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                <title>MSP Paddy Purchase - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>किसानों ने एमएसपी पर नहीं बेची धान, राह देखते रहे एफसीआई अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[ जंक्शन-टाउन में किसी किसान ने एमएसपी पर बेचान के लिए नहीं करवाया रजिस्ट्रेशन विक्रेता किसानों की तलाश में एफसीआई अधिकारियों ने लगाया जंक्शन-टाउन धानमंडी का राउंड  एमएसपी पर कम दाम मिलना बनी सरकारी बेचान की तरफ कम रूझान की वजह हनुमानगढ़। यूं तो क्षेत्र के किसानों की ओर से पिछले कुछ समय से धान की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/msp-paddy-purchase/article-39506"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/dhan.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"> <strong>जंक्शन-टाउन में किसी किसान ने एमएसपी पर बेचान के लिए नहीं करवाया रजिस्ट्रेशन</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>विक्रेता किसानों की तलाश में एफसीआई अधिकारियों ने लगाया जंक्शन-टाउन धानमंडी का राउंड</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> एमएसपी पर कम दाम मिलना बनी सरकारी बेचान की तरफ कम रूझान की वजह</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़।</strong> यूं तो क्षेत्र के किसानों की ओर से पिछले कुछ समय से धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू करने की मांग जोर-शोर से की जा रही थी। एमएसपी पर खरीद <strong>(MSP Paddy Purchase)</strong> शुरू न होने पर किसान संगठनों की ओर से आंदोलन करने तक की चेतावनी प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई थी। लेकिन अब जब धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है तो धान की खरीद करने वाली एजेंसी एफसीआई को धान का ही कोई विक्रेता किसान नहीं मिल रहा। उल्टा एफसीआई अधिकारियों को एमएसपी पर धान विक्रय करने के लिए किसानों की मिन्नतें निकालनी पड़ रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह हालात मंगलवार को भारतीय खाद्य निगम की ओर से धान मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीद का कार्य शुरू करने के दौरान सामने आए। हालात यह थे कि जंक्शन व टाउन धानमंडी में एफसीआई अधिकारी पूरा दिन किसानों की राह देखते रहे लेकिन कोई किसान अपनी धान की फसल को सरकारी दाम पर बेचने के लिए लेकर नहीं पहुंचा। एफसीआई अधिकारियों ने दोनों धानमंडियों का राउंड तक लगाया लेकिन कोई किसान एमएसपी पर अपनी धान की फसल विक्रय करने वाला नहीं मिला।</p>
<h3>किसानों ने आनलाइन रजिस्ट्रेशन भी नहीं करवाया | <strong>MSP Paddy Purchase</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">यही नहीं मंगलवार दोपहर तक जंक्शन-टाउन धानमंडी में एफसीआई को धान बेचने के लिए किसी किसान ने आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन भी नहीं करवाया। एफसीआई के क्वालिटी इंस्पेक्टर अशोक शर्मा ने बताया कि धान की सरकारी खरीद के लिए किसानों को राजस्थान सरकार की ओर से बनाए गए पोर्टल पर जनआधार के जरिए आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना आवश्यक है। जनआधार कार्ड के अलावा बैंक की पासबुक, गिरदावरी पर्ची साथ लाना जरूरी है। रजिस्ट्रेशन के बाद निर्धारित तारीख को एफसीआई की ओर से धान की सरकारी खरीद की जाएगी। खरीद के 24 से 48 घंटे के बीच एफसीआई की ओर से संबंधित किसान को भुगतान किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने धान को भारत सरकार के मापदंडानुसार 17 प्रतिशत नमी से नीचे सूखाकर और साफ-सुथरा कर लाएं। मॉश्चर मीटर से नमी की जांच की जा रही है। सरकारी बेचान की तरफ कम किसानों का रूझान होने के सवाल के जवाब में क्यूआई अशोक शर्मा का जवाब था कि इस बार पिछली बार के मुकाबले अधिक किसानों ने नरमा का बिजान किया है। पीआर धान की बुवाई कम की है। जिन किसानों ने पीआर धान की बुवाई की उन किसानों में से कइयों ने एमएसपी से अधिक दाम पर अपनी जिन्स बेच दी है।</p>
<h2><strong> किसानों का रूझान कम नजर आ रहा है<br />
</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">इसलिए एमएसपी पर धान बेचान की तरफ किसानों का रूझान कम नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि एमएसपी पर धान की खरीद की बात करें तो कॉमन के 2040 व ग्रेड ए के 2060 रुपए प्रति क्विंटल का दाम तय किया गया है। इस मौके पर क्वालिटी इंस्पेक्टर संतोष कुमार, उदय कुमार, भुगतान प्रभारी रजनीकांत, कुलदीप सिंह, निरीक्षक विकास चौधरी आदि मौजूद रहे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पिछले साल सरकारी खरीद के लिए हुआ था आंदोलन</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि पिछले साल धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग को लेकर क्षेत्र के अन्नदाताओं ने आंदोलन किया था। उन्हें कई दिन तक धान फसल के साथ जिला कलक्ट्रेट के सामने ठंडी रातें गुजारने पड़ी थी। किसान जिला कलक्ट्रेट के सामने सड़क पर धान की ढेरियां बिखेरकर पड़ाव पर बैठे रहे थे। तब जाकर धान की सरकारी खरीद शुरू हो पाई थी। लेकिन इस सीजन में हालात इसके बिल्कुल विपरित हैं। एमएसपी कम मिलने के कारण किसानों का सरकारी बेचान की तरफ से मोहभंग हो गया है।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Nov 2022 17:55:12 +0530</pubDate>
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