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                <title>Patients - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>ड्राइवर ही बन गया डाक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[विभाग द्वारा जांच करवाकर दोषी के खिलाफ मुख्यालय को रिपोर्ट भेजने की बात कही है। बता दें कि दादरी के सिविल अस्पताल में सीएमओ के ड्राइवर द्वारा मरीजों के खून के सैंपल लिए जा रहे थे। यह वाक्या सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/taking-blood-samples-of-patients-video-viral/article-12984"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/civil-hospital.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">मरीजों के ले रहा है खून के सैंपल, विडियो वायरल (Civil Hospital)</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>विभाग ने लिया संज्ञान, जांच कमेटी बनाई</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चरखी दादरी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> चरखी दादरी के सिविल अस्पताल में मरीजों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। यहां के सीएमओ के ड्राइवर ही डाक्टर बनकर मरीजों का खून निकालकर सैंपल ले रहा है। पूरा मामला का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ तो स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया। विभाग द्वारा जांच करवाकर दोषी के खिलाफ मुख्यालय को रिपोर्ट भेजने की बात कही है। (Civil Hospital) बता दें कि दादरी के सिविल अस्पताल में सीएमओ के ड्राइवर द्वारा मरीजों के खून के सैंपल लिए जा रहे थे। यह वाक्या सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong><em>-वीडियो में ड्राइवर मरीजों का सैंपल ले रहा है। जबकि डाक्टर पास खड़ा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पास पहुंचा तो संज्ञान लिया। एसएमओ डॉ. अनिता गुलिया ने बताया कि वायरल वीडियो उनको मिला है।</em> </strong></p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">जिस पर जांच कमेटी बनाकर जांच करवाई जाएगी और दोषी के खिलाफ जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी।</li>
<li style="text-align:justify;">मरीजों के साथ स्वास्थ्य को लेकर कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।</li>
<li style="text-align:justify;">अस्पताल में चिकित्सकों की अधिकांश पोस्ट खाली हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">बावजूद इसके ऐसी घटना दोबारा ना घटे, इसके लिए स्टाफ को निर्देश जारी कर दिए हैं।</li>
</ul>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Feb 2020 18:24:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Coronavirus : केरल में 153 नए संदिग्ध मरीज मिले</title>
                                    <description><![CDATA[केरल में  कोरोनावायरस के 153 संदिग्ध मामले सामने आए। इनमें 16 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने ये जानकारी दी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/coronavirus-153-new-suspected-patients-found-in-kerala/article-12939"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/corona-virus-3.jpg" alt=""></a><br /><h2>चीन में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 562 हो गई है | Coronavirus</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>बीजिंग(एजेंसी)।</strong> केरल में कोरोनावायरस <strong>(Coronavirus )</strong> के 153 संदिग्ध मामले सामने आए। इनमें 16 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने ये जानकारी दी। चीन में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 562 हो गई है। हुबेई प्रांत में बुधवार को 70 लोगों की मौत दर्ज की गई। सीएनएन के मुताबिक, चीन में अब तक 27378 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। चीन के बाहर हॉन्गकॉन्ग और फिलीपींस में भी 1-1 युवक की मौत हुई है।चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, 21 देशों से बीजिंग को महामारी की रोकथाम और नियंत्रण के लिए डोनेशन मिला है। देश के 31 प्रांतों के साथ दुनिया के 29 देशों में यह वायरस फैल चुका है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">भारत में कोरोनावायरस के मामले |Coronavirus</h2>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बुधवार को कहा- चीन से आने वाले 136 में से 133 नागरिक स्वस्थ हैं। अन्य तीन युवक राज्य के अलग-अलग जिलों में भर्ती हैं। इनमें दो के रिपोर्ट निगेटिव है, जबकि एक की रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, चीन से आने वाले 87 यात्रियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें 83 लोगों को घर में ही निगरानी में रखा गया है। 74 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजी गई थी, जिसमें 52 की रिपोर्ट निगेटिव है। केरल देश का पहला राज्य जहां कोरोनावायरस को राज्य आपदा घोषित किया गया। केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने बुधवार को कहा- राज्य में अब तक तीन मामले सामने आ चुके हैं। चीन से अब तक राज्य में 2528 लोग पहुंचे हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">डब्ल्यूएचओ ने 4792 करोड़ रुपए के दान की अपील की | Coronavirus</h2>
<p style="text-align:justify;">वायरस से लड़ने के लिए डब्ल्यूएचओ ने दुनियाभर से 4792 करोड़ रु. दान देने की अपील की। इस राशि का इस्तेमाल प्रभावित देशों में होगा। उधर हॉन्गकॉन्ग की प्रमुख एयरलाइंस कंपनी कैथे पैसिफिक ने 27 हजार कर्मचारियों को तीन हफ्ते का अवैतनिक अवकाश लेने के लिए कहा है। दुनिया के 47 देशों ने चीन के लिए उड़ानें अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कोरोनावायरस का कोई इलाज नहीं | Coronavirus</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>दुनियाभर में कोरोनावायरस फैलता जा रहा है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> स्वास्थ्य संगठन वैश्विक महामारी को रोकने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>फिलहाल कोरोनावायरस का इलाज मौजूद नहीं है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कुछ स्वास्थ्य संगठन इसकी खोज में लगे हैं। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>एचआईवी और अन्य एंटीवायरल दवाओं के मिश्रण के साथ कुछ सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर ने चीन की यात्रा करने वाले यात्रियों के आने पर रोक लगाई। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>वियतनाम ने भी चीन से आने-जाने वाली सभी उड़ानों पर रोक लगा दी है।</strong></li>
</ul>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Feb 2020 13:01:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फरीदकोट : ‘मोबाईल मैडीकल यूनिट’ से 11762 मरीजों की जांच</title>
                                    <description><![CDATA[मैडीकल मोबाईल यूनिट द्वारा मैडीकल टीम की ओर से ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों का चैकअप आगे भी जारी रहेगा।
मोबाइल मैडीकल यूनिट में एक पुरूष मैडीकल अधिकारी, स्टाफ नर्स, रेडियोग्राफर चालक और हैल्पर की तैनाती की गई है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/patients-examined-from-mobile-medical-unit/article-12342"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/mobile-medical-unit.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">172 ईसीजी, 189 एक्सरे और 5038 लैब टैस्ट किए मुफ़्त : कुमार सौरभ राज | Mobile Medical Unit</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>दिसम्बर माह दौरान जिले के 379 गांवों का किया दौरा</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>फरीदकोट (सच कहूँ न्यूज़ )।</strong> पंजाब सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए सेहत विभाग की ओर से चलाई जा रही <strong>(Mobile Medical Unit)</strong> मैडीकल मोबाईल यूनिट लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। अब लोगों को अति आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं गांव स्तर पर मिल रही हैं, जिससे उनको स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों नहीं जाना पड़ता और घर के नजदीक ही स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। इस संबंधी जानकारी देते सिविल सर्जन फरीदकोट डॉ. राजिन्द्र कुमार ने बताया कि सरकार के इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए फरीदकोट जिले में मोबाइल मैडीकल बस चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत जिले के देहाती निवासियों को मुफ़्त मैडीकल सुविधाएं प्रदान करवाई जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सेहत विभाग फरीदकोट के मोबाईल मैडीकल यूनिट की ओर से बीते महीने दिसंबर, 2019 दौरान जिले के 379 गांवों का दौरा कर 11762 मरीजों का मैडीकल चैकअप किया गया। जिनमें 6031 पुरू ष व 5731 महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान 5038 के लैब टैस्ट और 172 जरूरतमंदों की ईसीजी और 189 एक्सरे मुफ़्त किये गए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लाभप्रद साबित हो रही मैडीकल बस सेवा</h2>
<p style="text-align:justify;">यह मोबाईल मैडीकल बस जरूरतमंदों तक पहुंचकर सेहत सेवाएं देने साथ जिले के दूर-दराज के क्षेत्र के लोगों को बड़ा लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जिले के गांवों में रहते बुजुर्ग, दिव्यांग, बच्चे व अन्य जरूरतमंद व्यक्ति जो अस्पताल तक दवा लेने के लिए नहीं पहुंच सकते, ऐसे मरीजों को दवा, सेहत सुविधाएं पहुंचाने के लिए यह मैडीकल बस सेवा लोगों के लिए काफी लाभप्रद साबित हो रही है।</p>
<h2>गांवों व स्लिम बस्तियों में जाकर किया जाता है मरीजों का चैकअप</h2>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी जानकारी देते सीनियर मैडीकल अधिकारी डॉ. चंद्र शेखर कक्कड़ ने बताया कि इस मोबाइल मैडीकल यूनिट के डॉक्टरों और पैरा मैडीकल स्टाफ की ओर से रविवार व गजटिड छुट्टियों को छोड़ कर रोजमर्रा की सुबह 9बजे के बाद दोपहर 3 बजे तक अलग -अलग गांवों व स्लिम बस्तियों में जाकर मरीजों का चैकअप किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मैडीकल मोबाईल यूनिट द्वारा मैडीकल टीम की ओर से गांवों का दौरा करते हुए ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों का चैकअप आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि मोबाइल मैडीकल यूनिट में एक पुरूष मैडीकल अधिकारी, स्टाफ नर्स, रेडियोग्राफर चालक और हैल्पर की तैनाती की गई है। इस यूनिट की ओर से रोजमर्रा की लगभग दो गांवों के मरीज चैक किये जाते हैं।</p>
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</span></span></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/patients-examined-from-mobile-medical-unit/article-12342</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Jan 2020 20:39:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाई अलर्ट के बीच भर्ती हुए स्वाइन फ्लू के दो संदिग्ध मरीज</title>
                                    <description><![CDATA[जांच के लिए भिजवाए सैंपल, एक मक्कासर से तो दूसरी टाउन निवासी है महिला, हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। राजस्थान में सर्दी बढऩे के साथ ही स्वाइन फ्लू एक बार फिर असर दिखा रहा है। भटनेर नगरी में (Two Suspected Patients Of Swine Flu between high alert) भी इसने पांव फैलाने शुरू कर दिए हैं। इसको लेकर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:justify;">जांच के लिए भिजवाए सैंपल, एक मक्कासर से तो दूसरी टाउन निवासी है महिला,</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> राजस्थान में सर्दी बढऩे के साथ ही स्वाइन फ्लू एक बार फिर असर दिखा रहा है। भटनेर नगरी में (Two Suspected Patients Of Swine Flu between high alert) भी इसने पांव फैलाने शुरू कर दिए हैं। इसको लेकर अलर्ट हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले भर में खांसी-बुखार के मरीजों की निगरानी रखनी शुरू कर दी है। इसी का नतीजा है कि अब संभावित रोगी सामने आने शुरू हो गए हैं। ऐसे ही दो संभावित मरीज मंगलवार को टाउन के महात्मा गांधी स्मृति राजकीय चिकित्सालय में भर्ती हुए। हालांकि इन्हें स्वाइन फ्लू है या नहीं इसकी पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। चिकित्सकों ने दोनों मरीजों के सैंपल एकत्रित कर जांच के लिए भिजवाए हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जिला अस्पताल प्रशासन पर कम संसाधनों में स्वाइन फ्लू से निपटने की चुनौती</h2>
<p style="text-align:justify;">तीन दिन में रिपोर्ट मिलने की बात कही जा रही है। जानकारी के अनुसार खांसी व जुकाम से पीड़ित गांव मक्कासर निवासी रजीराम (66) पुत्र देवीलाल व टाउन (Two Suspected Patients Of Swine Flu between high alert) के वार्ड 19 निवासी भंवरी देवी (57) पत्नी गोपाल को साधारण खांसी-जुकाम होने पर परिजनों ने मंगलवार को जिला अस्पताल के साधारण वार्ड में भर्ती कराया। बाद में फिजिशियन की सलाह पर दोनों मरीजों में स्वाइन फ्लू होने की संभावना के चलते चिकित्सकों ने इन्हें ऐहतियात के तौर पर स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती कर लिया। साथ ही दोनों के सैंपल लेकर अधिकृत कृष्णा लैब के माध्यम से जांच करवाई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों मरीजों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही किया जाना है या उन्हें हायर सेंटर रेफर करना है, इसके लिए फिजिशियन की सलाह पर अस्पताल प्रशासन कार्रवाई करेगा। गौरतलब है कि राजस्थान में सर्दी बढऩे के साथ ही स्वाइन फ्लू का कहर बढ़ जाता है। अब फिर सर्दी बढऩे के साथ ही स्थिति लगातार बिगड़ रही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ऐसे हालातों के बीच स्टाफ की कमी</h2>
<p style="text-align:justify;">जहां एक तरफ स्वाइन फ्लू ने हनुमानगढ़ ही नहीं प्रदेश भर में हेल्थ डिपार्टमेंट की नींद उड़ा रखी है, वहीं दूसरी तरफ (Two Suspected Patients Of Swine Flu between high alert) ऐसे हालातों के बीच राजकीय जिला चिकित्सालय स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। जिला अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ में से कुछ छुट्टी पर हैं तो दो जनों का स्थानांतरण हो गया है। ऐसे में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक मित्र सैनी ने सीएमएचओ को पत्र लिखकर दो नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध करवाने की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">बुधवार तक जिला अस्पताल के पास स्टाफ उपलब्ध नहीं हो सका था। हालांकि आशंका जताई जा रही है कि आगामी दिनों में भर्ती होने वाले स्वाइन फ्लू के संदिग्ध रोगियों का आंकड़ा बढ़ेगा। ऐसे में अब देखना यह है कि जिला अस्पताल प्रशासन आवश्यकता से उपलब्ध कम संसाधनों से कैसे जानलेवा स्वाइन फ्लू से निपटेगा। यही नहीं अस्पताल में 24 घंटे स्वाइन फ्लू के उपचार में काम आने वाली टेमीफ्लू टेबलेट की भी कमी है। पर्याप्त दवा की उपलब्धता के लिए भी जिला अस्पताल के पीएमओ ने उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अब तक जिले में 5 मौतें</h2>
<p style="text-align:justify;">स्वाइन फ्लू से अकेले हनुमानगढ़ जिले में पिछले वर्ष 2018 में स्वाइन फ्लू से 5 मौतें हो चुकी हैं। बीते वर्ष जिले में (Two Suspected Patients Of Swine Flu between high alert) कुल नौ मरीज स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाए गए थे। इनमें से पांच जनों की मौत हो गई। पिछले पन्द्रह दिनों में ही दो जनों की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है। दो दिन पहले सोमवार को गोलूवाला क्षेत्र के गांव सूरांवाली निवासी 16 वर्षीय छात्रा पूजा की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है। उसे श्रीगंगानगर से जयपुर रेफर किया गया था लेकिन जयपुर पहुंचने से पहले ही पूजा ने दम तोड़ दिया। इससे पहले रावतसर के गांव चाईया निवासी एक 13 वर्षीय किशोर रतन की जयपुर के जेके लोन अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। स्वाइन फ्लू से होने वाली मौतों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। अकेले दिसम्बर में ही चार पॉजीटिव केस आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया था।</p>
<h2 style="text-align:justify;">रोग और इससे कैसे किया जा सकता है बचाव</h2>
<p style="text-align:justify;">एच1एन1 वायरस नया नहीं है। चिकित्सका विशेषज्ञों के अनुसार एच1एन1 वायरस का चाल, चलन व चरित्र समय के हिसाब से बदलता रहता है। इसकी वैक्सीन है, लेकिन 60 प्रतिशत मरीजों पर यह कारगर नहीं है। एक्सपर्ट बताते हैं कि इससे होने वाली मृत्यु दर एक प्रतिशत से भी कम है। अधिकांश उन मरीजों की उपचार के दौरान मौत होती है, जिनको स्वाइन फ्लू के साथ अन्य खतरनाक बीमारी भी होती है। बीमारी को फैलने से बचाने के लिए हाथ मिलाने की बजाए नमस्ते करके काम चलाएं। इसके अलावा खांसते समय मुंह पर कपड़ा रखें और अपना हाथ साफ रखें। टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें। इसमें सबसे अहम भीड़ व सेंट्रल एसी से बचें। चिकित्सक बताते हैं कि हवाई यात्रा इसके फैलने का प्रमुख कारण है। चिकित्सक बताते हैं कि इस वायरस से सीधे बचा नहीं जा सकता, क्योंकि यह हमारे वातावरण में है। इसके लिए जरूरी है कि हम एहतियात रखें और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाएं। इसके लिए वैक्सीन है, जिसकी कीमत 700 रुपये व इससे ऊपर है। लेकिन यह शत-प्रतिशत कारगर होगी कहा नहीं जा सकता।</p>
<h2 style="text-align:justify;">स्वाइन फ्लू और उसके लक्षण</h2>
<p style="text-align:justify;">स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीज जब छींकता है या खांसता है तो वायरस हवा में फैल जाते हैं और आसपास के लोगों को अपनी चपेट में ले लेते हैं। संक्रमित होने के एक सप्ताह बाद इसके लक्षण नजर आते हैं। स्वाइन फ्लू मरीज के श्वसन तंत्र को बुरी तरह से प्रभावित करता है। इस बीमारी से पीड़ित मरीज में तेज बुखार, ठंड लगना, गला खराब होना, मांसपेशियां व सिर में तेज दर्द होने के लक्षण पाए जाते हैं। इसके अलावा शरीर में कमजोरी होना भी इस बीमारी का लक्षण है।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Jan 2019 13:49:04 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>किक्करखेड़ा में मरीजों की निशुल्क जांच</title>
                                    <description><![CDATA[अबोहर (सुधीर/नरेश)। गांव किक्कर खेड़ा में स्थित डेरा सच्चा सौदा के नामचर्चा घर व शाह सतनामी मौज डिस्पेंसरी में ब्लॉक स्तरीय नामचर्चा व 101 वें नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन बुधवार को किया गया। इस मौके नामचर्चा के दौरान कविराजों ने शब्दों का उच्चारण किया जिसे उपस्थित साध-संगत द्वारा बड़ी श्रद्धा के साथ श्रवण […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/free-check-of-patients-in-kikarheda/article-6325"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/free-check-of-patients-in-kikarheda-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अबोहर (सुधीर/नरेश)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">गांव किक्कर खेड़ा में स्थित डेरा सच्चा सौदा के नामचर्चा घर व शाह सतनामी मौज डिस्पेंसरी में ब्लॉक स्तरीय नामचर्चा व 101 वें नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन बुधवार को किया गया। इस मौके नामचर्चा के दौरान कविराजों ने शब्दों का उच्चारण किया जिसे उपस्थित साध-संगत द्वारा बड़ी श्रद्धा के साथ श्रवण किया गया। नामचर्चा की कार्यवाही ब्लॉक भंगीदास सुखचैन सिंह इन्सां द्वारा चलाई गई। इस दौरान साध-संगत को ब्लॉक में चल रहे सतगुरु मुर्शिद की याद तथा सृष्टि के भले के लिए अरदास व अखंड सुमिरन में बढ़चढ़कर भाग लेने की विनती की गई। तथा प्रत्येक शुक्रवार को चल रही मौजपुर धाम बुधरवाली दरबार में सेवा कार्यों की शिफ्ट में अधिक से अधिक सेवादारों को सेवा पर पहुंचने का आह्वान किया। नामचर्चा के उपरांत नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का कैम्प का शुभारंभ किया गया। जिसमें शाह सतनाम जी सुपर स्पेशलिटि अस्पताल सरसा से जनरल विशेषज्ञ डॉ.संदीप भादु, आॅप्टिमेट्रिस्ट प्रवीण कुमार, डेंटिस्ट सुखविंदर, डेंटिस्ट कामिनी विशेष तौर से अपनी सेवाएं देने पहुंचे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके इलावा चरणजीत, राजेश, मुकेश, कृष्ण कालड़ा इत्यादि लोगों ने अपनी सेवाएं प्रदान की। इस अवसर पर विशेषज्ञ सन्दीप भादू ने इन दिनों बढ़ रहे डेंगू के प्रकोप से बचने के लिए बेहतरीन टिप्स दिए। साथ ही बदलते मौसम से होने वाली बीमारियों से खासकर बच्चों का ख्याल रखने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की। साथ ही कोई भी दवा बगैर डॉक्टरी सलाह के लेने हेतू मना किया गया। इस मौके पर दूर-दराज व नजदीकी क्षेत्र से पहुंचे कुल 76 मरीजों ने अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई। ब्लॉक कमेटी द्वारा अति जरुरतमन्द मरीजों के लिए नि:शुल्क दवाएं वितरित की गई। कैंप में सीएससी रामसरा धर्मेंदर सिंह फार्मासिस्ट कैंप का निरीक्षण करने पहुंचे। गांव किक्करखेड़ा के सरपंच रवि राज सिंह विशेष रूप से इस कैंप में पहुंचे। उन्होंने बताया कि हर माह लगने वाले इस कैंप से गांव के साथ साथ आसपास के क्षेत्र के लोगों को भी इसका लाभ मिल रहा है। पहुंचे हुए मरीजों के लिए गांव किक्कर खेड़ा की साध-संगत की और से लंगर-चाय आदि की विशेष व्यवस्था की गई। इस मौके पर 15 मैम्बर रामप्रताप, मोहनलाल , राकेश अनेजा, बनवारी लाल, ब्लॉक भंगीदास सुखचैन सिंह, बनवारी लाल, गुरमुख, जगदीश राय, सुमित राजदेवा शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के सेवादार, अलग-अलग गाँवों के भंगीदास और अन्य सेवादार तथा साध-संगत बड़ी संख्या में यहां उपस्थित हुए।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Oct 2018 14:14:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर तनाव में</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार नेशनल मेडिकल कमीशन बिल पास कर दे रही झटके सरकारी अस्पतालों में नौकरी करने से कर रहे परहेज (Doctors Treating Patients Stress) जालंधर (सच कहूँ न्यूज)। जिंदगी और मौत में जूझ रहे मरीजों का इलाज कर उन्हें नई जिंदगी देने वाले डॉक्टर खुद तनाव में हैं। सरकारी व गैर सरकारी डॉक्टर मरीजों को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/doctors-treating-patients-in-stress/article-4618"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/doctors-treating-patients-stress.jpg" alt=""></a><br /><h1>केंद्र सरकार नेशनल मेडिकल कमीशन बिल पास कर दे रही झटके</h1>
<h3>सरकारी अस्पतालों में नौकरी करने से कर रहे परहेज</h3>
<p><strong>(Doctors Treating Patients Stress)</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जालंधर (सच कहूँ न्यूज)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिंदगी और मौत में जूझ रहे मरीजों का इलाज कर उन्हें नई जिंदगी देने वाले डॉक्टर खुद तनाव में हैं। सरकारी व गैर सरकारी डॉक्टर मरीजों को भले ही मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने का इलाज करते हैं परंतु खुद के मर्ज के इलाज को लेकर सरकारी दवा के इंतजार में हैं। केंद्र सरकार नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल पास कर डॉक्टरों को झटके दे रही है। वहीं राज्य सरकार की नीतियों के चलते डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में नौकरी करने से भाग रहे हैं। डॉक्टर मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे परंतु सरकार उनके घाव पर मरहम नहीं लगा सकी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठा रहे डॉक्टर</h3>
<p style="text-align:justify;">आइएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. पीएस बक्शी कहते हैं कि सुरक्षा के लिए पंजाब प्रोटेक्शन फॉर मेडिकेयर परसन एंड मेडिकेयर इंस्टीट्यूशनस (प्रीवेंशन आॅफ वायलेंस एंड डेमेज टू प्रॉपर्टी बिल 2008) बनने के 10 साल बाद भी डॉक्टर असुरक्षित हैं। राज्य में डॉक्टरों व अस्पतालों में छोटे-बड़े हमले व मारपीट को लेकर हर सप्ताह 2-3 मामले सामने आ रहे हैं। आइएमए पंजाब ने एक्ट को सख्ती से लागू करने के लिए राज्य सरकार के मंत्रियों व पुलिस के डीजीपी स्तर पर बैठकें की परंतु नतीजे नहीं मिले।</p>
<h3 style="text-align:justify;">डॉक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू: सेहत मंत्री</h3>
<p style="text-align:justify;">सेहत मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा मानते हैं कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है। मेडिकल अफसर जनरल ड्यूटी के 306 डॉक्टरों की भर्ती के लिए पीपीएससी ने हरी झंडी दे दी है।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Jul 2018 13:10:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लालच। संगरूर में मरहम के नाम पर मरीजों से लूट</title>
                                    <description><![CDATA[इंजेक्शन लगाने के लिए मरीजों से वसूले जा रहे 1500 से 2000 रुपये ‘सच-कहूँ’ सवांददाता ने अस्पताल का दौरा कर मरीजों से की बातचीत सरकारी अस्पताल में नहीं है ऐनीथीसिया का डॉक्टर संगरूर(गुरप्रीत सिंह)। सरकारी अस्पतालों में ईलाज करवाने वाले गरीब और जरूरतमंद लोगों को अपने ईलाज दौरान जेब ढ़ीली करनी पड़ रही है। सरकारी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/looted-patients-in-the-name-of-treatment/article-4444"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/hospital-news.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">इंजेक्शन लगाने के लिए मरीजों से वसूले जा रहे 1500 से 2000 रुपये</h1>
<ul>
<li>‘सच-कहूँ’ सवांददाता ने अस्पताल का दौरा कर मरीजों से की बातचीत</li>
<li>सरकारी अस्पताल में नहीं है ऐनीथीसिया का डॉक्टर</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर(गुरप्रीत सिंह)।</strong> सरकारी अस्पतालों में ईलाज करवाने वाले गरीब और जरूरतमंद लोगों को अपने ईलाज दौरान जेब ढ़ीली करनी पड़ रही है। सरकारी अस्पताल संगरूर में ऐनीथीसिया का डाक्टर न होने के कारण आॅपरेशन करवाने वाले मरीजों को 1500 से 2000 रुपये देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है कमीशन के चक्कर में गरीब मरीजों की आर्थिक लूट करवाई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">हासिल जानकारी मुताबिक ‘सच-कहूँ’ सवांददाता द्वारा सिविल अस्पताल का दौरा किया गया। अस्पताल के सर्जीकल वार्ड में आपरेशन करवा चुके कई मरीजों के साथ बातचीत की तो उन्होंने अपना नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि उनके पास से आॅपरेशन से पहले लगने वाले बेहोशी के इंजेक्शन को लाने वाले डॉक्टर का खर्चा 1500 रुपये से 2000 रुपये तक लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">संगरूर के रहने वाले एक व्यक्ति जो कि हलवाई की दुकान पर काम करता था, की टांग का आॅपरेशन हुआ था उसने बताया कि उसके पास से 1500 रुपये लिए गए हैं जबकि एक पास के गांव कांझली से रसौली का आॅपरेशन करवाने वाली लड़की की माता ने बताया कि वह आर्थिक पक्ष से कमजोर हैं और वह अपनी लड़की का प्राईवेट अस्पताल ईलाज करवाने से असमर्थ थे, जिसके चलते वह अपनी लड़की को ईलाज के लिए सरकारी अस्पताल लाए परंतु जब आॅपरेशन से पहले डॉक्टरों ने उन से 2हजार रुपये यह कह कर लिए कि सरकारी अस्पताल में ऐनीथीसिया का डॉक्टर नहीं है व बेहोशी का इंजेक्शन लाने के लिए प्राईवेट डॉक्टर को बुलाना पड़ना है वार्ड के तकरीबन सभी मरीजों ने बताया कि उनसे भी इसी तरह पैसे लिए गए हैं।</p>
<h2 style="text-align:center;">जान पहचान रखने वाले मरीजों को इस फीस से दी  जा रही है छूट</h2>
<p>इस के अलावा डॉक्टरों के साथ जान पहचान रखने वाले मरीजों को इस फीस से छूट दी जा रही है। अस्पताल में दाखिल मरीजों ने बताया कि यदि सरकारी अस्पताल में इसी तरह खर्च किए करने पड़ते हैं तो वह सरकारी अस्पताल में अपना ईलाज क्यों करवाएं?</p>
<h2 style="text-align:center;">ऐनीथीसिया के डॉक्टर के पद पिछले लंबे समय से पडे<br />
हैं रिक्त : कृपाल सिंह</h2>
<p style="text-align:justify;">इस मामले पर बातचीत करते सरकारी अस्पताल के सीनियर मैडीकल अधिकारी डॉ. कृपाल सिंह ने बताया कि ऐनीथीसिया के डॉक्टर के पद पिछले लंबे समय से रिक्त पड़े है और वह इस संबंधी हर महीने उच्च आधिकारियों को लिख कर भेजते हैं परंतु अभी तक ऐनीथीसिया का डॉक्टर तैनात नहीं किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जब इस संबंधी सिविल सर्जन मनजीत सिंह के साथ बातचीत की तो उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं के लगने वाले इंजेक्शन की अदायगी अस्पताल की तरफ से की जा रही है उन्होंने बताया कि हमारे पास टीके तो मौजूद हैं परंतु इसे लगाने वाले डॉक्टर नहीं है। उन्होंने इस बात को भी खारिज किया है कि सरकारी अस्पताल में ऐनथीसिया का डॉक्टर मौजूद नहीं है तो फिर उससे ओर काम कैसे लिया जा सकता है? उन्होंने भी कहा कि हम डॉक्टर की तैनाती के लिए विभाग को लिख कर भेज चुके हैं।</p>
<h2 style="text-align:center;">मरीजों की लूट का अड्डा बने सरकारी अस्पताल : धीमान</h2>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी बातचीत करते समाज सेवीं नौजवान रुपिन्दर धीमान किक्की ने कहा कि सरकारी अस्पताल मरीजों की लूट का अड्डा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि कमीशन के चक्कर में डॉक्टर गरीब व जरूरतमंदों की आर्थिक लूट करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस संबंधी जानकारी मिली थी कि ऐनीथीसिया का डॉक्टर सरकारी अस्पताल में मौजूद तो है परंतु उसकी ड्यूटी अस्पताल के ओर कामों में लगा रखी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस मामले को हम सेहत मंत्री के ध्यान में भी लाएंगे। लोगों की इस लूट को बंद करवाने के लिए वह हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।</p>
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                <pubDate>Sun, 24 Jun 2018 08:28:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>निंसग में बढ़ रहे डायरिया व टाईफाईड़ के मरीज</title>
                                    <description><![CDATA[निसिंग (रिंकू)। गर्मी के मौसम में हुई मक्खी मच्छरों की संख्या में वृद्धि से क्षेत्र में टाईफाईड डायरिया बीमारी ने पैर पसारने शुरू कर दिए है। जिस कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीमारी का उपचार कराने वाले मरीजों की संख्या में लगातार हिजाफा हो रहा है। सीएचसी में प्रतिदिन करीब अढ़ाई सौ लोग ओपीडी के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/diarrhea-and-typhoid-patients-growing-in-nising/article-4183"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/typhid.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>निसिंग (रिंकू)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">गर्मी के मौसम में हुई मक्खी मच्छरों की संख्या में वृद्धि से क्षेत्र में टाईफाईड डायरिया बीमारी ने पैर पसारने शुरू कर दिए है। जिस कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीमारी का उपचार कराने वाले मरीजों की संख्या में लगातार हिजाफा हो रहा है। सीएचसी में प्रतिदिन करीब अढ़ाई सौ लोग ओपीडी के लिए पहुंच रहे हंै।</p>
<p style="text-align:justify;">जिनमें डायरिया व टाईफाईड के मरीज भी शामिल है। वीरवार को सीएचसी में13 मरीज टाईफाईड़ व सात मरीज उल्टी-दस्त के मिले। जिन्हें सीएचसी में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। एसएमओ डॉ. राजेश जौहरी का कहना है कि डायरिया की चपेट में ज्यादातर छोटे बच्चों है। साफ-सफाई के अभाव में बच्चे गंदेv हाथों को अपने मुंह में डाल लेते हंै जिससे बच्चों को उल्टी व दस्त शुरू हो जाते हंै। अधिक उल्टी दस्त होने के कारण शरीर का पानी खत्म हो जाता है। जिसका समय पर उपचार नहीं मिलने से रोगी की मौत भी हो सकती है। डायरिया एक जान लेवा बीमारी है। जिसकी सावधानी में ही बचाव है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता में ही स्वास्थ्य व सावधानी में ही बचाव निहित है।</p>
<h1 style="text-align:center;">बीमारी के मुख्य लक्षण</h1>
<p style="text-align:justify;">उन्होने बताया कि डायरिया होने पर रोगी को बार बार उल्टी व दस्त लगते है। जिससे रोगी का शरीर क्षीण हो जाता है। शरीर में कमजोरी के कारण रोगी को नींद अधिक आती है। उठने चलने फिरने में परेशानी होती है। रोगी द्वारा सेवन किए गए खाद्य व पेय पदार्थ बाहर निकल जाते है। पेट में हलचल सी रहती। गर्मी लगने से भी दस्त संभव है।</p>
<h1 style="text-align:center;">बीमारी से बचाव के उपाय</h1>
<p style="text-align:justify;">डॉ. नवजीत सिंह ने बताया कि मौसम में मक्खी मच्छरों की अधिकत्ता के कारण खाद्य व पेय पदार्थों को हमेशा ढक कर रखे। बासी भोजन, गले सड़े फल व सब्जियों का सेवन न करें। सब्जी बनाने से पहले साफ पानी से धोए। खाना बनाने व खाना खाने से पहले अच्छी तरह साबुन से हाथ धोए। बाजारी वस्तुओं का इस्तेमाल कम करें। सलाद युक्त हल्का भोजन खाए। कोहलू पर गन्ने के रस से दूरी बनाए। फलों को सेवन से पूर्व धोकर पानी में ठंडा कर ले और जंक फूड से परहेज करें।</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Jun 2018 09:15:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोरखपुर के अस्पताल में 26 बच्चों समेत 63 की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[गोरखपुर: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में 2 दिन में 26 बच्चों समेत 63 मरीजों की मौत हो गई, क्योंकि पेमेंट रुकने की वजह से ऑक्सीजन देने वाली कंपनी ने यहां सप्लाई ही बंद कर दी। दरअसल, बीआरडी मेडिकल काॅलेज छह महीने में 83 लाख रु. की ऑक्सीजन उधार ले […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/brd-medical-college-patients-died/article-3062"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/gorkhpur.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गोरखपुर:</strong> यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में 2 दिन में 26 बच्चों समेत 63 मरीजों की मौत हो गई, क्योंकि पेमेंट रुकने की वजह से ऑक्सीजन देने वाली कंपनी ने यहां सप्लाई ही बंद कर दी। दरअसल, बीआरडी मेडिकल काॅलेज छह महीने में 83 लाख रु. की ऑक्सीजन उधार ले चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">गुजरात की सप्लायर कंपनी पुष्पा सेल्स का दावा है कि करीब 100 बार चिट्‌ठी भेजने के बाद भी पेमेंट नहीं हुई। पेमेंट लेने जाते तो प्रिंसिपल मिलते ही नहीं। ऐसे में 1 अगस्त को चेतावनी दी और 4 से सप्लाई रोक दी। बुधवार से ऑक्सीजन टैंक में प्रेशर घटने लगा। इसके चलते गुरुवार और शुक्रवार को गंभीर हालत के 63 मरीजों की मौत हो गई।</p>
<h1 style="text-align:justify;">पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी पूरी संवेदना : ज्योति</h1>
<p style="text-align:justify;">घटना पर केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि जो घटना हुई है बहुत ही दुखद है। परिवारों के प्रति मेरी पूरी संवेदना है। सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लिया है और केंद्र सरकार ने इसकी चर्चा की है कि ऐसे दोबारा घटना ना घटे। ऑक्सीजन की जो कमी हुई है उस मामले की जांच होनी चाहिए और कार्रवाई होनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि कार्रवाई से बच्चे तो वापस नहीं आ सकते हैं। लेकिन ऐसी घटना ना हो ये सुनिश्चित किया जाए। सरकार का जो धर्म बनता है वह सरकार करे लेकिन उसके पीछे कारण क्या है वह जांच में पता चलेगा। सरकार कारण पता लगाए।</p>
<h1 style="text-align:justify;">मरीज: सीओ के पैर पकड़ बोली मां- साहब, बॉडी दिला दो</h1>
<p style="text-align:justify;">मेडिकल कॉलेज में एक के बाद एक लगातार हो रहीं मौतों के बीच हर ओर बेबसी का आलम था। यहां 9 दिन के एक बच्चे की भी मौत हुई। जब पिता ने बॉडी मांगी तो कहा गया कि अधिकारियों के जाने के बाद देंगे। इसी बीच, बच्चे की मां ने सीओ रचना मिश्रा के पैर पकड़कर कहा, ‘साहब, बच्चा तो मर गया। अब उसकी बॉडी तो दिला दो।’ बच्चे के पिता नंदलाल ने कहा, ‘ऑक्सीजन की कमी से 9 दिन के बाद मेरा बच्चा मर गया।’ करीब 4 घंटे बाद सीओ के कहने पर उन्हें बॉडी मिली।</p>
<h1 style="text-align:justify;">इस्तीफा दें सीएम योगी</h1>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस नेता महाबल मिश्रा ने मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक का इस्तीफा मांगा है। महाबल मिश्रा ने कहा कि यह कुशासन है। 30 बच्चों की मौत हो गई है। इसकी पूरी तरह से जांच होनी चाहिए और जो दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई हो। योगी और मोदी इतनी बड़ी-बड़ी बातें करते रहते हैं और अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं है। नैतिकता के आधार पर योगीजी को खुद इस्तीफा देना चाहिए।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Aug 2017 23:19:29 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अब आधे घंटे में मिलेगी टीबी रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[सीबी नॉट मशीन से 485 मरीजों की जांच पहले दो महीने तक का भी करना पड़ता था इंतजार दवा कितनी असरकारक इसकी भी मिल रही रिपोर्ट श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। टीबी मरीजों के लिए सीबी नॉट मशीन मुफीद साबित हो रही है। खासकर जिन्हें टीबी रोग की आशंका होती है, उनके लिए यह मशीन फायदेमंद […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/tb-report-will-now-available-in-half-an-hour/article-1915"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/tb.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">सीबी नॉट मशीन से 485 मरीजों की जांच</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>पहले दो महीने तक का भी करना पड़ता था इंतजार</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>दवा कितनी असरकारक इसकी भी मिल रही रिपोर्ट </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> टीबी मरीजों के लिए सीबी नॉट मशीन मुफीद साबित हो रही है। खासकर जिन्हें टीबी रोग की आशंका होती है, उनके लिए यह मशीन फायदेमंद रही है, क्योंकि अब उन्हें दो माह तक जांच रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ता बल्कि आधे घंटे ही रिपोर्ट मिल जाती है। वहीं मरीज के दो से अढ़ाई हजार रुपए भी बच रहे हैं, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग नि:शुल्क जांच कर रहा है। विभाग को सैंपल पहले जोधपुर भेजने पड़ते थे, लेकिन अब जिला मुख्यालय पर ही जांच हो रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पहले जोधपुर भेजते थे सैंपल</h3>
<p style="text-align:justify;">सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि सीबी नॉट मशीन स्वास्थ्य क्षेत्र में वरदान साबित हुई है। मशीन के द्वारा टीबी का तो पता चलता ही है, साथ ही मरीज को दी जाने वाली दवा के असर का भी पता चल जाता है। पहले सैंपल जोधपुर लैब में भेजा जाता था जिसकी रिपोर्ट आने में ही दो से तीन माह लग जाते, लेकिन अब इस मशीन से आधे घण्टे में रिपोर्ट दी जा रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एक दिन में 15 सैंपलों की होगी जांच</h3>
<p style="text-align:justify;">जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. गुंजन खुंगर के मुताबिक मशीन से एक साथ चार मरीजों के सैंपल जांच कर सकते हैं और एक दिन में 15 सैंपल जांचें जा सकते हैं। निजी लैब में यह जांच करवाने पर मरीज को दो से अढ़ाई हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी क्लीनिक में जांच नि:शुल्क की जा रही है। इस मशीन से गंभीर प्रकार की टीबी, एमडीआर, संभावित क्षय रोगियों की जांच की जा रही है, जिसमें स्पुटम नेगेटिव, एचआईवी के मरीज व चाइल्ड केस आदि सभी तरह के संभावित टीबी मरीजों की जांच शामिल है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लैब संचालकों से ये अपील</h3>
<p style="text-align:justify;">पीपीएम समन्वयक गरिमा परिहार के अनुसार सभी बीसीएमओ को पाबंद किया गया है कि वे संभावित टीबी मरीज की जांच जिला टीबी क्लीनिक से करवाएं ताकि सही व समय पर जांच रिपोर्ट दी जा सके। वहीं निजी चिकित्सालयों व लैब संचालकों से अपील की गई है कि वे संभावित टीबी मरीजों की जांच टीबी क्लीनिक से करवाएं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अब तक 485 मरीजों को जांच की</h3>
<p style="text-align:justify;">सीओआईईसी विनोद बिश्नोई ने बताया कि मशीन गत वर्ष 2016 में स्थापित की गई और इसके बाद से यह लाभ आमजन को मिलने लगा। अब तक सीबीनॉट के जरिए 485 लोगों की जांच की जा चुकी है, जिनमें 96 टीबी मरीज मिले।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/tb-report-will-now-available-in-half-an-hour/article-1915</link>
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                <pubDate>Mon, 03 Jul 2017 08:33:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंदौर एमवाय हॉस्पिटल: 24 घंटे में 17 मरीजों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[माैतों को लेकर हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन पर उठ रहे हैं सवाल इंदौर: एमवाय हॉस्पिटल में 24 घंटे में 17 मरीजों की मौत हो गई। इनमें से 11 मौतें 12 घंटों के भीतर (बुधवार रात आठ से गुरुवार सुबह आठ बजे तक) हुईं। चौंकाने वाली बात यह है कि सात मरीजाें ने गुरुवार सुबह 4 से 4:30 बजे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/seventeen-patients-died-in-24-hours-in-my-hospital-indore/article-1508"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/my-.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">माैतों को लेकर हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन पर उठ रहे हैं सवाल</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>इंदौर: </strong>एमवाय हॉस्पिटल में 24 घंटे में 17 मरीजों की मौत हो गई। इनमें से 11 मौतें 12 घंटों के भीतर (बुधवार रात आठ से गुरुवार सुबह आठ बजे तक) हुईं। चौंकाने वाली बात यह है कि सात मरीजाें ने गुरुवार सुबह 4 से 4:30 बजे के बीच सिर्फ आधे घंटे में दम तोड़ दिया। इनमें से छह वेंटीलेटर पर थे। पांच मरीज पांचवीं मंजिल पर मेडिसिन आईसीयू में भर्ती थे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ऑक्सीजन सप्लाय 15 मिनट के लिए हुई बंद</h2>
<p style="text-align:justify;">जबकि एक मरीज सर्जिकल आईसीयू और एक प्री-मैच्योर बच्चा सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट में भर्ती था। माैतों को लेकर हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि सूत्रों की मानें तो रात तीन से चार बजे के बीच ऑक्सीजन सप्लाय 15 मिनट के लिए बंद हुई थी। इसी दरमियान इन सात मरीजों की मौत हुई।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jun 2017 23:01:13 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हांसी में गलत इंजेक्शन लगाने पर मरीज की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[हांसी। हांसी में निजी अस्पताल के एक चिकित्सक द्वारा इलाज में लापरवाही बरते जाने से एक युवक की मौत हो गई। युवक की पहचान जगदीश कालोनी निवासी 22 वर्षीय हिमांशु के रूप में की गई है। हिमांशु के पिता विनोद ने बताया कि हिमांशु पीलिया व सांस रोग से पीड़ित था। 5 दिन पूर्व वह […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/patients-die-on-bad-injection-in-hansi/article-1423"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/raised-rilative.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हांसी।</strong> हांसी में निजी अस्पताल के एक चिकित्सक द्वारा इलाज में लापरवाही बरते जाने से एक युवक की मौत हो गई। युवक की पहचान जगदीश कालोनी निवासी 22 वर्षीय हिमांशु के रूप में की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">हिमांशु के पिता विनोद ने बताया कि हिमांशु पीलिया व सांस रोग से पीड़ित था। 5 दिन पूर्व वह हांसी के एक निजी अस्पताल में दवाई लेने गया था। इसके बाद दोबारा वह अपनी माता के साथ डॉक्टर के पास चैक अप के लिए गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान चिकित्सक ने कंपाउडर को हिमांशु को इंजेक्शन लगाने के लिए कहा। इंजेक्शन लगाने पर हिमांश के होठ काले पड़ गए। इसके बाद आनन-फानन में कंपाउडर ने उसे एम्बुलेंस में लेटा दिया और कहा कि इसे हिसार ले जाओ।</p>
<p style="text-align:justify;">हिमांशु के पिता विनोद ने कहा कि पास में खड़े एक बुजुर्ग ने कहा कि इसे हिसार ले जाने की जरूरत नहीं है। इसकी मौत हो चुकी है। इस दौरान चिकित्सक अस्पताल से फरार हो गया। पुलिस ने मृतक के पिता के बयान पर चिकित्सक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <pubDate>Tue, 20 Jun 2017 00:40:33 +0530</pubDate>
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