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                <title>Ram Rahim - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>होली पर पूज्य गुरु जी के वचन</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि आज होली है सबको बहुत-बहुत मुबारक हो। होली में वो रंग जिससे आपकी कुलें रंग जाए, वो रंग जो तमाम बदरंगों को दूर कर दे, वो रंग जो काल-महाकाल के उतारने पर भी उतरे ना, वो रंग जो […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/respected-guru-ji-words-on-the-festival-of-holi/article-81948"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/holi-4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि आज होली है सबको बहुत-बहुत मुबारक हो। होली में वो रंग जिससे आपकी कुलें रंग जाए, वो रंग जो तमाम बदरंगों को दूर कर दे, वो रंग जो काल-महाकाल के उतारने पर भी उतरे ना, वो रंग जो खुशियों से लबरेज कर दे, वो रंग जो प्यार मोहब्बत से मालामाल कर दे, वो सतगुरु, अल्लाह, वाहेगुरु का रंग आप पर चढ़ता जाए, बदरंग दूर होता जाए ये मालिक से दुआएं करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने फरमाया आमतौर पर ये सुना हमने जब होली आती है तो बड़ा शोर मचता है कि भई पानी की बर्बादी ना करो। पर कभी ध्यान दिया है कि शराब बनाने में कितना पानी प्रयोग हो रहा है? चमड़ा, जिससे जूते, बैग वगैरह बनाते हो, उसको धोने में, उसको साफ करने में कितना पानी बर्बाद हो रहा है? और भी कई फैक्टरियों में पानी बर्बाद होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">तो कभी उस तरफ किसी का ध्यान गया? जाना चाहिए, सिर्फ एक हमारा त्यौहार है होली, हम नहीं कहते कि उसमें पानी बर्बाद करो, पर अगर थोड़ा सा पानी उसमें आप प्रयोग में लाएं तो त्यौहार भी मन जाए और पानी की बर्बादी भी ना हो। पर शोर उसी दिन क्यों मचता है? आम दिनों में क्यों नहीं बात उठती? कि भई शराब से इतना पानी बर्बाद हो रहा है, चमड़ा धोने में इतना पानी बर्बाद हो रहा है, फैक्टरियों में इतना पानी बर्बाद हो रहा है। कोई उठता है इस बारे में सोचता है। हर इन्सान को सोचना चाहिए, तभी तो समाज और देश का भला होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर हर इन्सान समाज में से उठेगा, जागेगा तभी देश का भला होना है और तभी देश के जो राजा हैं वो आपका साथ दे पाएंगे। वो कितना भी कुछ करते फिरें, अगर आप साथ नहीं देते तो सुधार संभव नहीं, पानी की बर्बादी हो गई, जनसंख्या का विस्फोट हो गया, या यूं कह लीजिये बिजली की बर्बादी हो गई, ये तो आपके हाथ में है ना जी, कमरे से निकलते हैं बल्ब जल रहे हैं, एसी चलता छोड़ गए, कि आऊंगा तो कमरा बिल्कुल ठंडा मिलना चाहिए। पंखा चलता छोड़ गए, आपको लगता है कि छोटी सी चीज है, जी नहीं, ये बहुत बड़ी बर्बादी कर रहे हैं आप। क्या हर्ज कि अगर आप बंद करके जाएं कमरे की सारी लाइटें। जब आपने 12 घंटे, 8 घंटे बाहर रहना है। आप दफ्तर जा रहे हैं, आप खेत में जा रहे हैं, कॉलेज में जा रहे हैं, कहीं भी जा रहे हैं तो उस समय आपके घर में कोई नहीं है, आपके कमरे में कोई नहीं है, कम से कम उसकी लाइटें, पंखे, एसी जो भी आप चलाते हैं, वो तो बंद होने चाहिए। कौन इस तरफ ध्यान देता है। कौन माथापच्ची करे।</p>
<p style="text-align:justify;">आमतौर पर ये सुना हमने जब होली आती है तो बड़ा शोर मचता है कि भई पानी की बर्बादी ना करो। पर कभी ध्यान दिया है कि शराब बनाने में कितना पानी प्रयोग हो रहा है? चमड़ा, जिससे जूते, बैग वगैरह बनाते हो, उसको धोने में, उसको साफ करने में कितना पानी बर्बाद हो रहा है? और भी कई फैक्टरियों में पानी बर्बाद होता है। तो कभी उस तरफ किसी का ध्यान गया? जाना चाहिए, सिर्फ एक हमारा त्यौहार है होली, हम नहीं कहते कि उसमें पानी बर्बाद करो, पर अगर थोड़ा सा पानी उसमें आप प्रयोग में लाएं तो त्यौहार भी मन जाए और पानी की बर्बादी भी ना हो। पर शोर उसी दिन क्यों मचता है? आम दिनों में क्यों नहंी बात उठती? कि भई शराब से इतना पानी बर्बाद हो रहा है, चमड़ा धोने में इतना पानी बर्बाद हो रहा है, फैक्टरियों में इतना पानी बर्बाद हो रहा है। कोई उठता है इस बारे में सोचता है। हर इन्सान को सोचना चाहिए, तभी तो समाज और देश का भला होगा। आपको बता दें कि पूज्य गुरु जी के ये वचन 7 मार्च 2023 के है।</p>
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                <pubDate>Wed, 04 Mar 2026 09:34:04 +0530</pubDate>
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                <title>‘बस ये काम कर लो, नहीं रहेगी अंदर-बाहर कोई कमी’</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सच कहूँ न्यूज़)। पूज्य हजूर पिता संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान को चाहे दुनिया का कितना भी तजुर्बा आ जाए, पर वह मालिक की तरफ से तब तक नन्हा बच्चा ही रहता है, जब तक इन्सान सत्संग नहीं सुनता, अमल नहीं करता। आप जी फरमाते हैं कि इन्सान अपने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/just-do-this-work-there-will-be-no-shortage-inside-or-outside/article-78632"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/anmol-vachan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> पूज्य हजूर पिता संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान को चाहे दुनिया का कितना भी तजुर्बा आ जाए, पर वह मालिक की तरफ से तब तक नन्हा बच्चा ही रहता है, जब तक इन्सान सत्संग नहीं सुनता, अमल नहीं करता।</p>
<p style="text-align:justify;">आप जी फरमाते हैं कि इन्सान अपने मन-जालिम की वजह से दिखता कुछ और है, करता कुछ और है। ऐसे में इन्सान कभी सुख हासिल नहीं कर पाता। फिर वो जीव भाग्यशाली होते हैं जो मन से लड़ते हुए सत्संग में आते हैं। जीवों के कोई अच्छे संस्कार होते हैं कि जीव सत्संग में आ जाता है और मन की नहीं मानता। हालांकि मन तरह-तरह के विचार देता है, लेकिन जीव विचारों पर अमल नहीं करता तो वह विचारों के फल से बच जाता है। आप जी फरमाते हैं कि इन्सान को अपने बुरे विचारों को काबू करना चाहिए। अगर इन्सान को बुरे विचार आते हैं तो उसी समय सुमिरन कर लो। फिर धीरे-धीरे ये विचार आने बंद हो जाएंगे, लेकिन मन ऐसा जादूगर योद्धा है, जो थकता नहीं है। इसलिए ऐसा नहीं है कि आपके पांच मिनट के सुमिरन से मन काबू आ जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong> अत:</strong> आप भी हिम्मत वाले बन जाओ कि जब मन शुरू होगा तो मैं भी शुरू हो जाऊंगा। तो यकीन मानिए कि बुरे विचारों का लेश मात्र भी असर आपकी भक्ति पर या आपकी जिंदगी पर नहीं आएगा। आप जी फरमाते हैं कि इन्सान को अपने विचारों को सोच-सोचकर बीमार नहीं होना चाहिए कि अब तो मुझे खुशी नहीं, रहमत नहीं है। अब तो मैं दुखी हो जाऊंगा। अगर आप ऐसा करते रहोगे तो ये मन की चालें हैं। इसलिए मन की कभी न सुनो और मन से लड़ते रहो। सुमिरन करने से मन कंट्रोल में आ जाएगा और एक दिन आत्मा की जीत जरूर होगी। वो दिन आपके लिए सबसे सुखों भरा होगा, खुशियां लेकर आएगा। सिर्फ आपके ही नहीं बल्कि परिवारों के चेहरे भी खुशियों से लबरेज हो जाएंगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="वोटर लिस्ट सुधार व कूड़ा कलेक्शन की जांच को घर-घर पहुंचे डीएम-कमिश्नर" href="http://10.0.0.122:1245/dm-commissioner-goes-door-to-door-to-inspect-voter-list-corrections-and-garbage-collection/">वोटर लिस्ट सुधार व कूड़ा कलेक्शन की जांच को घर-घर पहुंचे डीएम-कमिश्नर</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Thu, 27 Nov 2025 14:39:03 +0530</pubDate>
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                <title>दीनता-नम्रता के धारणी बनो: पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सच कहूँ न्यूज़)। Saint Dr MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान जब सभी का भला करने लगता है तो किसी का भला हो या न हो लेकिन उस इन्सान की भावना की वजह से परमपिता परमात्मा उस इन्सान का भला जरूर किया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/be-a-follower-of-humility-and-modesty-saint-dr-msg/article-76666"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/saint-dr.-msg-2-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Saint Dr MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान जब सभी का भला करने लगता है तो किसी का भला हो या न हो लेकिन उस इन्सान की भावना की वजह से परमपिता परमात्मा उस इन्सान का भला जरूर किया करते हैं। इन्सान के अंदर जैसी श्रद्धा, भावना होती है वैसी ही मालिक की दया-मेहर, रहमत उस पर बरसती है, लेकिन मालिक पर दृढ़-विश्वास होना कोई छोटी बात नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरू जी फरमाते हैं कि आदमी की खुद की कमियां होती हैं जो उसके सामने खड़ी हो जाती हैं। उनकी वजह से वह जैसा खुद होता है उसे सारी दुनिया भी वैसी ही लगती है, लेकिन आप मुर्शिदे-कामिल के वचनों को सुनो और सभी का भला करो। फिर सभी आपके हो जाएंगे। बेगाना कोई भी नहीं है। सभी अपने हैं। बस, किसी को इतना अपना न बनाओ कि सतगुरु, अल्लाह, मालिक को ही भूल जाओ। वो तो रहमत का मालिक है। यह नहीं है कि वह यहां प्रकट होकर ही रहमत बरसाएगा। अगर तड़प हो, दृढ़-विश्वास हो तो बिना प्रकट हुए भी वह बेड़े पार लंघा देगा। पूज्य गुरू जी फरमाते हैं कि इन्सान को अहंकार नहीं करना चाहिए। Saint Dr MSG</p>
<p style="text-align:justify;">दीनता-नम्रता धारण करनी चाहिए कि हम सब एक हैं, सभी मालिक की औलाद हैं। जब आदमी दूसरों की निंदा-चुगली छोड़कर अपने सतगुरु, मालिक पर विश्वास रखता है तो भयानक से भयानक रोग कट जाते हैं। अगर क्यों, किंतु, परन्तु, निंदा-चुगली करते हो तो छोटे रोग भी बड़े बन जाया करते हैं क्योंकि आदमी के कर्म होते हैं। जैसी जुबान का रस है वैसा ही असर होता है। इसलिए अहंकार छोड़कर सभी से बेगर्ज, नि:स्वार्थ भावना से प्यार करो। बड़े हैं तो मां-बाप, बराबर के हैं तो बहन-भाई और छोटे हैं तो बेटा-बेटी के समान वाले रिश्ते से पुकारो। सुमिरन करो तो यकीनन मालिक की दया-मेहर, रहमत के हकदार बन जाओगे। अंदर-बाहर से खुशियां जरूर हासिल होंगी और आपके अंदर-बाहर बहारें खिल जाएंगी। Saint Dr MSG</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Punjab News: पंजाब के इन परिवारों को मिलेगे 51,000 हजार रुपये की वित्तीय सहायता, मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी जानकारी" href="http://10.0.0.122:1245/an-amount-of-rs-twenty-crore-released-for-the-beneficiary-families-of-scheduled-caste-under-ashirvad-scheme/">Punjab News: पंजाब के इन परिवारों को मिलेगे 51,000 हजार रुपये की वित्तीय सहायता, मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी जानकारी</a></p>
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                                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/be-a-follower-of-humility-and-modesty-saint-dr-msg/article-76666</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 17:00:43 +0530</pubDate>
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                <title>तमाम दु:खों की दवा है ये&amp;#8230; आजमा कर देखों मिलेंगे कई फायदे</title>
                                    <description><![CDATA[सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का नाम लेने में, मालिक का नाम जपने में कोई जोर (ताकत) नहीं लगता। घर-परिवार नहीं छोड़ना, काम-धंधा नहीं छोड़ना, बल्कि मालिक के नाम का जाप करते-करते आप मालिक की कृपा दृष्टि के काबिल बन जाते हैं और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/the-name-of-the-lord-is-the-cure-for-all-sufferings-pujya-guru-ji/article-75803"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/ram-rahim-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का नाम लेने में, मालिक का नाम जपने में कोई जोर (ताकत) नहीं लगता। घर-परिवार नहीं छोड़ना, काम-धंधा नहीं छोड़ना, बल्कि मालिक के नाम का जाप करते-करते आप मालिक की कृपा दृष्टि के काबिल बन जाते हैं और परमानंद को हासिल कर सकते हंै।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि भावना का शुद्धिकरण किसी और तरीके से नहीं हो सकता। पैसे से, चढ़ावे से, दिखावे से, कभी भावना शुद्ध नहीं होती। आत्मा रूपी कपड़े पर जन्मों-जन्मों से काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार इत्यादि की मैल चढ़ी हुई है और इस जन्म में भी लगातार चढ़ती जा रही है। इस मैल से मुक्ति राम नाम की साबुन से ही हो सकती है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि सत्संग में ज्ञान लें। ज्ञान रूपी पानी से राम-नाम की साबुन लेकर इन्सान धीरे-धीरे काम वासना, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, मन व माया की मैल को धोते रहें।</p>
<p style="text-align:justify;">बुराइयों से परहेज रखें, फिर आत्मा पवित्र होगी और अंदर से मालिक के नूरी स्वरूप के दर्शन अवश्य होंगे। आप जी फरमाते हैं कि मालिक के नाम का जाप करने से इन्सान गम, दु:ख, दर्द, परेशानियों से छुटकारा पा जाता है। अपने विचारों का शुद्धिकरण करो, दीनता धारण करो, अहंकार न करें, बल्कि दीनता-नम्रता से मालिक के नाम का जाप करते जाओ फिर देखना कि किस तरह मालिक के खजानों के द्वार आप के लिए खुल जाते हैं।</p>
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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 12:37:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>‘इस घोर कलियुग में मन-इंद्रियां बड़े फैलाव पर हैं’</title>
                                    <description><![CDATA[Saint MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इस घोर कलियुग में मालिक का नाम लेना बड़ा मुश्किल है। मन और मनमते लोग रोकते-टोकते हैं। इन्सान प्रभु का नाम लेना भी चाहे तो मन तरह-तरह की परेशानी खड़ी कर देता है। आप सुमिरन करने लगते […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/in-this-terrible-kali-yuga-the-mind-and-senses-are-on-a-great-expansion/article-74075"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/saint-msg-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Saint MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इस घोर कलियुग में मालिक का नाम लेना बड़ा मुश्किल है। मन और मनमते लोग रोकते-टोकते हैं। इन्सान प्रभु का नाम लेना भी चाहे तो मन तरह-तरह की परेशानी खड़ी कर देता है। आप सुमिरन करने लगते हैं, कुछ देर ही सुमिरन कर पाते हैं और बाद में होश ही नहीं रहता कि मन आपको कहां से कहां ले गया। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि इस घोर कलियुग में मन-इंद्रियां बड़े फैलाव पर हैं। मन इन्सान को सुमिरन नहीं करने देता, मालिक की तरफ नहीं चलने देता।</p>
<p style="text-align:justify;">जहां मालिक की चर्चा होती हो, वहां मीन-मेख (कमियां) निकालता रहता है, हालांकि उसकी खुद की कमियों का कोई अंदाजा ही नहीं होता। आप जी फरमाते हैं कि मन बड़ा ही जालिम, शातिर है। आप जब तक सुमिरन नहीं करेंगे, यह काबू में नहीं आएगा। सुमिरन करने से मन काबू में आता है। अगर सुमिरन, भक्ति-इबादत की जाए तो मन काबू में आ सकता है अन्यथा मन बढ़ता चला जाता है और जीव गुमराह हो जाता है। जैसे टायर में हवा भरते हैं तो वह फूलता चला जाता है उसी तरह मन गंदे, बुरे विचारों की हवा देता है और इन्सान फूलता चला जाता है। उसमें अहंकार, घमंड अपने आप आने लगता है। उसे पीर-फकीर के वचन अच्छे नहीं लगते। Saint MSG</p>
<p style="text-align:justify;">उसे सिर्फ अपनी बातें सही लगती हैं और दूसरे सभी गलत लगते हैं। इस तरह से मन इन्सान को भटकाता, गुमराह करता है, मालिक से दूर करता है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि मन से लड़ने का एकमात्र उपाय प्रभु का नाम है। आपको घर में, काम-धन्धे में कोई भी परेशानी, दु:ख-तकलीफ है तो आप घर में खाना वगैरह सुमिरन करके बनाओ। चलते, फिरते सुमिरन करो। दो-तीन महीने लगातार सुमिरन करो, मेहनत करो तो यकीनन मालिक अंदर से ख्याल देंगे और आपको परेशानी से निकलने का रास्ता जरूर मिल जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Haryana Roadways News: दिल्ली-चंडीगढ़ और गुरुग्राम रूट पर आज से सरसा से चलेगी रोडवेज की आठ एसी बसें" href="http://10.0.0.122:1245/eight-ac-buses-of-roadways-will-run-from-sirsa-on-delhi-chandigarh-and-gurugram-route/">Haryana Roadways News: दिल्ली-चंडीगढ़ और गुरुग्राम रूट पर आज से सरसा से चलेगी रोडवेज की आठ एसी बसें</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Jul 2025 12:38:22 +0530</pubDate>
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                <title>Saint MSG: पूज्य गुरु जी ने बताया, इस तरह बुराइयों पर जीत हासिल हो सकती है</title>
                                    <description><![CDATA[Saint MSG: पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि संत, पीर-फकीर एक ही संदेश देते हैं कि प्रभु, परमात्मा की भक्ति-इबादत करो। हर समय एक ही चर्चा करते हैं कि अच्छे-नेक कर्म करो, सुमिरन करो। सुमिरन करने से इन्सान अपने अंदर की बुराइयां, अंदर के बुरे विचारों, पाप-कर्मों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/this-way-we-can-win-over-evil/article-71548"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-05/saint-msg.jpg" alt=""></a><br /><p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">Saint MSG: पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि संत, पीर-फकीर एक ही संदेश देते हैं कि प्रभु, परमात्मा की भक्ति-इबादत करो। हर समय एक ही चर्चा करते हैं कि अच्छे-नेक कर्म करो, सुमिरन करो। सुमिरन करने से इन्सान अपने अंदर की बुराइयां, अंदर के बुरे विचारों, पाप-कर्मों पर जीत हासिल कर सकता है और फिर बुरे विचार इन्सान को अपने साथ चलने पर मजबूर नहीं करते। Saint MSG</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि हर इन्सान को सुख मिले, शांति मिले और हर इन्सान परमपिता परमात्मा की दया-मेहर, रहमत के लायक बने, इसीलिए ही पीर-फकीर सबको प्रभु के नाम से जोड़ते हैं, प्रभु का नाम लेने के लिए प्रेरणा देते हैं। संतों ने किसी से प्रभु का नाम जपवाकर खुद के लिए कोई करोड़ों रुपये इकट्ठे नहीं करने होते। उनका तो एक ही मकसद, एक ही उद्देश्य होता है कि किसी भी तरह से हर प्राणी को सुख मिले। जैसे गृहस्थी-दुनियावी लोगों की एक ही इच्छा होती है कि उनका घर, उनकी औलाद, उनका परिवार ऐशो-आराम की जिन्दगी जीए, दूसरे से कोई मतलब नहीं।</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">इंसान कहता है कि मेरे वाले सुखी बसें, उनको पैसा मिले, उन्हें किसी चीज की कमी ना रहे। 99 प्रतिशत लोगों का, जो गृहस्थी हैं, जीने का यही मकसद होता है। आप जी फरमाते हैं कि संत-फकीरों का लक्ष्य कोई औैर होता है। जिस तरह एक घर, परिवार में रहने वाले मुखिया का सारा ध्यान अपने भाई-बहन, बेटा-बेटी, परिवार पर होेता है कि उनको सब कुछ अच्छा मिले, वे अच्छा बनें, उसी तरह संत, पीर-फकीरों का भी लक्ष्य होता है कि मालिक की जितनी भी औलाद है वो भी प्रभु की दया-मेहर, रहमत से मालामाल जरूर हों। Saint MSG</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">वो पीर-फकीर सबके लिए सोचते हैं, क्योंकि जो त्यागी, तपस्वी हैं उनका फर्ज यही होता है कि वो दूसरों का भला सोचें। खुद बेशक थोड़ा दु:ख उठाएं लेकिन दूसरों को सुख पहुंचाएं। जो ऐसा सोचते हैं, अमल करते हैं यकीनन वो मालिक के बहुत प्यारे भक्त होते हैं। तो संत, पीर-फकीरों का यह लक्ष्य, निशाना होता है कि सृष्टि का भला हो और हर प्राणी मालिक की दया-दृष्टि से, दया-मेहर, रहमत से खुशियां हासिल करे। गम, चिंता-परेशानियां लोगों को न हों, उनमें बर्दाश्त-शक्ति बढ़े ताकि आपसी झगड़े न हो, ईर्ष्या-नफरत न हो, कोई किसी की टांग खिंचाई न करे। उनकी सोच सर्वव्यापक, सबके लिए होती है, सर्व-सांझी होती है।</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि हर इन्सान को सुमिरन करना चाहिए और सुमिरन पर कोई जोर भी नहीं लगता। लेटकर, बैठकर, काम-धंधा करते हुए और आप यकीन मानो कि जो सेवा-सुमिरन लगन से करता है, जिसके अंदर मालिक के खजाने हैं वो जरा-जरा सी बात पर कभी पारा ऊपर-नीचे लेकर नहीं जाते। वह अपनी जिन्दगी को एक रस बना लेता है। न ही उसे गमों की मार तोड़ सकती है और न ही खुशियां, बहारेें उसे मालिक से दूर कर पाती हैं यानि खुशियों में बहकता नहीं और गम या कोई चिंता आती है तो उसमें वह टूटता नहीं। मालिक की दया-दृष्टि से, रहमो-करम से वह हमेशा आगे बढ़ता रहता है। वह प्रभु से प्रभु को मांगता हुआ, प्रभु से प्रभु की खलकत का भला मांगता हुआ कदम आगे बढ़ाता है और एक दिन यहां-वहां दोनों जहानों में खुशियों का हकदार बन जाता है।</p>
<p class="ai-optimize-7"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Type 2 Diabetes: स्पोर्ट्स ड्रिंक या फलों का जूस पीना पसंद है, तो हो जाइए सावधान, डायबिटीज (मधुमेह) का बढ़ सकता है खतरा" href="http://10.0.0.122:1245/type-2-diabetes/">Type 2 Diabetes: स्पोर्ट्स ड्रिंक या फलों का जूस पीना पसंद है, तो हो जाइए सावधान, डायबिटीज (मधुमेह) का बढ़ सकता है खतरा</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 May 2025 15:25:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>‘सोने पे सुहागा है सेवा के साथ किया गया सुमिरन’</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सकब)। Saint Dr. MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इस घोर कलियुग में मालिक के प्यार-मोहब्बत में चलना बड़ा मुश्किल है, लेकिन असंभव नहीं है। मुश्किल इसलिए है, क्योंकि काम-वासना, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, मन-माया ऐसे दुश्मन हैं, जो नजर नहीं आते, लेकिन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/it-is-very-difficult-to-walk-in-the-love-and-affection-of-the-lord-in-this-terrible-kali-yuga/article-69325"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/saint-dr.-msg-4-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सकब)।</strong> Saint Dr. MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इस घोर कलियुग में मालिक के प्यार-मोहब्बत में चलना बड़ा मुश्किल है, लेकिन असंभव नहीं है। मुश्किल इसलिए है, क्योंकि काम-वासना, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, मन-माया ऐसे दुश्मन हैं, जो नजर नहीं आते, लेकिन बहुत बड़ा घात करते हैं। ये इन्सान को दुखी, परेशान रखते हैं और इनके साथ-साथ मनमते लोग भी होते हैं। जब इन्सान इस सारे चक्रव्यूह में फंस जाता है, तो मालिक का प्यार-मोहब्बत उसे बकबका लगने लगता है और दुनियादारी का साजो-सामान बड़ा मीठा लगता है। Saint Dr. MSG</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि मालिक का प्यार-मोहब्बत, उसका नाम दोनों जहान में हमेशा अमर रहने वाला है। हमेशा मस्तो-मस्त रहने वाला है। कुनैन कोई नहीं लेना चाहता, लेकिन जब लेनी पड़ती है, तो बुखार का खात्मा कर देती है। पहले कुनैन बहुत कड़वी होती थी। इसलिए दूध को मीठा करके उसके साथ कुनैन लिया जाता था। आजकल बड़ा आसान है, कुनैन पर पहले से ही चीनी का थोड़ा लेप चढ़ा होता है। उसी तरह पहले समय में अल्लाह, वाहेगुरु, राम का नाम लेना बड़ा मुश्किल होता था। सारी-सारी उम्र उसकी याद में बैठना पड़ता था और तब कहीं जाकर मालिक के प्यार-मोहब्बत की एक झलक मिलती थी। इस कलियुग में संतों ने आसान तरीका बना दिया। उठते-बैठते, लेटते, काम-धन्धा करते हुए अभ्यास करें, तो जो उम्र बीत जाने के बाद मिलता था, वो कुछ घंटों की भक्ति-इबादत से भी हासिल किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आप जी फरमाते हैं कि कलियुग में इन्सान को गम, दु:ख, दर्द, परेशानियों का सामना तो करना पड़ता है। मन-इंद्रियां बड़े फैलाव में हैं, लेकिन इसके साथ ही कलियुग में मालिक का नाम जपना बड़ा आसान भी है। आप किसी भी तरीके से नाम का जाप करें, उसका असर लाजमी होगा और उसका फल आपको जरूर मिलेगा। इसलिए आप चलते, बैठते, लेटते, काम-धन्धा करते हुए मालिक के नाम का सुमिरन करें। सुमिरन करने से ही मालिक का प्यार बढ़ता है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि आप बुराई, निंदा करने वालों का साथ देने लग जाते हैं तो सारी करी-कराई भक्ति का नाश हो जाता है। इन्सान बेचैन, परेशान होने लगता है और मालिक के प्यार से दूर होता चला जाता है। आप मालिक से ओड़ निभाना चाहते हैं, तो सुमिरन के पक्के बनो, सेवा करो और दुनियादारी में रहते हुए व्यवहार के सच्चे बनो। ठगी, बेइमानी, भ्रष्टाचार से दूर रहो। Saint Dr. MSG</p>
<p style="text-align:justify;">निंदा-चुगली से जितना हो सके दूर रहो और यह सब संभव है, जब आप सुमिरन करते हैं। सुमिरन के बिना यह संभव नहीं है। अगर आप सुमिरन नहीं करते तो आपकी मन-इंद्रियां फैलाव में रहेंगी, क्या पता कब दगा दे जाएं। जो लोग तन-मन-धन से परमार्थ करते हैं, उनके लिए भी जरूरी है कि आप भी थोड़ा सुमिरन करें, ताकि आपने जो परमार्थ किया है, वो कई गुणा बढ़े-फूले और इस संसार में रहते हुए आप खुशियों से मालामाल हो जाएं। यह सोने पे सुहागे की तरह है कि आप तन-मन-धन से सेवा के साथ-साथ सुमिरन भी करें। फिर अंदर-बाहर कोई कमी नहीं रहती और अपने-आप अच्छे विचार आते रहते हैं और इन्सान उन अच्छे विचारों पर चलता हुआ एक दिन परमानन्द की प्राप्ति जरूर कर लेता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Gold-Silver Price Today: फीकी पड़ी सोने-चांदी की चमक! जानें आज की ताजा कीमतें!" href="http://10.0.0.122:1245/the-shine-of-gold-and-silver-has-faded-know-todays-latest-prices/">Gold-Silver Price Today: फीकी पड़ी सोने-चांदी की चमक! जानें आज की ताजा कीमतें!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/it-is-very-difficult-to-walk-in-the-love-and-affection-of-the-lord-in-this-terrible-kali-yuga/article-69325</link>
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                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 16:52:47 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>‘दिलो-दिमाग में ताजगी ला देता है भगवान’</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सकब)। Saint Dr MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि जब इंसान अल्लाह-वाहेगुरु, गॉड, खुदा, राम से जुड़ जाता है तो उसके विचारों में तबदीली आती है, उसकी राह बदल जाती है और गुजरे हुए रास्तों को जब वो याद करता है तो वैराग्य […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/god-brings-freshness-to-the-heart-and-mind/article-69041"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/saint-dr-msg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सकब)।</strong> Saint Dr MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि जब इंसान अल्लाह-वाहेगुरु, गॉड, खुदा, राम से जुड़ जाता है तो उसके विचारों में तबदीली आती है, उसकी राह बदल जाती है और गुजरे हुए रास्तों को जब वो याद करता है तो वैराग्य आता है कि हे रहबर, मुझे पहले ही यह रास्ता क्यों नहीं मिला। फिर सतगुरु समझाता है कि तेरे कर्म या कर्मों का सिलसिला जब खत्म होता है, इंसान खुदमुख्त्यारी का इस्तेमाल करता है तो अल्लाह-वाहेगुरु का वो नाम सुनने को मिलता है और सच्ची सत्संग नसीब होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिर वो जीवात्मा कहती है कि हे प्रभु, तेरे प्यार-मोहब्बत को पाकर मुझे समझ आई है कि आपकी ही नूरे-किरण कण-कण, जर्रे-जर्रे में मौजूद है। सब अपने हैं, कोई दूजा नहीं, कोई वैरी-बेगाना तो है ही नहीं। मैं जिधर नजर मारती हूं, पलक उठाती हूं, बस! तू ही तू नजर आता है। हर किसी में तू समाया है और मुझे तेरे बिना कुछ और नहीं भाया। बस तू चाहिए, तू चाहिए रहबर, बस तू चाहिए। तेरे प्यार-मोहब्बत में जो लज्जत है, जो सुकून है, वो कहने-सुनने से परे है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि एक जीवात्मा कहती है कि मेरी पहचान के लिए मेरे शरीर का नाम रखा जाता है और उस नाम से दुनिया पुकारती है, पहचान बनती है। Saint Dr MSG</p>
<p style="text-align:justify;">पता नहीं कितने लोग उस नाम को लेते रहते हैं, बस यह होता है कि मुझे बुलाया गया है। पर हे प्रभु, जब तू उस नाम को पुकारता है तो दिलो-दिमाग में ताजगी छा जाती है, एक लज्जत छा जाती है, एक नशा झा जाता है। एहसास होता है कि वास्तव में तू ही बुलाने के काबिल है, पर मैं बोलने के काबिल नहीं थी क्योंकि सतगुरु-दाता जब जीवात्मा को बुलाते हैं, आदमी का नाम लेते हैं तो जीवात्मा को भी खींचते हैं सिर्फ शरीर को नहीं। दुनिया में नाम से शरीर की पहचान करते हैं। संत-फकीर नाम के द्वारा आत्मा की पहचान करते हैं और उसे प्यार-मोहब्बत से नवाज देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि जब व्यक्ति अल्लाह-मालिक की दरगाह में शामिल हो जाता है या वहां से जुड़ जाता है तो उसे मालूम होने लगता है कि क्या गलत है और क्या सही है। फिर वह दूसरे के कंधे पर तीर रखकर नहीं चला सकता कि फलां आदमी ने कहा इसलिए मैंने बुरा किया। इसलिए वह जिम्मेवार आप हो जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">‘दिलो-दिमाग में | Saint Dr MSG</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर वचनों पर चले तो उसका जिम्मेवार दयाल हो जाता हैं। वो उसके हर कर्म को काट देता है, हर कर्म को बदल कर रख देता है। कोई भी आदमी किसी को गलत करने को कहता है, चाहे वह कितना भी पूजनीयहो तो वो बहुत बड़ा गुनाहगार है। अगर कोई पूजनीय आदमी गलत है वो बेइंतहा-बेइंतहा गुनाहगार हो जाता है, तो वह भी नरक भोगता है। इसलिए न किसी को बरगलाओ, न किसी को अपनी बातों में लेकर आओ, न गुनाह करो और न ही किसी से करवाओ और बुरा कर्म कभी न करो। इस मामले में कभी किसी की न सुनो।</p>
<p style="text-align:justify;">चाहे किसी के कहने पर हो या किसी के साथ हो, बुरा कर्म कभी मत करो, वरना दोनों जहां में ठोकरें खाते फिरोगे, कुलों को बर्बाद कर लोगे। इसलिए बुरा कर्म नहीं करना चाहिए। नेक-अच्छे कर्म पर आगे बढ़ते जाओ, मंजिलें आपके लिए तैयार हैं, दरवाजे खुले हुए हैं। बस कदम बढ़ाते जाओ तो मालिक के रहमो-कर्म को हासिल जरूर कर पाओगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Agriculture News: परंपरागत खेती को छोड़ मशरूम उगाकर लखपति बना प्रहलाद सिंह" href="http://10.0.0.122:1245/prahlad-singh-earns-a-profit-of-twenty-lakh-rupees-annually-by-growing-mushrooms/">Agriculture News: परंपरागत खेती को छोड़ मशरूम उगाकर लखपति बना प्रहलाद सिंह</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Mar 2025 15:43:13 +0530</pubDate>
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                <title>मन को कंट्रोल में करना हो तो यह करें | Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सकब)। सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. MSG)  फरमाते हैं कि एक इंसान जब भी राम-नाम छोड़ देता है तो उसके अंदर की भावना बुरी तरह से मर जाती है। इंसानियत को भूला हुआ इंसान शैतान बन जाता है। वह अपने दिमाग के तंग दायरे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/saint-dr-msg-vachan-on-controlling-the-mind/article-68587"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/saint-dr.-msg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सकब)।</strong> सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. MSG)  फरमाते हैं कि एक इंसान जब भी राम-नाम छोड़ देता है तो उसके अंदर की भावना बुरी तरह से मर जाती है। इंसानियत को भूला हुआ इंसान शैतान बन जाता है। वह अपने दिमाग के तंग दायरे में इस तरह कैद हो जाता है कि उसे किसी की भी बात अच्छी नहीं लगती। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि जब मन बुराई पर आता है तो वह सारे दरवाजे बंद कर देता है, जिससे इंसान को रास्ता न मिल सके।</p>
<p style="text-align:justify;">समझाने वाले समझाते हैं, लेकिन जिस तरह से औंधे घड़े पर लेश मात्र असर नहीं होता उसी तरह से मन के मारों का भी यही हाल होता है। कई लोगों को यह पता नहीं होता कि गैरत, अणख किसे कहते हैं? इंसान सोचता है कि मैं बड़ा गैरतमंद हूँ, मैं जिस बात पर अड़ गया पता नहीं मैं कितना अच्छा हूँ। अणख-गैरत है तो मन को सीधा करके दिखा, बुराई से हटकर दिखा। अणख-गैरत है तो इस कलियुग में अल्लाह, वाहेगुरु, राम के नाम पर चलकर दिखा और नेक-भले कर्म करके दिखा। इसे अणख कहते हैं। मन के पीछे लगकर संतों के वचनों को काटते रहना अणख नहीं बल्कि अहंकार होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु (Saint Dr. MSG) जी फरमाते हैं कि अहंकार और अणख में दिन-रात का अंतर होता है। अणख और अहंकार दो अलग-अलग चीजें हैं, जो अहंकार को अणख-गैरत समझ लेते हैं वो जिंदगी में खज्जल-ख्वार होते रहते हैं। इसलिए अपने अंदर की आवाज को पहचानो। संत मन से रोकते हैं, मनमते न बनो, मनमते लोगों का संग न करो। कई लोगों को मनमते लोगों का संग ही अच्छा लगता है और रूहानियत का संग अच्छा नहीं लगता। यह इंसान की मर्जी है, लेकिन सच यह है कि गैरत है तो मन को सीधा करो, अपने बुरे विचारों से लड़ो। इसके अलावा सब अहंंकार है। आप जी फरमाते हैं कि गैरतमंद लोग आज संसार में बहुत कम हैं। वो लोग जो मन की बुराइयों से बचते हुए अल्लाह, राम, वाहेगुरु से लिव लगाए हुए हैं। जो लोग परमात्मा की भक्ति-इबादत में सच्चे दिल से लगे हुए हैं, वो सच्चे गैरतमंद हैं। मालिक की उन पर कृपा है। इस कृपा-दृष्टि के काबिल बना जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बिना चूं-चरां के सत्संग सुनकर अमल करो। संत कभी ऐसे वचन नहीं करते जिससे किसी को कोई नुकसान हो। संत हर किसी के सुख के लिए वचन करते हैं ताकि उसका आने वाला भयानक कर्म पहाड़ से कंकर में बदल जाए। संतों का काम जीवों को समझाना है। आगे कौन उसे किस रूप में लेता है, वह इंसान के ऊपर निर्भर करता है। जो सच्चे दिल से बुराइयों से तौबा कर लेते हैं, चाहे वह कितना बड़ा गुनाहगार क्यों न हो और संत, पीर-फकीर उसे माफ कर दे तो भगवान भी उसे जरूर माफ कर देते हैं। इसलिए मन की न सुनो, बल्कि मन से लड़ने के लिए आप लगातार काम-धंधा करते हुए सुमिरन किया करो। मन रुक जाएगा और उसकी दया-मेहर, रहमत के काबिल आप बन जाएंगे। Saint Dr. MSG</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Kisan News: धान की जगह वैकल्पिक फसलों को अपनाने वाले किसानों को मिलेगी 8000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि" href="http://10.0.0.122:1245/farmers-who-adopt-alternative-crops-instead-of-paddy-will-get-an-incentive-of-rs-eight-thousand-per-acre/">Kisan News: धान की जगह वैकल्पिक फसलों को अपनाने वाले किसानों को मिलेगी 8000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि</a></p>
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                                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 15:26:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पूज्य गुरु जी के ये वचन एक बार जरूर पढ़ लें, छूमंतर होगी हर परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा। सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का नाम सुखों की खान है और मालिक के नाम से बढ़कर कोई ऐसा रसायन नहीं जो इन्सान के दु:ख, दर्द, चिंता, परेशानियों को खत्म कर सके। दुनिया में इन्सान दु:खी, परेशान, गमगीन व रोगग्रस्त हैं, पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/read-these-words-of-pujya-guru-ji-once-all-your-troubles-will-vanish/article-62225"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-09/ram-rahim.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा।</strong> सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का नाम सुखों की खान है और मालिक के नाम से बढ़कर कोई ऐसा रसायन नहीं जो इन्सान के दु:ख, दर्द, चिंता, परेशानियों को खत्म कर सके। दुनिया में इन्सान दु:खी, परेशान, गमगीन व रोगग्रस्त हैं, पर इसका उपाय केवल प्रभु का नाम है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि कई बार ऐसे कर्म रोग होते हैं, चाहे कितनी भी दवा लो वो जल्दी से खत्म होने का नाम ही नहीं लेते। ऐसे कर्म रोगों को खत्म करने के लिए दवा और दुआ की जरूरत पड़ती है। दुआ केवल प्रभु के नाम से संभव है, और कोई तरीका नहीं। प्रभु का नाम जपें और दवा लें तो वो कर्म रोग खत्म हो जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि टेंशन लेने से रोग कम नहीं होता, बल्कि बढ़ जाता है। किसी बात या काम को लेकर टेंशन लेने की बजाए सब कुछ मालिक पर छोड़ दो, मालिक जाने उसका काम जाने। इसलिए आप सुमिरन करते रहें, मालिक से मालिक को मांगते रहिये और अपने बुरे कर्मों से परहेज कीजिए।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि इन्सान बुरे कर्मों से गुरेज नहीं करता, जो मन में आया वो करता है और जब कर्मों की मार पड़ती है तब कहता है कि मंैने तो कुछ किया ही नहीं। ये संसार तो किये कर्मों का बाजार है, जैसे बोओगे वैसा काटोगे। जैसा करोगे वैसा आने वाले समय में भरना पड़ेगा। इसलिए हमेशा अच्छे कर्म करो, मालिक से मालिक को मांगते रहो तो यकीनन मालिक की कृपा दृष्टि होगी और अंदर-बाहर खुशियां होंगी। आपकी गम, चिंताएं सब मिट जाएंगी, रोग दूर होंगे और मालिक के नजारे के काबिल आप बनते चले जाएंगे। पीर-फकीर के वचन अगर मुरीद मान ले तो पौ-बारह-पच्चीस हो जाती है, यानि कोई कमी नहीं रहती।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Sep 2024 12:28:12 +0530</pubDate>
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                <title>बरनावा से पूज्य गुरु जी ने साध-संगत के लिए किए ये वचन&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां मंगलवार को एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केंद्र शाह सतनाम जी आश्रम बरनावा जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) में पधार। पूज्य गुरु जी ने आश्रम से यूटयूब चैनल पर आकर साध-संगत को दर्शन दिए। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि प्यारी साध-संगत जी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pujya-guru-ji-in-barnawa/article-61045"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/ram-rahim.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा। </strong>पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां मंगलवार को एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केंद्र शाह सतनाम जी आश्रम बरनावा जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) में पधार। पूज्य गुरु जी ने आश्रम से यूटयूब चैनल पर आकर साध-संगत को दर्शन दिए। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि प्यारी साध-संगत जी सबको बहुत-बहुत आशीर्वाद आपके दर्शनों के लिए फिर से हाजिर हुए हैं और आप सबको मालिक बहुत-बहुत खुशियां दे। आशीर्वाद कहते हैं। आप अपने-अपने घरों में रहना है किसी ने यहां पर नहीं आना जैसे सेवादार भाई आपको बताएंगे सेवादार जिम्मेदार आपको बताएंगे उसके अकॉर्डिंग आपने सेवा करनी है। मालिक आपको बहुत-बहुत खुशियां दे। सबको बहुत-बहुत आशीर्वाद।</p>
<p><iframe title="Joyous Incarnation Month, Saint Dr MSG Blessings! | 13th August 2024" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/dAA2Rk4B3LM?feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Aug 2024 16:27:59 +0530</pubDate>
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                <title>पूज्य गुरु जी को बाइज्जत बरी करना, माननीय हाई कोर्ट का सम्मानजनक फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[रणजीत हत्या मामले में माननीय पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय (Punjab and Haryana High Court) ने पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां व चार अन्य को निर्दोष साबित कर बरी किया है। खबर सुनते ही डेरा सच्चा सौदा के करोड़ों अनुयायियों ने खुशी मनाई। सच को जानने वाले व हर एक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">रणजीत हत्या मामले में माननीय पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय (Punjab and Haryana High Court) ने पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां व चार अन्य को निर्दोष साबित कर बरी किया है। खबर सुनते ही डेरा सच्चा सौदा के करोड़ों अनुयायियों ने खुशी मनाई। सच को जानने वाले व हर एक न्यायप्रिय व्यक्ति ने माननीय उच्च न्यायालय के इस फैसले पर खुशी मनाई। देर से ही सही आखिर सच की जीत हुई। झूठे केसों की आड़ में मीडिया के माध्यम से डेरा सच्चा सौदा के बारे में खूब दुष्प्रचार हुआ। Ram Rahim</p>
<p style="text-align:justify;">डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं ने शारीरिक व मानसिक अत्याचार भी झेले। लेकिन साध-संगत का अपने गुरू पर दृढ़ विश्वास अटल रहा। साध-संगत ने चुपचाप विरोधियों के ताने सहन किए। साध-संगत को अपने गुरू जी की सच्चाई और न्यायपालिका पर भरोसा था। माननीय पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय में इस केस पर सुनवाई हुई और आखिरकार सच की जीत हुई। माननीय उच्च न्यायालय के इस निर्णय से करोड़ों लोगों के दिलों में न्यायालय के प्रति विश्वास और दृढ़ हुआ है। किसी ने सही लिखा है सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं। Ram Rahim</p>
<p><a title="High Court: सच की हुई जीत, रंजीत मर्डर केस में पूज्य गुरु जी के खिलाफ केस खारिज" href="http://10.0.0.122:1245/case-against-pujya-guru-ji-dismissed-and-acquitted-in-ranjit-murder-case/">High Court: सच की हुई जीत, रंजीत मर्डर केस में पूज्य गुरु जी के खिलाफ केस खारिज</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-honourable-high-court-gave-a-respectable-verdict-to-acquit-pujya-guru-ji/article-58084</link>
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                <pubDate>Wed, 29 May 2024 10:55:11 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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