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                <title>Eye care - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Eye care RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Eye Care: आंखों की रोशनी कमजोर क्यों होती है? इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, जानें आंखों को स्वस्थ रखने के आसान तरीके</title>
                                    <description><![CDATA[हट जाएगा नजर का चश्मा? आंखों की रोशनी के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/boe-um-verzwaak-%E2%80%98t-zicht--negeer-dees-symptome-neet--leer-eenvoudige-manere-um-eur-ouge-gezond-te-hawwe/article-91677"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/eye-care.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">Eye Care:  आजकल कम उम्र में भी आंखों से जुड़ी परेशानियां देखने को मिल रही हैं। लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी स्क्रीन देखने, पोषण की कमी, उम्र बढ़ने और कुछ बीमारियों की वजह से नजर कमजोर हो सकती है। हालांकि उम्र के साथ आंखों में होने वाले कुछ बदलाव सामान्य हैं, लेकिन सही खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर आंखों की सेहत को लंबे समय तक बेहतर रखा जा सकता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">उम्र बढ़ने के साथ क्यों कमजोर होने लगती है नजर? Eye Care</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उम्र बढ़ने के साथ आंखों में प्राकृतिक और क्षयकारी बदलाव आने लगते हैं। इसका असर धीरे-धीरे देखने की क्षमता पर पड़ सकता है। उम्र के साथ मोतियाबिंद और उम्र से संबंधित मैक्यूलर डिजेनेरेशन जैसी आंखों की समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके अलावा पोषक तत्वों की कमी और अस्वस्थ जीवनशैली भी आंखों की सेहत को प्रभावित कर सकती है। विटामिन ए, सी और ई, जिंक, ल्यूटिन, जियाजैंथिन और ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्व आंखों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि सिर्फ किसी एक विटामिन या खाद्य पदार्थ का सेवन करने से कमजोर नजर वापस सामान्य होने की गारंटी नहीं होती। यदि नजर लगातार कमजोर हो रही है तो आंखों की जांच कराना जरूरी है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">आंखों की रोशनी कमजोर होने के प्रमुख लक्षण</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नजर कमजोर होने पर सिर्फ कम दिखाई देना ही लक्षण नहीं है। इसके साथ कई अन्य संकेत भी दिखाई दे सकते हैं, जैसे:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>पढ़ते समय धुंधला दिखाई देना।</li>
<li>दूर की चीजें साफ न दिखाई देना।</li>
<li>कम रोशनी या रात में देखने में परेशानी होना।</li>
<li>पढ़ने या स्क्रीन देखने के दौरान आंखों में थकान या दर्द होना।</li>
<li>बार-बार सिरदर्द होना, खासकर पढ़ने या स्क्रीन देखने के बाद।</li>
<li>रोशनी के आसपास चमक या हेलो दिखाई देना।</li>
<li>आंखों में लालिमा या सूजन होना।</li>
<li>आंखों से बार-बार पानी आना।</li>
<li>अंधेरे से अचानक तेज रोशनी में आने पर कुछ समय तक देखने में परेशानी होना।</li>
</ul>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यदि धुंधला दिखाई देना अचानक शुरू हो, आंखों में तेज दर्द हो, रोशनी की चमक या अचानक बहुत सारे फ्लोटर्स दिखाई दें अथवा नजर तेजी से कम हो, तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">आंखों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आंखों की सेहत बनाए रखने के लिए रोजमर्रा की कुछ आदतों पर ध्यान देना जरूरी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्क्रीन से लेते रहें ब्रेक</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन देखने से आंखों में थकान और सूखापन महसूस हो सकता है। इसलिए लगातार स्क्रीन देखने के बजाय बीच-बीच में ब्रेक लें और कुछ देर दूर की वस्तुओं को देखें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पढ़ते समय पर्याप्त रोशनी रखें</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बहुत कम रोशनी में पढ़ने से आंखों में तनाव और थकान महसूस हो सकती है। पढ़ाई या काम करते समय पर्याप्त और आरामदायक रोशनी का इस्तेमाल करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">धूप और UV किरणों से बचाएं आंखें</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तेज धूप में बाहर निकलते समय ऐसे सनग्लास का इस्तेमाल करें जो UVA और UVB से सुरक्षा प्रदान करता हो। लंबे समय तक पराबैंगनी किरणों के संपर्क में रहना आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">संतुलित आहार लें</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आंखों की सेहत के लिए संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन जरूरी है। डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, रंगीन फल-सब्जियां, दालें, नट्स और बीज शामिल किए जा सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विटामिन ए और बीटा-कैरोटिन के लिए गाजर, शकरकंद और कुछ अन्य रंगीन सब्जियां उपयोगी विकल्प हैं। वहीं विटामिन सी के लिए संतरा, आंवला, अमरूद जैसे फल खाए जा सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बादाम, अखरोट और अन्य नट्स में विटामिन ई समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। अलसी और कुछ अन्य बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड के स्रोत हो सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नियमित आंखों की जांच कराएं</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अगर आपको बार-बार धुंधला दिखाई देता है, सिरदर्द रहता है या चश्मे का नंबर बदलता हुआ महसूस होता है तो आंखों की जांच कराएं। खासकर उम्र बढ़ने के साथ नियमित नेत्र जांच से कई समस्याओं की समय रहते पहचान की जा सकती है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">क्या आंखों की रोशनी दोबारा बढ़ाई जा सकती है?</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह इस बात पर निर्भर करता है कि नजर कमजोर होने की वजह क्या है। चश्मे का नंबर, आंखों की किसी बीमारी, उम्र से जुड़े बदलाव या किसी अन्य कारण से दृष्टि प्रभावित हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">संतुलित आहार और अच्छी जीवनशैली आंखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन वे हर तरह की दृष्टि समस्या को ठीक नहीं कर सकते। इसलिए नजर कमजोर होने पर केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराना सबसे जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">नोट: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 11:16:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Eye Care Home Remedies: नजर कम हो रही है, नहीं दिखता बिना चश्मे के साफ, तो इस आयुर्वेदिक चीज को आजमाएं, महीनेभर में दिखने लगेगा फर्क</title>
                                    <description><![CDATA[Eye Care Home Remedies:  त्रिफला आयुर्वेद का एक लोकप्रिय उपाय है, जिसे आंखों की रोशनी बढ़ाने और आंखों को स्वस्थ रखने में फायदेमंद माना जाता है। जानें त्रिफला के फायदे और इस्तेमाल का सही तरीका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/vision-is-deteriorating-and-cannot-be-seen-clearly-without-glasses/article-84435"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/eye-care-home-remedies.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Eye Care Home Remedies: लैपटॉप और टीवी स्क्रीन देखने की वजह से बच्चों से लेकर युवाओं तक को चश्मा लग रहा है। ऐसे में लोग आंखों की रोशनी बढ़ाने के प्राकृतिक और असरदार उपाय तलाशते हैं। आयुर्वेद में <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Triphala</span></span> को आंखों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है। यह तीन आयुर्वेदिक फलों — आंवला, बिभीतक और हरड़ — का मिश्रण होता है।</p>
<h4>त्रिफला में मौजूद तीन चीजें और उनके फायदे | Eye Care Home Remedies</h4>
<h4 style="text-align:justify;">आंवला</h4>
<p style="text-align:justify;">आंवला विटामिन-C का बेहतरीन स्रोत माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके फायदे:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>आंखों की थकान कम करने में मदद</li>
<li>आंखों की रोशनी सुधारने में सहायक</li>
<li>आंखों को पोषण देने में लाभकारी</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;"> बिभीतक</h4>
<p style="text-align:justify;">बिभीतक आंखों को स्वस्थ रखने में मदद करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके फायदे:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>आंखों की सूजन कम करने में सहायक</li>
<li>संक्रमण से बचाव</li>
<li>दृष्टि सुधारने में मददगार</li>
</ul>
<h4> हरड़</h4>
<p style="text-align:justify;">हरड़ को आयुर्वेद में आंखों की मजबूती के लिए उपयोग किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके फायदे:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>आंखों की मांसपेशियों को मजबूत बनाना</li>
<li>नजर तेज करने में मदद</li>
<li>आंखों को स्वस्थ बनाए रखना</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;">आंखों के लिए त्रिफला के बड़े फायदे</h4>
<h4>आंखों की थकान कम करता है</h4>
<p style="text-align:justify;">नियमित सेवन से आंखों को आराम मिलता है और स्क्रीन टाइम से होने वाली थकान कम हो सकती है।</p>
<h4>नजर सुधारने में मदद</h4>
<p style="text-align:justify;">त्रिफला आंखों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने और दृष्टि बेहतर करने में सहायक माना जाता है।</p>
<h4>संक्रमण से बचाव</h4>
<p style="text-align:justify;">इसमें एंटीऑक्सिडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो आंखों को संक्रमण से बचाने में मदद कर सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">त्रिफला का उपयोग कैसे करें?</h4>
<h4>त्रिफला चूर्ण</h4>
<p style="text-align:justify;">रात को सोते समय:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>1 चम्मच त्रिफला चूर्ण</li>
<li>गुनगुने पानी के साथ लें</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">यह पाचन और आंखों दोनों के लिए लाभकारी माना जाता है।</p>
<h4>त्रिफला काढ़ा</h4>
<ul style="text-align:justify;">
<li>1 चम्मच त्रिफला चूर्ण को पानी में रातभर भिगो दें</li>
<li>सुबह छानकर पी लें</li>
</ul>
<h4>त्रिफला आई वॉश</h4>
<p style="text-align:justify;">त्रिफला के छाने हुए काढ़े से आंखें धोने से जलन और सूजन में राहत मिल सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">⚠️ आंखों में कुछ भी इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।</p>
<h4 style="text-align:justify;">जरूरी सावधानी</h4>
<p style="text-align:justify;">हालांकि त्रिफला आयुर्वेद में लाभकारी माना जाता है, लेकिन कमजोर नजर, आंखों में दर्द या लगातार धुंधला दिखने जैसी समस्याओं में विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है। घरेलू उपाय इलाज का विकल्प नहीं होते।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 12:49:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Tips to improve eyesight: आंखों में जलन, पानी आना, दृष्टि कमजोर होना तथा धुंधलापन जैसी समस्याएं हैं तो अपनाएं ये आसान टिप्स, बढ़ेगी रोशनी</title>
                                    <description><![CDATA[Tips to improve eyesight: नई दिल्ली। नेत्र हमारे शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील अंग हैं। इनके बिना जीवन की कल्पना अधूरी है। इन्हीं आंखों से हम संसार को निहारते हैं, रंगों को पहचानते हैं और प्रकृति की सुंदरता का अनुभव करते हैं। बदलती जीवनशैली और बढ़ते डिजिटल उपयोग के कारण आंखों की देखभाल आज […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/follow-these-simple-tips-to-solve-eye-problems-vision-will-increase/article-71958"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-06/eye-care-tips.jpg" alt=""></a><br /><p class="ai-optimize-7 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">Tips to improve eyesight: नई दिल्ली। नेत्र हमारे शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील अंग हैं। इनके बिना जीवन की कल्पना अधूरी है। इन्हीं आंखों से हम संसार को निहारते हैं, रंगों को पहचानते हैं और प्रकृति की सुंदरता का अनुभव करते हैं। बदलती जीवनशैली और बढ़ते डिजिटल उपयोग के कारण आंखों की देखभाल आज पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गई है। Eye Care Tips</p>
<p class="ai-optimize-8" style="text-align:justify;">आजकल अधिकांश लोग दिन का लंबा समय मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर बिताते हैं। इससे नेत्रों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। परिणामस्वरूप आंखों में जलन, पानी आना, दृष्टि कमजोर होना तथा धुंधलापन जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। इन समस्याओं से बचने और नेत्रों को स्वस्थ रखने के लिए कुछ सरल घरेलू उपाय अत्यंत उपयोगी हो सकते हैं।</p>
<h3 class="ai-optimize-14">आंखों की देखभाल के लिए संतुलित आहार अत्यंत आवश्यक</h3>
<p class="ai-optimize-9" style="text-align:justify;">नेत्र रोग विशेषज्ञों के अनुसार, आंखों की देखभाल के लिए संतुलित आहार अत्यंत आवश्यक है। भोजन में विभिन्न रंगों वाले फल, सब्जियां और अनाज को सम्मिलित करना चाहिए। जैसे—गाजर, आम, शकरकंद और हरी पत्तेदार सब्जियां। ये सभी विटामिन ए तथा एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो नेत्रों की दृष्टि शक्ति को बनाए रखने में सहायक हैं।</p>
<p class="ai-optimize-10" style="text-align:justify;">बढ़ते बच्चों में कम उम्र में चश्मा लगने की समस्या अब आम हो चली है। इसके लिए बच्चों को अधिकाधिक प्राकृतिक प्रकाश में समय बिताने तथा खेलकूद जैसी बाहरी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इससे आंखों को मजबूती मिलती है। साथ ही, यदि चश्मा लगाने की सलाह दी गई है, तो उसे नियमित रूप से पहनना चाहिए। चश्मे को स्वच्छ रखने के लिए हल्के साबुन या लिक्विड क्लीनर का प्रयोग करें, जिससे लेंस साफ रहें और दृष्टि स्पष्ट बनी रहे।</p>
<p class="ai-optimize-11" style="text-align:justify;">घर में रहकर भी नेत्रों को आराम देना संभव है। हर आधे घंटे में कुछ समय के लिए दूर क्षितिज की ओर देखना एक उपयोगी अभ्यास है। यह आंखों को थकान से राहत देता है और उनकी कार्यक्षमता को बनाए रखने में मदद करता है। इन छोटे-छोटे उपायों को अपनाकर हम अपनी आंखों की उम्र बढ़ा सकते हैं और उन्हें दीर्घकाल तक स्वस्थ बनाए रख सकते हैं। Eye Care Tips</p>
<p class="ai-optimize-13"><a title="White Beard: कम उम्र में सफेद हो रही दाढ़ी? अपनाएं ये 4 असरदार उपाय, फिर देखें कैसे लौटेगी काली और घनी दाढ़ी" href="http://10.0.0.122:1245/beard-turning-white-at-a-young-age-adopt-these-4-effective-remedies-then-see-how-the-black-and-thick-beard-will-return/">White Beard: कम उम्र में सफेद हो रही दाढ़ी? अपनाएं ये 4 असरदार उपाय, फिर देखें कैसे लौटेगी काली और घन…</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Jun 2025 14:53:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Eye Flu Treatment: आई फ्लू का इलाज और घरेलू उपाय | Dr. Bhavatosh Shankhdhar</title>
                                    <description><![CDATA[गाजियाबाद (सच कहूँ/रविंद्र सिंह )। Eye Flu Prevention:  बरसात का मौसम स्वास्थ्य के लिए अत्यंत संवेदनशील होता है। इस मौसम में संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इस बार ज्यादा बरसात होने से हुए जलभराव और बाढ़ जैसे हालातों ने इस खतरे को और बढ़ा दिया है, ऐसे में जरूरी है कि हम बचाव […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/eye-flu-treatment/article-50784"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/eye-flu-treatment.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गाजियाबाद (सच कहूँ/रविंद्र सिंह )।</strong> Eye Flu Prevention:  बरसात का मौसम स्वास्थ्य के लिए अत्यंत संवेदनशील होता है। इस मौसम में संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इस बार ज्यादा बरसात होने से हुए जलभराव और बाढ़ जैसे हालातों ने इस खतरे को और बढ़ा दिया है, ऐसे में जरूरी है कि हम बचाव के प्रयास भी बढ़ा दें। यह बातें बृहस्पतिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवतोष शंखधर ने कहीं। Dr. Bhavatosh Shankhdhar</p>
<p style="text-align:justify;">सीएमओ संजय नगर स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय में राजकीय ऑप्टोमेट्रिस्ट एसोसिएशन के संयोजन में डिस्ट्रिक्ट ब्लाइंडनेस कंट्रोल कार्यक्रम के तहत आयोजित जन जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ और सीएमओ डा. भवतोष शंखधर ने इस मौके पर आई फ्लू और संचारी रोगों पर बचाव की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी रोग से बचाव के लिए साफ  सफाई पहला कदम होता है। आई फ्लू और संचारी रोगों से बचाव के लिए भी यह बात सौ फीसदी सही है। Eye Flu Treatment</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा वायुमंडल में नमी बढ़ने से इस मौसम में आंखों में संक्रमण आम बात है, लेकिन थोड़ी सी सावधानी इस रोग की गंभीरता को काफी हद तक कम कर सकती है। हाथों को साबुन-पानी से धोते रहें। यह आदत आपको संचारी रोगों से बचाने में भी मदद करेगी। आंखों में यदि संक्रमण हो गया है तो रोगी का तौलिया अलग कर दें। आंखों को छूने से बचें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर चिकित्सक से परामर्श लें। चिकित्सकीय परामर्श के बिना कोई आई ड्रॉप प्रयोग न करें। आंखों में हल्के गुनगुने के पानी के झपके मारें। गर्म पानी में कॉटन भिगोकर उसकी भाप से भी आंखों की सिकाई करना लाभदायक रहता है। आंखों को रगड़ें बिल्कुल नहीं। संक्रमण के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें और यदि निकलना पड़े तो धूल आदि से बचाव के लिए धूप वाले चश्मे का प्रयोग करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बीमारी के मामले में उपचार से बेहतर है बचाव | Eye Flu Treatment</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद चंद्र पांडेय ने कहा कि किसी भी बीमारी के मामले में उपचार से बेहतर बचाव होता है। सभी सरकारी चिकित्सालयों में आई फ्लू और संचारी रोगों का उपचार उपलब्ध है लेकिन बचाव पर जोर दें ताकि आप बीमार ही न पड़े। इसके लिए खानपान का ध्यान रखें ताकि रोक प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे और कोई संक्रमण न लगने पाए। कार्यक्रम के दौरान डॉ. मदन मोहन अग्रवाल और डा. सूर्यांशु ओझा ने ओपीडी में अपने विचार व्यक्त किए।<br />
आई फ्लू से बचाव के लिए हाथों की नियमित सफाई जरूरी</p>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त जिला चिकित्सालय में नेत्र विभाग की प्रभारी डॉ. शुचिता ने बताया कि आई फ्लू से बचाव के लिए हाथों की नियमित सफाई महत्वपूर्ण है। यह संक्रमण छूने से फैलता है। संक्रमित व्यक्ति का तौलिया इस्तेमाल करने से, उससे हाथ मिलाने से संक्रमण लग सकता है। दरअसल संक्रमित आंख को छूने से संक्रमण हाथ पर आ जाता है और जब वह व्यक्ति किसी से हाथ मिलाता है तो संक्रमण उसे दे देता है। देखने से यह संक्रमण नहीं फैलता।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Aug 2023 11:30:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Eye Flu: आई फ्लू का कहर, क्या है लक्षण और कैसे करें बचाव &amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[भिवानी (इन्द्रवेश)। Eye Flu: मानसून के मौसम के दौरान इन दिनों नागरिकों में आई फलू की समस्या बढ़ती जा रही है। आई फलू की यह बच्चों के साथ-साथ बड़ों की आंखों को मिल रही है। आई फलू की बढ़ती समस्या को देखते हुए स्वास्थय विभाग भी पूरी तरह सतर्क हो चुका है तथा सावधानी के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/eye-flu-the-havoc-of-eye-flu-what-are-the-symptoms-and-how-to-prevent/article-50486"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/eye-flu-treatment2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (इन्द्रवेश)। </strong>Eye Flu: मानसून के मौसम के दौरान इन दिनों नागरिकों में आई फलू की समस्या बढ़ती जा रही है। आई फलू की यह बच्चों के साथ-साथ बड़ों की आंखों को मिल रही है। आई फलू की बढ़ती समस्या को देखते हुए स्वास्थय विभाग भी पूरी तरह सतर्क हो चुका है तथा सावधानी के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला भिवानी की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं पर दवाई उपलब्ध करवाई जा रही है। आइए जानते हैं कि आप बारिश के मौसम में अपनी आंखों को संक्रमण से बचा कर रख सकते हैं।</p>
<ol style="text-align:justify;">
<li>नेत्र विशेषज्ञ डा. नवीता यादव ने बताया कि आंखों की बीमारी छोटे-छोटे बच्चों में काफी ज्यादा फैल रही है। जिन लोगों की आंख दुखनी आई हुई है, उन्हें साबुन से हाथों को बार-बार धोते रहना चाहिए तथा आंखों पर काला चश्मा अवश्य लगा के रखना चाहिए। जो लोग इस बीमारी से बचे है वो भी अपनी आंखों पर चश्मा लगाकर रखें और पानी से धोते रहे।</li>
<li>इस बीमारी का इलाज एंटीबायोटिक आई ड्राप्स से होता है जो कि मरीज को आखों में थोड़े-थोड़े समय में डालनी होती है।</li>
<li> नेत्र चिकित्सक की सलाह लिए बिना कोई भी दवा आंखों में न डालें।</li>
<li> बार-बार अपनी आंखों को पानी से धोना चाहिए। हमेशा फिल्टर्ड पानी का उपयोग करना चाहिए। दूषित पानी में हानिकारक सूक्ष्मजीत हो सकते हैं।</li>
<li>आंखों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए विटामिन और खनिजों से भरपूर संतुलित आहार जरूरी है।</li>
<li> अपनी आंखों को छूने या आई ड्रॉप या दवा लगाने से पहले अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोने की आदत बनाएं।</li>
<li>अपने आंखों की देखभाल के लिए अत्यधिक नमी वाली स्थिति में लेंस पहनने से बचे</li>
</ol>
<h3 style="text-align:justify;">इसके लक्षण | Eye Flu</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>इस बीमारी में आखों का लाल होना</li>
<li>आंखों में सूजन होना, आँखों में रडक होना</li>
<li>आंखों में पानी आना व आँखों में डीड आना</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">यह बीमारी वायरल कन्जैकटीवीटी कहलाती है तथा इसके ठीक होने में एक सप्ताह से 10 दिन तक लग जाते है।</p>
<p style="text-align:justify;">सभी अभिभावकों से अनुरोध हैं कि जिन बच्चों में इस बीमारी के लक्षण हैं, उन बच्चों को स्कूल में न भेजें, वहीं स्कूल प्रशासन से भी अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और ऐसे बच्चों को उनके घर भेज दें, ताकि स्कूल के दूसरे बच्चों को इस बीमारी से बचाया जा सके। वहीं इस बारे में सभी अभिभावकों से अपील है कि जिनको भी आई फ्लू है, वे सभी दूसरों से दूरी बना कर रखें क्योंकि यह बीमारी एक दूसरे के संपर्क में आने से भी फैलती है।</p>
<p style="text-align:justify;">नेत्र विशेषज्ञ डा. नवीता यादव</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Jul 2023 13:58:18 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Eyelash lice: बच्चे की पलकों पर ये कैसा जीव जिसे देख उड़े डाक्टरों के होश!</title>
                                    <description><![CDATA[डॉक्टरों ने बताया रीज़न तो हैरान हो गए परिजन! | Eyelash lice डाक्टरों (doctors) को चीन में एक मामले ने हैरानी में डाल दिया जब उन्होंने देखा कि एक छोटे से बच्चे की पलकों (eyelashes) में सिर की जुओं ने अपना घर बना लिया है जिसकी वजह से बच्चे की आंखों व आंखों के आसपास […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/what-kind-of-creature-is-this-on-the-eyelids-of-the-child/article-50282"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/eyelash-lice.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">डॉक्टरों ने बताया रीज़न तो हैरान हो गए परिजन! | Eyelash lice</h3>
<p style="text-align:justify;">डाक्टरों (doctors) को चीन में एक मामले ने हैरानी में डाल दिया जब उन्होंने देखा कि एक छोटे से बच्चे की पलकों (eyelashes) में सिर की जुओं ने अपना घर बना लिया है जिसकी वजह से बच्चे की आंखों व आंखों के आसपास तेज खुजली की समस्या पैदा हो गई। इतना ही नहीं इससे उसकी आंखों में भी सूजन आ गई थी और आंखें लाल-लाल रहने लग गई थी। Eyelash lice</p>
<p style="text-align:justify;">यह बहुत ही दुर्लभ मामला अमेरिकन जर्नल ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी (Ophthalmology) में छपी एक रिपोर्ट्स के मुताबिक है। रिपोर्ट के अनुसार बच्चे के माता-पिता अपने बच्चे को एक नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास लेकर गए तो उन्हें वहां पता चला कि उनके बच्चे के सिर में बहुत ज्यादा जूं एवं उनके अंडे बच्चे की पलकों में अपना घर बनाकर बैठे हैं। ऐसे में जब डाक्टरों ने इसकी जांच की तो उन्हें बड़ी संख्या में लीखें और भूरे स्राव दाहिनी आंख की उपरी पलकों की जड़ में मजबूती से चिपके हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इतना ही नहीं डाक्टरों ने देखा कि पराभासी परजीवी दृष्टि की हानि के बिना पलकों पर धीरे-धीरे रेंग रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार कुछ परजीवियों और लीखों को माइक्रोस्कोप द्वारा देखा गया तो उनकी पहचान सिर में होने वाली आम जुओं के रूप में हुई। हुआ यूं कि झेंग्झौ निवासी एक बच्चे अक्सर रेत में खेलता रहता था और इस दौरान वह अपनी आंखों को गंदे हाथों से रगड़ता रहता था, जिसकी वजह से बच्चे को ये परेशानी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">डाक्टरों ने शुक्र मनाया कि जुओं से बच्चे की दृष्टि परजीवियों से प्रभावित नहीं हुई। डाक्टरों ने देखते ही तुरंत वे जुएं और उनके अंडे पलकों से हटा दिये जिससे उनके लक्षण तुरंत पूरी तरह ठीक हो गए। इस दौरान बच्चे को आंखों पर लगाने के लिए मलहम एवं आंखों में डालने के लिए आई ड्राप्स भी दी गई। डाक्टरों ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रभावित पलकों, सिर की जुओं तथा लीखों को हटाने के बाद उन्होंने यौगिक आयोडिन कीटाणुशोधन कॉटन ब्रश के साथ पलक के किनारों को कीटाणुरहित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">सिर की जुएं, लीखें और पैथोलॉजिकल स्राव हटाने के बाद, उसकी आंखों से संबंधित सूजन वगैरह तुरंत पूरी तरह से ठीक हो गई। इसके बाद दोबारा लीखें या जुएं ना हों इसके लिए बच्चे की पलकों पर 0.5 एरिथ्रोमाइसिन नेत्र मरहम लगाने की सलाह दी गई और इसे 0.3 टोब्रामाइसिन आई ड्राप्स के साथ मिलाने की सलाह दी गई जोकि एक से दो दिनों के लिए लीख और जुओं के लिए प्रभावी मानी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के मुताबिक जूं छोटे, पंखहीन कीड़े होते हैं जो मानव रक्त में फीड़ करते हैं और एक दूसरे के संपर्क में आने से एक-दूसरे में फैलते हैं। अगर इनका सही समय पर सही इलाज नहीं किया जाए तो यह समस्या उनमें बढ़ सकती है और समस्या बार-बार हो सकती है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Hair Problem: नेचुरल काले घने बाल, कलौंजी का करें ऐसे इस्तेमाल" href="http://10.0.0.122:1245/natural-black-thick-hair-use-kalonji-like-this/">Hair Problem: नेचुरल काले घने बाल, कलौंजी का करें ऐसे इस्तेमाल</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
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                <pubDate>Sat, 22 Jul 2023 11:16:14 +0530</pubDate>
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