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                <title>चुनावी प्रक्रिया में नक्सली दखल</title>
                                    <description><![CDATA[नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में 12 नवंबर को होने वाले मतदान के पहले चरण के 4 दिन पहले बड़ी वरदात करके लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया में दखल देने की एक बार फिर नाकाम कोशिश की है। इसके पहले 30 अक्टूबर को दंतेवाड़ा में पुलिस व मीडिया टीम पर हमला किया था, जिसमें तीन पुलिसकर्मियों के साथ दूरदर्शन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/naxalism-in-the-electoral-process/article-6558"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-11/kjkjk-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में 12 नवंबर को होने वाले मतदान के पहले चरण के 4 दिन पहले बड़ी वरदात करके लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया में दखल देने की एक बार फिर नाकाम कोशिश की है। इसके पहले 30 अक्टूबर को दंतेवाड़ा में पुलिस व मीडिया टीम पर हमला किया था, जिसमें तीन पुलिसकर्मियों के साथ दूरदर्शन समाचार चैनल के कैमरामेन को प्राण गंवाने पड़े थे। 27 अक्टूबर को बीजापुर जिले में बुलेटप्रूफ बंकर वाहन को उड़ाया, जिसमें सीआरपीएफ के चार जवान शहीद हुए और दो घायल हुए। अब दंतेवाड़ा जिले के बचेली इलाके के खदान क्षेत्र में एक बस को आईइडी धमाका करके उड़ा दिया। जिसमें एक सीआरपीएफ जवान के साथ चार नागरिकों की मौत हो गई। पिछले 15 दिन में हुए ये हमले इस बात की तस्दीक हैं कि छत्तीसगढ़ में नक्सली तंत्र मजबूत है और पुलिस व गुप्तचर एजेंसियां इनका सुराग लगाने में नाकाम हैं। क्योंकि ताजा हमला उस वक्त हुआ है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जगदलपुर में चुनावी सभा को 9 नवंबर को जाने वाले थे। नक्सलियों ने जिस निजी बस को निशाना बनाया है, वह राष्ट्रीय खनन विकास निगम के बैलाडिला खनन क्षेत्र में तैनात सीआईएसएफ दल को चुनाव ड्यूटी के लिए बचेली जा रहे थे। इस हमले में पांच जवानों की मौतें हुई हैं। ये सभी जवान सीआईएसएफ की 502 बटालियन कोलकाता के थे। साफ है, कि सरकारी अमला इस नक्सली क्षेत्र में जान जोखिम में डालकर चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने में लगा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस हमले से यह सच्चाई सामने आई है कि नक्सलियों का तंत्र और विकसित हुआ है, साथ ही उनके पास सूचनाएं हासिल करने का मुखबिर तंत्र भी हैं। हमला करके बच निकलने की रणनीति बनाने में भी वे सक्षम हैं। इसीलिए वे अपनी कामयाबी का झण्डा फहराए हुए हैं। बस्तर के इस जंगली क्षेत्र में नक्सली नेता हिडमा का बोलबाला है। वह सरकार और सुरक्षाबलों को लगातार चुनौती दे रहा है, जबकि राज्य एवं केंद्र सरकार के पास रणनीति की कमी है। यही वजह है कि नक्सली क्षेत्र में जब भी कोई विकास कार्य या चुनाव प्रक्रिया संपन्न होती है तो नक्सली उसमें रोड़ा अटकाते हैं। नक्सली समस्या से निपटने के लिए राज्य व केंद्र सरकार दावा कर रही हैं कि विकास इस समस्या का निदान है। यदि छत्तीसगढ़ सरकार के विकास संबंधी विज्ञापनों में दिए जा रहे आंकड़ों पर भरोसा करें तो छत्तीसगढ़ की तस्वीर विकास के मानदण्डों को छूती दिख रही हैं, लेकिन इस अनुपात में यह दावा बेमानी है कि समस्या पर अंकुश लग रहा है , बल्कि अब छत्तीसगढ़ नक्सली हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बन गया है। अब बड़ी संख्या में महिलाओं को नक्सली बनाए जाने के प्रमाण भी मिल रहे हैं। बावजूद भाजपा के इन्हीं नक्सली क्षेत्रों से ज्यादा विधायक जीतकर आते हैं। जबकि दूसरी तरफ नक्सलियों ने कांग्रेस पर 2013 में बड़ा हमला बोलकर लगभग उसका सफाया कर दिया था। कांग्रेस नेता महेन्द्र कर्मा ने नक्सलियों के विरुद्ध सलवा जुडूम को 2005 में खड़ा किया था। सबसे पहले बीजापुर जिले के कुर्तु विकासखण्ड के आदिवासी ग्राम अंबेली के लोग नक्सलियों के खिलाफ खड़े होने लगे थे। नतीजतन नक्सलियों की महेन्द्र कर्मा से दुश्मनी ठन गई। इस हमले में महेंद्र कर्मा के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष नंदकुमार पटेल और हरिप्रसाद समेत एक दर्जन नेता मारे गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि जवानों, नागरिकों के साथ खतरा राजनैतिक दलों के लिए भी बना हुआ है। इस पूरे क्षेत्र में माओवादियों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया हुआ था। इसे प्रचारित करने के लिए नक्सलियों ने बड़ी संख्या में पर्चे बांटे और गांव की दीवारों पर पोस्टर भी चस्पा कर दिए । हालांकि माओवादी ऐसा हरऐक चुनाव में करते हैं, बावजूद स्थानीय लोग मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इससे जाहिर होता है कि लोगों का विश्वास लोकतंत्र में हैं और वे नक्सलियों से असंतुष्ट है। माओवादियों के मनोवैज्ञानिक आतंक का असर मतदाताओं पर असर नहीं डालता, इसलिए माओवादी हिंसा और बारूदी विस्फोट का साहरा लेकर खून की इबारतें लिखने में लगे हैं। चुनाव निर्बाध रूप से संपन्न चुनाव आयोग ने 65 हजार अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कराई है। माओवादी मंशा को चकनाचूर करने की दृष्टि से केंद्रीय सुरक्षाबल हरेक नक्सलबहु क्षेत्र में तैनात है। पहले चरण में 18 विधानसभा सीटों पर मतदान होना हैं। सुरक्षाबलों की इतनी तैनाती इसलिए है, जिससे लोग घरों से आश्वस्त होकर निकलें और निर्भय होकर मतदान करें। मतदान का बड़ा प्रतिशत ही आतंक का सही जबाव है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब किसी भी किस्म का चरमपंथ राष्ट्र-राज्य की परिकल्पना को चुनौती बन जाए तो जरुरी हो जाता है, कि उसे नेस्तानाबूद करने के लिए जो भी कारगर उपाय उचित हों, उनका उपयोग किया जाए ? किंतु इसे देश की आंतरिक समस्या मानते हुए न तो इसका बातचीत से हल खोजा जा रहा है और न ही समस्या की तह में जाकर इसे निपटाने की कोशिश की जा रही है ? जबकि समाधान के उपाय कई स्तर पर तलाशने की जरूरत है। यहां सीआरपीएफ की तैनाती स्थाई रूप में बदल जाने के कारण पुलिस ने लगभग दूरी बना ली है। जबकि पुलिस सुधार के साथ उसे इस लड़ाई का अनिवार्य हिस्सा बनाने की जरूरत है। क्योंकि अर्द्धसैनिक बल के जवान एक तो स्थानीय भूगोल से अपराचित हैं, दूसरे वे आदिवासियों की स्थानीय बोलियों और भाषाओं से भी अनजान हैं। ऐसे में कोई सूचना उन्हें टेलीफोन या मोबाइल से मिलती भी है, तो वे वास्तविक स्थिति को समझ नहीं पाते हैं। पुलिस के ज्यादातर लोग उन्हीं जिलों से हैं, जो नक्सल प्रभावित हैं। इसलिए वे स्थानीय भूगोल और बोली के जानकार होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दूरदर्शन के पत्रकार की हत्या से भी यह खुलासा होता है कि माओवादी किसी भी प्रकार की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को पसंद नहीं करते हैं। हालांकि कैमरामेन की मृत्यु के बाद नक्सलियों ने घड़ियाली आंसू बहाते हुए कहा है कि उनकी मंशा पत्रकार को मारने की नहीं थी। लेकिन हकीकत तो यह है कि वे पत्रकार को मारकर इतनी बड़े समाचार की सुर्खियों में आना चाहते थे, जिससे पूरे छत्तीसगढ़ में दहशत के वातावरण का निर्माण हों और मतदाता मतदान करने केंद्रों तक पहुंचे ही नहीं। लेकिन भारतीय लोकतंत्र और उसकी जनता के इरादे इतने मजबूत हैं कि किसी भी प्रकार की खूनी हिंसा का जवाब वे जनमत से देना अच्छी तरह से जानते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्रमोद भार्गव</strong></p>
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                <pubDate>Sun, 11 Nov 2018 13:25:30 +0530</pubDate>
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                <title>क्यों न एडमीशन प्रक्रिया को रोक दिया जाए : हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[एमबीबीएस में कम वार्षिक आय पर दाखिले का मामला  हरियाणा सरकार व मेडिकल काउंसिल आॅफ इंडिया से मांगा जवाब चंडीगढ़(सच कहूँ न्यूज)। प्रदेश में एमबीबीएस एडमिशन प्रक्रिया में पिछड़े वर्ग में तीन लाख से (Why, Admission, Process, Should, Stopped, HighCourt) कम वार्षिक आय वाले परिवार के बच्चों को एडमिशन में प्राथमिकता देने के निर्णय को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/why-the-admission-process-should-be-stopped-high-court/article-4563"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/haryana-1.jpg" alt=""></a><br /><h1>एमबीबीएस में कम वार्षिक आय पर दाखिले का मामला</h1>
<h3> हरियाणा सरकार व मेडिकल काउंसिल आॅफ इंडिया से मांगा जवाब</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(सच कहूँ न्यूज)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश में एमबीबीएस एडमिशन प्रक्रिया में पिछड़े वर्ग में तीन लाख से <strong>(Why, Admission, Process, Should, Stopped, HighCourt)</strong></p>
<p style="text-align:justify;">कम वार्षिक आय वाले परिवार के बच्चों को एडमिशन में प्राथमिकता देने के निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार सहित मेडिकल काउंसिल आॅफ इंडिया और एडमिशन कमेटी को तीन जुलाई के नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है, साथ ही पूछा है कि क्यों न इस एडमीशन प्रक्रिया पर रोक लगा दी जाए।</p>
<h1 style="text-align:justify;">क्यों न एडमीशन प्रक्रिया…</h1>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस अजय तिवारी एवं जस्टिस महाबीर सिंधु की वकेशन बेंच ने यह नोटिस रोहतक निवासी निशा द्वारा एडवोकेट पृथ्वी राज यादव के जरिये दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया है। दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने हरियाणा सरकार द्वारा 18 अगस्त 2016 को जारी उस नोटिफिकेशन को चुनौती दी है, जिसके तहत हरियाणा सरकार ने पिछड़े वर्ग को आय के आधार पर दो भागों में विभाजित किये जाने का निर्णय लिया है। इस नोटिफिकेशन के तहत एमबीबीएस कोर्स में एडमीशन में पिछड़े वर्ग के उन आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके परिवार की वार्षिक आय ३ लाख रुपए से कम है। इस नोटिफिकेशन को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए बताया गया है कि यह नोटिफिकेशन सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा इंदिरा साहनी के मामले में तय किये गए दिशा-निर्देशों का उलंघन है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे ये निर्देश</h1>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा साहनी मामले में यह साफ कर दिया था कि आरक्षण के लाभ को सिर्फ आर्थिक आधार पर सीमित नहीं किया जा सकता। आरक्षण में आर्थिक और समाजिक दोनों तरह के पिछड़ेपन को कारक के रूप में शामिल किया जाना जरूरी है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने क्रीमी लेयर को स्वीकार किया था।</p>
<h1 style="text-align:justify;">यह है याचिकाकर्ता का आरोप</h1>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता का कहना है कि इस मामले में सरकार ने क्रीमी लेयर को तो बाहर रखा है, लेकिन 3 लाख से कम वार्षिक आय वाले परिवार के आवेदकों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है, जो पूरी तरह से गलत है। इस आधार पर पिछड़े वर्ग को दो वर्गों में विभाजित नहीं किया जा सकता है।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Jun 2018 22:28:24 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अवैध प्रवासियों को बगैर कानूनी प्रक्रिया के वापस भेजा जाना चाहिए: ट्रम्प</title>
                                    <description><![CDATA[अपने देश में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दे सकते वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को कहा कि जो लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका की सीमा में प्रवेश करते हैं उन्हें बिना किसी न्यायिक प्रक्रिया पूरी किये बिना जहां से वे आए हैं वहां वापस भेजा जाना चाहिए। ट्रम्प ने अपने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/should-be-sent-back-without-legal-process/article-4490"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/tranp.jpg" alt=""></a><br /><h1>अपने देश में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दे सकते</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन (एजेंसी)।</strong></p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को कहा कि जो लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका की सीमा में प्रवेश करते हैं उन्हें बिना किसी न्यायिक प्रक्रिया पूरी किये बिना जहां से वे आए हैं वहां वापस भेजा जाना चाहिए। ट्रम्प ने अपने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, ह्लहम इन सभी लोगों को अपने देश में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दे सकते। जब कोई अमेरिका में आता है तो हमें तत्काल न्यायाधीशों या न्यायालय के मामलों में पड़े बिना उन्हें वापस भेज देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हमारे देश को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे सभी लोगों को हम स्वीकार नहीं कर सकते हैं। सीमाओं को मजबूत करना कोई अपराध नहीं।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Jun 2018 11:39:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब नहीं होगी बैरियरों पर टैक्स वसूली</title>
                                    <description><![CDATA[जीएसटी लागू: प्रदेश के 30 बैरियरों पर टैक्स जमा करवाने की प्रक्रिया आज से बंद जालंधर (सच कहूँ न्यूज)। देश में जीएसटी लागू होने के बाद प्रदेश के 30 बैरियरों पर टोल टैक्स जमा करवाने की प्रक्रिया शनिवार से बंद हो गई। पटियाला के जिन बैरियरों पर अकसर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती थीं, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-process-of-depositing-tax-on-30-barriers-of-the-state-is-closed-today/article-1859"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/gate-tax.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">जीएसटी लागू: प्रदेश के 30 बैरियरों पर टैक्स जमा करवाने की प्रक्रिया आज से बंद</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>जालंधर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> देश में जीएसटी लागू होने के बाद प्रदेश के 30 बैरियरों पर टोल टैक्स जमा करवाने की प्रक्रिया शनिवार से बंद हो गई। पटियाला के जिन बैरियरों पर अकसर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती थीं, अब आज वाहनों की कतार नजर नहीं आ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">सवा सौ करोड़ रुपये प्रतिदिन एडवांस टैक्स के रूप में प्रदेश के खाते में जमा करवाने वाले शंभू बैरियर की स्थिति शुक्रवार से ही नरम रही। रामनगर और बनूड़ बैरियर की अपेक्षा शंभू बैरियर पर वाहनों की संख्या काफी कम रही।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बैरियर से प्रतिदिन 1600 कमर्शियल वाहन गुजरते हैं</h2>
<p style="text-align:justify;">शंभू बैरियर पर तैनात ईटीओ अमित गोयल ने बताया कि इस बैरियर से 1600 कमर्शियल वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं व प्रदेश के खजाने में सवा सौ करोड़ रुपये की राशि टैक्स के रूप में जमा की जाती है। शनिवार से जीएसटी लागू होने के बाद कई प्रकार के कार्यों में परिवर्तन आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जहां कई वस्तुओं के दामों में वृद्धि होगी तो कई के दामों में गिरावट आएगी। इसी के साथ पंजाब के सेल्स टैक्स बैरियरों पर जमा होने वाला एडवांस टैक्स भी बंद हो जाएगा। इस बात की पुष्टि सेल्स टैक्स बैरियर माधोपुर में कार्यरत ईटीओ गगन शर्मा ने की।</p>
<p style="text-align:justify;">पठानकोट के ईटीओ गगन शर्मा अनुसार प्रदेश में 30 बैरियर हैं, जहां एडवांस टैक्स जमा करवाने की सुविधा थी, लेकिन अब यह बंद हो जाएगा। हालांकि, बाकी सारे काम रूटीन में चलते रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">पठानकोट के माधोपुर स्थित सेल टैक्स बैरियर पर रोजाना 2300 से 2500 वाहन जेएंडके से सामन लेकर अप-डाउन करते हैं। यही नहीं शनिवार से होशियारपुर-भरवाईं रोड स्थित मंगूवाल के टोल टैक्स बैरियर पर भी टैक्स नहीं लगेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">गुड्स वाहनों की एंट्री पर एंट्री फीस नहीं लगेगी। सिर्फ 30 जून तक बिल के सामानों पर टैक्स लगेगा बाकी किसी भी बिल का टैक्स नहीं लगेगा और न ही किसी गाड़ी को रोका जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">सहायक आबकारी व कराधान अधिकारी हरदीप भंवरा ने कहा कि होशियारपुर में 6600 नंबरों को जीएसटी में कनवर्ट किया गया है। इनमें से 700 से लगभग नंबरों में सुधार करना है और इस पर काम हो रहा है। जिस पर कार्रवाई चल रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पठानकोट के ईटीओ गगन शर्मा अनुसार प्रदेश में 30 बैरियर हैं, जहां एडवांस टैक्स जमा करवाने की सुविधा थी, लेकिन अब यह बंद हो जाएगा। हालांकि, बाकी सारे काम रूटीन में चलते रहेंगे।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Jul 2017 00:32:30 +0530</pubDate>
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                <title>अब पासपोर्ट बनवाने की राह आसान</title>
                                    <description><![CDATA[जन्म प्रमाण पत्र नहीं तो आधार कार्ड से चलेगा काम हिसार (संदीप सिंहमार)। अब पासपोर्ट बनवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है, बल्कि अकेले आधार कार्ड से भी पासपोर्ट बनवाया जा सकता है। इसके लिए शर्त यह है कि आधार कार्ड पर जन्म तिथि पूरी लिखी होनी चाहिए। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/now-process-of-making-passport-is-easy/article-896"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/3-hisar-11.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">जन्म प्रमाण पत्र नहीं तो आधार कार्ड से चलेगा काम</h1>
<p><strong>हिसार (संदीप सिंहमार)।</strong> अब पासपोर्ट बनवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है, बल्कि अकेले आधार कार्ड से भी पासपोर्ट बनवाया जा सकता है। इसके लिए शर्त यह है कि आधार कार्ड पर जन्म तिथि पूरी लिखी होनी चाहिए। पासपोर्ट सेवा केन्द्र में आधार कार्ड जहां जन्म तिथि को वैरीफाई करने काफी है, वहीं पते के तौर पर भी सही दस्तावेज माना जा रहा है।</p>
<p>दो अप्रैल को हिसार के मुख्य डाकघर में पासपोर्ट सेवा केंद्र खुलने के बाद से हिसार सहित सरसा, फतेहाबाद, भिवानी व चरखी दादरी के लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए अब अम्बाला व चंडीगढ़ जाने की भी जरूरत नहीं है। पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार हरियाणा प्रदेश में एक साल में डेढ़ लाख पासपोर्ट बनते हैं।</p>
<h3>आॅनलाइन करें आवेदन</h3>
<p>पासपोर्ट बनवाने के लिए कोई भी व्यक्ति आवेदन www.passportindia.gov.in  वेबसाइट पर जाकर कर आॅनलाइन कर सकता है। आवेदनकर्ता को आॅनलाइन माध्यम से 1500 रुपये की फीस जमा करवानी होगी। 15 साल तक के बच्चों के लिए एक हजार रुपये निर्धारित की गई है। यदि किसी व्यक्ति को तत्काल आवेदन करना है तो इसके लिए 3500 रुपये फीस अदा करने के साथ-साथ उसे अंबाला या चंड़ीगढ़ ही जाना पड़ेगा। क्योंकि साधारण तौर पर पासपोर्ट डाकघर पासपोर्ट सेवा केन्द्र हिसार में बन रहे हैं, लेकिन तत्काल का भी अभी यहां कोई प्रावधान नहीं है।</p>
<h3>जरूरी दस्तावेज</h3>
<p>पासपोर्ट बनवाने के इच्छुक लोगों को दस्तावेज के रूप में जन्म प्रमाण पत्र या आधार कार्ड, दसवीं का प्रमाण-पत्र, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों की पॉलिसी और सरकारी सेवा संबंधी सर्विस रिकॉर्ड में से किसी एक की जरूरत होती है। इसके अलावा अपॉइंटमेंट के समय आवेदक को सफेद बैकग्राऊंड की दो पासपोर्ट साईज फोटो साथ लेकर आने होते हैं। पासपोर्ट रिन्यूवल करवाने के लिए पुराने पासपोर्ट की कॉपी भी जरूरी है। इसी के साथ-साथ अब आवेदक को स्वयं सत्यापित शपथ भी देना होगा। पहले यह नोटरी से सत्यापित करवाकर देना होता था।</p>
<h3>जानकारी चाहिए तो यहां मिलाएं फोन</h3>
<p>वैसे तो पासपोर्ट बनवाने से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी पासपोर्ट इंडिया की वैबसाइट पर पूर्ण रूप से दी गई है। फिर भी यदि किसी आवेदक को किसी भी प्रकार की पूछताछ या जानकारी चाहिए तो पासपोर्ट इंडिया के टोल फ्री नंबर 1800-258-1800 पर कॉल की जा सकती है।</p>
<h3>पासपोर्ट सेवा केन्द्र का शैड्यूल</h3>
<p>हिसार के मुख्य डाकघर में स्थित डाकघर पासपोर्ट सेवा केन्द्र में सोमवार से शुक्रवार तक पहले से ली गई अपॉइंटमेंट के अनुसार पासपोर्ट बनाए जाते हैं। पासपोर्ट कार्यालय प्रात: 9 बजे से सांय साढ़े 5 बजे तक खुला रहता है। इसके लिए आने वाले आवेदकों को सुबह 9 बजे से 4 बजे तक टोकन दिए जाते हैं। 4 बजे के बाद आने वाले आवेदकों को अगली अपॉइंटमेंट का इंतजार करना पड़ेगा।</p>
<p><em>डाकघर पासपोर्ट सेवा केन्द्र हिसार में प्रतिदिन 65 आवेदकों के पासपोर्ट बनाए जा रहे हैं। यहां हिसार के अलावा सरसा, भिवानी, फतेहाबाद व चरखी दादरी के आवेदक पासपोर्ट बनवा सकते हैं। फिलहाल तत्काल पासपोर्ट की सुविधा इस कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। आवेदकों की संख्या अधिक होने के कारण अभी अगस्त के लिए अपॉइंटमेंट मिल रही है।</em><br />
<em>राकेश कुमार,</em><br />
<em>सत्यापन अधिकारी, डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र हिसार।</em></p>
<p> </p>
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                <pubDate>Sun, 04 Jun 2017 09:31:15 +0530</pubDate>
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