<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/strategy/tag-2024" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>strategy - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/2024/rss</link>
                <description>strategy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आतंकवाद एवं भगोड़ों के खिलाफ वैश्विक रणनीति बनाएं राजनयिक: वेंकैया</title>
                                    <description><![CDATA[आर्थिक विकास के वर्तमान चरण का प्रभावी संकलन बनाना चाहिए (Diplomatic: Terrorism creates a global strategy: Venkaiah) नयी दिल्ली  (वार्ता) उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि राजनयिकों को आतंकवाद, काला धन और भगोड़े अपराधियों के खिलाफ वैश्विक रणनीति बनाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। नायडू ने विदेशों में भारतीय मिशनों के प्रमुखों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/diplomatic-terrorism-creates-a-global-strategy-venkaiah/article-4603"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/venkaiah.jpg" alt=""></a><br /><h1>आर्थिक विकास के वर्तमान चरण का प्रभावी संकलन बनाना चाहिए</h1>
<p><strong>(Diplomatic: Terrorism creates a global strategy: Venkaiah)</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली  (वार्ता) </strong></p>
<p style="text-align:justify;">उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि राजनयिकों को आतंकवाद, काला धन और भगोड़े अपराधियों के खिलाफ वैश्विक रणनीति बनाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। नायडू ने विदेशों में भारतीय मिशनों के प्रमुखों के साथ बैठक को संबोधित करते हुए यहां कहा कि देश की विदेश नीति के अनूठे खजाने और कालातीत मूल्यों के साथ आर्थिक विकास के वर्तमान चरण का प्रभावी संकलन बनाना चाहिए।उन्होंने कहा, “हमें देश के अनूठे खजाने और कालातीत मूल्यों को ऊपर उठाकर भारत की कहानी लिखने और समकालीन भारत में आर्थिक विकास और परिवर्तनीय गति के वर्तमान चरण के उत्साह को जीवंत बनाने की जरूरत है।</p>
<h1>सतर्क रहने की जरूरत</h1>
<p style="text-align:justify;">”उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के ओजस्वी नेतृत्व की सराहना करने के साथ ही उनके दो सहयोगियों एम जे अकबर और जनरल वी के सिंह की भी जमकर प्रशंसा की। नायडू ने कहा कि भारतीय विदेश नीति ने राजनयिकों के लिये नये मानक स्थापित किये हैं और पिछले चार वर्षों में इसमें लगभग पूरे विश्व को शामिल करके एक असाधारण रणनीति सुनिश्चित की है।उन्होंने मिशन प्रमुखों से कहा कि दुनियाभर के देशाें की राजधानियों में भारत के प्रतिनिधि के तौर पर उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है।</p>
<p>Diplomatic Terrorism Creates Global Strategy</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/diplomatic-terrorism-creates-a-global-strategy-venkaiah/article-4603</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/diplomatic-terrorism-creates-a-global-strategy-venkaiah/article-4603</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Jul 2018 00:40:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-07/venkaiah.jpg"                         length="7073"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑपरेशन ब्लूस्टार : तारीख-दर-तारीख रणनीति को दिया गया अंजाम</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। ऑपरेशन ब्लू स्टार की 34वीं बरसी 6 जून को है।  इसके मद्देनजर स्वर्ण मंदिर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ऑपरेशन ब्लू स्टार अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से अलगाववादियों को खाली कराने का अभियान था, जो बीते 3 वर्षों से वहां डेरा जमाए बैठै थे. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/operation-bluestar-the-execution-of-date-to-date-strategy/article-3975"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/vijay.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>ऑपरेशन ब्लू स्टार की 34वीं बरसी 6 जून को है।  इसके मद्देनजर स्वर्ण मंदिर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ऑपरेशन ब्लू स्टार अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से अलगाववादियों को खाली कराने का अभियान था, जो बीते 3 वर्षों से वहां डेरा जमाए बैठै थे. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर सेना का यह ऑपरेशन मुख्य तौर पर 3 से 8 जून 1984 तक चला. हालांकि, इस अभियान की रणनीति पर काफी पहले से काम शुरू हो चुका था।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तारीख-दर-तारीख जानिए ऑपरेशन ब्लू स्टार</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>1981:</strong> अमृतसर में सिखों के सबसे पवित्र गुरुद्वारे स्वर्ण मंदिर के पास अपने हथियारबंद साथियों के घेरे में भिंडरावाले छिपा बैठा था।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1981:</strong> पंजाब और असम में आतंकवादियों का मुकाबला करने की गुप्त गतिविधियों के लिए स्पेशल ग्रुप या एसजी नाम से एक और यूनिट तैयार की गई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1982:</strong> डायरेक्टरेट जनरल सिक्योरिटी ने प्रोजेक्ट सनरे शुरू किया।  उसने सेना की 10वीं पैरा/स्पेशल फोर्सेज के एक कर्नल को 50 अधिकारियों और सैनिकों की एक टुकड़ी गठित करने का काम सौंपा, जिसमें सभी भारतीय थे. इस तरह कमांडो कंपनी 55, 56 और 57 तैयार हुई।  इस यूनिट को स्पेशल ग्रुप नाम दिया गया और यह रॉ के प्रमुख के मातहत काम करने लगी।  स्पेशल ग्रुप को ऑपरेशन सनडाउन के लिए तैयार किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1983:</strong> भिंडरावाले ने हरमंदिर साहब को पूरी तरह अपना अड्डा बना लिया।  इस साल के शुरू के दिनों में स्पेशल ग्रुप यानी एसजी नाम की एक गुप्त यूनिट से सेना के छह अधिकारियों को इजरायली कमांडो फोर्स सायरत मतकल के गुप्त अड्डे पर पहुंचाया गया।  तेलअवीव के पास स्थित इस अड्डे पर इन सैनिक अधिकारियों को सड़कों, इमारतों और गाडिय़ों के बड़ी सावधानी से बनाए गए मॉडलों के बीच आतंक से लड़ने की 22 दिन तक ट्रेनिंग दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अप्रैल 1984</strong>: डायरेक्टर जनरल सिक्योरिटी ने पीएम इंदिरा गांधी को स्वर्ण मंदिर को दबोचने के लिए एक गुप्त मिशन के बारे में बताया, जो सैनिक हमले से कुछ ही कम था।  उनका कहना था कि ऑपरेशन सनडाउन असल में झपट्टा मारकर दबोचने की कार्रवाई है. हेलिकॉप्टर में सवार कमांडो स्वर्ण मंदिर के पास गुरु नानक निवास गेस्ट हाउस में उतरेंगे और भिंडरावाले को उठा लेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">ऑपरेशन को यह नाम इसलिए दिया गया कि सारी कार्रवाई आधी रात के बाद होनी थी, जब भिंडरावाले और उसके साथियों को इसकी उम्मीद सबसे कम होगी।  लेकिन आम लोगों की मौत की आशंका से इंदिरा गांधी ने इस अभियान को हरी झंडी नहीं दी।  ऑपरेशन सनडाउन के रद्द होने के बाद ब्लूस्टार की तैयारी हुई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2 जून 1984:</strong> भारतीय सेना ने अंतरराष्ट्रीय सीमा सील कर दी. पंजाब के गांवों में आर्मी की 7 डिविजन तैनात कर दी गई. रात होते होते मीडिया और प्रेस को कवरेज करने से रोक दिया गया. पंजाब में रेल, रोड और हवाई सेवाएं सस्पेंड कर दी गईं। पानी और बिजली की सप्लाई रोक दी गई।  विदेशि‍यों और एनआरआई की एंट्री पर भी पाबंदी लगा दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>5 जून, 1984:</strong> सुबह होते ही हरमंदिर साहिब परिसर के भीतर गोलीबारी शुरू हुई।  सेना की 9वीं डिविजन ने अकाल तख्त पर सामने से हमला किया. रात में साढ़े दस बजे के बाद काली कमांडो पोशाक में 20 कमांडो चुपचाप स्वर्ण मंदिर में घुसे।  उन्होंने नाइट विजन चश्मे, एम-1 स्टील हेल्मेट और बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थीं. उनके पास कुछ एमपी-5 सबमशीनगन और एके-47 राइफल थीं। उस समय एसजी की 56वीं कमांडो कंपनी भारत में अकेला ऐसा दस्ता था, जिसे तंग जगह में लड़ने का अभ्यास कराया गया था।  हर कमांडो शार्पशूटर, गोताखोर और पैराशूट के जरिए विमान से छलांग लगाने में माहिर था और 40 किलोमीटर की रफ्तार से मार्च कर सकता था. उनमें से कुछ ने गैस मास्क पहन रखे थे और ज्यादा असरदार आंसू गैस, सीएक्स गैस के गोले छोड़ने के लिए गैस गन ले रखी थीं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>6 जून, 1984:</strong> सुबह चार बजे के आसपास तीन विकर-विजयंत टैंक लगाए गए।  उन्होंने 105 मिलिमीटर के गोले दागकर अकाल तख्त की दीवारें उड़ा दीं।  उसके बाद कमांडो और पैदल सैनिकों ने उग्रवादियों की धरपकड़ शुरू की. सुबह छह बजे रक्षा राज्यमंत्री के.पी. सिंहदेव ने आर.के. धवन के निवास पर फोन किया. उन्होंने इंदिरा गांधी तक यह संदेश पहुंचाने को कहा कि ऑपरेशन कामयाब रहा, लेकिन बड़ी संख्या में सैनिक और असैनिक मारे गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>7 जून, 1984:</strong> सेना ने हरमंदिर साहिब परिसर पर प्रभावी कब्जा जमा लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">8 जून, 1984: तत्कालीन राष्ट्रपति जैल सिंह ने स्वर्ण मंदिर का दौरा किया. हालांकि, उनके साथ मंदिर गए एसजी दस्ते के कमांडिंग ऑफिसर, एक लेफ्टिनेंट जनरल किसी उग्रवादी निशानची की गोली से बुरी तरह घायल हो गए.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>10 जून, 1984:</strong> दोपहर तक पूरा ऑपरेशन खत्म हो गया<strong>। </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>31 अक्टूबर, 1984:</strong> इंदिरा गांधी को उनके दो सिख अंगरक्षकों ने गोली मार दी थी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/operation-bluestar-the-execution-of-date-to-date-strategy/article-3975</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/operation-bluestar-the-execution-of-date-to-date-strategy/article-3975</guid>
                <pubDate>Wed, 06 Jun 2018 08:12:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/vijay.jpg"                         length="98289"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्मृति बोली, मुझ पर हमले की कांग्रेस की स्ट्रैटजी गलत</title>
                                    <description><![CDATA[अहमदाबाद: मोदी सरकार की 3 साल की उपलब्धियां गिनाने गुजरात के अमरेली पहुंचीं स्मृति ईरानी की रैली में सोमवार शाम कुछ लोगों ने हंगामा किया। स्मृति लोगों को संबोधित कर रही थीं, तभी एक शख्स खड़ा हुआ और उनकी ओर चूड़ियां फेंक दी। बीजेपी वर्कर्स ने किसान बताए जा रहे इस शख्स को पकड़कर पुलिस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/smriti-speech-congresss-strategy-of-attacking-me-wrong/article-1171"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/smirti.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अहमदाबाद:</strong> मोदी सरकार की 3 साल की उपलब्धियां गिनाने गुजरात के अमरेली पहुंचीं स्मृति ईरानी की रैली में सोमवार शाम कुछ लोगों ने हंगामा किया। स्मृति लोगों को संबोधित कर रही थीं, तभी एक शख्स खड़ा हुआ और उनकी ओर चूड़ियां फेंक दी। बीजेपी वर्कर्स ने किसान बताए जा रहे इस शख्स को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। स्मृति ने मंगलवार सुबह इस घटना पर कहा, ”गुजरात में अगले साल इलेक्शन हैं, इसलिए मुझे ऐसी घटनाओं की अपेक्षा है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">BJP शासित राज्यों में किसान आंदोलन</h2>
<p style="text-align:justify;">फसलों के मिनिमम सपोर्ट प्राइस और कर्ज माफी के लिए 1 जून से बीजेपी शासित महाराष्ट्र से किसान आंदोलन की शुरुआत हुई थी। इसके बाद धीरे-धीरे आंदोलन मध्य प्रदेश के धार, मंदसौर, रतलाम, नीमच, देवास, इंदौर होते हुए राजधानी भोपाल तक जा पहुंचा। मंदसौर में पिछले हफ्ते प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई। इसके अलगे दिन आंदोलन हिंसक हो गया। कई गाड़ियों में आग लगाई गई। पुलिस पर पथराव किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/smriti-speech-congresss-strategy-of-attacking-me-wrong/article-1171</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/smriti-speech-congresss-strategy-of-attacking-me-wrong/article-1171</guid>
                <pubDate>Tue, 13 Jun 2017 01:15:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/smirti.jpg"                         length="56609"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नक्सलियों ने दोहरी चुनौती कर दी पेश</title>
                                    <description><![CDATA[नक्सल इलाकों में ऐसा साफ देखा जा रहा है कि नक्सली अब आधुनिक समय के अनुसार अपनी रणनीति में बदलाव लाने लगे हैं। खासकर छत्तीसगढ़ में अब तक सुरक्षा बलों नक्सलियों के बीच सीधी और बंदूक की लड़ाई थी, लेकिन अब यह लड़ाई हाइटेक भी हो चुकी है। राज्य के नक्सली अब आधुनिक संचार माध्यमों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/naxalites-offered-double-challenge/article-927"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/challange.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नक्सल इलाकों में ऐसा साफ देखा जा रहा है कि नक्सली अब आधुनिक समय के अनुसार अपनी रणनीति में बदलाव लाने लगे हैं। खासकर छत्तीसगढ़ में अब तक सुरक्षा बलों नक्सलियों के बीच सीधी और बंदूक की लड़ाई थी, लेकिन अब यह लड़ाई हाइटेक भी हो चुकी है। राज्य के नक्सली अब आधुनिक संचार माध्यमों को न सिर्फ अपना रहे हैं, बल्कि खुलकर उनका इस्तेमाल भी कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नक्सलियों की दुनिया से दूर का और सिर्फ सूचना माध्यमों से मिली जानकारी तक का वास्ता रखने वालों को यह जानकर हैरत हो सकती है कि उनके लिए स्मार्टफोन जैसी सुविधाएं अब प्रिय उपकरणों में तब्दील हो चुकी हैं। बस्तर जैसे वनांचल में अभावग्रस्त जीवन जीते हुए भी कथित क्रांति का बिगुल फूंकने में लगे नक्सली अब उसके लिए संचार क्रांति का सहारा लेने में भी कोई हिचकिचाहट नहीं दिखा रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">अब तक जंगलों में खुली सभाएं करके नक्सली आम जनता तक अपना संदेश पहुंचाते थे। शहरों और कस्बों में वे प्राय: इस काम के लिए पंपलेट, पोस्टर और बैनरों का सहारा लेते थे, लेकिन इस लिहाज से अब उनकी दुनिया काफी बदल गई है। जब बस्तर में संचार के आधुनिक साधन उपलब्ध हैं, तो नक्सली भी खुद को हाइटेक करने में जुट गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नक्सलियों के आला पदाधिकारी भी मोबाइल और इंटरनेट के जरिए अपने संदेश भेजने लगे हैं। यही नहीं, नक्सली ई-मेल और फेसबुक का भी इस्तेमाल करते हैं। पिछले दिनों पुलिस ने नक्सलियों के एक फेसबुक अकाउंट को ब्लॉक किया था, लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि अब वे दूसरे फेसबुक अकाउंट का इस्तेमाल कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा उनके द्वारा संचालित कई वेबसाइटें हैं, जिन पर वे किसी नक्सली वारदात की खबर को तुरंत अपडेट कर देते हैं। यही नहीं, अब तो नक्सलियों के आॅडियो और वीडियो क्लिप भी मिलने लगे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नक्सली क्षेत्रों से बहुत दूर रहने वालों के लिए यह जानकारी कम हैरतअंगेज नहीं कि अब वे भी राजनीतिक दलों की तरह अखबारों को अपनी गतिविधियों की जानकारी ई-मेल पर प्रेस विज्ञपत्तियां और फोटो भेजकर दे रहे हैं। हालात तो यह है कि नक्सली मोबाइल पर भी पत्रकारों को किसी घटना और गतिविधि के संबंध में अपना विजन नोट करवाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आधुनिक संचार माध्यमों से मजबूत होते नक्सली तंत्र का ही एक परिणाम यह रहा कि सड़क निर्माण का जिम्मा उठाने वाले ठेकेदार सरकार द्वारा बार-बार सुरक्षा का आश्वासन दिए जाने के बावजूद उनके सामने असहाय बने हुए हैं। यही कारण है कि सड़क निर्माण से संबंधित बहुत-सी फाइलें, तो आज तक कार्यालयों से ही बाहर नहीं आ सकीं।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने मजबूत तंत्र के कारण माओवादी केंद्र सरकार की मदद से बनने वाली सड़कों के निर्माण में बाधा डालने में भी सक्षम हैं और वे इस काम को बिना रूके अंजाम दे पा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में तीन चरणों के मतदान के तीन दिनों में चुनाव आयोग को करीब सौ करोड़ रुपए खर्च करने पड़े। वैसे आचार संहिता लागू होने से चुनाव के नतीजे आने तक चुनाव आयोग द्वारा कुल पांच सौ करोड़ रुपए खर्च किए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">धन का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षा तंत्र के समक्ष नक्सलियों द्वारा पेश की जा रही चुनौतियों के कारण खर्च करना पड़ा। एक तरफ हाईटेक होते नक्सली हैं, जिनसे सुरक्षा के लिए आम आदमी तो क्या चुनाव आयोग को भी जूझना पड़ा और चुनाव के दौरान सुरक्षा बंदोबस्त पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाने पड़े। वहां सुरक्षा के साथ-साथ आम आदमी की अन्य मुश्किलों में भी लगातार इजाफा हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाल के चुनाव में आयोग को जिन सुरक्षा जरूरतों से जूझना पड़ा है और कृषकों की जमीनों को लेकर जो आकलन सामने आया है, उससे यह साफ है कि आने वाले समय में डॉ रमन सिंह की राज्य सरकार को दोहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। एकतरफ उसे हाईटेक हो रहे नक्सलियों की सुरक्षा संबंधी नई चुनौतियों का सामना करना होगा तो दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में उर्वरता खो रही भूमि के कारण कृषि पर निर्भर ग्रामीण लोगों की नई समस्याओं से भी दो चार होना पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">–<strong> मानवेन्द्र कुमार सिंह</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/naxalites-offered-double-challenge/article-927</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/naxalites-offered-double-challenge/article-927</guid>
                <pubDate>Mon, 05 Jun 2017 23:16:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/challange.jpg"                         length="102506"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        