strong>सदा खुश रहो जैसे 10-10 पर टिकी घड़ी की सुईयां मुस्कुराते हुए सकारात्मक चेहरे को दर्शाती है। मिलनसार बनो। ज्यादा रिर्जव मत बनो। बेवजह चिंता करने से मुश्किलें कम नहीं होंगी बल्कि यह आपके सोचने की शक्ति कम करके आपको तनाव की तरफ ले जाएगी।</strong></span><br />
<span style="color:#333333;"><strong>-पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां।</strong></span></h4>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">माईग्रेन एक प्रकार का सिरदर्द है, जिसके कारण कई घंटों तक सिरदर्द बना रहता है। माईग्रेन दिमाग में रसायनों के असंतुलन के कारण होता है। मौसम में बदलाव से भी माईग्रेन हो सकता है। कभी-कभी ये दर्द अचानक शुरू होता है और अपने आप ठीक भी हो जाता है। माईग्रेन होने पर तनाव, बैचेनी और थकान होती है। माईग्रेन उम्र के किसी भी पड़ाव में हो सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>मालिश व लेप :- (migraine)</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">अगर माइग्रेन हो तो सबसे पहले हल्के हाथों से मालिश करनी चाहिए। हाथों के स्पर्श से मिलने वाला आराम किसी भी दवा से ज्यादा असर करता है। सिरदर्द होने पर कंधों और गर्दन की मालिश भी करनी चाहिए, इससे दर्द से राहत मिलती है।</li>
<li style="text-align:justify;"> एक तौलिये को गर्म पानी में भिगोकर, उस गर्म तौलिये से दर्द वाले हिस्से की सिकाई कीजिए। कुछ लोगों को इसी तरह ठंडे पानी से की गई मालिश से भी आराम मिलता है। माइग्रेन में बर्फ के टुकड़े का भी प्रयोग किया जा सकता है।</li>
<li style="text-align:justify;"> माईगे्रन में दर्द होने पर कपूर को भी घी में मिलाकर सिर पर हल्के हाथों से कुछ देर तक मालिश कीजिए।</li>
<li style="text-align:justify;"> नींबू के छिलके को पीसकर, इसका लेप माथे पर लगाने से माईगे्रन में होने वाले सिरदर्द से राहत मिलती है और माईगे्रन ठीक होता है।</li>
<li style="text-align:justify;">माइग्रेन में सिरदर्द होने पर धीमी आवाज में संगीत सुनना बहुत फायदेमंद होता है। दर्द से राहत पाने के लिए बंद कमरे में धीमी आवाज में अपने पंसदीदा संगीत को सुनिए, सिरदर्द कम होगा और आपको राहत मिलेगी।</li>
<li style="text-align:justify;"> अधिक पानी पीना चाहिए।</li>
<li style="text-align:justify;"> पर्याप्त नींद लें। अधूरी नींद या ज्यादा सोने से भी माईगे्रन बढ़ सकता है।</li>
<li style="text-align:justify;"> गलत तरीके से उठने-बैठने या सोने से आप की पीठ, गर्दन या सिर से जुड़ी नाड़ियों में दवाब के कारण भी माईगे्रन का दर्द बढ़ सकता है। हमेशा काम करते वक्त व बैठते वक्त शरीर को पोश्चर सही रखें।</li>
<li style="text-align:justify;"> संतुलित आहार लें व ज्यादा समय तक भूखे पेट ना रहें।</li>
<li style="text-align:justify;"> हर रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।</li>
<li style="text-align:justify;"> तेज धूप में बाहर न आएं।</li>
<li style="text-align:justify;"> तेज रोशनी की तरफ न देखें। गर्मी के दिनों में बाहर जाते वक्त टोपी या छाते का इस्तेमाल करें।</li>
<li style="text-align:justify;"> ज्यादा समय तक कम्पयूटर व मोबाईल पर काम करने या गेम खेलने से बचें।</li>
<li style="text-align:justify;"> ज्यादा नजदीक से टीवी या कम्प्यूटर ना देखें।</li>
<li style="text-align:justify;"> कम रोशनी या धुंधली जगह पर काम ना करें।</li>
<li style="text-align:justify;">माइग्रेन में माथे पर विक्स लगाएं, फिर तौलिए से ढककर भाप लें। इससे आराम मिलता है।</li>
<li style="text-align:justify;"> तेज गंध वाली जगह पर ना जाएं। तेज गंध वाले इत्र व डि- आडोरेंट ना लगाएं।</li>
<li style="text-align:justify;"> तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें। योग, प्राणायाम व रूहानी भजन सुनकर मन को शांत रखने की आदत डालें। सदा खुश रहें।</li>
</ul>
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                <pubDate>Mon, 19 Jul 2021 15:57:18 +0530</pubDate>
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