<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/focus/tag-1975" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>focus - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/1975/rss</link>
                <description>focus RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रैंकिंग के बजाय और खिताब जीतने पर ध्यान: मुगुरुजा</title>
                                    <description><![CDATA[लंदन (एजेंसी)। अमेरिका की वीनस विलियम्स को विम्बलडन फाइनल में एकतरफा अंदाज में 7-5, 6-0 से हराकर विम्बलडन टेनिस चैंपियनशिप का महिला एकल खिताब जीतने वाली स्पेन की गरबाइन मुगुरुजा ने कहा है कि उनका लक्ष्य रैंकिंग के बारे में सोचने से ज्यादा और अधिक ग्रैंड स्लेम खिताब जीतने का है। 15वीं रैंकिंग के साथ […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/focusing-on-winning-more-titles-instead-of-ranking-muguruza/article-2378"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/garbiñe-muguruza.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लंदन (एजेंसी)।</strong> अमेरिका की वीनस विलियम्स को विम्बलडन फाइनल में एकतरफा अंदाज में 7-5, 6-0 से हराकर विम्बलडन टेनिस चैंपियनशिप का महिला एकल खिताब जीतने वाली स्पेन की गरबाइन मुगुरुजा ने कहा है कि उनका लक्ष्य रैंकिंग के बारे में सोचने से ज्यादा और अधिक ग्रैंड स्लेम खिताब जीतने का है। 15वीं रैंकिंग के साथ विम्बलडन में उतरने वाली मुगुरुजा का यह दूसरा ग्रैंड स्लेम खिताब है। इससे पहले उन्होंने 2016 में फ्रेंच ओपन का खिताब जीता था। विम्बलडन का खिताब अपने नाम करने के बाद डब्ल्यूटीए की अगली रैंकिंग में मुगुरुजा तेजी से उछाल के साथ पांचवें स्थान पर पहुंच जाएंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नंबर एक बनना वाकई एक अलग अनुभूति</h3>
<p style="text-align:justify;">23 वर्षीय स्पेनी स्टार ने संवाददाताओं से कहा कि वह रैंकिंग के बारे में नहीं सोच रहीं हैं। नंबर एक, नंबर दो और नंबर तीन बनना मात्र अंकों का खेल है लेकिन जब आप ग्रैंड स्लेम जीतते हैं तो यह एक अविश्वसनीय अनुभूति होती है और इसकी किसी से तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि आप खिताबी सफर तक सभी मैच खेलते हैं और इस दौरान आप नंबर एक, नंबर दो, नंबर तीन किसी के भी खिलाफ खेल सकते हैं। नंबर एक बनना वाकई एक अलग अनुभूति होती होगी। मैं इस बारे में नहीं जानती लेकिन मैं यह निश्चित रुप से कह सकती हूं कि खिताब जीतना रैंकिंग में शीर्ष रहने से ज्यादा बेहतर अनुभव होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कड़ी मेहनत पर ही विश्वास</h3>
<p style="text-align:justify;">मुगुरुजा ने कहा कि आपके खेल में उतार चढ़ाव के साथ आपकी रैंकिंग में परिवर्तन होता रहता है। यह स्थाई नहीं है लेकिन खिताबी जीत आपकी रिकार्ड बुक में दर्ज हो जाती है और यह स्थाई होती है। विम्बलडन जैसे बड़े टूर्नामेंटों में मेरी यही कोशिश रहती है कि मैं अंक गणनाओं से खुद को दूर ही रखूं। विम्बलडन की नई मल्लिका ने कहा कि विम्बलडन जैसे बड़े खिताब को जीतना निश्चित रुप से आपको और अधिक कामयाबी के लिए प्रेरित करने के लिए पर्याप्त है। मेरा लक्ष्य अब निश्चित रुप से वर्ष के अंतिम ग्रैंड स्लेम यूएस ओपन जीतने पर है क्योंकि आपके खाते में जितने अधिक ग्रैंड स्लेम खिताब होंगे, आप उतनी बड़ी ही खिलाड़ी मानी जाएंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुगुरुजा ने कहा कि जब आप खिताब जीतते हैं तो आपसे उम्मीदें बढ़ जाती हैं। मैं खुद से यही उम्मीद करती हूं कि मैं भविष्य में भी विनम्र रहूं और कड़ी मेहनत पर ही विश्वास करुं। मैं फाइनल में आक्रामक तरीके से खेल सकी और यहां जीत वाकई अविश्वसनीय रही। मैं आगे भी अपनी इसी लय को जारी रखने की कोशिश करुंगी।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sports/focusing-on-winning-more-titles-instead-of-ranking-muguruza/article-2378</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sports/focusing-on-winning-more-titles-instead-of-ranking-muguruza/article-2378</guid>
                <pubDate>Mon, 17 Jul 2017 04:07:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-07/garbi%C3%B1e-muguruza.jpg"                         length="396066"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परिवार नियोजन पर बल देने की आवश्यकता</title>
                                    <description><![CDATA[भारत में जनसंख्या दबाव के कारण अनेक समस्याएं उत्पन्न हो गयी हैं, जिसके चलते सरकर को पुन: परिवार नियोजन पर विचार करना पड़ रहा है। पश्चिमी देशों ने जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण लगा दिया है। इसी तरह भारत को भी इस दिशा में कदम उठाने होंगे। जनसंख्या वृद्धि ने एक बड़ी चुनौती पैदा कर दी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/need-to-emphasize-on-family-planning/article-2305"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/family-planing.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत में जनसंख्या दबाव के कारण अनेक समस्याएं उत्पन्न हो गयी हैं, जिसके चलते सरकर को पुन: परिवार नियोजन पर विचार करना पड़ रहा है। पश्चिमी देशों ने जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण लगा दिया है। इसी तरह भारत को भी इस दिशा में कदम उठाने होंगे। जनसंख्या वृद्धि ने एक बड़ी चुनौती पैदा कर दी है और इस दिशा में गंभीर प्रयास की आवश्यकता है। हाल ही में सरकार ने परिवार नियोजन उपायों में तेजी लाने का निर्णय किया है और इसके लिए ऐसे 146 जिलों की पहचान की गयी है, जहां पर प्रजनन दर 3 प्रतिशत से अधिक है और इनकी जनसंख्या देश की कुल जनसंख्या का 28 प्रतिशत है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्रलय ने इन जिलों में मिशन परिवार विकास शुरू किया है, जिसके अंतर्गत परिवार नियोजन सेवाओं में सुधार, जागरूकता और परिवार नियोजन विकल्प उपलब्ध कराने पर बल दिया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, संवर्धन योजनाएं, सामुदायिक सुरक्षा, क्षमता निर्माण, उचित वातावरण का निर्माण और गहन निगरानी पर ध्यान दिया गया है। अधिकारियों से कहा गया है कि वे इस कार्यक्रम की अर्धवार्षिक समीक्षा करे और उपलब्धियों का आंकलन करे कि क्या कार्यक्रम सही दिशा में बढ़ रहा है या नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये जिले बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और असम में स्थित हैं। ये जिले अपेक्षाकृत पिछड़े हैं। आंकड़ों के अनुसार भारत में जनसंख्या वृद्धि दर में गिरावट आयी है किंतु जनसंख्या वृद्धि दर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग है। दक्षिणी राज्यों में इसमें गिरावट आयी है। 2008 में देश में प्रजनन दर 2.6 प्रतिशत थी, जो वर्तमान में 2.3 प्रतिशत है। विश्व मेंं भी अफ्रीकी देश में जनसंख्या वृद्धि दर 5.1 प्रतिशत से गिरकर 4.1 प्रतिशत और एशिया में 2.4 प्रतिशत से गिरकर 2.2 प्रतिशत रह गयी है। विश्व के नौ देश जिनमें भारत, नाइजीरिया, अमरीका, युगांडा, तंजानिया, पाकिस्तान, आदि प्रमुख हैं 2050 तक विश्व जनसंख्या वृद्धि दर में इनका 50 प्रतिशत योगदान रहेगा। विकासशील देशों में संसाधनों की कमी है। इसलिए भी इन देशों में जनसंख्या वृिद्ध दर तेजी से बढ़ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में जनसंख्या स्थिरीकरण आवश्यक है, ताकि आर्थिक विकास के अगले चरण में पहुंचा जा सके और इस नए कार्यक्रम का उद्देश्य यही है। यदि कुल प्रजनन दर अधिक होगी, तो मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्य दर भी अधिक होगी। इसलिए मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए कुल प्रजनन दर में भी कमी लानी होगी। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण की ओर कदम बढ़ाना होगा, ताकि लोगोें की बदलती आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके और हमने गुणवत्ता सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं तथा ग्रमीण और शहरी क्षेत्रों में अंतिम उपभोक्ता तक परिवार नियोजन की सेवाओं को पहुंचाने का प्रयास किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछली सरकारों ने परिवार नियोजन पर बल नहीं दिया, इसलिए आवश्यक है कि इस नए कार्यक्रम के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए गंभीर कदम उठाए जाएं। अब इसकी आशा भी की जाती है, क्योंकि मोदी सरकार ने अपनी परियोजनाओं और योजनाओं को पेशेवर ढंग से शुरू किया है। अत: लगता है कि स्वच्छ भारत अभियान की तरह परिवार विकास मिशन पर भी पूरा ध्यान दिया जाएगा। भारत जैसे विकासशील देश में जनता के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए संसाधनों की कमी को देखते हुए प्रजनन दर को 2 प्रतिशत अर्थात् प्रति परिवर दो बच्चों तक लाने की आवश्यकता है। चीन ने इस दिशा में अनेक कदम उठाए, इसलिए वहां की जनसंख्या वृद्धि दर 9.5 प्रतिशत तक आ गयी है और कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार 2024 तक भारत की जनसख्या चीन से अधिक हो जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">छोटे परिवार के लाभों के बारे में विशेषकर उत्तरी और मध्य भारत के गांवों में जागरूकता अभियान चलाया गया है। देश में स्वास्थ्य, पोषाहार, शिक्षा, आवास आदि के व्यय में वृद्धि के चलते छोटा परविार किसी भी परिवार के आर्थिक सामाजिक विकास को सुनिश्चित करता है। इस कार्यक्रम के कुशल क्रियान्वयन से जनसंख्या वृद्धि दर निर्धारित होगी। किंतु इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पंचायतों और जमीनी संगठनों की भागीदारी के साथ ही घर-घर अभियान भी आवश्यक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आज भी देश में मुसलमान एक से अधिक विवाह करते हैं और परिवार नियोजन उपायों को नहीं अपनाते। अल्पसंख्यक समुदाय होने के कारण वे किसी भी तरह अपनी जनसंख्या बढ़ाना चाहते हैं और इस प्रवृति को यदि आवश्यक हुआ तो कठोर उपायों के माध्यम से रोका जाना चाहिए। उच्चतम न्यायालय में तीन तलाक का मुद्दा लंबित है। यदि मुसलमानों को देश के पर्सनल लॉ का पालन करना है, तो उन्हें अपने बच्चों की संख्या सीमित रखनी होगी। गरीब और अशिक्षित लोग परिवार नियोजन तथा अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देते है। विशेषकर बेटियों की शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाता है।<br />
इस संबंध में पश्चिम बंगाल सरकार के कन्याश्री प्रकल्प को हाल ही में संयुक्त राष्ट्र पुरस्कार दिया या है। पुरानी पीढ़ी में जनसख्या नियंत्रण के बारे में जागरूकता नही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा और जागरूता के प्रसार के कारण धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है। परिवार नियोजन प्रभावी रहा है, क्योंकि इसका असर महानगरों और शहरों में देखने को मिला है। अर्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी परिवार नियोजन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसके लिए शिक्षा, प्रौढ़ शिक्षा और बुनियादी शिक्षा आवश्यक है। अब तक इस तरह की शिक्षा की उपेक्षा की जाती रही है, जिसके चलते परिवार नियोजन कार्यक्रम प्रभावी नहीं हुए। प्रत्येक जिले और मंडल में परिवार नियोजन शिविर लगाए जाने चाहिएं, ताकि गरीब लोग इस बारे में जागरूक हो सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">पश्चिमी देश इसलिए तेजी से विकास कर पाए, क्योंकि उनकी जनसंख्या वृद्धि दर कम है और प्रति व्यक्ति आय अधिक है। यद्यपि भारत जनसंख्या वृद्धि दर को उन देशो के स्तर पर नहीं ला सकता, किंतु यदि परिवार नियोजन कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, तो जनसंख्या वृद्धि पर रोक अवश्य लगेगी। इससे देश तेजी से सामाजिक आर्थिक विकास करेगा। देश की युवा जनसंख्या इस बारे में जागरूक है और जनसंख्या नियंत्रण में इस वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong><br />
<em>डॉ. ओईशी मुखर्जी</em></strong><em> </em></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/need-to-emphasize-on-family-planning/article-2305</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/need-to-emphasize-on-family-planning/article-2305</guid>
                <pubDate>Sat, 15 Jul 2017 03:16:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-07/family-planing.jpg"                         length="75220"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वच्छ होगा तो ही स्वस्थ होगा राजस्थान: राजे</title>
                                    <description><![CDATA[ ‘स्त्रोत पर कचरे का पृथक्कीकरण अभियान’ जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने सोमवार को यहां मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘स्त्रोत पर कचरे का पृथक्कीकरण अभियान’ की शुरूआत की। श्रीमती राजे ने डोर-टू-डोर कचरा एकत्र करने वाले वाहन में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रंग के डस्टबिन से डालकर इस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/focus-on-cleanliness-to-make-healthy-rajasthan-raje/article-907"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/cmp_8856.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;"> ‘स्त्रोत पर कचरे का पृथक्कीकरण अभियान’</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने सोमवार को यहां मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘स्त्रोत पर कचरे का पृथक्कीकरण अभियान’ की शुरूआत की। श्रीमती राजे ने डोर-टू-डोर कचरा एकत्र करने वाले वाहन में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रंग के डस्टबिन से डालकर इस अभियान का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने ‘स्वच्छ जयपुर-स्वस्थ जयपुर, स्वच्छ राजस्थान-स्वस्थ राजस्थान’ का नारा देते हुए कहा कि शहर स्वच्छ होगा तो स्वस्थ होगा और पूरा राजस्थान स्वच्छ होगा तो स्वस्थ रहेगा। उन्होंने कहा कि गीला कचरा हरे डस्टबिन में और सूखा कचरा नीले डस्टबिन में डालने से कचरे का सही निस्तारण हो पाएगा और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कचरा निस्तारण अभियान की शुरूआत</h3>
<p style="text-align:justify;">गीला और सूखा कचरा एक साथ मिलने से पर्यावरण पर विपरीत असर पड़ता है। सभी मिलकर इस अभियान को सफल बनाएं और प्रदेश की जनता तक इसका संदेश पहुंचाएं। श्रीमती राजे ने इस अवसर पर कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर आज गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रंग के डस्टबिन में डालने की शुरूआत हुई है। देश के 4,041 शहरों में कचरा निस्तारण के इस अभियान की शुरूआत हुई है। प्रदेश में यह अभियान जयपुर से शुरू हुआ है, लेकिन दूसरे शहरों के लिये भी यह महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि छोटे-बडे सभी शहर कचरा निस्तारण के इस अभियान को अपनाएंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वार्डवासियों को डस्टबीन वितरित</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने विभिन्न वार्डों से आए लोगों को हरे एवं नीले रंग के डस्टबीन भी वितरत किये ताकि लोग इन्हें अपने घर में रखें और गीला व सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र करें। इस अवसर पर यूडीएच मंत्री श्री श्रीचंद कृपलानी, मेयर श्री अशोक लाहोटी, उप महापौर श्री मनोज भारलाज, प्रमुख शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग श्री मंजीत सिंह, जयपुर नगर निगम के कमिश्नर श्री रवि जैन भी उपस्थित थे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/focus-on-cleanliness-to-make-healthy-rajasthan-raje/article-907</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/focus-on-cleanliness-to-make-healthy-rajasthan-raje/article-907</guid>
                <pubDate>Mon, 05 Jun 2017 06:16:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/cmp_8856.jpg"                         length="216027"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        