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                <title>मिड डे मील की क्वालिटी जांचने सरप्राइज विजिट पर स्कूल पहुंचे कलेक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[बच्चों के साथ किया लंच, शोसल मिडिया पर लोगों ने सराहा नेशनल डेस्क, अलाप्पुझा, एजेंसी। केरल के अलाप्पुझा जिले के कलेक्टर एस सुहास की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। ऐसा कारनामा किया जिसे लोगों ने भी खुब सराहा। दरअसल सुहास पिछले दिनों नीर्कुन्नम के एक सरकारी स्कूल के सरप्राइज विजिट पर पहुंचे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/mid-day-meal-quality-checking-collector/article-4464"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/kj-copy-2.jpg" alt=""></a><br /><h1>बच्चों के साथ किया लंच, शोसल मिडिया पर लोगों ने सराहा</h1>
<p><strong>नेशनल डेस्क, अलाप्पुझा, एजेंसी।</strong></p>
<p>केरल के अलाप्पुझा जिले के कलेक्टर एस सुहास की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। ऐसा कारनामा किया जिसे लोगों ने भी खुब सराहा। दरअसल सुहास पिछले दिनों नीर्कुन्नम के एक सरकारी स्कूल के सरप्राइज विजिट पर पहुंचे थे, स्कूल में मिड डे मिल का खाना जांचने पहुंचे थे कलेक्टर। इस दौरान उन्होंने मिड डे मील की क्वालिटी चेक करने के लिए बच्चों के साथ लंच भी किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से पढ़ाई के बारे में भी बात की। कलेक्टर के मुताबिक उन्हें लगातार स्कूलों में मिड डे मील को लेकर शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद उन्होंने खुद क्वालिटी चेक करने के लिए सरप्राइज विजिट का फैसला किया।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Jun 2018 14:07:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जरूरी है मानसिक और शारीरिक संतुलन</title>
                                    <description><![CDATA[संतुलन दुनिया के तमाम तत्वों, व्यक्तियों, स्थलों और परिस्थितियों के लिए नितान्त जरूरी है तभी सभी अपने अस्तित्व और गुणवत्ता को बरकरार रख सकते हैं। इसी प्रकार इंसान के मन-मस्तिष्क और शरीर में संतुलन जरूरी है। पुरुषार्थ चतुष्टय के चार पायों धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष हैं और इनमें भी आनुपातिक संतुलन बने रहना जरूरी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/mental-and-physical-balance-essential/article-3227"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/health1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">संतुलन दुनिया के तमाम तत्वों, व्यक्तियों, स्थलों और परिस्थितियों के लिए नितान्त जरूरी है तभी सभी अपने अस्तित्व और गुणवत्ता को बरकरार रख सकते हैं। इसी प्रकार इंसान के मन-मस्तिष्क और शरीर में संतुलन जरूरी है। पुरुषार्थ चतुष्टय के चार पायों धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष हैं और इनमें भी आनुपातिक संतुलन बने रहना जरूरी है। सृष्टि के पंच तत्वों की बात हो या फिर किसी भी ग्रह-नक्षत्र, तारों और आकाशगंगाओं की, सभी अपनी-अपनी धुरी पर निरन्तर चलायमान रहें, अपने कर्म करते रहें, इसके लिए यह जरूरी है कि इनकी शक्तियों और प्रवाह में आवश्यक संतुलन हर क्षण बना रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">इंसान के लिए जितना बैठकर काम करना जरूरी है उतना चलना भी जरूरी है। जो लोग बैठे ही बैठे रहते हैं, अपनी कुर्सियों और व्हीलचेयर्स में धँसे ही रहते हैं उन लोगों को भी चलना-फिरना, हिलना-डुलना जरूरी है और जो लोग चलते-फिरते और शारीरिक परिश्रम के काम करते हैं उन लोगों के लिए विश्राम जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">सृष्टि का हर तत्व जड़ और जीवन्त के चक्र से होकर गुजरता रहता है। जो आज स्थिर है वह कल चलायमान दिखेगा, जो आज चलायमान है वह कल जड़ भी हो सकता है। केवल इंसानों की ही बात करें तो हर व्यक्ति के लिए यह जरूरी है कि वह अपने दिल-दिमाग को भी चलाए और शरीर को भी। इनके संचालन की आनुपातिक निरन्तरता होने पर ही व्यक्ति स्वस्थ और मस्त रह सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक जगह बैठे-बैठे केवल दिमाग ही चलता रहे, दिल की लहरें उठती रहें और शरीर स्थिर पड़ा रहे, जरा भी हिलने-डुलने की आदत खत्म हो जाए, उस स्थिति में दिमागी काम तो हो सकते हैं लेकिन शरीर अपनी जीवन्तता को एक समय तक बनाए रखने की हरचन्द कोशिश करता है, लेकिन कालान्तर में एक स्थिति ऐसी आती है कि शरीर मन की भावनाओं और मस्तिष्क के आदेशों का अक्षरश: पालन करना छोड़ देता है और उन्मुक्त हो उठता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह वह अवस्था होती है जब हमें लगता है कि हमारा शरीर अपने आप को बोझ मानने लगा है और अब इसका कोई उपयोग अपनी संकल्प शक्ति से कर पाना मुश्किल है।<br />
उसी तरह शारीरिक श्रम करने वाले लोग चाहे दिन-रात कितना ही श्रम कर लें, लेकिन आत्मसंतुष्टि उन्हें तभी प्राप्त हो पाती है जब वे विश्राम या मानसिक आनंद पाने के मूड़ में होते हैं और मानसिक थकान उतारने के जतन में लगे हुए हों।</p>
<p style="text-align:justify;">मानसिक और शारीरिक संतुलन हर अवस्था में जरूरी होता है। एक सामान्य इंसान के लिए मानसिक और शारीरिक श्रम का औसत अनुपात बना रहता है लेकिन आधिक्य की स्थिति में यह संतुलन गड़बड़ा जाता है। जो लोग जितना अधिक मानसिक परिश्रम करते हैं उन्हें रिलेक्स होने के लिए उतने ही अधिक अनुपात में शारीरिक आनंद और सुकून की आवश्यकता पड़ती है और यही कारण है कि प्रकृति के करीब जाकर इन्हें आनंद और सुकून की प्राप्ति होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि यह शैथिल्य, रिलेक्सेशन और आनंद प्राप्त न हो पाए तो ये लोग चिड़चिड़े, क्रोधी और अन्त में उन्मादी अवस्था को प्राप्त हो जाते हैं जो इनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व के लिए हमेशा आत्मघाती सिद्ध होता है। इसलिए जीवन में हमेशा मानसिक और शारीरिक संतुलन के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए।</p>
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                <pubDate>Fri, 18 Aug 2017 23:02:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ज्यादा नहीं हैल्दी खाओ</title>
                                    <description><![CDATA[यदि हम घर की बनी दाल, सब्जी, रोटी खाते हैं तो वह हमारे शरीर को कमजोर नहीं बनाती पर कभी कभी शरीर में कुछ विटामिन्स व मिनरल्स की कमी पैदा हो जाती है क्योंकि हमें बैलेंस्ड डाइट के बारे में पूर्ण जानकारी नहीं होती। हम दो मुख्य आहार तो ठीक ले लेते हैं पर नाश्ता […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/health-tips-quality-more-important-then-quantity/article-1393"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/healthy-food.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">यदि हम घर की बनी दाल, सब्जी, रोटी खाते हैं तो वह हमारे शरीर को कमजोर नहीं बनाती पर कभी कभी शरीर में कुछ विटामिन्स व मिनरल्स की कमी पैदा हो जाती है क्योंकि हमें बैलेंस्ड डाइट के बारे में पूर्ण जानकारी नहीं होती।</p>
<p style="text-align:justify;">हम दो मुख्य आहार तो ठीक ले लेते हैं पर नाश्ता और दो खानों के बीच में भूख लगने पर पौष्टिक आहार का ध्यान न रखकर जो मन में आता है या जो घर पर या आॅफिस में मिलता है, बिना सोचे खाकर पेट भर लेते हैं। अगर हम अधिक खाने के स्थान पर हैल्दी व बैलेंस्ड खाना खाएं तो हम स्वस्थ रह सकते हैं। डाइटीशियंस द्वारा कुछ हैल्थ फूड बताए गए हैं जिन्हें हम नियमित लेकर स्वयं को स्वस्थ रख सकते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ड्राई फू्रट्स:-</h2>
<p style="text-align:justify;">ड्राई फू्रट्स में बादाम और अखरोट शरीर को बहुत ऊर्जा देते हैं पर हमेशा ड्राई फू्रट्स बिना रोस्ट वाले और बिना नमक वाले खाएं। एक मुट्ठी नट्स नियमित रूप से लें। दिनभर शरीर एनर्जेटिक रहेगा और मोटापा भी नहीं बढ़ेगा। बादाम और अखरोट में रेशा भी काफी होता है। इसके इलावा प्रोटीन, मिनरल्स और फैट होते हैं जो शरीर को लाभ देते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सेब:-</h2>
<p style="text-align:justify;">सेब ‘फुल आॅफ एनर्जी’ फूड है। इसमें फाइबर की मात्रा काफी होती है। मीठा होने के साथ कार्बोहाईड्रेट की मात्रा सीमित होती है और आयरन भी होता है। भूख शांत करता है और शरीर को ऊर्जा देता है क्योंकि इसके छिलकों में पेक्टिन सॉल्यूबल फाइबर होते हैं। तभी भूख जल्दी नहीं लगती। ध्यान रखें कि छिलकों सहित सेब को खाने से पूर्व सेब कम से कम एक घंटा पहले पानी में भिगो दें। फिर अच्छी तरह से धोकर, पोंछकर सेब को खाएं। दांतों का व्यायाम भी हो जाएगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">हरी सब्जियां:-</h2>
<p style="text-align:justify;">हरी सब्जियों से हमारे शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। हरी सब्जियों में भी फाइबर की प्रचुर मात्रा होती है। इसके अतिरिक्त विटामिन्स और मिनरल्स भी पर्याप्त होते हैं। हरी सब्जियों में कैलोरी की मात्रा कम होती है जिससे शरीर में फालतू फैट्स एकत्र नहीं हो पाते। हरी सब्जियों में ब्रोकली, पालक, फूलगोभी, घीया, टिंडे आदि का सेवन अधिक कर सकते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अनाज:-</h2>
<p style="text-align:justify;">हम भारतीयों का प्रमुख भोजन अनाज है चाहे वह गेहूं की चपाती हो या चावल। गेहूं और चावल के साथ अनाज में हमें ज्वार, बाजरा, रागी भी लेने चाहिए। इनमें पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाईड्रेट्स, विटामिन बी कांप्लेक्स, और रेशा होता है। कार्बोहाईड्रेट्स की मात्रा होने के कारण इससे शरीर को धीरे-धीरे ग्लूकोज मिलता रहता है जिससे रक्त शुगर का स्तर ठीक बना रहता है और हमारा मेटाबॉलिज्म कंट्रोल में रहता है। आज से गेहूं, चावल के अतिरिक्त ज्वार, बाजरा और रागी का सेवन भी करें।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जूस वाले फल:-</h2>
<p style="text-align:justify;">जो फल जूस से भरपूर होते हैं, उनमें विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा होती है। इनमें विटामिन सी अधिक होने के कारण शरीर में फैट को जमा ही नहीं होने देते। इनमें पानी की मात्रा भी पर्याप्त होती है जिससे शरीर को पानी की सही मात्रा भी मिलती रहती है और शरीर में डिहाइडे्रशन होने की संभावना भी नहीं रहती। इनमें अमीनो एसिड की मात्रा भी होती है जो फैट को कम करने में मदद करते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पॉप कार्न :</h2>
<p style="text-align:justify;">दो भोजन के बीच में अगर भूख लगती है तो पॉपकार्न का सेवन एक अच्छा आॅप्शन है। इसमें फाइबर की मात्रा पर्याप्त होती है और खाने में दांतों का व्यायाम भी हो जाता है। इसे अधिक समय तक चबाना पड़ता है, इसलिए पेट भी अधिक समय तक भरा रहता है। इसमें कैलरीज की मात्रा भी कम होती है। ध्यान रखें अधिक बटर वाले पॉपकार्न का सेवन न करें। आप आॅफिस जाते समय पॉपकार्न बनाकर एक डिब्बे में ले जा सकते हैं जो हैल्दी स्नैक का काम करेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जई का दलिया (ओटमील):</h2>
<p style="text-align:justify;">जई का दलिया ओटमील में कार्बोहाईड्रेट्स की पर्याप्त मात्रा होती है जिसे पचाने में अधिक समय लगता है और अधिक समय तक शरीर को ऊर्जा मिलती रहती है। ओटमील को गेहूं के आटे में 5० प्रतिशत अनुपात के अनुसार मिलाकर चपाती के रूप में ले सकते हैं और ओट ब्रान भी गेहूं के आटे में मिलाकर चपाती के रुप में ले सकते हैं। ओट्स का सेवन सीरियल्स के रूप में दूध या दही के साथ ले सकते हैं। इसका नमकीन दलिया भी नाश्ते में ले सकते हैं। ओट्स से हमारा ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बींस:</h2>
<p style="text-align:justify;">बींस भी प्रोटीन से भरपूर होती हैं और फाइबर की मात्रा भी काफी होती है। इसे पचने में लम्बा समय लगता है इसलिए इसके सेवन के बाद भूख जल्दी नहीं लगती और आप ओवरइटिंग से बच जाते हैं। बींस के साथ दाल और दही का सेवन बहुत कम करें क्योंकि उनमें भी प्रोटीन्स होते हैं और पचाना मुश्किल हो जाता है।<br />
<strong>-नीतू गुप्ता</strong></p>
<p style="text-align:justify;">डबल टोंड दूध में कैल्शियम की मात्रा पूरी होती है जितनी फुल क्रीम दूध में। केवल फैट्स की मात्रा कम होती है। डबल टोंड दूध से बने दही, लस्सी, पनीर और लो फैट चीज का सेवन करें। अगर आप नियमित डबल टोंड दूध और दही लेते हैं तो शरीर को जरूरी विटामिंस और मिनरल्स मिल जाते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">डबल टोंड दूध और उससे बने डेयरी प्रॉक्टस:</h2>
<p style="text-align:justify;">दूध में भरपूर कैल्शियम होता है जो हमारे दांतों और हड्डियों की मजबूती के लिए आवश्यक है। डबल टोंड दूध में कैल्शियम की मात्रा पूरी होती है जितनी फुल क्रीम दूध में। केवल फैट्स की मात्रा कम होती है। डबल टोंड दूध से बने दही, लस्सी, पनीर और लो फैट चीज का सेवन करें। अगर आप नियमित डबल टोंड दूध और दही लेते हैं तो शरीर को जरूरी विटामिंस और मिनरल्स मिल जाते हैं। शरीर स्वस्थ रहेगा और कैल्शियम की प्रचुरता के कारण कोशिकाओं में फैट्स नहीं जमेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/health-tips-quality-more-important-then-quantity/article-1393</link>
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                <pubDate>Mon, 19 Jun 2017 03:15:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिल्क मार्केट में अब मिलेगा ऊंटनी का दूध</title>
                                    <description><![CDATA[बीकानेर: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी आॅफ इंडिया (FSSI ) ने ऊंटनी के दूध को दो प्रतिशत फैट स्टैंडर्ड के आधार पर व्यापार या बेचने की छूट दे दी है। इस फैसले के बाद अकेले राजस्थान के पांच लाख लीटर प्रतिदिन ऊंटनी के दूध को बाजार मुहैया हो सकेगा। अभी तक ये दूध ऊंटनी के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/milk-market-will-now-get-the-camel-milk/article-939"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/camal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बीकानेर:</strong> फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी आॅफ इंडिया (FSSI ) ने ऊंटनी के दूध को दो प्रतिशत फैट स्टैंडर्ड के आधार पर व्यापार या बेचने की छूट दे दी है। इस फैसले के बाद अकेले राजस्थान के पांच लाख लीटर प्रतिदिन ऊंटनी के दूध को बाजार मुहैया हो सकेगा। अभी तक ये दूध ऊंटनी के बच्चे पी रहे थे या गांव में दवा के रूप में काम आ रहा था लेकिन अब इसे संगठित बाजार मिल सकेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ऊंटनियों के दूध में फैट प्रतिशत दो से तीन प्रतिशत</h2>
<p style="text-align:justify;">मानक तय करने वाली संस्था पहले ऊंटनी के दूध की फैट 3.4 प्रतिशत और फैट रहित 6.5 प्रतिशत के आधार पर बेचने की छूट दी हुई थी लेकिन अधिकांश ऊंटनियों के दूध में फैट प्रतिशत दो से तीन प्रतिशत ही रही। इस वजह से हर जगह ऊंटनी के दूध की गुणवत्ता को चैलेंज किया जाता रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">बाजार में उठ रहे सवालों पर विराम लगाने के लिए लिहाज से 14 साल से राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र संस्था से फैट दर रिवाइज करने के लिए आवेदन कर रहा था। एक सप्ताह पूर्व संस्था ने ऊंटनी के दूध की फैट दर को रिवाइज करते हुए दो प्रतिशत फैट और छह प्रतिशत फैट रहित दूध के आधार पर मार्केट में दूध बेचने की अनुमति दे दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/milk-market-will-now-get-the-camel-milk/article-939</link>
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                <pubDate>Tue, 06 Jun 2017 02:24:54 +0530</pubDate>
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