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                <title>infiltration - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>उरी सेक्टर में सतर्क सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की कोशिश नाकाम की</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर। उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले में रविवार को सतर्क सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया।आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि नियंत्रण रेखा पर तैनात सुरक्षा बलों ने उरी सेक्टर में अंगूरी पोस्ट पर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से कुछ घुसपैठियों को भारतीय सीमा में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/vigilant-security-forces-foil-infiltration-bid-in-uri-sector/article-27006"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-09/infiltration-in-uri.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर।</strong> उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले में रविवार को सतर्क सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया।आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि नियंत्रण रेखा पर तैनात सुरक्षा बलों ने उरी सेक्टर में अंगूरी पोस्ट पर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से कुछ घुसपैठियों को भारतीय सीमा में घुसने का प्रयास करते देखकर उन्हें ललकारा। इसके बाद घुसपैठियों ने गोलीबारी कर दी जिसका भारतीय सैनिकों ने भी करारा जवाब दिया। सुरक्षा बलों ने इसके बाद पूरे इलाके में सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है।</p>
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                <pubDate>Sun, 19 Sep 2021 21:40:45 +0530</pubDate>
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                <title>पुंछ में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, एक आतंकवादी मारा गया</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू (एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के समीप घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुये सेना ने सोमवार को एक आतंकवादी को मार गिराया। जम्मू में रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने बताया कि आज तड़के एक आतंकवादी ने नियंत्रण रेखा के पार से पुंछ सेक्टर में घुसपैठ करने की कोशिश […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/infiltration-attempt-foiled-in-poonch-one-terrorist-killed/article-26389"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-08/encounter-between-militants-and-security-forces-in-shopian-internet-service-stopped1.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जम्मू (एजेंसी)।</strong> जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के समीप घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुये सेना ने सोमवार को एक आतंकवादी को मार गिराया। जम्मू में रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने बताया कि आज तड़के एक आतंकवादी ने नियंत्रण रेखा के पार से पुंछ सेक्टर में घुसपैठ करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘सेना के सतर्क जवानों ने एकीकृत निगरानी ग्रिड के प्रभावी उपयोग के जरिये इस घुसपैठ की कोशिश का पता लगाया। प्रवक्ता ने बताया कि इस दौरान सेना के जवानों के साथ मुठभेड़ में आतंकवादी मारा गया। इसके बाद आतंकवादी का शव बरामद किया गया और उसके पास से एक एके-47 राइफल भी बरामद हुई है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सेना का अभियान अभी भी जारी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सीमावर्ती इलाके में रहने वाले लोग सैनिकों की तरह करते हैं सीमाओं की रक्षा: जितेंद्र</h4>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग वास्तव में सलाम के पात्र हैं, क्योंकि वे उसी तरह सीमाओं की रक्षा करते हैं, जिस तरह हमारे वर्दी वाले सैनिक। डॉ. सिंह ने यहां सीमा जागरण मंच, सेवा भारती और एनएचपीसी द्वारा आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा, ‘इन लोगों को पिछली गैर-भाजपा सरकारों ने वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया और उनकी कोई परवाह नहीं की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद, इन लोगों को अब न्याय मिल रहा है। उन्होंने कहा, ‘जल्द ही केंद्र सरकार सीमावर्ती इलाकों में जीरो लाइन पर सुरंगों का पता लगाने की तकनीक भी हासिल कर लेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. सिंह ने कहा कि इस समय सीमा पर दो तरह की चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा, ‘पहली सीमा पार से घुसपैठ है, इसे या तो सुरक्षा बलों ने या सीमा पर बाड़ लगाकर नियंत्रित किया गया है। अब सीमा पर सैटेलाइट के जरिये भी नजर रखी जा रही है। डॉ. सिंह ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती उन लोगों से है जो समाज के भीतर रहते हैं और घुसपैठ करने वालों या करवाने वालों के समर्थक हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में सीमावर्ती लोगों की हर मांग को पूरा करने का हर संभव प्रयास किया गया है।</p>
<p> </p>
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                <pubDate>Mon, 30 Aug 2021 13:00:34 +0530</pubDate>
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                <title>कुपवाड़ा में घुसपैठ का बड़ा प्रयास विफल</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर (एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के कुपवाडा जिले (Kupwara) के तंगधार क्षेत्र में सीमा रेखा के निकट पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की ओर से मुस्तैद सुरक्षा बलों ने घुसपैठ का बड़ा प्रयास विफल कर दिया। इस दौरान हुई मुठभेड में पांच आतंकवादी ढेर हो गए और सेना का जवान भी शहीद हुआ है। रक्षा मंत्रालय के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/big-effort-of-infiltration-failed-in-kupwara/article-6039"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/kupwara-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>श्रीनगर (एजेंसी)।</strong> जम्मू-कश्मीर के कुपवाडा जिले <strong>(Kupwara)</strong> के तंगधार क्षेत्र में सीमा रेखा के निकट पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की ओर से मुस्तैद सुरक्षा बलों ने घुसपैठ का बड़ा प्रयास विफल कर दिया। इस दौरान हुई मुठभेड में पांच आतंकवादी ढेर हो गए और सेना का जवान भी शहीद हुआ है।</p>
<p>रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने सोमवार को ‘यूनीवार्ता’ को बताया कि मुस्तैद सैनिकों को इस बात का आभास हुआ कि रविवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की तरफ से आतंकवादियों का एक गुट भारतीय सीमा में प्रवेश करने की फिराक में है। सैनिकों ने जब आतंकवादियों को चुनौती दी और आत्मसमर्पण करने के लिए कहा तो उन्होंने स्वचालित हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में सेना ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया।</p>
<p>प्रवक्ता ने बताया कि उस समय आतंकवादी इलाके से बच निकले लेकिन बाद में सघन तलाश और खोज अभियान चलाया गया जिससे आतंकवादियों का पता चल गया। इसके बाद दोनों तरफ से फायरिंग हुई। शुरूआती फायरिंग में दो आतंकवादी मारे गए।</p>
<p>कर्नल कालिया ने बताया कि अंधेरा हो जाने की वजह से रविवार रात को अभियान रोक दिया गया और सोमवार सुबह फिर से आांकवादियों की तलाश में सेना जुट गई। इसके बाद सोमवार को आतंकवादियों के बारे में फिर पता चला और फायरिंग में तीन और घुसपैठियों को जवानों ने मार गिराया। इस मुठभेड़ में ‘एक जवान भी शहीद हुआ है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि रिपोर्ट मिलने तक सघन खोज अभियान जारी है। प्रवक्ता ने बताया कि बर्फबारी शुरू होने से पहले रास्ता बंद न हो जाए इसलिए बड़ी संख्या में घुसपैठिए लाँच पैड पर भारत में घुसने के इंतजार में हैं।</p>
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                <pubDate>Mon, 24 Sep 2018 18:30:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन ने की घुसपैठ की कोशिश, भारतीय फौज ने किया नाकाम</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली: इंडिपेंडेंस डे पर चीन ने लद्दाख में घुसपैठ की कोशिश की, जिसे भारतीय फौज ने नाकाम कर दिया। घुसपैठ की कोशिश लद्दाख में पेंगॉन्ग लेक के पास हुई। भारत की कार्रवाई के बाद चीनी सैनिकों ने पथराव किया। इसके चलते जवानों को चोटें आईं। चीन के भी कुछ सैनिकों के घायल होने की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/china-infiltration-attempt/article-3137"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/sikkim-.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> इंडिपेंडेंस डे पर चीन ने लद्दाख में घुसपैठ की कोशिश की, जिसे भारतीय फौज ने नाकाम कर दिया। घुसपैठ की कोशिश लद्दाख में पेंगॉन्ग लेक के पास हुई। भारत की कार्रवाई के बाद चीनी सैनिकों ने पथराव किया। इसके चलते जवानों को चोटें आईं। चीन के भी कुछ सैनिकों के घायल होने की खबर है। बता दें कि 16 जून से सिक्किम के डोकलाम में भारत-चीन के बीच विवाद चल रहा है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">भारत ने किया था हिस्से पर दावा</h1>
<p style="text-align:justify;">1990 के दशक के दौरान भारत ने इलाके में अपना दावा किया था। इसके बाद चीनी आर्मी ने यहां एक सड़क बना ली थी और इसे अक्साई चिन का हिस्सा बताया था। चीन फिंगर फोर तक भी रोड बना चुका है जो लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल से महज 5 किमी दूर है। पेंगॉन्ग लेक के उत्तरी और दक्षिणी तट पर चीन लगातार पैट्रोलिंग करता रहा है। लेक भारतीय सीमा से 45 किमी तो चीन सीमा से 90 किमी दूर है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">दोनों तरफ के जवानों को आईं चोटें</h1>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार 15 अगस्त को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने भारत के दो इलाकों ‘फिंगर फोर’ और ‘फिंगर फाइव’ में सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच घुसपैठ की कोशिश की। लेकिन दोनों ही बार भारतीय जवानों ने इसे नाकाम कर दिया।  भारतीय फौज के रास्ता रोक देने के बाद चीन के सैनिकों ने ह्यूमन चेन बनाई और पथराव किया। भारतीय जवानों ने भी इसका जवाब दिया। इससे दोनों तरफ के जवानों को चोटें आईं। ड्रिल के बाद दोनों देशों की फौजें अपनी-अपनी पोजिशन पर लौट गईं।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/china-infiltration-attempt/article-3137</link>
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                <pubDate>Wed, 16 Aug 2017 00:47:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कश्मीर के ये गैर जिम्मेदार नेता</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को सुलगाता रहा है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के पीछे पाकिस्तान का हाथ है। पाक की आतंकी पाठशालाओं में आतंकियों को तैयार कर भारत में घुसपैठ कराई जाती है। कश्मीर में मरे कई आतंकियों के घर-पतों की जानकारी में यह बात साबित हो चुकी है। पाकिस्तान में चल रही इन संदिग्ध और घिनौनी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/irresponsible-leader-of-kashmir/article-2931"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/stone-throwing.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को सुलगाता रहा है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के पीछे पाकिस्तान का हाथ है। पाक की आतंकी पाठशालाओं में आतंकियों को तैयार कर भारत में घुसपैठ कराई जाती है। कश्मीर में मरे कई आतंकियों के घर-पतों की जानकारी में यह बात साबित हो चुकी है। पाकिस्तान में चल रही इन संदिग्ध और घिनौनी हरकतों से पूरी दुनिया वाकिफ हो चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां तक कि खुद अमेरिका पाकिस्तान को चेतावनी दे चुका है कि वह आतंकी गतिविधियों से पल्ला झाड़ ले वरना उसकी फंडिंग पर शिकंजा कसा जाएगा। इसके बाद यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि जम्मू-कश्मीर के मुस्लिम परस्त नेता अपने राज्य की मुस्लिम आबादी को भड़काने या शह देने का काम करेंगे। पिछले दिनों में जम्मू-कश्मीर के दो नेताओं मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जिस तरह के बयान दिए हैं, इससे इन कथित नेताओं की ओछी मानसिकता के सबूत मिल जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">महबूबा मुफ्ती ने अपने बयान में कहा था कि यदि कश्मीर से धारा 370 और विशेषाधिकार को हटाने की कार्यवाही की गई तो जम्मू-कश्मीर में तिरंगा थामने वाला कोई नहीं बचेगा। यानी कि इशारा साफ था कि आजादी के 70 साल बाद भी कश्मीरियों की रग में भारत के प्रति अपनेपन का भाव पैदा नहीं हो पाया है। कश्मीरियों में या तो कश्मीरियत रची-बसी है या फिर भारत के खिलाफ भावनाएं रच-बस चुकी है। यदि उनके हितों पर कुठाराघात किया गया तो यह बात ख्ुालकर सामने आ जाएगी। वैसे भी यह बात किसी से छिपी नहीं है। कई बार पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मैच जीतने पर जश्न मनाने और पटाखे फोड़ने के दृश्य कश्मीर क्या, भारत के दूसरे समुदाय विशेष बाहुल्य क्षेत्रों में देखे जा चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरा बयान जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का है। साहब फरमाते हैं कि भारत में हो रही आतंकी गतिविधियों के पीछे पाकिस्तान का हाथ नहीं है। हर घटना के लिए सारा दोष सीधे पाकिस्तान पर डाल दिया जाता है, जबकि घाटी में हिंसा और अस्थिरता पाकिस्तान ने पैदा नहीं की है। 2008, 2010 और 2016 में हुए हिंसक और उग्र आंदोलनों के पीछे पाकिस्तान नहीं था। अब्दुल्ला से पूछा जाना चाहिए कि पाकिस्तान का नहीं तो कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के पीछे किसका हाथ है?</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे बयान उस समय आ रहे हैं, जब भारत ने जम्मू-कश्मीर में देशद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई को आर-पार लड़ने का मन बना लिया है। अलगाववादियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। ऐसे समय में बयान देने वाले नेताओं को किस नजर से देखा जाना चाहिए। क्या इन नेताओं को यह मालूम नहीं है कि पत्थरबाजी की हरकतों ने देश की सेना को किस तरह निशाने पर ले रखा है? क्या इन्हें नहीं मालूम कि आतंकियों की मौत पर कश्मीर के संप्रदाय विशेष के युवा शोक मनाते हैं और आक्रोश जताते हैं? क्या इन्हें नहीं मालूम कि आतंकियों की पैदाइश पाक में है और उन्हें सीमा पार करवाकर कश्मीर में अशांति पैदा करने के लिए जिहादी बनाकर भेजा जाता है?</p>
<p style="text-align:justify;">यदि मुख्यमंत्री या पूर्व मुख्यमंत्री या नेता कश्मीर में रहकर कोई दूसरा राग अलापने का प्रपंच रच रहे हैं तो निश्चित तौर पर इनमें और अलगाववाद समर्थक नेताओं में कोई फर्क नहीं है। यह माना जा सकता है कि पत्थरबाजी के पीछे कथित तौर पर नेता खड़े हैं और इनसे राष्टÑभक्ति की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती।</p>
<p style="text-align:justify;"><em>आजादी के 70 साल बाद भी कश्मीरियों की रग में भारत के प्रति अपनेपन का भाव पैदा नहीं हो पाया है। कश्मीरियों में या तो कश्मीरियत रची-बसी है या फिर भारत के खिलाफ भावनाएं रच-बस चुकी है।</em></p>
<p style="text-align:justify;">
<em><strong>-गणेश शंकर भगवती</strong></em></p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Aug 2017 04:34:15 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>6 दिन पहले भारतीय सीमा में घुसे थे चीनी सैनिक</title>
                                    <description><![CDATA[चीन का दुस्साहस नई दिल्ली। सिक्किम के निकट डोकलाम में भारत और चीनी सैनिकों के गतिरोध के बीच चीनी सेना के उत्तराखंड के बाराहोती में घुसपैठ का मामला प्रकाश में आया है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की चीन यात्रा की पूर्व संध्या पर 26 जुलाई को कुछ चीनी सैनिक उत्तराखंड के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/chinese-soldiers-penetrated-into-indian-territory/article-2757"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/indian-army2.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">चीन का दुस्साहस</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> सिक्किम के निकट डोकलाम में भारत और चीनी सैनिकों के गतिरोध के बीच चीनी सेना के उत्तराखंड के बाराहोती में घुसपैठ का मामला प्रकाश में आया है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की चीन यात्रा की पूर्व संध्या पर 26 जुलाई को कुछ चीनी सैनिक उत्तराखंड के बाराहोती क्षेत्र में घुस आए। दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र का कुछ हिस्सा विवादास्पद है और इस क्षेत्र में भारत तिब्बत सीमा पुलिस के जवान तैनात हैं। भारतीय जवानों के प्रतिरोध के बाद चीनी सैनिक वापस लौट गए, हालांकि वे इस क्षेत्र में दो घंटे तक रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">सिक्किम के निकट भारत, भूटान और चीन से लगते ट्राई जंक्शन क्षेत्र में भारतीय सैनिकों द्वारा चीनी सेना की सड़क बनाने की कोशिशों को नाकाम किए जाने के बाद से वहां पिछले एक महीने से भी अधिक समय से गतिरोध बना हुआ है और भारतीय सैनिक इस क्षेत्र में तैनात हैं। उल्लेखनीय है कि डोभाल ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए 27 जुलाई को चीन गए थे। उन्होंने इस कार्यक्रम से इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। उधर सेना ने चीनी सेना की घुसपैठ की रिपोर्टों को गलत बताया है। उसका कहना है कि इस क्षेत्र में सीमा का निर्धारण नहीं होने के कारण सैनिक कभी-कभी एक दूसरे की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Jul 2017 07:51:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धार्मिक आस्था पर प्रहार कब तक?</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने पंद्रह साल बाद एक बार फिर कायराना हरकत की है। हिन्दू आस्था और सौहार्द पर आतंकवाद का कहर टूटा है। सावन के पहले सोमवार की रात लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाया। हमले में सात श्रद्धालु यात्री मारे गए और दो दर्जन से ज्यादा घायल हो गए। पुलिस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/danger-of-terrorism-on-religious-beliefs/article-2258"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/terror-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने पंद्रह साल बाद एक बार फिर कायराना हरकत की है। हिन्दू आस्था और सौहार्द पर आतंकवाद का कहर टूटा है। सावन के पहले सोमवार की रात लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाया। हमले में सात श्रद्धालु यात्री मारे गए और दो दर्जन से ज्यादा घायल हो गए। पुलिस ने इस हमले के पीछे पाकिस्तान से अपनी कारगुजारियां करने वाले लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अबु इस्लाम का हाथ बताया है।</p>
<p style="text-align:justify;">साफ है कि पड़ौसी मुल्क एवं उसकी शह पर पनप रही आतंकवादी ताकतें भारत में अमन-चैन और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहतीं। मानना होगा कि यात्रा संबंधी इंतजाम और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं चूक हुई है। कहा जा रहा है कि खुफिया एजेंसियों ने यात्रियों पर हमले को लेकर पहले से आगाह किया था, लेकिन लगता है, उसके मुताबिक पर्याप्त सतर्कता नहीं बरती गई। इस विडम्बनापूर्ण एवं त्रासद घटना से न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया आहत है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमरनाथ यात्रा न केवल कश्मीर की परम्परा है, बल्कि वहां के पर्यटन को मजबूती देने वाली है। लाखों लोगों की तो रोजी-रोटी अमरनाथ यात्रा से जुड़ी है। आम कश्मीरी आतंकवाद से थक चुका है। न केवल कश्मीरी बल्कि देश का हर नागरिक आतंकवाद, छापामार-घुसपैठ, साम्प्रदायिक झगड़ों के खूनी मंजर से टूट चुका है। शांति का आश्वासन, उजाले का भरोसा सुनते-सुनते लोग थक गए हैं। अब तो शांति व उजाला हमारे सामने होना चाहिए। इन्तजार में कितनी पीढ़ियां गुजारनी होंगी। इस अभूतपूर्व संकट के लिए अभूतपूर्व समाधान खोजना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बहुत लोगों का मानना है कि जिनका अस्तित्व और अस्मिता ही दांव पर लगी हो, उनके लिए नैतिकता और जमीर जैसी संज्ञाएं एकदम निरर्थक हैं। सफलता और असफलता तो परिणाम के दो रूप हैं और गीता कहती है कि परिणाम किसी के हाथ में नहीं होता। पर जो अतीत के उत्तराधिकारी और भविष्य के उत्तरदायी हैं, उनको दृढ़ मनोबल और नेतृत्व का परिचय देना होगा पद, पार्टी, पक्ष, प्रतिष्ठा एवं पूर्वाग्रह से ऊपर उठकर।</p>
<p style="text-align:justify;">खबरों के अनुसार आतंकियों के निशाने पर पुलिस और सेना के जवान थे, यह यात्री-बस तो दुर्भाग्यवश चपेट में आ गई। हुआ यूं कि मोटरसाइकिल पर सवार तीन आतंकियों ने आठ बजकर दस मिनट पर पहले सुरक्षा बलों के बंकर पर हमला किया। जवाबी कार्रवाई हुई, जिसमें कोई घायल नहीं हुआ। इसके बाद आतंकियों ने पुलिस की एक दूसरी टुकड़ी पर गोली चलाई। पुलिस की ओर से फायरिंग हुई, तो आतंकी भागने लगे। इसी दौरान बस वहां से गुजरी तो आतंकियों ने बस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल बार-बार यही उभर रहा है कि राज्य और केंद्र की तरफ से कई बार यह दावा किया गया कि सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता हैं। ऐसे में एक यात्री-बस बिना किसी रोकटोक के और वह भी नियम-विरुद्ध, वहां तक पहुंच गई, तो इससे यह भी साबित होता है कि पुलिस और प्रशासनिक तंत्र में समन्वय की कमी है, एक विभाग का दूसरे विभाग से अपेक्षित तालमेल नहीं है। अगर यह बस अवैध रूप से दाखिल हुई, तो इसकी जांच कहीं भी क्यों नहीं की गई?</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस का यह दावा भी शर्मसार करने वाला है कि बस चालक ने तीर्थयात्रा नियमों का उल्लंघन किया, क्योंकि रात 7 बजे के बाद किसी यात्रा वाहन को हाईवे पर चलने की अनुमति नहीं है। प्रश्न है कि हाईवे पर कर्फ्यू लग जाता है, तो अभागी बस के चालक को कर्फ्यू का उल्लंघन क्यों करने दिया गया? यदि बस रजिस्टर्ड नहीं थी और सुरक्षा काफिले में शामिल नहीं थी, तो यात्रा मार्ग के चप्पे-चप्पे पर तैनात सुरक्षा बलों की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी?</p>
<p style="text-align:justify;">पृथकतावादी नेताओं अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और यासीन मलिक ने अमरनाथ यात्रियों पर हमले को कश्मीर की संस्कृति पर हमला बताया है परंतु आतंकी संगठनों के साथ उनकी हमदर्दी किसी से छिपी नहीं है। आतंकवाद को प्रश्रय देने वाले इन राजनीतिज्ञों की अलगाववादी दूषित सोच के दुष्परिणाम-स्वरूप जिस प्रकार की मानसिकता कश्मीरी समाज में बढ़ रही है और इसने जिस हिंसा को वहां जन्म दिया है, क्या उसका प्रतिकार अब कोई नहीं करेगा?</p>
<p style="text-align:justify;">सवाल यह भी है कि देश का एक तबका आखिर क्यों इसे हिंदुओं पर मुसलमानों के हमले के रूप में भी देख रहा है? उसे याद रखना चाहिए कि ऐसा करके वह आतंकियों के मकसद को ही आगे बढ़ा रहा है। अपना सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखकर ही हम पड़ोसी देश के नापाक इरादों एवं आतंकवादियों के इरादों को नेस्तनाबूद कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अमरनाथ यात्रा आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है, इस तरह की घटनाओं से लोगों के दिल और संकल्प कमजोर नहीं पड़ने वाले हैं, इसलिये यह यात्रा अभी लंबी चलेगी और चल भी पड़ी है बिना किसी भय के। कांवड़ यात्राएं भी शुरू हो चुकी हैं। वैष्णो देवी यात्रा मार्ग भी आतंकियों के निशाने पर है। ऐसे में केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करें कि अमरनाथ यात्रियों पर हमले जैसी किसी नापाक हरकत की पुनरावृत्ति न हो पाए।</p>
<p style="text-align:justify;">हिन्दुस्तान के लोगों ने ऐसी अनेक त्रासद एवं दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं का सामना साहस से किया है। जनता को सदैव ही किसी न किसी स्रोत से संदेश मिलता रहा है। कभी हिमालय की चोटियों से, कभी गंगा के तटों से और कभी सागर की लहरों से। कभी ताज, कुतुब और अजन्ता से, तो कभी राम, कृष्ण, बुद्ध और महावीर से। कभी गुरु नानक, कबीर, रहीम और गांधी से और कभी कुरान, गीता, रामायण, भगवत् और गुरुग्रंथों से। यहां तक कि हमारे पर्व होली, दीपावली भी संदेश देते रहते हैं। इन संदेशों से भारतीय जन-मानस की राष्ट्रीयता सम्भलती रही, सजती रही और कसौटी पर आती रही तथा बचती रही। सत्य, अहिंसा, दया और करुणा कभी निस्तेज नहीं हुए। इन संदेशों से इनकी तेजस्विता बनी रही।</p>
<p style="text-align:justify;">इतिहास गवाह है कि जब भी जम्मू-कश्मीर में प्राकृतिक आपदायें आईं तब-तब पूरा देश उनकी मदद के लिये उठ खड़ा हुआ। एक दीपक जलाकर फसलें पैदा नहीं की जा सकतीं पर उगी हुई फसलों का अभिनंदन दीपक से अवश्य किया जा सकता है। हिन्दू-मुस्लिम की सांझा संस्कृति की जीवंतता के लिये प्रयास दोनों ओर से करने होंगे। भारत की बहुलतावादी सनातन संस्कृति के खिलाफ दोगलापन अब असहनीय है।</p>
<p style="text-align:justify;">बार-बार मुंह की खाकर, अपमान की पीड़ा और अपनी आंतरिक उलझनों के कारण पड़ोसी तो आग लगायेगा ही। जहां पानी को ढलान मिलेगी, पानी बहेगा ही। यह समय सुरक्षा की निर्मम समीक्षा का तो है ही, अपनी व्यक्तिगत पड़ताल का भी है, यह समय पड़ौसी देश के लिये सख्त होने का भी है तो अपने कहे जाने वाले तथाकथित आतंकवाद समर्थक लोगों के मुखौटों को उतारने का भी है। हिंसा और आंतक का भय उत्पन्न करके देश को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कट्टरवादियों ने अपने दिलों में लकीरें खींच ली हैं और कइयों ने नक्शों में खींच ली हैं। अब जमीन पर खींचना चाहते हैं। आतंकवादी हमले और दंगे सीमाओं और सड़कों से ज्यादा दिमागों में हो रहे हैं। इसलिये सुरक्षा बल और सरकार को अपनी कमर कसने का भी यही समय है। हमें ऐसे कायराना हमलों से डरने की नहीं, दोगुने उत्साह से सब कुछ जारी रखने की जरूरत है। बस ध्यान रखना होगा कि अब से हमारी कोई लापरवाही सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती का सबब न बनने पाए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong><br />
ललित गर्ग</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Thu, 13 Jul 2017 00:01:32 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>आर्मी ने छह आतंकवादियों को मार गिराया</title>
                                    <description><![CDATA[उड़ी: नॉर्थ कश्मीर के उड़ी सेक्टर में आर्मी ने शुक्रवार को घुसपैठ कर रहे छह आतंकवादियों को मार गिराया है। एनकाउंटर के बाद आर्मी का सर्च ऑपरेशन जारी है। गुरुवार को भी सिक्युरिटी फोर्सेस ने घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम किया था। इसमें 7 आतंकी मार गए थे। इस दौरान चले एनकाउंटर में एक जवान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/army-killed-six-militants/article-1073"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/army-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>उड़ी:</strong> नॉर्थ कश्मीर के उड़ी सेक्टर में आर्मी ने शुक्रवार को घुसपैठ कर रहे छह आतंकवादियों को मार गिराया है। एनकाउंटर के बाद आर्मी का सर्च ऑपरेशन जारी है। गुरुवार को भी सिक्युरिटी फोर्सेस ने घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम किया था। इसमें 7 आतंकी मार गए थे। इस दौरान चले एनकाउंटर में एक जवान शहीद हो गया, वहीं दो जवान जख्मी हो गए थे। आर्मी के मुताबिक, इस साल एलओसी पर 24 से ज्यादा बार घुसपैठ की कोशिश की गईंं। इस दौरान कुल 43 हथियारबंद घुसपैठिए मारे गए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">घने जंगलों में सिक्युरिटी फोर्सेस ने सर्च ऑपरेशन तेज</h2>
<p style="text-align:justify;">कश्मीर में एलओसी पर पिछले तीन दिनों में घुसपैठ की पांच बड़ी कोशिशों को नाकामयाब किए जाने के बाद कुपवाड़ा, नौगाम, माछिल और बारामूला जिले के घने जंगलों में सिक्युरिटी फोर्सेस ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। जवानों ने पूरे इलाके को घेर लिया है, जिससे आतंकवादी भागने में कामयाब न हो सकें। दो दिन में एलओसी के पास जवानों ने 13 आतंकियों को मार गिराया है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Jun 2017 19:49:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>मोदी फेस्ट कार्यक्रम में गृहमंत्री राजनाथ ने पाक पर साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[‘जरूरत पड़ी तो उस पार जाकर भी सबक सिखाएंगे’  सीमाओं को चाक-चौबंद बनाएंगे जयपुर। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर में घुसपैठ और सुरक्षा बलों पर आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि पर बोलते हुए कहा कि घुसपैठ रोकने के लिए सीमाओं को अधिक चाक चौबंद बनाएंगे और अगर जरूरत पड़ी तो उस पार भी जाकर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/rajnath-target-on-pakistan-in-the-modi-fest-program/article-1056"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/rajnath.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">‘जरूरत पड़ी तो उस पार जाकर भी सबक सिखाएंगे’</h1>
<p><strong> सीमाओं को चाक-चौबंद बनाएंगे</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर।</strong> केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर में घुसपैठ और सुरक्षा बलों पर आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि पर बोलते हुए कहा कि घुसपैठ रोकने के लिए सीमाओं को अधिक चाक चौबंद बनाएंगे और अगर जरूरत पड़ी तो उस पार भी जाकर सबक सिखाएंगे। केंद्र में नरेंद्र मोदी नीत राजग सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर जयपुर की मुहाना मंडी क्षेत्र में ‘मोदी फेस्ट’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि पाकिस्तान से कुछ आतंकवादियों ने रात के अंधेरे में हमारी सीमा में घुसकर जवानों पर कायरना हमला किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके जवाब में हमारी सेना के जवानों ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर उन्हें करारा सबक सिखाया। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इस पार ही नहीं उस पार भी जाकर सबक सिखाएंगे। भारत अब कमजोर भारत नहीं, बल्कि ताकतवर देश बन चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">सिंह ने कहा कि आने वाले समय में भारत की सीमाओं को और अधिक चाक चौबंद बनाएंगे ताकि दूसरे देश का व्यक्ति भारत सरकार की इजाजत के बिना देश में प्रवेश नहीं कर सके।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तीन साल में भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं</h3>
<p style="text-align:justify;">गृहमंत्री ने कहा कि दुनिया में पहले भारत की गणना पिछड़े देशों में होती थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तीन साल में काफी विकास हुआ है और अब भारत की गणना दुनिया में तेजी से विकास की ओर बढ़ते देश के रूप में हो रही है। उन्होंने भ्रष्टाचार की चर्चा करते हुए कहा कि पिछले तीन साल में केन्द्र सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है। उन्होंने कहा कि मोदी का काले धन को भारत लाने का फैसला साधारण नहीं था।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Jun 2017 05:31:37 +0530</pubDate>
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                <title>जब तक फायरिंग होती रहेगी, जवाब देते रहेंगे :  एके भट्ट</title>
                                    <description><![CDATA[भारत बॉर्डर पर चाहता है शांति श्रीनगर । भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर अमन कायम करने के लिए सोमवार को दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) की हॉटलाइन पर बातचीत हुई। भारत के डीजीएमओ ने पिछले कुछ महीनों से एलओसी पर बने हालात अपने काउंटर पार्ट के सामने रखे। बातचीत की पहल पाकिस्तान की तरफ से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:center;">भारत बॉर्डर पर चाहता है शांति</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर । </strong>भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर अमन कायम करने के लिए सोमवार को दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) की हॉटलाइन पर बातचीत हुई। भारत के डीजीएमओ ने पिछले कुछ महीनों से एलओसी पर बने हालात अपने काउंटर पार्ट के सामने रखे। बातचीत की पहल पाकिस्तान की तरफ से हुई। भारत के डीजीएमओ जनरल एके भट्ट ने कहा- भारत बॉर्डर पर शांति चाहता है। लेकिन, जब तक पाक सेना घुसपैठियों की मदद और सीजफायर वॉयलेशन बंद नहीं करती, माकूल जवाब दिया जाता रहेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">नेता हुए नजरबंद</h2>
<p style="text-align:justify;">एक तरफ जहां बॉर्डर पर अमन बहाली के लिए डीजीएमओ लेवल की बातचीत हुई तो वहीं, कश्मीर में अलगाववादी नेताओं की मीटिंग पुलिस ने रोक दी। सोमवार को ही हुर्रियत के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी के घर अलगाववादियों की मीटिंग होनी थी लेकिन पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए इस मीटिंग को रोक दिया। मीरवाइज उमर फारुख समेत कुछ नेताओं को नजरबंद किया गया। सुबह से ही गिलानी के घर पुलिस तैनात कर दी गई। बाकी नेताओं को गिलानी के घर में नहीं जाने दिया। जेकेएलएफ चेयरमैन यासीन मलिक को भी हिरासत लिया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">
5 पाकिस्तानी गिरफ्तार</h3>
<p style="text-align:justify;"><em>राजस्थान के बाड़मेर में सोमवार को पुलिस ने बॉर्डर से सटे इलाके में एक ऑपरेशन के दौरान पांच पाकिस्तानियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें दो महिलाएं शामिल हैं। इस बारे में फिलहाल, ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है।</em></p>
<p style="text-align:justify;">
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                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/indian-and-pak-army-dgmo-level-meeting/article-902</link>
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                <pubDate>Mon, 05 Jun 2017 04:29:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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