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                <title>Sardulgarh - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>गांव हीरके निवासी रतन चंद इन्सां बने शरीरदानी</title>
                                    <description><![CDATA[सच कहूँ स्टाफ सदस्य रविन्द्र इन्सां के पिता व सच कहूँ पंजाबी के संपादक तिलक राज इन्सां के मामा जी थे सचखंडवासी रतन चन्द इन्सां सरदूलगढ़ (सच कहूूँ/गुरजीत सिंह)। Sardulgarh News: पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए क्षेत्र के गांव हीरके निवासी रतन चंद इन्सां […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/body-donation-of-ratan-chand-insan-for-medical-research/article-64903"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-12/sardulgarh-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">सच कहूँ स्टाफ सदस्य रविन्द्र इन्सां के पिता व सच कहूँ पंजाबी के संपादक तिलक राज इन्सां के मामा जी थे सचखंडवासी रतन चन्द इन्सां</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरदूलगढ़ (सच कहूूँ/गुरजीत सिंह)।</strong> Sardulgarh News: पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए क्षेत्र के गांव हीरके निवासी रतन चंद इन्सां के मरणोपरांत उनका पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान किया गया व उनके नेत्र भी दान किए गए। उनके पार्थिव शरीर को मैडीकल रिसर्च के लिए महावीर मेडिकल कॉलेज व रिसर्च सैंटर मुरादाबाद (यूपी) को दान किया गया। सचखंडवासी रतन चंद इन्सां गांव हीरके के तीसरे व ब्लॉक झुनीर के 22वें शरीरदानी बने हैं। वर्णननीय है रतन चंद इन्सां सच कहूँ स्टाफ सदस्य रविन्द्र इन्सां के पिता व सच कहूँ पंजाबी के संपादक तिलक राज इन्सां के मामा थे। Body Donation</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी देते हुए ब्लॉक प्रेमी सेवक डॉ. सेवक इन्सां ने बताया कि रतन चंद इन्सां वर्षों से डेरा सच्चा सौदा से जुड़े हुए थे और मानवता भलाई के कार्यों में बढ़चढ़कर सहयोग करते थे। रतन चंद इन्सां अपनी स्वासों पूंजी पूरी कर कुल मालिक के चरण कमलों में सचखंड जा बिराजे। उनके अंतिम विदाई पर धर्मपत्नी महेन्द्रो देवी इन्सां, सुपुत्र नरेन्द्र इन्सां, रविन्द्र इन्सां, पुत्रवधुएं रुपिन्दर कौर इन्सां, मोनिका इन्सां सहित परिजनों के अलावा रिश्तेदार व साध-संगत मौजूद रही। अंतिम विदाई पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं, बुद्धिजीवियों, किसान संगठनों से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के सेवादारों के नेतृत्व में फूलों से सजी एम्बूलैंस में सचखंडवासी रतन चंद इन्सां की देह को गांव की सरपंच हरमेल कौर के पति हरचरन सिंह भोला ने हरी झंडी देकर रवाना किया। रतन चंद इन्सां के पार्थिव शरीर को पुत्रवधूओं ने कंधा दिया। इस दौरान उपस्थित जन समूह ने ‘शरीरदानी रतन चंद अमर रहे, डेरा सच्चा सौदा की सोच पर पहरा देंगे ठोक कर’ आदि नारों से अंतिम विदाई दी गई। Body Donation</p>
<p style="text-align:justify;">अंतिम विदाई के मौके पर सच कहूँ पंजाबी के संपादक तिलक राज इन्सां, सच कहूँ के विज्ञापन विभाग प्रबंधक राजीव इन्सां, सच कहूँ प्रसार प्रबंधक सुरेन्द्र शर्मा इन्सां, 85 मैंबर अलका इन्सां, भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल की धार्मिक विंग कमेटी के जिला प्रधान तोता सिंह, नम्बरदार सुखजिन्दर सिंह, गुरविन्द्र सिंह बग्गा पंच, अमनदीप सिंह, अकाली नेता जज वीर सिंह, कामरेड राजविन्द्र सिंह भुल्लर, जस सरपंच भल्लणवाड़ा के अलावा क्षेत्र की अनेक प्रसिद्ध सख्शियतें मौजूद रहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">गांव की सरपंच हरमेल कौर के पति हरचरन सिंह ने कहा कि रतन चन्द इन्सां धार्मिक ख्यालों के धनी थे। जहां उन्होंने अपने जीवन को समाज सेवा में लगाया, वहीं मरणोपरांत शरीरदान और नेत्रदान करके अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है, जिसे क्षेत्रवासी सदैव याद रखेंगे। ऐसी महान सख्शियत की अंतिम यात्रा में शामिल होकर खुद को भाग्यशाली समझता हूं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sun, 01 Dec 2024 20:54:12 +0530</pubDate>
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                <title>जल दिवस विशेष: प्राकृतिक पानी पीने से घुटनों की बीमारी से मिली निजात!</title>
                                    <description><![CDATA[घग्गर का पानी पीने से सैकड़ों लोग कैंसर और काला पीलिया के शिकार World Water Day: मानसा/सरदूलगढ़ (सच कहूँ/सुखजीत मान)। घग्गर नदी के साथ सटे सरदूलगढ़ क्षेत्र में भू-जल पूरी तरह से दृषित हो गया है, जिसके परिणाम स्वरूप काला पीलिया व कैंसर जैसी भयानक बीमारियों द्वारा लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/relief-from-knee-disease-by-drinking-natural-water/article-55518"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-03/arora-family.jpg" alt=""></a><br /><h3>घग्गर का पानी पीने से सैकड़ों लोग कैंसर और काला पीलिया के शिकार</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>World Water Day: मानसा/सरदूलगढ़ (सच कहूँ/सुखजीत मान)।</strong> घग्गर नदी के साथ सटे सरदूलगढ़ क्षेत्र में भू-जल पूरी तरह से दृषित हो गया है, जिसके परिणाम स्वरूप काला पीलिया व कैंसर जैसी भयानक बीमारियों द्वारा लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। वहीं, सरदूलगढ़ के जीएम अरोड़ा परिवार ने बारिश का पानी स्टोर कर लोगों के लिए मिसाल कायम की है। जीएम अरोड़ा ने बताया कि उक्त बीमारियों से बचने के लिए उन्होंने बारिश के पानी को पीना शुरु किया, जिससे उन्हें भरपूर लाभ मिला। World Water Day</p>
<h3>प्राकृतिक पानी पीने से घुटनों की बीमारी से मिली निजात | World Water Day</h3>
<p style="text-align:justify;">जीएम अरोड़ा दूषित पानी के चलते खुद घुटनों की बीमारी से पीड़ित थे लेकिन जब से उन्होंने प्राकृतिक पानी का इस्तेमाल शुरु किया तो उनके घुटनों का दर्द कम हो गया व अब उनका शरीर वजनदार होने के बावजूद भी वह सीढ़ियों सहित अन्य ऊंची जगहों पर आसानी से चढ़-उतर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि शरीर को तंदरूस्त रखने के लिए बारिश के पानी को इस्तेमाल में लाएं व घरों में पानी की संभाल के लिए टैंक बनवाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ऐसा करने से जहां भूमिगत पानी को बचाया जा सकता है, साथ ही अपने परिवारों को भी बीमारियों से बचाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि घग्गर नदी के कारण इसके साथ लगते गांवों में काफी भयानक बीमारियों ने घर कर लिया है। मजबूरन जो किसान घग्गर में से पानी अपने खेतों में लगा रहे हैं, वे चमड़ी इत्यादि के रोग से ग्रस्त हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने घग्गर नदी में गिरते फैक्ट्रियों के तेजाबी पानी इत्यादि को रोकने के लिए अनेकों बार धरने- प्रदर्शन किए लेकिन सरकारों द्वारा इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सात साल से इस्तेमाल में ला रहे बारिश का पानी | World Water Day</h3>
<p style="text-align:justify;">जीएम अरोड़ा ने बताया कि वह साल 2017 से बारिश के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब घर में रिश्तेदार या दोस्त आते हैं तो उनको भी यही पानी पीने के लिए देते हैं। उनके द्वारा प्राकृतिक पानी के किए जा रहे इस्तेमाल से प्रेरित होकर कुछ रिश्तेदार व दोस्तों ने भी बारिश के पानी को स्टोर करने के टैंक बनवाए हैं। बारिश के पानी को विशेषज्ञों से टैस्ट भी करवाया, जो पीने के लिए पूरी तरह सही पाया गया है। World Water Day</p>
<p><a title="World Water Day: …नहीं तो चारों ओर होगा रेत ही रेत! पानी बिना चढ़ जाओगे मौत की भेंट!" href="http://10.0.0.122:1245/you-will-die-without-water/">World Water Day: …नहीं तो चारों ओर होगा रेत ही रेत! पानी बिना चढ़ जाओगे मौत की भेंट!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Fri, 22 Mar 2024 10:18:31 +0530</pubDate>
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                <title>किसानों ने मानसा-सिरसा रोड नहर पर बने पुल को किया जाम</title>
                                    <description><![CDATA[ किसानों के खातों में 84 करोड़ रुपए पहुँच गए, जबकि रहते 32 करोड़ रुपए डिमांड डीसी को भेजी है : तहसीलदार सच कहूँ/गुरजीत सिंह/सरदूलगढ़। गुलाबी सूंडी के कारण नरमे की फसल तबाह होने पर किसानों ने पंजाब कांग्रेस सरकार के विरुद्ध संघर्ष किया था तो पंजाब सरकार ने किसानों को प्रति एकड़ 17 हजार रुपए […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/farmers-blocked-the-bridge-on-mansa-sirsa-road-canal/article-31059"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-02/sardulgarh.jpeg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"> किसानों के खातों में 84 करोड़ रुपए पहुँच गए, जबकि रहते 32 करोड़ रुपए डिमांड डीसी को भेजी है : तहसीलदार</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/गुरजीत सिंह/सरदूलगढ़।</strong> गुलाबी सूंडी के कारण नरमे की फसल तबाह होने पर किसानों ने पंजाब कांग्रेस सरकार के विरुद्ध संघर्ष किया था तो पंजाब सरकार ने किसानों को प्रति एकड़ 17 हजार रुपए देने और 10 प्रतिशत मजदूर को चुगाई देने का वायदा किया था परन्तु कांग्रेस सरकार की तरफ से कुछ किसानों के खातों में यह मुआवजा डाल दिया गया था परन्तु बहुत से किसानों के खातों में मुआवजा आने से रह गया था, जिसके रोष के तौर पर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां का लगातार तीसरे दिन भी धरना जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज किसानों ने मानसा-सिरसा रोड झुनीर सरदूलगढ़ नहर के पुल पर धरना लगाकर रोड को पूरी तरह जाम कर दिया। गांवों से धरने में पहुँचे किसान मजदूर और किसान महिलाओं के बड़े जनसमूह को संबोधन करते जिला प्रधान राम सिंह भैनी बाघा ने कहा कि यह सरकारें किसानों की कोई बात ही नहीं सुनती। जिस कारण किसानों को मजबूर होकर धरने-प्रदर्शन करने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि जितनी देर तक किसानों को नरमे की मार के और गरीब मजदूरों को उनकी चुगाई का मुआवजा उनके खातों में नहीं आता, तब तक धरना लगातार जारी रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी तहसीलदार सरदूलगढ़ बलविन्दर सिंह के साथ बातचीत की तो उन्होंने कहा कि सरकार से पहले पंद्रह हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा आया था, परन्तु बाद में सरकार ने मुआवजे की रकम 17 हजार प्रति एकड़ कर दी थी, जिस कारण नरमे के मुआवजे की रकम घटने के कारण कुछ किसानों के खातों में पैसे डालने से बाकी रह गए थे। उन्होंने कहा कि अब तक 84 करोड़ रुपये किसानों के खातों में डाल दिए गए हैं और बाकी रहते 32 करोड़ रुपये की डिमांड डिप्टी कमिशनर मानसा को भेज दी गई है। जब भी डिप्टी कमिशनर मानसा ने यह बकाया रहते पैसे भेज दिए तुरंत किसानों के खातो में डाले जाएंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तहसीलदार द्वारा 10 दिनों में मुआवजा जारी करने पर किसानों ने उठाया धरना</h3>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के ब्लॉक प्रधान मलकीत सिंह कोट धरमू ने बताया कि तहसीलदार सरदूलगढ़ बलविन्दर सिंह और नायब तहसीलदार झुनीर हरमीत सिंह गिल ने धरने में पहुँच कर किसानों को 10 दिनों में मुआवजे की रकम खाते में डालने का विश्वास देकर एक बारी धरना रोड से उठवा दिया है। किसानों ने कहा कि जितनी देर किसानों के पैसे खाते में नहीं डाले जाते, उतनी देर धरना लगातार जारी रहेगा और यह धरना अब सब तहसील-झुनीर के गेट आगे जारी रखा जाएगा।</p>
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                <pubDate>Wed, 23 Feb 2022 23:30:08 +0530</pubDate>
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