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                <title>Ukraine Russia Conflict - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Ukraine Russia Conflict RSS Feed</description>
                
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                <title>रूस में पढ़ाई पूरी कर सकते हैं भारतीय एमबीबीएस छात्र: रूसी राजदूत</title>
                                    <description><![CDATA[तिरुवनंतपुरम (एजेंसी)। भारत में रूसी दूतावास के मिशन के उप प्रमुख रोमन बाबुश्किन ने कहा कि युद्धग्रस्त यूक्रेन से वापस आए एमबीबीएस छात्रों (Indian MBBS student) को रूस उसके विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रम पूरा करने की अनुमति देगा। यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, राजनयिक ने कहा कि उनका देश रूसी विश्वविद्यालयों में अपनी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/indian-mbbs-student-indian-mbbs-students-can-complete-studies-in-russia-russian-ambassador/article-34458"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-06/indian-mbbs-student.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>तिरुवनंतपुरम (एजेंसी)।</strong> भारत में रूसी दूतावास के मिशन के उप प्रमुख रोमन बाबुश्किन ने कहा कि युद्धग्रस्त यूक्रेन से वापस आए एमबीबीएस छात्रों (Indian MBBS student) को रूस उसके विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रम पूरा करने की अनुमति देगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, राजनयिक ने कहा कि उनका देश रूसी विश्वविद्यालयों में अपनी शिक्षा पूरी करने के लिए उन छात्रों के लिए आवश्यक व्यवस्था करेगा, जिन्होंने युद्ध के कारण यूक्रेन में अपना पाठ्यक्रम बंद कर दिया था। इस संबंध में तिरुवनंतपुरम में अनिवासी केरलवासी मामलों के विभाग के एक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम नोरका-रूट्स के साथ एक प्रारंभिक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि केरल के छात्र इस संबंध में प्रक्रिया को पूरा करने के लिए तिरुवनंतपुरम में रूसी सदन से संपर्क कर सकते हैं। (Indian MBBS student)</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jun 2022 10:41:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मारियुपोल की घेराबंदी सदियों तक किया जायेगा याद: जेलेंस्की</title>
                                    <description><![CDATA[कीव (एजेंसी)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Zeleny) ने रविवार को कहा कि मारियुपोल की घेराबंदी कर रूस ने जिस तरह से उस पर आतंकी कार्रवाई करते हुए हमला किया उसे सदियों तक याद किया जायेगा। सीएनएन ने यूक्रेनी राष्ट्रपति के हवाले से कहा कि मारियुपोल को इतिहास में युद्ध अपराध के एक उदाहरण के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/the-siege-of-mariupol-will-be-remembered-for-centuries-zeleny/article-31620"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/zelensky.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कीव (एजेंसी)।</strong> यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Zeleny) ने रविवार को कहा कि मारियुपोल की घेराबंदी कर रूस ने जिस तरह से उस पर आतंकी कार्रवाई करते हुए हमला किया उसे सदियों तक याद किया जायेगा। सीएनएन ने यूक्रेनी राष्ट्रपति के हवाले से कहा कि मारियुपोल को इतिहास में युद्ध अपराध के एक उदाहरण के तौर पर देखा जायेगा। उन्होंने दावा किया कि रूसी सेना को इस युद्ध मे काफी नुकसान उठाना पड़ा है और अभी तक लगभग 80 से 90 प्रतिशत रूसी यूनिटों को बरबाद कर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">रूसी सेना के यूक्रेन पर हमले के 24 दिन गुजर चुके हैं और यूक्रनियनों ने दिखा दिया है कि वह जानते हैं कि एक सेना की तुलना में अधिक तरीके से कैसे लड़ा जाता है। यूक्रेन की सेना विभिन्न इलाकों में अलग अलग हालातों और क्षेत्रों में दशकों से लड़ रही है1 रूस ने जितनी सेना और हथियार यूक्रेन में भेजे हैं उसका सामना हम अपने विवेक और साहस के बल पर कर रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">युद्धग्रस्त इलाकों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए काम हो रहा है</h4>
<p style="text-align:justify;">सीएनएन के अनुसार यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दावा किया कि जिन क्षेत्रों में जबरदस्त लड़ाई चल रही है । रक्षा की अग्रिम पंक्ति रूसी सैनिकों की लाशों से पटी पड़ी है और इन लाशों को कोई नहीं उठा रहा है। रूसी सेना का सामना करने के लिए और यूनिटों को भेजा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जेलेंस्की (Zeleny) ने कहा कि यूं तो युद्धग्रस्त इलाकों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आठ मानवीय गलियारे काम कर रहे हैं लेकिन रूसी सेना की ओर से की जा रही जबरदस्त गोलाबारी की वजह से कीव क्षेत्र के बोरोदयांका से लोगों को निकालने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Mar 2022 11:23:37 +0530</pubDate>
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                <title>यूक्रेन संकट के बीच भारत से गेहूं निर्यात बढ़ाने की योजना</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। चालू वित्त वर्ष में गेहूं के निर्यात (Wheat Exports) में रिकॉर्ड उछाल के बीच कृषि उपज एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) देश से गेहूं के निर्यात को और अधिक प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने यूक्रेन-रुस की लड़ाई के कारण […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/plan-to-increase-wheat-exports-from-india-amid-ukraine-crisis/article-31619"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/wheat-exports.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> चालू वित्त वर्ष में गेहूं के निर्यात (Wheat Exports) में रिकॉर्ड उछाल के बीच कृषि उपज एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) देश से गेहूं के निर्यात को और अधिक प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने यूक्रेन-रुस की लड़ाई के कारण वैश्विक खाद्यान्न आपूर्ति में व्यवधान को कम करने के लिए एजेंसियों को भारत से अनाज का निर्यात बढ़ाने के प्रयास करने को कहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) की हाल की रपट के अनुसार यूक्रेन युद्ध में शामिल देशों का विश्व के गेहूं निर्यात बाजार में करीब एक तिहाई योगदान है। लड़ाई छिड़ने के बाद वैश्विक बाजार में गेहूं का भाव गत सितंबर की तुलना में एक समय दो गुना हो गया था। अब भी गेहूं का भाव 60 प्रतिशत से अधिक ऊंचा है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">भारत ने पिछले तीन वर्षों में 2.35 अरब डालर का गेहूं निर्यात किया</h4>
<p style="text-align:justify;">आधिकारिक जानकारी के अनुसार भारत गेहूं निर्यात के लिए मिस्र, तुर्की, चीन, बोस्निया, सूडान, नाइजीरिया, ईरान आदि देशों के साथ चर्चा कर रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2021-22 (अप्रैल-जनवरी) में गेहूं का निर्यात एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में 387 प्रतिशत बढ़कर 1.74 अरब डालर से अधिक रहा। भारत ने पिछले तीन वर्षों में 2.35 अरब डालर का गेहूं निर्यात किया है, जिसमें चालू वित्त वर्ष 2021-22 के पहले दस महीने का निर्यात शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2019-20 में, गेहूं का निर्यात 6.2करोड़ अमरीकी डालर था जो 2020-21 में बढ़कर 55 करोड़ डॉलर हो गया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार भारत मिस्र को गेहूं का निर्यात शुरू करने के लिए अंतिम बातचीत कर रहा है, जबकि गेहूं निर्यात शुरू करने के लिए तुर्की,चीन, बोस्निया, सूडान, नाइजीरिया, ईरान आदि देशों के साथ चर्चा चल रही है। वाणिज्य मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार एपीडा ने मंत्रालय के निदेर्शों के अनुसार गेहूं का निर्यात (Wheat Exports) को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख हितधारकों की एक बैठक 17 मार्च आयोजित की थी।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Mar 2022 11:16:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रतिबंध न हटने पर क्रैश हो सकता है इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन, रूस ने दी धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[मस्जिद पर रूस ने गिराए बम, 86 लोगों ने ली है पनाह मास्को (एजेंसी)। रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग में अब अंतरिक्ष स्‍पेस स्‍टेशन पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। रूस लगातार अपने ऊपर लगे कड़े प्रतिबंधों को लेकर न सिर्फ आगाह कर रहा है बल्कि वो अब धमकी तक देने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/international-space-station-may-crash-if-sanctions-are-not-lifted-russia-has-threatened/article-31427"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/international-space-station.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>म</strong><strong>स्जिद पर रूस ने गिराए बम, 86 लोगों ने ली है पनाह</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>मास्को (एजेंसी)।</strong> रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग में अब अंतरिक्ष स्‍पेस स्‍टेशन पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। रूस लगातार अपने ऊपर लगे कड़े प्रतिबंधों को लेकर न सिर्फ आगाह कर रहा है बल्कि वो अब धमकी तक देने लगा है। रूस इस जंग को जीतने और पश्चिमी देशों समेत अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में उसने धमकी दी है कि उसके खिलाफ लगे पश्चिमी देशों और अमेरिका के प्रतिबंध अंतरराष्‍ट्रीय स्‍पेस स्टेशन (International Space Station) के दुर्घटनाग्रस्त होने का कारण बन सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के प्रमुख ने चेतावनी दी, दंडात्मक उपायों को उठाने का आह्वान किया है। आपको बता दें कि जब से रूस और यूक्रेन के बीच जंग शुरू हुई है तभी से अंतरराष्‍ट्रीय अंतरिक्ष स्‍टेशन (International Space Station) को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं महायुद्ध की मार झेल रहे यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर जानकारी दी, ‘मारियुपोल में सुल्तान सुलेमान द मैग्निफिकेंट और उनकी पत्नी रोक्सोलाना (हुर्रेम सुल्तान) की मस्जिद पर रूसी आक्रमणकारियों ने गोलाबारी की। जिसमें तुर्की के नागरिकों सहित 80 से ज्यादा लोग पनाह लिए हैं, जिनमें वयस्क और बच्चे भी शामिल हैं।”</p>
<h4 style="text-align:justify;">दो हिस्सों में बंटा है इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन</h4>
<p style="text-align:justify;">इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (International Space Station) को दो हिस्से में डिवाइड किया गया है। एक हिस्से को रूस ऑपरेट करता है, तो दूसरे को अमेरिका। 1998 में रूस और अमेरिका के एस्ट्रोनॉट ने एक साथ इस स्पेस स्टेशन में कदम रखा था। तब से ही दोनों की बीच साझेदारी जारी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">यूक्रेन से भारत लाए गए छह नेपाली नागरिक</h4>
<p style="text-align:justify;">भारत ने युद्ध प्रभावित यूक्रेन से अब तक छह नेपाली नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया है। काठमांडू पोस्ट के अनुसार चार नेपालियों को शनिवार को यूक्रेन से वापस लाया गया जबकि दो को पहले भारत ने निकाला था। नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने आज भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी को नेपालियों की मदद करने के लिए धन्यवाद दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">देउबा ने ट्विटर पर लिखा, ‘ऑपरेशन गंगा के माध्यम से नेपाली नागरिकों को वापस लाने में सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार को धन्यवाद। जर्मनी में नेपाल के राजदूत राम काजी खड़का के अनुसार, जिन्हें यूक्रेन की देखभाल के लिए भी मान्यता प्राप्त है, यूक्रेन से नेपाली नागरिकों की निकासी लगभग समाप्त हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">खडका ने कहा कि रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद से अब तक कुल 580 नेपाली नागरिक यूक्रेन से बाहर आ चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘लेकिन किसी ने भी उनके प्रत्यावर्तन के लिए नहीं कहा है। अब तक हमारे पास 466 नेपाली पोलैंड पहुंच चुके हैं, 78 स्लोवाकिया, 88 रोमानिया और आठ हंगरी पहुंच चुके हैं।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Mar 2022 17:53:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>यूक्रेन से जिले के सभी 45 विद्यार्थी सकुशल लौटे</title>
                                    <description><![CDATA[ऑपरेशन गंगा बना मददगार झज्जर (सच कहूँ न्यूज)। डी.सी. कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि यूक्रेन (Ukraine) में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए केन्द्र सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। हरियाणा सरकार राज्य के निवासियों की सुरक्षित वापसी के लिए निरंतर केंद्र सरकार से समन्वय रखे हुए थी, जिसके चलते जिला के 45 […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/all-45-students-of-the-district-returned-safely-from-ukraine/article-31424"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/ukraine-3.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>ऑपरेशन गंगा बना मददगार</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>झज्जर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> डी.सी. कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि यूक्रेन (Ukraine) में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए केन्द्र सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। हरियाणा सरकार राज्य के निवासियों की सुरक्षित वापसी के लिए निरंतर केंद्र सरकार से समन्वय रखे हुए थी, जिसके चलते जिला के 45 छात्र सकुशल वापस घर लौट चुके हैं। यूक्रेन से वापस लाए गए छात्रों ने अपनी सकुशल वापसी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल का धन्यवाद किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में केंद्र सरकार के साथ-साथ हरियाणा सरकार ने उन्हें हर प्रकार की मदद पहुंचाई है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने 26 फरवरी से ‘ऑपरेशन गंगा’ (Ukraine) अभियान की शुरूआत की थी। नागरिकों की सहायता के लिए हरियाणा सरकार द्वारा मुंबई में हवाई अड्डे पर स्थापित हेल्प डेस्क भी सराहनीय कार्य रहा है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Mar 2022 17:28:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूक्रेन से सकुशल लौटा चिराग, परिजनों ने केन्द्र और राज्य सरकार का जताया आभार</title>
                                    <description><![CDATA[तोशाम (सच कहूँ न्यूज)। तोशाम निवासी चिराग महता का यूक्रेन (Ukraine) से लौटने पर परिजनों के साथ ग्रामवासियों ने भव्य स्वागत किया। चिराग के सकुशल लौटने से परिजनों में खुशी का माहौल है और उन्होंने सरकार का धन्यवाद किया है। चिराग का कहना है कि वह यूक्रेन के शहर लवीव में एमबीबीएस के तीसरे वर्ष […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/chirag-returned-safely-from-ukraine-relatives-expressed-their-gratitude-to-the-central-and-state-government/article-31319"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/returned-safely-from-ukraine.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>तोशाम (सच कहूँ न्यूज)।</strong> तोशाम निवासी चिराग महता का यूक्रेन (Ukraine) से लौटने पर परिजनों के साथ ग्रामवासियों ने भव्य स्वागत किया। चिराग के सकुशल लौटने से परिजनों में खुशी का माहौल है और उन्होंने सरकार का धन्यवाद किया है। चिराग का कहना है कि वह यूक्रेन के शहर लवीव में एमबीबीएस के तीसरे वर्ष का छात्र था। युद्ध के कारण उसकी पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो गई। उन्होंने कहा कि युद्ध के पश्चात यूक्रेन में हालत बुरी तरह बिगड़ गए और उसे लवीव शहर से रोमानिया जाना पड़ा। रोमानिया में उसे भारतीय दूतावास से काफी सहायता मिली और खाने और रहने के लिए अधिक संघर्ष नहीं करना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना है कि हवाई कंपनियों ने टिकट के मूल्यों में भारी वृद्धि कर दी, जहां आमतौर पर 300 डालर में टिकट मिल जाती थी। वहीं हवाई कंपनियों ने टिकट के दाम 1000 डालर तक बढ़ा दिए। उन्होंने कहा कि उनके अभी भी कुछ सहपाठी यूक्रेन (Ukraine) में ही है परंतु अधिकतर लोग वहां से निकल चुके हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें कुछ परेशानियों का सामना जरूर करना पड़ा, परंतु सरकार ने वहां से निकलने में पूरी मदद की और उन्हें नि:शुल्क ही देश में पहुंचाया। वह देश में पहुंचकर खुश हैं और उम्मीद करते हैं कि उनके बचे हुए सहपाठी भी देश में सकुशल पहुंच पाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">चिराग के माता-पिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का धन्यवाद किया और कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से ही उनके बेटे सहित देश के हजारों बेटे बेटियां सकुशल देश पहुंच पाए हैं। चिराग ने बताया कि वह 24 फरवरी से 28 फरवरी तक लवीव शहर में रहा। युद्ध के दौरान वहां सायरन बजते ही बंकरों में जाना पड़ा और धमाकों का यह मंजर ताऊ उम्र याद रहेगा। उसके बाद वे रोमानिया पहुंच गए थे और वहां कैंप में चार दिन बिताए और इस दौरान उन्होंने खाने पीने की कोई दिक्कत नहीं हुई।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/chirag-returned-safely-from-ukraine-relatives-expressed-their-gratitude-to-the-central-and-state-government/article-31319</link>
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                <pubDate>Sun, 06 Mar 2022 13:24:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जंग का 11वां दिन: रूस ने 2,037 यूक्रेनी सैन्य ढांचे किए नष्ट</title>
                                    <description><![CDATA[मॉस्को (एजेंसी)। रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इगोर कोनाशेनकोव ने कहा कि यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद से रूसी सशस्त्र बलों ने 2,037 यूक्रेनी सैन्य बुनियादी ढांचे को नष्ट किया है। उन्होंने कहा कि इन ढांचों में 71 कमांड पोस्ट और यूक्रेनी सशस्त्र बलों के संचार केंद्र, 98 एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/11th-day-of-war-russia-destroys-2037-ukrainian-military-structures/article-31311"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/11th-day-of-war.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मॉस्को (एजेंसी)।</strong> रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इगोर कोनाशेनकोव ने कहा कि यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद से रूसी सशस्त्र बलों ने 2,037 यूक्रेनी सैन्य बुनियादी ढांचे को नष्ट किया है। उन्होंने कहा कि इन ढांचों में 71 कमांड पोस्ट और यूक्रेनी सशस्त्र बलों के संचार केंद्र, 98 एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम और 61 रडार स्टेशन शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रवक्ता ने कहा कि इसके अलावा जमीन पर लगभग 66 विमान और हवा में 16 विमान को नष्ट किया गया, जबकि 708 टैंक और अन्य बख्तरबंद लड़ाकू वाहन, 74 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर, 261 फील्ड आर्टिलरी और मोर्टार, 505 यूनिट विशेष सैन्य वाहन और 56 मानव रहित हवाई को भी मार गिराया गया है। उन्होंने कहा कि रूस ने यूक्रेन में गोला-बारूद डिपो को नष्ट करने के लिए लंबी दूरी के सटीक हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">यूक्रेन मुद्दे पर पीएम मोदी ने की बैठक</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन पर रूस के हमले से उत्पन्न स्थिति के बीच वहां से भारतीय नागरिकों को निकालने पर भारत के प्रयासों पर चर्चा करने के लिए एक और उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, एनएसए अजीत डोभाल सहित और भी कई अधिकारी मौजूद थे।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसका ध्यान मुख्य रूप से रूसी सीमा के करीब पूर्वी यूक्रेन के सूमी शहर में फंसे लगभग 700 भारतीय विद्यार्थियों को निकालने पर है। एक मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में फंसे विद्यार्थियों ने एक के बाद एक कई वीडियो पोस्ट कर उन्हें जल्द से जल्द वहां से निकालने की अपील की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, ”हम यूक्रेन के सूमी में फंसे भारतीय विद्यार्थियों को लेकर बहुत चिंतित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हमने कई चैनलों के माध्यम से रूसी और यूक्रेनी सरकारों पर तत्काल युद्धविराम के लिए जोरदार दबाव डाला है ताकि एक सुरक्षित गलियारे में से हम अपने विद्यार्थियों को निकाल सके।” सरकार ने विद्यार्थियों को सुरक्षा सावधानी बरतने, अपने शेल्टर के अंदर रहने और अनावश्यक जोखिम से बचने की सलाह दी है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/news-brief/11th-day-of-war-russia-destroys-2037-ukrainian-military-structures/article-31311</link>
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                <pubDate>Sun, 06 Mar 2022 10:51:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भूना के चार विद्यार्थी युद्ध भूमि को छोड़कर जन्मभूमि में पहुंचे</title>
                                    <description><![CDATA[परिजनों ने अपने जिगर के टुकड़ों को देखा तो किसी ने किया तिलक और किसी ने पहनाई पगड़ी यूक्रेन की लविव यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की लगातार पांच वर्षों से पढ़ाई कर रहा था राधव मेहता भूना (सच कहूँ न्यूज)। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे चार विद्यार्थी (Four Students of Bhuna) युद्ध भूमि को […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/four-students-of-bhuna-left-the-battlefield-and-reached-the-birthplace/article-31302"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/four-students-of-bhuna.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>परिजनों ने अपने जिगर के टुकड़ों को देखा तो किसी ने किया तिलक और किसी ने पहनाई पगड़ी</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4>यूक्रेन की लविव यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की लगातार पांच वर्षों से पढ़ाई कर रहा था राधव मेहता</h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भूना (सच कहूँ न्यूज)।</strong> यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे चार विद्यार्थी (Four Students of Bhuna) युद्ध भूमि को छोड़कर जन्मभूमि में पहुंच गए हैं। जहां पर परिजनों के उन्हें देखा तो चेहरे खुशी से खिल गए। छात्र-छात्राओं के परिवार के लोगों ने अपने जिगर के टुकड़ों को सामने देखा तो कोई खुशी के आंसू बहाने लग गया और किसी ने चूमना शुरू कर दिया। घर पहुंचते ही किसी ने तिलक लगाकर स्वागत किया तो किसी ने पगड़ी एवं पटके मालाएं पहनाकर अपने बच्चों का मनोबल बढ़ाया।</p>
<p style="text-align:justify;">हिसार रोड गणेश कॉलोनी निवासी 21 वर्षीय राधव मेहता पुत्र अशोक मेहता ने यूक्रेन से लेकर भारत तक आने में जो मुसीबतें सामने आई उनका खुलकर बखान किया। वही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मददगार नीति और फाइव स्टार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर उनका कोटि-कोटि धन्यवाद किया। छात्र ने सरसा लोकसभा के सांसद सुनीता दुग्गल का भी विशेष आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनकी मदद के लिए व्यापक स्तर पर पैरवी की।</p>
<p style="text-align:justify;">छात्र ने भूना (Four Students of Bhuna) वासियों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया कि उन्होंने जो दुआएं की उसकी बदौलत सुरक्षित भूना पहुंच पाया। यूक्रेन की लविव यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की लगातार पांच वर्षों से पढ़ाई कर रहा है। मगर रूस ने यूक्रेन पर किए गए हमले के बाद वहां का माहौल बहुत ही निराशाजनक एवं चिंताजनक बन चुका है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दृष्टि नारंग लौटी अपने वतन</h4>
<p style="text-align:justify;">यूक्रेन की लविव यूनिवर्सिटी में सेकंड वर्ष की छात्रा दृष्टि नारंग शनिवार की सुबह अपने वतन लौट आई है। जिसका घर में पहुंचने पर दादा रामलाल नारंग व दादी निलावंती नारंग ने अपनी पोती का जोरदार स्वागत किया। दादी पोती को देखते ही चूमने लग गई और दादा अपनी आंखों से खुशी के आंसू रोक नहीं पाया।</p>
<p style="text-align:justify;">छात्रा के पिता अनिल नारंग व माता रिया नारंग ने अपने जिगर के टुकड़े को काफी देर तक गले लगा कर रखा। दृष्टि नारंग को पगड़ी पहनाकर और फूल माला डालकर स्वागत किया गया। वही गणेश कॉलोनी निवासी तनु बेनीवाल व गांव ढाणी सांचला निवासी सुरेश कुमार भी अपने घर सुरक्षित पहुंच गए हैं।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Mar 2022 18:17:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों के संबंध में उचित निर्णय लेगी सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। सरकार ने गुरूवार को कहा कि यूक्रेन से मेडिकल (Medical Students) की पढ़ाई छोड़कर स्वदेश लौट रहे छात्रों के संबंध में उचित निर्णय लिया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सचिव लव अग्रवाल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यूक्रेन से स्वदेश लौट रहे भारतीयों को कोविड […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/government-will-take-appropriate-decision-regarding-medical-students-returned-from-ukraine/article-31257"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/lav-agarwal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> सरकार ने गुरूवार को कहा कि यूक्रेन से मेडिकल (Medical Students) की पढ़ाई छोड़कर स्वदेश लौट रहे छात्रों के संबंध में उचित निर्णय लिया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सचिव लव अग्रवाल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यूक्रेन से स्वदेश लौट रहे भारतीयों को कोविड मानकों में छूट दी गयी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन लोगों के लिये अलग से दिशा निर्देश जारी किये गये है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। अग्रवाल ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि यूक्रेन से मेडिकल की पढ़ाई छोड़ कर स्वदेश लौट रहे भारतीय छात्रों के संबंध में उचित समय पर उचित कार्रवाई की जाएगी। संबंधित संस्थाएं इस दिन इस दिशा में निर्णय करेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अग्रवाल से युद्ध ग्रस्त यूक्रेन से भारत लौटे मेडिकल छात्रों की अधूरी पढ़ाई पूरी करने और उनके भविष्य के संबंध में प्रश्न पूछे गए थे। गौरतलब है कि युद्ध ग्रस्त यूक्रेन से हजारों भारतीय मेडिकल छात्र (Medical Students) स्वदेश लौट रहे हैं। इनको अपनी मेडिकल पढ़ाई बीच में ही छोड़कर भारत लौटना पड़ रहा है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्रेन-रूस युद्ध के हिन्द प्रशांत में असर का जायजा लेगा क्वाड</h4>
<p style="text-align:justify;">यूक्रेन पर रूस के सैन्य हमले के कारण उत्पन्न हालात का जायजा लेने के लिए आज अमेरिका, भारत, जापान एवं ऑस्ट्रेलिया के गठजोड़ क्वाड के शीर्ष नेताओं की वर्चुअल बैठक होगी जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भाग लेंगे। बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति जोसेफ आर बाइडेन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मौरिसन और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के साथ मोदी वाशिंगटन में सितंबर 2021 में हुई बैठक के बाद संवाद को आगे बढ़ाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">वे हिन्द प्रशांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण गतिविधियों का आकलन करते हुए विचार-विमर्श करेंगे। क्वाड नेता इस गठजोड़ के समकालीन एवं सकारात्मक एजेंडा के अनुरूप घोषित नेताओं की पहल के क्रियान्वयन के प्रयासों की समीक्षा की जाएगी। चारों नेता यूक्रेन पर रूस के हमले के हिन्द प्रशांत क्षेत्र पर पड़ने वाले असर को लेकर की विचार मंत्रणा करेंगे और इस क्षेत्र में किसी भी अप्रिय स्थिति बनने पर क्वाड की प्रतिक्रिया के बारे में भी बात होने की संभावना है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Mar 2022 19:27:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूक्रेन से लौटे पौते को देखकर दादा-दादी को देख मितेंद्र सोनी रोक नहीं पाया खुशी के आंसू</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले 4 वर्षों से ओडिशा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था मितेंद्र भूना (सच कहूँ न्यूज)। यूक्रेन से वीरवार को रोमानिया से फ्लाइट में दिल्ली और दोपहर बाद भूना पहुंचे मितेंद्र सोनी (Mitendra Soni) का घर पहुंचने पर परिजनों क चेहरे खुशी से चमक उठे। मितेंद्र सोनी अपने दादा धर्मपाल व […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/seeing-the-grandson-returned-from-ukraine-mitendra-soni-could-not-stop-the-tears-of-happiness-after-seeing-the-grandparents/article-31254"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/mitendra-soni-e1646312148290.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>पिछले 4 वर्षों से ओडिशा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था मितेंद्र</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>भूना (सच कहूँ न्यूज)।</strong> यूक्रेन से वीरवार को रोमानिया से फ्लाइट में दिल्ली और दोपहर बाद भूना पहुंचे मितेंद्र सोनी (Mitendra Soni) का घर पहुंचने पर परिजनों क चेहरे खुशी से चमक उठे। मितेंद्र सोनी अपने दादा धर्मपाल व दादी सावित्री सोनी को देखकर अपनी खुशी के आंसू रोक नहीं पाया। जिसे देखकर परिवार का हर सदस्य भावुक हो उठा। क्योंकि उनका बेटा पिछले 3 दिनों से रोमानिया बॉर्डर पर ठहराए हुए था। मगर मीडिया के माध्यम से यूक्रेन के बदहाल हालात से परिजन दु:खी थे।</p>
<p style="text-align:justify;">परंतुुु वीरवार को मितेंद्र सोनी (Mitendra Soni) के सकुशल घर पहुंचने पर मिठाइयां तक बांटी गई। एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे मितेंद्र सोनी ने बताया कि वह लगातार पिछले 4 वर्षों से ओडिशा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। वर्ष 2018 में उन्होंने यूक्रेन यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया था। उन्होंने बताया कि पिछले 3 साल में वह अच्छे अंक लेकर उत्तीर्ण रहा है। लेकिन यूक्रेन में युद्ध होने के बावजूद वह आॅनलाइन एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ट्रेन के लिए भटकते रहे इधर-उधर</h4>
<p style="text-align:justify;">मितेंद्र सोनी (Mitendra Soni) ने बताया कि रोमानिया बॉर्डर पर उन्हें कोई ज्यादा परेशानी नहीं। छात्र ने बताया 26 व 27 फरवरी को लगातार 2 दिनों तक ट्रेन के लिए इधर-उधर भटकते रहे। मगर ट्रेन सुविधा नहीं मिली तो 28 फरवरी को वह टैक्सी गाड़ी के माध्यम मालदोहा तक पहुंचा। लेकिन 1 मार्च को मालदोहा से रोमानिया बॉर्डर तक बस के द्वारा पहुंचा। अब तो 3 मार्च की सुबह रोमानिया से फ्लाइट के माध्यम से दिल्ली पहुंचा।</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली एयरपोर्ट से उसके पिता विनोद कुमार व माता सरोज तथा चाचा भूपेंद्र सोनी अपनी कार में बिठाकर घर लेकर आए। मितेंद्र सोनी के घर आते ही खुशियां छा गई। मितेंद्र व उसके छोटे भाई ने एक-दूसरे को गले से लिपटकर पीड़ा एवं खुशियां सांझी कर भावुक हुए।</p>
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                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Mar 2022 18:27:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूसी धमाकों के बीच दहशत में जी रहे भारतीय छात्र-छात्राएं</title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेन से लौटी छात्रा कशिश अग्रवाल ने सुनाई आपबीती शांति के लिए भगवान से की अरदास परिजनों ने केन्द्र सरकार का जताया आभार भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। यूक्रेन के चरनी वीक्सी शहर की बुको विनियन यूनिवर्सिटी से मैडिकल की पढ़ाई कर रही भिवानी की छात्रा कशिश रोमानिया बोर्डर से भारत पहुंची है। रोमानिया से  घर पहुंचने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/indian-students-living-in-terror-amid-russian-blasts/article-31247"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/russian-blasts.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>यूक्रेन से लौटी छात्रा कशिश अग्रवाल ने सुनाई आपबीती</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4>शांति के लिए भगवान से की अरदास</h4>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h4>परिजनों ने केन्द्र सरकार का जताया आभार</h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)।</strong> यूक्रेन के चरनी वीक्सी शहर की बुको विनियन यूनिवर्सिटी से मैडिकल की पढ़ाई कर रही भिवानी की छात्रा कशिश रोमानिया बोर्डर से भारत पहुंची है। रोमानिया से  घर पहुंचने के बाद छात्रा कशिश व उसके परिजनों ने भगवान व सरकार का धन्यवाद किया। साथ में भगवान से प्रार्थना की है कि भारत के सभी छात्र सही सलामत देश लौटें। भिवानी सही सलामत पहुंची छात्रा कशिश ने भगवान से युद्ध (Russian Blasts) विराम की अरदास लगाई।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लगातार जारी है, ऐसे में भारतीयों को वहां से निकालने के लिए भारत सरकार द्वारा तमाम तरह की कोशिशें भी लगातार जारी हैं। भारतीयों को लाने वाली पहली उड़ान में करीब 250 से अधिक छात्रों को भारत उनके घर लाया गया जा चुका है। बाकी छात्रों को लाने की कोशिश लगातार जारी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यूक्रेन के चरनी वीक्सी शहर की बुको विनियन यूनिवर्सिटी से मैडिकल की पढ़ाई कर रही छात्रा कशिश ने बताया कि जब रूस ने यूक्रेन पर पहला हमला किया, उसके बाद से ही कीव में हालत चिंताजनक हो गए थे। भारतीय दूतावास की तरफ से उनको अपने जरूरी कागजात और पैसे रखने के लिए जानकारी दी गई थी। जिसके बाद से ही एटीएम मशीनों के सामने लंबी लाइनें लग गईं और लोगों ने राशन स्टोर करना शुरू कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">कीव में लगातार हुए बम धमाकों से लोग डर गए। जब हम अपनी यूनिवर्सिटी की बस से रोमानिया बॉर्डर की तरफ बढ़ रहे थे तो कीव में लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए थे। लोग अपनी गाड़ियों से बॉर्डर की तरफ बढ़ रहे थे। चारों तरफ जाम लगा हुआ था। यूक्रेन (Russian Blasts) पुलिस की मदद से वे लोग कीव से निकलकर रोमानिया बॉर्डर पहुंचे और वहां पर इंडियन एंबेसी के लोगों द्वारा उनको रिसीव किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">रोमानिया से प्लेन में वह भारत पहुंचे हैं। छात्रा कशिश ने बताया कि अभी भी हजारों की संख्या में भारतीय छात्र यूक्रेन से लगते  दूसरे देशों के बॉर्डर पर फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यदि थोड़ा पहले से ही इस मामले में संज्ञान ले लेती तो सभी भारतीय छात्र स्वदेश लौट सकते थे, लेकिन अचानक युद्ध के कारण स्थिति अब बिगड़ गई है। बेटी को घर लौटा देख पिता प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि उनकी बेटी यूक्रेन में तीन वर्ष से मैडिकल की पढ़ाई कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">जो भारत सरकार के प्रयास से सकुशल घर लौट आई है। वे सरकार का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने भगवान से प्रार्थना की है कि दोनों देशों में युद्ध पर विराम लगे तथा जल्द शांति  बने तथा सभी भारतीय छात्र सकुशल भारत लौटें।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Mar 2022 17:16:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूक्रेन में बुझा घर का इकलौता चिराग</title>
                                    <description><![CDATA[युद्ध के बीच बरनाला के चंदन की ब्रेन हैमरेज से मौत चार वर्ष पहले एमबीबीएस की पढ़ाई करने गया था यूक्रेन बरनाला (सच कहूँ/जसवीर सिंह गहल)। रूस व यूक्रेन (Ukraine) में जारी युद्ध के कारण गोली लगने से हुई कर्नाटक के नवीन की मौत के बाद अब बरनाला के जिंदल परिवार पर भी दुखों का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-only-lamp-in-the-house-extinguished-in-ukraine/article-31229"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-03/chandan-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>युद्ध के बीच बरनाला के चंदन की ब्रेन हैमरेज से मौत</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4>चार वर्ष पहले एमबीबीएस की पढ़ाई करने गया था यूक्रेन</h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>बरनाला (सच कहूँ/जसवीर सिंह गहल)।</strong> रूस व यूक्रेन (Ukraine) में जारी युद्ध के कारण गोली लगने से हुई कर्नाटक के नवीन की मौत के बाद अब बरनाला के जिंदल परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिंदल परिवार के इकलौते बेटे चंदन की मौत ब्रेन हैमरेज की वजह से हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी देते मृतक के ताया कृष्ण गोपाल ने बताया कि उनके भाई शीशन कुमार जिन्दल का पुत्र चन्दन जिन्दल (21) करीब चार साल पहले एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन के स्टेट वनीसिया गया था। जहां से बीती तीन फरवरी को डाक्टरों ने फोन पर उनसे चंदन जिन्दल के दिमाग का ऑपरेशन करने की मंजूरी मांगी, क्योंकि डॉक्टरों मुताबिक चंदन के दिमाग और दिल में क्लोट आने से ही उसको पैरालाईज हो गया था। उन्होंने तुरंत फोन पर ही डॉक्टरों को चंदन का ऑपरेशन करने की लिखित मंजूरी भेज दी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद वह और उनका भाई शीशन कुमार अपने बेटे का पता लेने के लिए यूक्रेन (Ukraine) चले गए थे। इसके बाद रूस और यूक्रेन  के बीच जंग शुरू होने की जानकारी मिली और वह भी उधर फंस गए थे। उन्होंने बताया कि चंदन जिन्दल का ऑपरेशन हो गया था जो सफल रहा और डॉक्टरों मुताबिक उसकी सेहत में भी लगातार सुधार हो रहा था। जिसके बाद वह अपने भाई के कहने पर बीते कल एक मार्च को ही यूक्रेन से भारत वापिस आया था जबकि उनका भाई शीशन कुमार अभी भी चंदन जिन्दल के पास ही था।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉक्टरों ने चंदन जिन्दल को भले ही खतरे से बाहर बताया था, लेकिन दो मार्च को सुबह के वक्त फोन पर चंदन जिन्दल की मौत की खबर सुनते ही उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। उन्होंने बताया कि उन्होंने मांग की कि उनके भाई को चंदन जिन्दल की मृत देह को भारत लाने के पुख्ता प्रबंध किए जाएं। 16 साल पहले चंदन जिन्दल के दूसरे भाई की भी 12 साल की आयु में ही मौत हो गई थी। चंदन जिन्दल (Ukraine) की एक बहन है जो विवाहित है। चंदन जिन्दल की मौत की खबर मिलते ही परिवार में माहौल बेहद गमगीन हो गया।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Mar 2022 21:05:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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