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                <title>Online Spiritual Discourse - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>अब डेरा श्रद्धालु मार्च माह को एमएसजी माह के रूप में मनायेगी</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने आॅनलाइन गुरुकुल के माध्यम से करोड़ों साध-संगत को दर्शन दिए। पूज्य गुरु जी ने रूहानी मजलिस के दौरान साध-संगत को बड़ी खुशखबरी दी है। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि फरमाया कि जैसा आप बेपरवाह शाह सतनाम जी दाता रहबर के महारहमो कर्म […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/online-spiritual-discourse-saint-dr-msg-insan-2nd-march-2023/article-44067"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/msg-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने आॅनलाइन गुरुकुल के माध्यम से करोड़ों साध-संगत को दर्शन दिए। पूज्य गुरु जी ने रूहानी मजलिस के दौरान साध-संगत को बड़ी खुशखबरी दी है। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि फरमाया कि जैसा आप बेपरवाह शाह सतनाम जी दाता रहबर के महारहमो कर्म दिवस के बारे में सुना, भंडारा मनाया। पूरा माह मनाया। तो चर्चा सेवादार कर रहे थे कि हमे हर महीने में सेवा करने का मौका मिला करे। तो मार्च महीने को भी साध-संगत एमएसजी माह के रूप में मनाएगी।</p>
<p><iframe title="Cultivating Divine Connection: Meditation, Service, and God's Grace | Gurmeet Ram Rahim Singh Insan" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/KOv3kvlmjKY?feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
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                <pubDate>Thu, 02 Mar 2023 13:35:30 +0530</pubDate>
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                <title>Breaking News: पूज्य गुरु जी ने पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धाजंलि</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने मंगलवार को रूहानी सत्संग के दौरान पुलवामा के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि 14 फरवरी 2019 को पुलवामा अटैक हुआ था और उसके हमारे आर्मी के जवान शहीद हो गए थे। भगवान से ये […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/online-spiritual-discourse-saint-dr-msg-insan/article-43466"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-02/msg-4-5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने मंगलवार को रूहानी सत्संग के दौरान पुलवामा के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि 14 फरवरी 2019 को पुलवामा अटैक हुआ था और उसके हमारे आर्मी के जवान शहीद हो गए थे। भगवान से ये ही प्रार्थना करते हैं कि भगवान उनके परिवारों को शक्ति दे, हिम्मत दे, घरों में तरक्कियां दे और उस आत्मा का भगवान जरूर भला करें। सभी साध-संगत नारा लगाये भगवान जी के चरण-कमलों में ह्यधन-धन सतगुरु तेरा ही आसराह्ण। क्योंकि देश के लिए जो कुर्बान हो जाते हैं उनका नाम हमेशा अमर रहता है। हमारे जो आर्मीमैन है जो देश के लिए दिन रात एक कर देते हैं उनको भगवान और शक्ति दे कि वो अपने आप को बचाते हुए हमारे देश का भला और रक्षा भी करें और खुशियां भी हासिल करें।</p>
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                <pubDate>Tue, 14 Feb 2023 13:25:12 +0530</pubDate>
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                <title>‘सभी परेशानियों का एकमात्र हल है राम-नाम’</title>
                                    <description><![CDATA[आओ मिलकर मौत के मुंह में जाते माताओं के बेटों को बचाएं जीवन जीने का सही सलीका जरूर सीखें बरनावा। (सच कहूँ न्यूज) सच्चे दाता रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने मंगलवार को शाह सतनाम जी आश्रम, बरनावा से आॅनलाइन गुरुकुल के माध्यम से अपने अमृत वचनों के माध्यम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/online-spiritual-discourse-from-barnawa-by-saint-dr-msg/article-42974"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-01/msg-22.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">आओ मिलकर मौत के मुंह में जाते माताओं के बेटों को बचाएं</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>जीवन जीने का सही सलीका जरूर सीखें</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा। (सच कहूँ न्यूज)</strong> सच्चे दाता रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने मंगलवार को शाह सतनाम जी आश्रम, बरनावा से आॅनलाइन गुरुकुल के माध्यम से अपने अमृत वचनों के माध्यम से प्रभु के सच्चे नाम की शक्ति से रूबरू करवाया। इसके साथ ही आपजी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे के दैत्य को समाज से जड़ से उखाड़ने के लिए आगे आएं और जीवन में कभी भी नशा ना करें।</p>
<h3 style="text-align:center;"><span style="color:#ff0000;"><strong>रूहानी मजलिस</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा।</strong> सच्चे दाता रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने मंगलवार को शाह सतनाम जी आश्रम, बरनावा से आॅनलाइन गुरुकुल के माध्यम से अपने अमृत वचनों के माध्यम से प्रभु के सच्चे नाम की शक्ति से रूबरू करवाया। इसके साथ ही आपजी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे के दैत्य को समाज से जड़ से उखाड़ने के लिए आगे आएं और जीवन में कभी भी नशा ना करें।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि मालिक की साजी-नवाजी प्यारी साध-संगत जीओ सच्चे मुर्शिद-ए-कामिल शाह सतनाम, शाह मस्तान दाता का एमएसजी जन्म महीना, अवतार महीना चल रहा है। साध-संगत जो अंदर से ओउम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु, राम, गॉड, खुदा, रब्ब को प्यार करती है, उनके लिए सिर्फ ये महीना नहीं, सारी उम्र ही खुशियां, बहारें चलती रहती हैं। कुछ दिन ऐसे होते हैं, कुछ महीने ऐसे होते हैं, जो जिंदगी में बदलाव और ऊँचाइयों को लेकर आते हैं। वो महीने, वो दिन कभी भुलाए नहीं भूलते। और जब हम उन दिनों को मनाते हैं, अपने परमपिता परमात्मा को याद करते हैं तो अंत:करण, दिलोदिमाग में खुशी की नई तरंगें जाग उठती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">खुशी का नया समुन्द्र लहराने लगता है। तो इसलिए हमेशा अपने पीर-फकीर को याद रखो, उसकी भक्ति-इबादत करते रहो, क्योंकि उसी ने मालिक से हमें मिलाया है। संत, पीर-पैगम्बरों की पाक-पवित्र बाणी में वचन भी गुरु की महिमा करते हैं कि सारी धरती को कागज बना लूं, वनस्पति को कलमें बना लूं, समुन्द्र को स्याही बना लूं, हवा की गति से लिखूं तो लिख ना पाऊं। हे मुर्शिद-ए-कामिल! हे मेरे सतगुरु! हे मेरे राम! इतने तेरे गुण, इतने तेरे परोपकार हैं मुझ पर।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span style="color:#ff00ff;"><strong>नशे और बुराइयों के मक्कड़जाल से यूं निकलें</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि दुनिया की छोड़ो, अपने-अपने स्टेट और समाज को देख लो,दिन-ब-दिन बर्बादी की ओर अग्रसर हैं। नशे और बुराइयों का मक्कड़जाल चहुंओर नज़र आता है। पर उसे खत्म करने वाला ओउम्, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु का नाम लोगों को लेने में भार लगता है। आज के दौर में एकमात्र प्रभु, सतगुरु, मौला का नाम एक ऐसा है जो आपकी तमाम परेशानियों का हल ही नहीं, बल्कि पूरी उम्र आपका साथ देने वाला है। क्या चाहते हैं आप? जिंदगी में इन्जॉयमेंट हो, क्या चाहते हैं आप? जिंदगी में खुशियां हों, क्या चाहते हैं आप? दिमाग में शांति हो।</p>
<p style="text-align:justify;">आप यही चाहते हैं कि घर-परिवार में शांति हो। पर सबसे पहले जो चाह होती है, तंदुरूस्त शरीर, जब तक शरीर तंदुरूस्त नहीं, बाकी चीजों के मायने गलत हो जाते हैं। सब उल्टा हो जाता है। तो जरूरी है सबसे पहले कंचन काया, मतलब बिल्कुल स्वस्थ शरीर। पर उसके लिए आप करते क्या हैं? कोई एक्सरसाइज करते हो, पर क्या आपको पता है कि एक्सरसाइज करते-करते कौन सी घड़ी, कौन सा पल आ जाए जिसमें आपको कर्म भोगने का हुक्म हो जाए तो सारी एक्सरसाइजन धरी धराई रह जाती है। और आदमी के साथ एक्सीडेंट हो गया या बीमारी आ गई, कुछ ना कुछ ऐसा आ जाता है, जिससे उसकी वो कंचन काया बर्बादी की ओर बढ़ जाती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कोई है ऐसी बिना पैसे की पॉलिसी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि आजकल बीमे की बड़ी पॉलिसी चली हुई हैं। जीवन बीमा है, बीमारियों का बीमा है, गाड़ियों का बीमा है और गलत भी नहीं है, अच्छा है कई मायनों में। क्या कंचन काया, हमेशा कंचन काया रहे इसका भी कोई बीमा है। वहां से तब मिलेगा ना जब बीमार होंगे। तो पॉलिसी आपका इंतजार कर रही है कि आप बीमार हो और ले लो। क्या ऐसी भी कोई पॉलिसी है, जो बीमार होने ही ना दे। ये तो गजब की है, हर कोई खरीदना चाहेगा। जी हाँ, ऐसी पॉलिसी है, लेकिन एक नया पैसा उस पर नहीं लगाना, जीेरो लॉस, देना कुछ नहीं, लेना ही लेना है और वो पॉलिसी है ओउम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु का नाम।</p>
<p style="text-align:justify;">चलते, बैठके, लेटके, काम-धंधा करते, गाड़ी चलाते, जीभा से, ख्यालों से, कैसे भी लेते रहो, अगर जाप करते रहोगे, यकीन मानो पहाड़ जैसी बीमारी भी कंकर में बदल जाएगी और कंकर राख बनकर उड़ जाएगा। पर आपको तो शॉर्टकट चाहिए। बताइये इससे शॉर्टकट क्या है और। पैदल चलते, लेटके, बैठके, काम-धंधा करते, कहीं रुकावट नहीं है, ड्राइविंग करते, इससे अच्छा और आसान मार्ग और क्या हो सकता है? जो शाह सतनाम, शाह मस्तान दाता रहबर ने हमें उस मालिक का नाम बताया, बाइनेम उस ओउम् को, गॉड को, एकोंकार को, वाहेगुरु को याद करना। पर आप नहीं करना चाहते इसका क्या इलाज है भाई। पॉलिसी में पैसे लगाते हो तो जाकर वो आपको मिलती है। लेकिन यहां तो कुछ लगाना है तो बस दो-चार चीजें हैं, आपके पाप कर्म, आपकी बुरी आदतें और आपके संचित कर्म तक छोड़ जाओ और बदले में राम का नाम ले जाओ, जो अंदर बाहर से महकाए रखेगा, कोई सैंट या डीओ लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span style="color:#ff0000;"><strong>ये सलीके बनाएंगे जीवन को उत्तम</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि अब बच्चों में होता है, कई शौकीन होते हैं, हम किसी को टोकते नहीं, लेकिन इतना ज्यादा स्ट्रॉन्ग सैंट या डीओ लगा लेते हैं। तो पहले कई जगहों पर बड़ी बदबूदार जगहें होती थीं, उनका नाम लिया जाता था। अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग स्टेटों में। राजस्थान में भी एक ऐसी जगह थी, जहां से ट्रेन आती थी तो वहां जब पहुंचती थी तो सारे डिब्बे बदबू से भर जाते थे। अब नाम हम नहीं बताना चाहेंगे, क्योंकि कोई ऐतराज भी कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पर राजस्थान वालों को पता है, कहावत है कि तेरे च तां ऐंवे बदबू आंदी है जिवें…। सो बड़ी हैरानीजनक चीजें हैं, बुरा ना मनाना, आपको अच्छा लगता है सैंट लगाना, हमें कोई लेना-देना नहीं, लेकिन इतना स्ट्रॉन्ग लगा लेते हो कि पास बैठने वाले का जीना दुभर हो जाता है, उसकी नाक तक जलने लग जाती है, बेचारा उठकर साइड में जाता है। सफाई रखो, रोजाना नहाओ। कई कहते हैं कि जी, नहाना नहीं चाहिए, इससे स्किन खराब होती है, कई नई-नई चीजें बताते रहते हैं। एक आदमी बताने लगा, मजाक सुना रहा था वो, कहता गुरु जी पता नहीं लोग एक-एक महीना कैसे नहीं नहाते। मुझे बड़ी हैरानी होती है। हमने कहा फिर, तो वो कहता जी, मेरे 29वें दिन खाज होने लग जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">तो कहने का मतलब, जो नहीं नहाते उनके लिए ये बढ़िया चीज है कि भई स्किन बढ़िया रहती है, बार-बार धोओ तो खराब हो जाती है। ये कोई कपड़ा है जो फट जाएगा। मत रगड़ो ज्यादा, पानी तो डाल लो थोड़ा। साथ वाले को चैन से बैठने दो। जुराब धोई हुई पहन लिया करो। कई बार, बुरा ना मानना, लोगों को होता है, सारा-सारा दिन जुराब पहने रखते हैं और फिर जब जाकर बूट उतारते हैं तो फिर बस, चाहे कमरे में धूपबत्ती कितनी ही लगा लो आप, उनकी ही धूप चलती है। तो जीवन में एटिकेट्स आने चाहिए। जीवन जीने का ढंग आना चाहिए। कई छींक मारेंगे, देखते-देखते मार दी, सामने वाले के मुंह पर सारे छींटे, उसको मुंह धोने की जरूरत नहीं पड़ती। वैसे तो भागकर धोना पड़ता है, पर वो इतने फेंक देते हैं कि पूछो मत, कम से कम हाथ तो मुंह के आगे कर लो। खांसते हैं तो, चलो छींटे आ रहे हैं तो अपने हाथ से रुक जाएंगे। धर्मों में इस बारे में लिखा हुआ है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>शरीर को जैसा बना लो वैसा ही रहेगा</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि एक पुरानी बात ख्याल में आ गई। कई सज्जन थे हमारे साथ खेलते थे। हम 32 नेशनल गेम स्टेट लेवल तक खेले। हर जगह टूर्नामेंटों में खेलने के लिए जाया करते थे। और प्लेयर आलस बहुत कर जाते हैं। तो वो नहाते नहीं थे। हमने कहा, यार आप नहाते नहीं हो। नहा लिया करो ना यार। कहते, यार शेरां दा किने मुंह धोत्ता है कि शेरों का मुंह कौन धोता है। हमने कहा सुबह फ्रैश होने जाता है, कहता हाँ। तो हमने कहा कि शेर तो वो भी नहीं धोते। हाँ, अगर मुंह नहीं धोते थे तो फिर हाथ भी क्यों धोते हो। ये बड़ी अजीब सी चीजें हैं। फिर वो कहते कि हाँ, अब तो नहाया करेंगे। वे कहते कि पहले तो हमें लगता था कि बड़ी बात है।</p>
<p style="text-align:justify;">हमने कहा कि बड़ी बात नहीं है, या तो दोनों चीजें करो शेर वाली या फिर आदमियों वाला काम कर लो और शेर वाला, पशु वाला काम छोड़ दो। सो हम ये नहीं कहते रोज नहाओ, कहीं ठंड लगवा बैठो। पर एक बार दिन में नहा कर देखो कितनी स्फूर्ति आती है, सर्दी नहीं लगती नहाने के बाद, हकीकत है ये। और कई रजाई से निकलेंगे और फिर ठुर-ठुर करते फिरेंगे, नहाना नहीं। कहते नहाने से सर्दी लग जाएगी। अरे नहाने से तो सर्दी उड़ती है, कभी नहा कर देखो आप रेगुलर। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि हम अपनी एज (आयु) में, शायद ही कभी 55 साल के बीच में 2-3 दिन नहीं कह सकते, वरना डेली, चाहे कुछ भी हो, पारा माइनस डिग्री भी रहा राजस्थान में और 50+ भी हो जाता था, हमेशा ठंडे पानी से ही नहाते थे। आदत ही नहीं थी। अब की बात नहीं कर रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">अब तो चलो थोड़ा बहुत ट्यूबवेल का पानी ताजा आता है तो उससे नहाया जा सकता है, अच्छा पानी होता है। लेकिन उन टाइमों में माइनस डिग्री में भी और 50 में भी। शरीर को जैसा बना लो वैसा ही रहेगा। अब हमें लगता है कि यहां कोई बच्चे ऐसे भी बैठे होंगे, जो सारा दिन कंप्यूटर पर, फोन पर लगे रहते हैं। किलोमीटर भागना पड़ जाए सांस, ऊपर वाला एक किलोमीटर ऊपर होता है और नीचे वाला एक किलोमीटर पीछे होता है। पाँच-चार मिनट तो बात नहीं आती, उनसे पूछो आ, पा, है, यूं ही करते रहते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बात जुड़ती ही नहीं। और कितने किलोमीटर, एक किलो…मीटर…। भई उनके लिए बड़ी चीज है ना बेटा। खाना बनाया, रसोई के साथ टॉयलेट है, बनाते-बनाते आई फड़ाक। सुबह दूर जाने की जरूरत नहीं और तड़ाक। मतलब कब घूमे वो। उठे, बैग सा उठाया, गाड़ी में बैठे, साइकिल पर बैठे, स्कूटर पर बैठे, दफ्तर में गए फिर बैठे। टाइम मिल सकता है थोड़ी सी नींद त्याग दो, घूम सकते हो आप अगर चाहो तो। पर चाहो तो ना। रास्ते निकल आते हैं लेकिन निकालना चाहो तो। तो जिंदगी में अगर कंचन काया चाहते हो, तो एक्सरसाइज भी करो और राम का नाम भी जपो ताकि इस शरीर पर आने वाले पहाड़ जैसे कर्मों को मालिक राई में बदल दे और आपको पता ही ना चले। बच्चो ! बड़ा बैनेफिट का काम है, प्रोफिट का काम है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span style="color:#ff00ff;"><strong>नशे की आदत बर्बादी का संदेश</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि आम लोग नशा करके समाज को बहुत बड़ा नुक्सान पहुंचा रहे हैं। आप हमें ये बताएंगे कि क्या ओलंपिक में नशा ज्यादा करने का कांपीटिशन करने जाओगे कि ज्यादा नशा कौन करता है। आप बताओगे कि क्या आपने इसलिए जन्म लिया है। क्या आप बताओगे कि आप गुलाम हो या आजाद हो। देश आजाद हो गया, लेकिन आपकी गुलामी तब टूटेगी, जब नशे की गुलामी से आजाद हो जाओगे। आपजी ने फरमाया कि नशा कई चीजों का होता है। शरीर थोड़ा अच्छा है, उसका नशा। उसको लगता है कि मेरे जैसा शरीर नहीं, उसी नशे में घूमता रहता है। सुंदरता का नशा, जमीन-जायदाद का नशा, राज-पहुंच का नशा, अच्छी पहुंच का नशा, सोच का सूक्ष्म नशा, उसको लगता है कि मैं ही दिमाग वाला हूँ, बाकी सब पैदल हैं, तो इस तरह नशे बहुत तरह के हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बाकी पोस्त, भांग, अफीम, मद्य, शराब, हेरोइन, स्मैक, चिट्टा, पीला, लाल, नीला, पता नहीं कितने हैं। बहुत सारे नशे हैं। बच्चो आप क्यों गुलाम बने हो नशे के। कहते हैं छूटता नहीं जी। कैसे नहीं छूटता, क्या माँ के पेट से जब जन्म लिया था, साथ लेकर (नशा) आए थे। अरे माँ का साथ छोड़ देते हो, तो क्या नशा माँ से बड़ा हो गया, जो नहीं छोड़ना चाहिए वो छोड़ रहे हो और छोड़ना चाहिए उससे जुड़े पड़े हो। माँ का साथ, बाप का साथ, परिवार का साथ, जहां तक संभव हो रखो। नहीं रख पा रहे माँ-बाप में कमियां आ गर्इं हैं कोई बात नहीं, राड़ से बाड़ अच्छी, लेकिन उनका सत्कार करना ना भूलो। उनके लिए अपशब्द मुंह पर नहीं आने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">ये घोर कलियुग है, यहां पूत कपूत भी होते हैं और माता भी कुमाता हो जाती है। क्योंकि हमने देखा, आपने भी सुना होगा कि कई बेटियों ने अपने स्वाद के लिए, लोलुपता के लिए, बुराई के लिए अपने पूरे के पूरे परिवारों का खात्मा कर दिया जिसमें उनके अपने बच्चे भी थे, बहन-भाई थे, माँ-बाप भी थे। बड़ा दर्द होता है। कई उदाहरण हो गए हैं ऐसे। तो किस तरफ जा रहा है आज का नौजवान? जी हमें तो गम है, आपके गम का नहीं पता चलता। अब यारी लगी किसी से, दो दोस्त आपस में बन गए तो नशा। टूट गई, जिसे आजकल के लोग ब्रेकअप कहते हैं, उसमें भी नशा। गम आ गया तो नशा, खुशी आ गई तो नशा, ठंडी हवा चली तो नशा, सूरज निकला तो नशा, सूरज बादलों में तो नशा, बरसात आ गई तो नशा, आप तो बहाना ढूंढते रहते हो। चाय पी ली, उसके बाद फिर नशा। कहते चाय के बाद तो पीनी पड़ती है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानते हो आप। हम देखते होते हैं चाय पी ली अच्छा अब ये खिसकेगा, खिसका, बस सलेंसर शुरू। अंदर से घूम-घूम कर धुंआ बाहर निकलता है। तो बच्चो ये क्या है? कौन सा जश्न मना रहे हो आप? क्या आपने कभी सोचा है, ये जो नशा करके जो जश्न मना रहे हो, ये आपके घर के लिए बर्बादी का संदेश है। समाज के लिए आप जो बहुत बड़ा स्तंभ बनने वाले थे, वो भरभराकर टूटने जा रहा है। दीमक को जानते हो, दीमक जब लग जाती है, गेट लगा हुआ है, दीमक ने अपना काम शुरू कर दिया, बाहर से दरवाजा वैसा ही है, पता नहीं चलता, लेकिन अंदर ही अंदर, अंदर ही अंदर, खाती चली जाती है, खाती चली जाती है और एक टाइम ऐसा आता है कि आपने जोर से दरवाजा बंद किया तो तड़ाक से आधा दरवाजा टूटकर वो गया, क्योंकि अंदर मिट्टी रह जाती है उनकी भरी हुई और सारा सामान खा जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">तो बच्चो ये नशा दीमक आपको खा रहा है और हम आपको गारंटी देते हैं, राम का नाम, ओउम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु का नाम जपो, ये दीमक मर जाएगी और आपका शरीर फिर से कंचन जैसा हो सकता है। क्या नहीं कर सकते आप। क्यों दिल छोटा करते हो। और ऊपर से जो उस्ताद होते हैं, जो नशा बेचने वाले उनकी भ्रांतियां बहुत फैलाई हुई हैं। कहते हैं एकदम नशा छोड़ा तो लकवा हो जाएगा, एकदम नशा छोड़ दिया तो दिमाग हिल जाएगा। एकदम नशा छोड़ दिया चारपाई पर पड़ जाएगा, इत्यादि, इत्यादि।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>आओ मिलकर मौत केमुंह में जाते माताओं के बेटों को बचाएं</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि हमने छह करोड़ लोगों का नशा छुड़वाया बच्चो, एक भी ना तो चारपाई पर पड़ा और ना किसी को लकवा हुआ। 10 से 20 बोतल शराब पीने वाले, चरस, हेरोइन, स्मैक, चिट्टा खाने वाले, अफीम के कई-कई तौले खाने वाले, भयानक नशा करने वाले बच्चों को भी देखा कि वो आए, राम के नाम से जुड़े, भक्ति की और आज आॅनलाइन भी बैठे होंगे और यहां भी वो बच्चे सेवा कर रहे हैं। आज नशा छोड़कर अव्वल कोटि के भक्त बने हुए हैं हमारे छह करोड़ बच्चे। इसमें 65 से 70 प्रतिशत यूथ है, जिसने नशा छोड़ दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">तो दिन-रात एक करके सेवादार भाई लगे हुए हैं नशा छुड़वाने में और हम बार-बार आह्वान कर रहे हैं, हमारे देश के मौजिज लोगों से, और वो लोग भी कदम उठा रहे हैं। हमें बड़ी खुशी हुई, हम उनको साधुवाद कहते हैं जिन्होंने भी कदम उठाए हैं। सभी धर्मों के मौजिज लोगोें से भी हम हाथ जोड़कर विनती करते हैं और करते रहेंगे जब तक आप लोग लगोगे नहीं, आप भी आओ, ओउम्, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु, राम नाम से लोगों का नशा छुड़वाओ तो सही। अरे एक माँ के बेटे का नशा छुड़वाकर उससे मिलवा दिया तो पता नहीं कितने पुण्य के बराबर, कितने यज्ञ के बराबर वो पुण्य होगा।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>आध्यात्मिक</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Jan 2023 20:25:42 +0530</pubDate>
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                <title>पूज्य गुरु जी ने बताया सेवा का मतलब, इस वीडियों को ध्यान से सूनें</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि सच्चे दाता ने, बेपरवाह जी ने आज जो पूरी दुनिया में राम-नाम की चर्चा हो रही है, परम पिता परमात्मा को पाने की चर्चा हो रही है, सच्चे दाता ने ऐसी अलख जगाई कि आज वो घर जो कभी नरक की मानिंद हुआ करते थे, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/saint-dr-msg-from-barnawa/article-42719"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-01/online-spiritual-discourse.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि सच्चे दाता ने, बेपरवाह जी ने आज जो पूरी दुनिया में राम-नाम की चर्चा हो रही है, परम पिता परमात्मा को पाने की चर्चा हो रही है, सच्चे दाता ने ऐसी अलख जगाई कि आज वो घर जो कभी नरक की मानिंद हुआ करते थे, आज स्वर्ग जैसे बन गए हैं। वो इन्सान जो शैतान या यूं कह लीजिये हैवान से भी गिर गए थे, आज बहुत ही बढ़िया इन्सान बन गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दुनिया में जीना हर किसी ने है, समय निश्चित है और हर कोई अपना काम कर रहा है। लेकिन जीने, जीने में बहुत फर्क होता है। सन्त, पीर-फकीर इस धरती पर आते हैं, ताकि परमपिता परमात्मा की औलाद का जीवन सुखमय हो सके और बाकी इन्सान दुनिया में आते हैं, उसका और उसके परिवार का जीवन सुखमय हो सके। जमीन-आसमान का फर्क होता है। सन्त कभी किसी से भेदभाव नहीं करते। सन्त कभी किसी का बुरा नहीं सोचते, करना तो बहुत दूर की बात होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सेवा होती है जो सच्चे दिल से की जाए और बेगर्ज की जाए</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि बेपरवाह जी ने वचन फरमाये हमेशा सबका भला सोचा, सबका भला करो और जितना हो सके सेवा करो। आज आदमी आज का दिन बड़ा अजीब हो चुका है, आज आदमी खुदगर्ज हो गया है। नाटकबाज हो गया है। स्वार्थी हो गया है। बेपरवाह जी के साथ हम शायद नवंबर में 90 में या दिसंबर में घूम रहे थे तो एक जगह पे वो बैठे और फरमाया कि जो दिन गुजर गया शुक्र मनाओ बढ़िया है आने वाला दिन इससे भी बुरा है। दिन अगर बूरे का मतलब निकाले दिन बुरे का मतलब ये नहीं दिन, त्यौहान बुरा हो जाएगा। आदमी की फितरत गंदी होती जा रही है। आज आदमी सेवा भी करना चाहता है और इच्छा ये रखता है कि माया रानी कितनी मिलेगी। ये सेवा नहीं होती। सेवा होती है जो सच्चे दिल से की जाए और बेगर्ज की जाए।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>आइयें सुनते है पूज्य गुरु जी के वचन….</strong></h3>
<p><iframe title="Online Spiritual Discourse | 22nd January 2023 | Saint Dr MSG | Live from Barnawa" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/wgN7O5fYQWA?start=1702&amp;feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Jan 2023 19:54:41 +0530</pubDate>
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                <title>‘प्रलय’ पर पूज्य गुरु जी ने कर दिए बड़े वचन</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा। सच्चे दाता रहबर पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां 18 अक्तूबर दिन मंगलवार सुबह शाह सतनाम जी आश्रम, बरनावा जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) से आॅनलाइन रूबरू हुए और देश-विदेश की करोड़ों साध-संगत को अपने पवित्र दर्श-दीदार से सराबोर किया। इस अवसर पर पूज्य गुरू जी ने अपने पवित्र मुखारबिंद से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/online-spiritual-discourse-about-holocaust/article-41515"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/msg-31.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा।</strong> सच्चे दाता रहबर पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां 18 अक्तूबर दिन मंगलवार सुबह शाह सतनाम जी आश्रम, बरनावा जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) से आॅनलाइन रूबरू हुए और देश-विदेश की करोड़ों साध-संगत को अपने पवित्र दर्श-दीदार से सराबोर किया। इस अवसर पर पूज्य गुरू जी ने अपने पवित्र मुखारबिंद से ‘‘आके सत्संग में विचार कर ले, मानस जन्म का उद्धार कर ले, प्रभु है तेरा भला करे, मालिक तेरा भला करे।’’ भजन सुनाया। इस भजन की व्याख्या करते हुए आपजी ने फरमाया कि पतझड़ में बहार लगती है, कब लगती है? जब शरीर तंदुरूस्त हो और दिमाग खुश हो। बहार भी पतझड़ लगती है जब दिमाग में टैंशन भरी पड़ी हो और शरीर बीमारियों से घिरा हो।</p>
<p style="text-align:justify;">कितनी बहार आ जाए, ऐसे लगेगा पतझड़ है। तो जब शरीर में तंदुरूस्ती होगी और दिमाग टैंशन फ्री होगा, जब दिमाग में आत्मबल परिपूर्ण होगा तो आपके शरीर में पतझड़ भी बहार लगेगी। और जब बहार लगेगी, बहार में जो बीज बोया जाता है वो फलता-फूलता है। सूखे में बोई हुई कोई चीज उगती नहीं, ऐसे थोड़ा ही ना बरसात को उड़ीकते (इंतजार) रहते हैं लोग। बस सही समय पर आ जाए। लेकिन आजकल गड़बड़ हो रही है, जब नहीं चाहिए तब आती है और जब चाहिए आती नहीं, ये क्यों होता है? ऐसा क्यों हो रहा है? इस पर भी बात करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसकी वजह है, जो हमने अनुभव किया, आपको बोला था पिछली बार आए थे कि शाह सतनाम, शाह मस्तान जी दाता ने इस बॉडी से पता नहीं क्या काम लेना है, जो इतनी तपस्या करवाई उन्होंने, तो फिलिंग आती है, महसूस होता है, ऐसा तब होता है, मालिक ऐसा करे ना, मालिक से दुआ है, सतगुरु-मौला से, ये परिवर्तन तब आते हैं, जब प्रलय की तरफ दुनिया बढ़ रही होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>परहित परमार्थ में आगे हैं सत्संगी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरू जी ने फरमाया कि आप दुनिया में कोई भी काम-धंधा करते हैं, बिजनैस-व्यापार करते हैं, किस लिए करते हैं? अपने शरीर के लिए, बाल बच्चों के लिए, और किसी चीज के लिए तो नहीं करते आप। हाँ, सत्संगी जो हैं, वो परहित परमार्थ करते हैं, ये तो बेमिसाल है, ये तो बात ही अलग है। लेकिन इनके अलावा दुनिया में तो ये ही मकसद होता है या तो शरीर के लिए, या फिर औलाद के लिए, माँ-बाप के लिए अब कम होता जा रहा है सौदा। तो ये सारे कर्म आप करते रहते हैं और इन कर्मों से आपको लगता है कि जीवन जीने का उद्देश्य पूरा हो रहा है, मकसद हमारा यही है।</p>
<p style="text-align:justify;">नहीं, आप भूल गए हैं, ये जो आप दुनिया में मस्त हुए बैठे हैं, ये तो धीरे-धीरे छूटता जाएगा, कोई आज साथ छोड़ गया, कोई कल साथ छोड़ गया, जब तक खिलाओ, पिलाओगे अपने हैं, मुट्ठी बंद हुई नहीं, निकल बाहर। आप जानते हैं स्वार्थ, गर्ज हावी हो गया है, तो आपने इसको मकसद बना रखा है, जबकि ये नहीं मनुष्य शरीर का सबसे बड़ा मकसद है उस शक्ति को पाना, उस ताकत को पाना जो सबको बनाने वाली है, सब कुछ देने वाली है। उसकी तरफ तो ध्यान ही नहीं है, आप इसी में खो गए हैं, इसी के हो गए हैं।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Dec 2022 14:18:00 +0530</pubDate>
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                <title>पूज्य गुरुजी ने सेवादारों के लिए कही ये बड़ी बात। जल्दी सुने।</title>
                                    <description><![CDATA[पूज्य गुरु जी ने सेवादारों को प्रेम निशानियां दी बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने बुधवार सायं यूटयबू चैनल के माध्यम से साध-संगत को दर्शन दिए। सरसा, हिमाचल प्रदेश के आश्रम में सेवादार आए हुए थे। इस अवसर पर पूज्य गुरु जी ने प्रेम निशानियां वितरित […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/online-spiritual-discourse-23rd-nov-2022/article-40143"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/msg-8.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>पूज्य गुरु जी ने सेवादारों को प्रेम निशानियां दी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने बुधवार सायं यूटयबू चैनल के माध्यम से साध-संगत को दर्शन दिए। सरसा, हिमाचल प्रदेश के आश्रम में सेवादार आए हुए थे। इस अवसर पर पूज्य गुरु जी ने प्रेम निशानियां वितरित की। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि जो भी सेवादार, यहां पे बैठे है, सामने लाइव भी बैठे है, सबसे पहले उन सबका, सत्संग में पधारने का तहदिल से बहुत-बहुत स्वागत करते हैं, और यहां सेवादार बैठे है, पहले उस परम पिता परमात्मा, शाह सतनाम, शाह मस्तान दाता रहबर, ओम, हरि, गॉड, खुदा, रब्ब के चरण कमलो में आपकी हाजरी लगवाते है। शाह सतनाम जी धाम सरसा हरियाणा, बहुत सेवादार वहां बैठे है। अलग-अलग समितियों के सेवादार है, सबको बहुत आशीर्वाद। शाह सतनाम जी सचखंड धाम चचिया नगरी, हिमाचल प्रदेश, वहां भी बहुत सेवादार बैठे है, बहुत आशीर्वाद और पोंटा साहिब में भी बहुत सेवादार बैठे है, सबको बहुत आशीर्वाद।</p>
<p><iframe title="Right Way Of Living happy Life Forever | Saint Dr. MSG | 23rd Nov 2022 | Live from Barnawa, UP" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/buvQEzfVvLc?start=697&amp;feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि सेवादारों को कोई मुकाबला नहीं होता, सेवा जो करता है, सतगुरु मोला के दिल का टुकड़ा, अखियों का तारा, खुशियां लेता है बेइंतहा, मालिक का हमेशा रहते उसे सहारा। धन्य है वो मां-बाप, धन्य है वो परिवार, धन्य है वो कुल, यहां आता है सेवादार, मालिक से प्यार करने वाला और समुंद्रो की समुंद्र खुशियां बढ़ती ही जाएगी, ज्यों-ज्यों सेवा का करता जाएगा एक-एक कदम, एक-एक दिन आप लगाएं, एक-एक मिनट आप लगाते हैं, मालिक उसके बदले में खुशियों से मालामाल लवरेज करते जाएंगे, कोई कमी आने नहीं पाएगी, आशीर्वाद, आशीर्वाद।</p>
<p style="text-align:justify;">बस कुछेक बातें, कोशिश किया करो कम से कम, सेवादार 15 मिनट सुबह-15 मिनट शाम को सुमिरन जरूर किया करो, कोशिश किया करो खाना खाने के बाद एक किलोमीटर चाहे घर में ही घुमना पड़े, दीनता-नम्रता रखा करो, नम्बरो के चक्करों में नहीं पड़ना और दृढ़ यकीन रखना जैसे पहले सेवादारों ने रखा है, कोई ये नहीं कहे कि आपके सेवादार बिकाऊ है तो दृढ़ यकीन रखना। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि जो राम से प्यार करते हैं और राम से सब कुछ हासिल करते है वो किसी लोभ लालच में आते ही नहीं। कभी भी दुनियां के इशारे पर चलते नहीं, जो राम के इशारे पर चला करते है। जो राम के राश्ते पे चलते है वो कभी राक्षस का रास्ता पकड़ा नहीं करते, कहने को दुनिया कुछ भी कहती रहे वो राम का रास्तो छोड़कर कहीं ओर जाया नहीं करते। आप सेवादार आपके मां-बाप कुल धन्य होती है मालिक सबको खुशियां दे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>रिश्तो पर पूज्य गुरु जी के वचन</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि रिश्तो में पवित्रता जरूरी है, सेवादारों पति-पत्नी का रिश्ता जायज है उसके प्रति भी आपकी भावना सही होनी चाहिए। इसके अलावा अति पवित्र भावना अपने बहन, भाई, मां, बाप, परिवार के साथ आपको 100 प्रसेंट अमल करना है, ताकि समाज के बाकी लोग आपको फॉलो करे, और देखे कि हां ये लोग इतने रिश्तो के सच्चे है वो भी आपको फॉलो करेंगे हो सकता है कि इसी वजह से वो लोग बुराइयां छोड़ने आ जाए और नशा छोड़ दे और बैठे बिठाएं आपको खुशियां मिल जानी है, और अपने घर में डेरे में आश्रम में जब आप आते है, या आपने उस घर में जिस में आप रहते है, परिवार रहता है, बिल्कुल चकाचक रखा करे, बिल्कुल साफ रखा करे।</p>
<p style="text-align:justify;">कई बार आप लोग कहते हैं कि गुरु जी वैसे भी पहले आपको कई बार बताया, पिता जी आप कैसे दिनचर्या शुरू करते हैं, कर्इं बच्चे कहते है कि उसकी वीडियो भी दिखाओ अब टाइम ही नहीं मिलता वीडियो बनाके दिखाए, लेकिन हकीकत ये ही है सुबह उठते है और सबसे पहला काम होता है कि जिस बिस्तर से उठे है उसकी सलवट निकालना, जो चादर, खेस, दरी जो भी है उसकी सलवट निकाले, हम नकालते है और जो भी चादर ऊपर लेते है, कम्बल ऊपर लेते है या रिजाई जैसे सर्दी ज्यादा आती है, जैसा भी मौसम वैसा कपड़ा ऊपर लेते है सब लोग, हम भी लेते है तो सबसे पहले तय मारते है, सही तरीके से उसको रखते हैं, सलवटे निकालते है और हर चीज अपने हाथों से अपनी करते हैं। तो आपको भी इन चीजों को फॉलो करना चाहिए।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Nov 2022 11:59:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कभी पूज्य गुरु जी ने शुरू की थी टी-10 और टी-20 क्रिकेट की शुरूआत, जिसे आज दुनिया ने अपनाया</title>
                                    <description><![CDATA[श्री जलालआणा साहिब।(सच कहूँ न्यूज) पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने ऑनलाइन गुरुकुल के तहत शाह सतनाम जी आश्रम बरनावा (यूपी) से पावन गुरुनगरी गांव श्री जलालआणा साहिब के शाह सतनाम जी स्टेडियम में बड़ी स्क्रीनों पर लाइव आकर साध-संगत को अपने पावन आशीर्वाद से नवाजते हुए बड़ी संख्या में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/24-years-ago-saint-dr-msg-started-t-10-t-20-cricket/article-40075"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/spiritual-discourse3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्री जलालआणा साहिब।(सच कहूँ न्यूज)</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने ऑनलाइन गुरुकुल के तहत शाह सतनाम जी आश्रम बरनावा (यूपी) से पावन गुरुनगरी गांव श्री जलालआणा साहिब के शाह सतनाम जी स्टेडियम में बड़ी स्क्रीनों पर लाइव आकर साध-संगत को अपने पावन आशीर्वाद से नवाजते हुए बड़ी संख्या में लोगों को बुराइयों व नशे से दूर कर उन्हें राम-नाम से जोड़ा। इस दौरान विभिन्न ब्लॉकों से बड़ी तादाद मेंं साध-संगत के अलावा क्षेत्र के अनेक गांवों से सैकड़ों की संख्या में नवनिर्वाचित पंचायतें व अनेक गणमान्य लोगों ने शिरकत कर राम-नाम का भरपूर लाभ उठाया और नवनिर्वाचित पंचायतों व गणमान्य लोगों ने पूज्य गुरु जी की नशों के खिलाफ शुरू की गई डेप्थ मुहिम की सराहना की और हर तरह का सहयोग करने का विश्वास दिलाया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:–</strong> <a title="जब पूज्य गुरु जी ने दूसरी पातशाही शाह सतनाम जी के पारिवारिक सदस्यों पर करी रूहानी वर्षा" href="http://10.0.0.122:1245/online-spiritual-discourse-in-shri-jalalana-sahib-by-saint-dr-msg-2/">जब पूज्य गुरु जी ने दूसरी पातशाही शाह सतनाम जी के पारिवारिक सदस्यों पर करी रूहानी वर्षा</a></p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान स्टेडियम को सुंदर रंगोलियों व लड़ियों के माध्यम से सुंदर ढंग से सजाया गया था। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि 24 साल पहले श्री जलालआणा साहिब में टी-10 क्रिकेट की शुरूआत हुई थी, फिर टी-20 की भी शुरूआत हुई यहां पर भी और सरसा में भी, तो जो आज पूरा छाया हुआ है तब टी-10 और टी-20 को कोई खेलने नहीं आते थे बड़े-बड़े प्लेयर कहते थे कि यह कोई क्रिकेट है? कोई खेलने नहीं आता था और अब, आज पूरी दुनिया ने इसे अपना लिया है।</p>
<p><iframe title="Unbelievable Benefits of Meditation | Saint Dr MSG | 19th Nov 2022 | Live From Barnawa, UP" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/p9v-mDzjY24?start=5919&amp;feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Nov 2022 15:10:51 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जब पूज्य गुरु जी ने दूसरी पातशाही शाह सतनाम जी के पारिवारिक सदस्यों पर करी रूहानी वर्षा</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा। (सच कहूँ न्यूज) ऑनलाइन गुरुकुल के दौरान पूज्य गुरु जी ने श्री जलालआणा साहिब के मक्खन इन्सां, नंबरदार राज सिंह, लीला सिंह इन्सां व सुखराज सिंह इन्सां का नाम लेते हुए फरमाया कि बेटा हम एक-एक को पहचानते हैं। वहीं पूज्य गुरु जी ने लीला सिंह को लीला सिंह घोड़ीवाले के नाम से भी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/online-spiritual-discourse-in-shri-jalalana-sahib-by-saint-dr-msg-2/article-40074"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/msg-2-31.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा। (सच कहूँ न्यूज)</strong> ऑनलाइन गुरुकुल के दौरान पूज्य गुरु जी ने श्री जलालआणा साहिब के मक्खन इन्सां, नंबरदार राज सिंह, लीला सिंह इन्सां व सुखराज सिंह इन्सां का नाम लेते हुए फरमाया कि बेटा हम एक-एक को पहचानते हैं। वहीं पूज्य गुरु जी ने लीला सिंह को लीला सिंह घोड़ीवाले के नाम से भी पुकारा। जिसके बाद लीला सिंह ने पूज्य गुरु जी से बात करते हुए उनका धन्यवाद करते हुए कहा कि पूज्य गुरु जी आप अपने किए गए वायदे पर पूरे उतरे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने आप जी से 15 वर्ष पहले अगस्त महीने में सत्संग फरमाने की अर्ज की थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:–  </strong><a title="धर्म तोड़ने की नहीं, जोड़ने की देते है शिक्षा: पूज्य गुरु जी" href="http://10.0.0.122:1245/online-spiritual-discourse-by-saint-dr-msg-5/">धर्म तोड़ने की नहीं, जोड़ने की देते है शिक्षा: पूज्य गुरु जी</a></p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन आप जी ने फरमाया कि नहीं भई नवंबर में करेंगे। इसलिए आप जी अपने वादे पर पूरे उतरे। कार्यक्रम में नवनिर्वाचित पंच-सरपंचों ने खड़े होकर नारा लगाया तो पिताजी ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए फरमाया कि बेटा नशे के खिलाफ एकजुट होते हुए इसे गांव-गांव से भगा दो।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>साध-संगत बोली: 15 साल बाद लगी गुरु नगरी में रौनक</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में पहुंची बड़ी तादाद में साध-संगत खुद को गुरुनगरी गांव श्री जलालआणा साहिब मेंं पहुंचने पर सौभाग्यशाली मान रही थी। साध-संगत ने गुरु नगरी को झुककर सजदा करते हुए कहा कि 15 वर्ष बाद गुरु नगरी में रौनक लगी है। साध-संगत ने इसके लिए पूज्य गुरु जी का कोटि-कोटि आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पाक पवित्र धरती को अपने पावन वचनों से और महका दिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>गुरु जी, टैम कड्ड के घर आओ…</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में श्री जलालआणा साहिब के शाही परिवार से पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज के साहिबजादे भाई सचखंडवासी रणजीत सिंह जी की धर्मपत्नी आदरणीय नछत्र कौर जी भी विशेष तौर पर पहुंचीं। पूज्य गुरु जी ने नछत्र कौर जी को पहचानते हुए फरमाया, की हाल है नछत्र कौरे बेटा। पूज्य गुरु जी ने सचखंडवासी रणजीत सिंह जी के बेटे जसविंद्र व भूपेंद्र के बारे भी पूछते हुए फरमाया कि बेटा सब ठीक हैं। जिस पर नछत्र कौर जी ने कहा कि पिता जी सब ठीक है, तुसीं टैम कड्ड के घर आओ जी। इस बात पर आप जी ने हामी भरते हुए कहा कि बेटा जरूर आएंगे। पूज्य पिता जी ने पावन वचन किए कि ये धरती हमारे मुर्शिद की धरती है। हम इसे सजदा करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं श्री जलालआणा साहिब के नंबरदार राज सिंह ने भी आप जी से बातचीत की। इससे पूर्व?पूज्य गुरु जी ने राज सिंह का नाम लेते हुए फरमाया कि भाईयों की तरफ राज भी खड़ा है, बोलो बेटा। जिस पर राज सिंह ने पिता जी से कहा कि पिता जी पिंड च नशा बहोत वद रैया है तुसीं इक वारी गेड़ा मारो। इस बात पर आप जी ने फरमाया कि बेटा राम जी ने चाहा तो जरूर आएंगे।</p>
<p><iframe title="जब पूज्य गुरु जी ने दूसरी पातशाही शाह सतनाम जी के पारिवारिक सदस्यों पर लुटाई रहमतें, जरूर सुने" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/DEKp86PNwIQ?feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
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                                            <category>हरियाणा</category>
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                <pubDate>Tue, 22 Nov 2022 14:44:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>ऑनलाइन गुरुकुल: शाहाबाद में विशाल सत्संग आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[ऋषि मारकंडा की धरती पर आयोजित सत्संग में हजारों ने की नशे से तौबा हजारों लोगों ने छोड़ा नशा, नशे के कारोबार से भी की तौबा कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। (सच कहूँ/देवीलाल बारना) डेरा सच्चा सौदा द्वारा शाहाबाद की अनाज मंडी में विशाल सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग में शाहाबाद व आस पास के क्षेत्र से लाखों की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/online-spiritual-discourse-in-shahabad-by-saint-dr-msg/article-40037"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/shahabad.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>ऋषि मारकंडा की धरती पर आयोजित सत्संग में हजारों ने की नशे से तौबा</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>हजारों लोगों ने छोड़ा नशा, नशे के कारोबार से भी की तौबा</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। (सच कहूँ/देवीलाल बारना)</strong> डेरा सच्चा सौदा द्वारा शाहाबाद की अनाज मंडी में विशाल सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग में शाहाबाद व आस पास के क्षेत्र से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। वहीं हजारों लोगों ने नशे व अन्य बुराइयों से तौबा भी की। इस दौरान डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने आॅनलाइन गुरुकुल के माध्यम से शाह सतनाम जी आश्रम, बरनावा (उत्तर प्रदेश) से रूहानी सत्संग फरमाया। इस दौरान आॅनलाइन गुरुकुल के दौरान पूज्य गुरु जी से मुखातिब होते हुए साध-संगत ने अपने साथ हुए अद्भुत अनुभवों को भी साझा किया। इस मौके शुगरफैड हरियाणा के चेयरमैन व शाहाबाद विधायक रामकरण काला, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव व पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी, नगर पालिका शाहाबाद के चेयरमैन गुलशन क्वात्रा, गौरव बेदी व रणपाल सहित कई गांवों की पंचायत व अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="क्रिकेट प्रतियोगिता में शाह सतनाम जी बॉयज कॉलेज की टीम रही विजेता" href="http://10.0.0.122:1245/the-team-of-shah-satnam-ji-boys-college-was-the-winner-in-the-cricket-competition/">क्रिकेट प्रतियोगिता में शाह सतनाम जी बॉयज कॉलेज की टीम रही विजेता</a></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>नशा छुड़वाने की मुहिम को आगे बढ़ा रहा डेरा सच्चा सौदा: कृष्ण बेदी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">सत्संग में पहुंचे मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव व पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी ने डेरा सच्चा सौदा की नशा छुड़वाने की मुहिम की सराहना करते हुए कहा कि वे डेरा सच्चा सौदा से प्रभावित हैं। पूज्य गुरु जी द्वारा जिस प्रकार से नशे व अन्य बुराइयों के खिलाफ अभियान छेड़ा हुआ है, यह अति सराहनीय है। इस कार्य की प्रशंसा करते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>विधायक ने की प्रशंसा</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">शुगरफैड हरियाणा के चेयरमैन व शाहाबाद विधायक रामकरण काला ने डेरा सच्चा सौदा की मुहिम को सराहा। उन्होंने कहा कि वे अनेकों वर्षों से डेरा सच्चा सौदा जा रहे हैं। पूज्य गुरु जी द्वारा साध-संगत को अच्छे कार्य करने की प्रेरणा दी जाती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>डेरा सच्चा सौदा की मुहिम को सैल्यूट करता हूँ: गुलशन पात्रा</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">नगर पालिका शाहबाद के चेयरमैन गुलशन क्वात्रा ने कहा कि वे डेरा सच्चा सौदा को सैल्यूट करता हूँ। गुरु जी द्वारा चलाए गए ध्यान, योग और स्वास्थ्य द्वारा अखिल भारतीय नशा उन्होंने मुक्ति अभियान (डेप्थ) और ‘हो पृथ्वी साफ, मिटे रोग अभिशाप’ सफाई महाअभियान की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि इन मुहिमों की आज समाज को बहुत जरूरत है। साथ ही वायदा किया कि वे साध-संगत के साथ मिलकर घर-घर तक नशा मुक्ति मुहिम को पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि वे प्रयास करेंगे कि पूज्य गुरु जी की प्रेरणा से शाहाबाद को नशा मुक्त किया जाए।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>श्रद्धालुओं की खुशी का न था ठिकाना</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">अनाज मंड़ी में आयोजित सत्संग पंडाल तक लांखों की संख्या में साध-संगत ढोल की थाप पर नाचते हुए पहुंची। साध-संगत अपने गुरु के दर्श दीदार के करने के लिए काफी उत्साहित नजर आ रही थी, जिसका नजारा देखते ही बन रहा था। साध-संगत के विभिन्न समूह अपने साथ ढोल पार्टियों को लेकर चल रहे थे और ढोल की थाप पर बच्चे क्या, बुजुर्ग क्या और महिलाएं क्या, सभी नाचते हुए सत्संग पंडाल तक पहुंचे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सेवादारों ने संभाला व्यवस्था का जिम्मा</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">सत्संग पंडाल में पूरी व्यवस्था का जिम्मा सच्चा सौदा के सेवादार द्वारा संभाला गया था। संगत ने कतारों में बैठकर सत्संग सुना। कतारों में खड़े वाहन, सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था का संदेश दे रहे थे। हालांकि सत्संग का समय 10 बजे से था लेकिन साध संगत पहले ही सत्संग पंडाल में आना शुरू हो गई थी और अलसुबह ही सेवादारों ने अपनी ड्यूटी का जिम्मा संभाल लिया था। पार्किंग में वाहन खड़ा करवाने, सड़कों पर रास्ता बनाने तक सत्संग की सभी व्यवस्थाओं का जिम्मा सेवादारों द्वारा स्वयं संभाला गया था। जैसे ही सत्संग का कार्यक्रम समाप्त हुआ तो सेवादारों ने लंगर चखाने का कार्य शुरू कर दिया। चंद मिनटों में ही लाखों की संख्या में आई साध-संगत को लंगर प्रशाद बांट दिया गया।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Nov 2022 10:52:44 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>धर्म तोड़ने की नहीं, जोड़ने की देते है शिक्षा: पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[धर्म एक ऐसी चट्टान जिसे ना तो बादल हटा सकता है और ना ही कोई तूफान  धर्म इंसान को इंसान व इंसान को भगवान और इंसान को सृष्टि से जोड़ने का करते हैं काम बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। हमारे देश में कुछ ऐसी संस्कृति भी आई जिन्होंने हमारी संस्कृति को खत्म करने की कोशिश की। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/online-spiritual-discourse-by-saint-dr-msg-5/article-40018"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/saint-dr-msg-21.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:left;"><strong>धर्म एक ऐसी चट्टान जिसे ना तो बादल हटा सकता है और ना ही कोई तूफान</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong> धर्म इंसान को इंसान व इंसान को भगवान और इंसान को सृष्टि से जोड़ने का करते हैं काम</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। </strong>हमारे देश में कुछ ऐसी संस्कृति भी आई जिन्होंने हमारी संस्कृति को खत्म करने की कोशिश की। लेकिन यह सच है कि जो धर्म होता है वह ऐसी चट्टान होता है जिसे ना बादल, ना धूप, ना तूफान ना हिला सकता था, ना हिला सका है और ना ही कभी हिला सकेगा। हालांकि धर्म को मानने वाले बदल जाते है, यह हकीकत है। कई लोग धर्म का दिखावा करते हैं, ढोंग करते हैं। अगर कोई सच्चे दिल से धर्म को मानता है तो पता चलता है कि धर्म तो जोड़ने का नाम है, तोड़ने का नाम नहीं। धर्म इंसान को इंसान से, इंसान को भगवान से और इंसान को सृष्टि से जोड़ने का काम करते हैं। यह है हमारा धर्म। तोड़ना तो धर्म में कहीं भी लिखा ही नहीं है। हमने सभी धर्मों पर रिसर्च कर ली है और उनमें तोड़ना शब्द कही भी नहीं लिखा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="सामाजिक संस्थाओं और उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने पूज्य गुरू जी को दिया सम्मान" href="http://10.0.0.122:1245/online-spiritual-discourse-saint-dr-msg-19th-nov-2022-from-barnawa-up/">सामाजिक संस्थाओं और उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने पूज्य गुरू जी को दिया सम्मान</a></p>
<p style="text-align:justify;">उक्त विचार पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के जिला बागपत स्थित शाह सतनाम जी आश्रम बरनावा से ऑनलाइन गुरुकुल के माध्यम से जुड़ी देश-विदेश की साध-संगत को संबोधित करते हुए फरमाए। इस दौरान पूज्य गुरु जी ने धर्मों की शिक्षा पर चलने व राम-नाम का जाप करने के लिए साध-संगत को प्रेरित किया। इस दौरान पूज्य गुरु जी ने शाह सतनाम जी नूरानी धाम पटियाला (पंजाब), गुलाब पैलेस, महोबा (उत्तर प्रदेश), चौधरी वैडिंग पाइंट सेलाकुई देहरादून (उत्तराखंड), प्राचीन शिव मंदिर वाटिका समयपुर बादली (दिल्ली), एक्वा फन मैरिज गार्डन सीकर (राजस्थान), शाह सतनाम जी क्रिकेट स्टेडियम श्री जलालआणा साहिब (हरियाणा) व न्यू अनाज मंडी टोहाना (हरियाणा) में बड़ी संख्या में लोगों को नशा व अन्य सामाजिक कुरीतियों से छुटकारा दिलाया और प्रभु, परमात्मा, भगवान, वाहेगुरु को पाने का असली तरीका बताया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>नशा करने की किसी भी धर्म में नहीं दी गई शिक्षा</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने आॅनलाइन रूहानी सत्संग के दौरान आह्वान किया कि इंसान धर्म की सुने और जो धर्मों में लिखा गया है उसको जरूर माने। लोग कहते हैं कि मैं धर्म का नुमाइंदा हूँ, यह अच्छी बात है। लेकिन क्या वह धर्म को मानता भी है, कभी उसे यह भी देख लेना चाहिए। हालांकि वह धर्म का पहनावा पहनता है तथा सरनेम भी लगाता है धर्म का। लेकिन क्या वह धर्म की बात को मानता है। आजकल लोग में मुंह में सिगरेट रखते है और शराब भी पीते है, ऐसा करने की किसी भी धर्म में शिक्षा नहीं दी गई है। आज इंसान धर्मों को मानता नहीं, बल्कि उनको बदनाम कर रहा है। नशा करने की किसी भी धर्म में इजाजत ही नहीं है, फिर क्यूं लोग ऐसे बुरे कर्म कर रहे हैं। पूज्य गुरु जी ने कहा कि धर्म को मानकर देखो, धर्म पर चलकर देखो, इस पल धर्म को मान लो तो अगले पल इस धरती पर राम की चर्चा होने लगेगी और प्यार मोहब्बत की गंगा बहने लगेगी। सभी लोग अपने अपने धर्म को मान लो, सभी धर्म एक ही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">धर्म को बदलने में कुछ नहीं पड़ा, इसलिए इंसान को धर्म नहीं बल्कि अपनी सोच को बदलना चाहिए। आज चंद पैसे के लिए इंसान एक-दूसरे के पीछे भाग खड़े होते है और अपने वंश को झूठला देते है, यह सब गलत है। पूज्य गुरु जी ने आगे फरमाया कि हिंदु धर्म में लिखा है कि प्रभु कृपा निधान है, इस्लाम धर्म में लिखा है कि अल्लाह ताला रहमाने रहीम रहमो कर्म का मालिक है। इसी प्रकार सिख धर्म में लिखा है वाहेगुरु दया का सागर है और ईसाई धर्म में लिखा है काइंड या काइंडनेस वर्ल्ड गॉडस से आए हंै या काइंड है वो और काइंडनेस ही फैला रहे है। यानी सभी धर्मों का का निचोड़ है कि हमारा प्रभु, हमारा मालिक दया का सागर है। इसलिए वो मालिक कैसे कह सकता है कि किसी को काटो, किसी को मारो, किसी को तड़पाओ और किसी को मार के खा जाओ। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह धर्म को पढ़ने के साथ-साथ धर्म में जो लिखा हुआ है उसको भी जरूर माने। पूज्य गुरु जी ने कहा कि हमारा जो धर्मो में लिखा है उसको बताना हमारा फर्ज है, मानो या ना मोनो ये आपकी मर्जी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सभी अपने-अपने धर्म को मानेंगे तो बनेगा रामराज्य</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने कहा कि हम सब एक है। जब हिंदु का खून मुस्लिम को, मुस्लिम का सिख को, सिख का इसाई के लग सकता है तो आप यह कैसे कह सकते है कि आपकी जात अलग-अलग है। पुरातन हमारे वेदों, धर्मो में लिखा है कि सारा संसार एक कुटुंब है, एक कबीला है। हम सारे एक ही है। लेकिन दुख की बात है कि आज इंसान एक-दूसरे के बीच दीवारे खड़ी कर रहा है। ये सही नही है। सभी अपने-अपने धर्म को मानिए। पूज्य गुरु जी ने कहा कि जब इंसान धर्म की शिक्षा पर चलकर एक-दूसरे से बेगर्ज, नि:स्वार्थ प्यार मोहब्बत करेगा तो इससे अपने आप ही धरती पर प्यार मोहब्बत का सम्राज्य हो जाएगा तथा रामराज्य हो जाएगा।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>आध्यात्मिक</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Nov 2022 21:09:13 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>आपकी सेवा का कमाल है और क्या पगड़ी बांधी लाल है राम जी भी करेंगे मालामाल है: पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार के कैमूर में साध-संगत का उमड़ा जनसैलाब कैमूर (बिहार) पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज के पावन अवतार माह की खुशी में आॅनलाइन गुरूकुल के माध्यम से कैमूर (बिहार) के नामचर्चा घर में फरमाए गए पावन भंडारे रूपी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/online-spiritual-discourse-in-kaimur-by-saint-dr-msg/article-39988"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/ram-rahim-3.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>बिहार के कैमूर में साध-संगत का उमड़ा जनसैलाब</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैमूर (बिहार)</strong> पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज के पावन अवतार माह की खुशी में आॅनलाइन गुरूकुल के माध्यम से कैमूर (बिहार) के नामचर्चा घर में फरमाए गए पावन भंडारे रूपी रूहानी सत्संग में भारी तादाद में साध-संगत पहुंची। युवाओं ने पूज्य गुरू जी से गुरूमंत्र लेकर सामाजिक बुराईयां, नशा आदि छोड़कर बुराईयों से तौबा की। इसी दौरान जब कैमूर (बिहार) की बारी आई तो पंडाल में मौजूद साध-संगत ने जोर से धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा नारा लगाकर अपनी खुशी का इजहार किया। पूज्य गुरु जी कैमूर (बिहार) की साध-संगत से रूबरू हुए। पूज्य गुरु जी ने फरमाया, ‘बहुत आशीर्वाद बच्चो और ये पुरातन चीज आप दिखा रहे हैं, इसे इधर तो ओखली-मुसल कहते है बाकी आपके यहां तो नाम कुछ और होगा, तो उससे वो दाने कुटना, उसका आटा बनाना, जौ कुटना पुरातन चीजें है और ये इधर छाज बोलते हैं। बहुत आशीर्वाद बच्चो।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="महाराष्ट्र के धनोरा में लगी रौनकें… पूज्य गुरु जी ने किए वचन" href="http://10.0.0.122:1245/online-spiritual-discourse-in-dhanora-by-saint-dr-msg/">महाराष्ट्र के धनोरा में लगी रौनकें… पूज्य गुरु जी ने किए वचन</a></p>
<p style="text-align:justify;">ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान एक सज्जन ने पूज्य गुरु जी से बोला कि पिता जी 6 हजार के करीब लोग आए हैं जिसमें 3 हजार नए जीव आए हैं इस पर पूज्य गुरु जी ने फरमाया, ‘आशीर्वाद बेटा, बहुत बढ़िया बात, आप सेवादारों को भगवान बहुत खुशियां दे बेटा। आपकी सेवा का कमाल है और क्या पगड़ी बांधी लाल है, राम जी भी करेंगे मालामाल है, आशीर्वाद।</p>
<p><iframe title="Unsolved Mysteries of Life (Part 6) | Q&amp;A with Saint Dr. MSG | 18th Nov 2022 | Live From Barnawa, UP" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/l5O1uATpoRM?start=1120&amp;feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Nov 2022 10:17:01 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हमारी जिंदगी खुली किताब है, इसलिए हमारे शिष्य अडोल हैंः पूज्य गुरू जी</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने ऑनलाइन गुरुकुल के माध्यम से साध-संगत के सवालों के रूहानी जवाब दिए। आइयें पढ़ते हैं पूज्य गुरु जी के सवालों के जवाब… सवाल: अगर गलती मन करता है तो सजा आत्मा को क्यों भोगनी पड़ती है? जवाब: क्यों कि मन […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/online-spiritual-discourse-by-saint-dr-msg-3/article-39974"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/saint-msg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने ऑनलाइन गुरुकुल के माध्यम से साध-संगत के सवालों के रूहानी जवाब दिए। आइयें पढ़ते हैं पूज्य गुरु जी के सवालों के जवाब…</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सवाल:</strong> अगर गलती मन करता है तो सजा आत्मा को क्यों भोगनी पड़ती है?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> क्यों कि मन से कई गुणा ज्यादा पावरफुल है आत्मा। और जब आप आत्मा की आवाज नहीं सुनते तो खामियाजा आत्मा को भुगतना पड़ता है। गलत मन करता है, आप करते हैं, लेकिन सजा तो आत्मा को मिलती है क्योंकि वो ऐसी ताकत, ऐसी शक्ति है जो कभी मर नहीं सकती, पर सजा भोगनी पड़ती है, इसलिए आप सुमिरन करें, आत्मा की आवाज सुनें, तो मालिक रहमत करेंगे। और फिर आत्मा ये सब भोग ही नहीं पाएगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="संसार का सबसे प्यारा भजन, एक बार सुनोगे तो सुनते ही रह जाओगे" href="http://10.0.0.122:1245/jaago-duniya-de-loko-song-by-saint-dr-msg-cross-10-million/">संसार का सबसे प्यारा भजन, एक बार सुनोगे तो सुनते ही रह जाओगे</a></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सवाल: </strong>आज कल फ्लेवर हुक्का का बहुत ज्यादा प्रचलन है, नौजवान इसका बहुत ज्यादा सेवन करते हैं, क्या ये गलत है?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> हमें तो पता नहीं, फ्लेवर हो, अगर उसमें तम्बाकू है, तो गलत ही गलत है और उसमें से धुंधा निकालने<br />
से मिलेगा क्या? धुंआ कुछ भी जाता है, लेकिन कैमिकल तो होगा ही है, वो फ्लेवर ये तो हैं नहीं की नेचूरल है, उसमें कुछ कैमिकल होंगे, और वो धुंधा अगर फेफड़ों में जाता है तो वो फायदा करने से तो रहा, हमें तो लगता नहीं करनी चाहिये ये सब चीजें।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सवाल: </strong>कहा जाता है कि इंसान अपनी आत्मिक शक्ति को, आंखों के द्वारा ज्यादा बर्बाद करता है, इसकी क्या वजह है?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> कोई जरूरी नहीं है आंखों से, अपने कर्मों से भी इंसान बर्बाद करता है। आंखें, क्योंकि देखती हैं, आप ये सोचते हैं कि आंखें पहचानती नहीं कि गलत कर्म कर रहे हो, बुरा कर्म कर रहो, लेकिन नहीं। उतना मार्इंड का भी असर है, वो सोचता नहीं, सिर्फ आंखों को दोष नहीं दे सकते आप, क्योंकि आंखें तो एक मैसेज भेजती हैं मार्इंड तक और बेसिक मार्इंड ही डिसाइड करता है, क्या करना है, क्या नहीं नहीं करना। और उसके स्वामी आप हैं। क्योंकि आत्मिक दौर पर उसे कंट्रोल करते हैं तो आपके अंदर आवाज जरूर आएगी आत्मा की, कि मत कर बुरा कर्म, फिर भी करते हैं तो दोषी आप हो जाते हैं, आंखें या मार्इंड नहीं। इसलिए गलत कर्म नहीं करना चाहिये।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सवाल:</strong> मुसीबतों में सब डगमगा जाते हैं, आप के भक्तों पर लाख मुसीबतें आई, लेकिन उनका हौंसला और विश्वास बुलंद रहा। डेरे के घोर निंदक भी इस बात को सरे आम स्वीकारते हैंं, इसका क्या राज है?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> क्योंकि बेटा, हम अपने बच्चों के सामने कुछ पर्दा रखते ही नहीं। सारे बच्चों के सामने खुली किताब हैं, और उनको पता है अपने पीर-फकीर का, और हमें पता है अपने बच्चों का, जो दिल से जुडे हैं, और ये समाज का भला करते हैं, ये कोई ऐसा नहीं है कि आकर हमारे हाथ-पांव दबाते हैं, जी नहीं, ये सेवा करते हैं, समाज की, सर्वधर्म की और सबकी इज्जत करते हैं, कोई गाली दे तो भी। इसलिए एक बच्चा भी टस से मस नहीं हुआ। हमें इस बात की बड़ी खुशी है कि ये अपने जिस धुरे से जुटे थे, ज्यों के त्यों खड़े हैं और ये खड़े ही रहेंगे। समाज के लिए लगे ही रहेंगे और मालिक सतगुरु उनको खुशियों से मालामाल करते रहेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सवाल: </strong>गुरु जी, स्टडी और इंटरटेनमेंट में कैसे बैलेंस बनाया जाए?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> स्टडी का टाईमिंग रखिये बेटा! आप सुबह मॉर्निंग में उठकर जैसे भक्ति करते हैं, फ्रैश हो जाएं और नींद पूरी कर लें, मॉर्निंग में जो स्टडी की जाती है वो दिलों दिमाग में बैठ जाती है। ये हमारा खुुद का तर्जुबा है। ये हम लोग किया करते थे, और जहां तक इंटरटेनमेंट की बात है तो हम लोग तो सारा कुछ ही करते थे, ये राम जी कृपा कहो, हमारे में ऐसा कुछ नहीं है। 32 के लगभग नेशनल लेवल के गेम, स्टेट लेवल के खेले हमने, खेला करते थे, और ये ही नहीं शनिवार के दिन जो बाल सभा हुआ करती थी, उसमें भी पार्टीसीपेट लेते थे, और हम अफीम पे, शराब पे बहुत से गीत तब भी गाते थे और कुछ नाटक भी हमने लिखें भी थे तब वो भी किया करते थे। तो पढ़ाई में भी अव्वल रहते थे राम जी की कृपा से। तो ये तालमेल बिठाया जा सकता है। क्योंकि इंटरटेनमेंट से मार्इंड फ्रैश होता है और फ्रैश के बाद जब आप मार्इंड स्टडी में लगाएंगे तो और ज्यादा अच्छा फील करेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सवाल: </strong>एक नशा मुक्त भारत के नाम से मैराथन का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को बहुत फायदा होगा?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> जी, जिम्मेवार नोट कर लें, जो भी पॉसिबल होगा नशा छुड़वाने के लिए हर कदम उठाने के लिए हम तैयार हैं, और सारा नौजवान भी हमारा साथ देंगे तो ये जरूर संभव हो पाएगा। आशीर्वाद बेटा!</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सवाल: </strong>गुरु जी, आपके सत्संग, मॉटिवेशन, सेल्फ अवेयरनेस और लीडरशीप बहुत ही उपयोगी है, क्या एक बुक भी आप इस पर लिखेंगे ?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जबाव:</strong> जी, हम चाहेंगे कि जो हमारे जिम्मेवार बच्चे हैंं जो लिखते हैं, जिनको शौंक हैं, इस चीज का, वो लगे हुए हैं। एक को हमने बोला था, कि बेटा लिख, तो वो लिख रहे हैं। हमने जो उनको बताया, उसी को लिख रहे हैं, और भी जो बच्चा यहां लिखने का शौंक रखता हो, तो वो जल्दी से लिखे, हमारे पास टाईम नहंी है। हालांकि हमें लिखने का बहुत शौंक है, हमने 800 भजन लिख दिये हैं। और इस पर अगर एक बुक आपने कहा है तो हम जरूर सोचेंगे, बेटा । समय के अकॉर्डिंग इस पर लिखने की कौशिश करेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सवाल: </strong>इतिहास रहा है कि गुरु, पीर, फकीर हो ही हमेशा मुसीबतों का सामना करना पड़ता है, जो खुद हमेशा सारी सृष्टि का भला करते हैं, ऐसा क्यो होता है?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> बेटा, ये ओरों का तो हम कह नहीं सकते, ये सतगुरु मौला के खेल हैं, जैसे वो खिलाता है, संत-पीर फकीर चलते रहते हैं, क्योंकि फकीर अगर रजा में राजी नहीं रहेगा तो उसके शिष्य, उसके भक्त रजा में राजी कैसे रहेंगे। तो इसलिए संत, पीर, फकीर, अपने ओम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु, सतगुरु मौला के रजा को टालते नहीं। और सुमिरन करें, सेवा करते रहें, जरूर मालिक सबकी सुनता है और जरूर सुनेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सवाल:</strong> कुछ डॉक्टर का सवाल है कि, गुरु जी, आप जी ने जो 7 से 9 डिजीटल फास्टिंग प्रण करवाया है, तो क्या सेवादार जो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सेवा कर रहे हैं कर सकते हैं और कुछ डॉक्टर्स को एमरजेंसी कॉल लेनी होती है और मैसेज लेने होते हैं। तो क्या वो कर सकते हैं?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> डॉक्टर साहेबानों को अगर एमरजेंसी कॉल लेनी होती है तो, सिर्फ एमरजेंसी ही कॉल ही लेनी है। उसके बहाने कुछ ओर नहीं लेना है। ये ध्यान रखें और जिनकी ड्यूटी है वो अगर उस टाईम में करते हैं तो कोई बात नहीं वो ड्यूटी करें। टाइमिंग आगे पीछे कर सकते हैं। ताकि परिवार को टाइम दिया जा सके।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सवाल:</strong> गुरु जी , बरनावा डेरे में भी ब्लड डॉनेशन कैंप लगाया जाए?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> जी, बहुत अच्छा सुझाव है, अगर जरूरत होगी तो, जिम्मेवारों से प्रार्थना करेंगे, कि परमिशन के तहत ये पॉसीबल है तो हो जाएगा। क्यों कि हम बिना परमिशन के तो कोई चीज करते नहीं। शुरू भी ऐसा ही था, आश्रम में ब्लड डोनेशन कैंप लगते थे, तो उनमें भी परमिशन, सफाई महाअभियान होते थे तो उनमें भी परमिशन ली जाती थी। तो भलाई के कामों के लिए जरूरी है परमिशन। ये तो बनता ही है। तो जिम्मेवार इस बारे बता देंगे उसके अकॉर्डिंग कर लेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सवाल:</strong> गुरु जी, कुछ लोग खांसते व छिकते समय मुंह नहीं ढांपते, जिससे इंफें शन फैलता है, ऐसे लोगों को कैसे समझाये?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> ऐसे लोगों को जो मुंह नहीं ढांपते, उनके सामने नकली छीक मारकर, हाथ मुंह पर रख लो, ताकि उन्हें कम से कम समझ आए कि छींक कैसे मारनी है। वैसे ये हमारे कल्चर का हिस्सा है। बह्मचार्य में ये भी सिखाया जाता था, कि आप को जब कभी थूकना भी पड़ जाए तो, असल में तो निगल जाओ क्योंकि वो टॉयलेट के रास्ते निकल जाना है। फिर भी अगर आपको थूकना भी पड़ जाए तो, ऐसी जगह जहां कचरे का स्थान हो, उसपर ही थूकें , तो हमें नहीं लगता लोग ऐसा करते हैं। दूसरा छींकना, झबाई लेना, अब कई तो मुंह फाड़-फाड़कर लेते रहते हैं, न हाथ करते हैं, चाहे अंदर बैठकर दांत गिन लो। उनको पता ही नहीं होता, क्योंकि नींद में होते हैं, कोई लेना देना नहीं। तो ये जरूरी है। हमने कई बार देखा है कि पीने वाले पानी में हाथ डूबोकर धोते रहेंगे, पेशाब करके आएं हैं, पानी एक जगह है वहां से अंजुली भरेंगे और हाथ धाएंगे। अरे भाई! तू पेशाब करके आया है, सबको क्यों पिला रहा है, क्यों उसमें हाथ डूबो दिया, वहां बर्तन भी पड़े रहते हैं</p>
<p style="text-align:justify;">फिर भी नहीं, ऐसा करते हैं तो ये ठीक नहीं है। हमारे कल्चर में, हमारी सभ्यता में, पवित्र वेदों में साफ लिखा है कि ये सारी शिक्षा बह्मचर्य में सीखाई जाती थी, आज कोई ये सिखाता ही नहीं। तो मां बाप को चाहिये कि वो अपने बच्चों को सिखाया करें। छींक आती है तो बेटा हाथ आगे किया करो और झबाई आती है तो भी हाथ किया करो, खाच-खुजली करनी है तो साइट में हो सकते हैं और नेचर कॉल आती है तो साइट पर जा सकते हो, समझदार को ईशारा काफी है। सबके बीच में अच्छा नहीं होता, तो ज्यादा न बोले तो ठीक है। ये हमारी संस्कृति की देन है, सभ्यता है हमारी, इसलिए हमारी संस्कृति पूरे वर्ल्ड में नंबर-वन है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सवाल:</strong> गुरु जी, क्या बेईमानी की कोई परिभाष होती है?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> बेईमानी अपने आप में बहुत बड़ी परिभाषा है। क्यों कि जो आदमी अपनी इमान पर नहीं रहता, धर्म पर, शिक्षा पर, संत, पीर, फकीर की नहीं मानता उसी का नाम बेईमान है। ईमान डगमगा गया तो वो कोई भी बेईमानी, ठगी, भ्रष्टाचार, रिश्वतखौरी, कुछ भी कर सकता है। बहुत बड़ी परिभाषा है अगर देखा जाए तो। ईष्या, नफरत करना, ये भी उसी में शामिल है और चुगली निंदा भी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सवाल:</strong> क्या गुरुमंत्र और गुरु एक ही हैं?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> गुरु वो होता है जो अज्ञानता रूपी अंधकार में ज्ञान का दीपक जला दे और गुुरुमंत्र वो होता है जो गुरु भगवान के शब्दों का जाप करे और फिर अपने शिष्यों को दें और ये कहें कि हम भी इंसान और आप भी इंसान हैं। अगर हमें इन शब्दों से भगवान की खुशियां मिली तो आपको क्यों नहीं मिलेगी। तो इसे गुरुमंत्र और गुरु एक ही चीज मानकर चलें। क्योंकि वो भगवान के शब्दों का जाप करता है और आपको भगवान के शब्दों का जाप करने की प्रेरणा देता है। तो गुरुमंत्र भगवान के शब्द, पर गुरु के बिना वो दिये नहीं जाते।</p>
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                <pubDate>Fri, 18 Nov 2022 18:09:26 +0530</pubDate>
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