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                <title>डायल 112 हेल्पलाइन, 24 घंटे मदद को तैयार ‘Police’</title>
                                    <description><![CDATA[आपराधिक घटनाओं पर लग रहा अंकुश, 15 से 20 मिनट में पहुंचती है सहायता करनाल(सच कहूँ/विजय शर्मा)। हरियाणा में आपातकालीन स्थिति में पुलिस, फायर बिग्रेड और एम्बुलेंस सेवाओं के लिए अब अलग-अलग नम्बर डायल करने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि इन सभी सेवाओं के लिए हरियाणा सरकार द्वारा डायल 112 नम्बर हेल्प लाईन सेवा शुरू […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/dial-112-helpline-no-police-ready-to-help-24-hours/article-37609"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/haryana-police-dial-112.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:center;"><strong>आपराधिक घटनाओं पर लग रहा अंकुश, 15 से 20 मिनट में पहुंचती है सहायता</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>करनाल(सच कहूँ/विजय शर्मा)।</strong> हरियाणा में आपातकालीन स्थिति में पुलिस, फायर बिग्रेड और एम्बुलेंस सेवाओं के लिए अब अलग-अलग नम्बर डायल करने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि इन सभी सेवाओं के लिए हरियाणा सरकार द्वारा डायल 112 नम्बर हेल्प लाईन सेवा शुरू की गई है। जिस पर कर्मचारी न केवल 24 घंटे तैनात रहते हैं बल्कि 15 से 20 मिनट में सहायता के लिए पहुंच भी जाते हैं। डायल 112 सर्विस को शुरू हुए एक वर्ष हो चुका है और इसके कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डायल 112 से जनता का पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है और कोई भी समस्या होने पर इस सेवा का अविलंब लाभ मिल रहा है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया ने कहा है कि करनाल पुलिस भी आमजन को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए दृढ़ संकल्प हैं, इसके लिए जिला में 33 एमरजेंसी रिस्पोंस व्हीकल्स उपलब्ध हैं, जो 112 डायल करने पर संबंधित क्षेत्र के शिकायतकर्ता तक जल्द से जल्द पहुंचते हैं और उसे हर सम्भव मद्द करने देते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>2 व्हीकल राष्ट्रीय राजमार्ग पर करते रहते हैं गश्त</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">एसपी ने बताया कि 2 व्हीकल राष्ट्रीय राजमार्ग पर तैनात किए हैं जो लगातार गश्त करते रहते हैं। पहले अक्सर आमजन की शिकायत रहती थी कि पुलिस घटनास्थल पर देरी से पहुंचती हैं। इस सेवा के शुरू होने के बाद एमरजेंसी रेस्पोंस व्हीकल के माध्यम से ना केवल रेस्पॉन्स समय कम हुआ है बल्कि आपराधिक घटनाओं पर भी पहले से अधिक अंकुश लग रहा है। कई बार तो मौका-ए-वारदात से अपराधियों को पकड़ा गया है। यही नहीं गुमशुदा बच्चों को भी तुरंत चाइल्ड केयर संस्थान तक पहुंचाने व उनके परिवार का पता लगाने में भी त्वरित कार्यवाही की जा रही हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>112 पर झूठी शिकायत न करें</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">एसपी ने आमजन से अपील की कि वे डायल 112 पर झूठी शिकायत न करें, इससे पुलिस का समय बर्बाद होता हैं और जो संसाधन किसी अन्य आवश्यक स्थान पर प्रयोग हो सकते, उनका भी दुरुपयोग होता हैं। उन्होंने बताया कि करनाल पुलिस द्वारा झूठी शिकायत करने वाले 25 लोगों पर कानूनी कार्यवाही अमल में लाई गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>एक दिन में आती हैं करीब 150 कॉल</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इस बारे में पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात निरीक्षक शमशेर सिंह ने बताया कि शहरी क्षेत्र में एमरजेंसी रिस्पोंस व्हीकल का रिस्पोंस टाईम 10 से 15 मिनट है जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 15 से 20 मिनट है। उन्होंने बताया कि एक दिन में करीब 150 कॉल आती है। कईं बार शिकायकर्ता को रिस्पोंड करने में, इससे भी कम समय लगा है, जिससे डायल 112 एक कारगर सेवा साबित हुई है। इस सेवा पर तैनात कर्मचारी भी पहले से ज्यादा अनुभव प्राप्त कर चुके हैं और आमजन को बेहतर सेवा प्रदान कर रहे हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/newborn-baby-selling-gang-busted-by-chief-minister-flying-squad-faridabad/"><strong>यह भी पढ़ें – मुख्यमंत्री उड़न दस्ता फरीदाबाद द्वारा नवजात शिशु को बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़</strong></a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Sep 2022 10:08:25 +0530</pubDate>
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                <title>बच्चों पर अत्याचार हो रहा है तो डायल करें 181</title>
                                    <description><![CDATA[बच्चों पर हो रहे अत्याचार पर प्रदेश सरकार गंभीर नाबालिगों के लिए बनेंगे बाल सरंक्षण घर कानूनों के प्रति लोगों को किया जाएगा जागरूक चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़)। प्रदेश सरकार आए दिन हो रहे बच्चों पर अत्याचार के प्रति संवेदनशील है। सरकार ने बच्चों पर अत्याचारों को रोकने एवं उन्हें उनका बचपन बचाने की कवायद शुरू […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:center;">बच्चों पर हो रहे अत्याचार पर प्रदेश सरकार गंभीर</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>नाबालिगों के लिए बनेंगे बाल सरंक्षण घर</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कानूनों के प्रति लोगों को किया जाएगा जागरूक</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़)।</strong> प्रदेश सरकार आए दिन हो रहे बच्चों पर अत्याचार के प्रति संवेदनशील है। सरकार ने बच्चों पर अत्याचारों को रोकने एवं उन्हें उनका बचपन बचाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए बाल एवं महिला विकास कल्याण मंत्रालय विशेष योजना को जल्द ही अमलीजामा पहनाने की कोशिश में है। इस बाबत जानकारी बाल एवं महिला विकास कल्याण मंत्रालय के एडीशनल चीफ सेके्रटरी पी.के. महापात्रा ने सच कहूँ से विशेष बातचीत में दी। महापात्रा के अनुसार प्रदेश में रिश्तेदारों, अन्य जानकारों एवं अनजान लोगों व कई दफा माता-पिता के हाथों अत्याचार सह रहे नाबालिग बच्चों के प्रति सरकार संवेदनशील है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी के मद्देनज़र सरकार ने एक योजना के तहत जुवेनाइल कानून के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ बाल संरक्षण घर बनाने की योजना तैयार की है। महापात्रा ने बताया कि आए दिन स्कूलों में, घरों में, खेल स्थानों पर एवं अन्य स्थानों पर बच्चों के साथ होते दुर्वव्यहार एवं हरासमेंट की शिकायतें एवं समाचार मिलते हैं। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा नाबालिग बच्चियां इस प्रकार के अत्याचारों का शिकार हैं। वहीं उन्होंने कहा कि नाबालिग लड़के भी अत्याचार का शिकार हो रहे हैं, जिससे उनका बचपन ही समाप्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर केसों में बच्चे के अभिभावक, रिश्तेदार या जान-पहचान के लोग ही उस पर अत्याचार या दुर्वव्यहार करते हैं। ऐसे में बच्चा किसी को बता नहीं पाता, सरकार ने इसे ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">
हैल्पलाइन पर कॉल करते ही तुरंत पहुंचेगी सहायता</h3>
<p style="text-align:justify;">महापात्रा ने कहा कि 181 नंबर की हैल्पलाइन शुरू की जाएगी जिस पर कॉल करते ही बाल विकास एवं महिला कल्याण मंत्रालय का अधिकारी शिकायतकर्ता द्वारा बताई गई जगह पर खुद पहुंचेगा। अगर पुलिस की मदद लेनी होती तो वह भी ली जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">यूरोप की तर्ज पर भारत में सख्त कानून</h3>
<p style="text-align:justify;">महापात्रा ने बताया कि नाबालिग बच्चों पर अत्याचार संबंधी कार्रवाई पर यूरोप के उदाहरण दिए जाते हैं परंतु भारत में यूरोप की तर्ज पर सख्त कानून है। उन्होंने कहा कि भारत में नाबालिग बच्चे को जबरदस्ती शराब या अन्य नशीला पदार्थ देने के दोषी को 7 साल की कैद या एक लाख रुपए जुर्माना हो सकता है। वहीं उत्पीड़न के दोषी को 3 साल की कैद या 50 हजार रुपए जुर्माना, बच्चों को बेचने के दोषी को 5 साल की कैद एवं एक लाख रुपए जुर्माना तक हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jun 2017 09:29:52 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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