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                <title>Lakhimpur Kheri - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>लखीमपुर खीरी हिंसा: मुख्य गवाह व उसके भाई पर तलवार से हमला</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के चर्चित लमीखमपुर खीरी हिंसा केस में मुख्य गवाह प्रभजोत सिंह और उसके छोटे भाई सर्वजीत सिंह पर शनिवार रात तलवार से हमला किया गया। सर्वजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसके सिर में कई टांके आए है। आशीष मिश्रा पर लगाया आरोप प्रभजोत का दावा है कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/lakhimpur-kheri-violence-main-witness-and-his-brother-attacked-with-sword/article-40821"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/attack.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> उत्तर प्रदेश के चर्चित लमीखमपुर खीरी हिंसा केस में मुख्य गवाह प्रभजोत सिंह और उसके छोटे भाई सर्वजीत सिंह पर शनिवार रात तलवार से हमला किया गया। सर्वजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसके सिर में कई टांके आए है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आशीष मिश्रा पर लगाया आरोप</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">प्रभजोत का दावा है कि केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के सुपुत्र आशीष मिश्रा के करीबियों ने मेरे पर हमला किया है। प्रभजोत ने हमले की शिकायत तिकुनिया थाने में की है। इसमें आशीष मिश्रा का भी नाम लिखाया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>घटनाक्रम पर एसपी का बयान</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">उधर, एसपी संजीव सुमन ने कहा कि यह साफ तौर पर दो गुटों के बीच आपसी रंजिश का केस है। इस घटना का लखीमपुर खीरी केस से कोई लेना देना नहीं है। तिकुनिया थाने में शिकायत दर्ज कर ली गई है। घायल का इलाज भी कराया गया है। मामले की जांच जारी है।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 Dec 2022 10:30:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Lakhimpur Kheri : 2 बहनों की संदिग्ध मौत, मां बोली दुराचार के बाद मारा, एनकाउंटर में एक आरोपी को लगी गोली</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ से भेजे गये अधिकारी लखीमपुर/लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बुधवार को दो सगी बहनों के शव एक पेड़ से लटके मिलने की वारदात पर राज्य सरकार ने संज्ञान लेकर इस सनसनीखेज मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिये पुलिस के आला अधिकारियों को लखनऊ से देर शाम लखीमपुर (Lakhimpur […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/2-girls-found-hanging-in-lakhimpur-kheri/article-37798"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/crime.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>लखनऊ से भेजे गये अधिकारी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर/लखनऊ (एजेंसी)।</strong> उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बुधवार को दो सगी बहनों के शव एक पेड़ से लटके मिलने की वारदात पर राज्य सरकार ने संज्ञान लेकर इस सनसनीखेज मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिये पुलिस के आला अधिकारियों को लखनऊ से देर शाम लखीमपुर (Lakhimpur Kheri) के लिये रवाना किया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिले के निघासन कोतवाली क्षेत्र में अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाली दो नाबालिग सगी बहनों के शव एक खेत में पेड़ से लटके मिले। पीड़ित परिवार का आरोप है कि दोनों बहनों का तीन युवकों ने दिन दहाड़े अपहरण कर लिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">आशंका जताई जा रही है कि दोनों बहनों के साथ दुराचार कर इनकी हत्या कर शव पेड़ से लटका दिये गये। राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि इस घटना पर तत्काल संज्ञान लेकर वारदात की जांच के लिए लखनऊ से अफसरों को लखीमपुर भेजा गया है। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के हवाले से कुमार ने एक संक्षिप्त टिप्पणी में कहा कि मृतक किशोरियों के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह को मौके पर भेजा गया है। मृतकों के परिजनों की शिकायत पर इस घटना की एफआईआर दर्ज कर ली गयी है। उधर इस मामले में लखीमपुर खीरी के एसपी ने बताया कि जुनैद, सुहेल, हाफिजुर रहमान व जुनैद को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>अब तक अपडेट | Lakhimpur Kheri</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>बहनों का तीन युवकों ने दिन दहाड़े अपहरण कर लिया था।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>पूरे मामले में 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>आरोपियों की गिरफ्तार हो चुकी है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>आरोपियों ने मिलकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश कर लड़की को फंदे में डाल कर हत्या की।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मुख्य आरोपी छोटू उनके पास के ही रहने वाले हैं।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>आरोपियों ने नाबालिक लड़कियों के साथ दुराचार किया।</strong></li>
</ul>
<h4><strong>उप्र में महिलाओं पर नहीं थम रही है अत्याचार की घटनाएं : प्रियंका</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस की उत्तर प्रदेश की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार के मामले थम नहीं रहे हैं और राज्य सरकार इस मामले में असहाय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के साथ अत्याचार का ताजा मामला खीरी लखीमपुर का है जहां एक दलित परिवार की दो बहनों की हत्या का मामला सामने आया है। परिजनों का कहना है कि दोनों बहनों के शव मिलने से पहले उनका दिनदहाड़े अपहरण किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती वाड्रा ने ट्वीट कर कहा,‘लखीमपुर (उत्तर प्रदेश) में दो बहनों की हत्या की घटना दिल दहलाने वाली है। परिजनों का कहना है कि उन लड़कियों का दिनदहाड़े अपहरण किया गया था। उन्होंने प्रदेश की योगी सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर हमला करते हुए कहा, ‘रोज अखबारों व टीवी में झूठे विज्ञापन देने से कानून व्यवस्था अच्छी नहीं हो जाती।आखिर उप्र में महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध क्यों बढ़ते जा रहे हैं। कब जागेगी सरकार। इसके साथ ही उन्होंने एक अखबार में छपी खबर ह्ललखीमपुर खीरी : पेड़ से लटका मिला दो दलित बहनों का शव, तीन युवकों ने किया था अगवा।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/abhinandan-nanhi-pari-scheme/"><strong>यह भी पढ़ें – बेटियों के जन्म पर दिए जाएंगे 1100 रुपए</strong></a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Sep 2022 10:33:27 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर हिंसाः मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से नये सिरे से विचार करने को कहा</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पुत्र एवं लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से मिली जमानत सोमवार को रद्द करते हुए उसे (आशीष को) एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमन, न्यायमूर्ति सूर्य कांत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/lakhimpur-kheri-violence-case-main-accused-ashish-mishra-bail-canceled/article-32484"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-04/ashish-mishra.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पुत्र एवं लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से मिली जमानत सोमवार को रद्द करते हुए उसे (आशीष को) एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमन, न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने आशीष की जमानत रद्द करने तथा उसे आत्मसमर्पण करने का आदेश देने के साथ ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय से कहा कि वह नये सिरे से विचार करे कि उसे (आशीष को) जमानत दी जानी चाहिए या नहीं। पीठ ने जमानत रद्द करने का आदेश पारित करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय ने कई अप्रासंगिक तथ्यों पर विचार किया और जल्दबाजी में अपना फैसला लिया। पीड़ितों को प्रथम दृष्टया आरोपी की जमानत याचिका का विरोध करने के लिए पर्याप्त समय दिए बिना ही अपना आदेश पारित कर दिया। पीठ ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चार अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एक कार्यक्रम का विरोध करने के दौरान हिंसक घटनाएं हुई थी। इस हिंसा में केंद्र के तत्कालीन तीन कृषि कानूनों (अब रद्द कर दिए गए) के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन कर रहे चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गयी थी। मामले के मुख्य आरोपी आशीष को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 10 फरवरी को जमानत दी थी। पुलिस ने आशीष को नौ अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। जमानत के खिलाफ मृतक किसानों के परिजनों एवं अन्य ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। जमानत रद्द करने की मांग वाली उन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान पीठ ने जमानत के ‘आधार’ पर कई सवाल खड़े किए थे। शीर्ष अदालत द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने उत्तर प्रदेश सरकार को आशीष की जमानत के खिलाफ अपील करने की सिफारिश की थी, लेकिन सरकार ने उसे नजरअंदाज कर दिया था। एसआईटी ने 30 मार्च को उच्चतम न्यायालय को बताया कि उसने मुख्य आरोपी की जमानत के खिलाफ अपील दायर करने के संबंध में प्रदेश सरकार से सिफारिश की थी।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Mon, 18 Apr 2022 12:40:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>लखीमपुर हिंसा : सुप्रीम कोर्ट का आशीष की जमानत रद्द करने की याचिका पर फैसला सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पुत्र एवं लखीमपुर खीरी हिंसा मामले मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की इलाहाबाद उच्च न्यायालय से मिली जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं पर सोमवार को फैसला सुरक्षित रखा। मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमना और न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/lakhimpur-violence-supreme-court-reserves-its-verdict-on-ashishs-plea-for-cancellation-of-bail/article-32056"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-04/supreme-court-of-india-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पुत्र एवं लखीमपुर खीरी हिंसा मामले मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की इलाहाबाद उच्च न्यायालय से मिली जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं पर सोमवार को फैसला सुरक्षित रखा। मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमना और न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति रमना ने उत्तर प्रदेश सरकार और मृतक किसानों के परिजनों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि हम इस पर फैसला सुनाएंगे। राज्य सरकार का पक्ष रख रहे वकील महेश जेठमलानी ने पीठ के समक्ष दलील देते हुए कहा कि मामले से संबंधित गवाहों को पूरी सुरक्षा प्रदान की जा रही है, किसी को कोई खतरा नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि हिंसा मामले में शीर्ष अदालत की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गवाहों पर खतरे की आशंका के कारण आशीष को उच्च न्यायालय से मिली जमानत के खिलाफ अपील दायर करने की सिफारिश की थी। लेकिन राज्य सरकार का कहना है कि सभी गवाहों को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जा रही है। सरकार एसआईटी के विचार से सहमत नहीं हुई। जमानत का विरोध कर रहे कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने गवाहों को धमकी दिए जाने के मुद्दे को जोर-शोर से पीठ के समक्ष उठाया। उन्होंने कहा कि एक गवाह को भारतीय जनता पार्टी के राज्य में सत्ता में लौटने का जिक्र करते हुए धमकी दी गई।</p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Mon, 04 Apr 2022 15:29:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर खीरी हिंसा मामला: आशीष मिश्रा की जमानत रद्द याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को भेजा नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। लखीमपुर खीरी हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस भेजा है। सुप्रीम कोर्ट ने दिया उप्र सरकार को लखीमपुर खीरी मामले के गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया, अब इस मामले में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/lakhimpur-kheri-violence-case-supreme-court-sends-notice-to-up-government-on-ashish-mishra-bail-cancellation-plea/article-31545"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/supreme-court-of-india2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> लखीमपुर खीरी हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस भेजा है। सुप्रीम कोर्ट ने दिया उप्र सरकार को लखीमपुर खीरी मामले के गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया, अब इस मामले में अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्या है किसानों का दावा:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">किसानों के परिजनों की याचिका में दावा किया गया है कि उन्हें कई आवश्यक दस्तावेज उच्च न्यायालय के संज्ञान में लाने से रोका गया था। उनके वकील को 18 जनवरी 2022 को वर्चुअल सुनवाई से तकनीकी कारणों से ‘डिस्कनेक्ट’ कर दिया गया तथा इस संबंध में अदालत के कर्मचारियों को बार-बार फोन कर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन कॉल कनेक्ट नहीं हो पाया था। इस तरह से मृतक किसानों के परिजनों की याचिका प्रभावी सुनवाई किए बिना खारिज कर दी गई थी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>जानें, याचिका में क्या है</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">जगजीत सिंह के नेतृत्व में दायर याचिका में कहा गया है कि शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाने की वजहों में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आशीष की जमानत के खिलाफ अपील दायर नहीं करना भी एक कारण है। याचिकाकतार्ओं का कहना है कि उत्तर प्रदेश में उसी दल की सरकार है, जिस दल कि सरकार में आरोपी आशीष के पिता अजय मिश्रा केंद्र में राज्य मंत्री हैं। शायद इसी वजह से उत्तर प्रदेश सरकार ने आशीष की जमानत के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दायर नहीं की थी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उच्च न्यायालय अपराध की जघन्य प्रकृति पर विचार करने में विफल रहा। उनका कहना है कि गवाहों के संदर्भ में आरोपी की स्थिति उसके न्याय से भागने, अपराध को दोहराने, गवाहों के साथ छेड़छाड़ और न्याय के रास्ते में बाधा डालने की संभावनाओं से भरा पड़ा है। आशीष को उत्तर प्रदेश पुलिस ने पिछले साल नौ अक्टूबर को तीन अक्टूबर की हिंसक घटना से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। फरवरी में वह जमानत पर जेल से रिहा कर दिया गया। तीन अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के लखीमपुर खीरी के एक कार्यक्रम का विरोध करने के लिए दौरान हिंसक घटनाएं हुई थी। ये किसान केंद्र के तत्कालीन तीन कृषि कानूनों (अब रद्द कर दिए गए) के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Mar 2022 11:44:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर खीरी कांड के आरोपी आशीष मिश्र की जमानत मंजूर</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ (एजेंसी)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने वीरवार को लखीमपुर खीरी कांड के आरोपी आशीष मिश्र उर्फ मोनू की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। इस मामले की पहले हुई सुनवाई के बाद न्यायालय ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने इस मामले की सुनवाई की और आदेश सुरक्षित रखा। राज्य […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/accused-of-lakhimpur-kheri-case-ashish-mishra-granted-bail/article-30689"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-02/ashish-mishra.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने वीरवार को लखीमपुर खीरी कांड के आरोपी आशीष मिश्र उर्फ मोनू की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। इस मामले की पहले हुई सुनवाई के बाद न्यायालय ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने इस मामले की सुनवाई की और आदेश सुरक्षित रखा। राज्य सरकार की ओर से जमानत अर्जी का विरोध किया गया था।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि पिछले साल तीन अक्टूबर को खीरी जिले में उपद्रव के बाद हिंसा में चार किसान सहित आठ लोगों की मौत के मामले में आशीष मिश्र मुख्य आरोपी है। आशीष,केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी का पुत्र है। पहले आरोपी की जमानत अर्जी सत्र अदालत से खारिज हो चुकी थी जिसके बाद उसने जमानत के लिए उच्च न्यायालय की शरण ली।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Feb 2022 15:40:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर खीरी मामले में न्याय की मांग को लेकर विपक्ष के भारी हंगामे के कारण लोक सभा की कार्यवाही स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। सदन के दोनों सदनों में आज विपक्ष ने निलंबित सांसदों व लखीमपुर के मामले में एसआईटी के खुलासे पर जमकर हंगामा किया। जिससे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। आपको बता देें कि कल ही लखमीपुर केस में एसआईटी ने खुलासा किया था कि लखीमपुर हत्याकांड एक सोची […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/lok-sabha-adjourned-due-to-uproar-by-opposition-over-demand-for-justice-in-lakhimpur-kheri-case/article-29151"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-12/lakhimpur-kheri-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> सदन के दोनों सदनों में आज विपक्ष ने निलंबित सांसदों व लखीमपुर के मामले में एसआईटी के खुलासे पर जमकर हंगामा किया। जिससे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। आपको बता देें कि कल ही लखमीपुर केस में एसआईटी ने खुलासा किया था कि लखीमपुर हत्याकांड एक सोची समझी साजिश थी। कांग्रेस, द्रमुक समेत कुछ अन्य विपक्षी दलों ने बुधवार को गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा की बर्खास्तगी की मांग को लेकर लोकसभा में भारी हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। सदन में सुबह प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में अक्टूबर महीने में जीप से पांच किसानों की हत्या के मामले में  मिश्रा को जिम्मेवार ठहराते हुए इस्तीफे की मांग की।</p>
<p>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से अपनी-अपनी सीट पर जाने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रश्नकाल में महत्वपूर्ण विषय चल रहा है। किसी भी सदस्य को अपनी बात रखनी है तो वह प्रश्नकाल के बाद अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि सभी को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। यह अच्छी परंपरा नहीं है। प्रश्नकाल के बाद विषय उठाने की अनुमति दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">हंगामे की बीच प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की लेकिन हंगामा नहीं रूका। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि अभी कोराना पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है और विपक्षी सदस्य बिना मास्क लगाये सदन के बीचोंबीच अधिकारियों के पास हंगामा कर रहे हैं यह उचित नहीं है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों को मास्क लगाने के लिए आदेश देने के लिए अध्यक्ष से आग्रह किया। जोशी की ओर से मास्क लगाने की बात कहने पर हंगामा तेज हो गया। बिरला ने पुन: सदस्यों से शांति बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वस्थ चर्चा करने का यह सदन है। यहां तख्तियां लहराने और नारेबाजी करने के लिए आप नहीं आये हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित</h4>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस सदस्यों के शोरशराबे के कारण बुधवार को राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी । सुबह शून्यकाल के दौरान कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने एक नोटिस दिए जाने के मामला उठाया। इस दौरान कांग्रेस के ही पी. चिदम्बरम ने भी कुछ कहना चाहा। सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है। एक अन्य नोटिस को उन्होंने अस्वीकार कर दिया है। इसी दौरान कांग्रेस के कुछ सदस्य खड़े हो गये और शोरगुल करने लगे तथा कुछ सदस्य अपनी सीट से आगे बढ़ गये। नायडू ने विपक्ष की ओर संकेत करते हुए कहा कि आप शून्यकाल के दौरान सदस्यों को मामले उठाने से वंचित कर रहे हैं। उन्होंने सदस्यों से पूछा कि क्या यह सदन संचालन का तरीका है। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी ।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पीएम किसान योजना में फजीर्वाड़ा के आरोप में 123 व्यक्ति गिरफ्तार</h4>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने लोकसभा में बताया कि पीएम किसान योजना के तहत अपात्र किसानों के आवेदनों को मंजूरी देने में ब्लाक और जिला स्तर के कार्मिकों के सत्यापन का दुरुपयोग के मामलों में 123 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें आठ सरकारी कर्मी , 40 संविदाकर्मी, 23 कंप्यूटर सेंटर चलाने वाले और 52 बिचौलिए/ अन्य व्यक्ति शामिल हैं। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन में एक लिखित उत्तर में बताया कि आठ दिसंबर 2021 तक पीएम किसान योजना के तहत अपात्र किसानों के आवेदनों को मंजूरी देने के लिए ब्लाक/जिला कार्मिकों की क्रेडेंशियल्स (सत्यता प्रमाणित करने वाले दस्तावेज) का दुरुपयोग के लिए कुल 123 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इनमें तमिलनाडु कृषि विभाग के आठ अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु सरकार ने भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत 16 जिलों में प्राथमिकी दर्ज करायी हैं। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु में अपात्र लाभार्थियों से 182.80 करोड़ रुपये की वसूली की है। इसमें से 180 करोड़ रुपये केंद्र सरकार के खाते में आ गए हैं। पीएम किसान योजना के तहत सरकार किसानों को हर साल तीन किस्तों में कुल 6000 रुपये सीधे उनके खातों में देती है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Dec 2021 12:29:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर कांड को एसआईटी ने सोची समझी साजिश माना</title>
                                    <description><![CDATA[आशीष मिश्रा समेत 14 पर चलेगा हत्या का केस नई दिल्ली (एजेंसी)। यूपी के लखीमपुर खीरी कांड में नया मोड़ आ गया है। एसआईटी ने अपनी जांच में पाया है कि किसानों को गाड़ी से कुचलने की पूरी घटना एक सोची समझी साजिश थी। एसआईटी ने अब आरोपियों पर लगाई गई धाराएं भी बदल दी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-sit-considered-the-lakhimpur-incident-to-be-a-well-planned-conspiracy/article-29128"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-12/lakhimpur-kheri-farmers.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:center;"><strong>आशीष मिश्रा समेत 14 पर चलेगा हत्या का केस</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> यूपी के लखीमपुर खीरी कांड में नया मोड़ आ गया है। एसआईटी ने अपनी जांच में पाया है कि किसानों को गाड़ी से कुचलने की पूरी घटना एक सोची समझी साजिश थी। एसआईटी ने अब आरोपियों पर लगाई गई धाराएं भी बदल दी हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा समेत 14 आरोपियों पर अब गैर इरादतन हत्या की जगह हत्या का केस चलेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>जानबूझकर प्लानिंग करके अपराध करने का आरोप</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लखीमपुर कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों पर जांच के बाद धाराएं बदली गई हैं। सभी आरोपियों पर जानबूझकर प्लानिंग करके अपराध करने का आरोप है। एसआईटी ने आईपीसी की धाराओं 279, 338, 304 ए को हटाकर 307, 326, 302, 34,120 बी,147, 148,149, 3/25/30 लगाई हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>प्रदर्शन कर रहे किसानों पर चढ़ाई थी गाड़ी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब हैं कि इसी साल तीन अक्टूबर को यूपी में लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में चार किसानों को एक एसयूवी कार से कुचल दिया गया था, जब वह एक कार्यक्रम में कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर लौट रहे थे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी मौजूद थे। घटना के बाद हुई हिंसा में भी कुछ लोग मारे गए. घटना के दौरान एक स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप भी मारे गए थे। किसानों ने आरोप लगाया था कि एसयूवी अजय मिश्रा टेनी की थी और उसमें उनका बेटा आशीष मिश्रा था। सुप्रीम कोर्ट में मामले की पहली सुनवाई आठ अक्टूबर को हुई थी। हिंसा के कई दिनों के बाद आशीष मिश्रा उर्फ मोनू को 9 अक्टूबर कई घंटों की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-sit-considered-the-lakhimpur-incident-to-be-a-well-planned-conspiracy/article-29128</link>
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                <pubDate>Tue, 14 Dec 2021 16:34:07 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>लखीमपुर हिंसा के पीड़ितों को भी न्याय दिलायें मोदी: प्रियंका</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लखीमपुर हिंसा मामले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिये केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को पद से हटाने की मांग की है। प्रियंका ने शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान मोदी को संबोधित पत्र को साझा करते हुये कहा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/modi-should-also-provide-justice-to-the-victims-of-lakhimpur-violence-priyanka/article-28494"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/priyanka.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लखीमपुर हिंसा मामले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिये केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को पद से हटाने की मांग की है। प्रियंका ने शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान मोदी को संबोधित पत्र को साझा करते हुये कहा “ लखीमपुर किसान नरसंहार में अन्नदाताओं के साथ हुयी क्रूरता को पूरे देश ने देखा। आपको यह जानकारी भी है कि किसानो को अपनी गाड़ी से कुचलने का मुख्य आरोपी आपकी सरकार के केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री का बेटा है। राजनीतिक दवाब के चलते इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने शुरूआत से ही न्याय की आवाज को दबाने की कोशिश की।</p>
<p style="text-align:justify;">उच्चतम न्यायालय ने इस संदर्भ में कहा कि सरकार की मंशा देखकर लगता है कि सरकार किसी विशेष आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है।” उन्होने कहा कि लखीमपुर में मारे गये किसानों के परिवारों से वह मिली है। वह असहनीय पीड़ा में है। परिवार न्याय चाहते है मगर केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री के पद में बने रहते यह संभव नहीं है। किसान नरसंहार मामले में जांच की हालिया स्थिति उन परिवारों की आशंका को सही साबित करती है। देश की कानून व्यवस्था के जिम्मेदार गृृहमंत्री अमित शाह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ आपके उसी मंत्री के साथ मंच साझा कर रहे हैं।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Nov 2021 10:40:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>लखीमपुर हिंसा मामला: आशीष मिश्रा और अंकित दास की गन से चली थीं गोलियां</title>
                                    <description><![CDATA[एफएसएल रिपोर्ट में हुआ खुलासा लखनऊ। लखीमपुर हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा और उसके करीबी अंकित दास के लाइसेंसी असलहा की बैलेस्टिक रिपोर्ट में फायरिंग की पुष्टि हुई है। इससे साफ हो गया है कि तिकुनिया में हिंसा के दौरान लाइसेंसी असलहे से फायरिंग भी की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/lakhimpur-violence-case-ashish-mishra-and-ankit-das-were-fired-from-the-gun/article-28229"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/lakhimpur-violence-case.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">एफएसएल रिपोर्ट में हुआ खुलासा</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> लखीमपुर हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा और उसके करीबी अंकित दास के लाइसेंसी असलहा की बैलेस्टिक रिपोर्ट में फायरिंग की पुष्टि हुई है। इससे साफ हो गया है कि तिकुनिया में हिंसा के दौरान लाइसेंसी असलहे से फायरिंग भी की गई थी। दरअसल, तिकुनिया हिंसा के दौरान किसानों ने भाजपा नेताओं के द्वारा गोलीबारी किए जाने की बात कही थी। इस संबंध में जांच के लिए लखीमपुर पुलिस ने अंकित दास की रिपीटर गन, पिस्टल और आशीष मिश्रा की राइफल और रिवॉल्वर को जब्त किया था और चारों असलहों की एफएसएल रिपोर्ट मांगी गई थी। रिपोर्ट में फायरिंग की पुष्टि हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">एफएसएल रिपोर्ट में साफ हो गया है कि आशीष मिश्रा के लाइसेंसी असलहे से फायरिंग की गई थी, लेकिन अभी साफ नहीं हो पाया है कि फायरिंग राइफल से हुई थी या रिवॉल्वर से। फिलहाल फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट के बाद अब आशीष मिश्रा और अंकित दास की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। फिलहाल दोनों जेल में बंद हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ये है मामला</h4>
<p style="text-align:justify;">3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में किसानों का एक समूह उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की यात्रा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था, तभी तीन गाड़ियों के काफिले ने किसानों को कुचल दिया। इस हादसे में चार किसानों और एक पत्रकार की मौके पर मौत हो गई थी। गुस्साई भीड़ ने तीन भाजपा कार्यकर्ताओं को पीट-पीटकर मार डाला था।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Nov 2021 12:52:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर हत्याकांड मामला: सुप्रीम कोर्ट ने फिर लगाई उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हत्याकांड मामले में सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को एक बार फिर फटकार लगाते हुए कहा कि वह उसकी अब तक की जांच से संतुष्ट नहीं है तथा आरोप पत्र दाखिल होने तक उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायधीश की देखरेख में जांच करवाना चाहता है। मुख्य […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/hearing-in-the-supreme-court-on-lakhimpur-kheri-murder-case-today/article-28202"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/supreme-court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हत्याकांड मामले में सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को एक बार फिर फटकार लगाते हुए कहा कि वह उसकी अब तक की जांच से संतुष्ट नहीं है तथा आरोप पत्र दाखिल होने तक उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायधीश की देखरेख में जांच करवाना चाहता है। मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमन और न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए सरकार की एसआईटी जांच को ‘ढीला ढाला’ बताते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि मुख्य अभियुक्त को बचाने की कोशिश की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान कई सवाल खड़े किए और कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की जांच अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। इस मामले में मामले सरकार की ओर से प्रस्तुत की गई प्रगति स्टेटस रिपोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज करने की जानकारी के अलावा कुछ भी नया नहीं है। खंडपीठ ने पूछा कि मुख्य अभियुक्त आशीष के अलावा अन्य अभियुक्तों के मोबाइल फोन क्यों जब्त नहीं किए गए। उन्होंने अन्य अभियुक्तों के मोबाइल फोन जब्त नहीं किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यायालय को बताया कि इस मामले के सबूतों से संबंधित लैब की रिपोर्ट 15 नवंबर तक आएगी। इस पर अदालत ने कहा कि 10 दिन का समय दिया गया था। इस दौरान कुछ नहीं किया गया। सरकार ने कहा कि लैब के कामकाज पर उसका नियंत्रण नहीं है। सरकार की जांच से असंतुष्ट खंडपीठ ने कहा कि वह इस मामले की जांच पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजीत सिंह से कराना चाहती है। इस पर साल्वे ने कहा कि वह इस बारे में शुक्रवार को अगली सुनवाई में सरकार का पक्ष रखेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को किसानों के प्रदर्शन के दौरान तीन आंदोलनकारियों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारी चार किसानों को कार से कुचलकर मारने के आरोप हैं यह आरोप केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा समेत अन्य लोगों पर लगाए गए है। आशीष को मुख्य आरोपी बताया गया है। गत 26 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की थी। इस दौरान पीठ ने मामले की जांच में ढीले रवैया पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को फटकार लगाई थी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">68 गवाहों के लिए गए बयान</h4>
<p style="text-align:justify;">पिछली सुनवाई के दौरान सरकार ने पीठ को बताया कि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जा रही है। सरकार की ओर से कहा गया था कि 68 गवाहों में 30 के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज की जा चुकी है। शीर्ष न्यायालय ने गवाहों की कम संख्या कम बताते हुए कड़ी टिप्पणियां की थीं और कहा था कि सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में हुई घटना में सिर्फ 68 गवाह हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था, जिसे दो वकीलों के पत्रों के आधार पर जनहित याचिका में तब्दील कर दिया गया था। वकीलों की ओर से इस मामले की न्यायिक जांच और सीबीआई जांच की मांग की गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">40 से अधिक किसान संगठन शामिल</h4>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि कई किसान संगठन केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ देशव्यापी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। करीब 40 से अधिक किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले राजधानी दिल्ली की सीमाओं के अलावा देश के अन्य हिस्सों में लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कृषि कानूनों का कर रहे विरोध</h4>
<p style="text-align:justify;">किसान संगठन-केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों- कृषक उपज व्यापार (वाणिज्य संवर्धन और सरलीकरण) कानून-2020, कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार कानून-2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून-2020 का विरोध कर रहे हैं। किसानों के विरोध के मद्देनजर शीर्ष अदालत ने जनवरी में इन कानूनों के लागू किए जाने पर रोक लगा दी थी ।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Nov 2021 15:10:55 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर खीरी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट का आदेश- गवाहों को सुरक्षा, जांच में तेजी लाए सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। उच्चतम न्यायालय ने लखीमपुर खीरी हत्याकांड मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ‘ढीले’ रवैये पर मंगलवार को एक बार फिर कई सवाल खड़े किये तथा गवाहों को समुचित सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ जांच में तेजी लाने का आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने गवाहों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/lakhimpur-kheri-murder-case-supreme-court-order-security-of-witnesses-government-should-expedite-investigation/article-27903"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-10/supreme-court-of-india-11.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> उच्चतम न्यायालय ने लखीमपुर खीरी हत्याकांड मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ‘ढीले’ रवैये पर मंगलवार को एक बार फिर कई सवाल खड़े किये तथा गवाहों को समुचित सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ जांच में तेजी लाने का आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने गवाहों के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत कराने में तेजी लाने का आदेश सरकार को दिया। शीर्ष अदालत ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए यदि न्यायिक अधिकारी संबंधित क्षेत्र में उपलब्ध नहीं है तो जिला न्यायाधीश नजदीकी इलाके के अन्य मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के तहत बयान दर्ज कराने की व्यवस्था कर सकते हैं। पीठ ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश देते हैं कि वह गवाहों के लिए समुचित सुरक्षा की व्यवस्था करें, हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि सुरक्षा दी जा रही है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">68 गवाहों में 30 के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज</h4>
<p style="text-align:justify;">उच्चतम न्यायालय में इसी सुनवाई के दौरान घटना में मारे गए श्याम सुंदर की विधवा रूबी देवी की ओर से पेश वकील अरुण भारद्वाज ने इंसाफ देने की गुहार लगाई । उन्होंने कहा कि उन्हें धमकियां दी जा रही है हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं। श्याम पर किसानों को कुचलने के आरोप हैं। घटना के बाद हुई हिंसा में उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मारे गए पत्रकार के परिजनों की ओर से भी न्याय की मांग की गई। इस पर न्यायाधीश ने इस मामले में अलग से स्टेटस रिपोर्ट देने का आदेश सरकार को दिया दिया। मामले की अगली सुनवाई 08 नवंबर को नवंबर को होगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में आज प्रगति रिपोर्ट अदालत में पेश किया। सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने पीठ को बताया कि कुल 68 गवाहों में 30 के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज कर लिए गए हैं। इनमें 23 चश्मदीद गवाह हैं। मुख्य न्यायाधीश ने सिर्फ 23 चश्मदीद की जानकारी पर हैरानी जताते हुए कहा कि हजारों की भीड़ में सिर्फ 23 चश्मीदीद गवाह है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या है मामला:</h4>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 03 अक्टूबर को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के एक कार्यक्रम के दौरान चार किसानों की कार से कुचलकर मृत्यु हो गई थी। और इसके बाद भड़की हिंसा में चार अन्य लोग मारे गए थे। उनमें कार ड्राइवर भी शामिल है। घटना में भारतीय जनता पार्टी के दो कार्यकतार्ओं की भी मृत्यु हो गई थी। मरने वालों में श्याम सुंदर और एक पत्रकार भी शामिल हैं। किसानों को कार से कुचलने के मामले में आरोपियों में शामिल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र समेत कई आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।</p>
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                <pubDate>Tue, 26 Oct 2021 18:04:24 +0530</pubDate>
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