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                <title>Farming tips - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Farming Tips: बरसात खत्म होते ही लगाएं ये 5 सब्जियां, त्योहारों के सीजन में बढ़ सकती है कमाई</title>
                                    <description><![CDATA[बरसात खत्म होते ही लगाएं ये 5 सब्जियां, त्योहारों के सीजन में बढ़ सकती है कमाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/plant-these-5-vegetables-as-soon-as-the-rains-end/article-89412"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/farming-tips.jpg" alt=""></a><br /><p>Farming Tips:  बारिश का मौसम किसानों के लिए सिर्फ फसलों को पानी देने का समय नहीं होता, बल्कि इस दौरान सही फसल का चुनाव आने वाले दिनों की कमाई भी तय कर सकता है। अगस्त में नमी और तापमान सब्जियों की अच्छी बढ़वार के लिए अनुकूल रहते हैं। यही वजह है कि इस समय कई किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ सब्जियों की खेती पर भी ध्यान देते हैं।</p>
<p>बरसात खत्म होने के बाद लगाई गई कुछ सब्जियां सितंबर और अक्टूबर के त्योहारों के आसपास बाजार में पहुंच सकती हैं। इस दौरान सब्जियों की मांग बढ़ने से किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना रहती है।</p>
<p>अगर किसान कम समय में फसल तैयार करके अतिरिक्त आमदनी करना चाहते हैं, तो बारिश खत्म होने के बाद सब्जियों की खेती एक अच्छा विकल्प हो सकती है। हालांकि, खेत में जलभराव और जरूरत से ज्यादा नमी से फसल को नुकसान न हो, इसके लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था करना बेहद जरूरी है।</p>
<h2>बरसात खत्म होते ही कौन-सी सब्जियां लगाएं?</h2>
<p>बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद किसान कई तरह की सब्जियों की खेती कर सकते हैं। इनमें <strong>अगेती फूलगोभी, गाजर, मूली, बैंगन और शिमला मिर्च</strong> प्रमुख हैं।</p>
<p><strong>अगेती फूलगोभी</strong> की मांग त्योहारों के सीजन में बढ़ सकती है। वहीं <strong>गाजर और मूली</strong> अपेक्षाकृत कम समय में तैयार होने वाली सब्जियों में शामिल हैं। <strong>बैंगन और शिमला मिर्च</strong> की खासियत यह है कि पौधे अच्छी तरह स्थापित होने के बाद कई महीनों तक इनकी तुड़ाई की जा सकती है।</p>
<p>इन सब्जियों की मांग घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा होटल, रेस्तरां और स्थानीय बाजारों में भी बनी रहती है।</p>
<h2>बारिश के दौरान खेती करते समय इन बातों का रखें ध्यान</h2>
<p><strong>1. खेत में जल निकासी की व्यवस्था करें</strong><br />अगस्त में सब्जियों की खेती के दौरान भारी बारिश और खेत में पानी जमा होना बड़ी समस्या बन सकता है। इसलिए फसल लगाने से पहले खेत में अतिरिक्त पानी की निकासी की उचित व्यवस्था कर लेना जरूरी है।</p>
<p><strong>2. गाजर और मूली की बुआई मेड़ों पर करें</strong><br />गाजर और मूली की बुआई गहरी जुताई के बाद उठी हुई मेड़ों पर करना फायदेमंद हो सकता है। इससे खेत में पानी जमा होने की समस्या कम होती है और बीज के सड़ने का खतरा भी घटता है।</p>
<p><strong>3. स्वस्थ पौधों की रोपाई करें</strong><br />अगेती फूलगोभी, बैंगन और शिमला मिर्च के लिए पहले नर्सरी में पौध तैयार की जाती है। इसके बाद स्वस्थ और मजबूत पौधों को खेत में लगाया जाता है। रोपाई के समय पौधों और कतारों के बीच उचित दूरी रखना भी जरूरी है, ताकि पौधों को पर्याप्त हवा और धूप मिल सके।</p>
<p><strong>सही समय पर सही सब्जी का चुनाव, अच्छी जल निकासी और उचित देखभाल किसानों के लिए बेहतर उत्पादन और बाजार भाव का फायदा उठाने में मदद कर सकती है।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 18:05:43 +0530</pubDate>
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                <title>देखें, पूज्य गुरु जी खेत में ट्रैक्टर कैसे चलाते है | MSG</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां आज यूटयूब चैनल पर लाइव आकर साध-संगत को दर्शन दिए। पूज्य गुरु जी टैक्टर से खेत को जोता। इससे पहले पूज्य गुरु जी ने आज इंस्टाग्राम पर एक रील डाली थी जिसमें पूज्य गुरु जी एक डॉगी के साथ नजर आ रहे हैं। आपको […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/farming-tips-harness-the-power-of-soil-and-become-self-sufficient/article-40376"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/msg-5-11.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां आज यूटयूब चैनल पर लाइव आकर साध-संगत को दर्शन दिए। पूज्य गुरु जी टैक्टर से खेत को जोता। इससे पहले पूज्य गुरु जी ने आज इंस्टाग्राम पर एक रील डाली थी जिसमें पूज्य गुरु जी एक डॉगी के साथ नजर आ रहे हैं। आपको बता दें कि पूज्य गुरु जी हर रोज आॅनलाइन रूहानी सत्संगों के माध्यम से लोगों का नशा छूड़वा रहे हैं और राम के नाम से जोड़ रहे हैं। आइयें करते हैं पूज्य गुरु जी के दर्शन…</p>
<p><iframe title="कैसे बढ़ाएं अपने खेतों की फसल की पैदावार? Organic Farming Tips by Saint Dr. MSG (Part - 2)" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/59Eg_yGZTdA?feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
<p style="text-align:justify;">ुइससे पहले पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने 14 नवंबर दिन सोमवार को खेती से दूर होती युवा पीढ़ी से आह्वान किया। वे सिर्फ नौकरी के पीछे भागने की बजाय कृषि व्यवसाय को भी तवज्जो दें ताकि देश तरक्की कर सके। पूज्य गुरु जी सायं अपने यूट्यूब चैनल सैंटएमएसजी पर आश्रम के खेत में स्वराज ट्रैक्टर चलाते हुए लाइव हुए। इस दौरान आपजी ने फरमाया कि किसान जहर मुक्त खेती यानि आर्गेनिक खेती को बढ़ावा दें। इसके साथ ही जिनके पास जमीन है, उन युवाओं से खेती को तरजीह देने का आह्वान किया। गौरतलब है कि पूज्य गुरु जी कृषि के विशेषज्ञ हैं और समय-समय पर किसानों को अमूल्य टिप्स, तकनीक और बारीकियों से अवगत करवाते रहते हैं, जिनको अपनाकर किसान भाई भी लाभ उठा रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी खेतीबाड़ी में बाल्यावस्था में ही जुट गये थे</h3>
<p style="text-align:justify;">आपको बता दें कि आप जी के खेतीबाड़ी हुनर के चर्चे आज हर जुबान पर हैं और किसानों ने पूज्य गुरु जी की तकनीक अपनाकर राष्टÑपति अवार्ड तक जीते हैं। विरासत में मिली खेती को आधुनिक रूप देकर इसे घाटे के सौदे से फायदे का सौदा बनाया। एक ही खेत से एक ही समय में 13-13 फसलें लेने के बारे में कोई सोच भी कैसे सकता है पर आप जी ने कारनामा कर दिखाया है। 50 से 55 डिग्री सेल्सियस में सेब, काजू, बादाम की फसलें लेने वाला अजूबा नहीं तो और क्या है। राजस्थान सीमा से सटे सरसा जैसे रेतीले इलाके में आर्गेनिक फसलों के साथ-साथ औषधीय फसलों की पैदावार होना पूज्य गुरु जी की बदौलत ही संभव हो पाया है। दिल्ली स्थित पूसा कृषि विश्वविद्यालय, पंजाब के लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय व हरियाणा के हिसार स्थित कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की टीमें यहां का कई बार दौरा कर चुकी हैं। वहीं गिरते भू-जल स्तर को रोकने के लिए आप जी की तकनीक ने कृषि वैज्ञानिकों को भी हैरत में डाल रखा है। बेहद सस्ती और उपयोगी रि-यूज वॉटर तकनीक द्वारा पहले इस्तेमाल किए हुए पानी से बार-बार फसलों की सिंचाई की जा सकती है। आपको बता दें कि पूज्य गुरु जी खेतीबाड़ी में बाल्यावस्था में जुट गये थे।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
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                <pubDate>Wed, 30 Nov 2022 11:59:06 +0530</pubDate>
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