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                <title>Opium cultivation - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Opium cultivation RSS Feed</description>
                
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                <title>Illegal Opium Farming: अफीम की खेती मामले में 77 मामले दर्ज, 48 आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड में वर्ष 2025-26 के दौरान पुलिस ने अभियान चलाकर 4,619.34 एकड़ में उगाई गई अवैध अफीम की फसल नष्ट की है। राज्य सीआईडी मुख्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान अफीम की अवैध खेती से जुड़े 77 मामले दर्ज किए गए और 48 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सबसे व्यापक कार्रवाई चतरा जिले में हुई, जहां 2,742.22 एकड़ में लगी फसल नष्ट की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/77-cases-registered-in-illegal-opium-farming-case-48-accused/article-88346"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/opium-farming.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">रांची। झारखंड में वर्ष 2025-26 के दौरान पुलिस ने अभियान चलाकर 4,619.34 एकड़ में उगाई गई अवैध अफीम की फसल नष्ट की है। राज्य सीआईडी मुख्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान अफीम की अवैध खेती से जुड़े 77 मामले दर्ज किए गए और 48 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सबसे व्यापक कार्रवाई चतरा जिले में हुई, जहां 2,742.22 एकड़ में लगी फसल नष्ट की गई। Illegal Opium Farming</p><p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार, लातेहार में 832.14 एकड़, हजारीबाग में 393 एकड़, पलामू में 314.62 एकड़ और खूंटी में 215.71 एकड़ में अफीम की खेती नष्ट की गई। इसके अलावा पश्चिमी सिंहभूम में 52.69 एकड़, रांची में 34.50 एकड़, सरायकेला-खरसावां में 24.70 एकड़, सिमडेगा में 3.50 एकड़, लोहरदगा में 3.25 एकड़, कोडरमा में तीन एकड़ और देवघर में 0.01 एकड़ में अवैध फसल को नष्ट किया गया। लातेहार जिले में अफीम के साथ गांजा की दो अवैध फसलें भी नष्ट की गईं। <br /></p><p style="text-align:justify;">अफीम की खेती के मामलों में चतरा में सबसे अधिक 21 प्राथमिकी दर्ज की गईं। इसके बाद लातेहार में 11, खूंटी में 10, हजारीबाग में आठ, रांची में सात, पश्चिमी सिंहभूम में 12, सरायकेला-खरसावां में तीन, सिमडेगा में दो तथा लोहरदगा, कोडरमा और देवघर में एक-एक मामला दर्ज हुआ। कुल 48 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सीआईडी के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में अवैध अफीम की खेती का दायरा काफी घटा है।  Illegal Opium Farming<br /></p><p style="text-align:justify;">पिछले वर्ष राज्य में 27,015.03 एकड़ में अफीम की खेती चिन्हित हुई थी, जबकि इस वर्ष यह घटकर 4,619.34 एकड़ रह गई। यानी एक वर्ष के भीतर अवैध खेती का रकबा लगभग 22,400 एकड़ कम दर्ज किया गया। वर्ष 2024-25 में सबसे अधिक 15,246.79 एकड़ में अफीम की खेती खूंटी जिले में पाई गई थी। इसके अलावा रांची में 6,843.47 एकड़, चतरा में 1,566.46 एकड़, पश्चिमी सिंहभूम में 796.05 एकड़, लातेहार में 754 एकड़, सरायकेला-खरसावां में 678.96 एकड़, पलामू में 604.12 एकड़ और हजारीबाग में 525.18 एकड़ में अवैध फसल नष्ट की गई थी। उस वर्ष 313 मामले दर्ज हुए थे और 237 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। <br /></p><p style="text-align:justify;">सीआईडी मुख्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2021-22 में 2,871.02 एकड़, 2022-23 में 5,494.10 एकड़ और 2023-24 में 4,853.99 एकड़ में अवैध अफीम की फसल नष्ट की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में अफीम की अवैध खेती मुख्य रूप से चतरा, खूंटी, लातेहार, रांची, पलामू, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और हजारीबाग जिलों में केंद्रित रही है। Illegal Opium Farming</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 14:59:35 +0530</pubDate>
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                <title>Afeem ki Kheti: घर में कर रखी थी अफीम की खेती, 143 पौधे बरामद, एक काबू</title>
                                    <description><![CDATA[रतिया (सच कहूँ न्यूज)। Ratia News: रतिया पुलिस ने गांव पिलछिया में एक घर में छापेमारी कर अफीम की खेती पकड़ी है। पुलिस ने मौके से 143 अफीम के पौधे बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को रविवार को अदालत में पेश किया गया। थाना सदर रतिया प्रभारी एसआई राजबीर सिंह ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/opium-cultivation-was-done-at-home-one-hundred-forty-three-plants-recovered/article-69639"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/ratia-news-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रतिया (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Ratia News: रतिया पुलिस ने गांव पिलछिया में एक घर में छापेमारी कर अफीम की खेती पकड़ी है। पुलिस ने मौके से 143 अफीम के पौधे बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को रविवार को अदालत में पेश किया गया। थाना सदर रतिया प्रभारी एसआई राजबीर सिंह ने बताया कि एएनसी स्टाफ फतेहाबाद पुलिस की टीम एएसआई मेजर सिंह के नेतृत्व में अपराधियों की धरपकड़ को लेकर गश्त पर थी। Fatehabad News</p>
<p style="text-align:justify;">टीम जब अलीका से पिलछियां रोड पर घग्घर पुल पर पहुंची तो उसे सूचना मिली कि जगतार सिंह निवासी पिलछियां ने अपने मकान के आंगन में अफीम के पौधे लगाए हुए हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि मकान के गेट पर एक व्यक्ति खड़ा था। उक्त व्यक्ति पुलिस को देखकर घबरा गया और एकदम वापस मुडकर मकान में जाने लगा। पुलिस कर्मचारियों ने गाड़ी से उतरकर उक्त व्यक्ति को काबू किया तो उसने अपना नाम जगतार सिंह बताया। इसके बाद पुलिस ने डीएसपी नर सिंह को सूचना दी। Fatehabad News</p>
<p style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही डीएसपी नर सिंह मौके पर पहुंचे और उनकी मौजूदगी में पुलिस ने जब मकान की तलाशी ली तो मकान के आंगन के एक कोने में अफीम के पौधे लगे हुए थे। पुलिस ने मौके से कुल 143 पौधे बरामद किए जिनका वजन 4 किलो 546 ग्राम था। इस पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर थाना सदर रतिया में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। Fatehabad News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Weather Update: जयपुर से लेकर चंडीगढ़ तक आंधी के साथ बारिश, कोटा में रहा सर्वाधिक तापमान 42.5 डिग्री सेल्समैन" href="http://10.0.0.122:1245/rain-with-thunderstorm-from-jaipur-to-chandigarh/">Weather Update: जयपुर से लेकर चंडीगढ़ तक आंधी के साथ बारिश, कोटा में रहा सर्वाधिक तापमान 42.5 डिग्री…</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Apr 2025 17:41:29 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Opium Cultivation: हिमाचल में अफीम की खेती का पर्दाफाश!</title>
                                    <description><![CDATA[Opium Cultivation: 13 खेतों में मिले 17 हजार 106 पौधे मंडी (एजेंसी)। हिमाचल प्रदेश स्टेट विजिलेंस व एंटी क्रप्शन ब्यूरो (Vigilance and Anti Corruption Bureau) की टीम ने मंडी जनपद के दुर्गम इलाके में अफीम के जंगल का पर्दाफाश किया है। गोपनीय सूचना के आधार पर दबिश में विजिलेंस की टीम ने अफीम के 17,106 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/opium-cultivation-exposed-in-himachal/article-57685"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/afim-crop.jpg" alt=""></a><br /><h3>Opium Cultivation: 13 खेतों में मिले 17 हजार 106 पौधे</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>मंडी (एजेंसी)।</strong> हिमाचल प्रदेश स्टेट विजिलेंस व एंटी क्रप्शन ब्यूरो (Vigilance and Anti Corruption Bureau) की टीम ने मंडी जनपद के दुर्गम इलाके में अफीम के जंगल का पर्दाफाश किया है। गोपनीय सूचना के आधार पर दबिश में विजिलेंस की टीम ने अफीम के 17,106 पौधे बरामद किए। परढंग के दुर्गम क्षेत्र चौहार थाटी के गढगांव में अवैध तरीके से अफीम की खेती की जा रही थी। वन विभाग की भूमि में तकरीबन 13 खेतों में अफीम के पौधे उगाए गए थे। लिहाजा, सीधे तौर पर किसी के खिलाफ मुकदमा नहीं हुआ है। जानकार बताते हैं कि 17 हजार पौधों से बड़ी मात्रा में अफीम की पैदावार करने की तैयारी थी, जिसकी कीमत बाजार में करोड़ों रुपए हो सकती थी।</p>
<p><a title="”छिड़ सकता है तीसरा विश्व युद्ध”" href="http://10.0.0.122:1245/third-world-war-may-break-out/">”छिड़ सकता है तीसरा विश्व युद्ध”</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 May 2024 10:22:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>जीन्द में अफीम की खेती पकड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[जींद (सच कहूँ/जसविन्द्र)। जींद जिले में अफीम (Opium) की खेती करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बुधवार को एक बार फिर अफीम की खेती पकड़ी गई। पुलिस ने बताया कि डिटेक्टिव स्टाफ ने खुफिया सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की और गाँव थुआ-शामदो रोड पर एक पोल्ट्री फार्म के निकट सब्जी के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/opium-cultivation-caught-in-jind/article-31722"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/opium.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जींद (सच कहूँ/जसविन्द्र)।</strong> जींद जिले में अफीम (Opium) की खेती करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बुधवार को एक बार फिर अफीम की खेती पकड़ी गई। पुलिस ने बताया कि डिटेक्टिव स्टाफ ने खुफिया सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की और गाँव थुआ-शामदो रोड पर एक पोल्ट्री फार्म के निकट सब्जी के बीच मेडों पर उगाई गई अफीम पकड़ी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस को सूचना मिली थी कि थुआ गांव निवासी रोशन उर्फ बसाऊ अपने खेतों में अफीम के पौधे उगाए हुए है। सूचना के आधार पर पुलिस ने रोशन उर्फ बसाऊ के खेतों में छापेमारी की तो वहां रोशन ने अफीम की खेती की हुई थी। पुलिस के आने पर रोशन मौके से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने पौधों को उखाड़ा और उसे एक कट्टे में भर दिया। पौधों का भार 49 किलो 300 ग्राम मिला।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच अधिकारी एसआई कमल सिंह ने कहा कि पुलिस ने डिटेक्टिव स्टाफ के एएसआई यशबीर सिंह की शिकायत पर थुआ गांव निवासी रोशन उर्फ बसाऊ के खिलाफ नशीला पदार्थ निरोध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। जिले में अफीम (Opium) की खेती पकड़े जाने का यह चौथा मामला है। इससे पहले शनिवार को सफीदों में हाँसी ब्रांच नहर के पास अफीम की खेती पकड़ी गई। इससे नौ दिन पहले नरवाना के पीपलथा, अलेवा थाना के कुचराना खुर्द में अफीम की खेती का भंडाफोड़ हुआ था। जिला पुलिस अब जगह-जगह छापा मारकर अफीम की खेती करने वालों पर शिकंजा कस रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी और अफीम की खेती करने वालों को रोकने के लिए पुलिस लगातार काम कर रही है। पुलिस की सतर्कता के चलते ही 4 जगह पुलिस टीम ने अफीम (Opium) की खेती पकड़ी। लोगों से आग्रह है कि यदि उन्हें भी इस तरह की खेती के बारे में जानकारी मिले तो वह भी पुलिस को सूचित कर करें, ताकि नशीले पौधों की खेती से जिले में पनपने वाले नशे को रोका जा सके।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>जितेंद्र खटकड़ डीएसपी हेड क्वार्टर जींद।</strong></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Mar 2022 16:32:07 +0530</pubDate>
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                <title>अफीम घातक नशा इसकी खेती की वकालत गलत</title>
                                    <description><![CDATA[वो नेता व सरकारें मूर्ख थीं, क्या जिन्होंने अफीम की खेती या परमिट को बंद किया। कृषि बिलों का मसला हल होते ही पंजाब में नेता एक बार फिर नशों की रोकथाम का हल ढूंढने व उसे लागू करने की बात करने लगे हैं। कांग्रेस अपने शासन काल में नशों पर पूर्णत काबू नहीं पा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opium-fatal-intoxication-advocating-its-cultivation-is-wrong/article-28568"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/opium.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">वो नेता व सरकारें मूर्ख थीं, क्या जिन्होंने अफीम की खेती या परमिट को बंद किया। कृषि बिलों का मसला हल होते ही पंजाब में नेता एक बार फिर नशों की रोकथाम का हल ढूंढने व उसे लागू करने की बात करने लगे हैं। कांग्रेस अपने शासन काल में नशों पर पूर्णत काबू नहीं पा सकी है लेकिन पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रधान की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब में अफीम की खेती हो इसका प्रचार व मांग शुरू कर दी है। अपनी मांग के समर्थन में श्रीमती सिद्धू डॉक्टरी रिपोटर्स व सलाह का भी हवाला दे रही हैं वो बात अलग है कि पंजाब की मांग नशों का पूरा अंत करने की है। अफीम एक घातक नशा है। अफीम की खेती की मांग करना पंजाब को पुन: दो सौ साल पीछे धकेल देने जैसा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के लोगों को नेताओं की बातों में नहीं आना चाहिए। चिट्टा, स्मैक, हेरोइन ये सब अफीम से ही तैयार होते हैं, अगर पंजाब में अफीम की खेती शुरू कर दी गई तब तस्करों को घातक नशे तैयार करने का कच्चा माल पंजाब के खेतों से ही मिलने लगेगा जोकि अब अफगानिस्तान से वाया पाकिस्तान आता है। अफीम ही वो बला है जिसके कारण पहले पंजाबी व पूरा देश ईरानियों, दुर्रानियों, पठानों, तुर्कों-अफगानों के हाथों लुटा पिटा, पंजाब सहित पूरे देश की आबरू बिखर गई। नेताओं की याददस्त कमजोर होती है लेकिन जनता को नहीं भूलना चाहिए कि अफीम पुराने वक्त में देश में फैला हुआ सबसे बुरा नशा था। राजमहलों से लेकर, जगीरदारों, सरदारों, चौधरियों, किसानों, व्यापारियों सबको अफीम की लत थी, जबकि ईरानी, पठान, अफगान, तुर्क अफीम नहीं खाते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत को अफीम की खुमारी चढ़ी हुई थी जिसके चलते भारत लुटा-पिटा। इतना ही नहीं भारत में मुगलों को भी अफीम ने ही उखाड़ा और अंग्रेज काबिज हो गए। अंग्रेजों ने देश में अफीम को नहीं रोका क्योंकि उन्हें पता था कि इससे ही भारतीय काम करते हैं, अफीम के नशे में खोए रहते हैं बल्कि अंग्रेजों को अफीम में टुन्न भारतीय ज्यादा काम करके ज्यादा फसलें, ज्यादा माल का उत्पादन करके देते हैं। इसके अलावा आज के भारत में हॉस्पिटल या चिकित्सा उपकरणों ने उतनी लड़कियां कोख में नहीं मारी जितनी कि भारतीयों द्वारा अफीम चटा-चटाकर मारी जा चुकी है। डॉ. नवजोत कौर सिद्धू अफीम की खेती की वकालत कर रही हैं उससे आमजन का कोई भला नहीं होने वाला बल्कि बड़े नेता व व्यापारी ही अफीम की खेती के परमिट हासिल करेंगे और पंजाब को नशा दे देकर अपना काम करवाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मेरा जन्म राजस्थान का है और मैंने देखा है कि किस तरह राजस्थान में पोस्त की एक पुड़िया के लिए लोगों से दिन-रात खेतों में निराई-गुड़ाई, घरों व फैक्ट्रियों में साफ-सफाई, कबाड़ की वर्कशापस् में तोड़फोड़, ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में ढुलाई लदाई का काम करवाया जाता था जोकि अब राजस्थान में पोस्त बिक्री बंद कर देने पर बहुत हद तक खत्म हो गया है। पंजाब के नेता कभी आमजन को दाल व आटा देते हैं, कभी मुफ्त बिजली, कभी मुफ्त यात्रा ताकि लोगों को काम की आदत ना रहे और अभी अफीम देने के सपने दिखाए जा रहे हैं जिससे नशा करने वाले सोच-सोच खुश होते हैं कि उन्हें अफीम मिलेगी, बेचने वाले खेती करने की सोच-सोच खुश हो रहे हैं लेकिन नुकसान पंजाब का होगा। अफीम की खेती तो दूर की बात है, उल्टा शराब व बाहरी नशों चिट्टा, स्मैक, हेराईन पर पूरा प्रतिबंध होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">नशा किसी का भला नहीं कर सकता। डॉ. नवजोत कौर उदाहरण दे रही हैं कि डॉक्टर्स भी दर्द में ये देते हैं, डॉक्टर तो ईलाज के लिए बहुत कुछ देते हैं क्या लोग वह सब खाना शुरू कर दें। 1950 में हेराईन को भी खांसी की दवा के तौर पर ईजाद किया गया था लेकिन आज चिकित्सा विज्ञानी उसे बंद करवा चुके हैं। नशा छुड़ाने के नए ईलाज खोजे जाना वक्त की जरूरत है न कि नशा छूट नहीं रहा सो खेती शुरू कर दी जाए क्यों? सरकार की इच्छा शक्ति से सब कुछ संभव है पाब्लो एस्कोबार बागोटा में ड्रग के कारोबार से सरकारें खरीदने चला था और कुत्ते की मौत मारा गया। पंजाब में सरकारों ने तय करना है कि वह बिकना चाहेंगी या तस्करों को कुत्ते की मौत देंगी।</p>
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                <pubDate>Tue, 23 Nov 2021 10:25:03 +0530</pubDate>
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