<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/monsoon/tag-2076" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>monsoon - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/2076/rss</link>
                <description>monsoon RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>El Niño: अलनीनो का बढ़ता असर! सौ सालों में तीसरा सबसे सूखा जून</title>
                                    <description><![CDATA[जलवायु परिवर्तन और प्रशांत महासागर में तेजी से पैर पसार रहे 'अलनीनो' देश-दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अलनीनो के असर के चलते इस बार जून का महीना पिछले सौ वर्षों में तीसरा सबसे सूखा महीना दर्ज किया गया है। देश के अंदरूनी हिस्सों में मानसूनी हवाओं की रफ्तार काफी धीमी रही है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/el-ni%C3%B1o-the-increasing-effect-of-el-nino-is-the/article-87508"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/elnino-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जलवायु परिवर्तन और प्रशांत महासागर में तेजी से पैर पसार रहे 'अलनीनो' देश-दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अलनीनो के असर के चलते इस बार जून का महीना पिछले सौ वर्षों में तीसरा सबसे सूखा महीना दर्ज किया गया है। देश के अंदरूनी हिस्सों में मानसूनी हवाओं की रफ्तार काफी धीमी रही है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जुलाई के पहले सप्ताह से मानसून दोबारा रफ्तार पकड़ेगा और मध्य भारत सहित कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है। अगर ये उम्मीद भी अधूरी रही तो आम आदमी की थाली पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के  अनुसार, भारत में इस साल जून माह में अलनीनो के प्रभाव के कारण मानसून की बारिश में सामान्य से 42 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और वैश्विक मौसम विज्ञानियों के अनुसार, प्रशांत महासागर में तेजी से सक्रिय हो रहा यह अलनीनो साल के अंत तक सुपर अलनीनो का रूप ले सकता है। आगामी महीनों में कमजोर मानसून और भीषण गर्मी का संकट गहराने की भी आशंका है। ऐसा हुआ तो इस अलनीनो का असर केवल मौसम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने इस सीजन (जून से सितंबर) में दीर्घावधि औसत की केवल 90 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान भी जताया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मानसून की इस सुस्ती के पीछे कई वैश्विक और स्थानीय मौसमी बदलाव जिम्मेदार हैं। देशभर के कई हिस्सों में मानसून के समय पर न पहुंचने के पीछे मौसम विज्ञानियों ने कई कारण गिनाए हैं। पहला कारण है कि मानसून को आगे धकेलने के लिए बंगाल की खाड़ी में एक मजबूत कम दबाव वाले क्षेत्र की जरूरत होती है। इस बार ऐसा कोई प्रभावी सिस्टम नहीं बना, जिससे मानसूनी हवाओं की गति थम गई। दूसरा कारण है कि जून महीने की शुरूआत में उत्तर-पश्चिम भारत में कई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे। इन हवाओं ने मानसूनी दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के साथ खींचतान पैदा की, जिससे मानसून का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">तीसरा कारण है कि राजस्थान में बारिश लाने में अरब सागर से आने वाली नमी से भरी हवाओं की बड़ी भूमिका होती है। इस बार शुरूआती चरण में ये पश्चिमी हवाएं कमजोर रहीं, जिससे हवा में पर्याप्त नमी का स्तर नहीं बन पाया। चौथा कारण है कि मानसून की उत्तरी सीमा देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में करीब एक सप्ताह से अधिक समय तक एक ही जगह पर स्थिर रही, जिससे इसका उत्तर-पश्चिम की तरफ मूवमेंट रुक गया। </p>
<p style="text-align:justify;">वैज्ञानिक यह भी कहते हैं कि इस बार मानसून की धीमी चाल के पीछे अलनीनो का सीधा हाथ है। अलनीनो एक ऐसी वैश्विक मौसमी परिघटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है। जब प्रशांत महासागर में यह गर्मी बढ़ती है, तो यह वैश्विक वायुमंडल के चक्र को बदल देती है। इसके प्रभाव से भारत की ओर आने वाली मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं और बादलों के बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। </p>
<p style="text-align:justify;">असल में अलनीनो एक प्राकृतिक भौगोलिक घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से का पानी असामान्य रूप से गर्म हो जाता है। इस अत्यधिक गर्मी के कारण वैश्विक वायुमंडलीय परिसंचरण प्रभावित होता है, जिससे भारत की तरफ आने वाली नमी से भरी मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं। ऐतिहासिक रूप से देखा गया है कि अलनीनो वाले वर्षों में भारत में मानसूनी बारिश में भारी कमी आती है और सूखे की स्थिति पैदा होती है। आर्थिक विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस अलनीनो का असर केवल मौसम तक सीमित नहीं रहेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस अलनीनो चक्र के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था को साल 2032 तक 94 लाख करोड़ रुपए से अधिक का संचयी आर्थिक नुकसान हो सकता है। वहीं खाद्य उत्पादन घटने से बाजारों में अनाज और सब्जियों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे आम आदमी पर महंगाई का बोझ और अधिक बढ़ेगा। साथ ही बिजली संकट की आशंका जताई गई है। माना जा रहा है कम बारिश के कारण देश के जलाशयों का स्तर घटेगा, जिससे हाइड्रो पावर (जलविद्युत) उत्पादन प्रभावित होगा और गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल संभावित सूखे की स्थिति से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने पहले ही कमर कस ली है और इमरजेंसी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। सरकार ने देश के 150 से 200 से अधिक संवेदनशील जिलों की पहचान की है, जहां अलनीनो का असर सबसे खतरनाक हो सकता है। आकस्मिक फसल योजना के तहत कृषि मंत्रालय ने राज्यों को वैकल्पिक फसलों (कम पानी वाली फसलें या नकदी फसलें) की बुआई और आपातकालीन सिंचाई व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के मुख्य महीने जुलाई और अगस्त होते हैं। यदि इन महीनों में सरकार द्वारा सुझाई गई कम अवधि और कम पानी की खपत वाली फसलों की किस्मों को किसान अपनाते हैं, तो इस संकट के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कुल मिलाकर हमें अलनीनो का सामना करने के लिए कमर कसकर तैयार रहना होगा। <br /><strong>डॉ. मोनिका शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार (यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/delhi/el-ni%C3%B1o-the-increasing-effect-of-el-nino-is-the/article-87508</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/delhi/el-ni%C3%B1o-the-increasing-effect-of-el-nino-is-the/article-87508</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 16:43:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/elnino-2026.jpg"                         length="106841"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Monsoon Update: राजस्थान, यूपी व उत्तराखंड वासियों के लिए ख़ुशखबरी! ''झमाझम बारिश के लिए तैयार रहें सभी'' </title>
                                    <description><![CDATA[पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून का लंबा इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। देश के कई हिस्सों में तय समय से पीछे चल रहा मानसून अब तेजी से आगे बढ़ने के संकेत दे रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/monsoon-update-good-news-for-the-people-of-rajasthan-up/article-87429"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/sach-weather.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Monsoon Update: नई दिल्ली/हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून का लंबा इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। देश के कई हिस्सों में तय समय से पीछे चल रहा मानसून अब तेजी से आगे बढ़ने के संकेत दे रहा है। सामान्य परिस्थितियों में मानसून 20 जून के आसपास पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रहने के कारण करीब 10 दिनों की देरी हुई। Monsoon News</p>
<p style="text-align:justify;">इसी वजह से दोनों राज्यों के अधिकांश हिस्सों में अब तक गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है। अब मौसम की परिस्थितियां मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हो गई हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरपूर पूर्वी हवाएं उत्तर प्रदेश के पूर्वोत्तर हिस्सों तक पहुंचने लगी हैं। इन दोनों मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मानसून को उत्तर दिशा में तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी और आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम प्रणाली और मजबूत होगी, जिससे उत्तर प्रदेश और उससे लगे उत्तराखंड में बारिश का दायरा और तीव्रता बढ़ेगी। 2 जुलाई तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों और पूरे उत्तराखंड में व्यापक मानसूनी बारिश होने की उम्मीद है। इस दौरान कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे इन क्षेत्रों में मानसून का प्रभावी आगमन माना जाएगा। Monsoon News</p>
<h3 style="text-align:justify;">गर्मी से मिलेगी राहत, किसानों के लिए खुशखबरी</h3>
<p style="text-align:justify;">बारिश बढ़ने के साथ ही गर्म और उमस भरे मौसम से राहत मिलने लगेगी। बादल छाने और लगातार बारिश होने से दिन के तापमान में गिरावट आएगी तथा मौसम सुहावना हो जाएगा। मानसून की देरी के कारण किसान खरीफ फसलों की बुवाई शुरू नहीं कर पा रहे थे। जुलाई के पहले सप्ताह में व्यापक बारिश होने से मिट्टी में पर्याप्त नमी आएगी, जिससे धान, मक्का, दलहन और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी जुलाई के पहले सप्ताह के दौरान कई दौर की बारिश होने की संभावना है और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">देश में तिलहन को सबसे ज्यादा नुकसान</h3>
<p style="text-align:justify;">नई दिल्ली। अल नीनो के कारण कमजोर हुए मानसून का असर अब खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ रहा है। बीते साल की तुलना में इस साल खरीफ की बुवाई करीब 54 लाख हेक्टेयर कम हुई है। इसमें सबसे बुरा हाल तिलहनी फसलों (सोयाबीन और मूंगफली) का बना हुआ है। कृषि मंत्रालय के नए आंकड़ों के अनुसार, इस साल 25 जून तक पूरे देश में फसलों की बुवाई पिछले साल के मुकाबले करीब 23 फीसदी (53.74 लाख हेक्टेयर) कम हुई है। Monsoon News</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले साल इस समय तक जहाँ करीब 236 लाख हेक्टेयर से ज्यादा खेतों में बुवाई हो चुकी थी, वहीं इस साल करीब 183 लाख हेक्टेयर खेतों में ही बिजाई हो सकी है। मौसम विभाग का पैमाना बताता है कि 30 जून तक औसत बारिश का 40 प्रतिशत पानी नहीं बरसा। जून का महीना लगभग सूखा बीतने की वजह से खेतों में नमी गायब है और बुवाई का काम काफी अटक गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सीजन की सबसे मुख्य फसल धान की बुवाई अब तक केवल 26 लाख हेक्टेयर में हो सकी है, जबकि पिछले साल इसी दौरान यह 34 लाख हेक्टेयर से ज्यादा हो चुकी थी। इस तरह धान के खेतों में लगभग 25 प्रतिशत की बड़ी कमी आई है। मोटे अनाज का रकबा चार लाख हेक्टेयर कम चल रहा है। दलहन की कुल बुवाई पिछले साल के 21 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार सिर्फ 15 लाख हेक्टेयर रह गई है, जो कि सीधे-सीधे 30 प्रतिशत की भारी गिरावट है। खासतौर पर अरहर, उड़द और मूंग जैसी जरूरी दालों की बुवाई बहुत पिछड़ गई है। Monsoon News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/monsoon-update-good-news-for-the-people-of-rajasthan-up/article-87429</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/monsoon-update-good-news-for-the-people-of-rajasthan-up/article-87429</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:28:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/sach-weather.jpg"                         length="122156"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरसात के मौसम में एसी चलाते समय न करें ये गलतियां, वरना उठाना पड़ सकता है भारी नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[AC Safety Tips: अनु सैनी। मानसून का मौसम आते ही गर्मी से थोड़ी राहत तो मिल जाती है, लेकिन साथ ही नमी, सीलन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर असर जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में अगर आप इस मौसम में एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कुछ खास बातों का ध्यान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/do-not-make-these-mistakes-while-running-ac-in-rainy-season-otherwise-you-may-have-to-suffer-huge-losses/article-73401"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/ac-safety-tips.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>AC Safety Tips: अनु सैनी।</strong> मानसून का मौसम आते ही गर्मी से थोड़ी राहत तो मिल जाती है, लेकिन साथ ही नमी, सीलन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर असर जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में अगर आप इस मौसम में एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही आपके एसी को नुकसान पहुंचा सकती है और आपकी जेब पर भी भारी पड़ सकती है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि बरसात के मौसम में एसी का इस्तेमाल करते समय किन बातों से बचना चाहिए और कैसे इसकी सही देखभाल करके आप इसका लंबे समय तक लाभ उठा सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">1. आउटडोर यूनिट को बारिश और तूफान से बचाएं</h4>
<p style="text-align:justify;">बरसात के मौसम में तेज हवाओं और आंधियों का आना आम बात है। अगर आपके एसी का आउटडोर यूनिट खुले में, जैसे छत या बालकनी में लगा हुआ है, तो इसे खास सुरक्षा देने की जरूरत है। तेज बारिश और उड़ती हुई धूल-मिट्टी इसकी ग्रिल, फिन्स या पंखों को नुकसान पहुंचा सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या करें:-</h3>
<p style="text-align:justify;">आउटडोर यूनिट को वाटरप्रूफ कवर से ढककर रखें।<br />
ध्यान रखें कि यूनिट के चारों ओर हवा आने-जाने का रास्ता बना रहे।<br />
तेज तूफान के दौरान बिजली सप्लाई बंद कर दें।</p>
<h4 style="text-align:justify;">2. वोल्टेज फ्लक्चुएशन से बचाने के लिए स्टेबलाइजर लगवाएं</h4>
<p style="text-align:justify;">मानसून के दौरान बिजली बार-बार गुल होना और वोल्टेज का अचानक कम-ज्यादा होना एक आम समस्या है। एसी जैसे महंगे उपकरणों के लिए यह स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है, क्योंकि इससे इसके कंप्रेशर या सर्किट बोर्ड को नुकसान पहुंच सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या करें:- AC Safety Tips</h4>
<p style="text-align:justify;">एसी के साथ एक अच्छा क्वालिटी वाला ऑटोमैटिक वोल्टेज स्टेबलाइजर लगवाएं।<br />
ऐसे स्टेबलाइजर का चयन करें जो विशेष रूप से एसी के लिए डिज़ाइन किया गया हो।<br />
यदि संभव हो तो इनवर्टर तकनीक वाले एसी का उपयोग करें, जो कम वोल्टेज में भी कार्य कर सकता है।<br />
3. नमी से बचने के लिए ‘ड्राई मोड’ का करें इस्तेमाल<br />
मानसून में हवा में नमी का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है। यह नमी घर के अंदर फंगल स्मेल, दीवारों पर सीलन और स्किन इंफेक्शन जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है। अच्छी बात यह है कि अधिकतर आधुनिक एसी में ‘ड्राई मोड’ नाम का एक ऑप्शन आता है, जो विशेष रूप से मानसून के लिए उपयोगी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या करें:-</h3>
<p style="text-align:justify;">एसी को ड्राई मोड पर चलाएं ताकि यह कमरे की अतिरिक्त नमी को अवशोषित कर सके।<br />
ड्राई मोड बिजली की खपत भी कम करता है, जिससे बिल में भी राहत मिलती है।<br />
दिन में कुछ समय के लिए पंखा भी चलाएं ताकि हवा का सर्कुलेशन बना रहे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">4. एसी को घंटों लगातार न चलाएं</h3>
<p style="text-align:justify;">कई लोग मानसून के दौरान भी एसी को घंटों बिना रुके चलाते रहते हैं, जिससे उसके कंप्रेसर पर लगातार दबाव बना रहता है। इससे मशीन की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है और कभी-कभी खराबी भी आ सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या करें:-</h3>
<p style="text-align:justify;">हर 3-4 घंटे में एसी को थोड़ी देर के लिए बंद करें और कमरे की खिड़कियां खोल दें।<br />
यदि रात में एसी का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो टाइमर लगाएं जिससे यह खुद-ब-खुद बंद हो जाए।<br />
थर्मोस्टेट को ज्यादा कम तापमान पर सेट न करें, इससे कंप्रेसर पर लोड बढ़ता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">5. एसी की नियमित सफाई जरूरी है</h3>
<p style="text-align:justify;">मानसून में धूल कम उड़ती है लेकिन नमी के कारण एसी के फिल्टर में फंगस, बैक्टीरिया और गंदगी जमा हो जाती है। अगर इन्हें समय-समय पर साफ नहीं किया गया, तो न केवल एसी की कूलिंग कम होगी बल्कि यह बदबू भी फैलाएगा और आपकी सेहत पर भी असर डाल सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या करें:-</h3>
<p style="text-align:justify;">हर 10-15 दिन में एसी के फिल्टर को निकालकर साफ करें।<br />
आउटडोर यूनिट की जाली पर भी ध्यान दें, वहां धूल-मिट्टी जमा हो सकती है।<br />
जरूरत हो तो सर्विस इंजीनियर से डीप क्लीनिंग कराएं।<br />
6. एसी को सीधे बारिश के संपर्क में न आने दें<br />
कुछ लोग बालकनी में बैठते समय विंडो एसी या पोर्टेबल एसी का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि ये यूनिट्स बारिश की बूंदों के सीधे संपर्क में न आएं। इससे शॉर्ट सर्किट या मशीनरी डैमेज होने का खतरा रहता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या करें:-</h3>
<p style="text-align:justify;">यूनिट के चारों तरफ वाटरप्रूफ शेड लगाएं।<br />
पोर्टेबल एसी का उपयोग करते समय बिजली कनेक्शन को सूखा और सुरक्षित रखें।</p>
<h4 style="text-align:justify;">7. एसी की वारंटी शर्तों का ध्यान रखें</h4>
<p style="text-align:justify;">अक्सर मानसून के दौरान एसी में तकनीकी गड़बड़ियां आ जाती हैं, और लोग सीधे सर्विस सेंटर से संपर्क करते हैं। लेकिन कई बार समस्या वारंटी में कवर नहीं होती क्योंकि वह ‘गलत इस्तेमाल’ की श्रेणी में आ जाती है।<br />
क्या करें:-<br />
एसी की यूजर मैनुअल को ध्यान से पढ़ें और वारंटी शर्तों को समझें।<br />
मानसून के लिए ब्रांड द्वारा सुझाए गए इस्तेमाल के तरीके अपनाएं।<br />
किसी भी परेशानी की स्थिति में अधिकृत तकनीशियन से ही मरम्मत कराएं।<br />
बरसात का मौसम जितना सुहावना लगता है, उतना ही संवेदनशील भी होता है, खासकर आपके कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए। यदि आप थोड़ी सी सावधानी बरतें और एसी को सही तरीके से चलाएं, तो न केवल इसकी उम्र बढ़ेगी बल्कि आपका अनुभव भी बेहतर रहेगा।<br />
ध्यान रखें — एसी कोई साधारण उपकरण नहीं है, यह आपके घर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे सुरक्षित रखने के लिए मानसून में थोड़ी सी समझदारी और सावधानी ही काफी है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/do-not-make-these-mistakes-while-running-ac-in-rainy-season-otherwise-you-may-have-to-suffer-huge-losses/article-73401</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/do-not-make-these-mistakes-while-running-ac-in-rainy-season-otherwise-you-may-have-to-suffer-huge-losses/article-73401</guid>
                <pubDate>Mon, 14 Jul 2025 15:59:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-07/ac-safety-tips.jpg"                         length="30769"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana Delhi Monsoon: हरियाणा व दिल्ली में कमजोर हुआ मानसून, चल रही बिखरी बारिश</title>
                                    <description><![CDATA[अब वीकेंड पर तेज़ बरसात की संभावना हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। Haryana Delhi Monsoon: दक्षिण-पश्चिम मानसून के तहत राजस्थान, हिमाचल,उत्तराखंड व मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में चाहे मूसलाधार बारिश हो रही हो, लेकिन हरियाणा में देश की राजधानी दिल्ली में मानसून सक्रिय होते ही कमजोर हो गया। यही वजह है कि हरियाणा में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/monsoon-weakened-in-haryana-and-delhi-scattered-rain-is-going-on/article-72969"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/rain-3.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">अब वीकेंड पर तेज़ बरसात की संभावना</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)।</strong> Haryana Delhi Monsoon: दक्षिण-पश्चिम मानसून के तहत राजस्थान, हिमाचल,उत्तराखंड व मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में चाहे मूसलाधार बारिश हो रही हो, लेकिन हरियाणा में देश की राजधानी दिल्ली में मानसून सक्रिय होते ही कमजोर हो गया। यही वजह है कि हरियाणा में सभी जिलों में लगातार बारिश ने होकर बिखरे हुए इलाकों में बारिश हो रही है। भारत मौसम विभाग के चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र से जारी हुए मौसम बुलेटिन के मुताबिक अब हरियाणा में 6 वर्ष 7 जुलाई को तेज बारिश के आसार बने हुए हैं। इसी प्रकार दिल्ली में भी 6 वर्ष 7 जुलाई को ही बारिश आने की संभावना है। दूसरी तरफ पूर्वी राजस्थान,पश्चिमी राजस्थान,पंजाब व हिमाचल प्रदेश में मानसून की बरसात जारी रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अगले चार-पांच दिनों तक इन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों के दौरान हरियाणा व दिल्ली क्षेत्र में कहीं-कहीं हल्की और छिटपुट बारिश दर्ज की गई है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक हरियाणा की तरह दिल्ली में मानसून की आमद भी कुछ खास प्रभावशाली नहीं रही। कई उपनगरों में मानसून के दौरान बारिश नहीं हुई। दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में पिछले तीन दिनों में केवल 4.3 मिमी बारिश दर्ज हुई है। आगामी दो दिनों में भी दिल्ली-एनसीआर में हल्की व बिखरी बारिश ही देखने को मिलेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मौजूदा मौसम प्रणाली और मानसूनी दिशा | Haryana Delhi Monsoon</h3>
<p style="text-align:justify;">इस समय दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। एक अन्य परिसंचरण प्रणाली गंगा पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और झारखंड में मध्य वायुमंडलीय स्तरों तक बनी हुई है। एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ इन दोनों प्रणालियों को जोड़ रही है। फिलहाल इस ट्रफ की धुरी दिल्ली से काफी दक्षिण में है, जिससे दिल्ली में मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम की निष्क्रियता की वजह से दिन के तापमान में वृद्धि हो रही है। इस गर्मी और स्थानीय नमी के कारण कुछ क्षेत्रों में हल्की और बिखरी वर्षा हो रही है। शुक्रवार से ट्रफ की धुरी धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ेगी जिससे मौसम सक्रिय होने की संभावनाएं बनेंगी। हालांकि शुक्रवार को भी गतिविधियां हल्की रहेंगी, लेकिन शनिवार और रविवार को अच्छी मानसून बारिश होने के आसार हैं। यह बारिश छोटी अवधि की हो सकती है, लेकिन प्रभावी रहेगी। सप्ताहांत की बारिश अगले सप्ताह की शुरुआत तक जारी रह सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">राजस्थान में भारी बारिश की चेतावनी</h3>
<p style="text-align:justify;">भारत मौसम विभाग के जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक वीरवार को कोटा,उदयपुर,अजमेर, जोधपुर संभाग के कुछ भागों में भारी से अति भारी बारिश हुई व जयपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में भी मध्यम से तेज़ बारिश हुई। पूर्वी राजस्थान के कोटा, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, उदयपुर संभाग के कुछ भागों में आगामी 4-5 दिन बारिश की गतिविधियां जारी रहने व कहीं-कहीं भारी/अतिभारी बारिश होने की संभावना है। इसी प्रकार जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में भी आगामी 3-4 दिन मेघगर्जन के साथ मध्यम व कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="कैराना में खाली पड़े प्लाट में पड़ा मिला हरियाणा के युवक का शव" href="http://10.0.0.122:1245/empty-drug-injection-and-syringe-found-near-the-dead-body-of-the-deceased-youth/">कैराना में खाली पड़े प्लाट में पड़ा मिला हरियाणा के युवक का शव</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/monsoon-weakened-in-haryana-and-delhi-scattered-rain-is-going-on/article-72969</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/monsoon-weakened-in-haryana-and-delhi-scattered-rain-is-going-on/article-72969</guid>
                <pubDate>Thu, 03 Jul 2025 19:53:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-07/rain-3.jpg"                         length="15706"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Monsoon in India: हरियाणा, पंजाब, यूपी और दिल्ली में कितनी होगी बारिश, मौसम विभाग ने जारी कर दिया अपडेट</title>
                                    <description><![CDATA[हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। IMD Alert for Rain: मौसम विभाग ने उत्तर भारत और दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून को लेकर बड़ी जानकारी दी हैं, आईएमडी के वैज्ञानिक सोमा सेन ने शुक्रवार को कहां कि मॉनसून आज आगे बढ़ गया हैं, सफदरजंग ऑब्जर्वेट्री ने दिल्ली में सुबह 2:30 बजे से 5:30 बजे के बीच सबसे अधिक 228 […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/meteorological-department-released-the-update-of-rain-in-haryana-punjab-up-and-delhi/article-59192"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/imd-alert-for-rain.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)।</strong> IMD Alert for Rain: मौसम विभाग ने उत्तर भारत और दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून को लेकर बड़ी जानकारी दी हैं, आईएमडी के वैज्ञानिक सोमा सेन ने शुक्रवार को कहां कि मॉनसून आज आगे बढ़ गया हैं, सफदरजंग ऑब्जर्वेट्री ने दिल्ली में सुबह 2:30 बजे से 5:30 बजे के बीच सबसे अधिक 228 मिमी बारिश दर्ज की और बाकी ऑब्जर्वेट्री ने भारी बारिश की सूचना दी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सोमा सेन का कहना हैं कि उत्तर भारत में भारी बारिश जारी रहेगी, उत्तरी भारत में अगले 2-3 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान हैं, खासकर उतत्र प्रदेश में उन्होंने कहा कि दिल्ली के लिए भी हमने कल और परसों भारी बारिश को चेतावनी जारी की हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इन राज्यों में मॉनसून की हो चुकी है एंट्रीः-</h3>
<p style="text-align:justify;">आईएमडी का कहना हैं कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून शुक्रवार को पश्चिमी राजस्थान के कुछ और भागों, पूर्वी राजस्थान के बचे हुए एरिया, हरियाणा के कुछ अन्य जिलों, पूरी दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ और इलाकों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढञ, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार के शेष भागों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ और इलाकों से आगे बढ गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पंजाब में इन जिलों में यलो अलर्ट | IMD Alert for Rain</h3>
<p style="text-align:justify;">आपको बता दें कि मौसम विभाग ने एक दिन पहले ही पंजाब को लेकर अलर्ट जारी किया था, यहां गुरुवार को मॉनसून की एंट्री हुई थी, मौसम विभाग का कहना हैं कि अगल 2-3 दिनों में पूरे पंजाब में मॉनसून की बारिश होगी, आईएमडी ने 30 जून तक पंजाब के कई जिलों में मध्यक्ष से भारी बारिश होने की संभावना जताई हैं, इसके अलावा होशियारपुर, नवांशहर, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला, मोहाली और मलेरकोटला सहित पंजाब के 11 जिलों में 30 जून तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल के लिए भी दी गई चेतावनीः-</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं अगर आईएमडी के वैज्ञानिकों की मानें तो बंगाल की खाड़ी से आने वाली तेज दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण पूरे पश्चिम बंगाल में अगल 4-5 दिन भारी बारिश हो सकती हैं, मौसम विभाग का कहना हैं कि तेज दक्षिण-पश्चिम हवाओं के कारण रविवार तक दक्षिण बंगाल के जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बाऱिस हो सकती हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Monsoon Tips: बारिश होते ही घर में दिखने लगते हैं कीड़े-मकोड़े? घबराएं नहीं, बस अपनाएं ये चीजें, भागेंगे कोसों दूर" href="http://10.0.0.122:1245/do-insects-start-appearing-in-the-house-as-soon-as-it-rains-dont-panic-just-follow-these-things-they-will-run-away-miles-away/">Monsoon Tips: बारिश होते ही घर में दिखने लगते हैं कीड़े-मकोड़े? घबराएं नहीं, बस अपनाएं ये चीजें, भागेंगे कोसों दूर</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/meteorological-department-released-the-update-of-rain-in-haryana-punjab-up-and-delhi/article-59192</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/meteorological-department-released-the-update-of-rain-in-haryana-punjab-up-and-delhi/article-59192</guid>
                <pubDate>Sat, 29 Jun 2024 16:07:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2024-06/imd-alert-for-rain.jpg"                         length="42046"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लू से अब मिलेगी राहत, यूपी, हरियाणा सहित इन 14 राज्यों में होगी बारिश, मॉनसून ने दी बड़ी खुशखबरी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (संदीप सिंहमार)। Monsoon: देश के दक्षिणी हिस्सों में बारिश होने के आसार के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को केरल के तट पर पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल में पहुंच गया है और आज पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों की ओर आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग के पूवार्नुमान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/now-you-will-get-relief-from-heat-wave-it-will-rain-in-these-fourteen-states-including-up-haryana/article-58136"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/monsoon.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (संदीप सिंहमार)।</strong> Monsoon: देश के दक्षिणी हिस्सों में बारिश होने के आसार के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को केरल के तट पर पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल में पहुंच गया है और आज पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों की ओर आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग के पूवार्नुमान से एक दिन पहले ही मानसून ने केरल के तटों पर दस्तक दे दी। अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, नागालैंड, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर और असम में सामान्य मानसून की शुरूआत पांच जून तक हो सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">श्री बदरीनाथ धाम में हल्की बारिश | Monsoon</h3>
<p style="text-align:justify;">उत्तराखंड के चमोली जनपद स्थित श्री बदरीनाथ में गुरुवार प्रात: मौसम बदल गया। कुछ देर धूप आयी। उसके बाद बादल छा गये। फिर बारिश शुरू हो गई। बदरीनाथ केदार नाथ मंदिर समिति प्रवक्ता डा हरीश गौड़ ने बताया कि आज सुबह साढ़े दस बजे से बदरीनाथ में हल्की बारिश शुरू हो गयी है। जबकि श्री केदारनाथ में बादल छाये है। लेकिन मौसम सामान्य है। दोनों धामों में तीर्थयात्रियों का आगमन जारी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पश्चिमोत्तर राज्यों और दिल्ली में 2-3 दिनों में गर्मी से राहत की उम्मीद</h3>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली सहित कई स्थानों पर तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के पार होने के बीच मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमोत्तर भारत और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कुछ राहत की उम्मीद जताते हुए जल्द ही बूंदाबांदी के साथ आंधी आने की संभावना व्यक्त की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक बयान में कहा कि आने वाले पश्चिमी विक्षोभ, बारिश या तूफान और अरब सागर से उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बहने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवा के कारण तापमान में मध्यम गिरावट के कारण अगले 2-3 दिनों के दौरान भीषण गर्मी की स्थिति कम हो जाएगी। वहीं हरियाणा में भी कई क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। Monsoon</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले कुछ दिनों में पूरे उत्तर-पश्चिम भारत को लू ने अपनी चपेट में ले लिया है, जहां अधिकतम तापमान राजस्थान के चुरू में 50 डिग्री सेल्सियस से अधिक तक पहुंच गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम एजेंसी ने हालांकि कहा कि शुष्क मौसम के साथ भीषण गर्मी की स्थिति एक जून तक देश के कई हिस्सों में जारी रहेगी तथा अगले दो-तीन दिनों में उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में मौजूदा स्थितियां धीरे-धीरे कम हो जाएंगी। आईएमडी ने कहा कि गुरुवार के लिए लू चेतावनी को ‘रेड अलर्ट’ से ‘आॅरेंज अलर्ट’ में बदल दिया। अनुमान है कि तापमान में 2 डिग्री से से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी आएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली ने गुरुवार के लिए अपने पूवार्नुमान में कहा, ‘आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर लू की स्थिति बनी रहेगी। बहुत हल्की बारिश/बूंदाबांदी के साथ तेज हवाओं (गति 25-35 किमी प्रति घंटे) के साथ आंधी/धूल भरी आंधी की संभावना है। मुंगेशपुर मौसम केंद्र में बुधवार को पारा 52.9 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया। इस पर मौसम विभाग ने कहा कि यह दोषपूर्ण सेंसर का परिणाम हो सकता है। मौसम विभाग ने एक बयान में कहा, ‘दिल्ली एनसीआर में अधिकतम तापमान शहर के विभिन्न हिस्सों में 45.2 डिग्री से 49.1 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। मुंगेशपुर में अन्य स्टेशनों की तुलना में 52.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सेंसर में त्रुटि या स्थानीय कारक के कारण हो सकता है। इस मामले में ‘आईएमडी डेटा और सेंसर की जांच कर रहा है।’ मौसम विभाग ने 2-3 दिनों में दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सहित कई क्षेत्रों में बारिश की भविष्यवाणी की है।</p>
<p style="text-align:justify;">भू विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि दिल्ली में 52 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान ‘बहुत ही असंभव’ है। दिल्ली के प्राथमिक मौसम केंद्र, सफदरजंग वेधशाला ने बुधवार को अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो 79 वर्षों में सबसे अधिक है। दूसरी ओर मौसम विभाग ने कहा कि गुरुवार को बिहार, झारखंड और ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में लू से लेकर गंभीर लू की स्थिति होने की संभावना है। यह भी कहा गया है कि 30 और 31 मई को कोंकण और गोवा के अलग-अलग हिस्सों में गर्म और आर्द्र मौसम रहने की संभावना है। Monsoon</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="RBSE 5th, 8th Result 2024 Live : 5वीं, 8वीं का परीक्षा परिणाम यहाँ देखें!" href="http://10.0.0.122:1245/check-5th-8th-exam-result-here/">RBSE 5th, 8th Result 2024 Live : 5वीं, 8वीं का परीक्षा परिणाम यहाँ देखें!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/now-you-will-get-relief-from-heat-wave-it-will-rain-in-these-fourteen-states-including-up-haryana/article-58136</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/now-you-will-get-relief-from-heat-wave-it-will-rain-in-these-fourteen-states-including-up-haryana/article-58136</guid>
                <pubDate>Thu, 30 May 2024 15:18:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2024-05/monsoon.jpg"                         length="62453"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Weather Update: देश के इन राज्यों में अगले 5 दिनों तक होगी झमाझम बारिश, आईएमडी ने जारी किया अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[Weather Update: राजधानी दिल्ली समेत हरियाणा, पंजाब में उमस भरी गर्मी पड़ रही है। इस बीच मौसम विभाग ने भारत के कुछ राज्यों के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके साथ ही मॉनसून को लेकर भी अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर पश्चिम भारत में अब दक्षिण पश्चिम मॉनसून कमजोर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/there-will-be-heavy-rain-in-these-states-of-the-country-for-the-next-5-days-imd-issued-alert/article-51776"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/weather-update-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Weather Update: राजधानी दिल्ली समेत हरियाणा, पंजाब में उमस भरी गर्मी पड़ रही है। इस बीच मौसम विभाग ने भारत के कुछ राज्यों के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके साथ ही मॉनसून को लेकर भी अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर पश्चिम भारत में अब दक्षिण पश्चिम मॉनसून कमजोर पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उधर दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत व दक्षिण प्रायद्वीप क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में अगले 5 दिन तक भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान आंध्र प्रदेश के कई शहरों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। उधर देश के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश की संभावना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हरियाणा, दिल्ली में उमस भरी गर्मी | Weather Update</h4>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा व दिल्ली समेत देश के उत्तर पश्चिमी राज्यों में बारिश के कोई आसार नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वहीं उत्तराखंड में 1-2 सितंबर को बारिश की संभावना है। जिसके कारण उत्तराखंड मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। उधर पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम व त्रिपुरा में भी अगले 5 दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। आईएमडी के अनुसार, असम व मेघालय में वीरवार यानि आज से शनिवार तक बारिश होने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ व दक्षिण भारत के राज्यों में भारी बारिश होने की सम्भावना है। उधर आंध्र पेदश के तटवर्ती इलाकों, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी के कुछ क्षेत्रों में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई है। उधर कर्नाटक के उत्तरी अंदरूनी क्षेत्रों में भी एक से दो सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं आंध्र प्रदेश के कई जिलों में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। Weather Update</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/there-will-be-heavy-rain-in-these-states-of-the-country-for-the-next-5-days-imd-issued-alert/article-51776</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/there-will-be-heavy-rain-in-these-states-of-the-country-for-the-next-5-days-imd-issued-alert/article-51776</guid>
                <pubDate>Thu, 31 Aug 2023 11:19:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-08/weather-update-3.jpg"                         length="35659"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Himachal Weather:हिमाचल में मानसून फिर दिखा सकता है रौद्र रूप, तीन अगस्त तक अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[शिमला। Himachal Weather: कुछ दिनों की राहत के बाद हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर आक्रामक रूप अख्तियार कर सकता है। इसके लिए तीन अगस्त तक ‘अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश में तीन अगस्त से एक बार फिर भारी बरसात की संभावना जताई है। मौजूदा मानसून में अब तक हिमाचल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/monsoon-can-again-show-fierce-form-in-himachal-alert-till-august-3/article-50673"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/weather-news-today.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>शिमला। </strong>Himachal Weather: कुछ दिनों की राहत के बाद हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर आक्रामक रूप अख्तियार कर सकता है। इसके लिए तीन अगस्त तक ‘अलर्ट’ जारी किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग ने प्रदेश में तीन अगस्त से एक बार फिर भारी बरसात की संभावना जताई है। मौजूदा मानसून में अब तक हिमाचल प्रदेश में पिछले साल के मुकाबले 60 फीसदी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा मौसम विज्ञान केंद्र ने बरसात का सिलसिला आगामी छह से सात अगस्त तक जारी रहने की संभावना जताई है।  Himachal Weather</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विज्ञान केंद्र शिमला में वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि आगामी तीन अगस्त तक प्रदेश में हल्की बारिश जारी रहेगी, इसके बाद तीन और चार अगस्त को प्रदेश में एक बार फिर भारी बरसात होने की संभावना है। मौसम विभाग भारी बरसात को लेकर अलर्ट भी जारी कर सकता है। मौजूदा मानसून में अब तक देश में सामान्य से 60 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से 50 फीसदी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। राज्य के किन्नौर जिला में सबसे ज्यादा सामान्य से 100 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हुई है,तो वहीं जिला लाहौल स्पीति में सबसे कम सामान्य से दो फीसदी कम बारिश दर्ज की गई।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/eye-flu-home-remedy/">Eye Flu Home Remedy: मिला ये महत्वपूर्ण क्लू, इसलिए फैल रहा ‘आई फ्लू’! जानें, इन्फेक्शन से बचने के घरेलू उपाय</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/monsoon-can-again-show-fierce-form-in-himachal-alert-till-august-3/article-50673</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/monsoon-can-again-show-fierce-form-in-himachal-alert-till-august-3/article-50673</guid>
                <pubDate>Tue, 01 Aug 2023 12:39:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-08/weather-news-today.jpg"                         length="36438"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Schools Closed News: हो रही है बारिश भारी, स्कूल बंद के आदेश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[इन राज्य की सरकारों ने आदेश किए जारी | school holiday Schools Closed News Updates: पूरा उत्तर भारत लगातार बारिश का दंश झेल रहा है, जिसके कारण राज्य सरकारों को कड़े कदम उठाने पड़ रहे हैं। कुदरती आफत से मचने वाली तबाही के मंजर को देखते हुए विभिन्न राज्यों की सरकारों ने स्कूलों की छुट्टियाँ […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/schools-closed-news-updates/article-49927"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/schools-closed-news-updates.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">इन राज्य की सरकारों ने आदेश किए जारी | school holiday</h3>
<p style="text-align:justify;">Schools Closed News Updates: पूरा उत्तर भारत लगातार बारिश का दंश झेल रहा है, जिसके कारण राज्य सरकारों को कड़े कदम उठाने पड़ रहे हैं। कुदरती आफत से मचने वाली तबाही के मंजर को देखते हुए विभिन्न राज्यों की सरकारों ने स्कूलों की छुट्टियाँ बढ़ाने का आदेश जारी किया है। उल्लेखनीय यह है कि दिल्ली में 41 साल में पहली बार कल ही एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश होने का रिकॉर्ड टूटा था। हिमाचल में भी भारी बारिश के कारण नदियां उफन रही हैं और वहां से लगातार तबाही के मंजर सामने आ रहे हैं। इसी प्रकार कई राज्यों में जलभराव से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए विभिन्न राज्यों और जिलों के स्कूलों में छुट्टियां बढ़ाने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। भारत की राजधानी दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा एवं देश के अन्य राज्यों में स्कूल बंद के आदेश जारी किए गए हैं। जानें ताजा अपडेट:- Schools Closed News Updates</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली में एमसीडी से मान्यता प्राप्त अथवा सहायता प्राप्त स्कूलों में 11 जुलाई को छुट्टी घोषित की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री ने ट्वीट के जरिय बताया कि जिन क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात हैं उन क्षेत्रों में अनिश्चित काल के लिए स्कूल बंद रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा के अंबाला, यमुनागर और पंचकूला में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिसके चलते स्कूलों और शिक्षण संस्थानों की छुट्टियां बढ़ा दी हंै। अलग अलग जिला उपायुक्तों ने 15 जुलाई तक छुट्टियों के आदेश जारी किये हैं। जानकारी के मुताबिक हरियाणा के पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात उत्पत्न हो गए हैं जिसके बाद विभाग की ओर से कड़े कदम उठाए जा रहे हैं वहीं स्कूलों की छुट्टियां कर दी गई है ताकि स्कूलों में आने वाले बच्चों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। Schools Closed News Updates</p>
<p style="text-align:justify;">हिमाचल प्रदेश में सभी स्कूल एवं कॉलेज बंद रखने के आदेश मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर जारी किए हैं। उन्होंने लिखा कि, राज्य में भारी बारिश के चलते राज्य सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त सभी सरकारी एवं निजी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में 10-17 जुलाई तक प्रशासन ने छुट्टियां रखने के आदेश जारी किए हैं। यहां पर होने वाले कांवड़ मेले के दृष्टिगत यह फैसला किया गया है। इस दौरान कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। इसके अलावा देहरादून में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद में 15 जुलाई तक स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। वहीं मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के चलते 8-16 जुलाई तक छुट्टियां घोषित की गई हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/diet-tips-for-uric-acid/">Diet Tips For Uric Acid: यूरिक एसिड बढ़ने पर तुरंत खाना छोड़ दें ये चीजें</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/schools-closed-news-updates/article-49927</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/schools-closed-news-updates/article-49927</guid>
                <pubDate>Thu, 13 Jul 2023 12:42:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-07/schools-closed-news-updates.jpg"                         length="47674"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rain Deficit: उत्तर भारत &amp;#8216;जल प्रलय&amp;#8217; से परेशान, इन राज्यों का सूखा कर रहा हैरान!</title>
                                    <description><![CDATA[ये राज्य कर रहे बारिश का इंतजार, फसलों का हो सकता है बुरा हाल! नई दिल्ली। Rain Deficit: एक तरफ जहां पूरा उत्तर भारत लगभग दो सप्ताह से हो रही भारी बारिश और बाढ़ के हालात से परेशान है। वहीं देश के कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जो बारिश के इंतजार में नजरें बिछाए बैठे हैं […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/north-india-troubled-by-jal-pralay-the-drought-of-these-states-is-surprising/article-49886"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/rain-deficit.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">ये राज्य कर रहे बारिश का इंतजार, फसलों का हो सकता है बुरा हाल!</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> Rain Deficit: एक तरफ जहां पूरा उत्तर भारत लगभग दो सप्ताह से हो रही भारी बारिश और बाढ़ के हालात से परेशान है। वहीं देश के कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जो बारिश के इंतजार में नजरें बिछाए बैठे हैं और मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि तेलंगाना, केरल समेत मध्य दक्षिणी और कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में अनुमान से कम बारिश हुई है। ये राज्य मानसून के खराब दौर से गुजर रहे हैं, जिसका असर फसलों पर भी पड़ने के आसार हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/benefits-of-black-turmeric-in-hindi/">Black Turmeric: औषधीय गुणों से भरपूर है काली हल्दी, जानें अनोखे और चमत्कारी लाभ</a></p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि कई राज्यों में हो रही लगातार तेज बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। उत्तर भारत के अधिकतर राज्यों में ‘जल प्रलय’ का कहर सबसे ज्यादा देखने को मिला। लगातार दो सप्ताह से हो रही इस बारिश ने मानसून की कमी को पूरा कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से देशभर के तमाम राज्यों में मानसून की शुरूआत हुई, जिसमें बताया गया कि तमिलनाडु को छोड़कर सभी दक्षिणी राज्यों में मानसून के इस सीजन में अनुमान से कम बारिश हुई है, जिससे किसानों की फसलों पर भारी असर पड़ रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार मानसून के नम्र व्यवहार के चलते तेलंगाना, आंध्र, कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में फसलों की बुआई में देरी हो गई है। इतना ही नहीं कर्नाटक और तेलंगाना सरकार ने मानसून के अनुमान से कम आने पर सूखे की भी आशंका जताई है।</p>
<p style="text-align:justify;">टीएसडीपीएस (तेलंगाना राज्य विकास और योजना सोसायटी) के बुलेटिन के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि 1 जून से लेकर 11 जुलाई तक होने वाली कुल बारिश 150.4 मिमी थी, जबकि सामान्य बारिश 197.5 मिमी होनी चाहिए. यानी बारिश में 24% की कमी देखी गई है। आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष इस दौरान राज्य में भारी बारिश दर्ज की गई थी। तेलंगाना में गत वर्ष जून-जुलाई में 395.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। राज्य में पिछले साल के मुकाबले 65% कम बारिश हुई है।</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/good-news-free-ration-kit-and-smartphone-will-be-available-from-this-month-big-announcement-of-the-government/">Rajasthan News: खुशखबरी: इसी महीने से मिलेंगी फ्री राशनकिट व स्मार्टफोन, सरकार का बहुत बड़ा ऐलान</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“Rajasthan News: खुशखबरी: इसी महीने से मिलेंगी फ्री राशनकिट व स्मार्टफोन, सरकार का बहुत बड़ा ऐलान” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/good-news-free-ration-kit-and-smartphone-will-be-available-from-this-month-big-announcement-of-the-government/embed/#?secret=eu4pUnB4Bd%23?secret=c1ljf9nVZi" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<p style="text-align:justify;">कर्नाटक राज्य के बारे में बताएं तो वहां भी कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिला है। कर्नाटक मौसम विभाग अधिकारियों के अनुसार ज्यादातर बांध कम बारिश के चलते सूखने की कगार पर हैं। कृष्णराजसागर (केआरएस) बांध, जिससे बेंगलुरु और बाकी जगहों के लिए पानी की सप्लाई होती है, वो लगातार सूख रहा है। इसका जलस्तर घटते-घटते 30 फीट तक नीचे चला गया है। साथ ही हैदराबाद और आसपास के इलाकों में पानी की आपूर्ति करने वाला तुंगभद्रा बांध में भी पानी का स्तर लगातार घट रहा है। ऐसे बांधों और नदियों को भरने के लिए पर्याप्त मात्रा में बारिश नहीं हो रही है। अधिकारियों ने बताया है कि अगर ऐसे ही हालात बने रहे तो बिजली उत्पादन और पीने के पानी की समस्या हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">केरल की बात करें तो केरल में भी मानसून ने अपना असली रूप नहीं दिखाया है। कम बारिश के चलते वहीं भी यही हाल है। केरल के कई स्थानों पर कम बारिश हुई है। मौसम विभाग अधिकारियों के अनुसार उत्तर केरल के कुछ हिस्सों को छोड़ दें तो ज्यादातर जगहों पर सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। केरल में बारिश में करीब 31% की कमी देखने को मिली है। करीब 9 जिलों में बारिश की भारी कमी है।</p>
<p style="text-align:justify;">दक्षिण के अलावा पूर्वी राज्यों बिहार, झारखंड और ओडिशा के भी यही हाल हैं, जहां गत वर्ष के मुकाबले काफी हद तक कम बारिश देखने को मिली है। वहीं असम को छोड़ दें तो सभी पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का इंतजार है। इन राज्यों में देश के बाकी हिस्सों के मुकाबले ज्यादा बारिश होती है, बावजूद इसके यहां पर्याप्त मानसूनी की बारिश का इंतजार हो रहा है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/north-india-troubled-by-jal-pralay-the-drought-of-these-states-is-surprising/article-49886</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/north-india-troubled-by-jal-pralay-the-drought-of-these-states-is-surprising/article-49886</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Jul 2023 13:00:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-07/rain-deficit.jpg"                         length="58931"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक तरफ देश मे बारिश से हाहाकार, दूसरी तरफ अभी भी है इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[मानसून में भी बारिश न होने से धान रोपाई में हो रही देरी किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें | Weather धमतान साहिब (सचकहूँ/कुलदीप नैन)। पूरे देश मे बारिश से हाहाकार मचा हुआ, छोटी से लेकर बडी बड़ी नदिया नहरे खतरे के निशान से ऊपर चल रही है। बारिश। पहाड़ो में आई बाढ़ का […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/paddy-transplanting-delayed-due-to-lack-of-rain-even-in-monsoon/article-49867"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/dhamtan-sahib-news.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">मानसून में भी बारिश न होने से धान रोपाई में हो रही देरी</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें | Weather</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>धमतान साहिब (सचकहूँ/कुलदीप नैन)। </strong>पूरे देश मे बारिश से हाहाकार मचा हुआ, छोटी से लेकर बडी बड़ी नदिया नहरे खतरे के निशान से ऊपर चल रही है। बारिश। पहाड़ो में आई बाढ़ का असर मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। लेकिन अभी भी कुछ इलाके ऐसे है जो मानसून की बारिश से वंचित है। जहाँ किसान अभी भी रोजाना आसमान में छाए काले बादलों की तरफ टकटकी लगाकर देख रहे है। Dhamtan Sahib News</p>
<p style="text-align:justify;">जी हाँ यहां बात कर रहे है जींद जिले की। वैसे तो लगभग पूरे जींद जिले में ही सामान्य बारिश हुई है लेकिन उचाना नरवाना व धमतान साहिब में सामान्य से भी कम बारिश अभी तक देखी गयी है। सब जगह अच्छी बारिश होने से ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो इस इलाके से इंद्रदेव रूठ से गए हो।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले एक पखवारे के अधिक समय से जोरदार बारिश नहीं हुई है। जिस कारण धान की रोपाई का लक्ष्य पिछड़ रहा है। तो वहीं उमस वाली गर्मी से लोग परेशान हैं। एक तरफ जहां कई जिलों और राज्यो में फसले डूब गई है। वहीं यहां मानसून की दगाबाजी से किसान ट्यूबवेल चला रोपाई कराने को मजबूर हो रहे हैं। हालांकि प्री मानसून से लेकर मानसून आने तक ठीक बारिश हुई थी। उस समय मौसम के मिजाज को देख किसानों को उम्मीद थी इस बार मानसून में भी अच्छी बारिश होगी, लेकिन अभी तक देखने को नही मिला। मानसून की दगाबाजी ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। Dhamtan Sahib News</p>
<h3 style="text-align:justify;">अब रोजाना हो रही है धान रोपाई ने देरी | Weather</h3>
<p style="text-align:justify;">पिछले लगभग 10 दिनों से आकाश में बादल जरूर उमड़ रहे हैं लेकिन बारिश नहीं हो पा रही है। किसान राममेहर, कृष्ण, सतीश, सन्दीप, मुकेश, रवि, गुरमेल का कहना है कि इस बार हमारे इलाके को छोड़कर सभी जगह सामान्य से कही ज्यादा बारिश हो रही है। लेकिन यहां हालात ऐसे है कि धान रोपाई करने में भी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। अब तो एक एक दिन की धान रोपाई में देरी हो रही है, अगर अब भी बारिश नही हुई तो किसानों के लिए बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Benifits Of Blackberry: सही तरीके से जामुन खाएं, 7 रोगों को दूर भगाएं" href="http://10.0.0.122:1245/jamun-khane-ke-fayde/">Benifits Of Blackberry: सही तरीके से जामुन खाएं, 7 रोगों को दूर भगाएं</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/paddy-transplanting-delayed-due-to-lack-of-rain-even-in-monsoon/article-49867</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/paddy-transplanting-delayed-due-to-lack-of-rain-even-in-monsoon/article-49867</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Jul 2023 19:15:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-07/dhamtan-sahib-news.gif"                         length="51624"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Home Remedies: बरसात के सीजन में कपड़ों की बदबू से हैं परेशान, तो अपनाएं ये टिप्स और आसान सा समाधान</title>
                                    <description><![CDATA[Home Remedies: ज्यादातर देखने में आता है कि बरसात के सीजन में कपड़ों को बार-बार धोने के बावजूद कपड़ों में नमी एवं अजीब सी बदबू बनी रहती है, जिनसे पार पाना आपके लिए मुनासिब नहीं होता। उसके लिए एक आसान सा समाधान और कुछ टिप्स साझा किए जा रहे हैं जो आपके कपड़ों से आने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/home-remedies/article-49719"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/home-remedies.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Home Remedies: ज्यादातर देखने में आता है कि बरसात के सीजन में कपड़ों को बार-बार धोने के बावजूद कपड़ों में नमी एवं अजीब सी बदबू बनी रहती है, जिनसे पार पाना आपके लिए मुनासिब नहीं होता। उसके लिए एक आसान सा समाधान और कुछ टिप्स साझा किए जा रहे हैं जो आपके कपड़ों से आने वाली दुर्गंध को पूरी तरह से मिटाने में मददगार साबित होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">क्या हैं टिप्स:- आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब भी बरसात के मौसम में आप कपड़े धोएं, तो डिटर्जेंट पाउडर में सिरका डालकर कपड़े धोएं। ऐसा करने से आपके कपड़ों से दुर्गंध नहीं आएगी। वहीं बैक्टीरिया पनपने का खतरा भी नहीं रहेगा। क्या होता है कि कपड़ों में धूप ना लगने के कारण कपड़ों से बदबू आने लगती है, ऐसे में आप जब भी अपने कपड़े को धोकर अलमारी में रखें तो कपड़ों के बीच में कपूर डालकर रख दें। इससे आपको दुर्गंध से छुटकारा मिल सकता है। इसमें एंटी फंगल गुण होता है जो आपको इंफेक्शन से भी बचा सकता है।</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/heart-attack-in-kids/">Heart Attack in Kids: इन कारणों से कम उम्र में आ सकता है हार्ट अटैक, हो जाए अलर्ट</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“Heart Attack in Kids: इन कारणों से कम उम्र में आ सकता है हार्ट अटैक, हो जाए अलर्ट” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/heart-attack-in-kids/embed/#?secret=2Io05pyehk%23?secret=fDfOb6MtaW" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<p style="text-align:justify;">बरसात के सीजन में कपड़ों को कितना मर्जी सुखा लें, धूप ना लगने की वजह से उनमें नमी बनी रहती है। ऐसे में जहां कहीं भी आप कपड़े को रखें, वहां पर चौक के कुछ टुकड़े छोड़ दें। ये नमी को सोखने के साथ बदबू से भी छुटकारा  लाएगा। ऐसे ही कपड़ों की धुलाई करते समय डिटर्जेंट पाउडर के साथ अगर बेकिंग सोडा मिक्स कर दिया जाए तो भी कपड़ों में बदबू आनी बंद हो जाएगी। इससे कपड़ा काफी फ्रेश लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आपको बता दें कि कपड़ों को सुखाने के लिए आप और भी कई तरीके अपना सकते हैं जैसे, आयरन या ड्रायर का इस्तेमाल कर सकते हैं। जब कपड़े हल्के गीले रहें तो इन्हें प्रेस करके पंखे की हवा में लटका कर छोड़ दें। इससे कपड़ों की नमी आसानी से सूख जाएगी और बदबू से भी बचे रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">बरसात के मौसम में कपड़ों से बदबू आने का एक और अन्य कारण यह है कि धूप नहीं लगने की वजह से भी कपड़ों से गंदी बदबू आने लगती है और फंगल इंफेक्शन का भी खतरा बन जाता है। ऐसे में जब भी कपड़े अलमारी वगैरह में रखें तो कपड़ों के बीच में नीम की पत्तियां रख सकते हैं, जिससे ना केवल कपड़ों की दुर्गंध दूर होगी बल्कि ये इंफेक्शन से भी बचाने में मदद करेगा।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/are-these-foods-bad-for-the-heart/">Harmful Food For Heart: क्या दिल के लिए हानिकारक हैं ये फूड? | Dr Shobhit Tomar</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/home-remedies/article-49719</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/home-remedies/article-49719</guid>
                <pubDate>Sat, 08 Jul 2023 10:34:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-07/home-remedies.jpg"                         length="42033"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        