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                <title>Health Care - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Health Care RSS Feed</description>
                
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                <title>Health News: 30 की उम्र के बाद इन बीमारियों को पहचानना है अनिवार्य, शरीर देता है समय रहते संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने करियर, परिवार और जिम्मेदारियों में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपनी सेहत को अक्सर पीछे छोड़ देते हैं। खासकर 30 की उम्र के बाद शरीर में होने वाले बदलावों को लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन मेडिकल रिसर्च यह बताती है कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/identifying-these-diseases-after-age-30-is-essential-the-body-gives-timely-warning-signs/article-83275"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/health-care.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने करियर, परिवार और जिम्मेदारियों में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपनी सेहत को अक्सर पीछे छोड़ देते हैं। खासकर 30 की उम्र के बाद शरीर में होने वाले बदलावों को लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन मेडिकल रिसर्च यह बताती है कि यही वह उम्र होती है, जब शरीर धीरे-धीरे कई बीमारियों की ओर बढ़ने लगता है। अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो छोटी-छोटी समस्याएं आगे चलकर बड़ी और गंभीर बीमारी का रूप ले सकती हैं। Health News</p>
<p style="text-align:justify;">हाई ब्लड प्रेशर: 30 की उम्र के बाद तनाव, नींद की कमी और खराब खानपान के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा काफी ज्यादा हो जाता है। शुरुआत में इसके लक्षण साफ दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। अगर इसे लंबे समय तक कंट्रोल न किया जाए, तो यह दिल की बीमारी, स्ट्रोक और किडनी डैमेज जैसी गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है। नियमित ब्लड प्रेशर चेक करना और नमक की मात्रा कम रखना इससे बचाव में मदद करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">डायबिटीज: 30 के बाद शरीर का मेटाबोलिज्म धीमा होने लगता है, जिससे शुगर लेवल बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। अगर व्यक्ति ज्यादा मीठा, जंक फूड या प्रोसेस्ड खाना खाता है और शारीरिक गतिविधि कम करता है तो यह खतरा और बढ़ जाता है। डायबिटीज का असर आंखों, किडनी और नर्व्स पर भी पड़ सकता है। इसलिए नियमित ब्लड शुगर टेस्ट और संतुलित डाइट बहुत जरूरी है। Health News</p>
<h3>लिवर और किडनी की सेहत भी इस उम्र में बेहद महत्वपूर्ण होती है</h3>
<p style="text-align:justify;">हाई कोलेस्ट्रॉल: ज्यादा तला-भुना और फैटी फूड, शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। इससे खून की नलियों में रुकावट बनने लगती है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बन सकती है। इस उम्र में कोलेस्ट्रॉल का स्तर जांचते रहना और हेल्दी फैट्स जैसे नट्स, बीज और हरी सब्जियों का सेवन करना जरूरी होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऑस्टियोपोरोसिस: उम्र बढ़ने के साथ-साथ बोन डेंसिटी कम होने लगती है, खासकर महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है। कैल्शियम और विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। रोजाना धूप में समय बिताना, दूध और कैल्शियम युक्त आहार लेना इस समस्या से बचाव में मदद करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">फैटी लिवर: लिवर और किडनी की सेहत भी इस उम्र में बेहद महत्वपूर्ण होती है। जो न लोग ज्यादा तैलीय खाना खाते हैं या शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं है। उनमें किडनी से जुड़ी समस्याएं भी धीरे-धीरे बढ़ सकती हैं, जिनका शुरुआती चरण में पता नहीं चलता। इसलिए डॉक्टर समय-समय पर लिवर फंक्शन और किडनी टेस्ट कराने की सलाह देते हैं, ताकि किसी भी समस्या को शुरुआत में ही रोका जा सके। Health News</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>राज्य</category>
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                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 15:33:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Ayurveda Health Tips: इन दिनों होते हैं सबसे ज्यादा सर्दी-जुकाम? जानें बचने का सही तरीका व हेल्थ टिप्स</title>
                                    <description><![CDATA[Ayurveda Tips in Falgun Month: नई दिल्ली। ऋतु परिवर्तन के साथ केवल तापमान ही नहीं बदलता, बल्कि शरीर की आंतरिक प्रवृत्तियों में भी परिवर्तन होता है। 2 फरवरी से आरंभ हुआ फाल्गुन मास उल्लास, उत्सव और प्रकृति के नवोन्मेष का प्रतीक माना जाता है। चारों ओर पीली सरसों की लहराती फसल और मध्यम तापमान वातावरण […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/are-colds-and-flu-the-most-common-these-days-learn-the-right-way-to-prevent-them-and-health-tips/article-81262"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/falgun-month-health-tips.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Ayurveda Tips in Falgun Month: नई दिल्ली। ऋतु परिवर्तन के साथ केवल तापमान ही नहीं बदलता, बल्कि शरीर की आंतरिक प्रवृत्तियों में भी परिवर्तन होता है। 2 फरवरी से आरंभ हुआ फाल्गुन मास उल्लास, उत्सव और प्रकृति के नवोन्मेष का प्रतीक माना जाता है। चारों ओर पीली सरसों की लहराती फसल और मध्यम तापमान वातावरण को सुखद बनाते हैं, किंतु यही समय स्वास्थ्य की दृष्टि से सावधानी का भी है। Ayurveda Health Tips</p>
<p style="text-align:justify;">दिन में हल्की गर्मी और रात्रि में शीतलता रहने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। सर्दी, जुकाम और मौसमी संक्रमण इस अवधि में तीव्र गति से फैलते हैं। आयुर्वेद के अनुसार इस काल में पित्त का प्रभाव बढ़ता है तथा कफ का क्षय होने लगता है, जिससे पाचन शक्ति अपेक्षाकृत मंद पड़ सकती है। अतः आहार में संतुलन अत्यंत आवश्यक हो जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">फाल्गुन मास में किन पदार्थों से परहेज करें? | Ayurveda Health Tips</h3>
<p style="text-align:justify;">चना का सीमित या त्यागयुक्त सेवन – परंपरानुसार होली के समय भुने हुए चने और गेहूं की बालियों का सेवन किया जाता है, किंतु आयुर्वेद में चने को गुरु (भारी) माना गया है। इस ऋतु में पाचन अग्नि मंद होने से चना गैस, कब्ज या अपच उत्पन्न कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बासी एवं तामसिक भोजन – आध्यात्मिक दृष्टि से भी फाल्गुन मास महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस अवधि में Maha Shivaratri का पर्व आता है। अतः ताजे, सात्विक और सुपाच्य भोजन को वरीयता देना हितकारी माना गया है। अत्यधिक तले-भुने एवं मसालेदार पदार्थों से बचना चाहिए, क्योंकि वे पित्त वृद्धि को और बढ़ा सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">फाल्गुन में क्या खाएं? Ayurveda Health Tips</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">बेर – यह फल शरीर को शीतलता प्रदान करता है और पाचन में सहायक है।</li>
<li style="text-align:justify;">अंगूर – अंगूर रक्त शुद्धि और ऊर्जा वृद्धि में उपयोगी माने जाते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">हल्के, सुपाच्य एवं मौसमी फल-सब्जियां।</li>
<li style="text-align:justify;">प्रातःकाल शीघ्र उठकर व्यायाम तथा सूर्यप्रकाश का सेवन शरीर को सुदृढ़ बनाता है।</li>
<li style="text-align:justify;">ऋतु के अनुरूप आहार अपनाने से बिना औषधि के भी स्वास्थ्य संतुलित रखा जा सकता है। जीवनशैली में साधारण परिवर्तन—जैसे समय पर भोजन, पर्याप्त जल सेवन और नियमित व्यायाम—शरीर को आंतरिक शक्ति प्रदान करते हैं।</li>
</ul>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 12:37:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Skin Care Remedies: सर्दियों में त्वचा व फटी एड़ियों से हैं परेशान तो समाधान है आसान!</title>
                                    <description><![CDATA[Cracked Heels Treatment: नई दिल्ली, (एजेंसी)। सर्दियाँ आते ही कई लोगों की अपनी त्वचा को लेकर चिंताएं बढ़ जाती हैं, खासकर महिलाओं की और होना भी लाजिमी है, क्योंकि सर्दी आते ही शरीर की त्वचा में विभिन्न परिवर्तन संभव हैं। सर्दियों के दौरान अधिकांश लोगों को खासकर त्वचा और एड़ियाँ फटने की समस्याएं परेशान करती […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/if-you-are-troubled-by-dry-skin-and-cracked-heels-in-winter-the-solution-is-easy/article-64881"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-12/skin-care-remedies.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Cracked Heels Treatment: नई दिल्ली, (एजेंसी)। सर्दियाँ आते ही कई लोगों की अपनी त्वचा को लेकर चिंताएं बढ़ जाती हैं, खासकर महिलाओं की और होना भी लाजिमी है, क्योंकि सर्दी आते ही शरीर की त्वचा में विभिन्न परिवर्तन संभव हैं। सर्दियों के दौरान अधिकांश लोगों को खासकर त्वचा और एड़ियाँ फटने की समस्याएं परेशान करती हैं। क्योंकि सर्दियाँ सबसे अधिक इंसान की त्वचा को ही नुकसान पहुंचाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन सर्दियों में त्वचा रुखी, त्वचा में दरारें, एड़ियाँ फटने जैसी बड़ी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। लेकिन समस्याएं हैं तो समाधान भी हैं, ऐसे लोगों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि सर्दियों में त्वचा और एड़ियों के फटने से बचाने के लिए कुछ खास उपाय हैं, जिनको यहां साझा किया जा रहा है, जिनको अपनाकर आप सर्दियों में अपनी त्वचा की देखभाल कर सकते हैं। Skin Care Remedies</p>
<h3>अच्छी गुणवत्ता वाले मॉइस्चराइजर उपयोग में लाएं</h3>
<p style="text-align:justify;">आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सर्दियों में त्वचा को नमी की जरूरत होती है। इसलिए जितना हो सके, अच्छी गुणवत्ता वाले मॉइस्चराइजर उपयोग में लाएं, क्योंकि एड़ियों और पैरों की त्वचा को नमी की अति आवश्यकता होती है और उनमें नमी बनाए रखने के लिए मॉइस्चराइज जरूरी हैं, इसमें ऐसे तत्व होते हैं, जो त्वचा को गहराई से पोषण देते हैं। इसलिए इसके लिए जरूरी है कि रात को सोने से पहले नारियल तेल या ओलिव ऑयल से अपनी एड़ियों की मालिश करें। इन तेलों में एंटीऑक्सीडेंट्स और हाइड्रेटिंग गुण होते हैं, जो त्वचा को मुलायम बनाए रखते हैं और फटी एड़ियों को चुटकी में ठीक करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इतना ही नहीं आप गर्म पानी में थोड़े से नमक को मिलाकर पैरों की सिकाई भी करें। यह त्वचा को सॉफ्ट, मुलायम बनाने में मदद करेगा और फटी एड़ियाँ ठीक करेगा। यदि आपकी एड़ियां बहुत अधिक फटी हुई हैं और उनमें दर्द हो रहा है, तो डॉक्टर की सलाह अनुसार मेडिकेटेड क्रीम का उपयोग करें। इन क्रीम में सैलिसिलिक एसिड होता है, जो त्वचा की ऊपरी परत को नरम करके उसे ठीक करता है। नहाने के लिए गुनगुने पानी का उपयोग करना बेहतर होता है, यह त्वचा की नमी को बनाए रखने में भी मदद करता है। Skin Care Remedies</p>
<p style="text-align:justify;">आपको बता दें कि फटी त्वचा पर मृत कोशिकाओं की परत जम जाती है। यदि ऐसा है तो इस पर स्क्रब का उपयोग करना चाहिए, ताकि त्वचा की मृत परत हट सके। पर इसके लिए बहुत सावधानी बरतनी आवश्यक है, ताकि त्वचा और अधिक खराब न हो। इसके लिए जरूरी है कि सोते समय मुलायम कॉटन के मोजे पहनने से एड़ियों में नमी बनी रहती है और त्वचा नरम-मुलायम होती है। आप नारियल तेल या किसी अच्छे मॉइस्चराइजर को एड़ियों पर लगाकर मोजे पहन कर त्वचा को बचा सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">यह भी है जरूरी | Skin Care Remedies</h3>
<p style="text-align:justify;">रुखी त्वचा और फटी एड़ियों को के लिए विटामिन ए, सी और ई से भरपूर आहार लेना जरूरी है। इसके लिए आप गाजर, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, और ड्राई फ्रूट्स को अपने आहार में उपयोग में ले सकते हैं। ये आपकी त्वचा को अंदर से पोषण ही नहीं देंगे बल्कि त्वचा को सूखने से भी बचाएंगे। साथ ही त्वचा को बचाए रखने के लिए तंग या कठोर जूते पहनने से बचें। आप अपने पैरों में आरामदायक और सॉफ्ट जूते पहनें, ताकि एड़ियां फटने से बचें तथा आपकी त्वचा सुरक्षित रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">सर्दियों में रुखी त्वचा और एडियां फटने की एक खास वजह यह भी होती है कि लोग सर्दियों में कम पानी पीते हैं, जोकि हानिकारक है। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पानी पीना बहुत जरूरी और काफी महत्वपूर्ण है। इसलिए हो सके तो जितना ज्यादा पानी पीया जाए उतना ही कम है, क्योंकि इससे आपकी त्वचा को अंदर से नमी मिलती है और वह सूखने से बचती है। इतना ही नहीं सर्दियों में गुनगुना पानी पीएं, ताकि त्वचा हाइड्रेट बनी रही।</p>
<p><a title="HP High Court Recruitment: हिमाचल हाईकोर्ट में ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित, इतने पदों पर होगी भर्ती!" href="http://10.0.0.122:1245/online-applications-invited-in-himachal-high-court-recruitment-will-be-done-on-so-many-posts/">HP High Court Recruitment: हिमाचल हाईकोर्ट में ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित, इतने पदों पर होगी भर्ती!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Dec 2024 12:46:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इस कम्पनी की &amp;#8216;अनूठी पहल&amp;#8217;, एक रुपए में मिलेगी डॉक्टर की सेवाएं!</title>
                                    <description><![CDATA[हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। भारत की नम्बर वन हेल्थ केयर टस्कर कम्पनी (Health Care Tusker Company) के मॉल का शुभारंभ शुक्रवार को हनुमानगढ़ टाउन की नई धान मंडी में आइसीआइसीआइ बैंक के पास एमडी फिजिशियन डॉ. परस जैन की ओर से गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में रिबन काटकर किया गया। Hanumangarh News इस मौके पर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/companys-unique-initiative-doctors-services-available-for-one-rupee/article-58425"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/taskar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> भारत की नम्बर वन हेल्थ केयर टस्कर कम्पनी (Health Care Tusker Company) के मॉल का शुभारंभ शुक्रवार को हनुमानगढ़ टाउन की नई धान मंडी में आइसीआइसीआइ बैंक के पास एमडी फिजिशियन डॉ. परस जैन की ओर से गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में रिबन काटकर किया गया। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर कम्पनी के एचआर कपिल शर्मा, स्टोर मैनेजर जगजीत सिंह, फार्मासिस्ट धर्मेंद्र, दानाराम, कमल, मार्केटिंग मैनपाल आदि मौजूद थे। मॉल में डाइटिशियन के रूप में रुखसार बानो, डॉ. पवन यादव सेवाएं देंगे। कम्पनी के एचआर कपिल शर्मा ने बताया कि इससे पूर्व राजस्थान में दो स्टोर ओपन किए जा चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कम्पनी का हेल्थ केयर मॉल खोलने का उद्देश्य मरीज को एक ही छत्त के नीचे बीमारी का इलाज कर उसे निजात दिलाने का प्रयास करना व मरीज का चिकित्सा उपचार चाहे वह किसी प्रकार की जांच हो, दवाइयां उपलब्ध करवाना आदि के संबंध में राहत देना है। मॉल पर 24 घंटे दवाइयों के साथ-साथ डॉक्टर की सुविधा भी मिलेगी। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">यदि डॉक्टर की ओर से कोई जांच लिखी जाती है तो वह भी सीआरएल लैब से बाजार से डिस्काउंट रेट पर की जाएगी। डॉ. परस जैन ने बताया कि यहां पर 365 रुपए का शुल्क देकर साल भर डॉक्टर की सुविधा निशुल्क पा सकेंगे। बेबी केयर, आयुर्वेदिक, जनरल मेडिसिन बाजार से काफी उचित रेट पर मिलेगी। होम डिलीवरी की सुविधा निशुल्क रहेगी। Hanumangarh News</p>
<p><a title="फूटा गुस्सा, विद्युत विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन" href="http://10.0.0.122:1245/anger-erupted-and-protest-was-held-against-the-electricity-department/">फूटा गुस्सा, विद्युत विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 15:24:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Brinjal side effects: इन बीमारियों ने कर रखा है अगर शरीर में घर तो इस सब्जी का सेवन जरा सभंलकर कर</title>
                                    <description><![CDATA[Brinjal side effects: कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें बैंगन खाना बहुत ज्यादा पसंद होता है। वहीं बैंगन की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यह सदाबहार सब्जी है, क्योंकि यह हर मौसम में आपको आराम से मिल जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि बैंगन से लोग अलग-अलग तरह की डिस बनाकर खाना […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/brinjal-side-effects/article-51567"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/brinjal-vegetable.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Brinjal side effects: कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें बैंगन खाना बहुत ज्यादा पसंद होता है। वहीं बैंगन की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यह सदाबहार सब्जी है, क्योंकि यह हर मौसम में आपको आराम से मिल जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि बैंगन से लोग अलग-अलग तरह की डिस बनाकर खाना पसंद करते हैं। कोई बैंगन का भर्ता बनाता तो कोई बैंगन को भरकर सब्जी बनाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि सर्दी में बैंगन खाने के आपने ही अलग फायदे हैं। बैंगन खाने से दिल की बीमारी और ब्लड शुगर हमेशा कंट्रोल में रहता है। Brinjal side effects</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं आपको ये जानकर भी हैरानी होगी कि बैंगन खाने से वजन भी कम हो जाता है, लेकिन ये भी सच है कि कुछ लोगों को बैंगन से परहेज करना चाहिए यानी कुछ लोगों को बैंगन नहीं खानी चाहिए। दरअसल बैंगन में एक प्रकार का नैनोसीन पाया जाता है, जो कुछ लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। तो आज हम आपको बताएंगे कि किन लोगों को बैंगन नहीं खाने चाहिए। कहा जाता है कि जिन लोगों में खून की कमी होती है या जो लोग हर महीने रक्तदान करते हैं उन्हें भूलकर भी बैंगन नहीं खाना चाहिए। ये उनके लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है जो खून को नहीं बनने देता और ये कई तरह की समस्याओं को भी पैदा कर देता है। Eggplant Allergy</p>
<h3 style="text-align:justify;">इन लोगों को नहीं खाने चाहिए बैंगन</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>स्किन एलर्जी:</strong> अगर किसी व्यक्ति को किसी भी तरह की स्किन एलर्जी है, तो उन्हें बैंगन से दूरी बना लेनी चाहिए और भूलकर भी बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि बैंगन खाने से आपकी एलर्जी ट्रिगर हो सकती है।</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>डिप्रेशन:</strong> अगर कोई व्यक्ति डिप्रेशन की दवा लें रहा है या फिर वो किसी भी तरह के डिप्रेशन से जूझ रहे हैं तो आपको बैंगन खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे खाने से आपकी दवा का असर कम हो सकता है।</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>खून की कमी:</strong> अगर आपके शरीर में खून की कमी है तो आपको भूलकर भी बैंगन नहीं खाना चाहिए। क्योंकि ये आपके खून बनने में दिक्कत करता है।</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>आंखों में जलन:</strong> जिन लोगों की आंखों में दिक्कत रहती है जैसे आंखों में जलन या सूजन है तो उन्हें बैंगन नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह दिन पर दिन और बढ़ सकता है।</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>बवासीर:</strong> अगर आप बवासीर से पीड़ित हैं तो आपको बैंगन से दूरी बनाकर रखनी चाहिए, वरना आपकी दिक्कत समय के साथ अधिक बढ़ सकती हैं।</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>स्टोन:</strong> जिन लोगों को स्टोन की दिक्कत होती है, उन्हें भूलकर भी बैंगन नहीं खाना चाहिए। क्योंकि बैंगन में पाया जाने वाला आॅक्सलेट पथरी की प्रॉब्लम और बड़ा सकता है।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नोट:</strong> हमारे इस आर्टिकल में बताई बताई गई विधि तरीकों और सुझाव पर अमल करने से पहले अपने संबंधित डॉक्टर की सलाह जरूर लें। सच कहूँ इन सबकी पुष्टि नहीं करता है। Brinjal side effects</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Chandrayaan-3 budget: चंद्रयान मिशन: बजट जानकर चौक जाएंगे आप!" href="http://10.0.0.122:1245/chandrayaan-mission-you-will-be-shocked-to-know-the-budget/">Chandrayaan-3 budget: चंद्रयान मिशन: बजट जानकर चौक जाएंगे आप!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Aug 2023 12:45:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Control Bad Cholesterol: खून की नसों में जमा गंदे कोलेस्ट्रॉल को कर देंगे बाहर ये 5 आयुर्वेदिक नुस्खे</title>
                                    <description><![CDATA[How To Lower Cholesterol: आजकल कम उम्र में ही लोग हार्ट डिजीज का शिकार होने लगें हैं। कोलेस्ट्रोल एक ऐसी चीज है जो कि आपकी हार्ड डिज़ीज़ को पैदा करने के लिए एक बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। हाई कोलेस्ट्रॉल दो तरह का होता है। बैड कोलेस्ट्रॉल और गुड कोलेस्ट्रॉल। दरअसल दिल की बीमारियों का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/ayurvedic-tips-for-cholesterol/article-51233"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/control-bad-cholesterol-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">How To Lower Cholesterol: आजकल कम उम्र में ही लोग हार्ट डिजीज का शिकार होने लगें हैं। कोलेस्ट्रोल एक ऐसी चीज है जो कि आपकी हार्ड डिज़ीज़ को पैदा करने के लिए एक बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। हाई कोलेस्ट्रॉल दो तरह का होता है। बैड कोलेस्ट्रॉल और गुड कोलेस्ट्रॉल। दरअसल दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाने में बैड कोलेस्ट्रॉल बड़ी भूमिका निभाता है। जानकारी के लिए बता दें कि अगर नसों में कोलेस्ट्रॉल ज्यादा जम जाए तो हार्ट अटैक की नौबत भी आ सकती है। ऐसे में दिल को हेल्दी रखने के लिए बेहद जरूरी है कि हम दिल की नसों में बैड कोलेस्ट्रॉल को जमा ही न होने दें। Control Bad Cholesterol</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि इसे कम करने के लिए हमारा अनुशासित लाइफस्टाइल और हेल्दी खान-पान इसमें काफी अहम भूमिका निभा सकता है। आप अपनी डाइट में हेल्दी फूड को शामिल कर आप अपने दिल को गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं। बता दें कि हमारे खाने में ऐसे कई फूड्स है जिन्हें हम अपनी डाइट में शामिल कर लें तो कोलेस्ट्रॉल के लेवल को आसानी से कम किया जा सकता है। दरअसल सेबफल, एवाकाडो जैसे फुड आइटम बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाने में काफी मददगार हो सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दे की कोलेस्ट्रॉल को कम करना बहुत मुश्किल काम होता है। नसों में गहराई से चिपकी ये वास लिसलिसी होने के साथ ही बेहद सख्त होती है। लेकिन इस वसा को कुछ खास चीजों के खाने से पिघलाया जा सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि कोलेस्ट्रोल को गलाने के लिए खानपान में बदलाव जरूरी है और कुछ ऐसी चीजें भी है अगर उन्हें रोज खाना शुरू कर दिया जाए तो कोलेस्ट्रॉल को आसानी से कम किया जा सकता है। और ये खास चीजें गुड कोलेस्ट्रॉल को भी बढ़ाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल कोलेस्ट्रोल का नसों में जमने का मतलब है कि आपका खान-पान सही नहीं है और आप होली चीजें ज्यादा ले रहे हैं और साथ ही आपका शारीरिक रूप से भी सक्रिय नहीं है। ऐसे में नसों में जमी वसा आपके ब्लड सर्कुलेशन पर इफेक्ट डालती है। जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ता है, तो चलिए आपको बताते हैं कि किन चीजों को खाने से आप अपना कोलेस्ट्रॉल कम कर सकते हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/blood-sugar-is-controlled-by-eating-this-know-the-surprising-benefits-of-this-vegetable-in-monsoon/">Blood Sugar: इसे खाने से ब्लड शुगर होता है कंट्रोल, जानें इस सब्जी के मानसून में हैरान करने वाले फायदे</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">इन चीजों से होगा कोलेस्ट्रॉल कम | Control Bad Cholesterol</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सेबफल:</strong> सेबफल एक ऐसा फल है जिसमें पोषक तत्वों का खजाना छिपा हुआ है। अगर आप रोजाना सेबफल का सेवन करते हैं तो यह शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है और इतना ही नहीं कोलेस्ट्रॉल को घटाने में भी सेबफल अहम भूमिका निभाता है। जानकारी के लिए बता दें कि 2 सेबफल रोजाना खाने से टोटल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल दोनों में ही कमी आ जाती है, इसके साथ ही सेब ख़ून में मौजूद ट्राईग्लाइकेराइडस फैट को भी कम करता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>एवाकाडो:</strong> दिल को सेहतमंद रखने में एवाकाडो फल भी अहम भूमिका निभाता है। इसमें हार्ट को हेल्दी रखने वाले न्यूट्रिएंट्स होते हैं। इसे नियमित रूप से खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होता है और कार्डियोवस्कुलर डिज़ीज़ का खतरा भी घट जाता है। एवाकाडो फल बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जौ:</strong> जौ फाइबर से भरपूर एक हेल्दी अनाज है जो कि हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। खास तौर पर दिल की सेहत को बरकरार रखने में जौ अहम भूमिका निभा सकता है। जौ में फाइबर होने के साथ ही बीटा ग्लूटेन होता है जो कि बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर देता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नट्स:</strong> नट्स को अपनी डाइट में शामिल करना हमारे लिए काफी फायदेमंद है, क्योंकि इन्हें डाइट में शामिल कर हम अपने दिल को हेल्दी रख सकते हैं। नट्स जैसे बादाम, अखरोट, पिस्ता, काजू, ब्राजील नट्स, हैजलनट्स अनसैचुरेटेड फैट्स का अच्छा सोर्स होते हैं, जो कि कोलेस्ट्रोल घटाने में मदद करते हैं, सैचुरेटेड फैट्स वाली चीजें को हटाकर नट्स का प्रयोग किया जा सकता है। नट्स में भरपूर फाइबर भी होता है जो कि शरीर से कोलेस्ट्रॉल को एब्जॉर्ब करने में मदद करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>लहसुन:</strong> लहसुन में कुछ ऐसे एंजाइम्स पाए जाते हैं, जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार साबित होते हैं। वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध के अनुसार लहसुन के नियमित सेवन से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर 9 से 15 प्रतिशत तक घट सकता हैं। इसके अलावा यह हाई ब्लडप्रेशर को भी नियंत्रित करता है। प्रतिदिन लहसुन की दो कलियां छीलकर खाना सेहत के लिए काभी फायदेमंद होता है।</p>
<p>नोट: लेख में बताई गई विधि और तरीके सामान्य जानकारी के लिए है, इसे किसी दवाई का विकल्प नहीं समझना चाहिए। ज्यादा जानकारी के लिए अपने नजदीकी डाक्टर से संपर्क कर सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/ayurvedic-tips-for-cholesterol/article-51233</link>
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                <pubDate>Tue, 15 Aug 2023 13:34:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Tea Side Effects: बच्चों को चाय पिलाने से 4 नुकसान और 4 ही फायदे, जानिये कैसे</title>
                                    <description><![CDATA[Tea Side Effects/ Tea Benefits: चाय किसे अच्छी नहीं लगती, बच्चे हो या बूढ़े सभी के दिन की श्ुरूआत सुबह चाय पीकर ही होती है। वैसे तो चाय हर किसी का पसंदीदा पेय पदार्थ है। यह मूड की फ्रेश बनाता है साथ ही यह आपकी बॉडी को भी एक्टिव रखती है। ये भी कहा जाता […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/4-disadvantages-and-4-advantages-of-giving-tea-to-children-know-how/article-51196"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/health_care.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Tea Side Effects/ Tea Benefits: चाय किसे अच्छी नहीं लगती, बच्चे हो या बूढ़े सभी के दिन की श्ुरूआत सुबह चाय पीकर ही होती है। वैसे तो चाय हर किसी का पसंदीदा पेय पदार्थ है। यह मूड की फ्रेश बनाता है साथ ही यह आपकी बॉडी को भी एक्टिव रखती है। ये भी कहा जाता है कि चाय सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। लेकिन आपको बता दें कि चाय में कैफीन और चीनी अधिक मात्रा में होने के कारण इसे बच्चों के लिए लाभदायक नहीं माना जाता। कैफीन और चीनी की अधिक मात्रा होने के कारण यह चाय काफी नुकसान दायक साबित होती है। Tea Side Effects</p>
<p style="text-align:justify;">वैसे भारत में बड़े-बुजुर्ग खूब चुस्की ले लेकर चाय पीते हैं, वहीं किसान तो सुबह चाय रोटी के साथ खाकर खेत के लिए निकलले हैं और हमारे देश में तो अधिकतर लोग चाय पीते हैं। कोई कोई तो दिन में चार बार भी चाय पी लेता है। लेकिन क्या बच्चों के लिए इतनी चाय पीना सही है। आमतौर पर भारतीय घरों में जिस तरह की चाय पी जाती है उसमें कैफीन और चीनी अधिक मात्रा में होती है, जो किसी भी तरह बच्चों या बड़ों के लिए अच्छी नहीं है। Tea Side Effects</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/do-not-ignore-such-leg-pain-even-by-mistake-it-can-be-a-sign-of-increasing-cholesterol/">Cholesterol: पैरों के ऐसे दर्द को भूलकर भी ना करें नजरअंदाज, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का हो सकता है संकेत</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“Cholesterol: पैरों के ऐसे दर्द को भूलकर भी ना करें नजरअंदाज, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का हो सकता है संकेत” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/do-not-ignore-such-leg-pain-even-by-mistake-it-can-be-a-sign-of-increasing-cholesterol/embed/#?secret=P39EAxnxYZ%23?secret=4Y5X1xFOZJ" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<p style="text-align:justify;">तो वहीं अब सवाल ये उठता है कि बच्चों को चाय देना सुरक्षित है या नहीं? इसलिए आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में बताएंगे कि बच्चों को किस उम्र में चाय पिलानी चाहिए और बच्चों के लिए चाय के क्या-क्या फायदे और नुकसान होते हैं। Tea Side Effects</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल चाय में पाई जाने वाली कैफीन और चीनी की मात्रा बच्चों की हेल्थ, ओरल हेल्थ, और उनके दिमाग पर असर कर सकती है। इसलिए अक्सर बच्चों को चाय पीने के लिए मना किया जाता है। डॉक्टरों के अनुसार अधिक मीठा और कैफीन युक्त पेय पदार्थ पीने से बच्चों को कैविटी हो सकती है। इसके अलावा कैफीन ड्यूरेटिक होता है जिससे बच्चों को बार बार बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है, इससे बच्चों को ओर अन्य परेशानी भी हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन अब सवाल यह उठता है कि बच्चों को किस उम्र में चाय पिला सकते हैं? वैसे तो अभी तक किसी भी शोध से स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्चों को किस उम्र में चाय देना शुरू करना चाहिए। लेकिन अमेरिकन एकेडमी आॅफ पीडियाट्रिक के अनुसार 12 से 18 वर्ष की उम्र के बीच के बच्चे एक दिन में 100 मिलीग्राम कैफीन यानी एक से दो कप चाय पी सकते हैं। लेकिन वहीं डॉक्टरों का कहना है कि 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को चाय पिलाना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। 12 से 18 वर्ष के बच्चे दिन में 2 कप चाय पी सकते हैं लेकिन 12 से कम उम्र के बच्चों के लिए चाय हानिकारक साबित हो सकती हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बच्चों को चाय पिलाने के फायदे | Tea Benefits</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>बुखार में बच्चों को चाय पिलाने से शरीर का तापमान घटता है।</li>
<li>बच्चों को चाय पीने से शरीर और पेट दर्द में राहत मिलती है।</li>
<li>सर्दी जुखाम दूर करने के लिए भी चाय काफी फायदेमंद है।</li>
<li>चाय बच्चे को हाइड्रेट रखने में मदद करती है।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">बच्चों को चाय पिलाने के नुकसान | Tea Side Effects</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>चाय पीने से बच्चों का विकास, व्यवहार और नींद प्रभावित हो सकती है।</li>
<li>बच्चों को चाय कॉफी से टाइप 1 डायबिटीज का जोखिम बढ़ सकता है।</li>
<li>कैफीन युक्त पेय पदार्थ पीने से बच्चों का मोटापा बढ़ सकता है।</li>
<li>चाय पीने से बच्चों में हृदय रोग, दांतों में सड़न और टाइप-2 मधुमेह हो सकता है।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;">बच्चों के लिए ये है फायदेमंद चाय</h4>
<p style="text-align:justify;">दरअसल बच्चों के लिए चाय के विकल्प मौजूद है, जो बीमारियों को दूर करने में घरेलू उपचार के रूप में काम आते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैमोमाइल चाय:</strong> यह चाय बच्चों में बुखार, पेट दर्द और एलर्जी को दूर करने में मदद करती है।<br />
<strong>अदरक की चाय:</strong> बच्चों में उल्टी, जी मिचलाना और पेट में राहत दिलाने में अदरक की चाय काफी फायदेमंद मानी जाती है।<br />
<strong>सौंफ की चाय:</strong> सौंफ की चाय पेट से जुड़े विकारों को दूर करने में सहायक होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/diabetes-will-always-be-tension-free-just-adopt-this-best-method-sugar-level-will-remain-under-control/">DIABETES: शुगर कंट्रोल कैसे करे घरेलू उपाय, लेवल रहेगा कंट्रोल में…</a></p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/4-disadvantages-and-4-advantages-of-giving-tea-to-children-know-how/article-51196</link>
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                <pubDate>Mon, 14 Aug 2023 11:46:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>White Hair Sloution: बस सिर्फ एक चम्मच हल्दी से सारे सफेद बाल काले, जानिये कैसे&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[White Hair Sloution: हल्दी लैट्स और करी के साथ जुड़ी हो सकती है, लेकिन यह आपके बालों के लिए उतनी ही अच्छी है जितनी कि यह आपके तालु के लिए है। (Don’t Use Chemical Hair Colour Dye) 21 वीं सदी में इसका मुख्य उद्देश्य एक शक्तिशाली जड़ी बूटी के रूप में किया जाता था। आयुर्वेदिक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/blacken-all-white-hair-with-one-spoon-of-turmeric-know-how/article-51114"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/white-hair-sloution.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">White Hair Sloution: हल्दी लैट्स और करी के साथ जुड़ी हो सकती है, लेकिन यह आपके बालों के लिए उतनी ही अच्छी है जितनी कि यह आपके तालु के लिए है। (Don’t Use Chemical Hair Colour Dye) 21 वीं सदी में इसका मुख्य उद्देश्य एक शक्तिशाली जड़ी बूटी के रूप में किया जाता था। आयुर्वेदिक चिकित्सा से लेकर सौंदर्य उपचार तक हर चीज में इसका उपयोग किया जाता रहा है और विशेष रूप से बालों की देखभाल के लिए हल्दी को रूसी और बालों के झड़ने जैसी स्थितियों के इलाज के लिए उपयोगी माना जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हल्दी क्या है? White Hair Sloution</h3>
<p style="text-align:justify;">हल्दी एक ऐसा पौधा है जिसकी जड़ें करक्यूमिन नामक एक विशेष रसायन के कारण वास्तव में चमकीली पीले रंग की होती हैं। यह रसायन हल्दी को सूजन, हानिकारक पदार्थों, कीटाणुओं और यहां तक कि कैंसर से लड़ने में मदद करता है। यह कभी-कभी अपने स्वास्थ्य लाभ और उज्ज्वल रंग के लिए स्किनकेयर, हेयरकेयर और कॉस्मेटिक उत्पादों में उपयोग किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मुख्य लाभ:</strong> यह रूसी का इलाज करता है, बालों के झड़ने को रोकने में मदद करता है। और जीवाणुरोधी है। कोई भी जो बालों के विकास को बढ़ावा देना चाहता है, अपनी खोपड़ी को स्वस्थ रखने के लिए या रूसी का इलाज करने के लिए। रूसी के इलाज के लिए हल्दी का उपयोग करते समय, हाइड्रेटिंग अवयवों जैसे जैतून का तेल के साथ मिलाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ उपयोग न करें: यदि आप हल्दी को मौखिक रूप से ले रहे हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि इसे उन दवाओं के साथ न जोड़ा जाए जो रक्त के थक्के को धीमा करने के लिए जाने जाते हैं, जैसे कि एस्पिरिन और इबुप्रोफेन। हल्दी स्वाभाविक रूप से रक्त के थक्के को धीमा कर सकती है, इसलिए इन दवाओं के साथ संयोजन से आंतरिक चोट और रक्तस्राव हो सकता है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/in-glow-will-remain-intact-even-at-the-age-of-50-follow-these-8-tips/">SKIN CARE: 50 की उम्र में भी बरकरार रहेगा स्किन का निखार, अपनाएं ये 8 टिप्स</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">बालों के लिए हल्दी के फायदे | White Hair Sloution</h3>
<p style="text-align:justify;">हल्दी वास्तव में आपके बालों के लिए अच्छी है क्योंकि यह बढ़ोत्तरी में मदद कर सकती है। यह आपके बालों के लिए कई अलग-अलग चीजें शैंपू, कंडीशनर, मास्क और तेल जैसे विभिन्न बाल उत्पादों में पाया जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हल्दी लगाने से, आप कई लाभों का अनुभव कर सकते हैं: White Hair Sloution</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>1. बालों का झड़ने को रोकता है:</strong> हल्दी की विरोधी भड़काऊ शक्तियां बालों को पतला करने के लिए एक प्रमुख वरदान हैं, क्योंकि यह विकास को प्रोत्साहित कर सकती है। “अधिकांश बालों का झड़ना कम से कम कुछ स्तर पर होता है,” खोपड़ी और बालों के रोम पर पैटर्न बालों के झड़ने या सीधे भड़काऊ बालों के झड़ने के प्रभाव को कम करता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2. रूसी से लड़ता है</strong>: “जब बालों में हल्दी का प्रयोग किया जाता है, तो हल्दी के विरोधी भड़काऊ और जीवाणुरोधी लाभ रूसी के साथ मदद कर सकते हैं,” । “जब रूसी को अनुपचारित छोड़ दिया जाता है, तो यह अंतत: बालों के झड़ने का कारण बन सकता है। हल्दी के साथ बालों का इलाज खोपड़ी को स्वस्थ रख सकता है, जो स्वस्थ बालों और नए बालों के विकास में एक महत्वपूर्ण घटक है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>3. तेल को नियंत्रित करता है:</strong> “हल्दी अपने विरोधी भड़काऊ और एंटी-माइक्रोबियल गुणों के कारण तैलीय बालों और खोपड़ी के इलाज के लिए बहुत अच्छी है,” वे सूक्ष्मजीवों के विकास को रोकते हैं, जो तैलीय खोपड़ी से ग्रस्त होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>4. खोपड़ी के स्वास्थ्य में सुधार करता है:</strong> हल्दी के विरोधी भड़काऊ लाभ आपके खोपड़ी के स्वास्थ्य को समग्र बढ़ावा देते हैं। “हल्दी के उपचार और विरोधी भड़काऊ गुण स्वाभाविक रूप से खोपड़ी की जलन को कम करने में मदद करते हैं-अन्य उत्पादों के विपरीत जो कृत्रिम अवयवों को जोड़कर ऐसा करते हैं। यह एक स्वस्थ खोपड़ी और बालों के लिए एक महान प्राकृतिक जोड़ है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>5. बालों को पर्यावरणीय तनावों से बचाता है:</strong> मुक्त कण आपके बालों, खोपड़ी और रंग पर कहर बरपा सकते हैं, लेकिन हल्दी जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स को इतना उपयोग करने के कई कारणों में से एक यह है कि वे उनसे लड़ते हैं। नतीजतन, बालों के रोम हानिकारक अणुओं द्वारा नुकसान से सुरक्षित होते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बालों के प्रकार पर विचार</h3>
<p style="text-align:justify;">हमारे विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि हल्दी किसी भी प्रकार के बालों को बढ़ावा दे सकती है। “हालांकि, यदि आपके पास एक रूखेपन खोपड़ी की स्थिति है, तो आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप हल्दी के उपयोग के दौरान अपनी प्रगति को ट्रैक कर रहे हैं। कुछ मामलों में यह देखा जाता है कि हल्दी रूखेपन खोपड़ी की स्थिति को बढ़ाती है जो एलर्जी या चल रहे रासायनिक जोखिम के कारण होती है। इसका कारण यह है कि हल्दी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ा रही है, जो अंतत: बालों के झड़ने का कारण बन रही है। हालांकि, ये दुर्लभ स्थितियां हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अपने बालों को काला करने के लिए हल्दी का उपयोग</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>1. मास्क के रूप में लगाएं:</strong> एक महान मॉइस्चराइजिंग हल्दी मास्क आसानी से जैतून के तेल और हल्दी को बराबर भागों में मिलाकर बनाया जा सकता है। “आप मास्क को और अधिक मॉइस्चराइजिंग बनाने के लिए थोड़ी मात्रा में शहद भी मिला सकते हैं। मास्क को समान रूप से लागू करें और इसे 15 से 20 मिनट तक लगा रहने , जिससे सामग्री बालों की जड़ें भिगो सके। अंत में, अपने पसंदीदा शैम्पू और कंडीशनर के साथ अपने बालों को धोएं और साफ करें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2. अपनी खोपड़ी को पोषण दें:</strong> यह भी सिफारिश की जाती है कि हल्दी को लैवेंडर जैसे आवश्यक तेलों के साथ मिलाकर एक लाभदायक खोपड़ी उपचार बनाया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>3. पूरक के रूप में लें:</strong> हल्दी, एक विशेष मसाला हमारे बालों और त्वचा को स्वस्थ बनाने में मदद कर सकती है। हम इसे या तो अपनी त्वचा पर लगा सकते हैं या गोली के रूप में ले सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>4. शैम्पू के रूप में उपयोग करें:</strong> हल्दी को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का एक त्वरित और आसान तरीका हल्दी से बना कोई भी शैम्पू का प्रयोग करें। बस बाल साफ करें, शैम्पू लगाएं और दोहराएं।</p>
<p style="text-align:justify;">वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको इस प्रक्रिया को कुछ बार दोहराने की आवश्यकता हो सकती है। आपके द्वारा उपयोग किए जाने वाले हल्दी पाउडर की मात्रा आपके बालों की लंबाई और मोटाई पर भी निर्भर हो सकती है। हल्दी रासायनिक बालों के रंगों के लिए एक सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प है। यह सस्ती और उपयोग करने में आसान भी है। इसलिए, यदि आप मेहंदी या इंडिगो का उपयोग किए बिना अपने बालों को काला करना चाहते हैं, तो हल्दी को आजमाएं। आप आश्चर्यचकित हो सकते हैं कि यह कितनी अच्छी तरह काम करती है!</p>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Aug 2023 14:25:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Get Rid Of Dandruff: डैंड्रफ की समस्या से है परेशान, तो अपनाएं ये 8 घरेलू नुस्खे, छूमंतर होगी रूसी</title>
                                    <description><![CDATA[Dandruff Treatment: आजकल बालों की समस्या हर किसी को है, और सिर में रूसी यानी डेंड्रफ होना तो एक आम बात है। मौसम चाहे गर्मी का हो बरसात का हो या फिर सर्दियों का, बालों में रूसी की समस्या अधिकतर लोगों को परेशान करती है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि गलत खाना और […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/if-you-are-troubled-by-the-problem-of-dandruff-then-follow-these-home-remedies-dandruff-will-disappear/article-51107"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/get-rid-of-dandruff.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Dandruff Treatment: आजकल बालों की समस्या हर किसी को है, और सिर में रूसी यानी डेंड्रफ होना तो एक आम बात है। मौसम चाहे गर्मी का हो बरसात का हो या फिर सर्दियों का, बालों में रूसी की समस्या अधिकतर लोगों को परेशान करती है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि गलत खाना और बदलते लाइफस्टाइल की वजह से ज्यादातर लोग रूसी की समस्या से परेशान रहते हैं। Get Rid Of Dandruff</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल बालों में डेंड्रफ का होना एक आम समस्या है। स्कैल्प का रूखापन बालों में रूसी का कारण बनने लगता है। दरअसल स्कैल्प मालासेजिआ ग्लोबोसा नाम फंगल की चपेट में आ जाता है। इसी के कारण बाल बाल कमजोर होने लगते हैं और बालों में डेंड्रफ की समस्या बढ़ने लगती है। जानकारी के लिए बता दे की इसका प्रभाव आपके चेहरे पर भी दिखने लगता है, इस दौरान आपके चेहरे पर मुहांसों की समस्या बढ़ जाती है। बता दें कि डैंड्रफ के कारण स्कैल्प का नेचुरल ऑयल कम होने लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं आपको बता देखी अगर आपके सिर में ज्यादा रूसी हो रही है तो आप दवाइयों की बजाए कुछ घरेलू उपाय अपनाएं जो आपके लिए बेहतर होंगे। अगर आप एलोपैथिक दवाइयों की वजह अपनी रसोई में मौजूद कुछ लाभकारी चीजों का इस्तेमाल करेंगे तो रूसी एकदम छूमंतर हो जाएगी और आपके बाल भी मजबूत रहेंगे। तो तो आज हम आपको अपने इस इस आर्टिकल में बताएंगे कि कैसे आसान और घरेलू उपायों की मदद से आप वालों की रूसी को दूर कर सकते हैं। लेकिन इससे पहले जानते हैं कि डैंड्रफ किस कारण से होता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">डैंड्रफ के कारण | Get Rid Of Dandruff</h3>
<p style="text-align:justify;">डैंड्रफ के होने के के कारण हो सकते हैं जिनमें इरिटेटिंग तैलीय त्वचा, शुष्क त्वचा शामिल है। वही डैंड्रफ की समस्या तब भी होती है जब आपके स्कैल्प पर एक तरह का मलसेजिया नाम का फंगस ग्रो लगने लगता है। और इसका परिणाम यह होता है कि स्कैल्प को नुकसान पहुंचता है और यही सूखापन का कारण बनता है डैंड्रफ का एक और प्रकार है। जिसमें आपका स्कैल्प अधिक तेल का उत्पादन शुरू कर देता है, और इसके परिणाम स्वरुप डैंड्रफ आपके बालों को चिपचिपा और तेल बना देता है। वहीं डैंड्रफ के कारण यह भी हो सकते हैं।</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/symptoms-of-high-blood-sugar-in-hindi/">Symptoms of High Blood Sugar: ब्लड शुगर बढ़ने पर शरीर के ये 8 अंग करते हैं इशारा, जानें क्या है शुगर</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“Symptoms of High Blood Sugar: ब्लड शुगर बढ़ने पर शरीर के ये 8 अंग करते हैं इशारा, जानें क्या है शुगर” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/symptoms-of-high-blood-sugar-in-hindi/embed/#?secret=bhvhjpK0jV%23?secret=L2aa7ikbX3" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<p style="text-align:justify;">1. नियमित रूप से बालों में ब्रश ना करना।<br />
2. लगातार नारियल का प्रयोग न करना।<br />
3. तनाव या किसी भी तरह की मानसिक बीमारी होना।<br />
4. सोरायसिस और एक्जिमा जैसी त्वचा की स्थिति होना।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कैसे करें डैंड्रफ की समस्या को दूर</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नीम का तेल:</strong> बालों में बढ़ रही रूसी स्कैल्प पर खुजली का कारण बनने लगती है, और आपके सिर में बहुत खुजली होती है।इस समस्या को दूर करने के लिए आप 8 से 10 नीम की पत्तियों को धोकर पानी में उबाल लें। उबलने के बाद बाद जब पाटन राम हो जाए तो उन्हें पीसकर उनसे एक लेप तैयार कर ले और अब इस लेप को पुरी स्कैल्प पर लगे और 10 से 15 मिनट तक लगा रहने दे।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के लिए बता दें कि इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण बालों में बढ़ने वाले संक्रमण को रोकने में मदद करते हैं। 15 मिनट के बाद आप अपने बालों को साधारण पानी से धो ले। इससे बालों का इन्फेक्शन दूर होने के अलावा बाल मुलायम होने लगेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>टी ट्री ऑयल:</strong> एंटी-बैक्टीरियल और एंटी फंगल प्रापर्टीज से भरपूर टी ट्री ऑयल बालों को हेल्दी और स्कैल्प के नरिशमेंट के लिए फायदेमंद है। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप टी ट्री ऑयल में समान मात्रा में नारियल का तेल मिला दें। इसके बाद इसे रुई की मदद से बालों की जड़ों में अच्छी तरह लगा लें। और हल्के हाथों से मालिश भी करें। इसके बाद इसे 1 घंटे तक बालों में लगा रहने दें और फिर बालों को माइल्ड शैंपू से धो लें। इससे बालों का टैक्स्चर भी इंप्रूव होने लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>रतनजोत:</strong> रतनजोत बालों और स्किन के लिए काभी फायदेमंद है, इसे स्कैल्प पर लगाने से रूसी की समस्या भी हल हो जातीं हैं। इसे बालों में लगाने के लिए 2 चम्मच रतनजोत को नारियल के तेल में डालें। उसके बाद उसमें आधा चम्मच कैस्टर ऑयल और आधा चम्मच मेथीदाना मिलाकर कुछ देर के लिए धूप में रख दें। आप चाहें, तो इन सामग्री को पैन में डालकर कुछ देर के लिए गर्म भी कर सकते हैं। इस तेल को हल्का गुनगुना होने पर बालों की जड़ों में लगाएं और फिर 1 घंटे के बाद अपने बालों को नॉर्मल पानी और शैंपू से धो ले।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/right-time-to-drink-water/">Healthy Tips: खाना खाने से पहले और बाद में कब पीना चाहिए पानी, जानिये …</a></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मोरिंगा पाउडर:</strong> औषधीय गुणों से भरपूर मोरिंगा की पत्तियां, फूल और फल हमारी सेहत से लेकर बालों तक हर चीज के लिए लाभदायक है। दरअसल प्रोटीन से भरपूर मोरिंगा पाउडर में विटामिन, कॉपर और जिंक की मात्रा पाई जाती है। इसे बालों पर लगाने के लिए दो चम्मच मोरिंगा पाउडर लें और समान मात्रा में मेथीदाना पाउडर को भी डालें। अब इसमें एक चम्मच दही और एक चम्मच नारियल का तेल मिलाकर इसका एक पेस्ट बनाकर तैयार कर ले इस पेस्ट को आधे घंटे तक अपने बालों में लगाए रखें और जब यह पूरी तरह से सूख जाए, तो अपने बालों को नॉर्मल पानी से धो लें। इससे रूसी की समस्या तो दूर होगी ही साथ ही बालों में माइश्चर बरकरार रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>लहसुन:</strong> लहसुन में एंटी माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। बता दें कि इससे बालों में मौजूद फंगस दूर होने लगती है। आप 2 से 3 लहसुन की गोलियों को सरसों के तेल में डालकर कुछ देर तक पकाएं और फिर इसमें जैतून का तेल मिला लें। जैतून का तेल भी हमारे बालों के लिए काभी फायदेमंद होता है। जब ये तेल पक जाए तो फिर आप इसे हल्का गुनगुना होने पर बालों में लगा दे और आधे घंटे तक बालों में लगे रहने दे। इससे बालों में मौजूद रूसी और रूखे स्कैल्प की समस्या खुद-ब-खुद समाप्त होने लगती है। आप इस तेल को सप्ताह में दो बार लगा सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बालों से रूसी गायब करने के अन्य घरेलू उपाय</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">चार चम्मच खसखस दूध में पीसकर बालों की जड़ों में लगा ले और इसे लगाने के आधे घंटे बाद सिर धो ले, बाल धोने में शैंपू का इस्तेमाल करें। आप इस उपाय को सप्ताह में दो बार कर सकते हैं</li>
<li style="text-align:justify;">एक बड़े चम्मच बेसन ले और एक बड़े गिलास में पानी लेकर इस बेसन को उसमें घोलकर बालों में मलें और फिर बाल धो लें, इससे डैंड्रफ की समस्या खत्म हो जाएगी।</li>
<li style="text-align:justify;">रात को अरहर की दाल छिलके समेत पानी में भिगो दें और सुबह इसे पीसकर सिर में लगा ले। इसके आधे घंटे बाद आप अपना सिर धो लें। फिर गीले बालों में ही कंघी कर लें।</li>
<li style="text-align:justify;">सप्ताह में दो बार दही से बाल धोने पर भी डैंड्रफ की समस्या दूर हो जाती है।</li>
<li style="text-align:justify;">चकुंदर के पत्तों को पानी में उबालकर सिर धोने से भी बालों से डेंड्रफ की समस्या दूर हो जाती है।</li>
<li style="text-align:justify;">रिठे से सिर धोने पर भी डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा मिल जाता है।</li>
<li style="text-align:justify;">आप नारियल के तेल में कपूर मिलाकर उसे अच्छे से सिर और बालों में लगाए, इससे भी डैंड्रफ की समस्या दूर होती है</li>
<li style="text-align:justify;">आप नींबू के रस को बालों में लगे और कुछ समय बाद सिर धो ले।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">इन बातों का रखें खास ख्याल</h3>
<p style="text-align:justify;">बालों को धोने के बाद साफ कंघी या हेयर ब्रश का इस्तेमाल करें। इसके अलावा आप अपना हेयर ब्रश किसी के साथ भी शेयर न करें। आप हमेशा बाल धोने के लिए कैमिकल मुक्त शैम्पू का ही प्रयोग करें। साथ ही शैंपू को रोजाना इस्तेमाल करने से बचें। इससे भी रूखे स्कैल्प की समस्या बढ़ जाती है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/if-you-are-troubled-by-the-problem-of-dandruff-then-follow-these-home-remedies-dandruff-will-disappear/article-51107</link>
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                <pubDate>Sat, 12 Aug 2023 11:39:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>20 रुपये वाली पानी की बोतल की अनसुनी कहानी, असली कीमत जानकर होगी बड़ी हैरानी!</title>
                                    <description><![CDATA[Drinking Water: आजकल ज्यादातर देखने में आता है कि जब भी आप घर से बाहर जाते हैं तो आपको प्यास सताने लगती है और गर्मियों में तो खासकर। आप क्या करोगे कि तुरंत किसी दुकान पर जाओगे और बोतलबंद पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझाओगे। लेकिन क्या कभी आपने सोचा भी है कि यह पानी कितना […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/you-will-be-surprised-to-know-the-real-cost-of-a-water-bottle/article-49768"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/drinking-water-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Drinking Water: आजकल ज्यादातर देखने में आता है कि जब भी आप घर से बाहर जाते हैं तो आपको प्यास सताने लगती है और गर्मियों में तो खासकर। आप क्या करोगे कि तुरंत किसी दुकान पर जाओगे और बोतलबंद पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझाओगे। लेकिन क्या कभी आपने सोचा भी है कि यह पानी कितना शुद्ध होता है और उस पानी की बोतल की कीमत कितनी होती है। Actual Price Of Water Bottle</p>
<p style="text-align:justify;">देखने में आ रहा है कि पिछले कई सालों से भारत में बोतलबंद पानी की डिमांड बढ़ती जा रही है। लोग समझते हैं कि यह पानी शुद्ध होता है, लेकिन क्या ऐसा सच में है…? आज हम आपको इसी बोतलबंद पानी की कहानी बताने जा रहे हैं जिसको जानकार शायद आपको हैरानी भी हो। आमतौर पर आपको बाजार में 20 रुपये में 1 लीटर पानी की बोतल मिल जाती है। अब सवाल यह उठता है कि क्या वाकई उस पानी की बोतल की कीमत 20 रुपये है और वह उतना शुद्ध भी है जितना हम उसे मानते हैं?</p>
<h3 style="text-align:justify;">आइये जानते हैं:- | Drinking Water</h3>
<p style="text-align:justify;">आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बाजार में विभिन्न प्रकार के बोतलबंद पानी मिलते हैं, जिनके बारे में आप शायद अनजान हों। आज हम आपको उन्हीं के बारे में बताने जा रहे हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>Purified Water:</strong> यह नल का पानी कई प्रक्रियाओं से गुजारकर शुद्ध किया जाता है, जिसमें कार्बन फिल्ट्रेशन और रिवर्स आॅस्मोसिस जैसी तकनीकें शामिल होती हैं। बता दें कि यह पानी शुद्ध तो हो जाता है लेकिन इस प्रक्रिया से पानी में से अधिकांश मिनरल्स निकल जाते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>Distilled Water</strong>: ऐसा पानी जो छोटे उपकरणों में इस्तेमाल के लिए अच्छा माना जाता है। इस पानी में से भी अधिकांश मिनरल्स निकल जाते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>Spring Water:</strong> अन्य सभी प्रकार का पानी, चाहे वह ट्रीटेड हो या न हो, स्प्रिंग वॉटर श्रेणी में आता है। नेचुरल रिसोर्स डिफेंस कॉउंसिल की मानें तो ऐसे पानी में मिनरल्स की कमी और कई सामान्य समस्याएं हो सकती हैं। काउंसिल के अनुसार प्यूरिफाइड और डिस्टिल्ड पानी को हम स्वास्थ्यवर्धक और शुद्ध मान सकते हंै, लेकिन ऐसा हमेशा सत्य नहीं होता।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">सबसे बड़ी बात तो यह है कि बोतल के पानी को सुरक्षित इसलिए माना जाता है क्योंकि इसकी आप कीमत चुकाते हैं। बोतलबंद पानी की मांग देश में लगातार बढ़ रही है, लेकिन साथ ही मिलावट भी बढ़ रही है। हम बोतलबंद पानी के लिए बहुत अधिक कीमत चुका रहे हैं जबकि हमें नल से प्राप्त होने वाला पानी मुफ्त मिल जाता है। विभिन्न पानी के ब्रांड की कीमतें अलग-अलग होती हैं। Drinking Water</p>
<p style="text-align:justify;">आमतौर पर देश में एक लीटर बोतलबंद पानी की कीमत लगभग 20 रुपये होती है। यह नल से प्राप्त होने वाले पानी से लगभग 10,000 गुना महंगा होता है। एक अर्थशास्त्री के अनुसार, आधा लीटर बोतलबंद पानी की कीमत उतनी होती है, जितना पानी हम खाना पकाने, बर्तन धोने और नहाने में इस्तेमाल करते हैं, बल्कि उसकी कीमत से भी बहुत ज्यादा होती है। इसके पीछे का गणित समझें तो थोक में प्लास्टिक की बोतल की कीमत 80 पैसे होती है, एक लीटर पानी की कीमत 1.2 रुपये, पानी को विभिन्न प्रक्रियाओं से गुजारने की लागत 3.40 रुपये/बोतल लगा लो।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा अतिरिक्त व्यय के रूप में 1 रुपये का खर्च और जोड़ लो। इस प्रकार बोतलबंद पानी की एक बोतल की कुल लागत 6 रुपये 40 पैसे होती है। इसका मतलब है कि हम 7 रुपये के लिए 20 या उससे भी अधिक रुपये खर्च कर रहे हैं। इतने पैसे खर्च करने के बावजूद भी, जरा सोचकर देखो कि क्या आप सुरक्षित हैं और यदि हां, तो कितने सुरक्षित हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">बहुत सारी संस्थाएं जोकि पर्यावरण पर शोध करती हैं, ये मानती हैं कि पानी के महंगे ब्रांड को खरीदना पानी की शुद्धता से संबंधित नहीं है। बल्कि, प्लास्टिक की बोतल पानी की शुद्धता से संबंधित है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भी सरकार ने कुछ साल पहले एक सर्वे के दौरान बताया था कि साल 2014-15 में भारत सरकार ने बोतलबंद पानी पर गुणवत्ता की जांच की थी, और उसमें से आधे से ज्यादा की प्रामाणिकता कमजोर थी। Drinking Water</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले दो-तीन दशकों में भारत में बोतलबंद पानी की मांग तेजी से बढ़ी है। अब हर जगह लोग होटलों और यात्राओं में इसे अधिक पी रहे हैं। पश्चिमी देशों में बोतलबंद पानी की शुरूआत 19वीं सदी में हुई, हालांकि भारत में यह 70 के दशक में आया और टूरिज्म के साथ-साथ बढ़ता रहा है। यूरोमॉनिटर के अनुसार, भारत में आजकल 5,000 से अधिक निर्माता हैं, जिनके पास ब्यूरो आॅफ इंडियन स्टैंडर्ड लाइसेंस है। Drinking Water</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Artificial Intelligence: अब बूढ़े नहीं होंगे लोग, एआई कर रही ऐसा प्रयोग !" href="http://10.0.0.122:1245/now-people-will-not-grow-old-ai-is-doing-such-an-experiment/">Artificial Intelligence: अब बूढ़े नहीं होंगे लोग, एआई कर रही ऐसा प्रयोग !</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Jul 2023 16:44:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>Health : स्वास्थ्य पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों का हमला</title>
                                    <description><![CDATA[बहुराष्ट्रीय कंपनियों के खाद्य पदार्थ एवं डिब्बाबन्द उत्पादों के सेहत (Health) पर पड़ने वाले घातक प्रभावों पर दशकों से विमर्श होता रहा है, लेकिन जैसे-जैसे मर्ज की दवा की रोग बढ़ता गया, वाली स्थिति देखने को मिल रही है। अब जाकर विभिन्न शोधों के निष्कर्षों के आधार पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने खाद्य पदार्थों व […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/attack-of-multinational-companies-on-health/article-49644"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/health.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बहुराष्ट्रीय कंपनियों के खाद्य पदार्थ एवं डिब्बाबन्द उत्पादों के सेहत (Health) पर पड़ने वाले घातक प्रभावों पर दशकों से विमर्श होता रहा है, लेकिन जैसे-जैसे मर्ज की दवा की रोग बढ़ता गया, वाली स्थिति देखने को मिल रही है। अब जाकर विभिन्न शोधों के निष्कर्षों के आधार पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने खाद्य पदार्थों व पेय पदार्थों में मिलाए जाने वाली कृत्रिम मिठास को कैंसर को बढ़ाने वाला कारक माना है। बात केवल कृत्रिम मिठास की नहीं है, तरह-तरह से भारतीय भोजन के स्वास्थ्यवर्द्धक कारणों को कुचलने एवं स्वास्थ्य पर हो रहे जानलेवा हमलों की भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) ने हाल ही में अपने एक अध्ययन में बताया कि (Multinational Companies) बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा बेची जाने वाली कुछ स्वादिष्ट खाद्य सामग्रियों में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व हैं। इसकी तीखी प्रतिक्रिया हुई। चाय और भुजिया, कोल्ड ड्रिंक्स और समोसा और नान का मजा लेने वाले भारतीयों में बहस छिड़ गई है कि आखिर यह कैसे नुकसानदेह साबित हो सकता है। भारत में नेस्ले कम्पनी द्वारा बनाई जाने वाली मैगी पर गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल भी हैरान करने वाले हैं। Artical Hindi</p>
<p style="text-align:justify;">मिलावट वाले खाद्य पदार्थ एवं डिब्बाबन्द उत्पादों के बढ़ते प्रचलन से देश के लोगों का स्वास्थ्य दांव पर लगा है, लेकिन उन पर नियंत्रण की कोई स्थिति बनती हुई नहीं दिख रही है। विदेशी पूंजी एवं रोजगार की आड़ लेकर इन कम्पनियों की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं, गलत हरकतों एवं स्वास्थ्य को चौपट करने वाली स्थितियों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। देश में गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ ही लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं, इसके लिये सख्त कानून के साथ ही राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखानी होगी। Multinational Companies</p>
<p style="text-align:justify;">बहुराष्ट्रीय कंपनियों के खाद्य उत्पादों से अस्वास्थ्य एक व्यापक समस्या बन गई है। शिक्षित-अशिक्षित, गरीब-अमीर, स़्त्री-पुरुष, युवा-प्रौढ़ सभी इन उत्पादों के आदी होकर परेशान हैं। इनके अधिक सेवन के कारण सबको किसी-न-किसी बीमारी की शिकायत है। चारों ओर बीमारियों का दुर्भेद्य घेरा है। निरन्तर बढ़ती हुई बीमारियों का प्रमुख कारण बहुराष्ट्रीय कंपनियों के खाद्य उत्पादों का भारतीय भोजन में शामिल होना है। इन बीमारियों को रोकने के लिये नई-नई चिकित्सा पद्धतियां एवं आविष्कार असफल हो रहे हैं। जैसे-जैसे विज्ञान रोग प्रतिरोधक औषधियों का निर्माण करता है, वैसे-वैसे बीमारियां नये रूप, नये नाम और नये परिवेश में प्रस्तुत हो रही हैं, इन बढ़ती हुई बीमारियों का कारण जंक फूड, डिब्बा बन्द उत्पाद एवं कृत्रिम मिठास है। जांच एजेंसियों की लापरवाही, संसाधनों के अभाव, भ्रष्टाचार, केन्द्र-राज्य सहयोग का अभाव और लचर दंड-व्यवस्था का खामियाजा उपभोक्ताओं को अपने स्वास्थ्य को खतरे में डालकर चुकाना पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">दुनिया में बहुराष्ट्रीय शीतल पेय कंपनियों के पेय, सोडा, च्यूइंग गम आदि पदार्थों में कृत्रिम मिठास का धड़ल्ले से प्रयोग किया जाता है। दरअसल, मनुष्य पर कैंसरकारक असर के बाबत अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी आईएआरसी और विश्व स्वास्थ्य संगठन के कैंसर अनुसंधान प्रभाग के अध्ययन का हवाला दिया गया है। निस्संदेह, इन निष्कर्षों ने दुनियाभर के उपभोक्ताओं की चिंताओं को बढ़ा दिया है, जो लंबे समय से इन उत्पादों के सेवन को लेकर दुविधा में थे। विशेषज्ञों ने उस पुरानी दलील को तरजीह नहीं दी कि एक सीमित मात्रा में कृत्रिम मिठास से बने उत्पाद घातक नहीं होते और इनका उपयोग किया जा सकता है। निश्चित ही बहुराष्ट्रीय कम्पनियां अपने मुनाफे के लिये लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रही है, बावजूद इसके दुनिया के शक्तिशाली देशों में प्रभावी इन कंपनियों के खिलाफ कोई भी बात नक्कारखाने में तूती की आवाज बनकर रह जाती थी। भारत में भी ऐसी कम्पनियां तेजी से पांव पसार रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय परिवारों में इंस्टैंट नूडल्स, आलू की चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स ने कहर बरपाया है, ये तमाम खाद्य एवं पेय उत्पाद भले ही जायकेदार होते हैं लेकिन इनका सेवन स्वास्थ्य को चौपट कर रहा है। इनका प्रचलन बढ़ता जा रहा है, आखिर क्यों न बढ़े, हमारे तमाम बड़े सुपरस्टार्स उनका विज्ञापन जो करते हैं। आखिर, कोई ऐसा उत्पाद हानिकारक कैसे हो सकता है, जिसके विज्ञापन में किसी प्यारे-से बच्चे की आवाज सुनाई देती हो या जिनमें ‘अपने ग्रैंडपैरेंट्स से प्यार करो’ ‘कुछ मीठा हो जाए’ जैसे विज्ञापन जन्मदिन से लेकर शादी तक हर अवसर के लिये पसरे हैं, जो भावनात्मक मूल्यों से खिलवाड़ करते हैं। यदि हम इन विज्ञापनों पर भरोसा करें तो पाएंगे कि कैडबरी, चिप्स और कोला का सेवन करने वाले लोग साधारण लोगों की तुलना में ज्यादा प्रेमपूर्ण, सभ्य, आधुनिक व संवेदनशील होते हैं और बर्गर और पिज्जा के कारण आप बेहतर दोस्त साबित हो सकते हैं। तो आखिर माजरा क्या है? कैडबरी ने तो भारतीय देशी मिठाइयों के भविष्य को ही धुंधला दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य स्थितियां बेहद चिंताजनक हैं। भारतीय मध्यम वर्ग की डाइट बद से बदतर होती जा रही है। जैसे-जैसे मध्यम वर्ग की आमदनी और व्ययशीलता बढ़ती जा रही है, उसे अपने शरीर में कैलोरीज की मात्रा बढ़ाने के और मौके मिल रहे हैं। यूं भी भारतीय परंपरागत रूप से भोजनप्रेमी होते हैं। ऐसे में अगर जायकेदार लेकिन सस्ते खाद्य पदार्थ आसानी से मुहैया हों तो क्या कहने। भले ही यह जायका जहरीला हो। इसी में जागरूकता की कमी और अनैतिक विज्ञापन संस्कृति को भी जोड़ लें तो हम पाएंगे कि हम भयावह स्थिति की ओर बढ़े चले जा रहे हैं। यह जांचने के लिए हमें किसी लैबोरेटरी स्टडी की जरूरत नहीं है कि हम जो खा रहे हैं, उनमें से कुछ चीजें हमारी सेहत के लिए वाकई नुकसानदेह हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एक ज्यूस ब्रांड ऐसा आमरस बेचता है, जिसके हर गिलास में आठ चम्मच शकर हो सकती है। इंस्टैंट नूडल्स का एक पैक अशुद्ध और अपरिष्कृत स्टार्च से बढ़कर कुछ नहीं होता। बच्चों को दूध के साथ पिलाए जाने वाले जौ निर्मित तथाकथित पोषक आहार शकर से भरे होते हैं। नाश्ते में जो महंगे खाद्य पदार्थ लिए जाते हैं, उनकी हेल्थ वैल्यू एक मामूली रोटी जितनी भी नहीं होती। तली हुई आलू की चिप्सें और पेटीज बर्गर निश्चित ही सेहतमंद चीजें नहीं हैं। इसके बावजूद इन उत्पादों के निमार्ता ब्रांड टीवी पर विज्ञापन के लिए करोड़ों रुपए खर्च करते हैं ताकि हमारे मन में इन उत्पादों के प्रति चाह जगाई जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">इन उत्पादों के कारण हमारा वजन बढ़ रहा है, तनाव एवं अवसाद में जी रहे हैं, मधुमेह के रोगी चरम पर पहुंच रहे हैं, हृदयरोग के आंकडेÞ भी इन खाद्य पदार्थों के बढ़ते प्रचलन के कारण चौंकाने वाले हैं। निश्चित रूप से पूरी दुनिया में घातक कृत्रिम मिठास, डिब्बा बन्द उत्पाद एवं जंक फूड के दुष्प्रभावों को लेकर नये सिरे से बहस का आगाज होगा। सवाल केवल बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों का ही नहीं है, जिन मिठाइयों और नमकीन को हम अपनी परंपरागत विरासत का एक हिस्सा समझते हैं, घरों और रेस्तरांओं में जिस तरह का फॉस्ट फूड परोसा जाता है, रेलवे स्टेशनों पर जिस तरह के समोसे और पकौड़े बेचे जाते हैं, वे सभी हमारे लिए नुकसानदेह हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन न तो सरकार, न ये कंपनियां और न ही हम इसे लेकर चिंतित हैं। हो सकता है आने वाले कुछ सालों में हमें इसकी कीमत चुकानी पड़े। आज हम जिस समृद्धि पर गर्व करते हैं, वही हमारे लिए महंगा सौदा साबित हो सकती है। जिन लोगों के पास खाने को कुछ नहीं है, वे भोजन को बुनियादी जरूरत मानते हैं, लेकिन जिनके सामने भरण-पोषण की कोई समस्या नहीं है, वे इसे आनंद का एक और माध्यम मानते हैं। अलबत्ता अति हर चीज की बुरी है। हमें बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर लगाम कसने की जरूरत है, क्योंकि लगता नहीं कि वे अपने उत्पादों में पौष्टिकता परोसती हैं या विज्ञापनों में किसी तरह की नैतिकता का निर्वाह करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि वे कोई ऐसी चीज बेच रही हैं, जिसके दीर्घकालिक परिणाम घातक हो सकते हैं तो उन्हें इसका खुलासा करना चाहिए। जंक बेचने वाली कंपनियों से हमारे बच्चों की रक्षा की जानी चाहिए। विज्ञापनों को नियम-कायदों के दायरे में लाया जाना चाहिए। भोजन में जहर परोसने वाले देश के लोगों के लिये एक बड़ा खतरा है, इस खतरे से लोगों को बचाने के लिये महज व्यावसायिक या व्यवस्थागत समस्या मान कर समाधान करना उचित नहीं है, बल्कि कठोर एवं निष्पक्ष कानून व्यवस्था बननी चाहिए। बहरहाल, इस मुद्दे को दुनिया में नया विमर्श मिलना तय है। जन स्वास्थ्य की दृष्टि से यह कदम जरूरी भी है।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>ललित गर्ग, वरिष्ठ लेखक एवं स्वतंत्र टिप्पणीकार (ये लेखक के अपने निजी विचार हैं)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Tomato Price Hike : टमाटर के बढ़ते दाम और गड़बड़ाता मौसम" href="http://10.0.0.122:1245/rising-prices-of-tomatoes-and-bad-weather/">Tomato Price Hike : टमाटर के बढ़ते दाम और गड़बड़ाता मौसम</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Jul 2023 10:52:25 +0530</pubDate>
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                <title>इन चीजों को दोबारा गर्म करके ना खाना, वर्ना पड़ेगा भुगतना बड़ा हर्जाना, पड़ सकता है डॉ के पास जाना</title>
                                    <description><![CDATA[आज हर इंसान चाहता है कि मैं स्वस्थ रहूँ, कभी बीमार न पडूं और इसके लिए वह (Reheat Food) अच्छे से अच्छा और ताजा भोजन खाना पसंद करता है लेकिन बहुत से लोगों को मजबूरीवश घर में बासी भोजन खाने के लिए विवश होना पड़ता है क्योंकि रात को कोई चीज जब ज्यादा बन जाती […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/do-not-reheat-food/article-47400"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/reheat-food-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आज हर इंसान चाहता है कि मैं स्वस्थ रहूँ, कभी बीमार न पडूं और इसके लिए वह (Reheat Food) अच्छे से अच्छा और ताजा भोजन खाना पसंद करता है लेकिन बहुत से लोगों को मजबूरीवश घर में बासी भोजन खाने के लिए विवश होना पड़ता है क्योंकि रात को कोई चीज जब ज्यादा बन जाती है तो उसको फेंका नहीं जाता और सोचते हैं कि फेंक दिया तो खराब जाएगा इसलिए वे उस बासी भोजन को सुबह गर्म करके खा लेते हैं, जोकि सरासर गलत है। ऐसा भोजन खाना तब तक सही रहता है, जब तक कि उसका रंग रूप, स्वाद और बनावट में कोई बदलाव न हो। मगर सभी खाद्य पदार्थ ऐसे नहीं होते जिन्हें दोबारा गर्म करके खाया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं, जिनको दोबारा गर्म करने से वो विषाक्त और रोग पैदा करने वाले बन जाते हैं और जिनके सेवन से आप बीमार पड़ सकते हैं तथा कई प्रकार की शारीरिक समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। आइये जानते हैं कुछ ऐसे भोजन के बारे में जिनको दोबारा गर्म करके खाना हानिकारक हो सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आलू करता कई बीमारियों को चालू | Reheat Food</h3>
<p style="text-align:justify;">आपको पता होना चाहिए कि आलू से बने भोजन को दोबारा गर्म करने से कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। क्योंकि आलू को रूम टेम्प्रेचर पर स्टोर किया जाता है। आलू को दोबारा गर्म करने से इसमें क्लोस्ट्रीडियम बॉटुलिनम बैक्टीरिया विकसित होने लगता है, जिसकी वजह से बोटुलिज्म बीमारी हो सकती है। यह बीमारी रीढ़ की हड्डी, नसों और मस्तिष्क पर अटैक करती है और पैरालिसिस का कारण बन सकती है। अगर दूध, क्रीम और मक्खन जैसे जल्दी खराब होने वाले फूड आइटम्स में आलू को मिलाया गया है तो इससे बीमार पड़ने का ज्यादा खतरा बढ़ सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पालक बिगाड़े शरीर की हालत</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर पालक को सही तरीके से दोबारा गर्म न किया जाए तो ये लिस्टेरियोसिस रोग को ट्रिगर कर सकता है, जो लिस्टेरिया मोनोसाइटोजेन्स बैक्टीरिया की वजह से होता है। लिस्टेरियोसिस एक तरह का इन्फेक्शन है, जो गर्दन में अकड़न, बुखार, सिरदर्द और कभी-कभी दौरे का कारण बन सकता है। ये बैक्टीरिया खाने की चीजों में मौजूद रहता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">चावल करते प्रतिरोधी गर्मी को घायल</h3>
<p style="text-align:justify;">बचे हुए चावल को अक्सर लोग गर्म करके खाते हैं। मगर आपको बता दें कि आलू और पालक की तरह ही चावल को भी दोबारा गर्म करके खाने से बचना चाहिए। क्योंकि चावल में छिद्र होते हैं, जो हीट रेजिस्टेंट होते हैं और रोगजनकों के पैदा होने का कारण बनते हैं।</p>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 May 2023 16:23:47 +0530</pubDate>
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