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                <title>Mobile Phone - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Mobile Phone RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मोबाइल फोन हैक कर 98 हजार ठगने के आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[साइबर थाना सरसा पुलिस ने मोबाइल फोन हैक कर बैंक खाते से 98 हजार रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में दो युवको पंजाब के अबोहर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/accused-of-cheating-rs-98-thousand-by-hacking-mobile-phone/article-86656"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/arrested1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज)। </strong>Sirsa News: साइबर थाना सरसा पुलिस ने मोबाइल फोन हैक कर बैंक खाते से 98 हजार रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में दो युवको पंजाब के अबोहर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियो को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने बताया कि जिला के गांव बणी निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना सरसा में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार बीती 28 मई 2026 को उसके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई।</p>
<p style="text-align:justify;">कॉल रिसीव करते ही उसके मोबाइल की स्क्रीन अचानक काली हो गई और लगभग 10 से 15 मिनट तक फोन ने काम करना बंद कर दिया। बाद में फोन चालू होने पर उसे किसी गड़बड़ी की आशंका हुई। पीड़ित ने तुरंत मोबाइल फोन को रीसेट किया तथा अपनी सिम दूसरे मोबाइल में लगाकर गूगल पे के माध्यम से बैंक खाते की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री की जांच की। जांच के दौरान पता चला कि उसके बैंक आॅफ बड़ौदा खाते से बिना अनुमति के 50 हजार रुपए और 48 हजार रुपए की दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर कुल 98 हजार रुपए अज्ञात खातों में ट्रांसफर कर दिए गए थे। शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना सरसा में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्जकर जांच शुरू की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड तथा गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों पुरुषोत्तम निवासी चकराईयां वाला तहसील अबोहर पंजाब व गिरीश कुमार मुक्तसर साहिब पंजाब को अबोहर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। एसपी दीपक सहारण ने आमजन से अपील की कि किसी भी अज्ञात कॉल, व्हाट्सएप कॉल या संदेश पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें तथा साइबर धोखाधड़ी की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/arrested1.jpg" alt="arrested" width="600" height="450"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 20:57:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तीन दिन पूर्व चोरी हुआ मोबाइल बरामद, आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana: पुलिस ने तीन दिन पूर्व चोरी हुआ मोबाइल बरामद करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। विगत 15 अप्रैल को कस्बे के मोहल्ला दरबारकलां निवासी विकास का मोबाइल फोन मोहल्ले के ही आशू ने चोरी कर लिया था, जिसके सम्बन्ध में कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की तहरीर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/mobile-phone-stolen-three-days-ago-recovered-accused-arrested/article-83571"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/kairana-5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कैराना (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Kairana: पुलिस ने तीन दिन पूर्व चोरी हुआ मोबाइल बरामद करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। विगत 15 अप्रैल को कस्बे के मोहल्ला दरबारकलां निवासी विकास का मोबाइल फोन मोहल्ले के ही आशू ने चोरी कर लिया था, जिसके सम्बन्ध में कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया था। शनिवार को एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशानुसार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत कस्बे की इमामगेट चौकी प्रभारी एसआई गौरव चौहान ने मोबाइल चोरी के मामले में वांछित चल रहे आरोपी आशू को नगर के पानीपत बाईपास पर स्थित यात्री प्रतीक्षालय के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के कब्जे से चोरी हुआ मोबाइल फोन बरामद किया है। बाद में गिरफ्तार आरोपी को चालान करके जेल भेज दिया गया। Kairana</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="पॉलीथिन का प्रयोग करने पर पांच दुकानदारों के काटे चालान" href="https://www.sachkahoon.com/five-shopkeepers-were-fined-for-using-polythene/">पॉलीथिन का प्रयोग करने पर पांच दुकानदारों के काटे चालान</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 18:34:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘‘अगर आज बच्चों को मोबाइल के इस्तेमाल से नहीं रोका, तो जल्द हमें ढूंढ़ने होंगे मनोचिकित्सक’’</title>
                                    <description><![CDATA[बच्चों में मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित सिंगला से की गई खास बातचीत | Sangrur News संगरूर (सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह/नरेश कुमार)। Sangrur News: आजकल के समय में बच्चों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल का बढ़ता चलन भविष्य में उनके लिए बहुत ही खतरनाक साबित होता जा रहा है, मोबाईल की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/pediatrician-dr-amit-singla-was-interviewed-on-the-increasing-use-of-mobile-phones-among-children/article-59889"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/sangrur-news-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">बच्चों में मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित सिंगला से की गई खास बातचीत | Sangrur News</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर (सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह/नरेश कुमार)। </strong>Sangrur News: आजकल के समय में बच्चों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल का बढ़ता चलन भविष्य में उनके लिए बहुत ही खतरनाक साबित होता जा रहा है, मोबाईल की वजह से बच्चे अपने माता-पिता से दूर होते जा रहे हैं और इसके साथ ही मोबाईल का उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इस संबंधी आज हमने बच्चों के विशेषज्ञ डॉ. अमित सिंगला से खास बातचीत की। पेश हैं बातचीत के कुछ विशेष अंश:-</p>
<h3 style="text-align:justify;">सवाल: डॉक्टर साहब, बच्चों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल क्यों बढ़ रहा है?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>उत्तर:</strong> मोबाइल फोन का असर बच्चों में काफी देखने को मिल रहा है, यह हम पिछले पांच सालों से देख रहे हैं। कोरोना के दौरान बच्चों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल शुरू होने से इसका प्रभाव हर साल और अधिक बढ़ रहा है, ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोना के समय में आॅनलाइन पढ़ाई की मजबूरी थी और आॅनलाइन पढ़ाई के कारण सभी स्कूल बंद थे, इसलिए बच्चों को फोन या लैपटॉप या आईपैड को तीन या चार घंटे तक इस्तेमाल करना पड़ता था, लेकिन कोरोना चला गया, दुर्भाग्य से अपने पीछे बच्चों में मोबाईल की आदत छोड़ गया है। Sangrur News</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरा कारण है सीमित परिवार। आजकल अधिकांश परिवारों में केवल एक ही बच्चा होता है और माता-पिता नौकरी करते हैं, जब वे अपने कामकाज से वापिस आते हैं तो वे थके हुए होते हैं और उनके पास अपने बच्चों के साथ बिताने का समय नहीं होता और मोबाइल बच्चों के हाथ में आ जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सवाल : किस आयु वर्ग के बच्चे ज्यादा मोबाईल की चपेट में आ रहे हैं?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>उत्तर:</strong> किसी भी उम्र का लगभग हर बच्चा मोबाइल फोन के इस्तेमाल से एक या दो तरह से प्रभावित हो रहा है। एक तो 2 से 5 साल के बच्चे हैं, उनका दिमाग विकसित हो रहा होता है, जब वह फोन का इस्तेमाल करते हैं, तो उनके विकास में कमी आ जाती है। वहीं दूसरा 13 साल से लेकर 18 साल के बालिक बच्चों के लिए भी फोन का इस्तेमाल खतरनाक है। वहीं एक तो उनकी पढ़ाई खराब होती है और दूसरा वह ऐसे गेमस में पड़ जाते हैं, जिनसे उनकी जान को खतरा पैदा हो जाता है, जैसे कि पहले ब्ल्यू व्हेल आदि गेमों के कारण भी घटनाएं घटी हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रश्न: डॉ. साहब, बच्चों को मोबाईल की लत से कैसे बचाएं?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>उत्तर:</strong> मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग को रोकने के दो या तीन तरीके हैं। ऐसा कहा जाता है कि जितना समय बच्चे अपने माता-पिता के साथ बिताते हैं, उतना ही समय माता-पिता को भी अपने बच्चों के साथ बिताना चाहिए। इससे बच्चों का ध्यान मोबाइल से हटेगा। वहीं दूसरा हमें बच्चों का ध्यान मोबाइल फोन से हटाकर टीवी से जोड़ना होगा, क्योंकि शतरंज, कैरमबोर्ड, ड्राइंग आदि जैसे इनडोर गेम्स को जोड़ने के अलावा टीवी के नुक्सान मोबाइल की तुलना में बहुत कम हैं। Sangrur News</p>
<p style="text-align:justify;">बच्चों को मोबाइल फोन से दूर किया जा सकता है, यह सब माता-पिता के हाथ में है, कई माता-पिता उनके पास आते हैं और कहते हैं उनका बच्चा बिना मोबाइल देखे खाना नहीं खाता, इसमें भी गलती माता-पिता की होती है, क्योंकि माता-पिता बच्चे के हाथ में मोबाइल थमा देते हैं। हां, यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जब बच्चा भूखा होगा तो वह अपने आप ही कुछ खाने को मांगेगा, इसलिए इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रश्न: मोबाइल फोन की तरंगें बच्चों के स्वास्थ्य पर कितना प्रभाव डालती हैं?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>उत्तर:</strong> मोबाइल रेडिएशन से बच्चों के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। अगर बच्चों की आंतरिक कोशिकाओं पर यह तरंगे लगातार पड़ती रहीं, तो यह कैंसर का कारण भी बन सकती हैं, हालांकि इसका परीक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा जो बच्चे ज्यादा फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रश्न: आप पाठकों से क्या कहना चाहेंगे?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>उत्तर:</strong> बच्चों पर ध्यान दें। अब हमारे पास जितने भी बच्चे आ रहे हैं, उनमें तकरीबन मुझे लगता है 30 से 40% बच्चे मोटे होने लगे हैं। हमारे पास पहले माता-पिता इस बात को लेकर आते थे कि हमारा बच्चा बहुत पतला है, जिसे कोई दवाई दें, लेकिन अब तकरीबन 40% पैरेंट्स इस इस कारण आते हैं, कि उनका बच्चा मोटा हो रहा है। इस कारण माता-पिता को अपने बच्चों का समय रहते खास ख़्याल रखने की जरूरत है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रश्न: बच्चों को कब तक मोबाइल फोन देना उचित है?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>उत्तर:</strong> आपने बिल्कुल वाजिब सवाल पूछा है, इस पर कई परीक्षण भी हुए हैं, जिसका सार यही है कि बच्चों को फोन का इस्तेमाल कम से कम 40 मिनट तक करना चाहिए, लेकिन हैरानी की बात है कि आजकल बच्चे स्क्रीन पर लगातार 4-4 घंटे बिता रहे हैं। जोकि बहुत ही खतरनाक है। यह एक नशा है। इस नशे से छुटकारा दिलाने के लिए माता-पिता को ही मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा कि मोबाईल का नशा दिनों दिन बढ़ रहा है। Sangrur News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि अगर बच्चों में मोबाईल का इस्तेमाल इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले सालों में हमें बच्चों को मनोचिकित्सकों के पास ले जाना होगा। क्योंकि समाज में कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनके बारे में हम नहीं जानते। भले ही हम खुद को नुकसान पहुंचा रहे हों, लेकिन इसका असर अगले पांच साल के बाद दिखाई देगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सवाल : मोबाईल के ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों में किस तरह के प्रभाव नजर आ रहे हैं?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>उत्तर:</strong> मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से प्रभावित होने वाले बच्चों को दो भागों में विभाजित किया गया है। एक मानसिक व दूसरा शारीरिक प्रभाव। हम मानसिक प्रभाव को शारीरिक प्रभाव से अधिक हानिकारक मान रहे हैं। सबसे पहले तो बच्चों में मोटापा बहुत ज्यादा बढ़ रहा है, बच्चे बाहर खेलने की बजाय मोबाइल तक ही सीमित रहने लगे हैं, जिससे हर बच्चे का वजन औसतन बढ़ रहा है। इसके अलावा मानसिक तनाव भी अधिक रहने लगा है, क्योंकि जितना ज्यादा बच्चे फोन देखेंगे, उन्हें सिरदर्द की शिकायत होगी और उनकी आंखों की रोशनी भी कम होगी। मोबाईल का इस्तेमाल करने वाला बच्चा ज्यादा चिड़चिड़ा हो जाता है और घर में इधर-उधर सामान फैंकता है। Sangrur News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Weather Update : बारिश पहले बेदम, फिर देखते ही देखते शहर हुआ जलमग्न!" href="http://10.0.0.122:1245/first-it-rained-lightly-then-within-a-short-time-the-city-was-submerged/">Weather Update : बारिश पहले बेदम, फिर देखते ही देखते शहर हुआ जलमग्न!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jul 2024 16:03:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऐसे करें अपने फोन के खराब स्पीकर को खुद ठीक</title>
                                    <description><![CDATA[अगर आपके फोन के स्पीकर ने काम करना बंद कर दिया है, (Phone Speaker Problem) तो हम आज आपके साथ कुछ टिप्स साझा करने जा रहे हैं ताकि आप घर पर आराम करते समय इसे ठीक कर सकें। फोन से आने वाली आवाज अक्सर कम सुनाई देने लगती है। हमारी लापरवाही के कारण फोन के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/fix-your-phones-bad-speaker-yourself/article-46316"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/phone-speaker-problem.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अगर आपके फोन के स्पीकर ने काम करना बंद कर दिया है, (Phone Speaker Problem) तो हम आज आपके साथ कुछ टिप्स साझा करने जा रहे हैं ताकि आप घर पर आराम करते समय इसे ठीक कर सकें। फोन से आने वाली आवाज अक्सर कम सुनाई देने लगती है। हमारी लापरवाही के कारण फोन के स्पीकर में जो गंदगी जमा हो गई है, वह इसका मुख्य कारण है। गंदगी जमा होने के कारण फोन का स्पीकर बंद हो जाता है और डिवाइस से कम आवाज निकलती है। जिन लोगों को यह अनुभव होता है वे सोचते हैं कि उनके फोन का स्पीकर टूट गया है और वे इसे ठीक करवाने या बदलने के लिए दुकान पर ले जाते हैं। जबकि घर पर रहकर अपने फोन के स्पीकर को साफ करना एक विकल्प है। आइए देखें कि कैसे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="सोशल मीडिया में करियर की अपार संभावनाएं | (Social Media)" href="http://10.0.0.122:1245/career-opportunities-in-social-media/">सोशल मीडिया में करियर की अपार संभावनाएं | (Social Media)</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">पेशेवर मोबाइल सफाई किट होनी चाहिए</h3>
<p style="text-align:justify;">आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि यदि आप घर पर अपने किसी भी उपकरण की मरम्मत करना चाहते हैं तो आपको एक मोबाइल क्लीनिंग किट की आवश्यकता होगी। आपको केवल एक बार पैसा निवेश करने की आवश्यकता है, और आप इसे हमेशा के लिए उपयोग कर सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्पीकर को सॉफ्ट ब्रश से साफ करें</h3>
<p style="text-align:justify;">ब्रश का उपयोग करना घर पर अपने फोन के स्पीकर को साफ करने का एक तरीका है। यह सुनने में शायद आपको अजीब लगे, लेकिन यह सच है। ऐसा करने के लिए, एक सौम्य ब्रिसल वाला ब्रश लें और फोन के स्पीकर को साफ करने के लिए हल्के दबाव का उपयोग करें। धूल जमने के कारण फोन का स्पीकर बार-बार काम करना बंद कर देता है। ऐसे में इनकी सफाई कराई जाए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">संपीड़ित हवा मदद करेगी | (Phone Speaker Problem)</h3>
<p style="text-align:justify;">स्पीकर ग्रिल को साफ करने के लिए कंप्रेस्ड एयर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए ऐसे एयर पंप का इस्तेमाल करें जो इंडस्ट्रियल स्ट्रेंथ न हो। यदि आप स्पीकर को संपीड़ित हवा से साफ करते हैं तो स्पीकर ग्रिल में जमा गंदगी साफ हो जाती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">चिपचिपा टेप काम करेगा</h3>
<p style="text-align:justify;">स्टिकी टेप इस कार्य के लिए एक बेहतरीन उपकरण है। स्टिकी टेप लगाने से आपके फोन का खराब स्पीकर साफ हो जाएगा। टेप की एक छोटी लंबाई का उपयोग करके स्पीकर पर चिपचिपी टेप की एक मजबूत परत लगाएँ। अगला, हटाएं। लेकिन ध्यान रहे कि टेप का ग्लू अंदर नहीं छूटना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">साफ कपड़ा मदद करेगा</h3>
<p style="text-align:justify;">फोन के पोर्ट और स्पीकर को कभी-कभी ताजे सूती कपड़े से साफ करना चाहिए। नतीजतन, स्पीकर और पोर्ट साफ रहते हैं। हालाँकि, आपको सावधान रहना चाहिए कि कपड़े के बंदरगाहों में कोई लिंट न छोड़ें। बाजार में हर दिन ढेरों स्मार्टफोन पेश किए जाते हैं। हर दिन, हम फीचर अपग्रेड पर चर्चा करते हैं। हालाँकि, नया फोन प्राप्त करना हमेशा संभव नहीं होता है, इसलिए यदि आपके फोन का स्पीकर  (Phone Speaker Problem) काम नहीं कर रहा है तो इसके कई कारण हो सकते हैं। लेकिन एक अन्य कारक यह हो सकता है कि आपका फोन मैल से ढका हो। कृपया ध्यान रहे कि इसे कैसे साफ किया जाए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अपने फोन के स्पीकर को कैसे ठीक करें</h3>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए आप कई प्राकृतिक उपचार आजमा सकते हैं, जिनमें से किसी का भी आपको एक रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा। हम आपको अभी कुछ ऐसी सलाह देने जा रहे हैं जो इस प्रक्रिया के दौरान आपके काम आएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कपास की कलियों का प्रयोग करें</h3>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए आपको कॉटन बड्स की जरूरत पड़ेगी। स्पीकर के बाहरी हिस्से को साफ करने के लिए रुई के फोहे का प्रयोग करें। स्पीकर के छेद के चारों ओर धीरे-धीरे घुमाते हुए थोड़ा दबाव डालें। यदि ईयरबड्स बड़े हैं, तो उन्हें स्पीकर के खुलने के अंदर ले जाएँ। कृपया ध्यान रखें कि अत्यधिक दबाव आपके स्पीकर को नुकसान पहुंचा सकता है। रूबिन्स एल्कोहल को रूई के फोहे पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आप डबल साइट टेप का उपयोग कर सकते हैं | (Phone Speaker Problem)</h3>
<p style="text-align:justify;">आप एक छोटे से मैच के लिए दो तरफा टेप को ठीक से लगाकर ऐसा करते हैं। उसके बाद, आप इसका उपयोग अपने फोन के स्पीकर को साफ करने के लिए कर सकते हैं। ऐसा करने से स्पीकर की धूल टेप के ग्लू से चिपक जाती है और आपका स्पीकर साफ हो जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">टूथब्रश की मदद ले सकते हैं</h3>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए जेंटल ब्रिसल्स वाले टूथब्रश का इस्तेमाल करें। स्पीकर ग्रिल्स को किसी भी घिसे-पिटे लेकिन साफ ब्रश से साफ किया जा सकता है। अपने फोन के ब्रश को ऊपर या नीचे ले जाएँ। अपने फोन के स्पीकर को नुकसान से बचाने के लिए इस चरण के दौरान सावधानी बरतना याद रखें कि स्पीकर को अंदर से कैसे साफ किया जा सकता है। यदि आपको कोई संदेह है, तो इस चरण को करने से बचें क्योंकि यह आपके फोन के अन्य घटकों को भी प्रभावित कर सकता है।</p>
<p>यदि आपके सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, स्पीकर अभी भी कार्य नहीं कर रहा है, तो आपके फोन को अंदर से साफ करने की आवश्यकता है। (Phone Speaker Problem) इसके लिए आपको एक क्लीनिंग किट की जरूरत पड़ेगी, जिसे आप आॅनलाइन खरीद सकते हैं। लेकिन ऐसा करते समय सावधानी बरतें।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Apr 2023 14:43:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्लूबगिंग से सावधान रहें</title>
                                    <description><![CDATA[साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ध्यान दें कि ऐसे ऐप जो उपयोगकर्ताओं को स्मार्टफोन या लैपटॉप को वायरलेस इयरप्लग से कनेक्ट करने देते हैं, बातचीत रिकॉर्ड कर सकते हैं और हैक होने की चपेट में हैं। ब्लूबगिंग नामक एक प्रक्रिया के माध्यम से, एक हैकर इन ऐप्स और उपकरणों तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त कर सकता है और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/beware-of-bluebugging/article-40406"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/hackers.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ध्यान दें कि ऐसे ऐप जो उपयोगकर्ताओं को स्मार्टफोन या लैपटॉप को वायरलेस इयरप्लग से कनेक्ट करने देते हैं, बातचीत रिकॉर्ड कर सकते हैं और हैक होने की चपेट में हैं। ब्लूबगिंग नामक एक प्रक्रिया के माध्यम से, एक हैकर इन ऐप्स और उपकरणों तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त कर सकता है और उन्हें अपनी इच्छा के अनुसार नियंत्रित कर सकता है। स्वतंत्र सुरक्षा शोधकर्ता मार्टिन हरफर्ट ने 2004 की शुरुआत में ब्लूबगिंग के खतरे के बारे में ब्लॉग बनाया था। बग ने ब्लूटूथ प्रोटोकॉल में एक खामी का फायदा उठाया, जिससे यह हमलावर उपयोगकर्ता के फोन से फोन बुक और कॉल लिस्ट डाउनलोड करने में सक्षम हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह हैकिंग का एक रूप है, जो हमलावरों को खोज योग्य ब्लूटूथ कनेक्शन के माध्यम से डिवाइस तक पहुंचने देता है। एक बार किसी डिवाइस या फोन के ब्लूबग हो जाने के बाद, एक हैकर कॉल सुन सकता है, संदेश पढ़ सकता है और भेज सकता है तथा संपर्कों को चुरा सकता है एवं संशोधित कर सकता है। यह ब्लूटूथ क्षमता वाले लैपटॉप के लिए खतरे के रूप में शुरू हुआ। बाद में हैकर्स ने इस तकनीक का इस्तेमाल मोबाइल फोन और अन्य उपकरणों को निशाना बनाने के लिए किया। ब्लूबगिंग हमले ब्लूटूथ-सक्षम उपकरणों का शोषण करके काम करते हैं। डिवाइस का ब्लूटूथ खोजे जाने योग्य मोड में होना चाहिए, जो कि अधिकांश उपकरणों पर डिफॉल्ट सेटिंग है। इसके बाद हैकर डिवाइस को ब्लूटूथ के जरिए पेयर करने की कोशिश करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक बार कनेक्शन स्थापित हो जाने के बाद, हैकर प्रमाणीकरण को बायपास करने के लिए क्रूर बल के हमलों का उपयोग कर सकते हैं। वे अनधिकृत पहुंच प्राप्त करने के लिए समझौता किए गए डिवाइस में मैलवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं। ब्लूबगिंग तब हो सकती है जब कोई ब्लूटूथ-सक्षम डिवाइस हैकर के 10 मीटर के दायरे में हो। रोकने के तरीके में उपयोग में नहीं होने पर ब्लूटूथ को बंद करना और युग्मित ब्लूटूथ उपकरणों को डिस्कनेक्ट करना, डिवाइस के सिस्टम सॉफ़्टवेयर को नवीनतम संस्करण में अपडेट करना, सार्वजनिक वाई-फाई के उपयोग को सीमित करना और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय के रूप में वीपीएन का उपयोग करना रोकने के कुछ तरीके हैं। ब्लूबगिंग उपयोगकर्ताओं को अपने उपकरणों पर संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>-रवि रंजन</strong></p>
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                <pubDate>Thu, 01 Dec 2022 09:57:47 +0530</pubDate>
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                <title>मोबाइल आपका दोस्त है या दुश्मन</title>
                                    <description><![CDATA[इस शताब्दी का सबसे उन्नत और प्रभावी संचार उपकरण मोबाइल फोन है। मोबाइल फोन (Mobile Phone) हम सभी की जिंदगी का एक अभिन्न अंग बन चुके हैं। टेक्नोलॉजी के इस दौर में बच्चों का मोबाइल से खास लगाव हो चला है। आजकल बच्चे से लेकर बुजुर्ग के हाथों में मोबाइल देखा जा सकता है। आजकल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/mobile-phones-is-your-friend-or-foe/article-40306"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/mobile-phone.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">इस शताब्दी का सबसे उन्नत और प्रभावी संचार उपकरण मोबाइल फोन है। मोबाइल फोन (Mobile Phone) हम सभी की जिंदगी का एक अभिन्न अंग बन चुके हैं। टेक्नोलॉजी के इस दौर में बच्चों का मोबाइल से खास लगाव हो चला है। आजकल बच्चे से लेकर बुजुर्ग के हाथों में मोबाइल देखा जा सकता है। आजकल ज्यादातर बच्चे मोबाइल फोन की बुरी आदत का शिकार हो गए हैं। बच्चों को मोबाइल फोन की ऐसी लत लगी है कि वो सोते-जागते, खाते-पीते सिर्फ फोन में लगे रहते हैं। मोबाइल के बेहताशा उपयोग का बच्चों पर दुष्प्रभाव की जानकारी हर किसी को होनी जरूरी है ताकि यह पता चल सके कि यह बच्चों के लिए लाभकारी है या हानिकारक। मोबाइल आपका दोस्त है या दुश्मन।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="आवारा कुत्ते बने बड़ी मुसीबत" href="http://10.0.0.122:1245/stray-dogs-became-a-big-problem/">आवारा कुत्ते बने बड़ी मुसीबत</a></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="text-align:justify;">बिना विलंब किए इस पर गहनता से मंथन की जरूरत है। हाल ही में प्रयागराज में मोबाइल को लेकर ऐसी घटना सामने आई जो किसी भी पेरेंट को सोचने पर मजबूर कर देगी। 9वीं कक्षा की छात्रा को जब मोबाइल पर गेम खेलते देखा तो पिता ने डांट दिया। ऐसे में बेटी ने रात होते ही अपने कमरे में जाकर फांसी लगा ली। यह ऐसा कोई पहला मामला नहीं है। देश के हर कोने से ऐसे मामले अक्सर सुर्खियों में आते रहते हैं। वैज्ञानिक भाषा में इसे इंटरनेट एडिक्शन डिस्आॅर्डर कहा गया है। अपने बच्चों को मोबाइल और कंप्यूटर पर गेम खेलते देख अनेक माता-पिता बहुत खुश होते हैं।</span></p>
<p style="text-align:justify;">वे दूसरों को बड़े गर्व के साथ यह बताते तनिक भी नहीं हिचकते कि उनका बेटा डिजिटल दुनियां के नए जमाने के साथ दौड़ रहा है। वे बड़ी खुशी से बताते हैं कि वह मोबाइल पर फोटो निकाल लेता है। मैसेज भेज देता है। व्हाट्सप पर बात कर लेता है और फोटो, वीडियो शेयर कर लेता है। यहाँ तक कि गूगल पर कुछ भी खोज लेता है। लेकिन शायद वह इस बात से अनजान हैं कि जिसे वह बच्चे की स्मार्टनेस समझ रहे हैं, वह उसके विकास में बाधा भी बन सकता हैं। विशेषज्ञ मानते है कि इलेक्ट्रॉनिक गजेट और कंप्यूटर का अत्यधिक प्रयोग बच्चों के लिए अच्छा नहीं है। इससे उनमें संवादहीनता और चिड़चिड़ेपन की प्रवृत्ति बढ़ती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौजूदा दौर में बच्चों में खेलकूद का स्थान इंटरनेट ने ले लिया है। इसका सीधा प्रभाव बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर पड़ा है। शहरों के साथ अब गांवों में भी मोबाइल की पहुँच होने से बच्चों में इंटरनेट की लत बढ़ गई है। इससे उनमें संवादहीनता का खतरा बढ़ रहा है। बच्चे के ऐसे व्यवहार को अनदेखा करने की जगह इस पर सजग और सावधान होने की जरूरत है। मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि इससे बच्चों के स्वाभाविक विकास पर बुरा प्रभाव पड़ता है। देश में इंटरनेट के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल में बचपन खोता जा रहा है, जिसकी परवाह न सरकार को है और न ही समाज इससे चिंतित है। ऐसा लगता है जैसे गैर जरूरी मुद्दे हम पर हावी होते जा रहे हैं और वास्तविक समस्याओं से हम अपना मुंह मोड़ रहे हैं। यदि यह यूँ ही चलता रहा तो हम बचपन को बर्बादी की कगार पर पहुंचा देंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">देश के साथ यह एक बड़ी नाइंसाफी होगी जिसकी कल्पना भी हमें नहीं है। जब से इंटरनेट हमारे जीवन में आया है, तबसे बच्चे से बुजुर्ग तक आभासी दुनिया में खो गए हैं। हम यहाँ बचपन की बात करना चाहते हैं। देखा जाता है कि पांच साल का बच्चा भी आँख खोलते ही मोबाइल पर लपकता है। पहले बड़े इसे अपने काम के लिए उपयोग करते थे। अब बच्चे भी इंटरनेट के शौकीन होते जा रहे हैं। बाजार ने उनके लिए भी इंटरनेट पर इतना कुछ दे दिया है कि वे पढ़ने के अलावा बहुत कुछ इंटरनेट पर करते रहे हैं। पेरेंट्स को बच्चों की ऐसी गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और समय रहते उनकी ऐसी आदत को पॉजिटिव तरीके से दूर करना चाहिए।<br />
बाल मुकुन्द ओझा वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार</p>
<p style="text-align:justify;">आजकल मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल बच्चों को इंटरनेट एडिक्शन की तरफ ले जा रहा है। इस तरह के एडिक्शन से मानसिक बीमारियां पैदा होती हैं और ऐसे में बच्चे कोई न कोई गलत कदम उठा लेते हैं। आजकल के बच्चे इंटरनेट लवर हो गए हैं। इनका बचपन रचनात्मक कार्यों की जगह डेटा के जंगल में गुम हो रहा है। पिछले कई सालों में सूचना तकनीक ने जिस तरह से तरक्की की है, इसने मानव जीवन पर गहरा प्रभाव डाला है बल्कि एक तरह से इसने जीवनशैली को ही बदल डाला है। बच्चे और युवा एक पल भी स्मार्टफोन से खुद को अलग रखना गंवारा नहीं समझते। इनमें हर समय एक तरह का नशा-सा सवार रहता है।</p>
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                                                            <category>विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Nov 2022 15:35:33 +0530</pubDate>
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