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                <title>राजधानी में अधिकारों की लड़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[Delhi Government और उपराज्यपाल के बीच तनातनी काफी पुरानी है, जहां अधिकारों को लेकर लगातार जंग छिड़ी रहती है। केंद्र सरकार की तरफ से नियुक्त उपराज्यपाल और चुनी हुई दिल्ली सरकार के बीच इस लड़ाई को लेकर पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट का एक और फैसला आया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि चुनी हुई […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/fight-for-rights-in-the-capital/article-47803"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/delhi-government.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Delhi Government और उपराज्यपाल के बीच तनातनी काफी पुरानी है, जहां अधिकारों को लेकर लगातार जंग छिड़ी रहती है। केंद्र सरकार की तरफ से नियुक्त उपराज्यपाल और चुनी हुई दिल्ली सरकार के बीच इस लड़ाई को लेकर पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट का एक और फैसला आया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि चुनी हुई सरकार को ही फैसले लेने का अधिकार होना चाहिए। इस फैसले के बाद दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने इसे अपनी जीत बताया और अब अधिकारियों के तबादले शुरू हो चुके हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:–</strong><a title="तेज आंधी के चलते तीन नहरें टूटीं, सैकड़ों एकड़ भूमि हुई जलमग्न" href="http://10.0.0.122:1245/three-canals-broke-due-to-strong-storm/">तेज आंधी के चलते तीन नहरें टूटीं, सैकड़ों एकड़ भूमि हुई जलमग्न</a></p>
<p style="text-align:justify;">संविधान पीठ ने सर्वसम्मत फैसला दिया है कि दिल्ली में lieutenant governor (एलजी) ही सर्वेसर्वा नहीं है। वह दिल्ली सरकार के फैसलों को मानने और कैबिनेट की सलाह के अनुसार काम करने को बाध्य हैं। एलजी की शक्तियां उन्हें दिल्ली विधानसभा और निर्वाचित सरकार की शक्तियों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं देतीं। चूंकि निर्वाचित सरकार अपने क्षेत्र के लोगों के प्रति जवाबदेह होती है और उसे जनता की मांगों का भी ध्यान रखना होता है, लिहाजा उसके नियंत्रण में प्रशासनिक ढांचा होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है, लेकिन बाकी केंद्र शासित प्रदेशों से यहां कुछ नियम अलग हैं। बाकी तमाम राज्यों के राज्यपालों की तुलना में दिल्ली के एलजी यानी उपराज्यपाल के पास ज्यादा शक्तियां होती हैं। बेशक दिल्ली अर्द्धराज्य और संघ शासित क्षेत्र है, लेकिन 1991 के कानून के बाद यहां विधानसभा है और जनता के द्वारा चुनी हुई सरकार भी है। बेशक पूर्ण राज्य नहीं है, फिर भी दिल्ली को कानून बनाने का अधिकार है। यह व्याख्या प्रधान न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की है।</p>
<h3>आखिर फैसला सर्वोच्च न्यायालय को देना पड़ा | Delhi Government</h3>
<p style="text-align:justify;">विधान सभा बनने से पूर्व दिल्ली में महानगर परिषद (मेट्रो पॉलिटन काउंसिल) होती थी जिसकी संरचना मौजूदा विधान सभा जैसी ही थी। निर्वाचित सदन, उसका सभापति और मुख्य कार्यकारी काउंसलर होता था जिसकी हैसियत कमोबेश मुख्यमंत्री जैसी ही थी, लेकिन उसका केंद्र से टकराव नहीं होता था। लेकिन अधिक अधिकार की चाहत में विधानसभा की मांग के साथ राज्य का दर्जा देने का जोर बढ़ा और राजनीतिक दबाव के कारण राष्ट्रीय राजधानी को केंद्र शासित राज्य मानकर वहां निर्वाचित विधानसभा और उप-राज्यपाल (लेफ्टीनेंट गवर्नर) का पद सृजित किया गया। शुरू-शुरू में तो ठीक चला किंतु ‘आप’ के सत्तासीन होने के बाद केंद्र सरकार के साथ दिल्ली सरकार की टकराहट बढ़ती गई जिसकी वजह से ही सर्वोच्च न्यायालय को फैसला देना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि अधिकारियों की नियुक्ति और तबादलों का (Delhi Government) अधिकार केजरीवाल सरकार को होगा। बेशक अफसरों का काडर बुनियादी तौर पर भारत सरकार के अधीन होता है, लेकिन राज्य सरकारें उनकी तैनाती और तबादले का फैसला ले सकती हैं। केंद्र एलजी के जरिए राज्य के अधिकारों को टेकओवर न करे। केंद्र सभी विधायी शक्तियां रख लेगा, तो संघीय ढांचा ही खत्म हो जाएगा। यह टिप्पणी भी प्रधान न्यायाधीश ने की, जो संविधान पीठ का नेतृत्व कर रहे थे। बीते 9 साल से अधिक समय से दिल्ली की केजरीवाल सरकार और एलजी के बीच तनातनी का माहौल बना हुआ है। प्रशासनिक संबंधों में भी खुन्नस थी। आम आदमी पार्टी के विधायकों और नेताओं ने एलजी के प्रति अपशब्दों का भी प्रयोग किया।</p>
<h3>पुलिस, भूमि, जन-व्यवस्था के मुद्दे भारत सरकार के अधीन होंगे</h3>
<p style="text-align:justify;">अभी तक असमंजस की स्थिति थी कि दिल्ली कौन चलाएगा? (Delhi Government) दिल्ली का कार्यकारी प्रमुख कौन हैं? दिल्ली अर्द्धराज्य से जुड़े फैसले कौन करेगा? नौकरशाही पर नियंत्रण किसका होगा? केंद्र सरकार कहां तक दखल दे सकती है? अब संविधान पीठ ने स्पष्ट व्याख्या कर दी है कि पुलिस, भूमि, जन-व्यवस्था के मुद्दे एलजी के जरिए भारत सरकार के अधीन होंगे। शेष फैसले निर्वाचित केजरीवाल सरकार लेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">केजरीवाल सरकार पुलिस पर भी अपना नियंत्रण चाहती है। लेकिन फैसले में सर्वोच्च न्यायालय ने जमीन, कानून व्यवस्था और पुलिस पर केंद्र के नियंत्रण को मान्य करते हुए चुनी हुई सरकार को प्रशासनिक अधिकारियों के स्थानांतरण और पद स्थापना का काम सौंपने संबंधी जो निर्णय दिया उससे समस्या का आंशिक समाधान ही होगा और भविष्य में केजरीवाल सरकार इस बात के लिए लड़ेगी कि उसे वे सभी अधिकार मिलने चाहिए जो एक निर्वाचित राज्य सरकार को संविधान में दिए गए हैं। ये देखते हुए केंद्र शासित राज्य की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। चंडीगढ़, दादरा व नगर हवेली, लक्षद्वीप, दमन और दीव, लद्दाख आदि केंद्र शासित क्षेत्रों में प्रशासक काम देखते हैं।</p>
<h3>केजरीवाल के पास दिल्ली की जनता का जबरदस्त जनादेश है</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं दिल्ली, पुडुचेरी, अंडमान निकोबार और जम्मू-कश्मीर में उपराज्यपाल हैं। (Delhi Government) लेकिन फिलहाल चुनी हुई विधानसभा केवल दिल्ली और पुडुचेरी में ही है। उसमें भी विवाद की स्थिति दिल्ली में सबसे ज्यादा है क्योंकि यहां केंद्र सरकार का मुख्यालय होने से शक्तियों और अधिकारों का विकेंद्रीकरण या बंटवारा बेहद कठिन है। निश्चित रूप से केजरीवाल सरकार के पास दिल्ली की जनता का जबरदस्त जनादेश है किंतु दूसरी तरफ ये भी सही है कि राष्ट्रीय राजधानी में दो सरकारों का एक साथ होना समस्या पैदा करता रहेगा। केंद्र शासित होने के बाद भी जिस तरह अन्य क्षेत्र बिना विधानसभा के अपना शासन चलाते हैं वैसा ही दिल्ली के लिए भी श्रेयस्कर होता।</p>
<p style="text-align:justify;">इस फैसले से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को अब विकास करवाने में कोई बाधा आड़े नहीं आएगी। इस मामले को राजनीतिक दृष्टि की बजाय सामान्य नजरिये से देखें तो ये महसूस होता है कि राष्ट्रीय राजधानी में दो चुनी हुई सरकारों का होना हमेशा टकराव पैदा करता रहेगा। केंद्र और राज्य दोनों के अधिकार और कर्तव्य संविधान में उल्लिखित हैं। लेकिन केंद्र शासित क्षेत्र में चुनी हुई विधानसभा बनने के बाद उसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाना ही उचित होता है जैसा कि गोवा के मामले में हो चुका है।</p>
<h3>केजरीवाल सरकार का मनोबल बढ़ेगा | Delhi Government</h3>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आरोप लगाते रहे हैं कि केंद्र सरकार द्वारा तैनात अधिकारी उन्हें काम नहीं करने दे रहे हैं क्योंकि उनकी नियुक्ति व तबादले का अधिकार उनकी सरकार के पास नहीं है। निस्संदेह, सुप्रीम कोर्ट का फैसला सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था के लिये ही नहीं बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी हैं। निस्संदेह, इससे केजरीवाल सरकार का मनोबल बढ़ेगा। आप दलील देती रही है कि जो जनता हमें सरकार बनाने का जिम्मा सौंपती है, नौकरशाहों के जरिए उनके लिए काम करने का अधिकार भी हमें होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसी विकट स्थिति में हम जनता के दरबार में फिर किस मुंह से जाएंगे? यदि उनके कार्य न करा पाएंगे। अब सचिवों के सरकार के अधीन होने से हम यह जिम्मेदारी पूरी कर सकेंगे। कोर्ट का मानना था कि किसी भी चुनी हुई सरकार को लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का अधिकार होना चाहिए। दूसरे शब्दों में किसी भी सरकार में वास्तविक ताकत जनप्रतिनिधियों के हाथ में ही होनी चाहिए। जो संघीय ढांचे व लोकतांत्रिक मूल्यों के लिये भी जरूरी है।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>राजेश माहेश्वरी, वरिष्ठ लेखक एवं स्वतंत्र टिप्पणीकार (ये लेखक के निजी विचार हैं।)</strong></p>
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                                                            <category>विचार</category>
                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 May 2023 09:56:14 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>राजधानी में मौसम सुहावना</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (वार्ता) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार सुबह मौसम सुहावना रहा और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सीजन के औसत तापमान से एक डिग्री कम है। मौसम विभाग ने दिन में आसमान साफ रहने और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान व्यक्त किया है। सुबह साढ़े […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/weather-in-the-capital-good/article-6404"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/weather.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (वार्ता)</strong></p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार सुबह मौसम सुहावना रहा और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सीजन के औसत तापमान से एक डिग्री कम है। मौसम विभाग ने दिन में आसमान साफ रहने और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान व्यक्त किया है। सुबह साढ़े आठ बजे तक सापेक्षिक आर्द्रता का स्तर 68 प्रतिशत रहा। सोमवार को अधिकतम तापमान 31़ 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जो सामान्य तापमान से एक डिग्री कम था।</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
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                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Oct 2018 10:50:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>दिल्ली में मानसून पहुंचा, बारिश के बाद मौसम खुशगवार</title>
                                    <description><![CDATA[सुबह साढ़े आठ बजे तक 20.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी नई दिल्ली (एजेंसी)। दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को दिल्ली पहुंच गया और वीरवार को राजधानी में मानसून की पहली बारिश हुई। दिल्ली में कल रात से ही गहरे बादल छाये हुए थे और वीरवार को बारिश भी हुई। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुबह […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/rain-in-capital-delhi/article-4544"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/rain-4.jpg" alt=""></a><br /><h3>सुबह साढ़े आठ बजे तक 20.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को दिल्ली पहुंच गया और वीरवार को राजधानी में मानसून की पहली बारिश हुई। दिल्ली में कल रात से ही गहरे बादल छाये हुए थे और वीरवार को बारिश भी हुई। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे तक 20.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी। बादल छाये रहने और मानसूनी बारिश से राजधानी में तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बादल छाने और मानसूनी बारिश के बाद दिल्ली में मौसम सुहावना हो गया है। सुबह दिल्ली वासी जब सोकर उठे तो पिछले कई दिनों से बुरी तरह से परेशान करने वाली गर्मी नदारद मिली और खुशगवार मौसम ने उनका स्वागत किया। मौसम विभाग ने वीरवार को यहां हल्की बारिश होने का अनुमान जताया है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Jun 2018 20:33:46 +0530</pubDate>
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                <title>यूपी की राजधानी में जरीली हुई हवा, लोगों का घुटने लगा दम</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ। जहरीली हवा से होने वाली बीमारियां राजधानी लखनऊ में रोजाना 11 लोगों की जान ले रही हैं। सालाना कानपुर में सर्वाधिक 4173 मौतें होती हैं, जबकि लखनऊ में 4127 लोगों की मृत्यु हो जाती है। स्थिति यह है कि उत्तर प्रदेश में बीते दो दशकों में असमय मौतों की संख्या बढ़ गई है। ये तस्वीर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/air-in-the-capital-of-up/article-3751"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/duhaa.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> जहरीली हवा से होने वाली बीमारियां राजधानी लखनऊ में रोजाना 11 लोगों की जान ले रही हैं। सालाना कानपुर में सर्वाधिक 4173 मौतें होती हैं, जबकि लखनऊ में 4127 लोगों की मृत्यु हो जाती है। स्थिति यह है कि उत्तर प्रदेश में बीते दो दशकों में असमय मौतों की संख्या बढ़ गई है। ये तस्वीर सेंटर फॉर एनवॉयरमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) और आइआइटी-दिल्ली द्वारा तैयार रिपोर्ट ‘जानिए आप कैसी हवा में सांस ले रहे हैं’ में सामने आई है। रिपोर्ट का हवाला देते हुए सीड की सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर अंकिता ज्योति ने कहा कि वायु प्रदूषण का दुष्प्रभाव दिनोंदिन बढ़ रहा है। लंबे समय तक प्रदूषित वातावरण में रहने वालों में बीमारियां बढ़ रही हैं, जिससे वह असमय मौत के शिकार हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थिति यह है कि असमय मृत्यु-दर (प्रीमैच्योर मोर्टेलिटी) चिंताजनक ढंग से बढ़कर प्रति लाख आबादी पर 150-300 व्यक्ति के करीब पहुंच गई है। आइआइटी दिल्ली और मुंबई द्वारा इस संदर्भ में प्रदेश के जिला अस्पतालों से एकत्र किया गया यह आंकड़ा और भी ज्यादा हो सकता है। कारण यह है कि बहुत सी मौतें रजिस्टर ही नहीं होती हैं। यही नहीं, कई बार बीमारी की पहचान ही नहीं हो पाती है। रिपोर्ट के अनुसार, सभी शहरों में पर्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5) का स्तर राष्ट्रीय मानक (40 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर) से दो गुना ज्यादा और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की वार्षिक औसत सीमा तीन से आठ गुना ज्यादा है। सीड द्वारा देश के जिन 11 शहरों में अध्ययन किया गया है उनमें उत्तर प्रदेश के लखनऊ सहित आगरा, इलाहाबाद, कानपुर, मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर शामिल हैं। अंकिता ने बताया कि रिपोर्ट बीते 17 सालों में पीएम 2.5 के औसत पर आधारित है, जिसे सेटेलाइट डाटा की मदद से तैयार किया गया है।</p>
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                <pubDate>Wed, 23 May 2018 11:12:53 +0530</pubDate>
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                <title>आतंकवाद का नया व खतरनाक रूप</title>
                                    <description><![CDATA[स्पेन की राजधानी बार्सीलोना में एक वैन ड्राईवर ने 13 व्यक्तियों को कुचल कर मार दिया। स्पेन के प्रधानमंत्री ने इसे आतंकवादी हमला करार दिया। इसके अलावा मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह कोई अचानक या गलतीवश घटित दुर्घटना नहीं। यदि विगत वर्षों में घटित घटनाओं से इसकी तुलना की जाए तो फ्रांस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/new-and-dangerous-form-of-terrorism/article-3228"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/van-attack.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">स्पेन की राजधानी बार्सीलोना में एक वैन ड्राईवर ने 13 व्यक्तियों को कुचल कर मार दिया। स्पेन के प्रधानमंत्री ने इसे आतंकवादी हमला करार दिया। इसके अलावा मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह कोई अचानक या गलतीवश घटित दुर्घटना नहीं। यदि विगत वर्षों में घटित घटनाओं से इसकी तुलना की जाए तो फ्रांस के नीस शहर में ट्रक द्वारा किए गए आतंकी हमले की हुबहू नकल है। इसी तरह जर्मनी की राजधानी बर्लिन में क्रिसमस के अवसर पर एक बाजार में भीड़ पर भारी वाहन चढ़ा दिया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इस साल भी वर्जीनिया, पैरिस, लन्दन में भी ऐसीं घटनाएं हुई है। कारण स्पष्ट ही है कि सुरक्षा बलों की चौकसी के चलते हथियारबंद आतंकवादी अब जल्द पकड़ लिए जाते हैं। दूसरी ओर आतंकवादी संगठन बड़े शातिर हो रहे हैं, जिन्होंने हमले करने के तौर तरीके बदल लिए हैं। अब उन्होंने कार, जीप और ट्रक को हथियार बना लिया है किंतु निराशाजनक बात यह है कि तकनीक में माहिर यूरोपीय देश आतंकवाद की नई रणनीति को समझने में चूक कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आतंकवादी अपने मिशन में सफल हो रहे हैं जबकि यूरोपीय देश केवल हथियार बनाने में जुटे हुए हंै। आतंकवाद से निपटने के लिए केवल हथियारों की जरूरत नहीं अपितु होशियारी व समझदारी की भी जरूरत है। भारत सहित अन्य एशियाई देशों को इस मामले में गंभीर और जागरूक होने की आवश्यकता है। बड़ी आबादी वाले देशों में यूरोप जैसे हमले तो और भी खतरनाक हो सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आतंकवाद के खतरनाक रूप के मद्देनजर भारत सरकार को रेलवे, बांध, नहरों व भीड़ वाले सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध कर लेने चाहिए। यदि एक बांध या नहर किसी भी साजिश के अंतर्गत तोड़ी गई तब यह हथियारों से किए गए हमले से कहीं ज्यादा खतरनाक साबित होगी। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए आतंकवादियों की अपेक्षा तेज व मजबूत रणनीति बनानी होगी। यह रुझान बंद होना चाहिए कि जब कोई घटना हो फिर तैयारी की जाए। आतंकवाद प्रभावित देशों को नई रणनीति तैयार करने के लिए वैश्विक संयुक्त टीम बना लेनी चाहिए।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Aug 2017 23:06:29 +0530</pubDate>
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                <title>UK: हिजाब खींचकर लड़की को गिराया</title>
                                    <description><![CDATA[लंदन: ब्रिटेन में एक मुस्लिम महिला का हिजाब खींचकर उसे धक्का दे दिया गया, जिससे वह गिर गई। घटना पीटरबरो के फेनगेट में तब हुई, जब महिला अपनी कार से उतरकर सड़क पार कर रही थी। इसके अलावा, एक मुस्लिम लड़की पर ताना मारने का भी मामला सामने आया है। आरोपी पुरुष गोरा, लंबा और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/increase-crime-in-uk/article-1126"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/muslim.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लंदन:</strong> ब्रिटेन में एक मुस्लिम महिला का हिजाब खींचकर उसे धक्का दे दिया गया, जिससे वह गिर गई। घटना पीटरबरो के फेनगेट में तब हुई, जब महिला अपनी कार से उतरकर सड़क पार कर रही थी। इसके अलावा, एक मुस्लिम लड़की पर ताना मारने का भी मामला सामने आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपी पुरुष गोरा, लंबा और सामान्य कद-काठी वाला है और वह काले हुड वाली टी-शर्ट पहने था। रिपोर्ट में पुलिस प्रवक्ता के हवाले से कहा गया कि इस हमले से पीड़िता हिल गई लेकिन उसे कोई चोट नहीं आई है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">राजधानी में मुसलमानों के खिलाफ अपराध पांच गुना बढ़ा</h2>
<p style="text-align:justify;">मैनचेस्टर और लंदन ब्रिज में आतंकवादी हमलों में 30 लोगों के मारे जाने के बाद यहां घृणा अपराध बढ़ गए हैं। लंदन के मेयर सादिक खान ने पिछले सप्ताह कहा था कि लंदन हमले के बाद राजधानी में मुसलमानों के खिलाफ अपराध पांच गुना बढ़ गए हैं लेकिन पुलिस इन्हें कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। इसके अलावा मैनचेस्टर हमले के बाद पुलिस में घृणा अपराध के मामले ज्यादा दर्ज किए गए हैं। इनमें एक मुस्लिम स्कूल को बम हमले की धमकी मिलने और नकाब पहने महिला को मुस्लिम परिधान नहीं पहनने की हिदायत देना शामिल है।</p>
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                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 Jun 2017 05:26:13 +0530</pubDate>
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                <title>राजधानी में भारी बारिश, लोगों ने ली राहत की सांस</title>
                                    <description><![CDATA[कहीं तेज बारिश तो कहीं बूंदा-बांदी जयपुर: राजधानी सहित राजस्थान के कुछ स्थानों पर बुधवार को कहीं तेज बारिश तो कहीं बूंदा-बांदी हुई। बारिश से जहां मौसम खुशनुमा हो गया वहीं लोगों को गर्मी से राहत मिली। तापमान जहां 45 डिग्री सेल्सियस को छू रहा था वहीं इसमें तीन चार डिग्री की गिरावट हुई। हनुमानगढ़ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/rains-in-the-capital-people-breathe-in-relief/article-974"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/rain-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">कहीं तेज बारिश तो कहीं बूंदा-बांदी</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर:</strong> राजधानी सहित राजस्थान के कुछ स्थानों पर बुधवार को कहीं तेज बारिश तो कहीं बूंदा-बांदी हुई। बारिश से जहां मौसम खुशनुमा हो गया वहीं लोगों को गर्मी से राहत मिली। तापमान जहां 45 डिग्री सेल्सियस को छू रहा था वहीं इसमें तीन चार डिग्री की गिरावट हुई। हनुमानगढ़ के टिब्बी में भी जाेरदार बारिश हुई।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हनुमानगढ़ के टिब्बी में भी हुई बरसात</h3>
<p style="text-align:justify;">टिब्बी कस्बे में भी बुधवार को तेज बरसात हुई। सुबह से ही यहां बादल छा गए तथा बरसात शुरू हो गई जो एक घंटे तक जारी रही। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बहरोड़ में तेज बारिश</h3>
<p style="text-align:justify;">अलवर में बहरोड़ के जखाणा गांव में भी सुबह बादल छा गए तथा तेज हवाएं चलने लगीं। इसके बाद वहां तेज बारशि का दौर शुरू हुआ। इससे कई स्थानों पर पानी भर गया।</p>
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</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jun 2017 02:53:10 +0530</pubDate>
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