<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/healthy/tag-1976" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>healthy - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/1976/rss</link>
                <description>healthy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Paper Thin Momo Recipe: पेपर थिन मोमोज जो है अत्यधिक स्वाद और सेहत के लिए भी है शानदार, जानें इसे कैसे बनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[Paper Thin Momo Recipe: आज हम आपको एक ऐसी डिश बताने जा रहे है जिसका स्वाद और लोकप्रिय स्नैक्स में से एक है। जी हां! मोमोज तो आपने बहुत खाये होंगे लेकिन आज जो हम आपको बताने जा रहे है इस तरीके से बनाएंगे तो मोमोज बहुत स्वादिष्ट बनेगा और आप खाते रह जाओगे। मोमोज […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/paper-thin-momo-recipe/article-51761"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/paper-thin-momo-recipe.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Paper Thin Momo Recipe: आज हम आपको एक ऐसी डिश बताने जा रहे है जिसका स्वाद और लोकप्रिय स्नैक्स में से एक है। जी हां! मोमोज तो आपने बहुत खाये होंगे लेकिन आज जो हम आपको बताने जा रहे है इस तरीके से बनाएंगे तो मोमोज बहुत स्वादिष्ट बनेगा और आप खाते रह जाओगे। मोमोज में मैदा की मोटी परत होने से इसे हेल्दी नहीं माना जाता है। इसमें कैलोरी की मात्रा अधिक होती है परंतु अब पेपर थिन मोमोज आप घर में या बाहर से लाकर खा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जो कि एक हेल्दी विकल्प हो सकता है। इनमें आप मैदे के आटे की बजाये सोयाबीन या चने के ओटे का उपयोग कर सकते हैं, जिसमें क्लोरी कम होगा व टेस्ट के केसों में बिल्कुल वैसा ही रहता है। पेपर थिन मोमोज खाने से आप अपनी मोमोज क्रेविंग को संतुष्ट कर सकते हैं बिना स्वास्थ्य पर अधिक असर डाले, ये एक स्वादिष्ट और हेल्दी आॅप्शन है जिसे आप समय-समय पर खा सकते हैं। आइयें जानें कैसे बनता है पेपर थिन मोमोज Paper Thin Momo Recipe:</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/symptoms-of-high-cholesterol-explained-in-hindi/">Signs of High Cholesterol: कोलेस्टेरॉल बढ़ने पर सबसे पहले दिखते है 4 लक्षण, नजर अंदाज करने पर हो सकती है समस्या</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“Signs of High Cholesterol: कोलेस्टेरॉल बढ़ने पर सबसे पहले दिखते है 4 लक्षण, नजर अंदाज करने पर हो सकती है समस्या” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/symptoms-of-high-cholesterol-explained-in-hindi/embed/#?secret=cYpHv85gg3%23?secret=QIuQEk9zwS" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<p style="text-align:justify;">सामग्री<br />
मैदा या आटा<br />
पानी<br />
नमक<br />
तेल</p>
<h3 style="text-align:justify;">जानें बनाने की विधि</h3>
<p style="text-align:justify;">1. आपको बता दें कि मैदा या आटे में थोड़ा नमक व तेल मिला कर गुंद लें और धीरे-धीरे पानी डालते हुए आटा गुंदते जाये। जब आटा अच्छी तरह से गुंद जाये तो उसे ढक कर तीस मिन के लिए रख दें।<br />
2. आप जब भी इसमें सामग्री डालो चाहे वह सब्जियां हो उसको अच्छी तरह से मिला लें। मसाले व नमक के हिसाब से स्वाद डालें।<br />
3.शेपिंग: अब आटे को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट कर उन्हें पतला बेल लें। आटा बहुत ही पतला होना चाहिए।<br />
4. पतले बेले गये आटे में भराव डालकर ध्यानपूर्वक बंद कर दें जिससे भराव बाहर न निकल सके।<br />
5. पकाना: अब मोमोज को भाप में पकाएं, जब वे पूरी तरह सेपक नहीं पाते तब तक उन्हें भाप में रखें।<br />
6. परोसना: पके हुए मोमोज को गरमा गरम परोसें और चटनी के साथ सेव करें।</p>
<p style="text-align:justify;">नोट: आपको बता दें कि पतला मोमो जल्दी फट सकता है इसलिए सावधानी से हाथ से उठाएं और परोसें</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/signs-of-high-cholesterol-in-legs/"> पैरों में दिखने वाले 7 हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल के लक्षण और संकेत, बिल्कुल भी ना करें इग्नोर</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/paper-thin-momo-recipe/article-51761</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/paper-thin-momo-recipe/article-51761</guid>
                <pubDate>Wed, 30 Aug 2023 12:12:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-08/paper-thin-momo-recipe.jpg"                         length="33233"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>15 अगस्त तक मनाया जाएगा ‘खुले में शौच मुक्ति’ सप्ताह</title>
                                    <description><![CDATA[अभियान: जल आपूर्ति एवं सेनीटेशन मंत्री तृप्त रजिन्द्र सिंह बाजवा ने दी जानकारी जसविन्द्र भल्ला व बिन्नू ढिल्लो होंगे ‘मिशन स्वच्छ और स्वस्थ पंजाब’ के ब्रांड अम्बेसडर चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब सरकार द्वारा 9 से 15 अगस्त तक ‘खुले में शौच जाने से मुक्ति’ सप्ताह मनाने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/1-25-lakh-plants-to-be-planted-on-august-15/article-2899"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/jasvinder-bhllla.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">अभियान: जल आपूर्ति एवं सेनीटेशन मंत्री तृप्त रजिन्द्र सिंह बाजवा ने दी जानकारी</h2>
<h2 style="text-align:justify;">जसविन्द्र भल्ला व बिन्नू ढिल्लो होंगे ‘मिशन स्वच्छ और स्वस्थ पंजाब’ के ब्रांड अम्बेसडर</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पंजाब सरकार द्वारा 9 से 15 अगस्त तक ‘खुले में शौच जाने से मुक्ति’ सप्ताह मनाने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान को ‘मिशन स्वच्छ और स्वस्थ पंजाब’ का नाम दिया गया है, जिसके ब्रांड अम्बेसडर फिल्म अभिनेता जसविन्द्र भल्ला व बिन्नू ढिल्लों होंगे। यह जानकारी जल आपूर्ति एवं सेनीटेशन मंत्री तृप्त रजिन्द्र सिंह बाजवा ने दी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक खुले में शौच जाने की प्रथा को पंजाब में से पूरी तरह समाप्त करने का है। कामेडियन व फिल्म अदाकार जसविन्द्र भल्ला तथा बिन्नू ढिल्लों कला जगत की यह दोनों मशहूर हस्तियां ने प्रदेश सरकार के इस प्रयास की भरपूर सराहना की।</p>
<h1 style="text-align:justify;">ये शहर शौचमुक्त</h1>
<p style="text-align:justify;">अब तक मिशन स्वच्छ व स्वस्थ पंजाब तहत की उपब्धियों को जिक्र करते हुए बाजवा ने कहा कि पंजाब के जो 9 जिला खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं, उनमें फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, मोगा, मोहाली, जांलधर, कपूरथला, बरनाला, फरीदकोट तथा एसबीएस नगर शामिल हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">15 अगस्त को लगाए जाएंगे 1.25 लाख पौधे</h2>
<p style="text-align:justify;">अभियान के तहत वातावरण को स्वच्छ एवं हरा भरा बनाने के लिए जल आपूर्ति और सेनीटेशन विभाग द्वारा वन विभाग के सहयोग से 9 अगस्त से पेड़ लगाने के की मुहिम चलाई जाएगी जिस तहत अपने अधीन आठ हजार से अधिक जल घरों के इर्दगिर्द 1.25 लाख पेड़ लगाये जाएगें।</p>
<h2 style="text-align:justify;">शिक्षा विभाग भी करेगा मुहिम में सहयोग</h2>
<p style="text-align:justify;">जल आपूर्ति तथा सेनीटेशन विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के साथ मिलकर स्कूलों और कालेजों में संयुक्त कार्यक्रम चलाये जाएंगे जिनके अंतगर्त इस विषय संबधी चर्चा , भाषण प्रतियोगिता, पेटिंग तथा कविता उचारण मुकाबले करवाएगें जाएगें। इस कार्यक्रम के उदश्ेय को प्राप्त करने के लिए विभाग द्वारा इस विषय संबंधी नकद ईनाम राशि के मुकाबल करवाए जाएंगे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">इतने गांव शौचमुक्त</h2>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण क्षेत्र के 52 ब्लाक और 5953 गांवों को अभी तक खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है। अब तक 1,98,466 घरों में शौचालय बनाये जा चुके हैं और 1.21 लाख शौचालय बनाने का काम जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/1-25-lakh-plants-to-be-planted-on-august-15/article-2899</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/1-25-lakh-plants-to-be-planted-on-august-15/article-2899</guid>
                <pubDate>Fri, 04 Aug 2017 23:33:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-08/jasvinder-bhllla.jpg"                         length="75615"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अस्पताल में गंदगी के ढ़ेर, कैसे स्वस्थ होंगे मरीज?</title>
                                    <description><![CDATA[लापरवाही: मरीजों के परिजनों के बैठने के लिए भी नहीं साफ जगह बरनाला(जसवीर सिंह)। बरनाला के डिप्टी कमिश्नर की ओर से चाहे शहर को सुंदर बनाने हित सार्वजनिक स्थानों पर बाल पेंटिंग के द्वारा शहर को सुंदर बनाने का निमंत्रण दिया जा रहा है परंतु दूसरी ओर लोगों को रोग मुक्त करने वाले शहर के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/dirt-in-the-hospital-how-will-the-patient-be-healthy/article-2346"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/hospital.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">लापरवाही: मरीजों के परिजनों के बैठने के लिए भी नहीं साफ जगह</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>बरनाला(जसवीर सिंह)।</strong> बरनाला के डिप्टी कमिश्नर की ओर से चाहे शहर को सुंदर बनाने हित सार्वजनिक स्थानों पर बाल पेंटिंग के द्वारा शहर को सुंदर बनाने का निमंत्रण दिया जा रहा है परंतु दूसरी ओर लोगों को रोग मुक्त करने वाले शहर के सरकारी स्वास्थ्य विभागों में ही जगह-जगह लगे गंदगी के ढ़ेर बीमारियां बांटते नजर आ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बात स्थानीय सिविल अस्पताल की है जिसके वार्ड नंबर 2 और 3 के आस-पास मरीजों के परिजनों के आराम करने हित बनाऐ गए पार्कों में इस समय वृक्षों/पौधों की कटाई के बाद टहनियां, पत्ते, पार्क में से उखाड़ा गया घास-फूस और अस्पताल के मुख्य बड़े पार्क में वृक्षों की टूटी टहनियां ढ़ेरियों के रूप में पड़ी है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सीवरेज बंद होने के कारण पार्क में भरा बदबूदार पानी</h2>
<p style="text-align:justify;">मरीजों के परिजनों की ओर से बचा खाना, दवाओं के खाली पत्ते, पैकेट दूध के खाली लिफाफे उचित जगह पर फेंकने की बजाय पार्कों के कोनों में ही फेंक दिए जाते हैं, जिसके चलते धीरे-धीरे गंदगी का ढेर लग जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा वार्ड नंबर 2 के पिछली ओर सीवरेज बंद होने के कारण सीवरेज का बदबूदार पानी वार्ड के पार्क में भर जाने के कारण अभी भी वार्ड के आसपास खड़ा है, जिस कारण मरीजों को अपना इलाज करवाने में परेशानी आ रही है। सिविल सर्जन के दफ़्तर की ओर जाते रास्ते में भी कूड़े का ढेर पड़ा है।</p>
<h2>सिविल सर्जन कार्यालय की ओर जाते रास्ते में भी लगे हैं कूड़े के ढ़ेर</h2>
<p>अपने मरीजों की देख-रेख के लिए रुक हरजीत सिंह, दलजीत सिंह, अशोक कुमार, पवन चंद, मलकीत कौर, शिंदो आदि ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से अपने मरीजों की देख-रेख के लिए सिविल अस्पताल में मरीजों के साथ हैं,</p>
<p style="text-align:justify;">अस्पताल के ब्लॉक हुए सीवरेज के चलते पार्क में जमा हुए गंदे बदबूदार पानी ने उनके मरीजों को और बीमार कर दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि तकरीबन 4 दिन पहले पार्क के आसपास लगे वृक्षों और पार्क के घास-फूस की कटाई की गई थी जो अभी तक उठा कर किसी उचित जगह पर नहीं फेंका गया, जिसके चलते न सिर्फ गंदगी बढ़ रही है बल्कि मच्छर -मक्खियां भी पैदा हो रही हैं, जो बीमारियों का कारण बनतीं हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अस्पताल में हों सफाई के पुख्ता प्रबंध</h2>
<p style="text-align:justify;">परिजनों ने कहा कि अस्पतालों में लोग अपने इलाज के लिए आते हैं, परंतु अस्पताल खुद ही अपने इलाज का इंतजार रहा है। मरीजों के परिजनों ने मांग की है कि अस्पताल में साफ-सफाई के पुख़्ता प्रबंध किए जाने चाहिए जिससे मरीज जल्दी तंदरुस्त हो सकें।</p>
<h2 style="text-align:justify;">स्वच्छता की ओर ध्यान दें डीसी: कलालमाजरा</h2>
<p style="text-align:justify;">उक्त समस्या बाबत देहाती मजदूर सभा के जिला जनरल सचिव भोला सिंह कलाल माजरा ने कहा कि महंगा इलाज करवाने में असमर्थ ज्यादातर जरूरतमंद परिवार ही सिविल अस्पताल में अपने इलाज हित आते हैं, जो अपना इलाज गंदगी भरे माहौल में करवाने के लिए मजबूर होते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भय सताता रहता है कि एक बीमारी का इलाज करवाने के चक्कर में गंदगी के चलते दूसरी बीमारी में न ले जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा उपायुक्त की ओर से शहर की सुंदरता के साथ-साथ सिविल अस्पताल की सुंदरता और स्वच्छता की ओर भी ध्यान देना चाहिए। उक्त मामले के बारे में सीएमओ संपूर्ण सिंह के साथ संपर्क करने पर उन्होंने बात करना मुनासिब नहीं समझा।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/dirt-in-the-hospital-how-will-the-patient-be-healthy/article-2346</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/dirt-in-the-hospital-how-will-the-patient-be-healthy/article-2346</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Jul 2017 20:27:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-07/hospital.jpg"                         length="135837"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी जन औषधि केंद्रों को स्वस्थ बनाने की जरूरत</title>
                                    <description><![CDATA[अक्सर ही देखा जाता है कि एक बार तो भलाई योजनाओं की शुरूआत कर दी जाती है, लेकिन बाद में यह दम तोड़ जाती हैं। इसी तरह ही मंझधार में लटक रहे हैं केंद्र सरकार द्वारा खोले गए सस्ती दवाइयों वाले जन औषधि जैनरिक ड्रग स्टोर। यह स्टोर केंद्र में दो बार सत्ता पर काबिज […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/the-need-to-make-government-public-health-centers-healthy/article-1553"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/medicine.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अक्सर ही देखा जाता है कि एक बार तो भलाई योजनाओं की शुरूआत कर दी जाती है, लेकिन बाद में यह दम तोड़ जाती हैं। इसी तरह ही मंझधार में लटक रहे हैं केंद्र सरकार द्वारा खोले गए सस्ती दवाइयों वाले जन औषधि जैनरिक ड्रग स्टोर। यह स्टोर केंद्र में दो बार सत्ता पर काबिज रही पूर्व प्रधानमंत्री की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने अपनी योजना के तहत देश के जिला सरकारी अस्पतालों में खोले थे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने जब दूसरी बार केंद्र में सरकार बनाई थी, तो उन्हें चुनाव से पहले अपने चुनावी घोषणापत्र में लोगों को सस्ती दवाएं प्रदान करवाने का वादा किया था। इसी के तहत यह स्टोर खोले गए थे, लेकिन यह स्टोर खुलने के बाद लोगों को कोई खास सहुलियत नहीं मिली। वर्तमान की भाजपा सरकार में यह केन्द्र अधिक तीव्र गति से खोले जा रहे हैं, लेकिन इन केन्द्रों पर दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इन स्टोरों को 2008 में शुरू किया गया था। अब पूरे भारत में इन स्टोरों की संख्या 1289 है। पंजाब में कुल 39 हैं। एक बार तो यह स्टोर खोल दिए, लेकिन सरकार ने इस तरफ कोई विशेष ध्यान नहीं दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इन केंद्रों में सस्ते भाव पर जेनेरिक दवाइयां भेजी गई थीं, जिनकी कीमत तो सचमुच ही बहुत कम है। लेकिन प्रतिदिन 24 घंटे खुलने वाले यह स्टोर कभी भी लोगों के न बन सके, क्योंकि पहली बात, यहां पर दवाइयों की संख्या बहुत कम ही रही है। दूसरी बात, जो दवाइयां इन स्टोरों पर उपलब्ध करवाई जाती हैं, उनको सरकारी अस्पतालों में मौजूद डाक्टरों द्वारा कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए लोगों को पहले की तरह निजी दुकानों से महंगे भाव पर ही दवाएं लेनी पड़ती हैं। डाक्टरों द्वारा ज्यादातर बड़ी निजी कंपनियों की दवाइयों को अधिक प्राथमिकता दी जाती है। जन औषधि स्टोर बी.पी.पी.आई. (ब्यूरो फारमा आफ इंडिया) के तहत चलते हैं। यहां पर जो कम भाव पर दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वो पांच कंपनियां इंडियन ड्रग फार्मास्युटिकल लिमिटेड, हिंदुस्तान एंटीबायोटिक, बंगाल कैमीकल लिमिटेड, राजस्थान ड्रग फार्मास्युटिकल लिमिटेड, कर्नाटक एंटीबायोटिक की दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती हैं। पहले तो सीधे ही आदेश देने पर यह कंपनियां दवाइयां भेज दिया करती थीं, लेकिन अब राज्य स्तर पर दवाइयां सप्लाई करने वाले बड़े स्टोर बना दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन दवाइयों की कमी फिर पूरी नहीं हो सकी है। बी.पी.पी.आई. की तरफ से 757 दवाइयों की सूची जारी की हुई है, लेकिन स्टोरों में 150 से 200 तक दवाइयां ही मुश्किल से पहुंच पाती हैं। जिन दवाइयों की सूची जारी की हुई है, यदि वो सभी दवाई इन स्टोरों पर भेजी जाएं, तो लोगों को आसानी से सभी दवाइयाँ पाप्त हो सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये स्टोर शुरू में तो जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के अंतर्गत कर दिए गए थे। बाद में कई स्टोरों की हालत ज्यादा बुरी होने की वजह से उन्हें बंद कर दिया गया। इसके बाद इन केन्द्रकों को रोगी कल्याण समिति के अंतर्गत कर दिया गया। सस्ती दवाइयां उपरोक्त कंपनियों द्वारा भेजी जाती थीं, उनकी संख्या कम होने के कारण दवाइयों की कमी पूरी करने के लिए जिला स्तर पर समितियां बनाकर निजी दवाइयों की खरीद करके गुजारा किया जाने लगा। लेकिन डाक्टरों की सिफारिशों पर निजी कंपनियों की दवाइयां इन स्टोरों पर ब्रिकी की जाने लगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अब इन स्टोरों में काम कर रहे कर्मचारियों की बात की जाए, तो उनकी स्थिति सांप के मुंह में छिपकली जैसी है। यानि इन कर्मियों का वेतन बहुत ही कम है। इनकी नौकरी भी पक्की नहीं है। सरकार के पास इनके लिए कोई एजेंडा नहीं है। दरअसल राज्य सरकारें इस योजना को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए सोचना अपना फर्ज नहीं मानती।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारों को ऐसा कोई फंड यां ग्रांट जारी नहीं किया जाता, जिससे इनका निर्माण हो सके। जो भी इन स्टोरों का खर्च होता है, वो भी दवाइयों की ब्रिकी करके पूरे किए जाते हैं। इसलिए केंद्र सरकार को इन स्टोरों को स्वस्थ बनाने के लिए विशेष फंड जारी करने चाहिए, ताकि उनका निर्माण अच्छे से हो सके। सभी दवाइयों का इन स्टोरों पर भेजने का प्रबंध किया जाए, ताकि हर जरूरतमंद को सस्ती दवा आसानी से मिल सके और जिस प्रयोजन से यह जन औषधि स्टोर खोले गए थे, वह पूरा हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>– सुखराज चहल धनौला</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/the-need-to-make-government-public-health-centers-healthy/article-1553</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/the-need-to-make-government-public-health-centers-healthy/article-1553</guid>
                <pubDate>Fri, 23 Jun 2017 23:21:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/medicine.jpg"                         length="14340"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वच्छ होगा तो ही स्वस्थ होगा राजस्थान: राजे</title>
                                    <description><![CDATA[ ‘स्त्रोत पर कचरे का पृथक्कीकरण अभियान’ जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने सोमवार को यहां मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘स्त्रोत पर कचरे का पृथक्कीकरण अभियान’ की शुरूआत की। श्रीमती राजे ने डोर-टू-डोर कचरा एकत्र करने वाले वाहन में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रंग के डस्टबिन से डालकर इस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/focus-on-cleanliness-to-make-healthy-rajasthan-raje/article-907"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/cmp_8856.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;"> ‘स्त्रोत पर कचरे का पृथक्कीकरण अभियान’</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने सोमवार को यहां मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘स्त्रोत पर कचरे का पृथक्कीकरण अभियान’ की शुरूआत की। श्रीमती राजे ने डोर-टू-डोर कचरा एकत्र करने वाले वाहन में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रंग के डस्टबिन से डालकर इस अभियान का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने ‘स्वच्छ जयपुर-स्वस्थ जयपुर, स्वच्छ राजस्थान-स्वस्थ राजस्थान’ का नारा देते हुए कहा कि शहर स्वच्छ होगा तो स्वस्थ होगा और पूरा राजस्थान स्वच्छ होगा तो स्वस्थ रहेगा। उन्होंने कहा कि गीला कचरा हरे डस्टबिन में और सूखा कचरा नीले डस्टबिन में डालने से कचरे का सही निस्तारण हो पाएगा और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कचरा निस्तारण अभियान की शुरूआत</h3>
<p style="text-align:justify;">गीला और सूखा कचरा एक साथ मिलने से पर्यावरण पर विपरीत असर पड़ता है। सभी मिलकर इस अभियान को सफल बनाएं और प्रदेश की जनता तक इसका संदेश पहुंचाएं। श्रीमती राजे ने इस अवसर पर कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर आज गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रंग के डस्टबिन में डालने की शुरूआत हुई है। देश के 4,041 शहरों में कचरा निस्तारण के इस अभियान की शुरूआत हुई है। प्रदेश में यह अभियान जयपुर से शुरू हुआ है, लेकिन दूसरे शहरों के लिये भी यह महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि छोटे-बडे सभी शहर कचरा निस्तारण के इस अभियान को अपनाएंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वार्डवासियों को डस्टबीन वितरित</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने विभिन्न वार्डों से आए लोगों को हरे एवं नीले रंग के डस्टबीन भी वितरत किये ताकि लोग इन्हें अपने घर में रखें और गीला व सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र करें। इस अवसर पर यूडीएच मंत्री श्री श्रीचंद कृपलानी, मेयर श्री अशोक लाहोटी, उप महापौर श्री मनोज भारलाज, प्रमुख शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग श्री मंजीत सिंह, जयपुर नगर निगम के कमिश्नर श्री रवि जैन भी उपस्थित थे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/focus-on-cleanliness-to-make-healthy-rajasthan-raje/article-907</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/focus-on-cleanliness-to-make-healthy-rajasthan-raje/article-907</guid>
                <pubDate>Mon, 05 Jun 2017 06:16:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/cmp_8856.jpg"                         length="216027"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        