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                <title>Urea - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>यूरिया की किल्लत से जूझ रहा अन्नदाता</title>
                                    <description><![CDATA[पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध करवाने की मांग सांसद के नेतृत्व में रावतसर के व्यापारियों ने जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन हनुमानगढ़। पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर रावतसर तहसील क्षेत्र के व्यापारियों ने मंगलवार को सांसद निहालचन्द मेघवाल व नोहर के पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया के नेतृत्व में व्यापार मण्डल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/farmers-struggling-with-urea-shortage/article-41517"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/shortage-of-urea.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध करवाने की मांग</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>सांसद के नेतृत्व में रावतसर के व्यापारियों ने जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़।</strong> पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर रावतसर तहसील क्षेत्र के व्यापारियों ने मंगलवार को सांसद निहालचन्द मेघवाल व नोहर के पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया के नेतृत्व में व्यापार मण्डल के बैनर तले जिला कलक्टर रुक्मणि रियार सिहाग को ज्ञापन सौंपा। व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों ने बताया कि रावतसर तहसील क्षेत्र में यूरिया की काफी किल्लत चल रही है। रावतसर क्षेत्र में यूरिया के करीब चार लाख कट्टों की आवश्यकता है जबकि मात्र 1 लाख 54 हजार कट्टे की पहुंचे हैं। इस कारण यूरिया खरीदने वाले किसानों की लम्बी कतारें लग रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">गेहूं व सरसों के सीजन में यूरिया की कमी के कारण करीब 15 बार आंदोलन हो चुके हैं। हर किसान को तीन कट्टे यूरिया मिलती है। चाहे वह 50 बीघा का किसान है या 5 बीघा का। इस कारण किसान काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि रावतसर तहसील पर तीन जिलों श्रीगंगानगर, बीकानेर व चूरू के किसानों जुड़े हुए हैं। इन जिलों में कुआं सिंचित क्षेत्र बढ़ गया है। लेकिन यूरिया की उपलब्धता उतनी ही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन जिलों के किसानों की नजदीक मंडी रावतसर है। इन जिलों के किसान अपनी फसल का बेचान रावतसर की मंडी में करते हैं। इसी कारण कृषि आदान आपूर्ति के लिए भी रावतसर मंडी पर निर्भर हैं। इस कारण खाद की मांग अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है लेकिन पहुंचती कम है। डिमांड के अनुसार आपूर्ति नहीं होने से किसानों में काफी रोष है। इसके अलावा व्यापारी, मजदूर सहित व्यापारिक संस्थाएं भी परेशान हैं। उन्होंने यूरिया की किल्लत जल्द से जल्द दूर करवाने के साथ नोहर में यूरिया का रैक पहुंचाने की मांग की ताकि रावतसर तहसील क्षेत्र के किसानों को यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति हो।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Dec 2022 14:34:16 +0530</pubDate>
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                <title>यूरिया के लिए लगी लंबी लाइन, परेशान हुए किसान</title>
                                    <description><![CDATA[कुशीनगर (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के साधन सहकारी समितियों पर यूरिया के लिए किसानों की लंबी लाइन लग रही है। किसान यूरिया नहीं मिलने से परेशान हैं। शनिवार को हल्की बारिश होने के बाद खाद लेने के लिए किसान सहकारी समितियों पर पहुंचे। अधिकांश किसानों को हालांकि, यूरिया नहीं मिल सकी। किसानों का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/upset-farmers-due-to-shortage-of-urea/article-41432"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/urea-fertilizer2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर (एजेंसी)।</strong> उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के साधन सहकारी समितियों पर यूरिया के लिए किसानों की लंबी लाइन लग रही है। किसान यूरिया नहीं मिलने से परेशान हैं। शनिवार को हल्की बारिश होने के बाद खाद लेने के लिए किसान सहकारी समितियों पर पहुंचे। अधिकांश किसानों को हालांकि, यूरिया नहीं मिल सकी। किसानों का कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="अलविदा 2022:- मार्च व अप्रैल की प्रमुख घटनाएं" href="http://10.0.0.122:1245/goodbye-2022-incidents-of-march-and-april/">अलविदा 2022:- मार्च व अप्रैल की प्रमुख घटनाएं</a></p>
<p style="text-align:justify;">जिले के साधन सहकारी समिति महुअवां बुजुर्ग नंबर एक, महासोंन, उजारनाथ, गुरवालिया बाजार, धुनवलिया आदि जगहों के लिए एक खेप में दस से 15 टन यूरिया आवंटित हो रही है, जबकि किसानों की आवश्यकता दोगुनी है। सहकारी समिति पर यूरिया मिलने की सूचना पर किसान सुबह ही पहुंच जा रहे हैं। इसलिए समितियों पर काफी भीड़ जमा हो रही है। क्षेत्र के किसान श्रीराम सिंह, रविंद्र सिंह, तोषिक अली, राजेश सिंह, महेंद्र दुबे आदि ने बताया कि गेंहू की सिंचाई की जा चुकी है, लेकिन समितियों पर यूरिया उपलब्ध नहीं है। शनिवार की सुबह हल्की बारिश भी हुई है। ऐसे में यूरिया की जरूरत पड़ेगी। लोगों ने सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या है मामला</h3>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में साधन सहकारी समिति महुअवा बुजुर्ग एक और दो के सचिव अनूप शाही ने बताया कि लगातार खाद मंगाई जा रही है। मांग अधिक होने से जल्द ही खत्म हो जा रही है। उम्मीद है दो दिनों में खाद समिति पर उपलब्ध हो जाएगी। साधन सहकारी समिति धौरहरा पर यूरिया बंटने की सूचना पाकर लोग वहाँ पहुंच गए। दोपहर तक खाद का वितरण हुआ। स्टॉक खत्म होने पर अधिकांश किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। यूरिया न मिलने पर लोगों ने साधन सहकारी समिति के कर्मचारियों को खरी-खोटी सुनाई।</p>
<p style="text-align:justify;">फाजिलनगर विकास खंड स्थित साधन सहकारी समिति भठही खुर्द में तीन-चार दिनों से किसान चक्कर काट रहे थे। शनिवार को खाद बंटने की सूचना पर लोग पहुंच गए। लोगों ने यूरिया के लिए हो- हल्ला शुरू कर दिया। किसानों के हंगामा करने पर सचिव ने लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया। इसके बाद खाद का वितरण हो सका। सचिव प्रेम सागर मिश्रा ने बताया कि यूरिया मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में किसान पहुंच गए थे। पर्याप्त मात्रा में यूरिया और नैनो यूरिया उपलब्ध थी। किसानों को समझाबुझाकर खाद उपलब्ध कराई गई।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Dec 2022 16:12:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>देश भर में आठ नये नैनो यूरिया कारखाने लगाए जाएंगे: मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[अहमदाबाद (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शनिवार को गुजरात के गांधीनगर में विश्व के पहले नैनो (तरल) उर्वरक कारखाने का उद्घाटन किया और कहा कि देश में ऐसे कुल और आठ कारखाने स्थापित करने की योजना है। मोदी ने इस अवसर पर आयातित महंगे यूरिया पर निर्भरता कम करने के विकल्प तलाशने पर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/eight-new-nano-urea-factories-to-be-set-up-across-the-country-modi/article-33947"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-05/narendra-modi-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अहमदाबाद (एजेंसी)।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शनिवार को गुजरात के गांधीनगर में विश्व के पहले नैनो (तरल) उर्वरक कारखाने का उद्घाटन किया और कहा कि देश में ऐसे कुल और आठ कारखाने स्थापित करने की योजना है। मोदी ने इस अवसर पर आयातित महंगे यूरिया पर निर्भरता कम करने के विकल्प तलाशने पर भी बल दिया। सहकारी उर्वरक कंपनी इफको द्वारा स्थापित इस कारखाने की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 500 मिलीलीटर की 1.5 लाख बोतल नैनो यूरिया बनाने की है। मोदी ने कहा कि एक बोतल यूरिया एक बोरी यूरिया का काम करेगी और किसान उसे बाजार से अपने जेब में डालकर घर ला सकता है। इससे उसकी परिवहन की लागत बचेगी।Narendra Modi</p>
<p style="text-align:justify;">वैज्ञानिक दूसरे नैनो उर्वरकों पर भी काम कर रहे हैं और उम्मीद है कि किसानों को यूरिया के अलावा अन्य उर्वरक भी इस रूप में प्राप्त हो सकेंगे। गांधीनगर में सहकारिता पर आयोजित कार्यक्रम के मंच से इफको के कलोल परिसर में स्थापित नैनो यूरिया संयंत्र के उद्घाटन करने के बाद मोदी ने (Narendra Modi) कार्यक्रम से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत उर्वरकों के मामलों में आयात पर बहुत अधिक निर्भर रहा है। देश को अपनी जरूरत की एक चौथाई यूरिया आयात करनी पड़त है। पोटाश और फासफेट पर हम शत-प्रतिशत आयात पर निर्भर हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दो साल कोरोना संक्रमण के कारण वैश्विक बाजार में उर्वरकों की कीमत बढ़ गयी थी और उसके बाद युद्ध (रूस-यूक्रेन) आ धमका और कीमतें उससे भी कई गुना बढ़ गयीं और उपलब्धता घट गयी।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने कहा,‘ किसानों के प्रति संवेदनशील हमारी सरकार ने निर्णय किया कि हम सारी मुसीबत सह लेंगे लेकिन किसानों पर इसका असर नहीं पड़ने देंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सब्सिडी देकर किसानों को वैश्विक बाजार के आघात से बचाए रखा है। उन्होंने कहा कि 2021-22 में सरकार ने उर्वरकों पर 1.60 लाख करोड़ रुपए की सब्सिडी दी थी,जो इस साल दो लाख करोड़ से ऊपर हो सकती है। मोदी ने साथ में यह सवाल भी किया कि क्या विदेश से आऩे वाले महंगे उर्वरकों पर भारतीय किसानों की निर्भरता को दूर नहीं किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘क्या महंगे उर्वरकों का कोई सामाधान नहीं होना चाहिए? प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सवाल आज नहीं पिछली सरकार के सामने भी था, लेकिन हमने इस सवाल को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस समय जो देश प्राकृतिक खेती के तरीके अपनाने पर जोर दे रहे हैं, वही समाधान का एक हिस्सा हो सकता है। मोदी ने कहा कि केंद्र में सत्ता संभालने के बाद उन्होंने यूरिया के पांच बंद पड़े कारखानों को चालू करने का संकल्प उठाया था। इसमें उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में दो कारखाने चालू हो गए, बाकी तीन भी जल्द शुरू हो जाएंगे। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के अपनी सरकार के मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि सहकारिता भी आत्मनिर्भता का एक सशक्त मॉडल है। उन्होंने गुजरात में सहकारिता आंदोलन की मजबूती की सराहना की।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 May 2022 19:32:10 +0530</pubDate>
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