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                <title>Cough Syrup - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Cough Syrup RSS Feed</description>
                
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                <title>सरकार का बड़ा फैसला: अब यह सिरप खरीदने के लिए दिखानी होगी डॉक्टर की पर्ची, सिर्फ लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों से ही मिलेंगी ये दवाएं</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 (पांचवां संशोधन) में बदलाव करते हुए उस छूट को समाप्त कर दिया है, जिसके तहत छोटे गांवों में कुछ खुदरा लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन किए बिना खांसी की सिरप बेची जा सकती थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/now-to-buy-this-syrup-you-will-have-to-show/article-86395"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/cough-syrup.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> Cough Syrup: सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 (पांचवां संशोधन) में बदलाव करते हुए उस छूट को समाप्त कर दिया है, जिसके तहत छोटे गांवों में कुछ खुदरा लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन किए बिना खांसी की सिरप बेची जा सकती थी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। </p>
<p style="text-align:justify;">बयान के अनुसार, इस संशोधन को अधिसूचना के जरिए लागू किया गया है। इसके तहत ड्रग्स रूल्स, 1945 की अनुसूची-के से 'सिरप' शब्द को हटा दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बयान के मुताबिक, अनुसूची-के में कुछ विशेष श्रेणी की दवाओं को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और उसके तहत बनाए गए नियमों के कुछ प्रावधानों से छूट दी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">संशोधन से पहले यह प्रावधान था कि 1,000 से कम आबादी वाले गांवों में खांसी की सिरप को कुछ खुदरा बिक्री लाइसेंस नियमों का पालन किए बिना बेचा जा सकता था। लेकिन अब इस नई व्यवस्था के बाद यह छूट खांसी की सिरप पर लागू नहीं होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अब ऐसे गांवों में खांसी की सिरप की बिक्री और वितरण केवल विधिवत लाइसेंस प्राप्त फार्मेसी के माध्यम से ही किया जा सकेगा। इसके लिए ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और ड्रग्स रूल्स, 1945 के सभी प्रावधानों का पालन करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि यह संशोधन सिरप आधारित दवाओं पर नियामकीय निगरानी को मजबूत करने और मौजूदा सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप नियमों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्रालय के अनुसार, इस कदम से खांसी की सिरप के जिम्मेदाराना वितरण और बिक्री को बढ़ावा मिलेगा तथा पूरे देश में नियामकीय मानकों का बेहतर पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा मंत्रालय ने खांसी की सिरप बनाने वाली कंपनियों, वितरकों और विक्रेताओं को सलाह दी है कि वे ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और ड्रग्स रूल्स के तहत लागू सभी लाइसेंस और नियामकीय आवश्यकताओं का सख्ती से पालन करें।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बदलाव के बाद उपभोक्ताओं को ऐसी दवाएं खरीदने के लिए अब पंजीकृत चिकित्सा विशेषज्ञ द्वारा जारी वैध प्रिस्क्रिप्शन दिखाना होगा। यानी खांसी की सिरप अब केवल निर्धारित नियमों और लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर के माध्यम से ही उपलब्ध होगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/cough-syrup.jpg" alt="Cough Syrup" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 14:57:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जानलेवा Cough Syrup : अब पानीपत में मिला कफ सिरप कंपनी का प्लांट</title>
                                    <description><![CDATA[Cough Syrup जांच टीम के दौरे के बाद मालिक से रिकॉर्ड तलब -गांबिया में मर चुके हैं जानलेवा कफ सिरफ के कारण 66 बच्चे सोनीपत (सच कहूँ न्यूज)। सोनीपत और बद्दी के बाद कफ सिरप ( Cough Syrup ) मामले की कड़ी पानीपत से जुड़ती नजर आ रही है। मेडन फार्मास्यूटिकल्स कंपनी का एक यूनिट […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/cough-syrup/article-38787"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/cough-syrup.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong> Cough Syrup</strong></li>
<li><strong>जांच टीम के दौरे के बाद मालिक से रिकॉर्ड तलब<br />
</strong></li>
<li><strong>-गांबिया में मर चुके हैं जानलेवा कफ सिरफ के कारण 66 बच्चे</strong></li>
</ul>
<p><strong>सोनीपत (सच कहूँ न्यूज)।</strong> सोनीपत और बद्दी के बाद कफ सिरप <strong>( Cough Syrup )</strong> मामले की कड़ी पानीपत से जुड़ती नजर आ रही है। मेडन फार्मास्यूटिकल्स कंपनी का एक यूनिट हरियाणा के जिला पानीपत में भी है। सेक्टर-25 में बने इस प्लांट की भी जांच शुरू की जा चुकी है। इस मामले में कंपनी के डायरेक्टर विवेक गोयल से जांच टीम ने पूछताछ की है। जांच टीम ने कई डॉक्यूमेंट्स भी अपने कब्जे में लिये हैं। जो शक के घेरे में आए कफ सिरप से जुड़े हुए हैं। वहीं कंपनी के गेट पर मेडिसिन कंट्रोल एजेंसी ने नोटिस भी चिपका दिया गया है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/mountaineer-nitish-dahiya/">हरियाणा के पर्वतरोही नीतिश दहिया का उत्तराखंड में मिला शव</a></p>
<h3><strong>सैंपल जांच के लिए भेजे गए</strong></h3>
<p>ड्रग कंट्रोलर जनरल आॅफ इंडिया और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की एक संयुक्त टीम लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है। कंपनी के डायरेक्टर और सह डायरेक्टर को गांबिया सरकार की ओर से भी इस मामले में नोटिस भेज कर जवाब मांगा गया है। सरकार इस कंपनी के प्लांट से 5 सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए कोलकाता की सेंट्रल लेबोरेटरी भी भेज चुकी है।</p>
<h2><strong>स्टेट ड्रग कंट्रोलर की चुप्पी</strong></h2>
<p>केंद्रीय टीमें लगातार इस मामले में जांच कर रही हैं, जबकि स्टेट ड्रग कंट्रोलर के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक सैंपल के नमूनों की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। हालांकि हरियाणा के राज्य मंत्री अनिल विज खुद इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उनका कहना है कि जांच जारी है, जल्द ही मामले से पर्दा उठ जाएगा।</p>
<h3><strong>पानीपत प्लांट पर बढ़ाया पुलिस का पहरा</strong></h3>
<p>जांच में कंपनी के पानीपत के सेक्टर-25 में प्लांट होने का खुलासा हुआ है। ऐसे में मामले को लेकर पानीपत की स्थानीय पुलिस भी एक्टिव हुई है। जिले के अधिकारियों ने प्लांट का दौरा करके हालातों का जायजा लिया। साथ ही मौके पर पुलिस का पहरा भी बढ़ा दिया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही केंद्रीय टीमें इस प्लांट का भी दौरा करेंगी।</p>
<h3><strong>इन देशों में कफ सिरप की सप्लाई</strong></h3>
<ul>
<li><strong>1990 में रजिस्टर्ड कंपनी की एशिया के कई देशों में दवाओं की सप्लाई है।</strong></li>
<li><strong> इनमें अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और दक्षिण पूर्व एशिया प्रमुख देश शामिल हैं।</strong></li>
<li><strong>  अलर्ट जारी करने के बाद कंपनी की जांच जारी है।</strong></li>
<li><strong><strong> जांच में यह कहा जा रहा है कि कंपनी के कफ सीरप को संभावित </strong></strong></li>
<li><strong><strong>रूप से गांबिया में बच्चों की मौत से जोड़ा जा सकता है।</strong></strong><br />
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</li>
</ul>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Oct 2022 17:03:03 +0530</pubDate>
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