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                <title>Stubble Burning Cases - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Stubble Burning Cases RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>लापरवाही: संगरूर में पराली जलाने के मामलों में वृद्धि, 24 घंटे में 63 स्थानों पर लगी आग</title>
                                    <description><![CDATA[अब तक 281 मामले दर्ज, प्रदूषण से जनजीवन प्रभावित, प्रशासन बेबस किसानों की मजबूरी बनी पराली जलाना, विशेषज्ञों ने दी स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी संगरूर (सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह)। Stubble Burning Cases: जिला संगरूर में किसानों द्वारा धान की पराली जलाने से उठता जहरीला धुआं आम लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल बना रहा है। किसान मजबूरी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/stubble-burning-cases-on-the-rise-in-sangrur-stubble-has-been-burnt-at-sixty-three-places/article-77625"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/stubble-burning.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">अब तक 281 मामले दर्ज, प्रदूषण से जनजीवन प्रभावित, प्रशासन बेबस</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">किसानों की मजबूरी बनी पराली जलाना, विशेषज्ञों ने दी स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर (सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह)।</strong> Stubble Burning Cases: जिला संगरूर में किसानों द्वारा धान की पराली जलाने से उठता जहरीला धुआं आम लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल बना रहा है। किसान मजबूरी में पराली जला रहे हैं, जबकि प्रशासन इस गंभीर स्थिति पर नियंत्रण पाने में असमर्थ नजर आ रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी संगरूर पराली जलाने के मामलों में अग्रणी जिलों में शामिल है। Sangrur News</p>
<p style="text-align:justify;">पूरे पंजाब में संगरूर दूसरे स्थान पर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 नवम्बर 2025 तक संगरूर जिला प्रतिदिन प्रदूषण के मामले में अन्य जिलों को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान बनाए हुए है। अब तक जिले में पराली जलाने के कुल 281 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। बीते 24 घंटों में ही 63 से अधिक स्थानों पर पराली को आग लगाई गई। प्रशासन इस स्थिति पर पूरी तरह बेबस नजर आ रहा है। विभाग द्वारा बड़ी संख्या में किसानों पर मामले दर्ज किए जा रहे हैं और अब तक 1 लाख 30 हजार से अधिक के जुर्माने लगाए जा चुके हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">धुएं से बीमारियों का बढ़ता प्रकोप | Sangrur News</h3>
<p style="text-align:justify;">इस जहरीले धुएं का असर शहरवासियों पर बड़े स्तर पर देखा जा रहा है। दोपहर बाद वातावरण में धुंध छा जाती है और बाजारों में सन्नाटा पसरने लगता है। खांसी, जुकाम और सांस के मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एडवाइजरी जारी करनी शुरू कर दी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पराली से किसान कर सकते हैं अच्छी कमाई: जतिंदर कालड़ा</h3>
<p style="text-align:justify;">समाजसेवी जतिंदर कालड़ा ने बताया कि उन्होंने पराली के मुद्दे पर एक वर्ष तक मेहनत की है और यह किसानों की किस्मत बदलने वाला साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसान सहकारी समितियों के माध्यम से पराली आधारित उद्योग स्थापित करें तो सरकार 30 प्रतिशत सब्सिडी देती है। आज पंजाब के थर्मल प्लांट, ईंट भट्ठे और अन्य उद्योगों को पराली की भारी आवश्यकता है। बाहरी व्यापारी पंजाब में आकर पराली आधारित उद्योग लगा रहे हैं और पराली की गांठें 2 रुपये प्रति किलो तक बिक रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को किसानों को पराली प्रबंधन की ओर प्रोत्साहित करना चाहिए जिससे प्रदूषण से भी बड़े स्तर पर बचाव संभव है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बुजुर्ग और बच्चे शाम को घर से बाहर न निकलें: डॉ. अमनदीप अग्रवाल</h3>
<p style="text-align:justify;">इस विषय पर बात करते हुए डॉ. अमनदीप अग्रवाल ने कहा कि विशेषकर संगरूर जिले में धुएं के कारण हालात बेहद चिंताजनक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने चेहरे पर मास्क या रुमाल बांधकर रखना अनिवार्य हो गया है। शाम के समय बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि घर के आसपास पानी का छिड़काव करना चाहिए जिससे मिट्टी और धुएं से बचाव हो सके। Sangrur News</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों की मजबूरी है पराली जलाना: चट्ठा</h3>
<p style="text-align:justify;">भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के जिला महासचिव रण सिंह चट्ठा ने कहा कि पंजाब सरकार हाईकोर्ट की सख्ती से बचने के लिए पराली जलाने वाले किसानों पर मामले दर्ज कर रही है और रेड एंट्री के साथ भारी जुर्माने लगा रही है। उन्होंने कहा कि छोटे किसान जो चार-पांच एकड़ जमीन के मालिक हैं, वे करोड़ों रुपये की मशीनरी नहीं खरीद सकते। सरकार ने पराली की गांठें बांधने के लिए बैलर मशीनों की भी कोई विशेष व्यवस्था नहीं की है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="सीबीआई को मिला पूर्व डीआईजी भुल्लर का पांच दिन का रिमांड" href="http://10.0.0.122:1245/cbi-gets-five-day-remand-of-bhullar/">सीबीआई को मिला पूर्व डीआईजी भुल्लर का पांच दिन का रिमांड</a></p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Nov 2025 21:25:28 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं 75% घटी, फिर भी भाजपा और दिल्ली सरकार के निशाने पर पंजाब का किसान क्यों?</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। Chandigarh News: हर साल की तरह, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है। इसके साथ ही, इस प्रदूषण के स्रोतों को लेकर राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। हालाँकि, इस साल यह बहस एक नए मोड़ पर है। पंजाब से आए […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/stubble-burning-incidents-reduced-by-seventy-five-percent-in-punjab/article-77265"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/chandigarh-news-11.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Chandigarh News: हर साल की तरह, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है। इसके साथ ही, इस प्रदूषण के स्रोतों को लेकर राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। हालाँकि, इस साल यह बहस एक नए मोड़ पर है। पंजाब से आए नए आँकड़े पराली जलाने की घटनाओं में एक अभूतपूर्व गिरावट दर्शाते हैं, जिसने इस पूरी चर्चा के केंद्र में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है: अगर पंजाब में पराली इतनी कम जल रही है, तो दिल्ली के प्रदूषण के लिए पंजाब के किसानों और वहाँ की सरकार को क्यों कठघरे में खड़ा किया जा रहा है?</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे पहले, उन आँकड़ों पर नज़र डालना ज़रूरी है जो इस बहस को एक नई दिशा दे रहे हैं। 15 सितंबर से 21 अक्टूबर के बीच पराली जलाने की घटनाओं की तुलनात्मक संख्या एक महत्वपूर्ण कहानी बयां करती है। जहाँ साल 2022 में इसी अवधि के दौरान 3114 घटनाएँ दर्ज की गई थीं, वहीं 2023 में यह घटकर 1764, 2024 में 1510 और इस साल 2025 में यह आँकड़ा आश्चर्यजनक रूप से गिरकर महज़ 415 रह गया है। यह आँकड़ा इस सीज़न में 75% से अधिक की भारी गिरावट का स्पष्ट प्रमाण है, जो पंजाब सरकार के प्रयासों और किसानों के सहयोग की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। Chandigarh News</p>
<p style="text-align:justify;">इस महत्वपूर्ण प्रगति के बावजूद, दिल्ली के राजनीतिक गलियारों से आने वाले बयान एक अलग ही तस्वीर पेश करते हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा जैसे नेताओं ने दिल्ली के प्रदूषण के लिए सीधे तौर पर पंजाब के किसानों को ज़िम्मेदार ठहराया है। यह आरोप-प्रत्यारोप तब हो रहे हैं जब दिल्ली खुद दुनिया के सबसे प्रदूषित महानगरों की सूची में शीर्ष पर है। यह स्थिति एक स्पष्ट विरोधाभास पैदा करती है, जहाँ एक तरफ पराली की घटनाओं में भारी कमी आई है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली का प्रदूषण संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह विरोधाभास कई तार्किक सवाल खड़े करता है। पहला और सबसे महत्वपूर्ण सवाल दिल्ली सरकार और उन नेताओं से है जो पंजाब पर उंगली उठा रहे हैं: यदि पंजाब में पराली जलाना 75% से अधिक कम हो गया है, तो दिल्ली की हवा में ज़हर घोलने वाले प्रमुख कारक कौन से हैं? क्या दिल्ली के प्रदूषण के लिए केवल पंजाब को ज़िम्मेदार ठहराना, दिल्ली के अपने आंतरिक प्रदूषण स्रोतों—जैसे वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक प्रदूषण और निर्माण स्थलों की धूल—की अनदेखी करना नहीं है?</p>
<p style="text-align:justify;">एक और तकनीकी और तार्किक प्रश्न एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) की तुलना से उठता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्तमान में पंजाब का AQI दिल्ली की तुलना में काफी बेहतर है (लगभग 5 गुना तक)। यहाँ सवाल यह बनता है कि अगर दिल्ली का दम घोंटने वाला स्मॉग पंजाब से आ रहा है, तो पंजाब की अपनी हवा इतनी साफ़ कैसे है? हवा का यह पैटर्न तार्किक रूप से समझाना मुश्किल है कि प्रदूषित हवा पंजाब को छोड़कर सीधे दिल्ली को कैसे प्रभावित कर रही है। यह विसंगति इस दावे पर संदेह पैदा करती है कि दिल्ली के संकट का मुख्य कारण पंजाब के खेत हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह मुद्दा अब केवल आम आदमी पार्टी (जो पंजाब और दिल्ली दोनों में सत्ता में है) और भाजपा के बीच का नहीं रह गया है, बल्कि यह भाजपा के भीतर भी एक पहेली बन गया है। जब श्री सिरसा जैसे भाजपा नेता सार्वजनिक रूप से पंजाब के किसानों को दिल्ली के प्रदूषण के लिए दोषी ठहराते हैं, तो यह भारतीय जनता पार्टी की पंजाब इकाई को एक मुश्किल स्थिति में डाल देता है। उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि वे इस मुद्दे पर कहाँ खड़े हैं। Chandigarh News</p>
<p style="text-align:justify;">अब सवाल सीधे पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं—सुनील जाखड़, रवनीत बिट्टू और अश्विनी शर्मा—से पूछा जाना चाहिए। क्या वे दिल्ली में अपनी ही पार्टी के नेताओं द्वारा पंजाब के किसानों के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान से सहमत हैं? क्या वे मानते हैं कि 75% की गिरावट के बावजूद, दिल्ली के प्रदूषण के लिए पंजाब के किसान ही मुख्य रूप से ज़िम्मेदार हैं? या फिर वे अपने राज्य के किसानों के साथ खड़े होंगे और उन आँकड़ों को स्वीकार करेंगे जो पंजाब द्वारा किए गए महत्वपूर्ण सुधार को दर्शाते हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">अंत में, यह स्पष्ट है कि आँकड़े पंजाब में पराली प्रबंधन के मोर्चे पर एक बड़ी सकारात्मक बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं। इस ज़मीनी हकीकत को देखते हुए, यह ज़रूरी हो गया है कि दिल्ली के प्रदूषण संकट का समाधान खोजने के लिए राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठा जाए। पंजाब के किसानों और सरकार पर दोष मढ़ने के बजाय, शायद अब समय आ गया है कि दिल्ली के नेता और केंद्र सरकार, दिल्ली की अपनी आंतरिक प्रदूषण समस्याओं पर अधिक गंभीरता से ध्यान केंद्रित करें और उन किसानों के प्रयासों को स्वीकार करें जिन्होंने इस साल पराली जलाना काफी हद तक कम कर दिया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Gram Cultivation: धान-गेंहू से अधिक मुनाफा देती है यह फसल, खेतों की उर्वरक क्षमता में भी होगी बढ़ोतरी, जानिये बुवाई का तरीका" href="http://10.0.0.122:1245/gram-cultivation/">Gram Cultivation: धान-गेंहू से अधिक मुनाफा देती है यह फसल, खेतों की उर्वरक क्षमता में भी होगी बढ़ोतरी, जानिये बुवाई का तरीका</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Oct 2025 16:00:34 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Stubble Burning Cases: पराली जलाने के मामले बढ़कर 143 हुए</title>
                                    <description><![CDATA[कैथल (सच कहूँ न्यूज)। Stubble Burning Cases: जिले में पराली जलाने के मामलों लगातार आ रहे है। वीरवार-शुक्रवार को भी जिले में पराली जलाने के 6 नए मामले आए हैं। जिले में सेटेलाइट द्वारा चिन्हित अब पराली जलाने के 143 मामले हो चुके हैं। बता दें कि जिले में अब तक 24 एफआइआर हो चुकी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/cases-of-stubble-burning-increased-to-one-hundred-forty-three/article-63914"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/stubble-burning-cases.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Stubble Burning Cases: जिले में पराली जलाने के मामलों लगातार आ रहे है। वीरवार-शुक्रवार को भी जिले में पराली जलाने के 6 नए मामले आए हैं। जिले में सेटेलाइट द्वारा चिन्हित अब पराली जलाने के 143 मामले हो चुके हैं। बता दें कि जिले में अब तक 24 एफआइआर हो चुकी है जिनमे 21 किसानों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि 101 किसानों की रेड एंट्री की गई है, जिनमे सबसे ज्यादा 46 गुहला से है। कृषि विभाग ने लापरवाही बरतने में पर 42 कर्मचारियों को नोटिस भी दिया है। जबकि तीन कर्मचारी सस्पेंड किए गए हैं। इसके साथ ही दो लाख 10 हजार रुपए से अधिक का जुमार्ना लगाया गया है। Kaithal News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Bike Thief Arrested: बाईक चोर गिरोह के 3 सदस्य काबू, 11 बाइक बरामद" href="http://10.0.0.122:1245/three-members-of-bike-thief-gang-arrested-eleven-bikes-recovered/">Bike Thief Arrested: बाईक चोर गिरोह के 3 सदस्य काबू, 11 बाइक बरामद</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Nov 2024 19:01:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Supreme Court: पराली जलाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट की केंद्र को फटकार! जारी किया ये बड़ा ब्यान!</title>
                                    <description><![CDATA[Stubble Burning Cases: नई दिल्ली (एजेंसी)। आज सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार ने कानूनों को ‘शक्तिहीन’ बना दिया है, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा पराली जलाने पर दंड से संबंधित सीएक्यूएम अधिनियम के प्रावधानों को लागू नहीं किया गया है। Supreme Court एक मीडिया रिपोर्ट […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/supreme-court-reprimanded-the-center-for-burning-stubble-issued-this-big-statement/article-63579"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/supreme-court-stubble-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Stubble Burning Cases: <strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> आज सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार ने कानूनों को ‘शक्तिहीन’ बना दिया है, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा पराली जलाने पर दंड से संबंधित सीएक्यूएम अधिनियम के प्रावधानों को लागू नहीं किया गया है। Supreme Court</p>
<p style="text-align:justify;">एक मीडिया रिपोर्ट में केंद्र के हवाले से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि सीएक्यूएम अधिनियम की धारा 15, जो पराली जलाने पर दंड से संबंधित है, को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा और आवश्यक नियम 10 दिनों के भीतर जारी कर दिए जाएंगे।</p>
<h3>पंजाब और हरियाणा सरकारों की भी कड़ी आलोचना | Supreme Court</h3>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में शीर्ष अदालत ने पराली जलाने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के लिए पंजाब और हरियाणा सरकारों की भी कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अगर ये सरकारें वास्तव में कानून को लागू करने में रुचि रखतीं तो कम से कम एक मुकदमा तो होता।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव से कहा कि ‘‘लगभग 1080 उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन आपने केवल 473 लोगों से मामूली जुर्माना वसूला है। आप 600 या उससे ज्यादा लोगों को छोड़ रहे हैं। हम आपको साफ-साफ बता दें कि आप उल्लंघन करने वालों को यह संकेत दे रहे हैं कि उनके खिलाफ कुछ नहीं किया जाएगा। ऐसा पिछले 3 सालों से चल रहा है।’’ Supreme Court</p>
<p><a title="Delhi Water Supply disrupted: इस दिन दिल्ली को नहीं मिलेगा पानी! जानें क्यों और किन-किन क्षेत्रों में बंद रहेगी आपूर्ति?" href="http://10.0.0.122:1245/delhi-will-not-get-water-on-this-day-know-why-and-in-which-areas-the-supply-will-be-stopped/">Delhi Water Supply disrupted: इस दिन दिल्ली को नहीं मिलेगा पानी! जानें क्यों और किन-किन क्षेत्रों मे…</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/supreme-court-reprimanded-the-center-for-burning-stubble-issued-this-big-statement/article-63579</link>
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                <pubDate>Wed, 23 Oct 2024 14:08:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stubble Burning Cases: पराली जलाने पर सख्ती, एक साथ 10 एफआईआर दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[पराली जलाने वाले 12 किसानों को नहीं दी जाएगी फसल पर एमएसपी लापरवाही बरतने पर कृषि विभाग के आठ कर्मियों को दिए नोटिस | Kaithal News कैथल (सच कहूं/कुलदीप नैन)। Stubble Burning: जिले में शनिवार को पराली जलाने के छह और नए मामले सामने आए हैं। यह ढांड और पूंडरी में पाए गए हैं। अब […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/strictness-on-stubble-burning-ten-fir-registered/article-63487"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/kaithal-news-14.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पराली जलाने वाले 12 किसानों को नहीं दी जाएगी फसल पर एमएसपी</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>लापरवाही बरतने पर कृषि विभाग के आठ कर्मियों को दिए नोटिस | Kaithal News</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूं/कुलदीप नैन)। </strong>Stubble Burning: जिले में शनिवार को पराली जलाने के छह और नए मामले सामने आए हैं। यह ढांड और पूंडरी में पाए गए हैं। अब पूरे जिले में पराली जलाने के कुल 112 मामले हो चुके हैं। वहीं, कृषि विभाग ने पराली जलाने की एक साथ दस एफआईआर दर्ज की है। इनमें से 5 पुंडरी में, 4 गुहला चीका में और एक कैथल में दर्ज की गई है। इसके साथ ही 12 ऐसे किसानों को चिन्हित किया गया है, जिन किसानों को फसल पर एमएसपी नहीं दी जाएगी। बता दे कि दो दिन पहले ही आदेश जारी हुए थे कि पराली जलाने वाले किसानों की फसल एमएसपी पर नहीं बिकेगी। जिस पर जिले में अब कार्रवाई होनी शुरू हो गई है। वहीं अभी तक जिले में कोई केस भी दर्ज नहीं किया गया था लेकिन शनिवार को पराली जलाने वाले 10 किसानो पर केस भी दर्ज किया गया है। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">उधर, कृषि विभाग ने गांव स्तर पर पराली जलाने के मामलों में जागरूकता को लेकर लापरवाही बरती है। ऐसे में कृषि विभाग के आठ कर्मियों को नोटिस दिया गया है। जबकि इससे पहले पांच कर्मियों को भी नोटिस दिए गए थे। यह जानकारी कृषि विभाग कैथल के फसल अवशेष प्रबंधन के जिला नोडल अधिकारी सतीश नारा ने दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">सतीश नारा ने बताया कि कृषि विभाग ने अब पराली जलाने के मामलों में सख्ती लाना शुरू की है। जिला प्रशासन के आदेशों पर अब पराली जलाने के किसानों पर सीधा एफआईआर दर्ज की जाएगी। शनिवार को 10 एफआईआर दर्ज हो गई है। इसलिए किसानों से अपील है कि वे पराली न जलाकर विभाग का सहयोग करें। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि शनिवार को कैथल में अब तक का सबसे अधिक वायु प्रदूषण का स्तर 370 दर्ज किया गया है। कैथल जिले में प्रदेश के सबसे अधिक पराली जलाने के मामले प्राप्त हुए है। वहीं एक्यूआई भी प्रदेश में सबसे ज्यादा कैथल का दर्ज किया गया है। वीरवार को कैथल में वायु प्रदूषण का स्तर 280 था जोकि शुक्रवार को बढ़कर 320 तक पहुंच गया था। ऐसे में कैथल जिला प्रशासन पराली जलाने वालों पर अब सख्ती दिखाता नजर आ रहा है। फिर वे चाहे कर्मचारी हो या किसान। अब देखना होगा आने वाले दिनों में इसका कितना असर धरातल पर देखने को मिलता है। Kaithal News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="डीसी ने किया शीशमहल प्रोजेक्ट के सैंपल फ्लैट का उद्घाटन" href="http://10.0.0.122:1245/dc-inaugurated-the-sample-flat-of-sheesh-mahal-project/">डीसी ने किया शीशमहल प्रोजेक्ट के सैंपल फ्लैट का उद्घाटन</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/strictness-on-stubble-burning-ten-fir-registered/article-63487</link>
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                <pubDate>Sun, 20 Oct 2024 20:36:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोष्ठियों में धान फसल अवशेष न जलाने के लिए किसान को किया जाएगा प्रेरित</title>
                                    <description><![CDATA[पराली जलाने पर 15 हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान | Hanumangarh News हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। जिले में इस बार लगभग 35 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में धान फसल की बुवाई की गई है। इससे 20-25 लाख क्विंटल पराली का उत्पादन अनुमानित है। किसानों की ओर से धान फसल कटाई के तुरंत पश्चात खेत खाली […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/farmers-will-be-motivated-not-to-burn-paddy-crop-residue-in-seminars/article-54222"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-10/parali.jpg" alt=""></a><br /><h3>पराली जलाने पर 15 हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान | Hanumangarh News</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> जिले में इस बार लगभग 35 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में धान फसल की बुवाई की गई है। इससे 20-25 लाख क्विंटल पराली का उत्पादन अनुमानित है। किसानों की ओर से धान फसल कटाई के तुरंत पश्चात खेत खाली कर गेहूं की बुवाई करने के लिए धान फसल अवशेष (पराली) को जलाने की प्रवृति है। उच्चतम न्यायालय की ओर से गठित आयोग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि धान की कटाई के दृष्टिगत जिले में फसल अवशेषों को नहीं जलाने के संदर्भ में कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">इस सिलसिले में जिला कलक्टर रुक्मणि रियार सिहाग ने निर्देश दिए हैं कि धान फसल कटाई उपरान्त फसल अवशेष (पराली) को नहीं जलाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाए तथा फसल अवशेष प्रबंधन के लिए तकनीकी जानकारी दी जाए, ताकि पर्यावरण प्रदूषित नहीं हो। इसी क्रम में जिला कलक्टर की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को कार्ययोजना अनुसार जिला स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक का आयोजन जिला कलक्ट्रेट सभागार में किया जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ग्राम पंचायत स्तरीय किसान गोष्ठियों का होगा आयोजन | Stubble Burning</h3>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. रमेश चंद्र बराला ने बताया कि किसानों को प्रेरित करने के लिए धान उत्पादक क्षेत्र की प्रत्येक पंचायत समिति पर पंचायत समिति स्तरीय किसान गोष्ठियों का आयोजन आगामी दो दिवस में किया जाएगा। तदोपरान्त प्रत्येक धान उत्पादक ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर ग्राम पंचायत स्तरीय किसान गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। किसान गोष्ठियों में फसल अवशेष (पराली) के समुचित प्रबंधन के लिए फसल अवशेष को पशुओं के चारे के रूप में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पराली की गांठ बनाकर बायोमास आधारित पावर प्लांटों में उपयोग में लेने के लिए एवं गोशालाओं में चारे के रूप में उपयोग में लेने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए तकनीकी पम्पलेंट का वितरण भी किया जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पराली जलाने पर 15 हजार रुपए तक जुर्माना</h3>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. रमेश चंद्र बराला ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल बोर्ड, नई दिल्ली की ओर से जारी निर्देश अनुसार फसल अवशेष जलाने पर दो एकड़ क्षेत्रफल तक 2500 रुपए, 2 से 5 एकड़ क्षेत्रफल तक 5 हजार रुपए तथा 5 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में फसल अवशेष जलाने पर 15 हजार रुपए पर्यावरण क्षति पूर्ति के रूप में जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। अत: किसानों से अपील की जाती है कि धान फसल कटाई उपरान्त फसल अवशेष, पराली जलाने की बजाय उचित प्रबंधन करें, ताकि पशुओं के लिए चारे की किल्लत भी कम हो सके एवं पर्यावरण को प्रदूषित होने से भी बचाया जा सके। Hanumangarh News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Suicide Case: ससुराल पक्ष पर आत्महत्या दुष्प्रेरण का मुकदमा" href="http://10.0.0.122:1245/a-case-of-abetment-to-suicide-has-been-registered-against-the-in-laws/">Suicide Case: ससुराल पक्ष पर आत्महत्या दुष्प्रेरण का मुकदमा</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/farmers-will-be-motivated-not-to-burn-paddy-crop-residue-in-seminars/article-54222</link>
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                <pubDate>Fri, 27 Oct 2023 17:31:19 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पराली प्रबंधन: पंजाब के दो किसान भाइयों की जोड़ी बनी ‘मिसाल’</title>
                                    <description><![CDATA[तीन सालों से लगातार फसली अवशेष बिना जलाए कर रहे 50 एकड़ की खेती गुरप्रीत सिंह, बरनाला Stubble Management: किसान भाईयों की जोड़ी जिला बरनाला में किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। किसान हरभजन सिंह व मलकीत सिंह करीब 50 एकड़ में खेती करते हैं, जिन्होंंने पिछले 3 सालों से धान की पराली को […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/cultivating-fifty-acres-without-burning-crop-residues-continuously-for-three-years/article-53628"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-10/stubble-management.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">तीन सालों से लगातार फसली अवशेष बिना जलाए कर रहे 50 एकड़ की खेती</h4>
<p style="text-align:justify;">गुरप्रीत सिंह, बरनाला</p>
<p style="text-align:justify;">Stubble Management: किसान भाईयों की जोड़ी जिला बरनाला में किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। किसान हरभजन सिंह व मलकीत सिंह करीब 50 एकड़ में खेती करते हैं, जिन्होंंने पिछले 3 सालों से धान की पराली को आग नहीं लगाई है। पिछले साल कुछ रकबे में मॉलचिंग की थी और कुछ रकबे में पराली की गठड़ियां बना ली थीं। इस बार भी करीब 24 एकड़ धान की पराली की गठड़ियां बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिले में बड़ी संख्या में बेलर उपलब्ध हैं और उनको गठड़ियां बनाने में कोई मुश्किल पेश नहीं आई तथा खेत भी जल्द ही खाली हो गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के बरनाला जिले के कोठे कुरड़ वाले (गांव संघेड़ा) निवासी इन दोनों भाइयोें ने पिछले तीन सालों से फसल के उत्पादन में भी विस्तार हुआ है और यूरिया खाद की खपत भी घटी है। उनका कहना है कि वह फसली विभिन्नता के लिए आलू की काश्त भी करते हैं और सहायक रोजगार के तौर पर डेयरी फार्मिंग का काम भी करते हैं। उनके पास करीब 100 पशु हैं और पराली को पशुओं के चारे में मिलाकर इस्तेमाल में लाते हैं। इनका कहना है कि खेतों में पराली को आग लगाकर हम सिर्फ अपने खेतों को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि इससे पूरा पर्यावरण दूषित होने के साथ ही कई तरह के हादसे भी घटित होते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह पराली को आग न लगाकर पर्यावरण के रक्षक बनें।</p>
<p style="text-align:justify;">डिप्टी कमिश्नर पूनमदीप कौर ने पराली प्रबंधन में जुटे किसानों की प्रशंसा करते कहा कि अन्य किसानों को भी इनकी तरह पराली प्रबंधन करना चाहिए, पंजाब सरकार द्वारा इस कार्य के लिए जहां मशीनरी सब्सिडी पर दी जा रही है, वहीं जिला प्रशासन की ओर से भी इस मशीनरी के अधिक से अधिक सही इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:–</strong><a title="Modi Govt Scheme: पाएँ लोन अब बिना ब्याज! 7% सब्सिडी एवं कैशबैक के साथ!" href="http://10.0.0.122:1245/get-interest-free-loan-now-with-7-subsidy-and-cashback/">Modi Govt Scheme: पाएँ लोन अब बिना ब्याज! 7% सब्सिडी एवं कैशबैक के साथ!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कृषि</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/agriculture/cultivating-fifty-acres-without-burning-crop-residues-continuously-for-three-years/article-53628</link>
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                <pubDate>Fri, 13 Oct 2023 15:59:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कपूरथला में पराली जलाने के मामले 30 प्रतिशत कम हुए</title>
                                    <description><![CDATA[कपूरथला (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब में कपूरथला जिला प्रशासन ने दावा है कि जिले में पिछले वर्ष के मुकाबले इस धान सीजन में पराली जलाने के मामलों में 30 प्रतिशत कमी आयी हैं। उपायुक्त विशेष सारंगल ने शुक्रवार को बताया कि इस सीजन में 15 सितंबर से 21 नवंबर तक पराली जलाने के 1275 मामले […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/stubble-burning-cases-reduced-by-30-percent-in-kapurthala/article-40199"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/stubble-burning-cases.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कपूरथला (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पंजाब में कपूरथला जिला प्रशासन ने दावा है कि जिले में पिछले वर्ष के मुकाबले इस धान सीजन में पराली जलाने के मामलों में 30 प्रतिशत कमी आयी हैं। उपायुक्त विशेष सारंगल ने शुक्रवार को बताया कि इस सीजन में 15 सितंबर से 21 नवंबर तक पराली जलाने के 1275 मामले हुए हैं जबकि पिछले साल यह संख्या 1784 थी। उन्होंने बताया कि पराली जलाने के मामलों की संख्या इस साल दो साल पहले यानी वर्ष 2020 के 1630 मामलों से भी कम थी। उपायुक्त ने कहा कि मामलों में कमी प्रशासन के किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रोत्साहित करने के कारण आई है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="गुरू तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस को लेकर हरियाणा सरकार ने की बड़ी घोषणा" href="http://10.0.0.122:1245/announcement-of-restricted-holiday-on-november-28-in-haryana/">गुरू तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस को लेकर हरियाणा सरकार ने की बड़ी घोषणा</a></p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/stubble-burning-cases-reduced-by-30-percent-in-kapurthala/article-40199</link>
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                <pubDate>Fri, 25 Nov 2022 18:42:11 +0530</pubDate>
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