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                <title>Date Palm Farming - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Date Palm Farming RSS Feed</description>
                
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                <title>Date Palm Farming: किसान अब खजूर से भी होगा मालामाल! उद्यान विभाग साढ़े 17 एकड़ में विकसित करेगा पौध!</title>
                                    <description><![CDATA[प्रशासन से मिली स्वीकृति सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। किन्नू की भरमार के बाद अब जिले के किसानों को अन्य फलों की ओर आकृष्ट करने की दिशा में उद्यान विभाग ने नई उड़ान भरी है। विभागीय कवायद के बाद किसानों की आंखों में भी अन्य फलों के माध्यम से समृद्धि हासिल करने का तस्सवुर दिखने लगा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/not-only-kinnow-but-dates-will-also-fill-the-pockets-of-farmers/article-64832"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/khajoor.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">प्रशासन से मिली स्वीकृति</h3>
<p style="text-align:justify;">सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। किन्नू की भरमार के बाद अब जिले के किसानों को अन्य फलों की ओर आकृष्ट करने की दिशा में उद्यान विभाग ने नई उड़ान भरी है। विभागीय कवायद के बाद किसानों की आंखों में भी अन्य फलों के माध्यम से समृद्धि हासिल करने का तस्सवुर दिखने लगा है और वे भी विभाग की मदद से इस दिशा में आगे आने लगे हैं। किन्नू के बाद अब उद्यान विभाग खजूर की पैदावार से किसानों की जेब भरने में जुटेगा और इसके लिए विभाग ने अपने स्तर पर पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है। इस कड़ी में उपमंडल ऐलनाबाद के प्रगतिशील किसान कपिल मित्तल परिवार में विभाग की ओर से यह क्रांतिकारी प्रायोगिक विधि आरंभ की गई है। Date Palm Farming</p>
<h3 style="text-align:justify;">बरही किस्म बनेगी खुशहाली का आधार</h3>
<p style="text-align:justify;">जिले में खजूर को विकसित करने के लिए विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की कड़ी में प्रयोगशाला में खजूर की ही 6 विभिन्न किस्मों पर गहन मंथन किया गया और आवश्यक शोध के बाद बरही किस्म को चुना गया। जिले के वातावरण के अनुकूल समझी गई बरही किस्म को अब प्रगतिशील किसान कपिल मित्तल की करीब साढ़े 17 एकड़ भूमि में विकसित किया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से शासन की ओर से स्वीकृति भी ली गई है। चूंकि खजूर विकसित करने की विधि महंगी मानी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">यूं तो आंकड़ों के मुताबिक एक एकड़ में 110 पौधे लगाने की व्यवस्था रहती है मगर विभाग ने ऐलनाबाद में विकसित किए जाने वाले खजूर के लिए 64 पौधों को ही अपना लक्ष्य बनाया है। ये पौधे साधारण किस्मों के नहीं बल्कि भारत सरकार से स्वीकृत प्रयोगशाला में तैयार किए गए हैं। इन 64 पौधों में 61 मादा और 3 नर प्रकृति के हैं। साधारणत: एक एकड़ में लगाए जाने वाले पौधों पर करीब 3 लाख रुपए तक का खर्च आता है मगर किसानों को इस दिशा में आकर्षित करने के लिए 1 लाख 40 हजार रुपए की सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है। अहम बात ये है कि खजूर पानी के खारेपन को भी आसानी से सह जाता है और इस पर गर्मियों व किसी अन्य कीट का भी कोई प्रभाव नहीं होता, इसलिए इसे किसानों के लिए प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष तौर पर लाभप्रद समझा जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों का उचित प्रशिक्षण अनिवार्य | Date Palm Farming</h3>
<p style="text-align:justify;">जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र सिंह कहते हैं कि निश्चित ही सरसा जिले में खजूर की खेती एक क्रांतिकारी कदम होगा और इसके लिए विभाग ने प्रगतिशील किसानों के साथ तमाम कार्ययोजना तैयार कर आगे बढ़ रहा है। डॉ. सिंह के मुताबिक चूंकि खजूर को विकसित करने की आरंभिक प्रक्रिया बेहद जटिल मानी जाती है, इसलिए वे अपने किसानों को इसका उचित प्रशिक्षण दे रहे हैं ताकि किसी प्रकार की चूक की कोई गुंजाइश न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">वे कहते हैं कि चूंकि अन्य स्थानों की तरह सरसा जिले में भी भूमिगत पानी की स्थिति चिंताजनक है, इसलिए आवश्यक है कि अधिकांश पानी पर आधारित फलों की खेती में परिवर्तन किया जाए और इसका सबसे बेहतरीन विकल्प खजूर ही हैं। पूर्ण विश्वास है कि करीब 4 साल में पूर्ण विकसित होने के बाद ये किसानों के आर्थिक उन्नयन का सबसे बड़ा माध्यम बनेगा। Date Palm Farming</p>
<p><a title="Nikshay Poshan Yojana: अब इन मरीजों को प्रतिमाह मिलेंगे 1000 रुपए! सरकार ने दोगुनी की पोषण राशि!" href="http://10.0.0.122:1245/now-these-tb-patients-will-get-1000-rupees-per-month/">Nikshay Poshan Yojana: अब इन मरीजों को प्रतिमाह मिलेंगे 1000 रुपए! सरकार ने दोगुनी की पोषण राशि!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Nov 2024 08:23:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>केहराराम चौधरी ने खजूर की खेती से कमाए करोड़ों रुपए</title>
                                    <description><![CDATA[खेती-किसानी में जोखिम की संभावना को देखते हुए अब किसान कम जोखिम वाली फसलों की खेती करने में अधिक रूचि ले रहे हैं। अधिकांश किसान चाहते हैं कि उन्हें कम लागत में अधिक मुनाफा हो। ऐसी ही सोच के साथ राजस्थान के किसान केहराराम चौधरी ने खजूर की खेती में हाथ आजमाया और किस्मत ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/kehraram-choudhary-get-profit-from-date-palm-farming/article-40756"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/date-palm-farming.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">खेती-किसानी में जोखिम की संभावना को देखते हुए अब किसान कम जोखिम वाली फसलों की खेती करने में अधिक रूचि ले रहे हैं। अधिकांश किसान चाहते हैं कि उन्हें कम लागत में अधिक मुनाफा हो। ऐसी ही सोच के साथ राजस्थान के किसान केहराराम चौधरी ने खजूर की खेती में हाथ आजमाया और किस्मत ने भी उनका साथ दिया। उन्होंने सात हैक्टेयर में खजूर की खेती से करोड़ों की कमाई कर ये साबित कर दिया कि खेती किसानी घाटे का सौदा नहीं है। यदि सही तरीके से खेती के व्यवसाय को अपनाया जाए तो इससे करोड़ों की कमाई की जा सकती है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Saint Dr. MSG के मंत्रमुग्ध करने वाले सर्वश्रेष्ठ भजन" href="http://10.0.0.122:1245/gurmeet-ram-rahim-singh-ji-insan-new-songs/">Saint Dr. MSG के मंत्रमुग्ध करने वाले सर्वश्रेष्ठ भजन</a></p>
<p><span style="color:#111111;font-family:Roboto, sans-serif;font-size:22px;text-align:justify;">7 एकड़ में कर रहे हैं खेती</span></p>
<p style="text-align:justify;">जालौर जिले के दाता गांव के निवासी केहराराम चौधरी एक सफल और समृद्ध किसान हैं। इनके पास कुल 7 हैक्टेयर भूमि है। इसमें उन्होंने इजरायली तकनीक से खजूर की आॅर्गेनिक खेती की है। उत्पादन की लागत को कम करने और लाभ की मात्रा को बढ़ाने के लिए उन्होंने आॅर्गेनिक तकनीक को अपनाया है और इसके अच्छे परिणाम उन्हें मिल रहे हैं। इस तकनीक से वे आम किसान की तुलना में अधिक लाभ कमा रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या होती है आॅर्गेनिक खेती</h3>
<p style="text-align:justify;">केहराराम चौधरी इजराइली तकनीक से खजूर की आॅर्गेनिक खेती कर रहे हैं। आॅर्गेनिक खेती में किसी भी रासायनिक खाद एवं उर्वरकों का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसमें वे गोबर की खाद और केंचुआ खाद का ही उपयोग करते हैं। इस प्रकार की खेती में प्राकृतिक रूप से तैयार खाद का उपयोग किया जाता है। इसमें रासायनिक खाद का बिल्कुल उपयोग नहीं किया जाता।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इस तरह की खजूर की खेती की शुरूआत</h3>
<p style="text-align:justify;">केहराराम ने दस साल पहले अनार की खेती शुरू की। वे अपने पहले प्रयास में अनार की खेती में सफल रहे और अच्छा उत्पादन प्राप्त किया। इन्हें देखकर अन्य किसानों ने भी अनार की खेती शुरू की और आज स्थिति ये हैं कि दाता गांव के साथ ही जिले के सैकड़ों किसान अनार की खेती करके लाखों रुपए की कमाई कर रहे हैं। यहां से बड़ी मात्रा में अनार अन्य जगहों पर भेजा जा रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अनार के बाद खजूर की खेती में आजमाया हाथ</h3>
<p style="text-align:justify;">अनार की सफलतापूर्वक खेती के बाद केहराराम चौधरी ने खजूर की खेती में हाथ आजमाया और इसमें भी उन्हें सफलता मिली। आज केहराराम चौधरी के साथ ही जालौर के दाता गांव के किसान खजूर की खेती से मोटी कमाई कर रहे हैं। केहराराम चौधरी के साथ-साथ दाता गाँव के किसानों ने 5 साल पहले 3500 रुपए की कीमत पर उद्यान विभाग से खजूर के 2 अलग-अलग किस्म के 600 पौधों से खजूर की खेती की शुरूआत की थी। अब ये खजूर के पौधे परिपक्व हो गए हैं किसानों को अच्छा खासा मुनफा कमा कर दे रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इन जिलों में की जा रही है खेती</h3>
<p style="text-align:justify;">राजस्थान के जालौर समेत 12 जिलों में जैसे बाड़मेर, चूरू, जैसलमेर, सिरोही, श्रीगंगानगर, जोधपुर, हनुमानगढ़, नागौर, पाली, बीकानेर व झुंझुनूं में खजूर की खेती की जा रही है। यहां किसान मेडजूल और बरही किस्म की खजूर की खेती कर रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सरकार से कितनी मिलती है सब्सिडी</h3>
<p style="text-align:justify;">खजूर के मूल उत्पादक खाड़ी देशों जैसी जलवायु को देखते हुए ही राज्य सरकार यहां खजूर की खेती को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए किसानों को आयातित और टिश्यू कल्चर से तैयार पौध उपलब्ध कराने के साथ तकनीकी सहयोग भी दिया जा रहा है। खजूर की खेती के लिए सरकार की ओर से किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इसके तहत किसानों को टिश्यू कल्चर तकनीक से उत्पादित खजूर के पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मेडजूल और बरही किस्म को लगाने का तरीका</h3>
<p style="text-align:justify;">खजूर की मेडजूल और बरही कि स्म के पौध को जुलाई से सितंबर के बीच किसी भी किस्म की मिट्टी में लगा सकते हैं। इस किस्म को लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि इसके एक पौधे से दूसरे पौधे और एक कतार से दूसरी कतार के बीच 8 मीटर की दूरी होनी चाहिए। इस तरह आप एक हेक्टेयर में खजूर के 156 पौधे ही लगा सकते हैं। खजूर से सेहत को मिलने वाले लाभ खजूर की खेती जितनी लाभकारी है उतना ही मानव शरीर के लिए लाभकारी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खजूर के सेवन से जो लाभ प्राप्त होते हैं, वे इस प्रकार से हैं-</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>दूध के साथ खजूर खाने से मोटापा बढ़ाता है और पानी के साथ लें, तो चर्बी घटाता है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>खजूर के सेवन से पेट की खराबी, कब्ज की शिकायत दूर होती है और लीवर, इम्यून सिस्टम होता है मजबूत।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> खजूर उदर रोगों में लाभकारी होता है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>खजूर के पेड़ जिस जगह ज्यादा लगे होते हैं, वहां आँखों में रतौंधी रोग नहीं होता। खजूर आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक है।</strong></li>
<li><strong>खजूर एक एंटी-एजिंग एजेंट के रूप में कार्य करता है। यह बुढापा रोकने में मददगार है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>खजूर खाने से कैलोरी और मिठास शरीर को एनर्जी देती है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>जिन लोगों को हमेशा कब्ज की शिकायत रहती है, उनके लिए खजूर का सेवन काफी लाभकारी साबित को सकता है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>खजूर हड्डियों को ताकत देता है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>खजूर वात रोग तथा ग्रंथि शोथ यानी थायराइड दूर करता है।                             </strong> -गुरजंट धालीवाल (जयपुर)</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">किसान कम जोखिम वाली फसलों की खेती करने में अधिक रूचि ले रहे हैं, अधिकांश किसान चाहते हैं कि उन्हें कम लागत में अधिक मुनाफा हो। ऐसी ही सोच के साथ राजस्थान के किसान केहराराम चौधरी ने खजूर की खेती में हाथ आजमाया और किस्मत ने भी उनका साथ दिया।</p>
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                                                            <category>कृषि</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Dec 2022 16:25:18 +0530</pubDate>
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