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                <title>body donation - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>body donation RSS Feed</description>
                
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                <title>डेरा सच्चा सौदा की ‘अमर सेवा मुहिम‘ के तहत शरीरदानी व नेत्रदानी बने राजेंद्र कक्कड़ इन्सां </title>
                                    <description><![CDATA[ 90 साल की जिंदगी पूरी कर दुनिया से विदा हुए सरसा ब्लॉक के जोन नंबर-1 निवासी (कीर्तिनगर) राजेंद्र कक्कड़ इन्सां जाते-जाते भी मानवता के काम आए। उनके निधन के बाद परिजनों ने डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए अमर सेवा मुहिम के तहत उनकी पार्थिव देह मेडिकल शोध के लिए दान कर दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/rajendra-kakkar-became-a-body-donor-and-eye-donor-under/article-91114"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/rajender-kakkar-insan.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Body Donation: सरसा, (सच कहूँ/सुनील वर्मा)।</strong> 90 साल की जिंदगी पूरी कर दुनिया से विदा हुए सरसा ब्लॉक के जोन नंबर-1 निवासी (कीर्तिनगर) राजेंद्र कक्कड़ इन्सां जाते-जाते भी मानवता के काम आए। उनके निधन के बाद परिजनों ने डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए अमर सेवा मुहिम के तहत उनकी पार्थिव देह मेडिकल शोध के लिए दान कर दी। वहीं नेत्रदान भी किए गए जो दो अंधेरी जिंदगियों को रोशनी देंगे। उनकी पार्थिव देह उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित इंटीग्रल इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी को भेजी गई, जबकि आंखें शाह सतनाम जी स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थित पूज्य माता करतार कौर जी इंटरनेशनल आई बैंक को सौंपी गईं। </p>
<h3>अरदास के बाद निकली अंतिम विदाई यात्रा</h3>
<p>देहदान से पहले कीर्तिनगर की गली नंबर-1 स्थित आवास पर अरदास की गई। इसके बाद फूलों से सजी एंबुलेंस में राजेंद्र कक्कड़ इन्सां की पार्थिव देह रखी गई। साध-संगत और परिजनों ने जब तक सूरज चांद रहेगा, शरीरदानी राजेंद्र कक्कड़ इन्सां तेरा नाम रहेगा और शरीरदानी राजेंद्र कक्कड़ इन्सां अमर रहे के नारों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उनके आवास से शाह सतनाम जी मार्ग स्थित गोलछा पैलेस तक अंतिम विदाई यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में साध-संगत, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादार, रिश्तेदार और परिचित शामिल हुए। रास्ते में लोगों ने पुष्प वर्षा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। गोलछा पैलेस से धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा का इलाही नारा लगाते हुए नम आंखों से उनकी पार्थिव देह मेडिकल संस्थान के लिए रवाना की गई।</p>
<h3>अर्थी को कंधा देकर बेटा-बेटी एक समान का दिया संदेश</h3>
<p>राजेंद्र कक्कड़ इन्सां की अंतिम विदाई में बेटा-बेटी एक समान मुहिम की झलक भी देखने को मिली। परिवार की महिलाओं और पुरुषों ने मिलकर अर्थी को कंधा दिया। पुत्रवधू वीना कक्कड़ इन्सां, किरण बाला, सुनीता रानी, पौत्रवधू पूनम, शीनू, पौत्री क्यूटी सहित परिवार की अन्य महिलाओं ने भी अंतिम विदाई में सहभागिता निभाई। सचखंडवासी के बेटे प्रवीण कक्कड़ इन्सां, अनिल इन्सां, नरेश इन्सां, पौत्र विनीत इन्सां, अमित इन्सां, लविश इन्सां, कशिश इन्सां, साहिल इन्सां, पौत्री-दामाद अवि समेत अन्य परिजनों ने भी उन्हें अंतिम विदाई दी।</p>
<h3>देहदान समाज के लिए प्रेरणा</h3>
<p>सरसा ब्लॉक प्रेमी सेवक कस्तूर सोनी इन्सां ने बताया कि राजेंद्र कक्कड़ इन्सां का परिवार लंबे समय से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा हुआ है। परिवार ने उनकी इच्छा और पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाओं को ध्यान में रखते हुए मरणोपरांत देहदान और नेत्रदान का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह कदम समाज में मानवता, परोपकार और सेवा की भावना को मजबूत करने वाला है। राजेंद्र कक्कड़ इन्सां ने पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज से गुरुमंत्र की अनमोल दात प्राप्त की थी। अंतिम विदाई के दौरान उनकी धर्मपत्नी बिमला देवी सहित परिवार के सदस्य, साध-संगत और ब्लॉक सरसा की सच्ची प्रेमी समिति के सेवादार मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 10:09:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पूज्य गुरु जी की पावन प्रेरणा से प्रेमी जगराम इन्सां बने मरणोपरांत भी समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण</title>
                                    <description><![CDATA[आधुनिक युग के दधीचियों के प्रेरणास्त्रोत पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए हर रोज कई नये दधीचि सामने आ रहे हैं। पूज्य गुरु जी की प्रेरणा का ही कमाल है कि डेरा सच्चा सौदा के सेवादार अपने जीवनकाल के दौरान मानवता को समर्पित रहते हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/due-to-the-sacred-inspiration-of-revered-guru-ji-premi/article-91089"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/jagram-insan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>टिब्बी, (सच कहूँ/अंकित वधवा)।</strong> आधुनिक युग के दधीचियों के प्रेरणास्त्रोत पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए हर रोज कई नये दधीचि सामने आ रहे हैं। पूज्य गुरु जी की प्रेरणा का ही कमाल है कि डेरा सच्चा सौदा के सेवादार अपने जीवनकाल के दौरान मानवता को समर्पित रहते हैं और मरणोपरांत चिकित्सा रिसर्च के लिए शरीरदान कर अमर सेवा का मैडल अपने गले में पहना लेते हैं। शरीर दान की बात करना आम आदमी के लिए सामान्य बात होगी पर जब शरीर दान करने की बारी आती है तो वे दूसरी तरफ देखना शुरू कर देते हैं पर पूज्य गुरु जी का ही कमाल है कि आज लाखों डेरा सच्चा सौदा सेवादार अपने शरीर को दान कर दधीचि बनने का प्रण ले चुके हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">दधीचियों की इस श्रृंखला में अपना नाम शामिल करवाया है टिब्बी ब्लॉक के गांव 2 केएसपी के सेवादार पृथ्वी पाल इन्सां और धर्मपाल इन्सां के पिता जगराम इन्सां पुत्र गिरधारी ने। जगराम इन्सां अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर शुक्रवार शाम को मालिक के चरणों में सचखंड जा विराजे।परिजनों ने अंतिम इच्छा अनुसार की देहदान</p>
<p style="text-align:justify;">उनकी अंतिम इच्छा व अपने पूज्य गुरु जी के दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए परिवारवालों ने शनिवार को सचखंडवासी जगराम इन्सां की पावन देह मेडिकल खोजों के लिए हमदर्द इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, नई दिल्ली को दान कर एक अनोखी मिसाल कायम की। उनको अंतिम विदाई देने के लिए ब्लॉक जिम्मेवारों के अलावा शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर कमेटी के सेवादार, रिश्तेदार, परिजन, साध-संगत व परिचित गांव 2 केएसपी स्थित आवास पर एकत्रित हुए तथा विनती का भजन बोलकर विदा किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पूर्व पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर बेटियों को मिले अधिकार के तहत बेटी केसर इन्सां, पुत्रवधू कृष्णा और शारदा व पोती चंचल, सनीसा, मनीषा, संगीता ने सचखंडवासी जगराम इन्सां की अर्थी को कंधा देकर अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। इस मौके पर मौजूद टिब्बी क्षेत्र से आए लोगों ने कहा कि शरीर दान मुहिम वाक्य में काबिले तारीफ है। क्योंकि एक डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल रिसर्च के लिए बॉडी का होना बहुत जरूरी है। डेरा सच्चा सौदा सेवादारों का ऐसी घड़ी में शरीरदान करना दूसरों के लिए भी मिसाल पैदा कर रहा है। <br />फूलों से सजी एंबुलेंस में विदा हुई सचखंडवासी की पार्थिव देह<br />फूलों से सजी एंबुलेंस में सचखंडवासी जगराम इन्सां के पार्थिव शरीर को रखकर अंतिम यात्रा निकाली गई जो उनके निवास से मुख्य सड़क तक सम्पन्न हुई। इसमें बड़ी संख्या में अलग-अलग गांवों से साध-संगत मौजूद रही। हर किसी के मुख पर मानवता के सच्चे प्रहरी का नाम था और 'जगराम इन्सां अमर रहे.. अमर रहे..' के नारे गूंज रहे थे। हर किसी का हाथ अपने आप सलामी के लिए उठ रहा था। सचखंडवासी जगराम इन्सां की देहदान के मौके पर ब्लॉक प्रेमी सेवक जसवीर इन्सां, सच्चे नम्र सेवादार हरीसिंह इन्सां व मेजर सिंह इन्सां के अलावा रमेश कुमार इन्सां, गुमानाराम इन्सां, राकेश, रमेश भूनन, रामादिता मान, मनजीत सिंह, जगदेव सिंह, बलकार सिंह, गुरजंट सिंह, मंदर सिंह, ज्ञान सिंह, जगजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में साध-संगत व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 20:23:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माता गुरदेव कौर इन्सां की पार्थिव देह मेडिकल शोध के लिए दान</title>
                                    <description><![CDATA[ब्लॉक श्रीगुरूसर मोड़िया के  बींझबायला जोन के गांव फरसेवाला निवासी गुरांदिता सिंह इन्सां की आदरणीय माता गुरदेव कौर इन्सां ब्लॉक श्री गुरूसरमोडिया की 25वीं व बीझंबायला जोन की आठवीं देहदानी बन गयी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/mata-gurdev-kaur-insans-body-donated-for-medical-research-work/article-90831"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/body-donation.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गोलूवाला (सच कहूँ/सुरेन्द्र गुम्बर)।</strong> Body Donation: ब्लॉक श्रीगुरूसर मोड़िया के  बींझबायला जोन के गांव फरसेवाला निवासी गुरांदिता सिंह इन्सां की आदरणीय माता गुरदेव कौर इन्सां ब्लॉक श्री गुरूसरमोडिया की 25वीं व बीझंबायला जोन की आठवीं देहदानी बन गयी। डेरा सच्चा सौदा से जुडी गुरदेव कौर इन्सां धर्मपत्नी स्व.निरंजनपाल सिंह  मरणोपरांत अपनी देहदान करके मानवता भलाई कार्यों की मिसाल बन गयी। परिजनों ने डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ.गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन रहनुमाई में चलाए जा रहे 178 मानवता भलाई कार्यों के तहत अमर सेवा मुहिम के तहत रविवार को सचखण्डवासी गुरदेव कौर इन्सां का चिकित्सा रिसर्च के लिए देहदान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उनकी देह मेड़ीकल कार्यों में शोध हेतु श्री सिद्धी विनायक मैडिकल कालेज एवं अस्पताल सम्भल उतरप्रदेश को दान कर दी गई। देहदान करने के लिए परिजनों, रिश्तेदारों, संबंधियों सहित डेरा सच्चा सौदा के सच्चे नम्र सेवादारों सदस्य,शाह सतनाम सिंह जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स संगठन के सेवादार शामिल रहे। फूलों से सजी एम्बुलेंस पर उनकी अंतिम यात्रा निकाली गयी। अंतिम यात्रा के दौरान सेवादारों ने 'माता गुरदेव कौर इन्सां अमर रहे','शरीर दान महादान', 'धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा', 'जब तक सूरज चाँद रहेगा गुरदेव कौर इन्सां का नाम रहेगा के गगनभेदी नारों से आसमान गुजांयमान कर दिया। काफी संख्या में पहुंची साध-संगत, रिश्तेदारों ने उनको नम आंखों से अंतिम विदाई दी।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पूर्व अंतिम विदाई के दौरान देहदानी गुरदेव कौर इन्सां की अर्थी को पवित्र नारा लगाकर विनती का शब्द बोलकर 'बेटा-बेटी एक समान' मुहिम के तहत पुत्रियों शान्ति,परमजीत कौर,वन्दना, तरनजीत,पुत्रवधू अमनदीप कौर,पुत्र गुरांदिता इन्सां, पौत्र इशमीत,अरमान ने उनकी अर्थी को कंधा दिया। इस मौके डेरा सच्चा सौदा के सच्चे नम्र सेवादार मनोहर लाल गोदारा इन्सां, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर संगठन से अमरजीत सिंह इन्सां, विक्की इन्सां, कुलवन्त इन्सां,दलीप सिंह इन्सां,मनजीत सिंह इन्सां,जसवीर सिंह इन्सां,बाबू सिंह इन्सां, पूर्व सरपंच मोदन सिंह, मंगल सिंह,कृष्ण माहर, राजेन्द्र करडवाल, भूपेंद्र निबिवाल, अजय मलेठिया सहित काफी तादाद में रिश्तेदार,ग्रामवासीयों साध-संगत ने दिवगंत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-09/body-donation.jpg" alt="Body Donation" width="1280" height="720"></img>
Body Donation: माता गुरदेव कौर इन्सां की पार्थिव देह मेडिकल शोध के लिए दान
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 21:20:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुरु प्रेरणा ने बनाया प्रेरणास्रोत, देहदान व नेत्रदान कर अमर हो गई प्रेमलता</title>
                                    <description><![CDATA[डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए ब्लॉक चूनावढ़ से दूसरा देहदान कर सेवादार प्रेमलता दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई। प्रेमलता की अंतिम इच्छा को ध्यान में रखते हुए परिजनों ने न केवल देहदान करवाया बल्कि अंधेरी जिंदगियों में रोशनी का उजाला करवाने के लिए नेत्रदान भी करवाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/guru-prerana-became-a-source-of-inspiration-premlata-became-immortal/article-90676"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/late-prem-lata.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए ब्लॉक चूनावढ़ से दूसरा देहदान कर सेवादार प्रेमलता दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई। प्रेमलता की अंतिम इच्छा को ध्यान में रखते हुए परिजनों ने न केवल देहदान करवाया बल्कि अंधेरी जिंदगियों में रोशनी का उजाला करवाने के लिए नेत्रदान भी करवाया। Sri Ganganagar News</p>
<p style="text-align:justify;">परिजनों ने चिकित्सा रिसर्च के लिए आईटीसी डेंटल कॉलेज व रिसर्च सेंटर नोएडा को नेत्रदान करवाएं तो अबोहर से आई नेत्र उत्सर्जन करने वाली टीम ने नेत्रदान करवाए। अंतिम विदाई के समय सच्चे नम्र सेवादार, परिजन, रिश्तेदार, ग्रामीणों सहित चूनावढ़ व रतेवाला की प्रेमी समितियां उपस्थित रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">देहदानी प्रेमलता के पति पवन खत्री ने बताया कि प्रेमलता इन्सां हार्ट अटेक के चलते मालिक की गोद में जा बिराजी जिस पर उनकी अंतिम इच्छा को ध्यान में रखते हुए डेरा सच्चा सौदा हैल्पलाईन पर देहदान के लिए सम्पर्क किया। हैल्पलाईन के माध्यम से चिकित्सा रिसर्च के लिए आईटीसी डेंटल कॉलेज व रिसर्च सेंटर नोएडा को देहदान करवाया गया। देहदान के साथ साथ अबोहर नेत्रदान कमेटी के मार्फत नेत्रदान करवाया । नेत्र उत्सर्जन के बाद शाह सतनाम जी स्पैशेलिटी अस्पताल सिरसा पहुंचाएं गए। Sri Ganganagar News</p>
<p style="text-align:justify;">देहदान के लिए अंतिम विदाई के लिए एम्बुलैंस को फूलों से सजाया गया। शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के सेवादारों ने डेरा मर्यादानुसार उनके निवास स्थान से बस स्टैंड तक धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा, प्रेमलता इन्सां अमर रहे के नारों से आसमान गुंजायमान कर दिया। सेवादारों ने देहदानी को सेल्यूट करते हुए एम्बुलेंस को रवाना किया।</p>
<p style="text-align:justify;">देहदानी को अंतिम विदाई देने के लिए पुत्र मुकेश इन्सां, राकेश इन्सां, बेटी पूजा सहित परिवार के रिश्तेदार, चूनावढ़, रतेवाला ब्लाक की प्रेमी समितियां, सच्चे नम्र सेवादार गोकुल इन्सां, गुरादिता इन्सां, सोहन लाल इन्सां, सुखविन्द्र सिंह इन्सां, प्रवीण इन्सां, मनीष इन्सां, सरोज इन्सां, सीमा इन्सां, ब्लॉक प्रेमी सेवक जगसीर सिंह, राजू धवन, प्रेमी सेवक सूरजभान, सुरजीत सिंह, जलंधर सिंह, मनोज, वीर सिंह, संजय नागपाल सहित साध संगत व चूनावढ़ के ग्रामीण उपस्थित रहे। Sri Ganganagar News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
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                <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 18:09:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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                <title>सीमा इन्सां: सांसें थमीं, लेकिन जाते-जाते भी नहीं थमा सेवा का सफर</title>
                                    <description><![CDATA[जिस शरीर से जिंदगी भर इंसानियत की सेवा की, उसी शरीर को दुनिया से विदा होने के बाद भी मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया गया। ब्लॉक कल्याण नगर की परमार्थ कॉलोनी निवासी 51 वर्षीय सीमा इन्सां पत्नी डॉ. राजकुमार इन्सां के निधन के बाद उनके परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी पार्थिव देह मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/seema-insans-breathing-stopped-but-the-journey-of-service-did/article-90638"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/seema-insan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सरसा, (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। जिस शरीर से जिंदगी भर इंसानियत की सेवा की, उसी शरीर को दुनिया से विदा होने के बाद भी मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया गया। ब्लॉक कल्याण नगर की परमार्थ कॉलोनी निवासी 51 वर्षीय सीमा इन्सां पत्नी डॉ. राजकुमार इन्सां के निधन के बाद उनके परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी पार्थिव देह मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर दी। डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत उनकी देह एनसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, इसराना (पानीपत) को सौंपी गई। सीमा इन्सां का सेवा भाव और परिवार का यह निर्णय समाज के सामने ऐसी मिसाल छोड़ गया, जिसमें जीवन के अंतिम पड़ाव के बाद भी दूसरों के लिए उपयोगी बनने का संदेश है। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि सीमा इन्सां ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्ररेणा पर चलते हुए जीते जी ही मरणोंपरांत शरीरदान का संकल्प लिया हुआ था। डिंग मंडी निवासी और वर्तमान में परमार्थ कॉलोनी में रह रहीं सीमा इन्सां पिछले कुछ समय से कैंसर के चलते अस्वस्थ थीं। वीरवार अलसुबह शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल में उनका निधन हो गया। इसके बाद परिजनों ने उनकी इच्छा के अनुरूप मरणोपरांत देहदान का निर्णय लिया। उनके आवास पर साध-संगत की ओर से अरदास की गई। इसके बाद फूलों से सजी एंबुलेंस में उनकी पार्थिव देह रखकर शाह मस्ताना जी-शाह सतनाम जी धाम डेरा सच्चा सौदा सरसा तक अंतिम विदाई यात्रा निकाली गई। </p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों और साध-संगत ने जब तक सूरज चांद रहेगा, शरीरदानी सीमा इन्सां तेरा नाम रहेगा और शरीरदानी सीमा इन्सां अमर रहें के जयघोष लगाए। डेरा सच्चा सौदा के मुख्य गेट से धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा का इलाही नारा लगाकर नम आंखों से एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया। अंतिम विदाई के दौरान रास्ते में लोगों ने पुष्पवर्षा कर सीमा इन्सां को श्रद्धासुमन अर्पित किए। Sirsa News</p>
<h3 style="text-align:justify;">दुख की घड़ी में भी परिवार ने लिया सेवा का संकल्प</h3>
<p style="text-align:justify;">सच्चे नम्र सेवादार राकेश बजाज इन्सां और कल्याण नगर ब्लॉक के ब्लॉक प्रेमी सेवक मा. सतीश इन्सां ने कहा कि सीमा इन्सां और उनका परिवार हमेशा मानवता भलाई के कार्यों में आगे रहा है। बीमारी के दौरान भी सीमा इन्सां सेवा कार्यों से जुड़ी रहीं। उन्होंने कहा कि दुख की घड़ी में भी परिवार ने देहदान का निर्णय लेकर समाज के सामने गुरुमुखता और मानवता भलाई का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अंतिम विदाई में शामिल हुई साध-संगत</h3>
<p style="text-align:justify;">सीमा इन्सां की अंतिम विदाई में सच्चे नम्र सेवादार बहन-भाई, कल्याण नगर, सरसा, शाह सतनाम जी नगर, शाह सतनाम जी पुरा सहित कई ब्लॉकों की साध-संगत, सच्ची प्रेमी समिति के सेवादार और उनके रिश्तेदार मौजूद रहे। Sirsa News</p>
<h3 style="text-align:justify;">मानवता भलाई कार्यों में रहती थीं अग्रणी</h3>
<p style="text-align:justify;">सीमा इन्सां ने परम पिता शाह सतनाम जी महाराज से गुरुमंत्र प्राप्त किया था। वह हमेशा मानवता भलाई के कार्यों में अग्रणी रहती थीं। उन्होंने शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल में शिक्षिका के रूप में भी सेवाएं दीं। उनके निधन से परिवार और साध-संगत में शोक की लहर है। वह अपने पीछे पति डॉ. राजकुमार इन्सां, बेटा अनमोल इन्सां, पुत्री पलक इन्सां सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गईं। Sirsa News</p>
<h3 style="text-align:justify;">बेटा-बेटी एक समान का संदेश भी दिया</h3>
<p style="text-align:justify;">डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान शिक्षा को आगे बढ़ाते हुए सीमा इन्सां की बेटी पलक इन्सां, बेटे अनमोल इन्सां और अन्य परिजनों ने अर्थी को कंधा दिया। परिवार के इस कदम ने बेटियों की समान भागीदारी और बेटा-बेटी में किसी तरह का भेदभाव न करने का संदेश दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-09/body-donation-seema.jpg" alt="Body-Donation-Seema" width="1000" height="563"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 08:48:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कैथल ब्लॉक के दलीप इन्सां मरणोंपरांत देहदान कर हुए अमर </title>
                                    <description><![CDATA[जीते जी-रक्तदान तो मरणोपरांत नेत्रदान व देहदान कर डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी समाज में मानवता की अनुकरणीय मिसाल पेश कर रहे हैं। ब्लॉक कैथल से देहदानियों की लिस्ट में एक और नाम जुड़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/dalip-insan-of-kaithal-block-became-immortal-by-donating-his-body-after-death/article-90543"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/dalip-insan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कैथल, (सच कहूँ/ कुलदीप नैन)।</strong> जीते जी-रक्तदान तो मरणोपरांत नेत्रदान व देहदान कर डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी समाज में मानवता की अनुकरणीय मिसाल पेश कर रहे हैं। ब्लॉक कैथल से देहदानियों की लिस्ट में एक और नाम जुड़ गया है। ब्लॉक कैथल के जोन न. 2, खुराना रोड निवासी प्रेमी दलीप सिंह इन्सां (76 वर्ष) अपनी स्वांसों रुपी पूंजी पूरी कर कुल मालिक के चरणों में जा विराजे है। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए उनकी अंतिम इच्छा को पूर्ण करते हुए और पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए परिजनों ने डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाए जा रहे मानवता भलाई के कार्यों में से एक ‘अमर सेवा’ मुहिम (चिकित्सा व शोध कार्यों के लिए मरणोपरांत शरीरदान) के तहत उनका शरीर नोएडा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, ग्रेटर नोएडा, गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश को दान किया गया और उनकी आंखें सेवा संघ कैथल को दान की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">सचखंड वासी के पुत्र जितेंद्र इन्सां और तिलक राज ने बताया कि उनके पिता दलीप सिंह इन्सां ने अपने जीते जी मरणोपरांत शरीरदान का फार्म भरा हुआ था। शरीरदानी दलीप सिंह इन्सां ने अपने पूरे परिवार को पूज्य गुरु जी की प्रेरणानुसार इन्सानियत की राह में लगाया व अपने परिवार को मानवता भलाई के हर कार्य में अग्रणी रखा। सचखंड वासी दलीप सिंह इन्सां ने 1978 में पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज से नाम की अनमोल दात प्राप्त की और उसके बाद लगातार डेरा सच्चा सौदा में सेवा की। उन्होंने विशेष तौर पर पलम्बर सेवा कार्य में योगदान दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">डेरा सच्चा सौदा की मुहिम बेटा बेटी एक समान के तहत बेटी पिंकी, अंजू, नीलम व पुत्रवधू बलवीर कौर ने सचखंडवासी की अर्थी को कंधा दिया। उनकी अंतिम यात्रा के समय ब्लॉक के शरीरदानी के परिवारजनों तथा साध-संगत ने विनती भजन बोलकर व शरीरदानी दलीप सिंह इन्सां अमर रहे, अमर रहे के नारे लगाकर पूरे सम्मान के साथ उनकी पार्थिव देह को एम्बुलेंस में विदा किया। Kaithal News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
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                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
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                <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 10:22:20 +0530</pubDate>
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                <title>Body Donation: रोड़ी ब्लॉक की महिंदर कौर इन्सां बनीं गांव की तीसरी शरीरदानी</title>
                                    <description><![CDATA[रोड़ी ब्लॉक के गांव झोरड़रोही निवासी करीब 90 वर्षीय माता महिंदर कौर इन्सां के निधन के बाद उनके बेटों ने अपनी मां की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए उनका पार्थिव देह मेडिकल शोध कार्यों के लिए दान कर दी। साध संगत व गणमान्य लोगों ने फूलों से सजी गाड़ी में महिंदर कौर की अंतिम विदाई दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/body-donation--mahinder-kaur-insan-from-rori-block-becomes-the-village-s-third-body-donor/article-90260"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/mahinder-kaur.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ओढ़ां, (सच कहूँ/राजू)। रोड़ी ब्लॉक के गांव झोरड़रोही निवासी करीब 90 वर्षीय माता महिंदर कौर इन्सां के निधन के बाद उनके बेटों ने अपनी मां की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए उनका पार्थिव देह मेडिकल शोध कार्यों के लिए दान कर दी। साध संगत व गणमान्य लोगों ने फूलों से सजी गाड़ी में महिंदर कौर की अंतिम विदाई दी। माता महिंदर कौर इन्सां बुधवार अलसुबह हृदयगति रूकने के चलते सचखंड जा विराजी थीं। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">महिंदर कौर इन्सां ने कुछ समय पहले ही अपने परिवार को अपने मरणोपरांत शरीरदान करने की इच्छा से अवगत करवा दिया था। उनके बेटों भोला सिंह इन्सां, गुरजीत सिंह इन्सां व गुरमीत सिंह इन्सां ने मां की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए शरीरदान का संकल्प लिया। परिवार के अनुसार माता महिंदर कौर इन्सां लंबे समय से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी हुई थीं और उन्होंने काफी समय तक सच्ची लंगर समिति व सच्ची पहरा समिति में सेवा भी की।</p>
<p style="text-align:justify;">उनके पार्थिव देह को मेडिकल शोध कार्यों के लिए मानव रचना डेंटल कालेज फरीदाबाद को दान किया गया। महिंदर कौर इन्सां को अंतिम विदाई के लिए उनके परिजन, रिश्तेदार व गणमान्य लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। महिंदर कौर इन्सां की पार्थिव देह को फूलों से सजी गाड़ी में पुष्पवर्षा एवं इलाही नारों के साथ रवाना किया गया। Sirsa News</p>
<h3 style="text-align:justify;">गांव की तीसरी शरीरदानी होने का गौरव हासिल हुआ</h3>
<p style="text-align:justify;">उनकी अर्थी को कंधा उनकी बेटी रानी इन्सां, जसवीर कौर इन्सां व पुत्रवधु गुरदीप कौर इन्सां, लवप्रीत इन्सां व परमजीत कौर इन्सां ने दिया। इस मौके पर मौजूद ब्लॉक प्रेमी सेवक पवन इन्सां ने बताया की माता महिंदर कौर इन्सां ने पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज से नाम शब्द लिया हुआ था। वह सेवा सुमिरन के अलावा परहित के कार्यों में हमेशा अग्रणी रहती थी। माता महिंदर कौर इन्सां को गांव की तीसरी शरीरदानी का गौरव हासिल हुआ है। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि उनका यह पुनीत कार्य आने वाली पीढ़ियों को मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। ग्राम सरपंच कुलविंद्र कौर ने कहा कि मरणोपरांत शरीरदान समाजहित में किया गया महान कार्य है। Sirsa News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 07:01:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Panipat News: सेवा का कारवां निरंतर-निर्बाध रूप से चला, प्राकृतिक आपदा भी नहीं बन पाई बाधा!</title>
                                    <description><![CDATA[पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने एक बार फिर मानवता का फर्ज निभाते हुए 86 वर्षीय माता बाला रानी इन्सां का देहदान कराया। मूसलाधार बारिश और सड़कों पर करीब तीन फुट तक पानी भरा होने के बावजूद सेवा का कारवां नहीं रुका और माता की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए उनका शरीर मेडिकल शोध कार्यों के लिए दान किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/panipat-news-caravan-of-service-continued-uninterrupted-even-natural-calamity/article-89247"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/bala-rani-insan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पानीपत, (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने एक बार फिर मानवता का फर्ज निभाते हुए 86 वर्षीय माता बाला रानी इन्सां का देहदान कराया। मूसलाधार बारिश और सड़कों पर करीब तीन फुट तक पानी भरा होने के बावजूद सेवा का कारवां नहीं रुका और माता की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए उनका शरीर मेडिकल शोध कार्यों के लिए दान किया गया। पानीपत के ब्लॉक काबड़ी के गोपाल कालोनी निवासी 86 वर्षीय माता बाला रानी इन्सां अब इस रूप में याद रहेंगी। </p>
<p style="text-align:justify;">उनकी आखिरी ख्वाहिश के अनुसार मंगलवार को बाला रानी इन्सां के देहांत के बाद स्वजनों ने डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाओं पर चलते हुए फरीदाबाद स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सरकारी मेडिकल कॉलेज को उनका देहदान किया। </p>
<p style="text-align:justify;">अब उनका शरीर मेडिकल छात्रों के लिए परीक्षण में काम आएगा। जानकारी के मुताबिक गोपाल कॉलोनी निवासी माता बाला रानी इन्सां पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थीं और वे सोमवार को सचखंड जा विराजी। उनके मरणोपरांत उनके स्वजनों ने उनकी आखिरी ख्वाहिश को पूरा करते हुए ब्लॉक काबड़ी के सहयोग से माता बाला रानी इन्सां की देह को मेडिकल शोध कार्यों के लिए फरीदाबाद स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सरकारी मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बेटियों ने दिया अर्थी को कंधा</h3>
<p style="text-align:justify;">डेरा सच्चा सौदा की 'बेटा-बेटी एक समान' मुहिम को आगे बढ़ाते हुए सचखंडवासी माता बाला रानी इन्सां की पुत्री राजो, कमलेश, सुनीता, कांता, सरोज तथा पौत्रवधू अनिता इन्सां ने माता की अर्थी को कंधा दिया। इस मुहिम की कॉलोनीवासियों ने काफी सराहना की। इस मौके पर पुत्र बलवीर इन्सां, पौत्र सुनील इन्सां, डेरा सच्चा सौदा के सच्चे नम्र सेवादार रमेश इन्सां, राहुल इन्सां, ब्लॉक प्रेमी सेवक सोनू इन्सां, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स, काबड़ी ब्लॉक की साध-संगत के साथ कॉलोनीवासी और माता के परिजन मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 09:04:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Blood Donation: गढ़ी ब्लॉक के सेवादार ने निभाया मानवता का फर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए साध संगत जीते जी तो मानवता भलाई कार्यों में हमेशा अग्रणी रहती ही है, लेकिन ये मरणोपरांत भी मानवता के काम आते है। ऐसा ही अनुकरणीय उदाहरण ब्लॉक पानीपत के मॉडल टाउन निवासी 47 वर्षीय दीपक इन्सां पुत्र कृष्ण गोपाल शर्मा ने प्रस्तुत किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/blood-donation-the-servant-of-garhi-block-fulfilled-the-duty/article-88418"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/ajaypal-insan-bdaan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Blood Donation: गढ़ी (हिसार), (सच कहूँ/मुकेश)। डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाई जा रही मानवता भलाई की मुहिम के तहत गढ़ी ब्लॉक के सेवादार अजयपाल इन्सां ने जरूरतमंद मरीज के लिए 13वीं बार रक्तदान कर मानवता का परिचय दिया। उन्होंने शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल, सरसा में पूज्य बापू मग्घर सिंह जी इंटरनेशनल ब्लड सेंटर में पहुंचकर रक्तदान किया। अजयपाल इन्सां ने कहा कि रक्तदान से बढ़कर कोई दान नहीं है। उन्होंने बताया कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से डेरा सच्चा सौदा के सेवादार नियमित रूप से जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान कर इंसानियत का फर्ज निभा रहे हैं। उन्होंने स्वस्थ लोगों से भी नियमित रक्तदान कर जरूरतमंदों की जान बचाने की अपील की। Hisar News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 16:18:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Body Donation: रामनाथ इन्सां की अंतिम इच्छा हुई पूरी, मेडिकल शिक्षा के लिए समर्पित हुआ पार्थिव शरीर</title>
                                    <description><![CDATA[तिम विदाई भी ऐसी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन और ज्ञान का आधार बने। गांव मसीतां निवासी तथा डेरा सच्चा सौदा के सेवादार किशोर इन्सां एवं अमरजीत कौर इन्सां के पिता 86 वर्षीय रामनाथ इन्सां की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनके परिवार ने उनका पार्थिव शरीर मेडिकल शिक्षा एवं शोध कार्य के लिए समर्पित कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/body-donation-ramnath-insans-last-wish-fulfilled-body-dedicated-for/article-88395"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/ramnath-insan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">डबवाली/गोरीवाला (सरसा), (सच कहूँ/गुरसाहिब इन्सां/सुभाष/अनिल)। अंतिम विदाई भी ऐसी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन और ज्ञान का आधार बने। गांव मसीतां निवासी तथा डेरा सच्चा सौदा के सेवादार किशोर इन्सां एवं अमरजीत कौर इन्सां के पिता 86 वर्षीय रामनाथ इन्सां की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनके परिवार ने उनका पार्थिव शरीर मेडिकल शिक्षा एवं शोध कार्य के लिए समर्पित कर दिया। इसके साथ ही रामनाथ इन्सां के परिवार में देहदान की संख्या 7 और गांव मसीतां में 20 पहुंच गई। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">मानवता की सेवा के लिए यह परिवार पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन चुका है। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से किए गए, इस महादान ने एक बार फिर समाज को सेवा, समर्पण और परोपकार का संदेश दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामनाथ इन्सां शनिवार 18 जुलाई की रात्रि अपने सांसारिक जीवन की यात्रा पूर्ण कर मालिक की गोद में सचखंड जा विराजे। उन्होंने पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज से नाम-शब्द की अनमोल दात प्राप्त की थी और जीवनभर सेवा, परोपकार तथा मानवता भलाई के कार्यों में सक्रिय रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">उनकी अंतिम इच्छा के अनुरूप परिवारजनों ने उनका पार्थिव शरीर गुरुग्राम स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह त्रिशताब्दी मेडिकल कॉलेज को मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए समर्पित कर दिया। रविवार को फूलों से सजी एंबुलेंस में उनके पार्थिव शरीर को गांव से गुरुग्राम के लिए रवाना किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में आस-पास के ब्लॉकों की साध-संगत, सेवादारों और ग्रामीणों ने भावभीनी विदाई दी। इस दौरान देहदानी रामनाथ इन्सां अमर रहें तथा जब तक सूरज-चांद रहेगा, देहदानी रामनाथ इन्सां तेरा नाम रहेगा जैसे गगनभेदी नारों से वातावरण गूंज उठा। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान मुहिम के तहत परिवार की बेटियों, पुत्रवधुओं सहित महिलाओं ने भी अर्थी को कंधा देकर समाज में महिला सम्मान और समानता का संदेश दिया। रामनाथ इन्सां अपने पीछे पुत्र किशोर चंद इन्सां व दिशोर चंद इन्सां, पुत्रवधू परमजीत कौर इन्सां, बेटियां बिंदरपाल इन्सां, परमजीत कौर इन्सां एवं अमरजीत इन्सां, दामाद कालाराम इन्सां व प्रेमचंद इन्सां सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इस अवसर पर ब्लॉक प्रेमी सेवक भिंदर इन्सां, डबवाली ब्लॉक प्रेमी सेवक गोबिंद इन्सां, गांव के प्रेमी सेवक खेमचंद इन्सां, सच्चे नम्र सेवादार अमरजीत इन्सां, जितेंद्रवीर इन्सां, सुरजीत सिंह इन्सां, करनैल सिंह इन्सां, धनराज इन्सां सहित शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादार, साध-संगत, गणमान्य नागरिक, परिजन एवं रिश्तेदार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सेवा और आज्ञाकारिता की मिसाल थे रामनाथ इन्सां</h3>
<p style="text-align:justify;">रामनाथ इन्सां के भतीजे लखविंदरजीत सिंह इन्सां ने बताया कि उनके ताया जी अक्सर सेवा से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंग सुनाया करते थे। उन्होंने बताया कि शाह मस्ताना जी धाम में सचखंड हॉल के निर्माण के दौरान पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज ने साध-संगत को अगले रविवार सेवा में अपने साथ बठल और कस्सी लाने के वचन फरमाए। निर्धारित दिन अधिकांश सेवादार बिना बठल-कस्सी के पहुंचे, जबकि गांव मसीतां के दो भाई जगन्नाथ इन्सां और रामनाथ इन्सां गुरु आदेश का पालन करते हुए बठल और कस्सी साथ लेकर सेवा में पहुंचे। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">जब सेवा की गति धीमी होने का कारण पूछा गया तो भाई मोहन लाल इन्सां ने बताया कि केवल यही दोनों भाई गुरु आदेश के अनुसार आवश्यक सामान साथ लेकर आए हैं। यह सुनकर पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज ने फरमाया कि सचखंड से आए विशेष फलों के प्रसाद के वास्तविक हकदार यही दोनों सेवादार हैं। इसके बाद विशेष प्रसाद केवल जगन्नाथ इन्सां और रामनाथ इन्सां को ही प्रदान किया गया। यह प्रसंग उनकी आज्ञाकारिता, सेवा भावना और गुरु आदेश के प्रति अटूट समर्पण का जीवंत उदाहरण माना जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">देहदान को बताया महादान</h3>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर गांव के सरपंच जगजीत सिंह तथा जेजेपी नेता सर्वजीत सिंह मसीतां ने संयुक्त रूप से कहा कि रामनाथ इन्सां का परिवार धार्मिक, समाजसेवी और मानवता भलाई कार्यों में सदैव अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि  देहदान महादान है, क्योंकि मेडिकल कॉलेजों में दान किए गए पार्थिव शरीरों पर अध्ययन और शोध के माध्यम से भावी चिकित्सक चिकित्सा विज्ञान की बारीकियां सीखते हैं और आगे चलकर समाज की बेहतर सेवा करते हैं। उन्होंने परिवार के इस प्रेरणादायक देहदान की सराहना करते हुए कहा कि यह पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा दी गई मानवता भलाई की शिक्षाओं का ही परिणाम है कि श्रद्धालु ऐसे सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/gaon-sarpanch.jpg" alt="Gaon-Sarpanch" width="1218" height="648"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 21:39:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Body Donation: अमर सेवा मुहिम के तहत 45 वर्षीय दीपक शर्मा इन्सां का परिजनों ने करवाया शरीर दान</title>
                                    <description><![CDATA[पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत जीते-जी तो मानवता भलाई कार्यों में हमेशा अग्रणी रहती ही है, लेकिन ये मरणोपरांत भी मानवता के काम आते है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/under-the-amar-seva-campaign-the-family-of-45-year/article-88363"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/body-donation.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पानीपत (सच कहूँ/सन्नी कथूरियां)।</strong> Body Donation: पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत जीते-जी तो मानवता भलाई कार्यों में हमेशा अग्रणी रहती ही है, लेकिन ये मरणोपरांत भी मानवता के काम आते है। ऐसा ही अनुकरणीय उदाहरण ब्लॉक पानीपत के माडल टाउन निवासी 47 वर्षीय दीपक इन्सां पुत्र कृष्ण गोपाल शर्मा ने प्रस्तुत किया। उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए परिजनों ने मरणोपरांत उनकी पार्थिव देह मेडिकल शोध कार्यों के लिए दान कर मानवता की मिसाल कायम की।</p>
<p style="text-align:justify;">उनके इस सेवाभावी कार्य की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। सच्चे नम्र सेवादार राजेश इन्सां ने बताया कि डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत दीपक इन्सां की पार्थिव देह प्रसाद इंस्टिट्यूट आॅफ मेडिकल साइंस सराय शहजादी बंथरा, कानपुर रोड लखनऊ को मेडिकल शोध कार्यों के लिए दान की गई। दीपक इन्सां की बेटी अर्ज इन्सां, अंशिका इन्सां ने बताया कि उनके पिता हमेशा मानवता की सेवा को सर्वोपरि मानते थे। उनकी इच्छा थी कि मरणोपरांत उनका शरीर समाज के काम आए, जिसे परिवार ने पूरा किया। शरीरदान से पूर्व उनकी पार्थिव देह को फूलों से सजी एंबुलेंस में रखा गया। इस दौरान डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों, साध-संगत, परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। डेरा सच्चा सौदा सिरसा की ओर से अब तक कुल 2824 शरीर दान हो चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मॉडल टाउन निवासी जिला उपाध्यक्ष नवीन भाटिया ने कहा डेरा सच्चा सौदा के अनुयाई ने आज जो यह महान कार्य किया है इसमें लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाई जा रही शरीरदान मुहिम सराहनीय है। ऐसे कार्य समाज में नई दिशा देते हैं</p>
<p style="text-align:justify;">जन सेवा दल के सदस्य चमन लाल गुलाटी ने दीपक इन्सां को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि शरीरदान एक महान कार्य है। दान किया गया शरीर मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के शोध और अध्ययन में सहायक बनेगा। इससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ मिलेगा और मानवता की भलाई का यह कार्य हमेशा याद रखा जाएगा। आज दीपक इन्सां ने आखेदान कर दो अंधेरी जिंदगी को रोशनी देने का काम भी किया है। </p>
<h4 style="text-align:justify;">बेटियों  ने दिया अर्थी को कंधा</h4>
<p style="text-align:justify;">डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान मुहिम के तहत दीपक इन्सां की बेटी अर्ज इन्सां, अंशिका इन्सां ने अर्थी को कंधा दिया। इस दौरान यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए भावुक और प्रेरणादायक रहा।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/body-donation.jpg" alt="Body Donation" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 17:23:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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                <title>Body Donation: लेकर कहाँ कुछ वापिस जाना, ये शरीर भी दान है... </title>
                                    <description><![CDATA[पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत लगातार मानवता भलाई के 176 कार्य कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/where-to-return-with-something-this-body-is-also-a/article-88136"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/bathinda-news1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बठिंडा (सच कहूँ/सुखनाम)।</strong> Bathinda News: पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत लगातार मानवता भलाई के 176 कार्य कर रही है। इसी कड़ी के तहत मंगलवार को ब्लॉक बठिंडा के एरिया परस राम नगर-ए में ‘अमर सेवा अभियान’ के तहत डेरा श्रद्धालु के मरणोपरांत उसका शरीरदान किया गया। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह अपनी स्वासों रूपी पूंजी पूरी कर कुल मालिक के चरण कमलों में सचखंड जा विराजीं ब्लॉक बठिंडा के एरिया परस राम नगर-ए की सेवादार सीता देवी इन्सां (70 वर्ष) पत्नी काहन चंद इन्सां, निवासी गली नंबर 10/5, परस राम नगर, बठिंडा ने ब्लॉक बठिंडा की 132वीं शरीरदानी बनने का गौरव प्राप्त किया।</p>
<p style="text-align:justify;">माता सीता देवी इन्सां के मरणोपरांत उनके पति काहन चंद इन्सां, पुत्र जसकरण राम इन्सां, सेवादार सच्ची मिस्त्री समिति, एल.डी. शर्मा, पुत्री जसवीर इन्सां, पुत्रवधूएँ अमनप्रीत इन्सां (सच्ची प्रेमी समिति सेवादार), बिन्द्र पाल शर्मा तथा अन्य परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए अंतिम संस्कार करने के बजाय उनका पार्थिव शरीर चिकित्सा अनुसंधान के लिए दान कर दिया। जसकरण राम इन्सां ने बताया कि उनकी माता सीता देवी इन्सां ने वर्ष 1971 में पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज से नाम की अनमोल दात प्राप्त की थी। उन्होंने बताया कि माता जी ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए मरणोपरांत चिकित्सा अनुसंधान के लिए देहदान करने का संकल्प लिया था। उनके इस संकल्प को पूरा करते हुए आज परिवार ने अंतिम संस्कार करने के बजाय उनका पार्थिव शरीर श्री सिद्धि विनायक मेडिकल कॉलेज, संभल (उत्तर प्रदेश) को चिकित्सा अनुसंधान हेतु दान कर दिया, जहाँ मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थी मानव शरीर पर अध्ययन एवं शोध करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मृतका के निवास स्थान से बड़ी संख्या में रिश्तेदारों, साध-संगत तथा शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के सदस्यों ने ‘माता सीता देवी इन्सां अमर रहें’ तथा ‘देहदान महादान’ के नारों के बीच पुष्पों से सुसज्जित एम्बूलैंस के माध्यम से काफिले के रूप में उन्हें अंतिम विदाई दी। इससे पूर्व डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाई जा रही ‘बेटा-बेटी एक समान’ की परंपरा निभाते हुए माता सीता देवी इन्सां की पुत्री जसवीर इन्सां व पुत्रवधुओं अमनप्रीत इन्सां व बिन्द्रपाल शर्मा ने भी अर्थी को कंधा दिया। इस मौके सच्चे नम्र सेवादार गुरमेल सिंह इन्सां, इंजीनियर बारा सिंह इन्सां, मेघ राज इन्सां, एरिया प्रेमी सेवक रेशम सिंह इन्सां, सच्ची प्रेमी समिति सेवादार गुरचरण सिंह इन्सां, प्रह्लाद इन्सां, हरीकृष्ण इन्सां, लविश इन्सां, प्रेमी सेवक कमलेश इन्सां, सच्ची प्रेमी समिति की बहनें रमा इन्सां, कमलेश इन्सां, रजनी इन्सां, सिमरन इन्सां सहित बड़ी संख्या में साध-संगत उपस्थित रही।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/bathinda-news1.jpg" alt="Bathinda News" width="1280" height="720"></img>
Bathinda News: पार्थिव शरीर को लेकर जा रही एंबुलेंस को रवाना करते हुए परिजन, जिम्मेवार सेवादार तथा बड़ी संख्या में उपस्थित साध-संगत व माता सीता देवी इन्सां की फाईल फोटो। छाया सुखनाम 

<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 15:23:07 +0530</pubDate>
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