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                <title>International Gita Mahotsav - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>भारत-जापान के सांस्कृतिक सहयोग को सुदृढ़ बनाने का काम करेगा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव जापान: सीएम सैनी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में जापान में हुए अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव कार्यक्रम के सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह महोत्सव भारत-जापान के सांस्कृतिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने का काम करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/international-gita-mahotsav-will-work-to-strengthen-cultural-cooperation-between/article-87579"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/kurukshetra-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र (सच कहूँ ब्यूरो)।</strong> Kurukshetra News: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में जापान में हुए अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव कार्यक्रम के सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह महोत्सव भारत-जापान के सांस्कृतिक सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने का काम करेगा। कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय  गीता महोत्सव में जापान के प्रतिनिधिमंडल को विशेष रूप से आमंत्रित करने तथा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक आदान-प्रदान को और मजबूती देने के लिए आवश्यक पहल के निर्देश दिए। शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-जापान की विस्तृत प्रतिवेदन डिटेल रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">यह रिपोर्ट गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद की उपस्थिति में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, मानद सचिव उपेंद्र सिंघल तथा अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण के सदस्य विजय नरूला द्वारा प्रस्तुत की गई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 18 से 23 जून  तक जापान में आयोजित सातवें अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत कुल 18 विभिन्न कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य जापान में श्रीमद्भगवद्गीता के सार्वभौमिक संदेश का प्रचार-प्रसार, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना तथा भारत, विशेषकर कुरुक्षेत्र, और जापान के मध्य सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना था।</p>
<h4 style="text-align:justify;">अरिकवा नदी पर हुआ वैश्विक गीता पाठ का आयोजन</h4>
<p style="text-align:justify;">महोत्सव के दौरान जापान की हाउस आॅफ काउंसलर्स, आईडीपी मुख्यालय, ओसाका असेंबली तथा जापान के पूर्व प्रधानमंत्री को श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की गई। टोक्यो विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें गीता के वैश्विक संदेश एवं समकालीन प्रासंगिकता पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त भारत-जापान की सांस्कृतिक समानताओं पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी, विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीता यज्ञ, वैश्विक गीता पाठ, गीता सद्भावना यात्रा तथा अरिकवा नदी तट पर भव्य गीता आरती का आयोजन भी किया गया। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने बताया कि महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण जापान की प्रसिद्ध काबूकी रंगमंच शैली के माध्यम से लगभग 40 मिनट की गीता प्रस्तुति रही, जिसे बड़ी संख्या में जापानी नागरिकों ने उत्साहपूर्वक देखा और सराहा। </p>
<h4 style="text-align:justify;">इससे पहले कई देशों में हो चुका अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन </h4>
<p style="text-align:justify;">प्रतिनिधिमंडल ने जापान के प्राचीन एवं प्रतिष्ठित ओटनी विश्वविद्यालय (ओसाका) का भी दौरा किया। विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर के साथ भारत, विशेषकर कुरुक्षेत्र, और जापान के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने तथा गीता विषयक शोध गतिविधियों के विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त जापान की सांस्कृतिक राजधानी क्योटो के महापौर के साथ प्रतिनिधिमंडल ने सिस्टर सिटी संबंध स्थापित करने तथा सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ाने के विषय पर सार्थक विचार-विमर्श किया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का मॉरीशस, लंदन, कनाडा, आॅस्ट्रेलिया, श्रीलंका एवं इंडोनेशिया में सफल आयोजन किया जा चुका है तथा जापान इस श्रृंखला का सातवां अंतर्राष्ट्रीय आयोजन रहा।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/kurukshetra-news.jpg" alt="Kurukshetra News" width="1280" height="720"></img>
Kurukshetra News: मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ स्वामी ज्ञानानंद व अन्य।
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 20:15:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Gita Mahotsav: कैथल से आधे किराये पर जा सकेंगे गीता जयंती महोत्सव में</title>
                                    <description><![CDATA[गीता महोत्सव में जाने वाले यात्रियों को दिए जाएंगे कूपन| Kaithal News कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। International Gita Mahotsav: कुरुक्षेत्र में चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव को लेकर रोडवेज विभाग द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल बस चलाई जाएंगी। कैथल डिपो से आधा किराया माफ़ी के आदेश जारी हुए हैं। यात्रियों को सामान्य […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/you-can-go-to-geeta-jayanti-mahotsav-from-kaithal-at-half-the-fare/article-65107"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-12/kaithal-news-6.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">गीता महोत्सव में जाने वाले यात्रियों को दिए जाएंगे कूपन| Kaithal News</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)।</strong> International Gita Mahotsav: कुरुक्षेत्र में चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव को लेकर रोडवेज विभाग द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल बस चलाई जाएंगी। कैथल डिपो से आधा किराया माफ़ी के आदेश जारी हुए हैं। यात्रियों को सामान्य टिकट के स्थान पर मुख्यालय से प्राप्त कूपन दिए जाएंगे। कैथल में शुक्रवार से ये सुविधा मिलनी शुरू हो गयी है हालाँकि पहले दिन यात्रियों का कोई ख़ास रुझान इस और नहीं दिखा। जिन यात्रियों को किराये में पहले से ही 50 प्रतिशत तक छूट प्राप्त है, उनको यह सुविधा नहीं मिलेगी। 16 दिसंबर तक जनता को ये सुविधा मिलेगी। गीता महोत्सव को देखने के लिए अधिक से अधिक लोग जा सके और इस आयोजन का आनंद उठा सकें, इसके लिए रोडवेज ने यह सुविधा यात्रियों को दी है। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">सामान्य बसों में कुरुक्षेत्र के लिए यात्रियों से 40 रुपए किराया लिया जाता है, लेकिन अब 20 रुपए के फ्री कूपन यात्रियों को दिए जाएंगे। बता दें कि कुरुक्षेत्र के ब्राह्मसरोवर पर अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा हैं। जहां पर देश व विदेश से काफी लोग समारोह में पहुंच रहे हैं। गीता जयंती का अधिक से अधिक लोग लाभ उठा सकें इसलिए ये सुविधा रोडवेज द्वारा प्रदान की गयी है। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">कुरुक्षेत्र में चल रहे गीता जयंती समारोह में जाने वाले लोगों के लिए विभाग द्वारा स्पेशल बस चलाई जाएगी। इसमें यात्रियों को कूपन दिए जाएंगे और उनका आधा किराया लगेगा। यात्रियों की संख्या के आधार पर ही स्पेशल बसों का संचालन किया जाएगा।<br />
<strong>                                                                              -कमलजीत चहल, रोडवेज महाप्रबंधक कैथल</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Punjab Winter Holidays: पंजाब वासियों के लिए बड़ी खबर, सर्दियों की छुट्टियों का हुआ ऐलान, पढ़ें पूरी जानकारी" href="http://10.0.0.122:1245/winter-vacation-begins-at-pgi-chandigarh/">Punjab Winter Holidays: पंजाब वासियों के लिए बड़ी खबर, सर्दियों की छुट्टियों का हुआ ऐलान, पढ़ें पूरी जानकारी</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/you-can-go-to-geeta-jayanti-mahotsav-from-kaithal-at-half-the-fare/article-65107</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Dec 2024 15:28:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘हरियाणवी मंडप’ ने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में छोड़ी लोक संस्कृति की छाप</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणवी पगड़ी पहनकर सेल्फी लेने का दिखा क्रेज कुरुक्षेत्र। (सच कहूँ/देवीलाल बारना) अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2022 के अवसर पर ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में हरियाणवी मंडप के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति का संदेश लाखों पर्यटकों तक पहुंचा। गीता महोत्सव में हरियाणा मंडप सभी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र रहा। इस मंडप में सबसे ज्यादा भीड़ देखने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/international-gita-mahotsav-in-kurukshetra-3/article-40602"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/international-gita-mahotsav-5.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>हरियाणवी पगड़ी पहनकर सेल्फी लेने का दिखा क्रेज</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र। (सच कहूँ/देवीलाल बारना)</strong> अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2022 के अवसर पर ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में हरियाणवी मंडप के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति का संदेश लाखों पर्यटकों तक पहुंचा। गीता महोत्सव में हरियाणा मंडप सभी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र रहा। इस मंडप में सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली। यह जानकारी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने दी है। उन्होंने बताया कि 6 दिन तक चले हरियाणवी मंडप का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने लोक पारम्परिक तरीके से किया था।इस मंडप में हरियाणवी पगड़ी, किसानी प्रदर्शनी, लोहार प्रदर्शनी, टोकरे बनाने की कला, बढ़ई के माध्यम से हल व रथ बनाने की कला, गुड्डे व गुडिय़ा बनाने की कला, बीजणे बनाने की कला, हरियाणा की चारपाई व पीढ़ा बुणाई कला, हरियाणा की चरखा परम्परा, लोकजीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी, सिक्कों की प्रदर्शनी के साथ-साथ हरियाणा की लोक सांस्कृतिक परम्पराओं को प्रदर्शित किया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रागनियों, लोकनृत्यों व सांग कर रहे आकर्षित</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणवी मंडप के मंच पर विभिन्न लोक कलाकारों ने सुबह से लेकर शाम तक हरियाणा के लोकगीतों, रागनियों, लोकनृत्यों, सांग, जोगी गायन, सपेरा नृत्य, बंचारी नृत्य, हरियाणवी धमाल आदि के माध्यम से दर्शकों की भीड़ को अपनी ओर आकर्षित किया। इसके साथ ही मंडप में हरियाणा के खान-पान बाजरा व मक्के की रोटी, साग, पूड़ा, घी-बूरा, कढ़ी चावल, राजमा, बाजरे की खिचड़ी, बाकली, गुड़ का दलिया, नमकीन व लस्सी, चूरमा, खीर, सेवइयां, गोलगप्पे, गुड़ का हलवा, गुड़ की चाय, वेजिटेबल दलिया आदि के माध्यम से हरियाणवी खान-पान का भी खूब प्रचार हुआ।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हरियाणा सरकार के मंत्री भी हुए कायल</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणवी मंडप को लाखों लोगों ने देखा और हरियाणवी संस्कृति से जुड़े। केन्द्रीय मंत्री, हरियाणा सरकार के मंत्रियों तथा राजनीतिक हस्तियों ने भी हरियाणवी मंडप का अवलोकन कर प्रशासन, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड, हरियाणा कला परिषद व कला एवं सांस्कृतिक विभाग के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। हरियाणा कला परिषद् के निदेशक संजय भसीन, कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी दीपिका, हेमा, तान्या चौहान, रेणू हुड्डा ने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड, हरियाणा सरकार तथा प्रशासनिक अधिकारियों का हरियाणवी संस्कृति को लाखों लोगों तक पहुंचाने के लिए हार्दिक धन्यवाद किया।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Dec 2022 10:00:28 +0530</pubDate>
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                <title>ब्रह्मसरोवर के पवित्र घाट झलक रही अद्भुत कला और संस्कृति</title>
                                    <description><![CDATA[शिल्पकारों की कला के बेजोड़ नमूने बड़ा रहे है महोत्सव की शोभा कुरुक्षेत्र। (सच कहूँ/देवीलाल बारना) अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के पावन पर्व पर पवित्र ब्रह्मसरोवर के घाट कला और संस्कृति के अदभुत संगम स्थल बन गए है। इस दृश्य का आनंद लेने और अपने मोबाइल में कैद करने के लिए देश और प्रदेश के कोने-कोने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/international-gita-mahotsav-in-kurukshetra-2/article-40520"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/international-gita-mahotsav-4.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">शिल्पकारों की कला के बेजोड़ नमूने बड़ा रहे है महोत्सव की शोभा</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र। (सच कहूँ/देवीलाल बारना)</strong> अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के पावन पर्व पर पवित्र ब्रह्मसरोवर के घाट कला और संस्कृति के अदभुत संगम स्थल बन गए है। इस दृश्य का आनंद लेने और अपने मोबाइल में कैद करने के लिए देश और प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु और पर्यटक बड़े उत्साह के साथ पहुंच रहे है। इन पर्यटकों का उत्साह उस समय झलकता है जब विभिन्न प्रदेशों के वाद्य यंत्रों और लोक नृत्यों के साथ पर्यटक झूम उठते है। अहम पहलू यह है कि हरियाणा पैवेलियन में हरियाणा की ऐतिहासिक धरोहर संजोए बेजोड़ नमूने, हरियाणा की आन-बान-शान देहाती पगड़ी, हरियाणा के पारम्परिक व्यंजन, देशी ठाठ-बाट, रहन-सहन, खेत-खलिहान, मध्य प्रदेश के पवेलियन में झलकती सांस्कृतिक धरोहर इस महोत्सव के आनंद को ओर बढ़ाने का काम कर रही है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="पहली बार ऑटोलॉगस फैट ट्रांसप्लांट के जरिए चेहरे को किया ठीक" href="http://10.0.0.122:1245/corrected-the-face-through-autologous-fat-transplant/">पहली बार ऑटोलॉगस फैट ट्रांसप्लांट के जरिए चेहरे को किया ठीक</a></p>
<p><span style="color:#111111;font-family:Roboto, sans-serif;font-size:22px;text-align:justify;">देश-विदेश से पहुंच रहे ब्रह्मसरोवर तट पर लोग</span></p>
<p style="text-align:justify;">महोत्सव के 15वें दिन सरस और शिल्प मेले का आनंद लेने और खरीदारी करने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक ब्रह्मसरोवर के घाटों पर नजर आए। यह महोत्सव चरम सीमा पर पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में भी लाखों लोगों के पहुंचने की सम्भावना है। इस महोत्सव में लगातार बढ़ रही भीड़ से यह आकलन किया जा सकता है कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव प्रदेश ही नहीं देश वासियों का एक विशेष उत्सव बन चुका है और इस उत्सव में अपनी भागीदारी और मौजूदगी को दर्ज करवाने के लिए देश-विदेश से लोग ब्रह्मसरोवर के तट पर पहुंच रहे है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">फिजा में महक रही विभिन्न प्रदेशों के व्यंजनों की खुशबू</h3>
<p style="text-align:justify;">शिल्प और सरस मेले का आनंद लेने के उपरांत विभिन्न प्रदेशों के व्यंजन जिनमें राजस्थान के चूरमे, कश्मीर का काहवा व चाय, गोहाना की जलेबी, छोले-भटूरे, पाव-भाजी आदि, पर्यटकों के जीभ के स्वाद को भी बढ़ा रहे है। इस महोत्सव में पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और पर्यटक लोक कलाओं और खानपान का भरपूर आनंद ले पाए इसकी व्यवस्था पर प्रशासन नजर रखे हुए है। प्रशासन के आलाधिकारी समय-समय पर ब्रह्मसरोवर के कार्यक्रमों स्थलों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य प्रबंधों का भी जायजा ले रहे है और जहां भी कमी नजर आती है, उसे तुरंत दुरुस्त करवाने का काम किया जा रहा है। इस महोत्सव के शिल्प और सरस मेले का 6 दिसंबर तक आनंद लिया जा सकेगा।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Dec 2022 19:02:44 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>300 लोक कलाकारों के वाद्य यंत्रों की धुनों ने बदली ब्रह्मसरोवर की फिजा</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर कहीं जंगम जोगी, कहीं नगाड़ा-बीन और कहीं सारंगी की धुनों को सुना जा रहा है सहजता से, कला एवं संस्कृति विभाग की तरफ से प्रदेशभर से आमंत्रित किये गये हैं अनूठे कलाकार कुरुक्षेत्र (सच कहूं, देवीलाल बारना)। 2 दिसंबर ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर प्रदेश के कोने-कोने से लुप्त होने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/international-gita-mahotsav-in-kurukshetra/article-40485"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/international-gita-mahotsav-3.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर कहीं जंगम जोगी, कहीं नगाड़ा-बीन और कहीं सारंगी की धुनों को सुना जा रहा है सहजता से, कला एवं संस्कृति विभाग की तरफ से प्रदेशभर से आमंत्रित किये गये हैं अनूठे कलाकार</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र (सच कहूं, देवीलाल बारना)।</strong> 2 दिसंबर ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर प्रदेश के कोने-कोने से लुप्त होने के कगार पर पंहुचे वाद्य यंत्रों की धुनों को सहजता से सुना जा सकता है। इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2022 में प्रदेश भर से 300 से ज्यादा लोक कलाकारों ने अपने वाद्य यंत्रों की धुनों से ब्रह्मसरोवर की फिजा को बदलने का काम किया है। इस सरोवर के पावन तट पर कहीं जंगम जोगी, कहीं नगाड़ा-बीन और कहीं सारंगी की धुनों को सुनकर पर्यटक मस्ती से झूम रहे हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="3 साल का भागवत सनातन संस्कृति में समझा रहा ए,बी,सी,डी का मतलब" href="http://10.0.0.122:1245/crafts-and-saras-fair-on-the-occasion-of-international-gita-mahotsav/">3 साल का भागवत सनातन संस्कृति में समझा रहा ए,बी,सी,डी का मतलब</a></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="text-align:justify;">अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2022 में जहां प्रदेश के लोक कलाकार पर्यटकों को आनंदित कर रहे हैं, वहीं इस प्रकार के महोत्सव लुप्त हो रही कलाओं का संगम भी बना है। इन्हीं तमाम पहलुओं को लेकर ही सरकार के कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की तरफ से जंगम जोगी के 5 ग्रुप, डेरू पार्टी के 7 ग्रुप, नगाड़ा पार्टी के 8 ग्रुप, बीन पार्टी के 8 ग्रुप और बीन पार्टी के 3 ग्रुप बुलाए गये हैं। इन सभी ग्रुपों के लगभग 300 से ज्यादा लोक कलाकार महोत्सव में पहुंचे हैं। ये सभी कलाकार सरोवर के चारों तटों पर घूम-घूम कर पर्यटकों का मनोरंजन करने का काम कर रहे हैं।</span></p>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की सांस्कृतिक अधिकारी डा0 दीपिका वालिया ने कहा कि जंगम जोगी पार्टी में सत्य नारायण एवं दल, नरेश एवं पार्टी, रामकुमार एंड पार्टी, कृष्ण व जगंबीर की जंगमजोगी पार्टी अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहुंची है। इन पांचों टीमों के 34 सदस्य हैं। डेरु पार्टी में बलकार, दिलवारा, अनुप कुमार, विशाल कुमार, मोहन सिंह, मुकेश कुमार व कुलदीप सहित 7 पार्टियां ब्रह्मसरोवर पर लोगों का मनोरंजन करने का काम कर रही है। डेरु पार्टी की 7 टीमों में कुल 42 सदस्य शामिल हैं। इसी तरह बैगपाइपर में कार्तिक शर्मा, सुरेन्द्र सिंह, साहिल कुमार, विकी कुमार सहित 4 दल हैं, इन दलों में 32 सदस्य हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ब्रह्मसरोवर पर नगाड़ा व बीन की लगभग 16 पार्टियां घूम-घूम कर लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर रही हैं। इस बार नगाड़ा पार्टी में सुरेन्द्र, धर्मवीर, यशपाल, चन्द्र, जगदीश, अतर सिंह, प्रवीण, खजान सिंह सहित 8 ग्रुपों में 80 कलाकार शामिल हैं। इसी तरह बीन पार्टी में जय सिंह, राजू नाथ, राजकुमार, केहर नाथ, आनन्द कुमार, रोहताश, इन्द्रजीत, आजाद सहित कुल 8 ग्रुप हैं, इन ग्रुपों में लगभग 70 सदस्य हैं। इन दोनो पार्टियों के कलाकारों ने हरियाणा की लोक कला के परंपरागत वाद्य यंत्रों की धुनों से पूरे ब्रह्मसरोवर की फिजाओं का बदलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में सारंगी पार्टी भी अपनी कला से पर्यटकों को भाव-विभोर कर रही है। इस बार प्रेमचंद जोगी, प्रताप जोगी और सतबीर जोगी की 18 सदस्यीय अपनी सारंगी से पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करने का काम कर रहे है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Dec 2022 19:30:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>3 साल का भागवत सनातन संस्कृति में समझा रहा ए,बी,सी,डी का मतलब</title>
                                    <description><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहुंचे जिला मथुरा के गौवर्धन क्षेत्र से छोटा बच्चा पलभर में सुना देता है गीता के श्लोकों का उच्चारण कुरुक्षेत्र। (सच कहूँ/देवीलाल बारना) ब्रह्मसरोवर के तट पर लगे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के उपलक्ष क्राफ्ट और सरस मेले में जिला मथुरा के गौवर्धन क्षेत्र का रहने वाला मात्र 3 साल का बच्चा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/crafts-and-saras-fair-on-the-occasion-of-international-gita-mahotsav/article-40479"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/international-gita-mahotsav-2.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहुंचे जिला मथुरा के गौवर्धन क्षेत्र से छोटा बच्चा</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>पलभर में सुना देता है गीता के श्लोकों का उच्चारण</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र। (सच कहूँ/देवीलाल बारना)</strong> ब्रह्मसरोवर के तट पर लगे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के उपलक्ष क्राफ्ट और सरस मेले में जिला मथुरा के गौवर्धन क्षेत्र का रहने वाला मात्र 3 साल का बच्चा जिसका नाम भागवत है, वह महोत्सव में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली एबीसीडी का मतलब सनातन संस्कृति के रुप में बता रहा है।महोत्सव में स्टाल नंबर 598 पर यह बच्चा भागवत एबीसीडी का मतलब भगवान के नामों से बता रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="हरियाणा में यूनिफार्म सिविल कोड को लागू करने पर विचार: विज" href="http://10.0.0.122:1245/considering-implementing-uniform-civil-code-in-haryana-anil-vij/">हरियाणा में यूनिफार्म सिविल कोड को लागू करने पर विचार: विज</a></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="text-align:justify;">भागवत से जब ए का अर्थ पूछा तो उसने उत्तर दिया अर्जुन, जब बी का अर्थ पूछा तो उसने उत्तर दिया बलराम, ऐसा सुनकर साफ प्रतीत होता है कि एबीसीडी का अर्थ सनातन संस्कृति पर आधारित है और जन-जन में भागवत गीता का प्रचार कर रहा है। बता दें भागवत जिला मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र का रहने वाला है तथा वहां के गिव गीता संस्थान के गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण कर रहा है और महोत्सव में अपने पिता आकाम भक्तिदास के साथ आया है। इतना ही नहीं गीता के श्लोकों का उच्चारण भी पलभर में भागवत सुना देता है। पिता का कहना है कि उनका पूरा जीवन गीता को समर्पित है और वह गीता का प्रचार जन-जन में कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में हर माता-पिता को अपने बच्चे को बचपन से गीता के बारे में बताना चाहिए।</span></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Dec 2022 17:56:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंडवानी एकल नाटक गायन को जिंदा रखे है छत्तीसगढ़ की पूजा</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में अपनी गायन शैली से कर रही भाव विभोर कुरुक्षेत्र। (सच कहूँ/देवीलाल बारना) कापालिक शैली में पंडवानी एकल नाटक गायन कथा को छत्तीसगढ़ की समप्रिय पूजा निशाद जिंदा रखे हुए है। वे ब्रहमसरोवर पर आयोजित गीता महोत्सव में अपनी गायन शैली से सबको भाव विभोर कर गीता के महत्व के बारे में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/kurukshetra-international-gita-festival/article-40444"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/international-gita-mahotsav.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में अपनी गायन शैली से कर रही भाव विभोर</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र। (सच कहूँ/देवीलाल बारना)</strong> कापालिक शैली में पंडवानी एकल नाटक गायन कथा को छत्तीसगढ़ की समप्रिय पूजा निशाद जिंदा रखे हुए है। वे ब्रहमसरोवर पर आयोजित गीता महोत्सव में अपनी गायन शैली से सबको भाव विभोर कर गीता के महत्व के बारे में बता रहे हैं। समप्रिय पूजा निशाद महाभारत कथा गायन में सभी को पूरा कथा वृतांत सुना रही हैं। उन्होंने बताया कि ये शैली हरियाणा के सांग से मिलती जुलती शैली है जिसमें एक ही कलाकार प्रत्येक कलाकार के संवाद बोलकर भाव भंगिमाएं करता है। उन्होंने बताया कि वे रंगमंच से जुड़ी हुई कलाकार है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="शादी कर अंबाला पहुंचे परिवार के बीच खूनी संघर्ष" href="http://10.0.0.122:1245/there-was-a-bloody-fight-between-the-family-who-reached-ambala-after-getting-married-from-gorakhpur/">शादी कर अंबाला पहुंचे परिवार के बीच खूनी संघर्ष</a></p>
<p style="text-align:justify;">यह शैली पद्मश्री पूना राम निशाद ने शुरू की थी और इसे पदमश्री डॉ. तीजन बाई ने भी बहुत आगे बढ़ाया था। समप्रिय ने बताया कि वे इस शैली में महाभारत कथा गायन को लंदन, जापान सहित देश के अनेक राज्यों में आयोजित कार्यक्रमों में लेकर गई हैं। उन्होंने बताया कि इस शैली में नृत्य नाटिका करते समय गायक और गायिका एक ही कपाल में विद्यमान रहते हैं। इसलिए इसको कापालिक शैली कहा जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">युवा पीढ़ी को इन शैलियों को बचाने के लिए आना होगा आगे: पूजा निशाद</h3>
<p style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ की समप्रिय पूजा निशाद कहा कि युवा पीढ़ी को हमारी इन शैलियों को जिंदा रखने के लिए आगे आना चाहिए। निशाद ने बताया कि जिस तरह से सांस्कृतिक परम्पराओं को एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में ले जाने का काम किया है उससे कई अंजान बातों का भी पता लगता है। लोक समृति के मानस पटल पर पंडवानी एकल नाटक पर छाप छोडऩा उनका लक्ष्य है। यह छत्तीगढ़ की सांस्कृतिक परम्पराओं को आगे बढ़ाने का एक अच्छा प्लेटफार्म है। पंडवानी विद्या में दो शैलियां प्रचल्लित है जिनमें एक वेदमति शैली भी है। यह शैली बैठकर गाने की शैली है। कापालिक शैली में कलाकार खड़े होकर अभिनय सहित मंच पर कलाकार जोहर दिखाता है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/kurukshetra-international-gita-festival/article-40444</link>
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                <pubDate>Thu, 01 Dec 2022 20:16:26 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ब्रह्मसरोवर के घाटों पर नजर आया देश की लोक संस्कृति का महाकुंभ</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, असम, राजस्थान के लोक नृत्यों को देखने का मिला अवसर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव कुरुक्षेत्र। (सच कहूँ/देवीलाल बारना) अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर के घाटों पर देश की लोक संस्कृति का महाकुंभ देखने को मिला। इस लोक संस्कृति के महाकुंभ में जम्मू कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/mahakumbh-of-countrys-folk-culture-was-seen-on-the-ghats-of-brahma-sarovar/article-40316"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/international-gita-mahotsav-1.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;"><strong>पंजाब, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, असम, राजस्थान के लोक नृत्यों को देखने का मिला अवसर</strong></h4>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र। (सच कहूँ/देवीलाल बारना)</strong> अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में ब्रह्मसरोवर के घाटों पर देश की लोक संस्कृति का महाकुंभ देखने को मिला। इस लोक संस्कृति के महाकुंभ में जम्मू कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, असम, राजस्थान, उत्तराखंड के कलाकारों ने अपने-अपने प्रदेश के लोक नृत्य की प्रस्तुति देकर समा बांध दिया। इन कलाकारों को उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला क्षेत्र पटियाला की तरफ से आमंत्रित किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2022 में सरस और शिल्प मेले में शिल्प कलाओं के साथ-साथ देश की लोक संस्कृति को देखने का एक बार फिर सुनहरी अवसर पर्यटकों को मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="हरियाणा के इस शहर में आग से करोड़ों का माल जलकर स्वाहा" href="http://10.0.0.122:1245/sudden-fire-in-clothes-showroom-in-rohtak/">हरियाणा के इस शहर में आग से करोड़ों का माल जलकर स्वाहा</a></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="text-align:justify;">कोरोना महामारी के बाद इस वर्ष बड़े स्तर पर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसलिये इस वर्ष महोत्सव के शिल्प और सरस मेले के साथ-साथ लोक संस्कृति का आनन्द लेने के लिये ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर देश के कोने-कोने से पर्यटक पहुंच रहे हैं। इस वर्ष उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केन्द्र की तरफ से विभिन्न राज्यों के कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। अब 29 नवंबर से कुछ और राज्यों कलाकार महोत्सव में पहुंच रहे है, जिनमें लद्दाख, त्रिुपरा, ओडिशा, गुजरात, आंध्र प्रदेश शामिल है। ये कलाकार 6 दिसंबर तक अपनी प्रस्तुति देंगे।</span></p>
<h3 style="text-align:justify;">विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति को देखकर पर्यटक दंग</h3>
<p style="text-align:justify;">एनजेडसीसी की तरफ से विभिन्न राज्यों के कलाकार महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। इन तमाम राज्यों के कलाकार अपने-अपने प्रदेशों की लोक संस्कृति से सबका मन मोह रहे हैं। एक मंच पर देश के अलग-अलग राज्यों की लोक संस्कृति को देखना हर कोई अपना सौभाग्य मान रहा है। यह कलाकार भी दर्शकों के हुजूम और उत्साह को देखकर मदमस्त होकर अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। इन कलाकारों के नृत्य के साथ देखने वाला प्रत्येक व्यक्ति भी अपने पांव को रोक नही पाता है और इन कलाकारों के साथ ही झूमने पर मजबूर हो जाता है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में बेहतरीन कलाकारों को आमंत्रित किया गया है और यह कलाकार लगातार अपने-अपने प्रदेश की प्रस्तुति देकर पर्यटकों का मनोरंजन कर रहे हैं।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/mahakumbh-of-countrys-folk-culture-was-seen-on-the-ghats-of-brahma-sarovar/article-40316</link>
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                <pubDate>Mon, 28 Nov 2022 18:38:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>कोरोना के बाद गीता महोत्सव में लौटी रौनक, सरस मेले की सबसे सुंदर शुरूआत</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का भव्य शुभारंभ ढोल-नंगाड़ो, शिल्पकारों और कलाकारों का दिखा अद्भुत संगम मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वयं कलाकारों से की मुलाकात 29 नवंबर को होगा राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आगमन कुरुक्षेत्र। (सच कहूँ/देवीलाल बारना) मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को मंत्रोच्चारण के बीच कुरुक्षेत्र में सरस मेले के उद्घाटन के साथ अंतरराष्ट्रीय […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/grand-launch-of-international-gita-mahotsav/article-40013"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/international-gita-mahotsav.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का भव्य शुभारंभ</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>ढोल-नंगाड़ो, शिल्पकारों और कलाकारों का दिखा अद्भुत संगम</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वयं कलाकारों से की मुलाकात</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>29 नवंबर को होगा राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आगमन</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र। (सच कहूँ/देवीलाल बारना)</strong> मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को मंत्रोच्चारण के बीच कुरुक्षेत्र में सरस मेले के उद्घाटन के साथ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यह हम सभी के लिए ऐतिहासिक अवसर है। आज से पहले सरस मेले की इतनी सुंदर और भव्य शुरूआत कभी नहीं हुई। ढोल-नंगाड़ों, शिल्पकारों और कलाकारों के अद्भुत संगम के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री ने स्वयं कलाकारों और शिल्पकारों से मुलाकात की। कार्यक्रम में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम विधिवत रूप से सरस मेले का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता की प्रति पर पुष्प अर्पित किए और दीप प्रज्जवलित कर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आगाज किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने ब्रह्मसरोवर के तट पर बनी दुकानों में लगे सरस मेले का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने ढोल-नंगाड़ा पार्टी, करतब दिखा रहे कलाकार, नृत्य कर रहे कलाकार और बीन पार्टी से बातचीत की। उन्होंने सभी को इस पावन अवसर पर पहुंचने पर हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि 29 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू पहुंच रही हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="गुरुग्राम में 26 नवंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत: ललिता पटवर्धन" href="http://10.0.0.122:1245/national-lok-adalat-to-be-held-in-gurugram-on-november-26-lalita-patwardhan/">गुरुग्राम में 26 नवंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत: ललिता पटवर्धन</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">गीता का संदेश जितना पहले उपयोगी था, उतना आज भी</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के शुभारंभ का ऐतिहासिक अवसर है। हजारों साल पहले कुरुक्षेत्र की भूमि पर भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। यह गीता ज्ञान उस वक्त जितना उपयोगी था, आज भी उतना ही उपयोगी है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र भी उस वक्त जितना उपयोगी था, आज भी उतना ही उपयोगी है। गीता का यह संदेश युगों-युगों तक याद रखा जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">25 देशों से आएंगे विदेशी सैलानी</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और विदेश से लोग अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहुंचेंगे। कोरोना के बाद रोनक लौटी है। इस बार भी लाखों की संख्या में लोग पहुंचेंगे। इसके साथ-साथ विभिन्न प्रांतों से कलाकार, शिल्पकार, कारीगर व सामान बेचने वाले स्वयं सहायता समूह महोत्सव में पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार हरियाणा के हैंडीक्राफ्ट बनाने वालों के लिए अलग स्टॉल की व्यवस्था की गई है, जो विदेशी सैलानियो को आकर्षित करती है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है और लोगों को हमारी संस्कृति जानने का अवसर भी मिलता है। महोत्सव देखने के लिए 25 देशों से विदेशी सैलानियों के आने की उम्मीद है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Nov 2022 19:13:20 +0530</pubDate>
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