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                <title>America - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>Iran-US Tension: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच खाड़ी में बड़ा घटनाक्रम, अमेरिकी जहाज की तेल टैंकर से टक्कर के बाद खार्ग आइलैंड के पास धमाकों की आवाज</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र से एक और बड़ी खबर सामने आई है। रॉयटर्स ने ईरान के सरकारी मीडिया आउटलेट नूरन्यूज के हवाले से बताया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/big-development-in-the-gulf-amid-iran-america-tension-sound-of/article-90715"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/iran-us-tension.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन।</strong> Iran-US Tension:<strong> </strong>ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र से एक और बड़ी खबर सामने आई है। रॉयटर्स ने ईरान के सरकारी मीडिया आउटलेट नूरन्यूज के हवाले से बताया है कि शनिवार को एक अमेरिकी जहाज की एक तेल टैंकर से टक्कर हुई। इस घटना के बाद ईरान के प्रमुख तेल केंद्र खार्ग आइलैंड के आसपास धमाकों की आवाज सुनाई देने की खबर सामने आई है। इस घटनाक्रम ने पहले से तनावपूर्ण खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। खासकर होर्मुज स्ट्रेट के आसपास लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच किसी जहाज से जुड़ी घटना को गंभीरता से देखा जा रहा है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">होर्मुज स्ट्रेट बना तनाव का सबसे बड़ा केंद्र</h4>
<p style="text-align:justify;">ईरान और अमेरिका के बीच पिछले कई महीनों से जारी टकराव हाल के दिनों में और ज्यादा गंभीर हुआ है। इसका सबसे बड़ा असर होर्मुज स्ट्रेट के आसपास दिखाई दे रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा समुद्री मार्गों में से एक है। खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और अन्य ऊर्जा उत्पाद इसी समुद्री रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचते हैं। ऐसे में अगर यहां लंबे समय तक सैन्य तनाव बना रहता है या जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">30 अगस्त को लारक आइलैंड पर अमेरिकी हमला</h4>
<p style="text-align:justify;">तनाव के बीच अमेरिका ने 30 अगस्त को ईरान के लारक आइलैंड पर हमले किए थे। अमेरिकी सेना के अनुसार, इस कार्रवाई में ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका का दावा था कि इन ठिकानों से समुद्र में माइंस बिछाने और जहाजों की आवाजाही के लिए खतरा पैदा करने की क्षमता जुड़ी हुई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">1 सितंबर को फिर बढ़ी सैन्य कार्रवाई</h4>
<p style="text-align:justify;">इसके कुछ ही दिन बाद 1 सितंबर को अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में दोबारा हमले किए।  अमेरिकी सेना के अनुसार, इस कार्रवाई में एयर डिफेंस सिस्टम, रडार स्टेशन, समुद्री संसाधन, माइन बिछाने की क्षमता और संचार केंद्रों को निशाना बनाया गया। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी और उसके सहयोगी देशों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। बहरीन, जॉर्डन और इराक समेत कई इलाकों में सैन्य तनाव का असर दिखाई दिया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">अब समुद्री जहाज भी निशाने पर?</h4>
<p style="text-align:justify;">अब इस संघर्ष का असर समुद्री यातायात पर भी दिखाई देने लगा है। रॉयटर्स की रिपोर्टों के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट के आसपास जहाजों पर गोलीबारी और अन्य हमलों की घटनाओं ने समुद्री कारोबार को लेकर चिंता बढ़ाई है। शनिवार को अमेरिकी जहाज और तेल टैंकर के बीच हुई टक्कर की खबर ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। हालांकि इस घटना से जुड़े सभी विवरण अभी सामने नहीं आए हैं, लेकिन खार्ग आइलैंड के आसपास धमाकों की आवाज की खबर ने मामले को और गंभीर बना दिया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">खार्ग आइलैंड क्यों है इतना महत्वपूर्ण?</h4>
<p style="text-align:justify;">खार्ग आइलैंड ईरान के लिए बेहद रणनीतिक और आर्थिक महत्व रखता है। यह देश के प्रमुख तेल निर्यात केंद्रों में शामिल है। इसलिए इसके आसपास किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या विस्फोट की खबर को केवल स्थानीय घटना के तौर पर नहीं देखा जा सकता। अगर खार्ग जैसे महत्वपूर्ण तेल केंद्र के आसपास तनाव बढ़ता है, तो इसका असर ईरान की तेल निर्यात क्षमता के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों की धारणा पर भी पड़ सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दुनिया की तेल सप्लाई पर कितना बड़ा असर?</h4>
<p style="text-align:justify;">होर्मुज स्ट्रेट से सामान्य परिस्थितियों में भारी मात्रा में कच्चा तेल और ऊर्जा उत्पाद दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचते हैं। यही वजह है कि इस समुद्री मार्ग में लंबे समय तक किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ा जोखिम बन सकती है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव और बढ़ता है और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, शिपिंग लागत में बढ़ोतरी और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि ईरान-अमेरिका का संघर्ष सीमित सैन्य कार्रवाई तक रहता है या इसका असर खाड़ी क्षेत्र के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर लंबे समय तक देखने को मिलता है। आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट और खार्ग आइलैंड के आसपास की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-09/iran-us-tension.jpeg" alt="Iran-US Tension" width="630" height="354"></img>
Iran-US Tension: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच खाड़ी में बड़ा घटनाक्रम, अमेरिकी जहाज की तेल टैंकर से टक्कर के बाद खार्ग आइलैंड के पास धमाकों की आवाज
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 16:26:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>West Asia Crisis: अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच मतभेद गहरे हैं, लेकिन कूटनीति ही समाधान</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका, ईरान और इजरायल के बढ़ते तनाव, पश्चिम एशिया की सुरक्षा, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव और कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं का विस्तृत विश्लेषण।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/west-asia-crisis-differences-between-america-iran-and-israel-are/article-89253"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/crisis-west-asia.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पश्चिम एशिया में अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस क्षेत्र में बढ़ती राजनीतिक खींचतान, सुरक्षा चिंताएं और सैन्य गतिविधियां वैश्विक शांति के लिए गंभीर चुनौती बन गई हैं। हालांकि अलग-अलग देशों के अपने हित और चिंताएं हैं, लेकिन यह भी सच है कि लगातार टकराव किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं दे सकता। ऐसे समय में कूटनीति ही वह माध्यम है, जिसके जरिए संघर्ष को नियंत्रित किया जा सकता है और शांति की संभावनाओं को मजबूत किया जा सकता है। West Asia Crisis</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका और ईरान के संबंध कई दशकों से उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं। वर्ष 1979 की ईरानी क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच अविश्वास बढ़ा। परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और सुरक्षा नीतियों को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद बने रहे। अमेरिका ने ईरान पर कई बार आर्थिक प्रतिबंध लगाए, जबकि ईरान ने इन्हें अपने विकास और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता पर दबाव के रूप में देखा। इस खींचतान ने दोनों देशों के बीच संवाद की राह को कठिन बना दिया। इजरायल भी इस पूरे विवाद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इजरायल ईरान की क्षेत्रीय गतिविधियों और परमाणु कार्यक्रम को अपनी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानता है। दूसरी ओर ईरान इजरायल की नीतियों का लगातार विरोध करता रहा है। दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष युद्ध की स्थिति भले ही लंबे समय तक नहीं रही, लेकिन छद्म संघर्ष और राजनीतिक विरोध ने क्षेत्र में तनाव बनाए रखा है। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी समझौते में इजरायल की सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा। West Asia Crisis</p>
<p style="text-align:justify;">पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट की सबसे बड़ी चिंता यह है कि एक छोटी घटना भी बड़े संघर्ष का रूप ले सकती है। सैन्य कार्रवाई से किसी देश को तत्काल लाभ मिल सकता है, लेकिन इसके दूरगामी परिणाम गंभीर हो सकते हैं। युद्ध की स्थिति में आम नागरिकों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार यह प्रयास करता रहा है कि तनाव को बातचीत के माध्यम से कम किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">कूटनीतिक समाधान की राह आसान नहीं है। अमेरिका अपनी सुरक्षा और सहयोगी देशों के हितों को प्राथमिकता देता है। ईरान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय भूमिका को बनाए रखना चाहता है। इजरायल अपने अस्तित्व और सुरक्षा को लेकर सतर्क रहता है। इन तीनों देशों की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं, जिसके कारण किसी भी समझौते तक पहुंचना कठिन हो जाता है। West Asia Crisis</p>
<p style="text-align:justify;">फिर भी इतिहास बताता है कि बड़े विवादों का अंत अंतत: बातचीत और समझौते के माध्यम से ही होता है। ऐसे समय में मध्यस्थ देशों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। तटस्थ देश संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। विश्वास बहाली के छोटे कदम, जैसे बातचीत जारी रखना, तनाव कम करने वाले निर्णय लेना और गलतफहमियों को दूर करना, भविष्य में बड़े समझौते की नींव रख सकते हैं। शांति प्रक्रिया तभी सफल हो सकती है, जब सभी पक्ष एक-दूसरे की चिंताओं को समझने और सम्मान देने के लिए तैयार हों।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह अपने सहयोगी इजरायल की सुरक्षा चिंताओं और ईरान के साथ तनाव कम करने की जरूरत के बीच संतुलन बनाए। केवल दबाव की नीति लंबे समय तक प्रभावी नहीं हो सकती। इसी तरह ईरान को भी यह समझना होगा कि क्षेत्रीय स्थिरता के बिना आर्थिक और राजनीतिक मजबूती हासिल करना कठिन होगा। इजरायल के लिए भी यह आवश्यक है कि सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति के महत्व को समझा जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्व समुदाय के लिए पश्चिम एशिया का संकट केवल एक क्षेत्रीय मामला नहीं है। इस क्षेत्र की घटनाओं का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। इसलिए संयुक्त प्रयासों के माध्यम से ऐसी व्यवस्था बनाने की जरूरत है, जिसमें सभी देशों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हो सके। स्थायी शांति के लिए सैन्य शक्ति से अधिक महत्वपूर्ण विश्वास, संवाद और राजनीतिक इच्छाशक्ति होती है। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच मतभेद गहरे हैं, लेकिन असंभव नहीं हैं। यदि सभी पक्ष टकराव के बजाय बातचीत को प्राथमिकता दें तो तनाव कम करने की दिशा में रास्ता निकाला जा सकता है। पश्चिम एशिया को आज हथियारों की नहीं, बल्कि समझदारी भरे फैसलों और मजबूत कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता है। आने वाला समय यह तय करेगा कि यह क्षेत्र संघर्ष की आग में घिरा रहेगा या संवाद के माध्यम से शांति की नई शुरूआत करेगा। West Asia Crisis<br /><strong>डॉ. एन.के. सोमानी (यह लेखक के अपने विचार हैं)।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
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                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 10:37:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Gaza War Peace Deal: हमास और ट्रम्प के बीच निशस्त्रीकरण का ऐतिहासिक समझौता, गाजा से चरणबद्ध तरीके से हटेगी इजरायली सेना</title>
                                    <description><![CDATA[हमास ने गाजा युद्ध को हमेशा के लिए समाप्त करने के उद्देश्य से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की 20 सूत्री शांति योजना और ऐतिहासिक निशस्त्रीकरण समझौते को अपनी स्वीकृति दे दी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/historic-disarmament-agreement-between-hamas-and-trump-israeli-army-will/article-88995"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/america.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन/गाजा (एजेंसी)।</strong> Donald Trump: हमास ने गाजा युद्ध को हमेशा के लिए समाप्त करने के उद्देश्य से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की 20 सूत्री शांति योजना और ऐतिहासिक निशस्त्रीकरण समझौते को अपनी स्वीकृति दे दी है। इस समझौते के तहत गाजा से इजरायली बलों की चरणबद्ध वापसी होगी और हमास सहित क्षेत्र में सक्रिय सभी सशस्त्र समूहों का पूरी तरह से निशस्त्रीकरण किया जायेगा। गाजा के प्रशासनिक हस्तांतरण की तैयारियों को लेकर 'नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन आॅफ गाजा' (एनसीएजी) ने अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी है। समिति ने स्पष्ट किया है कि वह 'एक प्राधिकरण, एक कानून और एक सुरक्षा व्यवस्था' के सिद्धांत पर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले कुछ महीनों में आवश्यक सेवाओं की बहाली के बाद, अब उसका मुख्य ध्यान प्रशासन को पटरी पर लाने, सार्वजनिक सुरक्षा में सुधार करने और पुनर्निर्माण के साथ आर्थिक अवसर पैदा करने पर है। समिति ने साफ किया कि इस चरण की सफलता फलस्तीनी राष्ट्रीय साझेदारी पर निर्भर करेगी, जिसके लिए वह 'बोर्ड आॅफ पीस', उच्च प्रतिनिधि के कार्यालय और अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण सेना के साथ समन्वय बनाकर काम करेगी। हमास ने भी अपनी पुरानी सरकार को भंग कर संयुक्त राष्ट्र समर्थित तकनीकी समिति को सत्ता सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, 'बोर्ड आॅफ पीस' के माध्यम से सामने आये इस समझौते को राष्ट्रपति ट्रम्प ने स्थायी शांति की दिशा में बड़ा और ऐतिहासिक कदम करार दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर पोस्ट किया, "हमास और अन्य सभी सशस्त्र समूहों के पूर्ण निशस्त्रीकरण के लिए 'बोर्ड आॅफ पीस' ने ऐतिहासिक समझौता कर लिया है।" उन्होंने जोर देकर कहा, "इस समझौते से गाजा का नियंत्रण एक नयी फिलिस्तीनी सरकार के पास होगा, जो बोर्ड आॅफ पीस के साथ मिलकर जनता की सेवा करेगी। इसके साथ ही इजरायल को वह सुरक्षा मिलेगी, जिसकी वह हकदार है और गाजा का इस्तेमाल दोबारा कभी आतंकी हमलों के लिए नहीं होगा।" ट्रम्प ने एक वर्ष पहले की भयावह स्थिति, मानवीय संकट और बंधकों के दर्द का जिक्र करते हुए मिस्र, कतर, तुर्की और अपनी कूटनीतिक टीम का आभार जताया तथा स्पष्ट किया कि सात अक्टूबर जैसी घटना की पुनरावृत्ति किसी भी हाल में नहीं होने दी जायेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">यह ऐतिहासिक समझौता मिस्र के शर्म अल-शेख में हस्ताक्षर किये गये अमेरिकी मध्यस्थता वाले संघर्ष-विराम के नौ महीने बाद आया है, जिसने गाजा पर इजरायल के दो वर्ष लंबे सैन्य अभियान पर विराम लगाया था। इससे पहले इजरायल-हमास के बीच दूसरे चरण के क्रियान्वयन को लेकर गतिरोध बना हुआ था, जिसमें हमास का निशस्त्रीकरण और गाजा का पुनर्निर्माण मुख्य मुद्दा थे। ट्रम्प की 20 सूत्री योजना के तहत ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के नेतृत्व में एक नयी तकनीकी फिलिस्तीनी सरकार का गठन किया जायेगा, जो गाजा के पुनरुद्धार की कमान संभालेगी। निशस्त्रीकरण पूरा होने के बाद इजरायली सेना पूरी तरह हट जायेगी और सुरक्षा व्यवस्था की कमान नयी 'अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण सेना' संभालेगी, जो फिलिस्तीनी पुलिस के साथ मिलकर काम करेगी। अधिकारियों के अनुसार, निशस्त्रीकरण की यह प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी। गाजा पुलिस बल अगले दो हफ्तों के भीतर अपने हथियार 'बोर्ड आॅफ पीस' समर्थित नयी तकनीकी सरकार को सौंप देगा। इस पुलिस बल में हालांकि हमास के लड़ाके और भारी हथियार शामिल नहीं हैं। हमास और 'फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद' जैसे अन्य समूहों के भारी हथियारों को सौंपने और सुरंगों के विशाल नेटवर्क को नष्ट करने की प्रक्रिया में लगभग 200 से 350 दिनों का समय लग सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बातचीत के दौरान अमेरिका ने इजरायल के साथ हर कदम पर सलाह-मशविरा किया है। यद्यपि इजरायल हमास के हथियार डालने की इच्छा पर लगातार संदेह जताता रहा है, लेकिन अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि इजरायल को अपनी पुरानी प्रतिबद्धताओं का पालन करते हुए सेना वापस बुलानी होगी और हवाई हमले रोकने होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रम्प ने चेतावनी भी दी कि यदि इजरायल समझौते का पालन नहीं करता है तो उन्हें बहुत निराशा होगी। उल्लेखनीय है कि ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में मुलाकात की थी, जो ईरान के खिलाफ संयुक्त रूप से युद्ध शुरू करने के बाद उनकी पहली आमने-सामने की बैठक थी।</p>
<p style="text-align:justify;">अक्टूबर 2023 में शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 73,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और वर्तमान में इजरायली सेना गाजा के आधे से अधिक हिस्से पर काबिज है, जहां लाखों फिलिस्तीनी बदहाल राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/america.jpeg" alt="America" width="629" height="349"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 17:12:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>US-Iran War: अमेरिका के हवाई हमलों में ईरान को बड़ा नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के हवाई हमलों में ईरान के होरमुजगान प्रांत में कई पुलों और सड़कों को निशाना बनाया गया, जिससे कम से कम तीन लोगों की मौत हो गयी और आठ अन्य घायल हो गये।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/iran-suffered-major-losses-in-americas-air-strikes/article-88306"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/us-iran-war.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>तेहरान (एजेंसी)। </strong>US-Iran War: अमेरिका के हवाई हमलों में ईरान के होरमुजगान प्रांत में कई पुलों और सड़कों को निशाना बनाया गया, जिससे कम से कम तीन लोगों की मौत हो गयी और आठ अन्य घायल हो गये। यह जानकारी स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में दी गई है। समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, बंदर अब्बास-रूदान मार्ग पर स्थित दो पुल हमलों में क्षतिग्रस्त हो गए। इस हमले में कई लोगों के हताहत होने की भी सूचना है। होरमुजगान प्रांत में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है और आठ अन्य घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने संभावित हमलों की आशंका को देखते हुए लोगों से प्रांतीय सड़कों पर अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। इसके साथ ही आपातकालीन दल क्षति का आकलन करने और वैकल्पिक मार्ग तैयार करने में जुटे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के परिवहन ढांचे पर हमले तेज कर दिये हैं और सड़क संपर्क को भी निशाना बनाया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/us-iran-war.jpeg" alt="US-Iran War" width="770" height="437"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 15:13:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>America Attack On Iran: अभी-अभी अमेरिका ने ईरान पर फिर किया बड़ा हमला</title>
                                    <description><![CDATA[ ईरान-अमेरिका के बीच जारी अस्थायी युद्धविराम के बीच अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में कई जगह हवाई हमलों को अंजाम दिया है, जिससे पश्चिम एशिया की शांति पर एक बार फिर आशंका के बादल छा गये हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/america-just-launched-another-major-attack-on-iran/article-85478"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/america-attack-on-iran.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>तेहरान (एजेंसी)।</strong> America Attack On Iran: ईरान-अमेरिका के बीच जारी अस्थायी युद्धविराम के बीच अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में कई जगह हवाई हमलों को अंजाम दिया है, जिससे पश्चिम एशिया की शांति पर एक बार फिर आशंका के बादल छा गये हैं। सीएनएन ने मंगलवार को अमेरिकी केंद्रीय कमान के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स के हवाले से कहा, "अमेरिकी बलों ने आज ईरानी बलों के खतरे से हमारे सैनिकों की रक्षा के लिए दक्षिण ईरान में आत्मरक्षा हमलों को अंजाम दिया। हमने मिसाइल लॉन्च ठिकानों और समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही ईरानी नौकाओं को निशाना बनाया।" ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों ने भी इन हमलों की पुष्टि की।</p>
<p style="text-align:justify;">इरना और मेहर समाचार एजेंसी ने सोमवार रात को बताया कि बंदर अब्बास के पूर्व में और होर्मुज जलडमरूमध्य के सामने वाले तटीय इलाकों में धमाके जैसी कई आवाजें सुनी गईं। मेहर ने तुरंत पुष्टि की कि बंदरगाह शहर में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, चिंता की कोई बात नहीं है और सामान्य गतिविधियां बिना किसी रुकावट के जारी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">तसनीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने भी इसी तरह सिरिक और जास्क के पास सहित आसपास के इलाकों में विस्फोटों की आवाजों का उल्लेख किया, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि ईरानी रक्षा प्रणालियों और अधिकारियों ने तेजी से और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दी।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरानी मीडिया ने कहा कि अमेरिका की यह ताजा "दुस्साहसपूर्ण कार्रवाई" ऐसे समय में आयी है जब ईरान नाजुक युद्धविराम का लगातार पालन कर रहा है और फारस की खाड़ी में शांति बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध है। ईरान ने बार-बार चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में किसी भी विदेशी आक्रामकता से अंतरराष्ट्रीय नौवहन और ऊर्जा सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी, और ईरान के सशस्त्र बल इसका दृढ़ और समुचित जवाब देंगे। दक्षिणी ईरान के स्थानीय सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि निवासियों ने धमाकों की आवाज सुनी थी, लेकिन बंदर अब्बास में जनजीवन सामान्य रूप से चल रहा है। बंदरगाह के कामकाज, नागरिक जीवन और रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर इसका कोई असर पड़ने की सूचना नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/america-attack-on-iran.jpg" alt="America Attack On Iran" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 14:34:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-अमेरिका व्यापार समझौता:“किसानों के हितों से समझौता”और खेती के लिए जहर: राकेश टिकैत</title>
                                    <description><![CDATA[भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता अमेरिकी कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने वाला: टिकैत भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौतों से कृषि संबंधी प्रावधान हटाए जाए: भाकियू हालिया भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता अमेरिकी कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने वाला: सुधाकर सिंह नई दिल्ली (सच कहूँ/रविंद्र सिंह)। New Delhi: राजधानी स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में बीज विधेयक, विद्युत (संशोधन) […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/india-us-interim-trade-agreement-to-benefit-us-agriculture-sector-tikait/article-81171"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/new-delhi-3.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता अमेरिकी कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने वाला: टिकैत</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौतों से कृषि संबंधी प्रावधान हटाए जाए: भाकियू</li>
<li>हालिया भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता अमेरिकी कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने वाला: सुधाकर सिंह</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ/रविंद्र सिंह)।</strong> New Delhi: राजधानी स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में बीज विधेयक, विद्युत (संशोधन) विधेयक और भारत-अमेरिका व भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौतों को लेकर व्यापक जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए और इन्हें किसान विरोधी बताया। सभा को बक्सर से सांसद  सुधाकर सिंह, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद  संजय सिंह, भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय महासचिव  चौधरी युद्धवीर सिंह, भाकियू प्रवक्ता  चौधरी राकेश टिकैत, बिहार प्रदेश प्रभारी  दिनेश कुमार, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष रतन मान सिंह  सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संबोधित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">वक्ताओं ने आरोप लगाया कि हालिया भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता अमेरिकी कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने वाला है, जबकि भारतीय किसानों को सीमित टैरिफ रियायत मिली है।उन्होंने कहा कि 2 जनवरी को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा सोशल मीडिया पर अंतरिम समझौते की घोषणा की गई थी, जिसे 6 फरवरी के संयुक्त बयान में मान्यता दी गई। समझौते के तहत भारत ने अमेरिकी कृषि एवं खाद्य उत्पादों,जैसे डीडीजी (डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स), सोयाबीन तेल, पशु चारा, मेवे, प्रसंस्कृत फल, शराब एवं अन्य उत्पादों के लिए बाजार खोल दिया है। किसान नेताओं का दावा है कि इससे मक्का, ज्वार, सोयाबीन जैसी फसलों के घरेलू दामों पर दबाव पड़ेगा। विशेष रूप से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और राजस्थान के सोयाबीन उत्पादक किसानों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जेनेटिकली इंजीनियर (GE) उत्पादों पर भाकियू ने जताई चिंता</h3>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त बयान में गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाने की सहमति का उल्लेख करते हुए भाकियू ने आशंका जताई कि इससे जेनेटिकली इंजीनियर (GE) कृषि उत्पादों के आयात का रास्ता खुल सकता है। संगठन ने बायोसेफ्टी प्रोटोकॉल और स्वास्थ्य प्रभावों के दीर्घकालिक अध्ययन की कमी पर चिंता व्यक्त की।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भारत-यूरोपीय संघ एफटीए:“समान अवसर नहीं”</h3>
<p style="text-align:justify;">27 जनवरी 2026 को भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिए जाने का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यूरोपीय संघ को भारतीय बाजार में व्यापक पहुंच मिलेगी, जबकि भारतीय कृषि निर्यात को यूरोपीय संघ के कठोर स्वास्थ्य एवं गुणवत्ता मानकों के कारण वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बीज संप्रभुता पर संकट की आशंका | New Delhi</h3>
<p style="text-align:justify;">भाकियू ने पौधों की किस्मों पर बौद्धिक संपदा संरक्षण (UPOV 1991) के संभावित प्रभावों को लेकर भी चिंता जताई। नेताओं का कहना है कि यदि भारत ने UPOV 1991 जैसे प्रावधानों को स्वीकार किया, तो इससे किसानों के पारंपरिक बीज बचाने और साझा करने के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ड्राफ्ट सीड बिल 2025:“कॉरपोरेट नियंत्रण को बढ़ावा”</h3>
<p style="text-align:justify;">भाकियू ने ड्राफ्ट सीड बिल 2025 का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि यह बीज कीमतों में वृद्धि और कॉरपोरेट नियंत्रण को मजबूत करेगा। संगठन के अनुसार, यह विधेयक राज्यों की शक्तियों के केंद्रीकरण और किसानों को खराब बीज से हुए नुकसान पर पर्याप्त मुआवजे की व्यवस्था नहीं करता।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कीटनाशक प्रबंधन विधेयक 2025 पर सवाल</h3>
<p style="text-align:justify;">संगठन ने कीटनाशक प्रबंधन विधेयक 2025 को उद्योग समर्थक बताते हुए कहा कि इसमें मूल्य नियंत्रण, स्पष्ट देयता तंत्र और राज्यों को प्रभावी प्रतिबंध लगाने की पर्याप्त शक्तियां नहीं दी गई हैं। भाकियू ने मांग की कि विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजा जाए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025: “निजीकरण का खतरा”</h3>
<p style="text-align:justify;">भाकियू ने विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 के मसौदे को किसानों के लिए घातक बताया। नेताओं का कहना है कि इससे बिजली क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा और राज्यों की भूमिका सीमित होगी।उन्होंने चेतावनी दी कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर जैसी व्यवस्थाएं छोटे और सीमांत किसानों के लिए अतिरिक्त बोझ बनेंगी। सिंचाई के समय बिजली आपूर्ति बाधित होने से फसल नुकसान का खतरा बढ़ सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भाकियू की केंद्र सरकार से ये है प्रमुख मांगें</h3>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अंत में भाकियू ने केंद्र सरकार से मांग की कि भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौतों से कृषि संबंधी प्रावधान हटाए जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">ड्राफ्ट सीड बिल 2025 और विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 को वापस लिया जाए।कीटनाशक प्रबंधन विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजा जाए। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">किसानों की नीतिगत संप्रभुता और बीज अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो देशभर में व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत के अनुसार  इसी क्रम में भाकियू 12 फरवरी-26 को  देशभर में  जिला मुख्यालयों पर और किसान अपने – अपने खतों पर भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते का विरोध करेंगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="सरकार पूरे पंजाब में नशे के खिलाफ लगातार यात्राएं निकाल रही है: कुलदीप धालीवाल" href="http://10.0.0.122:1245/governors-visit-with-political-patrons-of-drug-traffickers-a-mere-sham-kuldeep-dhaliwal/">सरकार पूरे पंजाब में नशे के खिलाफ लगातार यात्राएं निकाल रही है: कुलदीप धालीवाल</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/india-us-interim-trade-agreement-to-benefit-us-agriculture-sector-tikait/article-81171</link>
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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 14:36:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिन्द महासागर में अमेरिका ने कब्जे में लिया वेनेजुएला से जुड़ा तेल का टैंकर</title>
                                    <description><![CDATA[वॉशिंगटन (एजेंसी)। Washington: अमेरिका के सैनिक हिन्द महासागर में वेनेजुएला से जुड़े एक तेल टैंकर का रात भर पीछा करने के बाद उस पर चढ़ गये। अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने सोमवार को यह जानकारी दी। हेगसेथ ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा, ‘रात भर, अमेरिकी सैन्य बल ने बिना किसी घटना के, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/us-seizes-venezuelan-oil-tanker-in-indian-ocean/article-81135"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/washington.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वॉशिंगटन (एजेंसी)।</strong> Washington: अमेरिका के सैनिक हिन्द महासागर में वेनेजुएला से जुड़े एक तेल टैंकर का रात भर पीछा करने के बाद उस पर चढ़ गये। अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने सोमवार को यह जानकारी दी। हेगसेथ ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा, ‘रात भर, अमेरिकी सैन्य बल ने बिना किसी घटना के, ‘मुआयने के अधिकार’ के तहत समुद्री अवरोध को अंजाम दिया, एक्विला-2 पर चढ़ाई की। यह (जहाज) भागा, और हमने उसका पीछा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने वेनेजुएला से आने-जाने वाले तेल के टैंकरों पर प्रतिबंध लगाया है और यह टैंकर उस प्रतिबंध का उल्लंघन कर रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक्विला-2 में लगभग सात लाख बैरल वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल था जो जनवरी की शुरूआत में वेनेजुएला जल क्षेत्र से निकला था। हेगसेथ ने लिखा, ‘युद्ध विभाग ने कैरिबियन से हिंद महासागर तक इस जहाज को ट्रैक किया और उसका पीछा किया। हमसे आगे निकलने से बहुत पहले ही तुम्हारा ईंधन खत्म हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि तीन जनवरी को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लेने के बाद से अमेरिका ने वेनेजुएला से जुड़े तेल जहाजों पर अपनी नाकाबंदी जारी रखी है। Washington</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 15:28:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>America: अमेरिका ने भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत दंडात्मक आयात शुल्क हटाया</title>
                                    <description><![CDATA[वॉशिंगटन (एजेंसी)। Import Duty: अमेरिका ने रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए पिछले साल अगस्त में भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत दंडात्मक आयात शुल्क हटा लिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 06 फरवरी को इस संबंध में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया। यह आदेश 07 फरवरी से प्रभावी हो गया है। अपने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/us-lifts-twenty-five-percent-punitive-import-duty-imposed-on-india/article-81050"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/america.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वॉशिंगटन (एजेंसी)।</strong> Import Duty: अमेरिका ने रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए पिछले साल अगस्त में भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत दंडात्मक आयात शुल्क हटा लिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 06 फरवरी को इस संबंध में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया। यह आदेश 07 फरवरी से प्रभावी हो गया है। अपने आदेश में उन्होंने कहा, “मुझे …भारत के प्रयासों के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से अतिरिक्त जानकारी और सिफारिशें प्राप्त हुई हैं। विशेष रूप से, भारत ने रूसी संघ से तेल का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जतायी है। उसने बताया है कि वह अमेरिका से ऊर्जा उत्पादों की खरीद करेगा, और हाल ही में उसने अगले 10 वर्षों में रक्षा सहयोग का विस्तार करने के लिए अमेरिका के साथ एक फ्रेमवर्क पर सहमति व्यक्त की है।” America</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा है कि इन जानकारियों के आलोक में उनका मानना है कि भारत ने अमेरिका की राष्ट्रीय आपात स्थिति, विदेश नीति और आर्थिक मामलों के संबंध में काफी कदम उठाये हैं। आदेश में कहा गया है, “तदनुसार, मैंने अतिरिक्त शुल्क हटाने का फैसला किया है। मेरी राय में यह बदलाव जरूरी है।” उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने पिछले साल अगस्त में भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत जवाबी आयात शुल्क लगाने की घोषणा की थी। इसके अलावा उसने रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क लगाया था। श्री ट्रंप ने कहा था कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीद कर उसकी आर्थिक मदद कर रहा है जिस पैसे का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के लिए किया जा रहा है। America</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Godaan Movie Tax Free: उत्तराखंड में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘गोदान’, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की घोषणा" href="http://10.0.0.122:1245/the-film-godaan-has-been-declared-tax-free-in-uttarakhand-announced-cm-pushkar-singh-dhami/">Godaan Movie Tax Free: उत्तराखंड में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘गोदान’, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की घोषणा</a></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 16:35:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>America Plane Crash: अमेरिका में बड़ा हादसा, कई लोगों की मौत की खबर</title>
                                    <description><![CDATA[स्टेट्सविले/नॉर्थ कैरोलिना (एजेंसी)। America Plane Crash: अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्थित एक क्षेत्रीय हवाई अड्डे पर एक छोटा विमान उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना में कई लोगों की मौत की आशंका है। बीबीसी के अनुसार विमानन अधिकारियों ने बताया कि इस सेसना सी550 विमान में छह लोग सवार थे। यह कॉपोर्रेट जेट स्थानीय […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/a-plane-crashed-while-landing-at-a-regional-airport-in-north-carolina-usa/article-79394"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/america-plane-crash.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>स्टेट्सविले/नॉर्थ कैरोलिना (एजेंसी)।</strong> America Plane Crash: अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्थित एक क्षेत्रीय हवाई अड्डे पर एक छोटा विमान उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना में कई लोगों की मौत की आशंका है। बीबीसी के अनुसार विमानन अधिकारियों ने बताया कि इस सेसना सी550 विमान में छह लोग सवार थे। यह कॉपोर्रेट जेट स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग सवा दस बजे स्टेट्सविले रीजनल एयरपोर्ट पर दुर्घटना का शिकार हो गया। हवाई अड्डे के निदेशक जॉन फर्ग्यूसन ने बताया कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे, तब विमान आग की लपटों में घिरा हुआ था। विमान रनवे के पूर्वी छोर पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। मलबे को हटाने और जांच के लिए स्टेट्सविले हवाई अड्डे को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड इस हादसे की जांच कर रहा है। दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="हरियाणा के इस जिले के युवाओं की हो गई मौज, पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने किया शुभारंभ" href="http://10.0.0.122:1245/ambala-lok-sabha-level-mp-sports-festival-was-inaugurated-at-the-local-police-line/">हरियाणा के इस जिले के युवाओं की हो गई मौज, पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने किया शुभारंभ</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 17:24:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>America: अमेरिका ने अफगान वीजा जारी करने पर रोक लगाई</title>
                                    <description><![CDATA[वॉशिंगटन (एजेंसी)। Afghan Visa: अमेरिका ने शुक्रवार को अफगानिस्तान के पासपोर्ट पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए वीजा जारी करने पर “तुरंत रोक” लगाने और सभी शरण के लिए आवेदन करने पर रोक लगाने की घोषणा की है। यह घोषणा वॉशिंगटन, डीसी में हुई एक गोलीबारी की घटना के बाद की गई है, जिसमें […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/us-suspends-issuance-of-afghan-visas/article-78714"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/washington-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वॉशिंगटन (एजेंसी)।</strong> Afghan Visa: अमेरिका ने शुक्रवार को अफगानिस्तान के पासपोर्ट पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए वीजा जारी करने पर “तुरंत रोक” लगाने और सभी शरण के लिए आवेदन करने पर रोक लगाने की घोषणा की है। यह घोषणा वॉशिंगटन, डीसी में हुई एक गोलीबारी की घटना के बाद की गई है, जिसमें नेशनल गार्ड के एक सदस्य की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। अमेरिकी सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) ने कहा कि इस रोक का मकसद यह पक्का करना है कि हर आवेदक की ज्यादा से ज्यादा जांच हो सके। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि विदेश मंत्रालय ने “अफगान पासपोर्ट पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए वीजा जारी करने पर तुरंत रोक लगा दी है,” और कहा कि प्रशाासन “अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा और जन सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा है।”</p>
<p style="text-align:justify;">यह सख्त कार्रवाई बुधवार को घात लगाकर की गई गोलीबारी के संदिग्ध की पहचान एक अफगान नागरिक के रूप में होने के बाद की गई है। हमले के बाद, ट्रंप कार्यालय ने आव्रजन नीति को और सख्त करने के लिए तेजी से कदम उठाए। यूएससीआईएस के निदेशक जो एडलो ने एक्स पर कहा, “यूएससीआईएस ने सभी शरण फैसलों को तब तक रोक दिया है जब तक हम यह पक्का नहीं कर लेते कि हर विदेशी की ज्यादा से ज्यादा जांच और स्क्रीनिंग हो। अमेरिकी लोगों की सुरक्षा हमेशा सबसे पहले आती है। प्रशासन ने अफगानिस्तान समेत 19 ”चिंताजनक देशों” के नागरिकों को पहले जारी किए गए सभी ग्रीन कार्ड की समीक्षा करने का भी आदेश दिया है और गृह सुरक्षा विभाग को पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में मंजूर राजनीतिक शरण मामलों की फिर से जांच करने का निर्देश दिया है। Washington News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Punjab: पंजाब के नरेगा में बड़ा बदलाव, अब आप घर में बैठे हो फिर भी मिलेगी पूरी मजदूरी!" href="http://10.0.0.122:1245/changes-in-nrega-in-punjab/">Punjab: पंजाब के नरेगा में बड़ा बदलाव, अब आप घर में बैठे हो फिर भी मिलेगी पूरी मजदूरी!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Nov 2025 13:03:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>America: ट्रम्प ने भारतवासियों को दे दी खुशखबरी, जानिये&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन (एजेंसी)। Washington: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका, भारत के साथ नये व्यापार समझौते के काफी करीब है। ट्रम्प ने यहां भारत में अमेरिका के राजदूत पद पर नियुक्त हुए सर्जियो गोर के शपथ ग्रहण समारोह के मौके पर अपने ओवल कार्यालय में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/us-president-donald-trump-has-said-that-america-is-close-to-a-new-trade-deal-with-india/article-78012"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/washington.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन (एजेंसी)।</strong> Washington: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका, भारत के साथ नये व्यापार समझौते के काफी करीब है। ट्रम्प ने यहां भारत में अमेरिका के राजदूत पद पर नियुक्त हुए सर्जियो गोर के शपथ ग्रहण समारोह के मौके पर अपने ओवल कार्यालय में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि यह एक निष्पक्ष व्यापार समझौता होगा और पुराने समझौते से बिल्कुल अलग होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने इस साल अगस्त से भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया है। इसमें 25 प्रतिशत रूस से तेल आयात करने और शेष 25 प्रतिशत भारत में अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क की ऊंची दरों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के तौर पर लगाया गया है। America</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="जिले में पड़ोसी राज्यों से आ रहा धान, रोकने के लिए एसडीएम ने किया नाकों और राइस मिल का निरीक्षण" href="http://10.0.0.122:1245/sdm-inspected-the-checkpoints-and-rice-mills/">जिले में पड़ोसी राज्यों से आ रहा धान, रोकने के लिए एसडीएम ने किया नाकों और राइस मिल का निरीक्षण</a></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Nov 2025 16:45:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>New York: सरकारी फंडिंग को लेकर अमेरिका में रिपब्लिकन-डेमोक्रेट आमने-सामने</title>
                                    <description><![CDATA[40 हवाई अड्डों पर विमानों की आवागमन प्रभावित लाखों फेडरल वर्कर्स का वेतन रुका न्यूयॉर्क (एजेंसी)। New York: अमेरिका में अब तक का सबसे लंबा शटडाउन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। शटडाउन की वजह से प्राइवेट जेट सर्विस सहित सैकड़ों फ्लाइट रद्द कर दी गई। इसके अलावा, लाखों फेडरल वर्कर्स की सैलरी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/flight-operations-at-forty-airports-affected/article-77925"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/new-york.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">40 हवाई अड्डों पर विमानों की आवागमन प्रभावित</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>लाखों फेडरल वर्कर्स का वेतन रुका</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्क (एजेंसी)।</strong> New York: अमेरिका में अब तक का सबसे लंबा शटडाउन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। शटडाउन की वजह से प्राइवेट जेट सर्विस सहित सैकड़ों फ्लाइट रद्द कर दी गई। इसके अलावा, लाखों फेडरल वर्कर्स की सैलरी रोक दी गई। शटडाउन की वजह से अमेरिका के लाखों गरीबों के खाने पर भी संकट आ गया। सुप्रीम कोर्ट ने एसएनएपी के फंड में कटौती के ट्रम्प सरकार के फैसले को मंजूरी दे दी। अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स में जारी तनाव का असर ना केवल सरकारी कामकाजों पर बल्कि आम जनता पर भी पड़ रहा है। कर्मचारियों और सैनिकों की सैलरी पर रोक लगा दी गई और हजार से भी ज्यादा फ्लाइटें रद्द कर दी गई हैं। साथ ही, कई विमान देरी से उड़ान भर रही हैं। करीब 40 प्रमुख एयरपोर्ट इसकी वजह से बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एयरपोर्ट कर्मचारियों की मानें, तो हवाई अड्डे पर सुरक्षा को लेकर एक रिस्क भी है। सरकारी शटडाउन के 39वें दिन, शनिवार को सीनेट की बैठक हुई। हालांकि, फिर भी कोई हल नहीं निकला। इस चिंता से निपटने के लिए फिर से बैठक होने वाली है। New York</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका में जो रेगुलर बजट 1 अक्टूबर को पेश कर दिया जाता था, शटडाउन की वजह से उसमें भी देरी हो रही है। अक्टूबर के इस नियमित बजट के साथ अमेरिका में वित्तीय वर्ष की शुरूआत होती है। अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि शटडाउन कब तक खत्म होगा। अगर शटडाउन खत्म नहीं होता है, ये सारी समस्याएं जारी रहेंगी, बल्कि अन्य परेशानियां भी बढ़ सकती हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ट्रंप अपनी बात पर अडिग</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप डेमोक्रेट्स पर जमकर बरसे और ट्रूथ सोशल पर लिखा, ‘‘डेमोक्रेट्स शटडाउन पर कुत्तों की तरह टूट रहे हैं, क्योंकि उन्हें इस बात का डर है कि मैं रिपब्लिकन के साथ मिलकर फिलिबस्टर को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहा हूं! चाहे हम समझौता करें या न करें, रिपब्लिकन्स को फिलिबस्टर को ‘ध्वस्त’ करना होगा!’’</p>
<h3 style="text-align:justify;">ये है मामला | New York</h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि केवल 53 वोटों के साथ, रिपब्लिकन फिलिबस्टर को खत्म करने और अस्थायी वित्त पोषण प्रस्ताव के अपने संस्करण को पारित करने में असमर्थ हैं। वहीं, डेमोक्रेट्स का कहना है कि वे तब तक फिलिबस्टर को खत्म नहीं होने देंगे, जब तक कि ओबामाकेयर में सब्सिडी के प्रावधान को आगे नहीं बढ़ाया जाता।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Haryana New Flyover: हरियाणा के इस जिले में बनेगा नया फ्लाईओवर, सरकार ने किया ऐलान" href="http://10.0.0.122:1245/approval-given-for-construction-of-new-flyover-in-panipat/">Haryana New Flyover: हरियाणा के इस जिले में बनेगा नया फ्लाईओवर, सरकार ने किया ऐलान</a></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Sun, 09 Nov 2025 17:37:37 +0530</pubDate>
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