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                <title>Income Tax Return - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Income Tax Return RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Income Tax News: इन 25000 लोगों को लगेगा 10 लाख का जुर्माना! अभी भी वक्त कर लो ये काम</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने हाल ही में घोषणा की है कि लगभग 25,000 ऐसे करदाताओं को SMS या ई-मेल अलर्ट भेजा जाएगा, जिनके विदेश में होल्डिंग्स (जैसे बैंक अकाउंट, संपत्ति, शेयर आदि) का खुलासा उनके 2025-26 के आईटीआर (आयकर रिटर्न) में नहीं हुआ है। इन करदाताओं को “high-risk” मामलों में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/cbdt-has-announced-that-sms-or-e-mail-alerts-will-be-sent-to-around-twenty-five-thousand-taxpayers/article-78709"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/income-tax-news-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने हाल ही में घोषणा की है कि लगभग 25,000 ऐसे करदाताओं को SMS या ई-मेल अलर्ट भेजा जाएगा, जिनके विदेश में होल्डिंग्स (जैसे बैंक अकाउंट, संपत्ति, शेयर आदि) का खुलासा उनके 2025-26 के आईटीआर (आयकर रिटर्न) में नहीं हुआ है। इन करदाताओं को “high-risk” मामलों में शामिल किया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि विदेशों की एजेंसियों से साझा की गई जानकारी (फ्रेमवर्क Automatic Exchange of Information — AEOI के तहत) और उन लोगों के दाखिल रिटर्न में पाई गई जानकारी में अंतर देखा गया। विदेशी प्रॉपर्टी की रिपोर्ट नहीं करने पर नियम सख्‍त हैं। ब्‍लैक मनी अधिनियम के तहत, विदेशी संपत्ति का खुलासा न करने पर 10 लाख रुपये का जुर्माना, 30% टैक्‍स और देय कर का 300% अतिरिक्त जुर्माना लग सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या है AEOI / डेटा-शेयरिंग व्यवस्था — और क्यों हो रही है यह मुहिम</h3>
<p style="text-align:justify;">AEOI एक अन्तर्राष्ट्रीय सूचना-शेयरिंग व्यवस्था है, जिसके तहत विभिन्न देशों की टैक्स अथॉरिटीज़ अपने निवासियों/नागरिकों की विदेश में मौजूद वित्तीय संपत्तियों और खातों की जानकारी एक-दूसरे को भेजती हैं। भारत के लिए यह जानकारी मिलने के बाद, यदि किसी व्यक्ति ने अपनी विदेशी संपत्तियों (या विदेशी स्रोत आय) का खुलासा अपने ITR में नहीं किया — तो उसे विभाग “high-risk” टैक्सपेयर्स में मान रहा है। यही आधार है SMS/ई-मेल अलर्ट भेजने का। इस काम को विभाग अपनी नयी पहल NUDGE 2.0 का हिस्सा बता रहा है — मतलब: गैर-जबरदस्ती, पर कानूनी दायित्व याद दिलाकर (voluntary compliance) सुनिश्चित करना।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या है AEOI / डेटा-शेयरिंग व्यवस्था — और क्यों हो रही है यह मुहिम</h3>
<p style="text-align:justify;">AEOI एक अन्तर्राष्ट्रीय सूचना-शेयरिंग व्यवस्था है, जिसके तहत विभिन्न देशों की टैक्स अथॉरिटीज़ अपने निवासियों/नागरिकों की विदेश में मौजूद वित्तीय संपत्तियों और खातों की जानकारी एक-दूसरे को भेजती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत के लिए यह जानकारी मिलने के बाद, यदि किसी व्यक्ति ने अपनी विदेशी संपत्तियों (या विदेशी स्रोत आय) का खुलासा अपने ITR में नहीं किया — तो उसे विभाग “high-risk” टैक्सपेयर्स में मान रहा है। यही आधार है SMS / ई-मेल अलर्ट भेजने का।</p>
<p style="text-align:justify;">इस काम को विभाग अपनी नयी पहल NUDGE 2.0 का हिस्सा बता रहा है — मतलब: गैर-जबरदस्ती, पर कानूनी दायित्व याद दिलाकर (voluntary compliance) सुनिश्चित करना।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अगर आपको ऐसा SMS / ई-मेल आता है — तो क्या करना चाहिए</h3>
<p style="text-align:justify;">1. सबसे पहले — देखें कि क्या आपके पास वास्तव में विदेश में कोई बैंक खाता, संपत्ति, शेयर, निवेश, एफएसआई (foreign source income) या अन्य विदेशी income/asset है।</p>
<p style="text-align:justify;">2. अगर है — तो अपने ITR (AY 2025–26) की Schedule FA (Foreign Assets) और Schedule FSI (Foreign-Source Income) देखें। यदि आपने पहले नहीं भरी — तो 31 दिसंबर 2025 तक revised ITR दाखिल करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">3. अगर आपने गलती से ITR-1 भरा था (जब ITR-2 भरना था), या कोई अन्य वजह से disclosure नहीं हुआ — तो जल्दी सुधार करें।</p>
<p style="text-align:justify;">4. अगर आपने विदेश में कोई संपत्ति / खाता नहीं रखा है, फिर भी SMS/ई-मेल मिला है — तो सावधानी रखें। पहले यह सुनिश्चित करें कि मेल/एसएमएस असली है, phishing नहीं। (ध्यान रहे: पहले से ऐसे phishing/धोखाधड़ी वाले fake ई-मेल देखने को मिले हैं।)</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="भाखड़ा मैन ब्रांच नहर पुननिर्माण: 66 करोड़ की परियोजना का 25% काम पेंडिंग, दिए सख्त निर्देश" href="http://10.0.0.122:1245/twenty-five-percentage-of-the-rs-sixty-six-crore-project-work-is-pending/">भाखड़ा मैन ब्रांच नहर पुननिर्माण: 66 करोड़ की परियोजना का 25% काम पेंडिंग, दिए सख्त निर्देश</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sat, 29 Nov 2025 11:16:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Income Tax Return: इस तारीख तक नहीं भरा इनकम टैक्स तो भुगतना पड़ेगा भारी नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[Income Tax Return: नई दिल्ली। आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की सोमवार को आखिरी तारीख है और ऐसे में आयकर विभाग ने लोगों को अंतिम समय में संभावित परेशानी से बचने के लिए आज ही अपना रिटर्न भरने की सलाह दी है। विभाग ने सोशल मीडिया के माध्यम से रविवार को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/if-you-dont-pay-income-tax-by-this-date-you-will-have-to-suffer-a-huge-loss/article-75714"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/income-tax-return.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Income Tax Return: नई दिल्ली।</strong> आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की सोमवार को आखिरी तारीख है और ऐसे में आयकर विभाग ने लोगों को अंतिम समय में संभावित परेशानी से बचने के लिए आज ही अपना रिटर्न भरने की सलाह दी है। विभाग ने सोशल मीडिया के माध्यम से रविवार को बताया कि अपना आयकर रिटर्न आज ही दाखिल करें। अक्सर देखा जाता है कि जब बड़ी संख्या में लोग अंतिम समय में लॉगइन करते हैं तो सर्वर हैंग होने या प्रक्रिया धीमी होने की शिकायत आती है। उल्लेखनीय है कि आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख फिलहाल 15 सितंबर है। इसके बाद रिटर्न भरने पर पांच लाख तक की कुल आय वालों को एक हजार रुपये और उससे अधिक की आय वालों को पांच हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। आयकर विभाग ने शनिवार को बताया था कि अब तक छह करोड़ से अधिक लोगों ने रिटर्न भरा है। आकलन वर्ष 2024-25 में 7.28 करोड़ करदाताओं ने आयकर रिटर्न भरा था। विभाग ने छह करोड़ का आंकड़ा पार करने के लिए करदाताओं और कर पेशेवरों को धन्यवाद दिया है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sun, 14 Sep 2025 13:04:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Relief Rules for Taxpayers: आयकर विधेयक 2025 की नई अपडेट! टीडीएस रिफंड के नियम और होंगे आसान?</title>
                                    <description><![CDATA[Income Tax Return 2025 Update: नई दिल्ली। अनेक मामलों में करदाताओं को स्रोत पर कर कटौती (TDS) की वापसी के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करना पड़ता है, भले ही उनकी वार्षिक आय कर योग्य सीमा से कम हो। अब सरकार इस प्रक्रिया को और सरल बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। एक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/new-update-of-income-tax-bill-2025-will-the-rules-of-tds-refund-be-easier/article-73591"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/income-tax-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Income Tax Return 2025 Update: नई दिल्ली। अनेक मामलों में करदाताओं को स्रोत पर कर कटौती (TDS) की वापसी के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करना पड़ता है, भले ही उनकी वार्षिक आय कर योग्य सीमा से कम हो। अब सरकार इस प्रक्रिया को और सरल बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। एक समाचार रिपोर्ट के अनुसार, भविष्य में करदाताओं को केवल टीडीएस रिफंड के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वे इसके लिए एक सरल फॉर्म भरकर भी दावा कर सकेंगे। Relief Rules for Taxpayers</p>
<p style="text-align:justify;">आयकर विधेयक 2025 की समीक्षा कर रही प्रवर समिति ने सरकार को यह सुझाव दिया है कि केवल रिफंड के उद्देश्य से आईटीआर दाखिल करने की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए। रिपोर्ट में इसका उल्लेख उन अधिकारियों के हवाले से किया गया है, जो इस कानून निर्माण प्रक्रिया से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “यह देखा गया है कि ऐसे कई छोटे करदाता हैं जिनकी आय कर योग्य नहीं है, लेकिन उनके वेतन या अन्य स्रोतों से टीडीएस काट लिया जाता है। ऐसे करदाताओं को सिर्फ़ जुर्माने से बचने के लिए रिटर्न दाखिल करने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है।”</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने समिति के इस सुझाव को स्वीकार कर लिया है और इसे आयकर विधेयक 2025 में संशोधन के रूप में शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके अनुसार, सीबीडीटी (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड) अब ऐसे करदाताओं के लिए एक सरल फॉर्म तैयार करेगा, जिन्हें केवल टीडीएस रिफंड का दावा करना होता है। यह नया फॉर्म फॉर्म 26AS से जुड़ा रहेगा, जो करदाता के खाते में स्रोत पर काटे गए कर और अन्य विवरणों का एक समेकित लेखा होता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या है प्रवर समिति की सिफारिश? | Relief Rules for Taxpayers</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रवर समिति ने उस मौजूदा प्रावधान को हटाने की सिफारिश की है, जिसके अंतर्गत अध्याय 10 के तहत रिफंड चाहने वाले व्यक्ति को अनिवार्य रूप से आईटीआर दाखिल करना होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा समिति ने आयकर अधिकारियों को करदाताओं के डिजिटल उपकरणों तक पहुँच देने वाले प्रावधानों में अधिक जवाबदेही और स्पष्टता जोड़ने की बात भी कही है। अभी तक आयकर अधिनियम, 1961 में डिजिटल डेटा या उपकरणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं था, जिससे कई मामलों में कानूनी विवाद उत्पन्न हो जाते थे। नए विधेयक में कर अधिकारियों को अब स्पष्ट रूप से यह अधिकार होगा कि वे करदाता के डिजिटल रिकॉर्ड, लेखा-बही और अन्य दस्तावेज़ों की जांच कर सकें, लेकिन इसके लिए नियत प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कब से लागू होगा नया कानून? | Relief Rules for Taxpayers</h3>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, आयकर विधेयक 2025 को आगामी 1 अप्रैल से लागू किया जा सकता है। इस विधेयक पर संसदीय समिति द्वारा कुल 285 सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं, जिनमें करदाताओं को राहत देने और कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने पर विशेष बल दिया गया है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sat, 19 Jul 2025 11:16:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Income Tax Rules: सैलरी वाले लोगों के लिए बदलने जा रहे हैं इनकम टैक्स के ये नियम, टैक्स-फ्री होगी इतने लाख रुपये की आय</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। नया वित्त वर्ष शुरू होने वाला है, नया वित्त वर्ष शुरू होने के साथ ही इनकम टैक्स से जुड़े कई नियमों में भी बदलाव हो जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आम बजट 2025 में कई अहम ऐलान किए गए थे, जो कि नए महीने यानि एक अप्रैल से लागू होने जा रहे […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/these-income-tax-rules-are-going-to-change-for-salaried-people/article-69088"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/income-tax-return.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली। नया वित्त वर्ष शुरू होने वाला है, नया वित्त वर्ष शुरू होने के साथ ही इनकम टैक्स से जुड़े कई नियमों में भी बदलाव हो जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आम बजट 2025 में कई अहम ऐलान किए गए थे, जो कि नए महीने यानि एक अप्रैल से लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर सैलरी वाले लोगों की जेब पर पड़ेगा। Income Tax Rules</p>
<p style="text-align:justify;">इन नए नियमों में इनकम टैक्स में अधिक छूट से लेकर टीडीएस नियमों में हुए बदलाव शामिल हैं। वित्त मंत्री द्वारा बजट में नई टैक्स रिजीम के तहत इनकम टैक्स में बढ़ाई गई छूट एक अप्रैल से लागू हो रही है। अब 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले लोग इनकम टैक्स छूट के दायरे में आएंगे। पहले यह आंकड़ा 7 लाख रुपये पर था। इसके अलावा, यदि वेतन सैलरी लेने वाले लोगों को मिलने वाली 75,000 रुपये की स्टैंडर्ड डिडक्शन की छूट को मिला दिया जाए तो इनकम टैक्स में छूट बढ़कर 12.75 लाख रुपये हो जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, इनकम टैक्स छूट में कैपिटल गेन को शामिल नहीं किया गया है। इस पर अलग से टैक्स लगाया जाएगा। सरकार ने नई टैक्स रिजीम के तहत नए टैक्स स्लैब भी पेश किए हैं, जबकि पुरानी टैक्स रिजीम में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है। अब नई टैक्स रिजीम के तहत 4 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स-फ्री होगी, जबकि 4 लाख रुपये से 8 लाख रुपये के बीच की इनकम पर 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा। इनकम बढ़ने के साथ टैक्स की दरें धीरे-धीरे बढ़ती जाएंगी और 24 लाख रुपये से अधिक इनकम पर यह 30 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। Income Tax Rules</p>
<h3>टैक्स छूट को 25,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये कर दिया</h3>
<p style="text-align:justify;">केंद्र सरकार ने बजट में सेक्शन 87ए के तहत मिलने वाली टैक्स छूट को 25,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये कर दिया है, जिससे नई टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की आय टैक्स-फ्री हो जाएगी। बैंक जमा पर मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस कटौती की सीमा को 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब बैंक जमा पर मिली 50,000 रुपये तक की राशि पर कोई टीडीएस नहीं कटेगा। 1 अप्रैल से नियोक्ताओं द्वारा दिए जाने वाले लाभ और भत्ते अब कर योग्य सुविधाओं के रूप में वगीर्कृत नहीं किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त, यदि कोई नियोक्ता किसी कर्मचारी या उसके परिवार के लिए विदेश में चिकित्सा उपचार की लागत को वहन करता है, तो इस व्यय को कर योग्य लाभ नहीं माना जाएगा। टेक्सपेयर्स के पास अब अपडेटेड आयकर रिटर्न (आईटीआर-यू) दाखिल करने के लिए दो के बजाय चार साल का समय होगा। यह विस्तार व्यक्तियों को अपनी कर फाइलिंग में त्रुटियों या चूक को लंबे समय तक सुधारने की अनुमति देता है। माता-पिता के लिए एक नया टैक्स-बचत विकल्प पेश किया गया है। जो लोग अपने बच्चे के एनपीएस वात्सल्य खाते में योगदान करते हैं, वे पुरानी कर व्यवस्था के तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त कटौती का दावा कर सकते हैं। Income Tax Rules</p>
<p><a title="Yes Bank Demand Notice: यस बैंक को इनकम टैक्स का 2,209 करोड़ रुपये का टैक्स डिमांड नोटिस" href="http://10.0.0.122:1245/yes-bank-receives-income-tax-demand-notice-of-rs-2209-crore/">Yes Bank Demand Notice: यस बैंक को इनकम टैक्स का 2,209 करोड़ रुपये का टैक्स डिमांड नोटिस</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/business/these-income-tax-rules-are-going-to-change-for-salaried-people/article-69088</link>
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                <pubDate>Sun, 30 Mar 2025 15:39:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Income Tax Slabs for FY 2024-25: आईटीआर भरते समय ये खुलासा नहीं किया तो आपकी संपत्ति होगी ब्लैक मनी घोषित! 10 लाख जुर्माना!</title>
                                    <description><![CDATA[Income Tax Slabs for FY 2024-25: नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आप भी इनकम टैक्स रिटर्न भरने वालों की श्रेणी में आते हैं तो आपके लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक जरूरी जानकारी शेयर की है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आयकर (आई-टी) विभाग ने 17 नवंबर से एक नया अभियान शुरू कर दिया है, जिसके तहत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/if-you-do-not-tell-this-while-filing-itr-your-property-will-be-declared-as-black-money-10-lakh-fine/article-64424"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/income-tax-dept.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Income Tax Slabs for FY 2024-25: नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आप भी इनकम टैक्स रिटर्न भरने वालों की श्रेणी में आते हैं तो आपके लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक जरूरी जानकारी शेयर की है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आयकर (आई-टी) विभाग ने 17 नवंबर से एक नया अभियान शुरू कर दिया है, जिसके तहत करदाताओं को चेतावनी दी गई है कि यदि वे अपनी विदेशी में रखी हुई संपत्ति से अर्जित आय का आईटीआर में खुलासा नहीं करते हैं तो उन पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। Income Tax Department News</p>
<p><a title="Nasa News: अंतरिक्ष से आई सुनीता विलियम्स को लेकर खुशखबरी!" href="http://10.0.0.122:1245/good-news-about-sunita-williams-came-from-space/">Nasa News: अंतरिक्ष से आई सुनीता विलियम्स को लेकर खुशखबरी!</a></p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार आयकर विभाग का वह अभियान है, ‘अनुपालन-सह-जागरूकता अभियान’ जिसका उद्देश्य करदाता आकलन वर्ष (एवाई) 2024-25 के लिए अपनी आईटीआर में उन सभी जानकारियों की रिपोर्ट करना शामिल हैं जोकि विदेशों में रखी संपत्ति से आय अर्जित कर रहे हैं। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो ऐसे करदाताओं पर काला धन विरोधी कानून के तहत जुर्माना लगाया जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कौन सी विदेशी संपत्ति का किया गया है जिक्र? Income Tax Department News</h3>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में आयकर विभाग ने जो एडवाइज जारी की है, उसके अनुसार भारतीय निवासियों के लिए विदेशी संपत्ति से मतलब है, बैंक खाते, नकद मूल्य बीमा अनुबंध या वार्षिकी अनुबंध, किसी इकाई या व्यवसाय में वित्तीय हित, अचल संपत्ति, कस्टोडियल खाता, इक्विटी और ऋण हित, ट्रस्ट जिसमें कोई व्यक्ति ट्रस्टी है, सेटलर का लाभार्थी, सिंगिंग अथॉरिटी वाले खाते, विदेश में रखी गई कोई पूंजीगत संपत्ति आदि।</p>
<p style="text-align:justify;">आयकर विभाग की एडवाइजरी के अनुसार सभी पात्र करदाताओं को अपनी आईटीआर में विदेशी संपत्ति (एफए) या विदेशी स्रोत आय (एफएसआई) अनुसूची को अनिवार्य रूप से उल्लेखित करना होगा, भले ही उनकी आय ‘कर योग्य सीमा से कम’ ही क्यों न हो तथा विदेश में संपत्ति ‘प्रकट स्रोतों से अर्जित’ की गई हो। ‘आईटीआर में विदेशी संपत्ति/आय का खुलासा न करने पर ब्लैक मनी (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 के तहत 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। आयकर विभाग की एडवाइजरी के अनुसार विलंबित और संशोधित आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2024 है। Income Tax Department News</p>
<p><a title="Gold Price Today: सोना उछला, इतनी बढ़ गई कीमतें! जानें, MCX पर सोने की कीमतें!" href="http://10.0.0.122:1245/gold-prices-rose-so-much-know-the-price-of-gold-on-mcx/">Gold Price Today: सोना उछला, इतनी बढ़ गई कीमतें! जानें, MCX पर सोने की कीमतें!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Nov 2024 11:25:41 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Income Tax Return : सहकारी समितियों को मिला सुअवसर! वर्ष 2018 से 2024 तक का भर सकेंगी आयकर रिटर्न!</title>
                                    <description><![CDATA[Income Tax Return जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। आयकर रिटर्न दाखिल करने में लापरवाही बरतने वाली सहकारी समितियों को अनिवार्य रूप से रिटर्न दाखिल करने के लिए एक और अवसर प्रदान किया गया है। ये समितियां वर्ष 2018-19 से 2023-24 तक के सभी मूल्यांकन वर्षों के लिए रिटर्न दाखिल करने में हुई देरी की माफी के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/co-operative-societies-will-be-able-to-file-income-tax-returns-for-the-year-2018-24/article-61843"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-09/itr-filling.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Income Tax Return जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। आयकर रिटर्न दाखिल करने में लापरवाही बरतने वाली सहकारी समितियों को अनिवार्य रूप से रिटर्न दाखिल करने के लिए एक और अवसर प्रदान किया गया है। ये समितियां वर्ष 2018-19 से 2023-24 तक के सभी मूल्यांकन वर्षों के लिए रिटर्न दाखिल करने में हुई देरी की माफी के लिए मुख्य आयकर आयुक्त/आयकर महानिदेशक के समक्ष आवेदन दाखिल कर सकेंगी। Income Tax Return</p>
<h3>सहकारी समितियों को नियत दिनांक तक आयकर रिटर्न दाखिल करना है अनिवार्य</h3>
<p style="text-align:justify;">शासन सचिव, सहकारिता विभाग श्रीमती शुचि त्यागी ने बताया कि आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139 (1) के तहत सहकारी समितियों को नियत दिनांक तक आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर वे अधिनियम की धारा 80 (P) के तहत कटौती का लाभ प्राप्त करने की हकदार नहीं होंगी। साथ ही, समय पर आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करने पर इन पर आयकर अधिनियम के प्रावधानों के तहत ब्याज एवं जुर्माना सहित परिणामी कर आरोपित किये जा सकते हैं। Income Tax Return</p>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती त्यागी ने बताया कि सहकारी समितियों के वित्तीय वर्ष 2023-24 (मूल्यांकन वर्ष 2024-25) के लेखों की ऑडिट करवाकर आयकर रिटर्न प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर, 2024 को समाप्त हो रही है। जबकि, वर्ष 2018-19 से 2023-24 के लिए आयकर रिटर्न की अंतिम तिथि पूर्व में ही समाप्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि डिफॉल्टर सहकारी समितियों को वर्ष 2018-19 से 2023-24 तक के आयकर रिटर्न अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने एवं देरी माफी के लिए आवेदन दाखिल करने करने के लिए निर्देशित किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">शासन सचिव ने बताया कि सही और त्रुटि रहित रिटर्न दाखिल करने के लिए अधिक जानकारी या सहायता jaipur.dit.ici@incometax.gov.in ई-मेल के जरिये प्राप्त की जा सकती है। Income Tax Return</p>
<p><a title="Jio 8th anniversary offer: जियो अपने 8 साल पूरे होने पर उपभोक्ताओं को दे रहा ये धांसू ऑफर!" href="http://10.0.0.122:1245/reliance-jio-8th-anniversary-offer/">Jio 8th anniversary offer: जियो अपने 8 साल पूरे होने पर उपभोक्ताओं को दे रहा ये धांसू ऑफर!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/co-operative-societies-will-be-able-to-file-income-tax-returns-for-the-year-2018-24/article-61843</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Sep 2024 18:18:32 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ITR Late filing Penalties : निर्धारित तिथि के बाद आईटीआर भरते समय कितना भरना पड़ेगा जुर्माना! जानें, पूरी डिटेल</title>
                                    <description><![CDATA[ITR Late filing Penalties : नई दिल्ली (एजेंसी)। इनकम टैक्स भरना अनिवार्य है क्योंकि ये एक ऐसा माध्यम है जो वित्तीय वर्ष में करदाता की इनकम दर्शाता है और जुर्माने से बचाता है। इसलिए इसे समय रहते भरना ही महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही आयकर विभाग व्यक्तियों को याद भी दिलाता रहता है कि वे समय […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/how-much-penalty-will-have-to-be-paid-while-filing-itr-after-the-due-date/article-59892"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/itr-return-2024.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ITR Late filing Penalties : नई दिल्ली (एजेंसी)। इनकम टैक्स भरना अनिवार्य है क्योंकि ये एक ऐसा माध्यम है जो वित्तीय वर्ष में करदाता की इनकम दर्शाता है और जुर्माने से बचाता है। इसलिए इसे समय रहते भरना ही महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही आयकर विभाग व्यक्तियों को याद भी दिलाता रहता है कि वे समय पर अपना आयकर रिटर्न दाखिल करें। ITR Filing 2024</p>
<p style="text-align:justify;">वित्तीय वर्ष 2023-24 (मूल्यांकन वर्ष 2024-25) के लिए आईटीआर भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2024 है। इसकी जटिलता को देखते हुए कुछ लोगों को यह प्रक्रिया मुश्किल लग सकती है। इसलिए अभी आपके पास समय है और 31 दिसंबर, 2024 से पहले पहले अपना आईटीआर भर दें। यदि किसी कारणवश आप यह नहीं भर पाते तो भी देरी से रिटर्न भरने का विकल्प है, लेकिन उस पर जुर्माना लगेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">निर्धारित तिथि के बाद आईटीआर भरने पर इतना लगेगा जुर्माना | ITR Filing 2024</h3>
<p style="text-align:justify;">भारत में निर्धारित तिथि के बाद आईटीआर भरने पर जुर्माना आपकी इनकम के आधार पर अलग-अलग लगता है। जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त वर्ष 2023-24 (एवाई 2024-25) के लिए 5 लाख रुपये से अधिक की शुद्ध कर योग्य आय वाले व्यक्तियों के लिए, विलंबित रिटर्न दाखिल करने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">5 लाख या उससे कम की शुद्ध कर योग्य आय वाले करदाताओं के लिए, देरी से आईटीआर भरने पर अधिकतम जुर्माना 1,000 रुपये तक सीमित है।</p>
<p style="text-align:justify;">मूल छूट सीमा से कम कर योग्य आय वाले व्यक्ति जो केवल रिफंड का दावा करने के लिए आईटीआर दाखिल करते हैं, उन्हें निर्धारित तिथि के बाद आईटीआर भरने पर दंड से छूट मिलती है। कर योग्य आय सीमा कटौती लागू होने से पहले सकल कर योग्य आय को संदर्भित करती है। टैक्स भरने की प्रक्रिया कई कारणों से महत्वपूर्ण है:</p>
<h3 style="text-align:justify;">अनिवार्यता:</h3>
<p style="text-align:justify;">अपना आयकर रिटर्न भरना अनिवार्य है। अनुपालन करने में लापरवाही करने पर दंड और संभावित कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पीस ऑफ माइंड:</h3>
<p style="text-align:justify;">आईटीआर समय पर भरना यह सुनिश्चित करता है कि आपका इनकम टैक्स सही तरीके से सही समय पर भरा गया है, जो आपको आश्वस्त कर सकता है कि भविष्य में आपको कोई समस्याएं नहीं आने वाली हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लाभ: | ITR Filing 2024</h3>
<p style="text-align:justify;">समय पर अपना रिटर्न दाखिल करने से आप विशिष्ट कर लाभ या रिफंड प्राप्त करने के अधिकारी हो सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जुर्माने के अलावा, आपको प्रारंभिक देय तिथि से लेकर भुगतान की तिथि तक किसी भी बकाया कर पर ब्याज भी देना पड़ सकता है, जिसे जुर्माने के तौर पर देखा जाएगा। कुछ स्थितियों में, निर्धारित तिथि के बाद आईटीआर भरने पर विशिष्ट कर कटौती या घाटे को आगे बढ़ाने का अवसर खो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">और तो और आईटीआर समय पर फिल करने से आपके सिर पर जो आईटीआर भरने का बोझ होता है वो कम हो जाता है, तनाव कम हो जाता है और आप जुर्माने से बच सकते हैं। इसलिए आप अपना आईटीआर जल्दी जमा करना निश्चित करें। आप यह सुनिश्चित कर लें कि आप आईटीआर भरने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से भरने के लिए समय से पहले ही सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे सैलरी स्लिप और निवेश प्रमाण इकट्ठा करके रख लें। ऐसा इसलिए क्योंकि यदि आपको आईटीआर भरते समय कोई समस्याएं, परेशानी आती हैं, तो आप किसी इनकम टैक्स विशेषज्ञ सलाहकार से परामर्श करने या आयकर विभाग द्वारा प्रदान किए जाने वाले आॅनलाइन संसाधनों की सुविधा प्राप्त करना सुनिचित कर सकते हैं। ITR Filing 2024</p>
<p><a title="Holiday : इस वजह से दो दिन बंद रहेंगे बैंक, यहाँ जानें क्यों?" href="http://10.0.0.122:1245/due-to-this-reason-banks-will-remain-closed-for-two-days-know-why-here/">Holiday : इस वजह से दो दिन बंद रहेंगे बैंक, यहाँ जानें क्यों?</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/how-much-penalty-will-have-to-be-paid-while-filing-itr-after-the-due-date/article-59892</link>
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                <pubDate>Tue, 16 Jul 2024 17:02:53 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Tax Refunds While Filing ITR: ऐसा क्या करें कि जमा किया गया टैक्स रिफंड हो जाए? और वो भी जमा किये गए टैक्स से ज्यादा!</title>
                                    <description><![CDATA[Tax Refunds While Filing ITR: नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आप भी करदाता हैं और अपने टैक्स रिफंड की सीमा को ज्यादा करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए यह न्यूज बहुत बढ़िया है। देखा जाए तो भारत में इस बारे में काफी चर्चाएं रहती हैं। आज के महंगाई के दौर में पैसा बचाना कोई गलत बात नहीं […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/what-should-be-done-so-that-the-tax-deposited-gets-refunded/article-58528"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/tax-refund.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Tax Refunds While Filing ITR: नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> यदि आप भी करदाता हैं और अपने टैक्स रिफंड की सीमा को ज्यादा करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए यह न्यूज बहुत बढ़िया है। देखा जाए तो भारत में इस बारे में काफी चर्चाएं रहती हैं। आज के महंगाई के दौर में पैसा बचाना कोई गलत बात नहीं है, इसके लिए आपको यह सुनिश्चित करना पड़ेगा कि इस बचत को कैसे बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए आपको वे सभी टैक्स लाभ प्राप्त करने होंगे जिनके आप हकदार हैं। टैक्स की गणना के विभिन्न पहलुओं का आकलन करके आप ज्यादा टैक्स रिफंड पा सकते हैं। Income Tax Return</p>
<h3 style="text-align:justify;">आवश्यक कटौती और छूट</h3>
<p style="text-align:justify;">इस सुविधा का लाभ आप अपनी कर देयता को कम करके सभी उपलब्ध कटौती और छूट का उपयोग करके उठा सकते हैं। भारत में अपना आयकर रिटर्न दाखिल करते समय आपके लिए उपलब्ध कटौती और छूट को समझने के लिए आयकर अधिनियम को समझना अति आवश्यक है। आयकर अधिनियम के अनुसार कटौती और छूट आपकी श्रेणी के आधार पर अलग-अलग होती हैं, चाहे आप वेतनभोगी हों, पेंशनभोगी हों या स्व-नियोजित व्यक्ति हों।</p>
<h3 style="text-align:justify;">धारा 80C के तहत कटौती | Income Tax Return</h3>
<p style="text-align:justify;">आयकर दाताओं के लिए भारत में आयकर अधिनियम की धारा 80C के अंतर्गत कई कटौतियां शामिल हैं, जिसका प्रावधान आपको विभिन्न निवेशों और खर्चों के लिए कटौती का दावा करने में सक्षम बनाता है, जिससे आपकी कर योग्य आय कम हो जाती है और संभावित रूप से आपकी कर देयता कम हो जाती है। यहाँ आपके लिए कुछ कटौतियां दिखाई गई हैं, जिनका आंकलन करना आपके लिए जरूरी है:- Income Tax Return</p>
<h3 style="text-align:justify;">पब्लिक प्रोविडेंट फंड:</h3>
<p style="text-align:justify;">पब्लिक प्रोविडेंट फंड (ढढऋ) में किए गए योगदान पर धारा 80सी के तहत कटौती की जा सकती है। ढढऋ एक लोकप्रिय दीर्घकालिक निवेश विकल्प है क्योंकि यह कर लाभ और प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें प्रदान करता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इक्विटी-लिंक्ड सेविंग्स स्कीम: | Income Tax Return</h3>
<p style="text-align:justify;">धारा 80सी इक्विटी-लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (एछरर) में किए गए निवेश पर कर कटौती की स्वीकृति मिलती है, जो कि इक्विटी म्यूचुअल फंड का एक प्रकार है। ढढऋ जैसे पारंपरिक विकल्पों की तुलना में, एछरर में अधिक रिटर्न मिलने की संभावना होती है, लेकिन यह बाजार जोखिम के प्रति अधिक संवेदनशील है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नेशनल पेंशन सिस्टम:</h3>
<p style="text-align:justify;">धारा 80सी टियर-क नेशनल पेंशन स्कीम (ठढर) खातों में किए गए योगदान पर कटौती की अनुमति देती है। योगदान, निवेश वृद्धि और परिपक्वता राशि पर उपलब्ध कर छूट के साथ, ठढर एक दीर्घकालिक सेवानिवृत्ति बचत योजना है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जीवन बीमा प्रीमियम:</h3>
<p style="text-align:justify;">कुछ सीमाओं के अधीन, धारा 80सी आपको जीवन बीमा पॉलिसियों (आपके, आपके जीवनसाथी या आपके आश्रित बच्चों के लिए) के लिए आपके द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम में कटौती करने की अनुमति देती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ट्यूशन फीस:</h3>
<p style="text-align:justify;">भारत में किसी भी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान में पूर्णकालिक रूप से नामांकित दो बच्चों (कानूनी रूप से गोद लिए गए बच्चों सहित) के लिए, धारा 80सी ट्यूशन लागत में कटौती की अनुमति देती है। भारत के बाहर आगे की शिक्षा के लिए रोकी जा सकने वाली राशि पर एक सीमा है। वित्तीय वर्ष 2023-2024 (एवाई 2024-2025) के लिए धारा 80सी के तहत कटौती की संयुक्त अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये है। उपर्युक्त सभी निवेश और अन्य धारा 80सी कटौती इस प्रतिबंध के अधीन हैं। धारा 80डी के तहत कटौती आप अपने परिवार, खुद के लिए और, कुछ मामलों में, अपने आश्रित माता-पिता के लिए भारत के आयकर अधिनियम की धारा 80डी के तहत अपने आयकर से प्रीमियम काट सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">निम्नलिखित लोग इस प्रावधान के तहत कटौती का दावा करने के पात्र हैं</h3>
<p style="text-align:justify;">व्यक्ति: अपने लिए, अपने जीवनसाथी और अपने आश्रित बच्चों के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान किसी व्यक्ति द्वारा माफ किया जा सकता है। वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से अधिक आयु वाले): वरिष्ठ नागरिकों के लिए कटौती की सीमा अधिक है। इसके अलावा, वे अपने माता-पिता के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम (80 वर्ष की आयु तक) की लागत में कटौती के पात्र हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में मान्यता प्राप्त बीमा फर्मों द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर कर कटौती की जाती है। इसमें आमतौर पर व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियाँ, पारिवारिक फ़्लोटर योजनाएँ और गंभीर बीमारी योजनाएँ शामिल होती हैं। यदि आपकी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी आयुर्वेदिक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होने को कवर करती है, तो प्रीमियम भी धारा 80डी के तहत कटौती योग्य हैं। आपकी आयु और जिस व्यक्ति का आप बीमा कर रहे हैं, उसके आधार पर, चिकित्सा बीमा प्रीमियम के लिए धारा 80डी के तहत अधिकतम कटौती सीमा अलग-अलग होती है:</p>
<p style="text-align:justify;">व्यक्तिगत (60 वर्ष से कम आयु): 25,000 रुपये(वार्षिक शारीरिक जाँच के लिए कटौती के साथ)।<br />
व्यक्तिगत (60 वर्ष से अधिक आयु): 50,000 रुपये (वार्षिक स्वास्थ्य जाँच के लिए कटौती के साथ)।<br />
वरिष्ठ नागरिकों के माता-पिता (80 वर्ष तक): वरिष्ठ नागरिक अपने माता-पिता के स्वास्थ्य बीमा के लिए भुगतान करने पर अतिरिक्त 25,000 रुपये (या 80 वर्ष से अधिक आयु होने पर 50,000 रुपये) प्राप्त करने के पात्र हैं। निवारक स्वास्थ्य जांच के लिए कटौती की सीमा प्रति वित्तीय वर्ष 5,000 रुपये है, जो ऊपर उल्लिखित समग्र सीमाओं में शामिल है। जबकि आप कई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के लिए कटौती का दावा कर सकते हैं, कुल कटौती निर्दिष्ट सीमा से अधिक नहीं हो सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आवश्यक दस्तावेज | Income Tax Return</h3>
<p style="text-align:justify;">धारा 80डी के तहत कटौती का दावा करने के लिए ये दस्तावेज हैं जरूरी</p>
<p style="text-align:justify;">भुगतान किए गए चिकित्सा बीमा प्रीमियम के लिए रसीदें या प्रमाण पत्र।</p>
<p style="text-align:justify;">माता-पिता के साथ रिश्ते का प्रमाण पत्र, यदि उनके चिकित्सा बीमा (वरिष्ठ नागरिकों के लिए) के लिए कटौती का दावा किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक ही प्रीमियम के तहत सभी परिवार के सदस्यों को कवर करने के लिए फैमिली फ्लोटर स्वास्थ्य बीमा योजना चुनने पर विचार करें, जिससे संभावित रूप से आपकी कटौती अधिकतम हो सके। यदि आप एक वरिष्ठ नागरिक हैं और आपके माता-पिता आप पर निर्भर हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप अतिरिक्त कटौती का दावा करने के लिए उनके स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान करें। याद रखें, कटौती भुगतान किए गए प्रीमियम पर लागू होती है, न कि कुल बीमा राशि पर। Income Tax Return</p>
<p><a title="PM Kisan Yojana: कार्यभार संभालते ही प्रधानमंत्री मोदी ने दिया किसानों को पहला तोहफा!" href="http://10.0.0.122:1245/pm-kisan-nidhi-releasing-17th-instalment/">PM Kisan Yojana: कार्यभार संभालते ही प्रधानमंत्री मोदी ने दिया किसानों को पहला तोहफा!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 14:48:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Income Tax Filing Avoid Mistakes: यदि आप भी भरते हैं इनकम टैक्स तो ना करें ये गलतियाँ!</title>
                                    <description><![CDATA[Income Tax Filing Avoid Mistakes: नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आप टैक्स पेयर हैं तो टैक्स जमा करना देश हित में बहुत जरूरी है। टैक्स जमा करना एक कठिन प्रक्रिया जरूर हो सकती है, जोकि संभावित जनजालों से भी भरी होती है, लेकिन टैक्स जमा करते समय कुछ न की जाने वाली गलतियों से बच जाएं तो […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/if-you-also-pay-income-tax-then-do-not-do-this-mistakes/article-57487"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/income-tax-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Income Tax Filing Avoid Mistakes: नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> यदि आप टैक्स पेयर हैं तो टैक्स जमा करना देश हित में बहुत जरूरी है। टैक्स जमा करना एक कठिन प्रक्रिया जरूर हो सकती है, जोकि संभावित जनजालों से भी भरी होती है, लेकिन टैक्स जमा करते समय कुछ न की जाने वाली गलतियों से बच जाएं तो यह प्रक्रिया इतनी कठिन न हो। आज आपको इस लेख के माध्यम से इस कठिन प्रक्रिया से गुजरने के कुछ टिप्स बताए जा रहे हैं जो आपके लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए बहुत जरूरी हैं। टैक्स जमा करने की कई सामान्य गलतियां होती हैं जिन पर आज गौर करेंगे और टैक्स जमा करने वाले लोगों को इन समस्याओं के समाधान के लिए एक अनुभवी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के बहुमूल्य टिप्स शेयर किए जा रहे हैं जानें वो जरूरी टिप्स:- Income Tax Return</p>
<h3 style="text-align:justify;">गलत फॉर्म का चयन करना</h3>
<p style="text-align:justify;">टैक्स जमा करने वाले लोगों द्वारा की जाने वाली सबसे सामान्य और आम गलतियों में से एक है, अपना टैक्स जमा करने के लिए गलत फॉर्म का चयन करना। प्रत्येक फॉर्म एक निश्चित प्रकार की आय और करदाता प्रोफाइल के अनुरूप होता है, और गलत फॉर्म का उपयोग करने से गलतियाँ हो सकती हैं और टैक्स जमा करने में देरी हो सकती है। सीए विशेषज्ञ टैक्स पेयर को सलाह देते हैं कि वे प्रत्येक फॉर्म के लिए योग्यता शर्तों का गहन विश्लेषण करें और भटकने पर एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एफएंडओ लेनदेन का उचित व्यवहार | Income Tax Return</h3>
<p style="text-align:justify;">वायदा और विकल्प (एफएंडओ) लेनदेन जटिल हो सकते हैं, खासकर टैक्स व्यवहार के संदर्भ में। सीए ग्राहकों से अपने टैक्स जमा करने पर लाभ और हानि सहित एफ एंड ओ लेनदेन की उचित घोषणा करने का आग्रह करता है। ऐसा न करने पर आयकर विभाग से टैक्स अधिसूचनाएं और जुर्माना लग सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किए गए दान का सही व्यवहार</h3>
<p style="text-align:justify;">आयकर अधिनियम की धारा 80जी दान को टैक्स-कटौती योग्य बनाने की अनुमति देती है। हालाँकि, सीए पर्याप्त कागजी कार्रवाई के बिना दान के लिए कटौती का दावा करने की सलाह देता है। करदाताओं को योग्य संगठनों को दान देना चाहिए और कटौती का दावा करने के लिए रसीदें जरूर लेनी चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ईएसओपी का उचित व्यवहार | Income Tax Return</h3>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारी स्टॉक स्वामित्व योजनाएं (ईएसओपी), जिसमें प्रतिबंधित स्टॉक इकाइयां (आरएसयू) शामिल हैं, कर्मचारियों के लिए विशेष कर समस्याएं प्रदान करती हैं। सीए ईएसओपी के कर परिणामों, जैसे कर समय और शेयर मूल्यांकन, को जानने की आवश्यकता पर जोर देता है। करदाताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन लेना चाहिए कि उनके ईएसओपी कर नियमों का अनुपालन करते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एक वर्ष में दो या अधिक नौकरी परिवर्तन के लिए गणना</h3>
<p style="text-align:justify;">करदाता जो पूरे वित्तीय वर्ष में अक्सर रोजगार बदलते हैं, उन्हें कर उद्देश्यों के लिए प्रत्येक नियोक्ता से अपनी कमाई की सटीक गणना करनी चाहिए। कर प्रपत्रों में त्रुटियों को कम करने के लिए, सीए ग्राहकों को वेतन, बोनस और अनुलाभों सहित प्रत्येक रोजगार से उनकी आय का संपूर्ण रिकॉर्ड रखने के लिए प्रोत्साहित करता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्रिप्टोकरेंसी और सिक्कों पर कराधान | Income Tax Return</h3>
<p style="text-align:justify;">भारत सहित कई प्राधिकरण अभी भी अनिश्चित हैं कि क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन पर टैक्स कैसे लगाया जाए। सीए बिटकॉइन की कमाई और घाटे से निपटने के तरीके पर कर विशेषज्ञों से सलाह लेने की आवश्यकता पर जोर देता है। टैक्स आवश्यकताओं का अनुपालन करने के लिए करदाताओं को बिटकॉइन लेनदेन का सटीक रिकॉर्ड रखना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ब्याज आय से काटा गया टैक्स</h3>
<p style="text-align:justify;">कई करदाता यह समझने में विफल रहते हैं कि ब्याज आय, जैसे सावधि जमा या बचत खातों पर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) का उनके आयकर रिटर्न में खुलासा करना आवश्यक नहीं है। सीए करदाताओं को फॉर्म 26एएस के साथ टीडीएस प्रमाणपत्रों का मिलान करने और अपने आईटीआर पर केवल शुद्ध कर योग्य ब्याज आय की रिपोर्ट करने की सलाह देता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भूमि खरीद बिक्री से पूंजीगत लाभ की गणना</h3>
<p style="text-align:justify;">लंबी भुगतान योजनाओं पर अर्जित भूमि या संपत्ति की बिक्री, जैसे कि नगरपालिका सरकारों द्वारा प्रदान की गई, पूंजीगत लाभ कर परिणामों पर सावधानीपूर्वक विचार करने की आवश्यकता है। सीए सुझाव देता है कि आप लंबी भुगतान अवधि और किसी भी संभावित छूट या कटौती को ध्यान में रखते हुए, पूंजीगत लाभ का उचित आकलन करने के लिए एक कर विशेषज्ञ से बात करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सामान्य गलतियों से परे रणनीतियाँ</h3>
<p style="text-align:justify;">कर दाखिल करने में बार-बार होने वाली गलतियों से बचने के अलावा, करदाताओं को नए कर कानून के विकास और संशोधनों के बारे में जागरुक रहना चाहिए। कर नियमों, छूटों और दाखिल करने के तरीकों में बदलाव से कर देनदारियों और रिफंड दावों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त करदाताओं को आसान और सही फाइलिंग सुनिश्चित करने के लिए आयकर विभाग के आॅनलाइन फाइलिंग प्लेटफॉर्म और टूल का उपयोग करना चाहिए। एक सरल कर फाइल सुनिश्चित करने के लिए पूरे वर्ष वित्तीय लेनदेन, निवेश और कटौतियों का विस्तृत रिकॉर्ड रखना भी महत्वपूर्ण है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वयं को सक्रिय रूप से शिक्षित करके और संगठित होकर, करदाता कर अनुपालन सुनिश्चित कर सकते हैं और अपने कर-बचत तरीकों को कुशलतापूर्वक अनुकूलित कर सकते हैं। किसी जानकार चार्टर्ड अकाउंटेंट या कर विशेषज्ञ से परामर्श करने से आपकी विशिष्ट वित्तीय स्थिति के अनुकूल महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सीए की विशेषज्ञता महत्वपूर्ण</h3>
<p style="text-align:justify;">टैक्स जमा करने के प्रयासों में एक अनुभवी चार्टर्ड अकाउंटेंट के ज्ञान को शामिल करना कई कारणों से महत्वपूर्ण है। शुरूआत के लिए, एक कुशल सीए को कर नियमों और विनियमों की गहन समझ होती है, जो उचित अनुपालन सुनिश्चित करता है और कमियों या चूक की संभावना को कम करता है। दूसरा, एक सीए किसी व्यक्ति की वित्तीय परिस्थितियों के आधार पर कर बचत और रिफंड को अधिकतम करने के लिए व्यक्तिगत सलाह दे सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त सीए सहायता मानसिक शांति प्रदान करती है क्योंकि करदाता जटिल कर मुद्दों को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने के लिए अपने अनुभव पर भरोसा कर सकते हैं। अंत में, एक सक्षम सीए एक विश्वसनीय सलाहकार के रूप में कार्य करता है, जो कर दाखिल करने की प्रक्रिया और उसके बाद भी निरंतर सहायता और दिशा प्रदान करता है, जिसके परिणामस्वरूप विश्वास और निर्भरता पर आधारित दीर्घकालिक साझेदारी होती है। Income Tax Return</p>
<p style="text-align:justify;">अंत में, कर दाखिल करने की सामान्य त्रुटियों से बचने के लिए, आपको सतर्कता बरतनी चाहिए, सतर्क रहना चाहिए और विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। कर कानून की बारीकियों को समझना और आवश्यक होने पर विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त करना करदाताओं को कर दाखिल करने की प्रक्रिया को आत्मविश्वास से नेविगेट करने और नियामक अनुपालन बनाए रखने की अनुमति देता है। याद रखें कि जब टैक्स की बात आती है, तो खेद जताने से बेहतर है कि सतर्क रहें।</p>
<p><a title="बच्चों का भविष्य खराब कर रहा सोशल मीडिया!" href="http://10.0.0.122:1245/social-media-is-spoiling-the-future-of-children/">बच्चों का भविष्य खराब कर रहा सोशल मीडिया!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 May 2024 13:01:10 +0530</pubDate>
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                <title>आयकर रिटर्न भरने की तिथि 15 मार्च तक बढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। आयकर विभाग ने आंकलन वर्ष 2021-22 के लिए रिटर्न भरने के साथ ही विभिन्न प्रकार की आडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तिथि में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। इसके तहत आंकलन वर्ष 2021-22 के लिए रिटर्न भरने की अंतिम तिथि जो 31 दिसंबर 2021 को समाप्त हो चुकी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/income-tax-return-filing-date-extended-till-march-15/article-29868"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-01/income-tax-return.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> आयकर विभाग ने आंकलन वर्ष 2021-22 के लिए रिटर्न भरने के साथ ही विभिन्न प्रकार की आडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तिथि में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। इसके तहत आंकलन वर्ष 2021-22 के लिए रिटर्न भरने की अंतिम तिथि जो 31 दिसंबर 2021 को समाप्त हो चुकी है को बढ़ाकर 15 मार्च 2022 कर दी गई है। केद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आज यहां जारी एक बयान में यह जानकारी देते हुये कहा कि कोरोना के कारण करदाताओं और अन्य हितधारकों को हो रही परेशानियों के मद्देनजर ये निर्णय लिये गये हैं। सीबीडीटी ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए विभिन्न आडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तिथि जो 15 जनवरी को सामप्त हो रही है को अब बढ़ाकर 15 फरवरी 2022 कर दिया गया है। उसने कहा कि इस संबंध में परिपत्र जारी कर दिया गया है।</p>
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                <pubDate>Tue, 11 Jan 2022 19:46:19 +0530</pubDate>
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