<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/tourism/tag-2087" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Tourism - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/2087/rss</link>
                <description>Tourism RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Himachal Tourism: हिमाचल में सैलानियों के आई अच्छी खबर</title>
                                    <description><![CDATA[Himachal Tourism: हिमाचल प्रदेश के कांगडा जिले में सैलानियों की सुविधा के लिए प्रदेश सरकार ने शिमला से धर्मशाला के लिए हवाई सेवा उपलब्ध करवाई है। दिल्ली से शिमला और शिमला से धर्मशाला (गगल) के लिए अलायंस एयर की दैनिक उड़ान उपलब्ध है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक अमित कश्यप ने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/himachal-tourism/article-52009"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/himachal-tourism.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Himachal Tourism: हिमाचल प्रदेश के कांगडा जिले में सैलानियों की सुविधा के लिए प्रदेश सरकार ने शिमला से धर्मशाला के लिए हवाई सेवा उपलब्ध करवाई है। दिल्ली से शिमला और शिमला से धर्मशाला (गगल) के लिए अलायंस एयर की दैनिक उड़ान उपलब्ध है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक अमित कश्यप ने बताया कि शिमला-धर्मशाला-शिमला उड़ान की सभी सीटों के किराये पर सब्सिडी राज्य सरकार वहन कर रही है। इस रूट पर किराया प्रति सीट 3000 रुपये (टैक्स अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पर्यटकों के लिए उड़ान योजना के तहत पवन हंस हेलिकाप्टर सेवा की उड़ानें चंडीगढ़ से शिमला, शिमला से रामपुर, मंडी, कुल्लू और धर्मशाला के लिए उपलब्ध हैं। पर्यटक कसौली, शिमला, चायल, नारकंडा और किन्नौर जैसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकते हैं। कांगड़ा घाटी, धर्मशाला, मैक्लोडगंज, पालमपुर, डलहौजी, खज्जियार और चंबा के लिए भी सड़क मार्ग खुले हैं। अमित कश्यप का कहना है कि भारी बारिश के कारण सड़क मार्ग से यात्रा के लिए कुछ स्थानों पर समस्या है, लेकिन वहां भी सड़क बहाली का काम युद्ध स्तर पर जारी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">आपदा प्रभावितों को विशेष पैकेज के तहत दी जाएगी राहत राशिः सुक्खू</h4>
<p style="text-align:justify;">हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भारी बारिश के कारण हुई तबाही के दृष्टिगत राज्य सरकार ने एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है, जिसमें प्रभावितों की सहायता के लिए दस गुणा तक बढ़ा हुआ मुआवजा प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुक्खू आज हमीरपुर जिला के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में बारिश और भूस्खलन के कारण हुए नुकसान का निरीक्षण किया तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने ऊटपुर और कक्कड़ सहित अन्य स्थानों पर हुई भारी तबाही के दृष्टिगत जिला प्रशासन को इन्हें आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित करने निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से बात कर उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया और कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित के साथ है। प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से एक-एक पैसा जोड़कर सभी प्रभावितों की मदद करेगी। सुक्खू ने कहा कि भारी बारिश के कारण हुई तबाही के दृष्टिगत राज्य सरकार ने एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है, जिसमें प्रभावितों की सहायता के लिए दस गुणा तक बढ़ा हुआ मुआवजा प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।  न्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित होने के बाद यहां रहने वाले प्रभावित परिवारों को इस विशेष पैकेज के हिसाब से राहत राशि प्रदान की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पूर्व में पक्के मकान को आंशिक क्षति पर 12,500 रुपये और कच्चे घर को आंशिक क्षति होने पर 10,000 रुपये की राहत राशि दी जाती थी। लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले दुकानों और ढाबों को हुए नुकसान के मुआवजे के रूप में सामान के बदले केवल 10 हजार रुपये की आंशिक आर्थिक सहायता मिलती थी, जिसे अब राज्य सरकार ने दस गुना बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। इसके अलावा, नए प्रावधानों के अनुसार गाय व भैंस जैसे दुधारू पशुओं की मृत्यु पर प्रति पशु 55,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है और भेड़, बकरी की मृत्यु पर मिलने वाली वित्तीय सहायता को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये कर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/himachal-tourism/article-52009</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/himachal-tourism/article-52009</guid>
                <pubDate>Wed, 06 Sep 2023 10:46:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-09/himachal-tourism.jpg"                         length="26534"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Terrorist Sajid Mir: पाकिस्तानी आतंकवादी साजिद मीर का मददगार बना चीन</title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने लश्कर आतंकवादी से जुड़े संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को रोका बीजिंग (एजेंसी)।Terrorist Sajid Mir: चीन ने भारत और अमेरिका द्वारा संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित करने के प्रस्ताव को रोक दिया है। आतंकवादी साजिद मुंबई के 26/11 आतंकवादी हमलों में शामिल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/china-became-a-helper-of-pakistani-terrorist-sajid-mir/article-49083"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/sajid-mir.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">चीन ने लश्कर आतंकवादी से जुड़े संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को रोका</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बीजिंग (एजेंसी)।</strong>Terrorist Sajid Mir: चीन ने भारत और अमेरिका द्वारा संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित करने के प्रस्ताव को रोक दिया है। आतंकवादी साजिद मुंबई के 26/11 आतंकवादी हमलों में शामिल था और वैश्विक स्तर पर वांछित है। mumbai attack</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या है मामला | Sajid Mir</h4>
<p style="text-align:justify;">चीन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत वैश्विक आतंकवादी के रूप में साजिद मीर को काली सूची में डालने और उसकी संपत्ति जब्त करने, यात्रा प्रतिबंध तथा हथियार प्रतिबंध लगाने के लिए अमेरिका द्वारा पेश किए गए और भारत द्वारा सहमति जताए जाने के प्रस्ताव को रोक दिया। पिछले साल सिंतबर में चीन ने संयुक्त राष्ट्र में साजिद मीर को आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव पर अडंगा लगा दिया था। अब चीन ने अमेरिका के प्रस्ताव को भी रोक दिया है। साजिद मीर भारत के सबसे वांछित आतंकवादियों में से एक है और 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों में उसकी भूमिका के लिए अमेरिका ने उस पर 50 लाख अमरीकी डालर का इनाम रखा गया है। Sajid Mir</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले साल जून में साजिद मीर को पाकिस्तान में एक आंतकवाद निरोधी अदालत ने आंतक और वित्त पोषण के मामले में 15 साल से अधिक की सजा सुनायी थी। पाकिस्तान के अधिकारियों ने हालांकि पूर्व में दावा किया था कि साजिद मीर की मौत हो गयी थी, लेकिन पश्चिमी देशों ने उसके मौत के प्रमाण मांगे हैं। Sajid Mir</p>
<p style="text-align:justify;">साजिद मीर (Sajid Mir) पाकिस्तान स्थित लश्कर का एक वरिष्ठ सदस्य है और नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में शामिल होने के लिए वांछित है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि साजिद मीर हमलों के लिए लश्कर का संचालन प्रबंधक था, जो उनकी योजना, तैयारी और निष्पादन में अग्रणी भूमिका निभाता था। चीन पाकिस्तान का एक मित्र देश है1 संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को काली सूची में डालने के लिए बार-बार चीन इस पर रोक लगाता रहा है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/china-became-a-helper-of-pakistani-terrorist-sajid-mir/article-49083</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/china-became-a-helper-of-pakistani-terrorist-sajid-mir/article-49083</guid>
                <pubDate>Wed, 21 Jun 2023 15:39:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-06/sajid-mir.jpg"                         length="28356"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों की पसंदीदा जगह मनाली की सुंदर पहाड़ियां</title>
                                    <description><![CDATA[‘‘आज सच कहूँ आपको ले चलता है, प्रकृति सौंदर्य प्रदत्त हिल्सस्टेशन, मनाली में। जहां आप गर्मी के मौसम में ठण्डे व शान्तिमय वातावरण का आनन्द ले सकेंगे। यह कुल्लू घाटी के उत्तरी छोर पर स्थित, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों के बीच, यह सबसे आकर्षक हिल स्टेशन है।’’ हसीन वादियों का सफर… 1. मनाली मनाली बहुत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/childrens-favorite-place-manali-for-tourism/article-33982"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-05/manali-tourism.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><em><strong>‘‘आज सच कहूँ आपको ले चलता है, प्रकृति सौंदर्य प्रदत्त हिल्सस्टेशन, मनाली में। जहां आप गर्मी के मौसम में ठण्डे व शान्तिमय वातावरण का आनन्द ले सकेंगे। यह कुल्लू घाटी के उत्तरी छोर पर स्थित, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों के बीच, यह सबसे आकर्षक हिल स्टेशन है।’’</strong></em></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>हसीन वादियों का सफर…</strong></h3>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>1. मनाली</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मनाली बहुत ही सुन्दर हिलस्टेशन है जहां बहुत-सी चीजे करने के लिए हैं। इस जगह को परमेश्वर की घाटी के रूप में जाना जाता है। चाहे आप एक साहसी और खेल उत्साही हो या शांत परिवेश चाहने वाले हो, मनाली में सभी के लिए कुछ है। कुल्लू घाटी के उत्तरी छोर पर स्थित, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों के बीच, यह सबसे आकर्षक हिल स्टेशन है, जो 2,050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। प्राकृतिक नैसर्गिक सुंदरता, संस्कृति और बर्फ से ढकी हुई पहाड़िया आप को सम्मोहित कर देगी। मनाली में आने वाले ज्यादातर लोग यहां पर एडवेंचर्स एक्टिविटी के लिए आते हैं जैसे ट्रेकिंग, राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग करना नहीं भूलते।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>मनाली के प्रमुख पर्यटन स्थल</strong></h4>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सोलांग वेली-</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सोलांग वेली को स्नो पॉइंट के नाम से भी जाना जाता है। सोलांग वेली मनाली की बेहद प्रसिद्ध वेली है। यह वेली 300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। सोलांग वेली मनाली शहर से 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां सर्दियों में स्नो फॉल ओर गर्मियों में यहां का हरा भरा वातावरण मन को बहुत ही रोमांचित कर देता है। यहां हर साल सर्दियों में विंटर फेस्टिवल होता है। इसके अलावा सोलांग वेली के यहां आप घुड़सवारी का भी लुत्फ उठा सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>रोहतांग पास-</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">रोहतांग पास में आप पहाड़ों ओर ग्लेशियर का बहुत ही खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। रोहतांग पास मनाली से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हर साल देशी ओर विदेशी लाखों पर्यटक यहां घूमने आते है। यहां जाने के लिए पहले परमिशन लेनी पड़ती है। यह स्थान हर साल मई से अक्टूबर महीने में खुलता है। इसके साथ आप यहां आकर ट्रेकिंग माउंटेन बाइकिंग भी कर सकते है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 3979 मीटर है। यहां से हिमालय की चोटियों और नदी का खूबसूरत नजारा भी देखने को मिलता है। यहां आप अच्छी फोटोग्राफी भी कर सकते है। सीजन में रोहतांग पास पर्यटकों से लबालब भरा रहता है। यहां चारो तरफ आप को बर्फ की चादर ही दिखाई देगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>जोगिनी वॉटर फॉल-</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">जोगिनी वॉटर फॉल मनाली की घाटी में स्थित बहुत ही खूबसूरत झरना है। जो वशिष्ट मंदिर से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है। मनाली में यह झरना बहुत ही प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहां पर एक मंदिर भी बना हुआ है। यह प्राकृतिक वॉटर फॉल है। यहां पर आप पहाड़ों की वादियों का भरपूर आनंद ले सकते हो। यहां पर पानी 160 फिट की उंचाई से गिरता है। यहां का वातावरण बहुत ही सुकून देता है। जिसको प्राकृतिक चीजों से प्रेम है उनको यहां पर जरूर आना चाहिए। यह जगह आप के मन को रोमांचित कर देगी। यह झरना मनाली मॉल रोड से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह वॉटर फॉल देखने हर साल देशी और विदेशी लोग हजारों की संख्या में आते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>पार्क ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित है। यह पार्क भारत के सबसे प्रमुख उद्धानों में से एक हैं। साल 2014 में इस पार्क को युनेस्को द्वारा वर्ल्ड हैरिटेज लिस्ट में शामिल किया गया है। यहां पर आप को बहुत सारे सुन्दर और विलुप्त जीव जन्तु देखने को मिल जाएंगे। यह कुल्लू का बहुत प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। इस पार्क को 1999 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया। इस पार्क को जवाहर लाल नेहरू ग्रेट हिमालयन पार्क के नाम से भी जाना जाता है। यहां का शान्त वातावरण बहुत ही अच्छा लगता है। अगर आप मनाली आए हैं तो आप को ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क जरूर जाना चाहिए।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/childrens-favorite-place-manali-for-tourism/article-33982</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/childrens-favorite-place-manali-for-tourism/article-33982</guid>
                <pubDate>Mon, 30 May 2022 05:52:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-05/manali-tourism.jpg"                         length="255154"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहत भरी खबर: कोविड की मार से उबर रहा है पर्यटन: रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[देश के अधिकांश हिस्से में पर्यटन पूरी तरह से खुले छोटी यात्राएं अभी भी पर्यटकों की पहले पसंद बनी नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। कोविड की मार से पर्यटन क्षेत्र उबर रहा है और लगभग 61 प्रतिशत भारतीय मनाली और गोवा सहित कई घरेलू स्थलों की यात्रा की योजना बना रहे हैं। पर्यटन से जुड़े […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/tourism-sector-recovering-from-the-impact-of-covid-report/article-33155"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-05/first-girl-of-fatehabad-district-going-to-everest.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>देश के अधिकांश हिस्से में पर्यटन पूरी तरह से खुले</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>छोटी यात्राएं अभी भी पर्यटकों की पहले पसंद बनी</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कोविड की मार से पर्यटन क्षेत्र उबर रहा है और लगभग 61 प्रतिशत भारतीय मनाली और गोवा सहित कई घरेलू स्थलों की यात्रा की योजना बना रहे हैं। पर्यटन से जुड़े एक अध्ययन में कहा गया है कि लगभग 94 प्रतिशत लोगों ने देश के भीतर ही पर्यटन को वरीयता दी है। अध्ययन के अनुसार 44 प्रतिशत भारतीय ठहरने के लिए होटल को वरीयता देते हैं जबकि शेष उसके बाद निजी विला और आवासों का स्थान आता है। इसके अलावा 55 प्रतिशत भारतीय तीन दिन की छोटी यात्राओं को प्राथमिकता देते हैं। अध्ययन में कहा गया है कि एक-तिहाई से अधिक भारतीय मनाली को अपना मनपसंद ‘हिल स्टेशन’ मानते हैं और गोवा पसंदीदा ‘बीच’ है।</p>
<p style="text-align:justify;">कोविड महामारी के कारण लागू किये लॉकडाउन के बाद देश के अधिकांश हिस्से में पर्यटन पूरी तरह से खुल गया है। ‘ओयो मिड-समर वैकेशन इंडेक्स 2022’ के अनुसार अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा के खुलने के बावजूद 2022 में स्थानीय गंतव्यों को देखने का आकर्षण बना रहेगा। वर्ष 2020 के लॉकडाउन के बाद इस बार गर्मी में हर दूसरा भारतीय यात्री अपने पहली पर्यटन यात्रा पर निकलने की योजना बना रहे हैं। दिसम्बर 2021 में जब घरेलू पर्यटन खुला तो अधिकांश लोगों ने महामारी के कारण एक लम्बे समय के बाद अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलने के लिए यात्रा करने को वरीयता दी थी। छोटी यात्राएं अभी भी पर्यटकों की पहले पसंद बनी हुई हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>26.5 प्रतिशत परिवार के साथ छुट्टियां बिताना पसंद करेंगे</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">अध्ययन में कहा गया है कि प्रतिशत से अधिक लोगों ने अपने दोस्तों के साथ घूमने का विकल्प चुना, तो वहीं 26.5 प्रतिशत परिवार के साथ छुट्टियां बिताना पसंद करेंगे। मात्र 13 प्रतिशत लोग इस बार की गर्मी में अकेले ही घूमने-फिरने की इच्छा जाहिर की। एक-चौथाई लोगों के लिए ‘हिल स्टेशन’ सबसे मनपसंद गंतव्य बन कर उभरे हैं। करीब 22 प्रतिशत लोगों ने ‘हिल स्टेशन’ और ‘बीच’ दोनों विकल्प चुना हैं। हिल स्टेशनों के मामले में एक-तिहाई से अधिक भारतीयों ने मनाली को अपने मनपसंद हिल स्?टेशन के रूप में चुना, जिसके बाद लगभग 20 प्रतिशत लोग इस बार की गर्मी में कश्मीर जाना चाहते हैं। अन्य लोकप्रिय विकल्पों में सिक्किम, ऊटी और मैकलॉएडगंज का उल्लेख भी हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">शेष 58 प्रतिशत लोेगों ने बताया कि गोवा उनके सपनों का ‘समुद्रतट’ है। इसके बाद 12 प्रतिशत लोग अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह जाने के पक्ष में हैं। अध्ययन में कहा गया है कि भारतीय अभी भी विदेशी गंतव्यों की तुलना में देसी विकल्पों के प्रति आकर्षित हैं। एक-तिहाई से अधिक लोग मालदीव जाना चाहते हैं। इसके बाद दुबई, थाईलैंड और अमेरिका का स्थान है। लगभग 58 प्रतिशत पर्यटक स्विट्जरलैंड के बदले गुलमर्ग में छुट्टियां बिताना चाहते हैं, वहीं 70.3 प्रतिशत स्कॉटलैंड के बदले कुर्ग में और 67.9 प्रतिशत लोग अलास्का के बदले औली को पसंद करते हैं।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/tourism-sector-recovering-from-the-impact-of-covid-report/article-33155</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/tourism-sector-recovering-from-the-impact-of-covid-report/article-33155</guid>
                <pubDate>Mon, 09 May 2022 16:13:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-05/first-girl-of-fatehabad-district-going-to-everest.jpg"                         length="25011"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा प्राचीनतम भटनेर दुर्ग</title>
                                    <description><![CDATA[जितना इतिहास शानदार, उतनी ही हालत जर्जर हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। देश के सबसे पुराने किलों में शामिल हनुमानगढ़ का भटनेर किला अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। 1726 साल पहले स्थापित हनुमानगढ़ का भटनेर किला देश के सबसेपुराने किलों में शामिल है। किवदंतियों के अनुसार इस किले का निर्माण श्रीराम के भाई भरत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/bad-condition-of-historic-bhatner-fort/article-3150"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/bhatner-fort.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">जितना इतिहास शानदार, उतनी ही हालत जर्जर</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> देश के सबसे पुराने किलों में शामिल हनुमानगढ़ का भटनेर किला अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। 1726 साल पहले स्थापित हनुमानगढ़ का भटनेर किला देश के सबसेपुराने किलों में शामिल है। किवदंतियों के अनुसार इस किले का निर्माण श्रीराम के भाई भरत ने करवाया था मगर ज्ञात इतिहास के अनुसार इस किले की स्थापना 291 ईस्वी में बताई जाती है। मंगलवार को जीतने के कारण इस किले का नाम भटनेर के बदलकर हनुमानगढ़ कर दिया गया था मगर सबसे पुराने और मजबूत किलों में शामिल भटनेर आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। हिन्दुस्तान पर जितने भी विदेशी आक्रांताओं ने हमले किये वो सबसे पहले इसी किले ने झेले थे।</p>
<p style="text-align:justify;">यह किला हिन्दुस्तान का प्रवेश द्वार कहा जाता था। विलुप्त सरस्वती नदी और वर्तमान की घग्घर नदी के मुहाने पर करीब 1726 साल पूर्व स्थापित यह किला सबसे पुराना किला तो है ही साथ ही यह सबसे मजबूत किलों में भी शामिल रहा है। वैसे तो कहा जाता है कि श्रीराम के भाई भरत ने इस किले की स्थापना की थी मगर ज्ञात इतिहास के अनुसार गजनी से लाहौर होते हुए भटनेर आए भूपत भाटी ने इस किले की स्थापना की थी और इसी भाटी परिवार ने बाद में जैसलमेर में सोनार किले की नींव रखी थी। तैमूर लंग ने भी अपनी किताब में लिखा है कि उसने इससे मजबूत किला पूरे हिन्दूस्तान में नहीं देखा है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सार-संभाल के अभाव में हो रही दुर्गति</h2>
<p style="text-align:justify;">इसका वर्णन उसने अपनी किताब में भी किया है। 52 बीघों में फैले 52 बुर्जांे के इस किले का इतिहास जितना शानदार है आज इसकी हालत उतनी ही जर्जर है। किले के आसपास आबादी बस चुकी है और इसके बुर्ज जर्जर होकर कभी भी गिरने की स्थिति में है और पुरातत्व विभाग भी इस किले के रख-रखाव पर करोड़ों का बजट खर्च कर चुका है जो कहीं दिखाई नहीं देता। जैसलमेर के राजा भूपत सिंह की ओर से स्थापित इस किले के साथ उन्होंने पंजाब के भटिण्डा और हरियाणा के सिरसा में भी किले स्थापित किए थे और इसी कारण भाटी राजा होने के कारण ही इस किले का नाम भटनेर और भाटी होने के कारण ही पंजाब के किले का नाम भटिण्डा पड़ा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भटनेर ने झेले सबसे पहले विदेशी आक्रमण</h3>
<p style="text-align:justify;">इस किले से पंजाब के भटिण्डा और हरियाणा के सिरसा तक एक बहुत बड़ी भूमिगत सुरंग थी और हिन्दूस्तान पर हुए प्रत्येक विदेशी आक्रमण को सबसे पहले इसी किले ने झेला था।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बल्लियों का सहारा</h3>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में इस किले में देखने को कुछ भी नहीं बचा है और बल्लियों के सहारे किले की दीवारों और छतों को सहारा दिया गया है। ऐसे में अगर कोई विदेशी या देशी पर्यटक भूला-भटका यहां आ भी जाता है तो उसको निराशा ही हाथ लगती है। इसी किले के साथ ही हनुमानगढ़ शहर का इतिहास भी जुड़ा हुआ है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पर्यटन के नक्शे पर भी अनदेखी</h2>
<p style="text-align:justify;">अब इसे विडम्बना ही कहेंगे कि देश के सबसे पुराने किलों में शुमार होने के बावजूद यह किला आज तक पर्यटन के नक्शे पर उभरकर नहीं आ सका और ना ही इसकी सार-संभाल के प्रति भी कोई सरकार या पुरातत्व विभाग सजग है। ऐसे में दिन-प्रतिदिन जर्जर होती जा रही इस प्राचीन धरोहर के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/bad-condition-of-historic-bhatner-fort/article-3150</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/bad-condition-of-historic-bhatner-fort/article-3150</guid>
                <pubDate>Wed, 16 Aug 2017 06:35:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-08/bhatner-fort.jpg"                         length="178802"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पर्यटन को मजबूती देगा ‘अद्भुत संग्रहालय’</title>
                                    <description><![CDATA[बटवारा यादगार दिवस के रूप में मनाया जायेगा 17 अगस्त : सिद्धू चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने उस अद्भुत पहल का स्वागत किया है जिस तहत 17 अगस्त को बंटवारा यादगार दिवस के रूप में विशेषकर पंजाब व बंगाल के उन गैर साधारण हिम्मतवाले आम लोगों की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/tourism-will-strengthen-the-wonderful-museum/article-965"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/sidhu.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;"><strong>बटवारा यादगार दिवस के रूप में मनाया जायेगा 17 अगस्त : सिद्धू</strong></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)</strong>। कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने उस अद्भुत पहल का स्वागत किया है जिस तहत 17 अगस्त को बंटवारा यादगार दिवस के रूप में विशेषकर पंजाब व बंगाल के उन गैर साधारण हिम्मतवाले आम लोगों की याद में मनाया जायेगा जिनका देश के विभाजन दौरान सर्वस्व तबाह हो गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अहम धार्मिक स्थान</h3>
<p style="text-align:justify;">पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले मंत्री नवजोत सिद्धू ने मीडिया कर्मियों के साथ बातचीत दौरान कहा कि सरकार द्वारा द आर्टस एंड कल्चरल हैरीटेज ट्रस्ट को पूरी सहायता दी जाएगी जोकि अमृतसर की टाउन हाल में बंटवारे की दास्तान का व्याखयान विश्व के अपनी तरह के अद्भुत संग्राहलय को 17 अगस्त को जनता के सुपुर्द करेगा। सिद्धू ने बताया कि इस संग्राहलय से अमृतसर जोकि भारत के सबसे अह्म धार्मिक स्थानों में से एक है कि पर्यटन उद्योग को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">70 वर्ष पहले हुई थी विभाजन की घोेषणा</h3>
<p style="text-align:justify;">17 अगस्त वह दिन है जब 70 वर्ष पूर्व 1947 में भारत के विभाजन की घोषणा की गई थी, जिसका परिणाम पंजाब के इतिहास में सबसे मार्मिक और खौफनाक घटनाओं में से एक के रुप में निकला था। इतिहास में लोगों के इस सबसे बड़े परिवर्तन ने ना केवल पंजाब एवं बंगाल का विभाजन किया बल्कि असंख्य घरों को बर्बाद करने के अतिरिक्त जानी नुकसान भी बड़े स्तर पर किया। इस दुखांत के प्रभाव की बात कहती कभी भी कोई ऐसी यादगार नहीं बनी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कैप्टन करेंगे शिरकत</h3>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखिका, कॉलमनवीस और ट्रस्ट की चेयरपर्सन किशवर देसाई ने कहा कि संग्राहलय के उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पहुंचेंगे और इससे पहले बटवारा यादगार दिवस के लिए चलो अमृतसर-17 अगस्त, 2017 नाम की एक विशेष आॅनलाइन मुहिम चलाई जायेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सूफी संगीत भी बांधेगा समां</h3>
<p style="text-align:justify;">संग्राहलय के उद्घाटन के बाद शाम के समय सूफी संगीत का प्रोग्राम होगा जोकि आर्टस एंड लिट्रेचर फैस्टीवल आॅफ अमृतसर द्वारा करवाया जायेगा। इस अवसर पर अमृतसर और लाहौर की 1947 से पूर्व पहले के जमाने की गलियां भी रूपांतरित की जायेंगी और इसके अतिरिक्त उस समय के भोजन एवं अन्य यादगारी वस्तुएं भी प्रर्दशित की जायेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/tourism-will-strengthen-the-wonderful-museum/article-965</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/tourism-will-strengthen-the-wonderful-museum/article-965</guid>
                <pubDate>Tue, 06 Jun 2017 23:29:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/sidhu.jpg"                         length="125415"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमृतसर में पर्यटन को मजबूती देगा ‘अद्भुत संग्रहालय’</title>
                                    <description><![CDATA[बटवारा यादगार दिवस के रूप में मनाया जायेगा 17 अगस्त : सिद्धू चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने उस अद्भुत पहल का स्वागत किया है जिस तहत 17 अगस्त को बंटवारा यादगार दिवस के रूप में विशेषकर पंजाब व बंगाल के उन गैर साधारण हिम्मतवाले आम लोगों की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/amazing-museum-will-strengthen-tourism-in-amritsar/article-954"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/dsc_0419.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">बटवारा यादगार दिवस के रूप में मनाया जायेगा 17 अगस्त : सिद्धू</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने उस अद्भुत पहल का स्वागत किया है जिस तहत 17 अगस्त को बंटवारा यादगार दिवस के रूप में विशेषकर पंजाब व बंगाल के उन गैर साधारण हिम्मतवाले आम लोगों की याद में मनाया जायेगा जिनका देश के विभाजन दौरान सर्वस्व तबाह हो गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सबसे अहम धार्मिक स्थान</h3>
<p style="text-align:justify;">पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले मंत्री नवजोत सिद्धू ने मीडिया कर्मियों के साथ बातचीत दौरान कहा कि सरकार द्वारा द आर्टस एंड कल्चरल हैरीटेज ट्रस्ट को पूरी सहायता दी जाएगी जोकि अमृतसर की टाउन हाल में बंटवारे की दास्तान का व्याखयान विश्व के अपनी तरह के अद्भुत संग्राहलय को 17 अगस्त को जनता के सुपुर्द करेगा। सिद्धू ने बताया कि इस संग्राहलय से अमृतसर जोकि भारत के सबसे अहम धार्मिक स्थानों में से एक है कि पर्यटन उद्योग को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कैप्टन करेंगे शिरकत</h3>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखिका, कॉलमनवीस और ट्रस्ट की चेयरपर्सन किशवर देसाई ने कहा कि संग्राहलय के उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पहुंचेंगे और इससे पहले बटवारा यादगार दिवस के लिए चलो अमृतसर-17 अगस्त, 2017 नाम की एक विशेष आॅनलाइन मुहिम चलाई जायेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सूफी संगीत भी बांधेगा समां</h3>
<p style="text-align:justify;">संग्राहलय के उद्घाटन के बाद शाम के समय सूफी संगीत का प्रोग्राम होगा जोकि आर्टस एंड लिट्रेचर फैस्टीवल आॅफ अमृतसर द्वारा करवाया जायेगा। इस अवसर पर अमृतसर और लाहौर की 1947 से पूर्व पहले के जमाने की गलियां भी रूपांतरित की जायेंगी और इसके अतिरिक्त उस समय के भोजन एवं अन्य यादगारी वस्तुएं भी प्रर्दशित की जायेंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इसीलिए मनाया जाएगा</h3>
<p style="text-align:justify;">17 अगस्त वह दिन है जब 70 वर्ष पूर्व 1947 में भारत के विभाजन की घोषणा की गई थी, जिसका परिणाम पंजाब के इतिहास में सबसे मार्मिक और खौफनाक घटनाओं में से एक के रुप में निकला था। इतिहास में लोगों के इस सबसे बड़े परिवर्तन ने ना केवल पंजाब एवं बंगाल का विभाजन किया बल्कि असंख्य घरों को बर्बाद करने के अतिरिक्त जानी नुकसान भी बड़े स्तर पर किया। इस दुखांत के प्रभाव की बात कहती कभी भी कोई ऐसी यादगार नहीं बनी।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/amazing-museum-will-strengthen-tourism-in-amritsar/article-954</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/amazing-museum-will-strengthen-tourism-in-amritsar/article-954</guid>
                <pubDate>Tue, 06 Jun 2017 08:24:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/dsc_0419.jpg"                         length="237036"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        