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                <title>Bhopal Gas Tragedy - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Bhopal Gas Tragedy RSS Feed</description>
                
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                <title>भोपाल गैस त्रासदी पीड़ितों को मुआवजा बढ़ाने की याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। उच्चतम न्यायालय ने 1984 की भोपाल गैस त्रासदी पीड़ितों (Bhopal Gas Tragedy) को अतिरिक्त मुआवजा देने के लिए यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन (यूसीसी) की उत्तराधिकारी फर्मों से अतिरिक्त 7,844 करोड़ रुपये की मांग संबंधी केंद्र की उपचारात्मक याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/bhopal-gas-tragedy-case-verdict-suprem-court/article-44546"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/supreme-court-of-india.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)</strong>। उच्चतम न्यायालय ने 1984 की भोपाल गैस त्रासदी पीड़ितों (Bhopal Gas Tragedy) को अतिरिक्त मुआवजा देने के लिए यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन (यूसीसी) की उत्तराधिकारी फर्मों से अतिरिक्त 7,844 करोड़ रुपये की मांग संबंधी केंद्र की उपचारात्मक याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति अभय एस ओका, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी की पीठ 2010 में केंद्र सरकार द्वारा दायर इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि कानूनी की कसौटी पर यह उचित नहीं है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">केंद्र सरकार की कथित लापरवाही पर नाराजगी | Bhopal Gas Tragedy</h4>
<p style="text-align:justify;">भोपाल गैस त्रासदी मामले में समीक्षा याचिका पर निर्णय लेने के 19 साल बाद उपचारात्मक याचिका दायर की गयी थी। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि समझौते के दशकों बाद इस याचिका पर फिर विचार करने से ‘भानुमती का पिटारा’ खुल जाएगा। शीर्ष अदालत ने हालांकि अपने फैसले में कहा कि सरकार केंद्र भोपाल गैस त्रासदी मामले के दावेदारों के लिए आरबीआई में रखे 50 करोड़ रुपए का उपयोग कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">शीर्ष अदालत ने पीड़ितों को मुआवजा को लेकर केंद्र सरकार की कथित लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। सरकार ने खुद पीड़ितों के लिए बीमा पॉलिसी नहीं लाने की जिम्मेदारी नहीं निभाई। अदालत ने कहा कि सरकार यूसीसी पर अपनी लापरवाही की जिम्मेदारी थोपने का निर्देश देने के लिए अदालत से नहीं कह सकती। शीर्ष अदालत ने 12 जनवरी को यूनियन कार्बाइड की उत्तराधिकारी फर्मों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे, केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी और पीड़ितों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पारिख और अधिवक्ता करुणा नंदी की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या है मामला | Bhopal Gas Tragedy</h3>
<p style="text-align:justify;">केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत से गुहार लगाई थी कि वह अमेरिकन कंपनी यूसीसी की उत्तराधिकारी फर्मों को अतिरिक्त 7,844 करोड़ देने का निर्देश दे। केंद्र सरकार ने अपनी याचिका में तर्क दिया था कि 1984 के गैस पीड़ितों को 1989 के समझौते के तहत मिला 715 करोड़ रुपये का मुआवजा अपर्याप्त था। यह राशि वास्तविक आंकलन पर आधारित नहीं था।<br />
गौरतलब है कि दो-तीन दिसंबर-1984 की दरमियानी रात यूनियन कार्बाइड के कारखाने से लगभग 40 टन ‘मेथायिल अयिसोसायिनेट’ गैस का रिसाव होने लगा था। इससे पूरे शहर में अफरा तफरी मच गई थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस त्रासदी में 5000 से अधिक लोग मारे गए और पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Mar 2023 12:41:52 +0530</pubDate>
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                <title>भोपाल गैसकांड की बरसी पर दिवंगतों को श्रद्धांजलि</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल। विश्व की भीषणतम औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक भोपाल गैसकांड की बरसी पर आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसमें मारे गए हजारों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। चौहान ने गैसकांड की 37 वीं बरसी पर ट्वीट के जरिए लिखा है, ‘भोपाल गैस त्रासदी में हमने अनेक अमूल्य जिंदगियों को असयम खो दिया, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/tribute-to-the-departed-on-the-anniversary-of-the-bhopal-gas-tragedy/article-28838"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-12/cm-shivraj.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भोपाल।</strong> विश्व की भीषणतम औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक भोपाल गैसकांड की बरसी पर आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसमें मारे गए हजारों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। चौहान ने गैसकांड की 37 वीं बरसी पर ट्वीट के जरिए लिखा है, ‘भोपाल गैस त्रासदी में हमने अनेक अमूल्य जिंदगियों को असयम खो दिया, उन समस्त दिवंगत आत्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। धरती पर ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति नहीं कभी न हो। सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से ऐसी मानवीय भूलों को हम रोक सकते हैं।’ भोपाल में स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने से 02 और 03 दिसंबर 1984 की दरम्यानी रात्रि में जहरीली मिथाइल आइसो सायनेट (मिक) गैस के रिसाव के कारण हजारों लोगों की मौत हो गयी थी और लाखों लोग प्रभावित हुए थे। हजारों लोग आज भी इस हादसे के 37 वर्षों बाद इसके दुष्प्रभाव झेलने को मजबूर हैं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="hi" dir="ltr" xml:lang="hi">भोपाल गैस त्रासदी में हमने अनेक अमूल्य जिंदगियों को असमय खो दिया, उन समस्त दिवंगत आत्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं!</p>
<p>धरती पर ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति कभी न हो। सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से ऐसी मानवीय भूलों को हम रोक सकते हैं।</p>
<p>— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) <a href="https://twitter.com/ChouhanShivraj/status/1466604200637308931?ref_src=twsrc%5Etfw">December 3, 2021</a></p></blockquote>
<p></p>
<p style="text-align:justify;">गैसकांड की बरसी पर आज गैस पीड़ितों के हित में कार्य करने वाले संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन और श्रद्धांजलि सभाएं भी आयोजित की गयी हैं। भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ, भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा, भोपाल ग्रुप फॉर इंफरमेशन एंड एक्शन और डाव कार्बाइड के खिलाफ बच्चे जैसे संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता दिन में प्रभावितों की विभिन्न मांगों के समर्थन में रैली निकालेंगे। ये संगठन पिछले कुछ दिनों से गैसकांड से संबंधित सवाल उठाते आ रहे हैं। इसके अलावा गैसकांड की पूर्व संध्या पर कल यहां सिंधी कालोनी चौराहे से यूनियन कार्बाइड कारखाने तक मशाल जुलूस निकाला गया और गैसकांड में मारे गए नागरिकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। इन संगठनों का कहना है कि गैसकांड के असल दोषियों को अब तक सजा नहीं मिल पायी है। इसके अलावा प्रभावितों का पुनर्वास बेहतर ढंग से अब तक नहीं हो पाया है। पीड़ितों के उचित इलाज की व्यवस्थाएं भी नहीं हो सकी हैं।</p>
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                <pubDate>Fri, 03 Dec 2021 10:33:02 +0530</pubDate>
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