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                <title>Health Centers - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Health Centers RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>3 हजार गांवों से छीनी एमबीबीएस डॉक्टर की सुविधा, अब नहीं जाएंगे 489 सेहत सेंटरों में डॉक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[सेहत सैंटरों को मिलेंगे हैल्थ अधिकारी, जिनके पास नहीं है दवा लिखने की भी पॉवर पंचायत विभाग से सेहत विभाग में तबदील हुए 489 सब्सिडरी हैल्थ सैंटर पंजाब के करीब 3 हजार गांवों के लोगों को नहीं मिलेगी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधाएं सच कहूँ/अशवनी चावला, चंडीगढ़। पंजाब के गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/mbbs-doctor-facility-taken-away-from-3-thousand-villages-now-doctors-will-not-go-to-489-health-centers/article-23888"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-05/health-centers.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>सेहत सैंटरों को मिलेंगे हैल्थ अधिकारी, जिनके पास नहीं है दवा लिखने की भी पॉवर</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4>पंचायत विभाग से सेहत विभाग में तबदील हुए 489 सब्सिडरी हैल्थ सैंटर</h4>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h4>पंजाब के करीब 3 हजार गांवों के लोगों को नहीं मिलेगी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधाएं</h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/अशवनी चावला, चंडीगढ़।</strong> पंजाब के गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करने के साथ ही अच्छे डॉक्टरों की ड्यूटी लगाने की जगह पर कांग्रेस सरकार की ओर से करीब 3 हजार गांवों से एमबीबीएस डॉक्टर की सुविधा ही छीन ली गई है। अब पंजाब के लगभग 3 हजार गांवों में चैकअप और दवा देने के लिए कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर ड्यूटी देने के लिए नहीं जाएगा, क्योंकि पंचायत विभाग के अधीन आते 489 सबसिडरी हैल्थ सैंटरों को सेहत विभाग में तबदील कर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन 489 सबसिडरी हैल्थ सेंटरों में सेहत विभाग डॉक्टर भेजने की सुविधा देने की जगह पर कम्युनिटी हैल्थ अधिकारी को लगाने जा रहा है। जो कि गांवों के लोगों का चैकअप तो कर सकेंगे परन्तु उनको न ही दवा दे सकेंगे और न ही दवा लिख कर पर्ची दे पाएंगे, क्योंकि उनके पास नियमों अनुसार किसी भी मरीज को दवा लिख कर देने की पॉवर ही नहीं है, जिस कारण अब पंजाब के 3हजार के करीब गांवों के लोगों को विशेषज्ञ डॉक्टर की सेवा नहीं मिल पाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार पंजाब में 2016 दौरान कैप्टन अमरिन्दर सिंह की कांग्रेस सरकार ने गांवों के लोगों को डॉक्टरी सुविधाएं देने के लिए गांवों में 1186 के करीब सबसिडरी हैल्थ सेंटरों की शुरूआत की थी और एक सबसिडरी हैल्थ सैंटर लगभग 5से 7 गांवों को कवर करता है। यदि गांवों में जन -संख्या ज्यादा हो तो सबसिडरी हैल्थ सैंटर को 5 गांव ही मिलते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले 15 सालों से गांवों में चल रहे यह सबसिडरी हैल्थ सेंटरों में पंचायत विभाग की ओर से एमबीबीएस और माहिर डॉक्टर लगाए हुए हैं। पिछले 5-7 सालों से पंचायत विभाग की तरफ से कोई डॉक्टरों की भर्ती नहीं करने के चलते अब इन 1186 सबसिडरी हैल्थ सैंटरों 697 के करीब डॉक्टर ही अपनी, सेवाएं दे रहे हैं परन्तु कई डॉक्टरों को एक से अधिक सबसिडरी हैल्थ सैंटर का प्रभार देने के साथ ही हर सबसिडरी हैल्थ सैंटर में डॉक्टर लगभग ड्यूटी दे रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">गांवों में अच्छी सेहत सुविधा दे रहे पंचायत विभाग में चल रहे इन सबसिडरी हैल्थ सैंटरों को सेहत विभाग में मर्ज करने संबंधी पिछले 5-7 सालों से विचार किया जा रहा था परन्तु गांवों में मिल रही इस सुविधा को बंद करने से पैदा होने वाले विवाद के चलते यह फैसला नहीं लिया जा सका।</p>
<p style="text-align:justify;">अब बीती कैबिनेट मंत्री में 489 सबसिडरी हैल्थ सैंटरों को सेहत विभाग में मर्ज करने संबंधी फैसला कर लिया गया तो बीते महीने सेहत विभाग ने इन 489 सबसिडरी हैल्थ सैंटरों को अपने अधीन भी ले लिया परन्तु इनको सबसिडरी हैल्थ सेंटरों में एमबीबीएस डॉक्टरों की सुविधा देने की जगह पर कम्युनिटी हैल्थ अधिकारी की ही सुविधा दी जाऐगी, जिनके पास न ही दवा देने की पॉवर है और न ही वह मरीज को दवा लिख कर दे सकेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">रैफर करके भेजेंगे शहरी अस्पतालों में, नहीं मिलेगा इलाज</h4>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के इन करीब 3 हजार गांवों में एमबीबीएस डॉक्टर नहीं होने के कारण कम्युनिटी हैल्थ अधिकारी की तरफ से ही गांवों के लोगों को देखा जाएगा। गांवों के लोगों को लैपटाप के साथ ऑनलाइन डॉक्टर से बातचीत करवाई जाऐगी, यदि ऑनलाइन डॉक्टर की समझ में आ गया तो दवा देने के आदेश दिए जाएंगे नहीं तो पास के शहरी अस्पताल में रैफर या फिर भेजने के लिए कह दिया जाएगा, जिस कारण अच्छा और तुरंत इलाज इन सबसिडरी हैल्थ सेंटरों में मिलने के आसार कम ही होंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">डॉक्टर भेजना मुश्किल, सीएचओ से ही चलाना पड़ेगा काम: हुस्न लाल</h4>
<p style="text-align:justify;">सेहत विभाग के प्रिंसिपल सचिव हुस्न लाल ने कहा कि सेहत विभाग में मर्ज हुए 489 सबसिडरी हैल्थ सेंटरों में विशेषज्ञ डॉक्टर भेजना मुश्किल है। इन सबसिडरी हैल्थ सेंटरों में कम्युनिटी हैल्थ अधिकारी सीएचओ ही भेजे जाएंगे। इन सीएचओ के द्वारा ही गांवों के लोगों को डाक्टरी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि माहिर डॉक्टरों को शहरों में ही लगाया जा सकता है। इस लिए गांवों में भेजना मुश्किल होगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पंचायत विभाग अधीन 697 सबसिडरी हैल्थ सैंटरों को मिलती रहेगी डॉक्टरी सुविधा</h4>
<p style="text-align:justify;">पंचायत विभाग अधीन अभी भी रह गए 697 सबसिडरी हैल्थ सैंटरों को एमबीबीएस डॉक्टरों की सुविधा मिलती रहेगी। पंचायत विभाग ने इन 697 सबसिडरी हैल्थ सैंटरों को सेहत विभाग के हवाले नहीं किया है और इन सभी सबसिडरी हैल्थ सेंटरों में डॉक्टर तैनात हैं, जो कि गांवों के लोगों को अपनी सेवा देते रहेंगे। इस अनुसार पंजाब के 5 हजार के करीब गांवों को विशेषज्ञ डॉक्टर अपने ही गांव में मिलेगा, जब कि सेहत विभाग में मर्ज हुए 3 हजार के गांवों को यह सुविधा से वंचित होना पड़ गया है।</p>
<h4>कौनसे जिले के कितने सेहत सैंटर से छीनी जाएगी डॉक्टरी सुविधा</h4>
<p><strong>जिला                          मर्ज हैल्थ सैंटर</strong><br />
अमृतसर                             4<br />
बरनाला                              16<br />
बठिंडा                               14<br />
फरीदकोट                           5<br />
फाजिल्का                           22<br />
फिरोजपुर                           30<br />
फतेहगढ़ साहिब                     2<br />
गुरदासपुर                          39<br />
होशियारपुर                         46<br />
जालंधर                             25<br />
कपूरथला                           22<br />
लुधियाना                           40<br />
मानसा                             28<br />
मोगा                                38<br />
श्री मुक्तसर साहिब                 29<br />
पठानकोट                           7<br />
पटियाला                           15<br />
रोपड़                              18<br />
संगरूर                            38<br />
मोहाली                             1<br />
एसबीएस नगर                    18<br />
तरनतारन                          32<br />
<strong>कुल                                489</strong></p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 May 2021 17:40:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेशभर में खुलेंगे 55 नए स्वास्थ्य केंद्र</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ ब्यूरो)। चालू वित्तवर्ष के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में 55 स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्र स्थापित किये जाएंगे। इन केन्द्रों को नई बीमारियों की रोकथाम हेतू उपचार एवं प्रबंधन के लिए विशेष तौर पर तैयार किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि ये केन्द्र सरकार के सहयोग से बनाये जाएंगे, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/55-new-health-centers-will-opened-across-the-state/article-2887"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/hospital.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ ब्यूरो)।</strong> चालू वित्तवर्ष के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में 55 स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्र स्थापित किये जाएंगे। इन केन्द्रों को नई बीमारियों की रोकथाम हेतू उपचार एवं प्रबंधन के लिए विशेष तौर पर तैयार किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि ये केन्द्र सरकार के सहयोग से बनाये जाएंगे, जिनमें लोगों को व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवायी जाएगी। उन्होंने बताया कि इन केन्द्रों के निर्माण हेतू स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 572.13 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इन केन्द्रों को 1.20 लाख की आबादी पर खोला जाएगा, जिससेक्षेत्र के 25 से 30 उपकेन्द्र संबंधित होंगे। इन केन्द्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा नागरिक अस्पतालों से जोड़ा जाएगा। इनमें गुणवत्तापरकप्रजनन, स्वास्थ्य देखभाल, संचारी रोगों का प्रबंधन, ई.एन.टी., नेत्र रोग, दंत रोग तथा मानसिक रोगों की जांच एवं उपचार की सुविधा होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तकनीकी संस्थानों में 15 तक ले सकते हैं दाखिला</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा के सभी तकनीकी शैक्षिक संस्थानों / विश्वविद्यालयों / पॉलिटेक्निक में वर्ष 2017-18 हेतु दाखिला के लिए अंतिम तिथि 15 अगस्त है। इसके बाद किसी भी दाखिले को वैध नहीं माना जाएगा। हरियाणा राज्य तकनीकी शिक्षा समिति के प्रवक्ता ने बताया कि सत्र 2017-18 के लिए तकनीकी शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश के लिए 15 अगस्त अंतिम तिथि है। इस प्रकार इन पाठ्यक्रमों में सभी प्रवेश, सभी परिस्थितियों में और किसी भी अपवाद के बिना 15 अगस्त तक पूर्ण किए जाने चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">शिशु देखभाल संस्थान खोलने के लिए मांगे आवेदन</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग ने वर्ष 2017-18 के लिए समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत सभी जिलों में शिशु देखभाल संस्थान (सीसीआई) खोलने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि केवल ऐसे संस्थान या व्यक्ति, जो अनाथ, बेसहारा बच्चों और विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए सीसीआई खोलने में रूचि रखते हैं, वे अपने-अपने जिलों में जिला बाल सरंक्षण अधिकारी को 31 अगस्त तक आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/55-new-health-centers-will-opened-across-the-state/article-2887</link>
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                <pubDate>Fri, 04 Aug 2017 09:47:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी जन औषधि केंद्रों को स्वस्थ बनाने की जरूरत</title>
                                    <description><![CDATA[अक्सर ही देखा जाता है कि एक बार तो भलाई योजनाओं की शुरूआत कर दी जाती है, लेकिन बाद में यह दम तोड़ जाती हैं। इसी तरह ही मंझधार में लटक रहे हैं केंद्र सरकार द्वारा खोले गए सस्ती दवाइयों वाले जन औषधि जैनरिक ड्रग स्टोर। यह स्टोर केंद्र में दो बार सत्ता पर काबिज […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/the-need-to-make-government-public-health-centers-healthy/article-1553"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/medicine.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अक्सर ही देखा जाता है कि एक बार तो भलाई योजनाओं की शुरूआत कर दी जाती है, लेकिन बाद में यह दम तोड़ जाती हैं। इसी तरह ही मंझधार में लटक रहे हैं केंद्र सरकार द्वारा खोले गए सस्ती दवाइयों वाले जन औषधि जैनरिक ड्रग स्टोर। यह स्टोर केंद्र में दो बार सत्ता पर काबिज रही पूर्व प्रधानमंत्री की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने अपनी योजना के तहत देश के जिला सरकारी अस्पतालों में खोले थे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने जब दूसरी बार केंद्र में सरकार बनाई थी, तो उन्हें चुनाव से पहले अपने चुनावी घोषणापत्र में लोगों को सस्ती दवाएं प्रदान करवाने का वादा किया था। इसी के तहत यह स्टोर खोले गए थे, लेकिन यह स्टोर खुलने के बाद लोगों को कोई खास सहुलियत नहीं मिली। वर्तमान की भाजपा सरकार में यह केन्द्र अधिक तीव्र गति से खोले जा रहे हैं, लेकिन इन केन्द्रों पर दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इन स्टोरों को 2008 में शुरू किया गया था। अब पूरे भारत में इन स्टोरों की संख्या 1289 है। पंजाब में कुल 39 हैं। एक बार तो यह स्टोर खोल दिए, लेकिन सरकार ने इस तरफ कोई विशेष ध्यान नहीं दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इन केंद्रों में सस्ते भाव पर जेनेरिक दवाइयां भेजी गई थीं, जिनकी कीमत तो सचमुच ही बहुत कम है। लेकिन प्रतिदिन 24 घंटे खुलने वाले यह स्टोर कभी भी लोगों के न बन सके, क्योंकि पहली बात, यहां पर दवाइयों की संख्या बहुत कम ही रही है। दूसरी बात, जो दवाइयां इन स्टोरों पर उपलब्ध करवाई जाती हैं, उनको सरकारी अस्पतालों में मौजूद डाक्टरों द्वारा कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए लोगों को पहले की तरह निजी दुकानों से महंगे भाव पर ही दवाएं लेनी पड़ती हैं। डाक्टरों द्वारा ज्यादातर बड़ी निजी कंपनियों की दवाइयों को अधिक प्राथमिकता दी जाती है। जन औषधि स्टोर बी.पी.पी.आई. (ब्यूरो फारमा आफ इंडिया) के तहत चलते हैं। यहां पर जो कम भाव पर दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वो पांच कंपनियां इंडियन ड्रग फार्मास्युटिकल लिमिटेड, हिंदुस्तान एंटीबायोटिक, बंगाल कैमीकल लिमिटेड, राजस्थान ड्रग फार्मास्युटिकल लिमिटेड, कर्नाटक एंटीबायोटिक की दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती हैं। पहले तो सीधे ही आदेश देने पर यह कंपनियां दवाइयां भेज दिया करती थीं, लेकिन अब राज्य स्तर पर दवाइयां सप्लाई करने वाले बड़े स्टोर बना दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन दवाइयों की कमी फिर पूरी नहीं हो सकी है। बी.पी.पी.आई. की तरफ से 757 दवाइयों की सूची जारी की हुई है, लेकिन स्टोरों में 150 से 200 तक दवाइयां ही मुश्किल से पहुंच पाती हैं। जिन दवाइयों की सूची जारी की हुई है, यदि वो सभी दवाई इन स्टोरों पर भेजी जाएं, तो लोगों को आसानी से सभी दवाइयाँ पाप्त हो सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये स्टोर शुरू में तो जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के अंतर्गत कर दिए गए थे। बाद में कई स्टोरों की हालत ज्यादा बुरी होने की वजह से उन्हें बंद कर दिया गया। इसके बाद इन केन्द्रकों को रोगी कल्याण समिति के अंतर्गत कर दिया गया। सस्ती दवाइयां उपरोक्त कंपनियों द्वारा भेजी जाती थीं, उनकी संख्या कम होने के कारण दवाइयों की कमी पूरी करने के लिए जिला स्तर पर समितियां बनाकर निजी दवाइयों की खरीद करके गुजारा किया जाने लगा। लेकिन डाक्टरों की सिफारिशों पर निजी कंपनियों की दवाइयां इन स्टोरों पर ब्रिकी की जाने लगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अब इन स्टोरों में काम कर रहे कर्मचारियों की बात की जाए, तो उनकी स्थिति सांप के मुंह में छिपकली जैसी है। यानि इन कर्मियों का वेतन बहुत ही कम है। इनकी नौकरी भी पक्की नहीं है। सरकार के पास इनके लिए कोई एजेंडा नहीं है। दरअसल राज्य सरकारें इस योजना को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए सोचना अपना फर्ज नहीं मानती।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारों को ऐसा कोई फंड यां ग्रांट जारी नहीं किया जाता, जिससे इनका निर्माण हो सके। जो भी इन स्टोरों का खर्च होता है, वो भी दवाइयों की ब्रिकी करके पूरे किए जाते हैं। इसलिए केंद्र सरकार को इन स्टोरों को स्वस्थ बनाने के लिए विशेष फंड जारी करने चाहिए, ताकि उनका निर्माण अच्छे से हो सके। सभी दवाइयों का इन स्टोरों पर भेजने का प्रबंध किया जाए, ताकि हर जरूरतमंद को सस्ती दवा आसानी से मिल सके और जिस प्रयोजन से यह जन औषधि स्टोर खोले गए थे, वह पूरा हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>– सुखराज चहल धनौला</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jun 2017 23:21:42 +0530</pubDate>
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                <title>स्वास्थ्य सेंटरों के लिए जमीन देगी पंचायतें</title>
                                    <description><![CDATA[प्रत्येक ब्लॉक में पौधे तैयार करने के लिए एक-एक नर्सरी बनाने का प्रयास किया: अध्यक्ष एडीसी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली पटियाला (खुशवीर तूर)। जिला परिषद अधीन पटियाला के विभिन्न गांवों में प्राथमिक हैल्थ सैंटर अधीन चल रहे 73 स्वास्थ्य सब-सेंटरों को पंचायतों द्वारा जमीन देने की तैयारी शुरू कर दी गई […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/panchayat-will-provide-land-for-health-centers/article-906"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/patiala-photo-08.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">प्रत्येक ब्लॉक में पौधे तैयार करने के लिए एक-एक नर्सरी बनाने का प्रयास किया: अध्यक्ष</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>एडीसी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला (खुशवीर तूर)।</strong> जिला परिषद अधीन पटियाला के विभिन्न गांवों में प्राथमिक हैल्थ सैंटर अधीन चल रहे 73 स्वास्थ्य सब-सेंटरों को पंचायतों द्वारा जमीन देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस संबंध में जिला परिषद कंपलैक्स में स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के साथ मीटिंग की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला परिषद के अध्यक्ष जसपाल सिंह कल्याण व अतिरिक्त उपायुक्त विकास शौकत अहमद परे की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में चर्चा की गई जो सब सैंटर धर्मशाला, गुरुद्वारा, पंचायती कार्यालय, आंगनबाड़ी सेंटर या फिर अन्य गैर सरकारी जमीन में चल रहे हैं। उन 73 सेंटरों को 1 से 2 एकड़ जमीन दी जाए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">42 पंचायतों ने दी सहमति</h3>
<p style="text-align:justify;">कल्याण ने बताया कि संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा सब-सेंटरों के लिए जमीन दान देने के लिए अपेक्षित कार्रवाई करनी बनती है ताकि इन सब सेंटरों के लिए नेशनल हैल्थ मिशन के अंतर्गत फंडज प्राप्त कर बिल्डिंग का निर्माण करवायाजा सके। मीटिंग में बताया कि अब तक 42 पंचायतों ने अपने तरफ से सहमति प्रकट कर दी गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नर्सरी बनाने के लिए जगह का चयन</h3>
<p style="text-align:justify;">चेयरमैन ने बताया कि 22 मार्च की मीटिंग में लिए गए फैसले अनुसार जिला परिषद ने प्रत्येक ब्लॉक में पौधे तैयार करने के लिए एक-एक नर्सरी बनाने का प्रयास कर लिया है। इस संबंध में ब्लॉक विकास व पंचायत अधिकारियों द्वारा एक-एक गांव में जगह का चयन कर लिया है और नर्सरी में पौधे तैयार किए जाएंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पंचायती जमीन का चयन</h3>
<p style="text-align:justify;">यह काम मनरेगा स्कीम के अधीन किया जाना है। पौधे तैयार होने उपरांत स्कीम के अंतर्गत गांवों की खाली स्थानों पर लगाया जाएगा। इससे जहां मनरेगा स्कीम के अंतर्गत रोजगार मुहैया करवाया जा सकेगा। वहीं वातावरण में सुधार लाने में सहायक होगा। उन्होंने बताया कि एक नर्सरी के लिए 4 से 5 एकड़ पंचायती जमीन चुनी गई है, जहां पानी का प्रबंध पहले से ही है।</p>
<p style="text-align:justify;">नर्सरी में वन विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों के सहयोग से इस सीजन में पौधे तैयार किए जाएंगे। अगले सीजन में हर ब्लॉक में एक-एक लाख पौधा लगाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। इस मौके जिला परिषद के सचिव चरनजोत सिंह वालिया, भूपेन्द्र सिंह, मैंबर जिला परिषद, बलविन्दर सिंह, सुखविन्दर सिंह, लाल सिंह, कर्म सिंह, सवरनजीत कौर उपस्थित थे।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jun 2017 05:57:53 +0530</pubDate>
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