<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/yamuna-canal/tag-21183" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Yamuna Canal - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/21183/rss</link>
                <description>Yamuna Canal RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कैराना में यमुना के जलस्तर में 65 सेंटीमीटर की वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[शुक्रवार को हथिनीकुंड बैराज से यमुना में छोड़ा गया 30,321 क्यूसेक पानी कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: कैराना में यमुना के जलस्तर में 65 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, शुक्रवार को हथिनीकुंड बैराज से 30,321 क्यूसेक पानी यमुना नदी में प्रवाहित किया गया है। बैराज से छोड़े गए पानी से क्षेत्र […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/yamuna-water-level-rises-by-sixty-five-cm-in-kairana/article-74176"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/yamuna.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">शुक्रवार को हथिनीकुंड बैराज से यमुना में छोड़ा गया 30,321 क्यूसेक पानी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैराना (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Kairana News: कैराना में यमुना के जलस्तर में 65 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, शुक्रवार को हथिनीकुंड बैराज से 30,321 क्यूसेक पानी यमुना नदी में प्रवाहित किया गया है। बैराज से छोड़े गए पानी से क्षेत्र में यमुना के जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना है। Kairana News</p>
<p style="text-align:justify;">पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में पानी छोड़े जाने का सिलसिला निरन्तर जारी है। बैराज से प्रवाहित किये जा रहे पानी से शुक्रवार को कैराना में यमुना नदी के जलस्तर में 65 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। शुक्रवार प्रातः आठ बजे यमुना नदी का जलस्तर 228.64 मीटर से बढ़कर 229.29 मीटर पर पहुंच गया। वहीं, शुक्रवार को शाम चार बजे हथिनीकुंड बैराज से यमुना में अधिकतम 30,321 क्यूसेक पानी यमुना नदी में प्रवाहित किया गया। जबकि इससे पूर्व प्रातः आठ बजे 21,272 क्यूसेक जल यमुना में डिस्चार्ज किया गया था। बैराज से छोड़ा गया पानी 24 घंटे में कैराना पहुंच जाएगा। Kairana News</p>
<p style="text-align:justify;">इस पानी से यमुना के जलस्तर में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। हालांकि जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र में खतरे की कोई आशंका नही है। वहीं, ड्रेनेज विभाग के अवर अभियंता आशु कुमार ने बताया कि हथिनीकुंड बैराज से शुक्रवार शाम चार बजे अधिकतम 30,321 क्यूसेक पानी यमुना में प्रवाहित किया गया है। इस पानी से क्षेत्र में यमुना के बहाव में आंशिक वृद्धि होने की संभावना है। हालांकि यमुना का जलस्तर बढ़ने से फिलहाल खतरे की कोई बात नही है। यमुना ब्रिज पर लगे सूचकांक के अनुसार क्षेत्र में चेतावनी बिंदु 231.000 मीटर व खतरे का निशान 231.500 मीटर पर निर्धारित किया गया है। Kairana News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="बारिश से कचहरी परिसर जलमग्न, वकीलों के चैंबर में घुसा पानी" href="http://10.0.0.122:1245/the-court-premises-got-submerged-due-to-rain-and-water-entered-the-lawyers-chambers/">बारिश से कचहरी परिसर जलमग्न, वकीलों के चैंबर में घुसा पानी</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/yamuna-water-level-rises-by-sixty-five-cm-in-kairana/article-74176</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/yamuna-water-level-rises-by-sixty-five-cm-in-kairana/article-74176</guid>
                <pubDate>Fri, 01 Aug 2025 18:23:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-08/yamuna.jpg"                         length="36145"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैराना में यमुना के जलस्तर में आंशिक गिरावट, खतरा बरकरार</title>
                                    <description><![CDATA[हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में भी आई कमी तटवर्ती क्षेत्र के बाशिंदों को राहत मिलने की जगी आस | Kairana News कैराना (सच कहूँ न्यूज)। विगत तीन दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना के जलस्तर में 40 सेंटीमीटर की आंशिक गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/partial-fall-in-yamuna-water-level-in-kairana/article-49949"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/kairana-news-6.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में भी आई कमी</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>तटवर्ती क्षेत्र के बाशिंदों को राहत मिलने की जगी आस | Kairana News</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैराना (सच कहूँ न्यूज)। </strong>विगत तीन दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना के जलस्तर में 40 सेंटीमीटर की आंशिक गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि क्षेत्र में यमुना (Yamuna) का बहाव अभी भी खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर है। वही, हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में भी कमी आई है, जिससे आने वाले दिनों में तटवर्ती क्षेत्र के बाशिंदों को राहत मिलने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले कई दिनों से पहाड़ी व मैदानी क्षेत्र में हो रही मूसलाधार वर्षा से यमुना के जलस्तर में भारी वृद्धि हुई है। विगत सोमवार को हथिनीकुंड बैराज से यमुना में छोड़े गए 2.94 लाख क्यूसेक पानी ने क्षेत्र में तबाही मचाने का कार्य किया था। यमुना के पानी के दबाव से गांव सहपत के निकट से गुजर रहा तटबंध बह गया था, जिससे आसपास के किसानों की सैंकड़ों बीघा फसलें पानी के आगोश में समा गई थी। इसके अलावा, खादर क्षेत्र के करीब आधा दर्जन स्थानों पर भी तटबंध में रिसाव हुआ था। Kairana News</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि प्रशासन एवं ड्रेनेज विभाग की मुस्तैदी के चलते टूटे तटबंध को दुरुस्त करा दिया गया था। वही, यमुना का बहाव क्षेत्र में खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। लेकिन बुधवार को हथिनीकुंड बैराज से यमुना में कम पानी छोड़ा गया, जिसके चलते गुरुवार को कैराना में यमुना का जलस्तर में 40 सेंटीमीटर की आंशिक गिरावट के साथ 231.90 मीटर पर आ गया। हालांकि क्षेत्र में यमुना का बहाव अभी भी खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर है। यूपी-हरियाणा सीमा पर स्थित यमुना ब्रिज के सूचकांक पर चेतावनी बिंदु 231.00 मीटर तथा खतरे का निशान 231.50 मीटर पर निर्धारित किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उधर, बैराज से यमुना में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में भी भारी कमी आई है। इससे तटवर्ती क्षेत्र के लोगो को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। ड्रेनेज विभाग के सहायक अभियंता राजेन्द्र सिंह ने बताया कि हथिनीकुंड बैराज से गुरुवार प्रातः छह बजे 1,50,803 क्यूसेक, आठ बजे 1,59,757 क्यूसेक, शाम चार बजे 88,329 क्यूसेक तथा पांच बजे 61000 क्यूसेक पानी यमुना में डिस्चार्ज किया गया। उन्होंने बताया कि इससे क्षेत्र में यमुना का जलस्तर नीचे आयेगा तथा तटवर्ती क्षेत्र के लोगो को राहत मिलेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों के सामने खड़ा हुआ पशुओं के चारे का संकट | Kairana News</h3>
<p style="text-align:justify;">यमुना का आकार बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्र की हजारों बीघा फसलें पानी में डूबी हुई है। यमुना के निचले इलाकों के खेतों में पूरी तरह से पानी भरा हुआ है, जिससे किसानों के सामने पशुओं के लिए हरे चारे का संकट खड़ा हो गया है। किसान भूसा आदि डालकर पशुओं के खाने का इंतजाम कर रहे है। लेकिन जिन गरीब किसानों के पास भूसा उपलब्ध नही है। उन्हें भारी परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। हालांकि यमुना का जलस्तर घटने से तटवर्ती किसानों को राहत मिलने की आस जगी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Flood : बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट, सुरक्षित रहने की मुनादी" href="http://10.0.0.122:1245/flood-threat-administration-alert-warning-to-stay-safe/">Flood : बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट, सुरक्षित रहने की मुनादी</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/partial-fall-in-yamuna-water-level-in-kairana/article-49949</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/partial-fall-in-yamuna-water-level-in-kairana/article-49949</guid>
                <pubDate>Thu, 13 Jul 2023 17:39:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-07/kairana-news-6.gif"                         length="55498"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिमी यमुना नहर में अवैध खनन का कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[खनन माफिया लाखों रुपए का रेत कर रहे चोरी नहर में बने टापुओं से लगातार हो रहा अवैध खनन सच कहूँ/लाजपतराय रादौर। प्रशासन की अनदेखी के चलते इन दिनों पश्चिमी यमुना नहर (Western Yamuna Canal) में अवैध खनन का कार्य लगातार जारी है। खनन माफिया नहर का जलस्तर कम होने के बाद नहर में बने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/western-yamuna-canal/article-39825"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/7-1.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>खनन माफिया लाखों रुपए का रेत कर रहे चोरी </strong></li>
<li><strong>नहर में बने टापुओं से लगातार हो रहा अवैध खनन </strong></li>
</ul>
<p><strong>सच कहूँ/लाजपतराय</strong><br />
<strong>रादौर।</strong> प्रशासन की अनदेखी के चलते इन दिनों पश्चिमी यमुना नहर <strong>(Western Yamuna Canal)</strong> में अवैध खनन का कार्य लगातार जारी है। खनन माफिया नहर का जलस्तर कम होने के बाद नहर में बने टापुओं से लगातार खनन कर लाखों रुपए का रेत चोरी कर रहा है। लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके चलते अवैध खनन धड़ल्ले से हो रहा है। हालांकि पुलिस प्रशासन भी दावा कर चुका है कि अवैध खनन को रोकने का कार्य किया जाएगा लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें– <a href="http://10.0.0.122:1245/cattle-free-city/">कैटल फ्री शहर में पशुओं की भरमार, हादसों का इंतजार</a></strong></p>
<p>संबंधित विभाग के अधिकारी अभी इस मामले से अनभिज्ञता जता रहे है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अगर कोई आम इंसान अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए नहर या नदी से थोड़ा-सा रेत उठा ले तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग व पुलिस तक पहुंच जाती है, लेकिन अवैध खनन के मामले में प्रशासन का सूचना तंत्र काम करना ही बंद कर देता है। इसकी जांच होनी चाहिए और अवैध खनन पर रोक लगनी चाहिए। ताकि राजस्व को हो रहे नुक्सान को रोका जा सके</p>
<h3><strong>नहर में जगह जगह रेत के टापू बन गए है</strong></h3>
<p>क्षेत्रवासी अमरदीप, महावीर, गुलशन, रामलाल, राजीव, जसविंद्र, रामकुमार व गौरव का कहना है कि इन दिनों पश्चिमी यमुना नहर का जलस्तर काफी कम है, जिससे नहर में जगह जगह रेत के टापू बन गए है। जिस कारण यह नहर अवैध खनन करने वालों के लिए पहली पसंद बन चुकी है। रात के अंधेरे व दिन में ही अवैध खनन का खेल लगातार जारी है। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में मजदूरों को भी अपने साथ रखते है। ताकि कार्य को तेजी से पूरा किया जा सके। नहर में जगह जगह अवैध खनन के प्रमाण मौजूद है।</p>
<h3>प्रशासन हरकत में आता दिखाई नहीं दे रहा है।</h3>
<p>इतना ही नहीं खनन माफिया द्वारा बनाए गए रास्ते भी साफ देखे जा सकते है, लेकिन फिर भी प्रशासन हरकत में आता दिखाई नहीं दे रहा है। संबंधित विभाग अगर चाहे तो इस पर पूरी तरह से अकुंश लगा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि यह कार्य मिलीभगत से हो रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए और अवैध खनन पर रोक लगाई जानी चाहिए।</p>
<h3><strong>मामला जानकारी में नहीं: एसडीओ</strong></h3>
<p>सिंचाई विभाग के एसडीओ रूबन गर्ग का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। नहर से अवैध रूप से खनन करना गैरकानूनी है। इससे नहर को भी नुक्सान होगा। इस मामले की जांच की जाएगी और कर्मचारियों को नहर पर निगरानी रखने के लिए निर्देश जारी किए जाएगें। कोई भी अवैध खनन करता मिलता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/western-yamuna-canal/article-39825</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/western-yamuna-canal/article-39825</guid>
                <pubDate>Sun, 13 Nov 2022 20:45:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-11/7-1.jpg"                         length="107179"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        