<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/rakesh-sinha/tag-21340" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Rakesh Sinha - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/21340/rss</link>
                <description>Rakesh Sinha RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>परंपरागत दवाओं में उपयोग के कारण वन्य जीवों का शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। भारतीय जनता पार्टी के राकेश सिन्हा ने आज कहा कि चीन और वियतनाम जैसे देशों में वन्य जीव के अंगों का परंपरागत दवाओं में उपयोग किये जाने से इनकी तस्करी बढ़ी है और इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाये जाने की जरूरत है। सिन्हा ने गुरूवार को राज्यसभा में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/hunting-of-wildlife-due-to-use-in-traditional-medicine/article-40723"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/rakesh-sinha.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> भारतीय जनता पार्टी के राकेश सिन्हा ने आज कहा कि चीन और वियतनाम जैसे देशों में वन्य जीव के अंगों का परंपरागत दवाओं में उपयोग किये जाने से इनकी तस्करी बढ़ी है और इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाये जाने की जरूरत है। सिन्हा ने गुरूवार को राज्यसभा में वन्य जीव संरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि देश से 91 अरब डॉलर के वन्य जीव की तस्करी हो रही है और इनमें से अधिकांश की तस्करी चीन के लिए हो रही है। चीन में परंपरागत दवाओं में वन्य जीव अंगों का व्यापक पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही दुनिया के कई और देशों में भी इसका उपयोग हो रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी होना अति आवश्यक : आचार्य" href="http://10.0.0.122:1245/umang-institute-organized-an-cyber-security-awareness-seminar-in-patiala/">साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी होना अति आवश्यक : आचार्य</a></p>
<p style="text-align:justify;">इसी कारण से भारत के साथ ही अफ्रीकी देशों में भी वन्य जीव की तस्करी हो रही है। न्होंने कहा कि पश्चिमी तट पर 300 से अधिक मछलियों की प्रजातियां पायी जाती है और उसमें से 155 की तस्करी कर इनका सजावटी उपयोग हो रहा है। भारतीय स्टार कछुओं की वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर मांग है। देश में तोता की 12 प्रजातियां पायी जाती है लेकिन आठ अब लुप्त प्राय होती जा रही है। दुनिया के 25 जैव विविधता वाले क्षेत्रों में पूर्वाेत्तर शामिल है लेकिन अब वन्य जीव की हत्या से जैव विविधता पर खतरा उत्पन्न हो गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या है मामला</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने इस विधेयक को तस्करी पर रोक लगाने तथा अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के साथ ही जैव विविधिता के लिए लाभकारी बताते हुये कहा कि इसको सर्वसम्मति से पारित किया जाने की जरूरत है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल ने विधेयक का समर्थन करते हुये कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाये जाने की जरूरत है। इसके साथ ही जैव विविधिता पर भी जोर दिया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">वन्य प्राणी संरक्षण वाले क्षेत्रों के पास बसाहट से भी वन्यजीव का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले प्राणी उद्यानों में कई प्रकार के वन्य जीव दिख जाते थे लेकिन अब उनकी संख्या में बहुत कमी आयी है। कांग्रेस के कुमार केतकर ने विधेयक का विरोध करते हुये कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में वर्ष 1972 में यह कानून बना था और अब इसमें संशोधन किया जा रहा है। यह संशोधन पर्याप्त नहीं है और इससे विधेयक का उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/hunting-of-wildlife-due-to-use-in-traditional-medicine/article-40723</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/hunting-of-wildlife-due-to-use-in-traditional-medicine/article-40723</guid>
                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 19:04:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-12/rakesh-sinha.jpg"                         length="11175"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        