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                <title>गुलाब के फूलों की गुणवत्ता में आ रही गिरावट पर चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। पुष्प विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने फूलों में बेहद आकर्षण का केन्द्र माने जाने वाले गुलाब के फूल की गुणवता में आ रही गिरावट पर गंभीर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा है कि व्यापक पैमाने पर घटिया पौध सामग्री के कारण देश भर में ऐसा हो रहा है । भारतीय कृषि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/concern-over-the-decline-in-the-quality-of-rose-flowers/article-30819"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-02/quality-of-rose-flowers.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पुष्प विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने फूलों में बेहद आकर्षण का केन्द्र माने जाने वाले गुलाब के फूल की गुणवता में आ रही गिरावट पर गंभीर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा है कि व्यापक पैमाने पर घटिया पौध सामग्री के कारण देश भर में ऐसा हो रहा है ।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नयी दिल्ली के पुष्प विभाग और रोज सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित वार्षिक गुलाब सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि लोगों में गुलाब के प्रति आकर्षण लगातार बढ रहा है लेकिन पूरे देश में इसके गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री की भारी कमी है जिससे इसका फूल भी प्रभावित हो रहे है । वक्ताओं ने गुलाब की पुरानी किस्मों के संरक्षण तथा उसके प्रचार प्रसार पर जोर दिया है । इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में गुलाब के अलग अलग गार्डेन लगाने का सुझाव दिया है ।</p>
<h4 style="text-align:justify;">गुलाबों की गुणवत्ता में सुधार किये जाने पर जोर</h4>
<p style="text-align:justify;">भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक अशोक कुमार सिंह ने कल यहां इस सम्मेलन का उद्घाटन किया। पुष्प विभाग के प्रमुख और रोज सोसाइटी ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष डॉ. एस एस सिन्धु ने गुलाब के फूल को लेकर हो रहे अनुसंधान और नये किस्मों के विकास पर विस्तार से चर्चा की। संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक और पुष्प विशेषज्ञ डॉ. एम के सिंह ने गार्डेन और गमलों में गुलाब उत्पादन की प्रौद्योगिकी पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि समय पर पौधों को लगाने, उसकी कटाई – छटाई करने, कीटों और बीमारियों से सुरक्षा तथा पोषण से भारी मात्रा में फूलों का उत्पादन किया जा सकता है । एक अन्य विशेषज्ञ वी एस राजू ने जंगली प्रजाति के गुलाबों की गुणवत्ता में सुधार किये जाने पर जोर दिया । गुलाब के नये पौधे तैयार करने के परम्परागत और गैर परम्परागत तरीकों पर भी उन्होंने प्रकाश डाला। संस्थान के पुष्प विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. ए पी सिंह ने गुलाब के उत्पादन में सूक्ष्म पोषक तत्वों और हारमोन की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला ।</p>
<h4 style="text-align:justify;">गुलाब के व्यवसायीकरण और नयी नयी तकनीक पर की चर्चा</h4>
<p style="text-align:justify;">कृषि वैज्ञानिक एन के डडलानी ने गुलाब को लेकर हुए अनुसंधान और उसके वौानिक पहलूओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पौध सामग्री की उपलब्धता का उचित मरीके से दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए तथा गुलाब की किस्मों का व्यवसायीकरण निजी सार्वजनिक भागीदारी से किया जाना चाहिए। गुलाब के व्यवसायीकरण और नयी नयी तकनीक से इसके उत्पादन पर भी चर्चा चर्चा की गयी। इसके साथ ही गुलाब से तैयार किये जा रहे उत्पादों और उसकी गुणवत्ता पर भी प्रकाश डाला गया। इस सम्मेलन में देश के अलग अलग हिस्सों से संस्थानों, गुलाब प्रेमियों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।</p>
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                <pubDate>Tue, 15 Feb 2022 13:49:31 +0530</pubDate>
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