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                <title>nasa news - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Nasa News: अब कहीं भी आपदा आने से पहले ही मिल जाएगी जानकारी, नासा, इसरों ने तैयार किया ये यंत्र, जानें इसके बारे में</title>
                                    <description><![CDATA[Nasa News: अनु सैनी। धरती पर लगातार बदलते हालात — जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियरों का पिघलना, जंगलों का घटता क्षेत्रफल, बढ़ते भूकंप और प्राकृतिक आपदाएँ — अब पूरी मानवता के लिए चिंता का विषय बन चुके हैं। इन बदलावों को समझना और समय रहते उनसे निपटने की रणनीति बनाना वैज्ञानिकों और सरकारों के लिए बेहद जरूरी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/now-you-will-get-information-before-any-disaster-occurs-nasa-and-isro-have-prepared-this-device-know-about-it/article-75167"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/nasa-news-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Nasa News: अनु सैनी।</strong> धरती पर लगातार बदलते हालात — जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियरों का पिघलना, जंगलों का घटता क्षेत्रफल, बढ़ते भूकंप और प्राकृतिक आपदाएँ — अब पूरी मानवता के लिए चिंता का विषय बन चुके हैं। इन बदलावों को समझना और समय रहते उनसे निपटने की रणनीति बनाना वैज्ञानिकों और सरकारों के लिए बेहद जरूरी है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा (NASA) और भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) ने मिलकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह कदम है — NISAR मिशन (NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar Mission)। यह धरती की निगरानी करने वाला अब तक का सबसे बड़ा और उन्नत रडार उपग्रह है, जिसे 30 जुलाई 2025 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">हाल ही में इस मिशन ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब इसका 12 मीटर व्यास का विशाल रडार एंटीना रिफ्लेक्टर अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक खुल गया। यह उपग्रह का सबसे अहम हिस्सा है, क्योंकि इसी से धरती की सतह की तस्वीरें और डेटा रिकॉर्ड होंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">NISAR मिशन की पृष्ठभूमि | Nasa News</h3>
<p style="text-align:justify;">NISAR मिशन का विचार लगभग एक दशक पहले सामने आया था। 2014 में नासा और इसरो के बीच समझौता (MoU) हुआ था कि दोनों एजेंसियाँ मिलकर धरती की निगरानी के लिए एक संयुक्त उपग्रह विकसित करेंगी।<br />
नासा की जिम्मेदारी: उन्नत L-बैंड रडार सिस्टम और विशाल रडार एंटीना विकसित करना।<br />
इसरो की जिम्मेदारी: S-बैंड रडार और लॉन्च वाहन (GSLV-MK II) उपलब्ध कराना।<br />
इस मिशन में अब तक लगभग 1.5 अरब डॉलर (करीब 12,000 करोड़ रुपये) का निवेश किया गया है, जिससे यह भारत का अब तक का सबसे महंगा पृथ्वी-अवलोकन मिशन बन गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एंटीना रिफ्लेक्टर: NISAR की “छतरी”</h3>
<p style="text-align:justify;">NISAR का सबसे खास और जटिल हिस्सा है इसका 12 मीटर का रडार एंटीना रिफ्लेक्टर।<br />
कैसे खोला गया?<br />
लॉन्च के समय यह मोड़ा हुआ था ताकि रॉकेट में फिट हो सके।<br />
9 से 13 अगस्त के बीच इसे 9 मीटर के बूम पर धीरे-धीरे फैलाया गया।<br />
15 अगस्त को छोटे विस्फोटक बोल्ट फायर किए गए और “ब्लूम” प्रक्रिया शुरू हुई।<br />
मोटर और केबल की मदद से यह पूरी तरह खुलकर लॉक हो गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">तकनीकी खासियत</h4>
<p style="text-align:justify;">वजन: 64 किलो<br />
संरचना: 123 कम्पोजिट स्ट्रट्स<br />
सतह: सोने की परत वाली जाल (Mesh)<br />
कार्य: धरती से परावर्तित रडार तरंगों को पकड़ना और सेंटीमीटर स्तर तक बदलाव दर्ज करना।<br />
नासा-जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी (JPL) के प्रोजेक्ट मैनेजर फिल बेरेला के शब्दों में:-<br />
“यह नासा का अब तक का सबसे बड़ा रडार एंटीना है। इसे अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक खुलते देखना सालों की मेहनत और भारत-अमेरिका सहयोग का नतीजा है।”</p>
<h3 style="text-align:justify;">NISAR कैसे काम करता है?</h3>
<p style="text-align:justify;">यह उपग्रह धरती की सतह पर रडार तरंगें भेजता है। जब ये तरंगें धरती से टकराकर लौटती हैं, तो उनका विश्लेषण करके सतह के बदलावों की जानकारी मिलती है।<br />
दो प्रमुख रडार<br />
1. L-बैंड रडार (NASA द्वारा विकसित)<br />
बादलों और घने जंगलों को भेदने में सक्षम।<br />
जमीन और वनस्पति की गहराई से जानकारी देता है।<br />
2. S-बैंड रडार (ISRO द्वारा विकसित)<br />
मिट्टी और बर्फ में नमी का पता लगाता है।<br />
फसलों और कृषि भूमि के अध्ययन में उपयोगी।<br />
इंटरफेरोमेट्रिक SAR तकनीक<br />
अलग-अलग समय पर ली गई रडार तस्वीरों की तुलना करती है।<br />
सतह के सूक्ष्म बदलाव (सिर्फ 1 सेंटीमीटर तक) पकड़ सकती है।<br />
3D मूवी जैसी विस्तृत तस्वीरें बनाती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मिशन का उद्देश्य और फायदे</h4>
<p style="text-align:justify;">NISAR मिशन का मुख्य उद्देश्य है — धरती के बदलते स्वरूप को समझना और मानवता के हित में इसका उपयोग करना।<br />
1. जलवायु परिवर्तन और ग्लेशियर<br />
हिमनदों (Glaciers) की गति और पिघलने की दर मापेगा।<br />
समुद्र स्तर बढ़ने की भविष्यवाणी करने में मदद करेगा।<br />
2. भूकंप और ज्वालामुखी<br />
फॉल्ट लाइनों और ज्वालामुखी क्षेत्रों की निगरानी।<br />
संभावित भूकंप या विस्फोट के खतरे का आकलन।<br />
3. प्राकृतिक आपदाएँ<br />
बाढ़, भूस्खलन, तूफान जैसी आपदाओं की शुरुआती चेतावनी।<br />
आपदा प्रबंधन में त्वरित मदद।<br />
4. कृषि और खाद्य सुरक्षा<br />
फसलों की स्थिति और मिट्टी की नमी का आकलन।<br />
किसानों और सरकारों को बेहतर निर्णय लेने में सहायता।<br />
5. पारिस्थितिकी और पर्यावरण<br />
जंगलों, दलदलों और गीले इलाकों की सेहत पर नजर।<br />
वनों की कटाई और जैव विविधता पर प्रभाव का अध्ययन।<br />
भारत और दुनिया को मिलने वाला फायदा<br />
NISAR का डेटा केवल वैज्ञानिक शोध के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन को बेहतर बनाने के लिए भी उपयोगी होगा।<br />
भारत के लिए:-<br />
कृषि क्षेत्र को सटीक जानकारी मिलेगी।<br />
मानसून और बाढ़ जैसी समस्याओं से निपटने में मदद।<br />
हिमालय क्षेत्र में भूस्खलन और ग्लेशियर निगरानी।<br />
दुनिया के लिए:-<br />
जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक शोध को बढ़ावा।<br />
अंतरराष्ट्रीय आपदा राहत कार्यों में सहयोग।<br />
खाद्य और पानी सुरक्षा पर वैश्विक नीतियों में मदद।<br />
वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की राय<br />
नासा की अर्थ साइंस डिवीजन की निदेशक करेन सेंट जर्मेन के अनुसार:-<br />
“NISAR हमें धरती के गतिशील सिस्टम को नए नजरिए से समझने का मौका देगा। यह डेटा न केवल वैज्ञानिकों बल्कि नीतिनिर्माताओं और समुदायों को भी सशक्त बनाएगा।”<br />
भारतीय वैज्ञानिकों का मानना है कि यह मिशन भारत को आपदा प्रबंधन और कृषि में तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">भारत-अमेरिका सहयोग की मिसाल</h4>
<p style="text-align:justify;">NISAR केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग का भी उदाहरण है।<br />
अमेरिका की उन्नत तकनीक और भारत के कम लागत वाले लॉन्च सिस्टम ने इसे संभव बनाया।<br />
यह मिशन भविष्य में दोनों देशों के बीच और भी स्पेस प्रोजेक्ट्स की नींव रखता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">NISAR का भविष्य</h4>
<p style="text-align:justify;">अब जबकि एंटीना सफलतापूर्वक खुल चुका है, मिशन के अंतिम परीक्षण चल रहे हैं।<br />
लेट फॉल 2025 से यह उपग्रह डेटा भेजना शुरू करेगा।<br />
आने वाले वर्षों में यह धरती के अध्ययन के लिए सबसे विश्वसनीय स्रोत होगा।<br />
NISAR धरती की निगरानी करने वाला “सुपर आई” है, जो प्राकृतिक आपदाओं, जलवायु परिवर्तन और खाद्य-पानी की चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाएगा।<br />
यह केवल विज्ञान की उपलब्धि नहीं है, बल्कि मानवता के लिए एक सुरक्षा कवच है। भारत और अमेरिका का यह संयुक्त मिशन दिखाता है कि जब दो देश मिलकर काम करते हैं, तो पूरी दुनिया को फायदा होता है।<br />
आने वाले समय में NISAR का डेटा हमारी नीतियों, योजनाओं और जीवनशैली को सीधे प्रभावित करेगा। यह मिशन धरती को बेहतर समझने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Aug 2025 13:03:53 +0530</pubDate>
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                <title>NASA News: 4999 साल बाद सुग्रीव की गुफा मे नासा के वैज्ञानिको को जो मिला, देखकर दिमाग हिलजाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[NASA News: अनु सैनी। भारत की पौराणिक कथाओं और धार्मिक ग्रंथों में वर्णित कई स्थान आज भी रहस्य और श्रद्धा का केंद्र बने हुए हैं। ऐसे ही रहस्यमय स्थलों में से एक है सुग्रीव गुफा, जो कर्नाटक के हम्पी शहर में स्थित है। रामायण के अनुसार, यह वही गुफा है जहां वानरराज सुग्रीव ने श्रीराम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/after-4999-years-what-nasa-scientists-found-in-sugreevas-cave-will-blow-your-mind/article-73850"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/nasa-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">NASA News: अनु सैनी। भारत की पौराणिक कथाओं और धार्मिक ग्रंथों में वर्णित कई स्थान आज भी रहस्य और श्रद्धा का केंद्र बने हुए हैं। ऐसे ही रहस्यमय स्थलों में से एक है सुग्रीव गुफा, जो कर्नाटक के हम्पी शहर में स्थित है। रामायण के अनुसार, यह वही गुफा है जहां वानरराज सुग्रीव ने श्रीराम और लक्ष्मण से पहली बार मुलाकात की थी और रावण के खिलाफ युद्ध की रणनीति बनाई थी। यह गुफा आज भी दृश्यमुख पर्वत पर अपने प्राचीन स्वरूप में मौजूद है।<br />
हाल ही में, दिल्ली के रहने वाले मनोहर, जो मात्र 25 वर्ष की उम्र में नासा (NASA) में वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत हैं, ने इस गुफा पर गहन रिसर्च की। मनोहर का बचपन विज्ञान और तकनीक की दुनिया में बीता। धार्मिक मान्यताओं में उनकी कोई खास रुचि नहीं थी। वे रामायण और महाभारत जैसी महाकाव्य कथाओं को हमेशा एक कल्पना मानते थे। लेकिन जब सुग्रीव गुफा से जुड़ी पुरानी कहानियों और स्थानीय किंवदंतियों के बारे में उन्होंने पढ़ा, तो उनके भीतर जिज्ञासा जागी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">गुफा का इतिहास और महत्व | NASA News</h4>
<p style="text-align:justify;">सुग्रीव गुफा को रामायण काल की ऐतिहासिक धरोहर माना जाता है। किष्किंधा (आज का हम्पी) उस समय वानरराज सुग्रीव का साम्राज्य था। गुफा के पास स्थित पहाड़ियां और मंदिर इस बात की गवाही देते हैं कि यह स्थान हजारों साल पुराना है।<br />
किंवदंती है कि सुग्रीव ने इसी गुफा में श्रीराम से मित्रता का वचन लिया था और रावण के विरुद्ध सेना तैयार की थी। गुफा के भीतर और आसपास की चट्टानों पर आज भी कई शिलालेख और आकृतियां हैं, जो रामायण काल की घटनाओं की ओर संकेत करती हैं।<br />
हम्पी आज एक यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है। यहां आने वाले पर्यटक न केवल प्राचीन मंदिरों और स्थापत्य कला को देखते हैं, बल्कि सुग्रीव गुफा का रहस्य जानने के लिए भी उत्साहित रहते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मनोहर की रिसर्च यात्रा</h4>
<p style="text-align:justify;">मनोहर ने गुफा की गहराई से जांच करने के लिए अपनी छुट्टियां तय कीं और भारत लौटे। उन्होंने हम्पी पहुंचकर स्थानीय लोगों से गुफा का इतिहास और उससे जुड़ी कथाएं पूछीं। लोगों ने बताया कि सुग्रीव गुफा दृश्यमुख पर्वत पर स्थित है, और कई लोग इसे रहस्यमय खजाने का स्थान भी मानते हैं।<br />
स्थानीय गाइड्स ने मनोहर को बताया कि गुफा के पास अक्सर बंदरों का झुंड दिखाई देता है। कई लोग मानते हैं कि इनमें से कुछ विशेष बंदर गुफा की रक्षा करते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बंदर से मुलाकात – एक अद्भुत अनुभव</h4>
<p style="text-align:justify;">गुफा के निरीक्षण के दौरान मनोहर का सामना एक बड़े बंदर से हुआ। वह बंदर गुफा के पास चट्टान पर बैठा हुआ मानो किसी पहरेदार की तरह गुफा की निगरानी कर रहा था। मनोहर ने इस दृश्य को देखकर अपने घुटनों पर बैठकर उस बंदर को प्रणाम किया। यह घटना उनके जीवन का सबसे अविस्मरणीय क्षण बन गई।<br />
प्रणाम करने के बाद मनोहर ने गुफा के प्रवेश द्वार पर भी झुककर नमस्कार किया। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उन्हें विज्ञान से परे एक आध्यात्मिक शक्ति का अहसास करवा गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">गुफा के रहस्य और खजाने की चर्चा</h4>
<p style="text-align:justify;">सुग्रीव गुफा के बारे में यह भी कहा जाता है कि यहां रामायण काल का खजाना या शस्त्रागार छुपा हो सकता है। गुफा की दीवारों पर उकेरी गई आकृतियां और प्रतीक मानो उस समय की गाथा सुना रहे हों।<br />
मनोहर ने गुफा की शिलाओं का विश्लेषण किया और पाया कि कई शिलाएं अत्यंत प्राचीन हैं। उन्होंने कुछ दुर्लभ पत्थरों और शिलालेखों की फोटो ली और अपने अध्ययन के लिए नमूने भी जुटाए। हालांकि उन्हें खजाने का कोई सीधा प्रमाण नहीं मिला, लेकिन उन्होंने माना कि यह गुफा इतिहास और संस्कृति का खजाना अपने भीतर समेटे हुए है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">धर्म और विज्ञान का संगम</h3>
<p style="text-align:justify;">मनोहर का यह अनुभव उनके जीवन की सोच को बदल गया। वे कहते हैं: “मैं हमेशा मानता था कि रामायण और महाभारत केवल कहानियां हैं। लेकिन इस गुफा की यात्रा और वहां की ऊर्जा ने मुझे यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हमारे प्राचीन ग्रंथों में छुपा ज्ञान और इतिहास कहीं अधिक गहरा और सच्चा है।” उन्होंने माना कि भारत के पौराणिक स्थलों में विज्ञान और इतिहास का संगम है, जिसे आधुनिक तकनीक की मदद से खोजने की आवश्यकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हम्पी की यात्रा – रामायण का अनुभव</h4>
<p style="text-align:justify;">हम्पी आने वाले यात्रियों को सुग्रीव गुफा के अलावा अनेकों ऐसे स्थल देखने को मिलते हैं जो रामायण से जुड़े हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि यहां की हर चट्टान और मंदिर में रामायण की कोई न कोई कहानी छुपी है। यदि आप भी रामायण की घटनाओं को महसूस करना चाहते हैं, तो हम्पी की यात्रा एक अद्भुत अनुभव हो सकता है।<br />
सुग्रीव गुफा का रहस्य आज भी बरकरार है। खजाने की सच्चाई चाहे जो भी हो, यह गुफा हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का अनमोल हिस्सा है। मनोहर की रिसर्च ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पौराणिक कथाओं में छिपा इतिहास आज भी विज्ञान के लिए एक चुनौती है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Jul 2025 12:08:05 +0530</pubDate>
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                <title>NASA News: धरती से अंतरिक्ष में जाने में कितना समय लगता है? जानिये यहां सब कुछ</title>
                                    <description><![CDATA[NASA News: अंतरिक्ष यात्रा मानवता की एक महान उपलब्धि है, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी में निरंतर प्रगति को दर्शाती है। आइए जानते हैं कि पृथ्वी से अंतरिक्ष में पहुंचने में कितना समय लगता है और यह प्रक्रिया कैसे होती है। Space News Haryana-Punjab Weather Update: घर से निकलने से पहले हो जाएं सावधान! हरियाणा, पंजाब […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/children-corner/how-much-time-does-it-take-to-go-from-earth-to-space-know-everything-here/article-72417"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-06/nasa-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">NASA News: अंतरिक्ष यात्रा मानवता की एक महान उपलब्धि है, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी में निरंतर प्रगति को दर्शाती है। आइए जानते हैं कि पृथ्वी से अंतरिक्ष में पहुंचने में कितना समय लगता है और यह प्रक्रिया कैसे होती है। Space News</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/be-careful-before-leaving-the-house-heavy-hailstorms-will-occur-in-haryana-and-punjab/">Haryana-Punjab Weather Update: घर से निकलने से पहले हो जाएं सावधान! हरियाणा, पंजाब में जमकर बरसेंगे ओले..!</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">अंतरिक्ष में प्रवेश का समय:- NASA News</h3>
<p style="text-align:justify;">आम तौर पर, पृथ्वी की सतह से लगभग 100 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित ‘कर्मन रेखा’ को पार करने में एक रॉकेट को लगभग 8.5 मिनट का समय लगता है। यह समय रॉकेट के प्रकार, मिशन के उद्देश्य और मार्ग पर निर्भर करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचने में समय:-</h4>
<p style="text-align:justify;">इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पृथ्वी से लगभग 400 किलोमीटर ऊपर स्थित है। ISS तक पहुंचने में रॉकेट को कर्मन रेखा को पार करने के बाद अतिरिक्त समय लगता है। उदाहरण के लिए, अमेरिकी शटल को कर्मन रेखा को पार करने में लगभग 2.5 मिनट और ISS तक पहुंचने में कुल मिलाकर लगभग 8.5 मिनट का समय लगता था।</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्पेसएक्स फाल्कन हेवी रॉकेट:-</h3>
<p style="text-align:justify;">स्पेसएक्स के फाल्कन हेवी रॉकेट ने कर्मन रेखा को पार करने में लगभग 3.5 मिनट का समय लिया था, जो इसकी उच्च प्रदर्शन क्षमता को दर्शाता है। पृथ्वी से अंतरिक्ष में पहुंचने में कुल मिलाकर लगभग 8.5 मिनट से लेकर कुछ घंटे तक का समय लग सकता है, जो मिशन की प्रकृति, रॉकेट की क्षमता और गंतव्य पर निर्भर करता है। यह प्रक्रिया विज्ञान और प्रौद्योगिकी के निरंतर विकास को प्रतिबिंबित करती है, जो भविष्य में और भी तेज और कुशल अंतरिक्ष यात्राओं का मार्ग प्रशस्त करेगी।</p>
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                                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/children-corner/how-much-time-does-it-take-to-go-from-earth-to-space-know-everything-here/article-72417</link>
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                <pubDate>Sun, 22 Jun 2025 12:17:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Axiom-4 mission postponed: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की उड़ान एक बार के लिए टली!</title>
                                    <description><![CDATA[Axiom-4 mission postponed: नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) ले जाने वाला एक्सिओम-4 मिशन एक बार पुनः टाल दिया गया है। इसरो और स्पेसएक्स दोनों ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस संबंध में जानकारी साझा की है। Nasa News भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मंगलवार को बताया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/indian-astronaut-shubhanshu-shuklas-flight-postponed-for-once/article-72019"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-06/subhanshu-sukla.jpg" alt=""></a><br /><p class="ai-optimize-8 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">Axiom-4 mission postponed: नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) ले जाने वाला एक्सिओम-4 मिशन एक बार पुनः टाल दिया गया है। इसरो और स्पेसएक्स दोनों ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस संबंध में जानकारी साझा की है। Nasa News</p>
<p class="ai-optimize-9" style="text-align:justify;">भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मंगलवार को बताया कि 11 जून 2025 को प्रस्तावित लॉन्च से पूर्व फाल्कन 9 रॉकेट के बूस्टर चरण का सात सेकंड का ‘हॉट टेस्ट’ लॉन्चपैड पर किया गया। परीक्षण के दौरान प्रोपल्शन खंड में तरल ऑक्सीजन (एलओएक्स) के रिसाव का पता चला। इसके चलते इसरो, एक्सिओम और स्पेसएक्स की संयुक्त टीम ने मिलकर निर्णय लिया कि पहले रिसाव की समस्या को पूरी तरह ठीक किया जाएगा और उसके बाद ही आवश्यक सत्यापन परीक्षण कर मिशन को पुनः मंजूरी दी जाएगी।</p>
<p class="ai-optimize-10" style="text-align:justify;">स्पेसएक्स ने भी इस तकनीकी खामी की पुष्टि की है और कहा है कि फाल्कन 9 रॉकेट में उत्पन्न समस्या के कारण फिलहाल प्रक्षेपण को आगे बढ़ाया जा रहा है। नई तिथि की घोषणा अभी नहीं की गई है। उल्लेखनीय है कि इस मिशन को पहले 29 मई को प्रक्षेपित किया जाना था, किंतु तकनीकी कारणों से उसे टाल दिया गया। बाद में 10 जून और फिर 11 जून की तिथि निर्धारित की गई, लेकिन अब एक बार फिर मिशन को स्थगित कर दिया गया है।</p>
<h3 class="ai-optimize-12" style="text-align:justify;">शुभांशु शुक्ला बनने जा रहे हैं भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री</h3>
<p class="ai-optimize-13" style="text-align:justify;">एक्सिओम-4 मिशन भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस मिशन के माध्यम से शुभांशु शुक्ला लगभग चार दशकों के अंतराल के बाद अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बनेंगे। उनसे पूर्व 1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत संघ के अंतरिक्ष यान में उड़ान भरकर इतिहास रचा था। भारत सरकार ने इस अंतरराष्ट्रीय मिशन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लगभग 550 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। यह मिशन न केवल भारत की वैज्ञानिक क्षमता को वैश्विक मंच पर दर्शाता है, बल्कि भविष्य की अंतरिक्ष योजनाओं की नींव भी मजबूत करता है। Nasa News</p>
<p class="ai-optimize-16"><a title="राजस्थान के रवि प्रकाश मेहरड़ा को डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार" href="http://10.0.0.122:1245/rajasthans-ravi-prakash-meharda-given-additional-charge-of-dgp/">राजस्थान के रवि प्रकाश मेहरड़ा को डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Jun 2025 10:32:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Nasa News: नासा की हैरान करने वाली खोज, धरती से पांच गुना बड़ा हीरों से भरपूर ग्रह</title>
                                    <description><![CDATA[Nasa News: अनु सैनी। अंतरिक्ष की अनोखी दुनिया में वैज्ञानिकों को एक नई और चौंकाने वाली खोज हाथ लगी है। नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से एक ऐसा ग्रह खोजा गया है, जो अपने अनोखे गुणों के कारण पूरी दुनिया के वैज्ञानिक समुदाय का ध्यान खींच रहा है। यह ग्रह आकार में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/nasas-surprising-discovery-a-planet-five-times-bigger-than-earth-full-of-diamonds/article-70395"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-05/nasa-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Nasa News: अनु सैनी। </strong>अंतरिक्ष की अनोखी दुनिया में वैज्ञानिकों को एक नई और चौंकाने वाली खोज हाथ लगी है। नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से एक ऐसा ग्रह खोजा गया है, जो अपने अनोखे गुणों के कारण पूरी दुनिया के वैज्ञानिक समुदाय का ध्यान खींच रहा है। यह ग्रह आकार में पृथ्वी से पांच गुना बड़ा है और इसकी सतह हीरे जैसी कीमती कार्बन संरचनाओं से बनी हो सकती है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/make-a-great-career-in-the-medical-field-without-neet-do-these-6-courses-after-12th/">Medical Courses: NEET के बिना बनाएं मेडिकल फील्ड में शानदार करियर, 12वीं के बाद करें ये 6 कोर्स</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">55 कैन्क्री ई: सुपर-अर्थ की श्रेणी में आने वाला विशेष ग्रह | Nasa News</h3>
<p style="text-align:justify;">यह ग्रह ‘55 कैन्क्री ई’ (55 Cancri e) नाम से जाना जा रहा है और इसे सुपर-अर्थ की श्रेणी में रखा गया है, क्योंकि इसका द्रव्यमान और आकार धरती से कहीं अधिक है। इस ग्रह की संरचना में ग्रेफाइट और हीरे जैसे कार्बन तत्व प्रमुख रूप से पाए जाने की संभावना है, जो इसे औरों से बिल्कुल अलग बनाते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अत्यधिक तापमान और उबलता लावा: जीवन की संभावना बेहद कम</h3>
<p style="text-align:justify;">55 कैन्क्री ई अपने तारे के बेहद नज़दीक स्थित है, जिससे वहां की सतह पर तापमान लगभग 2400 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। यह ग्रह मात्र 17 घंटे में अपने तारे का एक चक्कर पूरा कर लेता है। इतनी गर्मी के चलते इसकी सतह पूरी तरह पिघले हुए लावा से ढकी हो सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस वातावरण में जीवन का होना लगभग असंभव है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विशेष वायुमंडल और ज्वालामुखीय सक्रियता</h3>
<p style="text-align:justify;">ग्रह की बाहरी परत में वैज्ञानिकों को एक द्वितीयक वायुमंडल (secondary atmosphere) की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। माना जा रहा है कि यह वातावरण ग्रह पर होने वाली तीव्र ज्वालामुखीय गतिविधियों की वजह से बना है। इस वजह से ग्रह की स्थिति अत्यधिक अस्थिर मानी जा रही है, जो इसे अनुसंधान के लिए और भी दिलचस्प बनाती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ग्रहों की संरचना को लेकर नई सोच की शुरुआत | Nasa News</h3>
<p style="text-align:justify;">यह खोज केवल एक ग्रह के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि यह हमारे सौर मंडल के बाहर की दुनिया और ग्रहों के निर्माण को लेकर हमारी सोच को चुनौती देती है। कार्बन-प्रधान ग्रहों की यह संभावना यह संकेत देती है कि शायद ब्रह्मांड में और भी ऐसे ग्रह मौजूद हैं जिनमें कीमती धातुएं और रत्न हो सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भविष्य की दिशा: संसाधनों की खोज और अध्ययन का विस्तार</h3>
<p style="text-align:justify;">वैज्ञानिक अब इस ग्रह का और भी गहराई से अध्ययन करने की योजना बना रहे हैं। 55 कैन्क्री ई जैसी खोजें यह संभावना भी खोलती हैं कि भविष्य में अंतरिक्ष से कीमती संसाधनों की खोज संभव हो सकती है। साथ ही, यह हमारी अंतरिक्ष संबंधी समझ को और व्यापक बनाती हैं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>साहित्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 May 2025 11:05:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Nasa: सुनीता विलियम्स से गले मिले अंतरिक्ष यात्री! इस दिन होगी धरती पर वापिसी</title>
                                    <description><![CDATA[Nasa’s SpaceX Crew-10 Mission Update: न्यूयॉर्क। नासा ने देश को खुशखबरी देते हुए बताया कि और स्पेसएक्स का क्रू-10 मिशन इस समय इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर पहुंच चुका है। फाल्कन 9 रॉकेट द्वारा भेजे गए ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के जरिए क्रू-10 के अंतरिक्ष यात्री आईएसएस पहुंचे। सफल डॉकिंग के बाद, जब हैच खुला, तो अंतरिक्ष […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/astronaut-hugged-sunita-williams-will-return-to-earth-on-this-day/article-68460"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/nasa-yatri.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Nasa’s SpaceX Crew-10 Mission Update: न्यूयॉर्क। नासा ने देश को खुशखबरी देते हुए बताया कि और स्पेसएक्स का क्रू-10 मिशन इस समय इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर पहुंच चुका है। फाल्कन 9 रॉकेट द्वारा भेजे गए ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के जरिए क्रू-10 के अंतरिक्ष यात्री आईएसएस पहुंचे। सफल डॉकिंग के बाद, जब हैच खुला, तो अंतरिक्ष यात्रियों की मुलाकात भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मर से हुई। Nasa News</p>
<h3 style="text-align:justify;">वायरल हुई शानदार तस्वीरें | Nasa News</h3>
<p style="text-align:justify;">हैच खुलते ही सुनीता विलियम्स और बुच विल्मर ने आए हुए सभी अंतरिक्ष यात्रियों को गले लगाकर उनका स्वागत किया। इस खास मुलाकात की शानदार तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं। बता दें कि स्पेसएक्स का क्रू-10 मिशन रविवार 16 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर सफलतापूर्वक पहुंचा। इसी ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट से नासा के दो अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता विलियम्स और बुच विल्मर की वापसी की उम्मीद जगी, जोकि पिछले कई महीने से अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अगस्त में क्रू-9 के आगमन के बाद उन्हें वापस भेजने की योजनाएं भी आपातकालीन एस्केप पॉड की खामी के कारण रद्द कर दी गई थीं। अब क्रू-10 के सफलतापूर्वक डॉक किए जाने के बाद विलियम्स और विल्मर को धरती पर लौटने का मौका मिलेगा। क्रू-10 का मिशन शुरू में बुधवार शाम के लिए तय था, लेकिन रॉकेट पर ग्राउंड सपोर्ट क्लैंप आर्म में समस्या आने के कारण मिशन को टाल दिया गया था। देरी के बावजूद मिशन अब वापस पटरी पर आ गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि फंसे हुए अंतरिक्ष यात्रियों की लंबे समय से अपेक्षित वापसी जल्द होने वाली है। Nasa News</p>
<p><a title="Sunita Williams: नासा की बड़ी सफलता! सुनीता विलियम्स को लेकर जाहिर की ये बड़ी खुशी!" href="http://10.0.0.122:1245/spacexs-crew-10-mission-successfully-reaches-international-space-station/">Sunita Williams: नासा की बड़ी सफलता! सुनीता विलियम्स को लेकर जाहिर की ये बड़ी खुशी!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/astronaut-hugged-sunita-williams-will-return-to-earth-on-this-day/article-68460</link>
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                <pubDate>Sun, 16 Mar 2025 14:50:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Sunita Williams: नासा की बड़ी सफलता! सुनीता विलियम्स को लेकर जाहिर की ये बड़ी खुशी!</title>
                                    <description><![CDATA[सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की जल्द होगी घर वापसी Sunita Williams Return Update: न्यूयॉर्क। नासा ने बड़ी अपडेट देते हुए बताया कि स्पेसएक्स का क्रू-10 मिशन (SpaceX’s Crew-10 ) आज यानि रविवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि क्रू-10 के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/spacexs-crew-10-mission-successfully-reaches-international-space-station/article-68452"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/spacexs-crew-10.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की जल्द होगी घर वापसी</h3>
<p style="text-align:justify;">Sunita Williams Return Update: न्यूयॉर्क। नासा ने बड़ी अपडेट देते हुए बताया कि स्पेसएक्स का क्रू-10 मिशन (SpaceX’s Crew-10 ) आज यानि रविवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि क्रू-10 के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने से नासा के दो अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की जल्द ही घर वापसी की उम्मीदें जागी हैं, जोकि पिछले कई महीनों से अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं। Sunita Williams News</p>
<p style="text-align:justify;">एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को टेक्सास से लॉन्च किया गया स्पेस कैप्सूल शनिवार को 12:05 बजे ईएसटी (भारतीय समयानुसार 9:35 बजे) पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पहुंचा। स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल ने पृथ्वी से आईएसएस तक की यात्रा करने में लगभग 28.5 घंटे का समय लिया। इस अंतरिक्ष यान में 4 अंतरिक्ष यात्री सवार थे, जिनमें नासा से ऐनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स, जापान के जेएक्सए से ताकुया ओनिशी और रूस के रोस्कोस्मोस से किरिल पेस्कोव शामिल हैं।</p>
<h3>अंतरिक्ष यात्री विल्मोर उनका स्वागत करेंगे</h3>
<p style="text-align:justify;">वे अगले कुछ दिन नासा के अंतरिक्ष यात्रियों विलियम्स और विल्मोर के साथ आईएसएस के बारे में जानकारी लेंगे। क्रू के 1.:05 बजे (भारतीय समयानुसार 10:35 बजे) आईएसएस में प्रवेश करने की उम्मीद है, जहां अंतरिक्ष यात्री विल्मोर उनका स्वागत करेंगे। बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में तकनीकी समस्याओं के कारण विलियम्स और विल्मोर जून से आईएसएस पर फंसे हुए हैं। आठ दिवसीय मिशन के बाद उनकी वापसी तय थी, लेकिन लगातार समस्याओं के कारण उनकी घर वापसी में देरी हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि अगस्त में क्रू-9 के आगमन के बाद उन्हें वापस भेजने की योजनाएं भी आपातकालीन एस्केप पॉड की कमी के कारण रद्द कर दी गई थीं। अब क्रू-10 के सफलतापूर्वक डॉक किए जाने के बाद विलियम्स और विल्मोर को धरती पर लौटने का मौका मिलेगा। स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क के अनुसार, उनकी वापसी जल्द होने की उम्मीद है। Sunita Williams News</p>
<p><a title="Nasa News: नासा ने दी खुशखबरी! सुनीता विलियम्स को लेकर नासा-स्पेसएक्स का मिशन शुरू" href="http://10.0.0.122:1245/nasa-gives-good-news-nasa-spacex-mission-begins-with-sunita-williams/">Nasa News: नासा ने दी खुशखबरी! सुनीता विलियम्स को लेकर नासा-स्पेसएक्स का मिशन शुरू</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/spacexs-crew-10-mission-successfully-reaches-international-space-station/article-68452</link>
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                <pubDate>Sun, 16 Mar 2025 12:47:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Nasa News: नासा ने दी खुशखबरी! सुनीता विलियम्स को लेकर नासा-स्पेसएक्स का मिशन शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को वापस लाने की तैयारी Sunita Williams News: न्यूयॉर्क। नासा सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को वापस लाने की तैयारी में जुट गया है। इसको लेकर नासा और स्पेसएक्स ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए एक मानवयुक्त मिशन लॉन्च किया, जिसकी सहायता से नासा के अंतरिक्ष यात्री […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/nasa-gives-good-news-nasa-spacex-mission-begins-with-sunita-williams/article-68417"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/nasa-sunita-wiliums.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को वापस लाने की तैयारी</h3>
<p style="text-align:justify;">Sunita Williams News: न्यूयॉर्क। नासा सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को वापस लाने की तैयारी में जुट गया है। इसको लेकर नासा और स्पेसएक्स ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए एक मानवयुक्त मिशन लॉन्च किया, जिसकी सहायता से नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को वापस लाया जाएगा, जोकि पिछले जून से अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं। Nasa News</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि ड्रैगन अंतरिक्ष यान ने शुक्रवार को शाम 7:03 बजे ईटी (शनिवार आईएसटी पर सुबह 4.33 बजे) पर फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट पर उड़ान भरी। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा की, जिसके तहत ‘‘अंतरिक्ष में अच्छा समय बिताएं, आप सभी! #क्रू10 ने शुक्रवार, 14 मार्च को शाम 7:03 बजे ईटी (2303 यूटीसी) पर नासा कैनेडी से उड़ान भरी।’’ स्पेसएक्स ने कहा कि फाल्कन 9 ने क्रू-10 को प्रक्षेपित किया, जो अंतरिक्ष स्टेशन के लिए ड्रैगन का 14वां मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्रू-10 मिशन नासा के अंतरिक्ष यात्री ऐनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री ताकुया ओनिशी और रूस के रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री किरिल पेसकोव को आईएसएस ले जाएगा। आईएसएस के रास्ते में अंतरिक्ष यान को अंतरिक्ष स्टेशन पर स्वायत्त रूप से डॉक करने में लगभग 28.5 घंटे लगेंगे। क्रू-10 के आॅर्बिटल प्रयोगशाला में पहुंचने के बाद, नासा का स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन, पृथ्वी पर वापस लौटेगा जिसका हिस्सा सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर थे। Nasa News</p>
<p><a title="Earthquake: देश में भूकंप के झटकों से दहशत में आए लोग" href="http://10.0.0.122:1245/people-in-the-country-are-terrified-by-the-tremors-of-the-earthquake/">Earthquake: देश में भूकंप के झटकों से दहशत में आए लोग</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Mar 2025 15:55:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Nasa News: नासा की आई बड़ी अपडेट! सुनीता विलियम्स कब छोड़ेंगे अंतरिक्ष?</title>
                                    <description><![CDATA[Nasa News Update: नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को अंतरिक्ष में गए 9 महीने से ज्यादा हो गए हैं और इस मार्च उनके पृथ्वी पर लौटने की तैयारी है। बता दें कि उनके बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में कुछ खराबी आ जाने के बाद पृथ्वी पर आने के लिए उनको 8 […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/big-update-from-nasa-when-will-sunita-williams-leave-space/article-68182"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/sunita-wiliums.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Nasa News Update: नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को अंतरिक्ष में गए 9 महीने से ज्यादा हो गए हैं और इस मार्च उनके पृथ्वी पर लौटने की तैयारी है। बता दें कि उनके बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में कुछ खराबी आ जाने के बाद पृथ्वी पर आने के लिए उनको 8 दिन की छुट्टी मिली थी लेकिन, आज लगभग 9 महीने हो चुके हैं। अब वे स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान पर घर वापस जाने की तैयारी कर रहे हैं, नासा को ये उम्मीद है। Nasa News</p>
<p style="text-align:justify;">एक मीडिया रिपोर्ट में नासा ने उम्मीद जताई है कि सुनीता विलियम्स अपने दल के साथ 16 मार्च को वापस लौट सकता है। रिपोर्ट में नासा अधिकारियों के हवाले से शनिवार को बताया गया कि क्रू 9, जिसमें नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर, निक हेग और रोस्कोस्मोस कॉस्मोनॉट अलेक्जेंडर गोरबुनोव शामिल हैं, क्रू 10 के अंतरिक्ष में लॉन्च होने के बाद ही वापस पृथ्वी पर लौटेंगे। अधिकारियों के अनुसार क्रू 10 क्रू 9 का प्रतिस्थापन है, जोकि सितंबर 2024 में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचा था। वर्तमान में, क्रू 10 को बुधवार, 12 मार्च को शाम 7:48 बजे ईडीटी पर लॉन्च किया जाना है।</p>
<h3>क्रू 9 अनडॉक (वापसी) 16 मार्च को होगी</h3>
<p style="text-align:justify;">नासा अधिकारी ने गत दिवस एक टेलीकांफ्रेंस में कहा कि क्रू 10 के लिए 12 मार्च के लॉन्च के लिए, क्रू 9 अनडॉक (वापसी) 16 मार्च को होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रू 10 के लॉन्च में देरी होने पर क्या होगा? यदि क्रू 10 के लॉन्च में देरी होती है, तो क्रू-9 की वापसी में भी देरी हो सकती है। क्रू 10 और क्रू 9 के बीच हैंडओवर अवधि के दो पूरे दिन की आवश्यकता है। इसलिए यदि क्रू 10, 12 मार्च को लॉन्च होता है, तो लक्षित डॉकिंग समय लगभग 10 बजे ईडीटी, गुरुवार, 13 मार्च होगा। इसका मतलब है कि क्रू 9 और क्रू 10 के बीच हैंडओवर 14 और 15 मार्च को होगा, और फिर क्रू 9 16 मार्च को वापस आएगा। Nasa News</p>
<p style="text-align:justify;">नासा के अनुसार यदि 12 मार्च को क्रू 10 लॉन्च के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल नहीं हैं, तो 13 मार्च को शाम 7:35 बजे और 14 मार्च को शाम 7:04 बजे लॉन्च के लिए बैकअप अवसर हैं। इस तरह, क्रू 9 की वापसी की तारीख 17 मार्च और 18 मार्च होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सुनीता विलियम्स ने 4 मार्च को पूछे एक सवाल ‘क्या आपको ऐसा लगता है कि आप आईएसएस को अंतिम अलविदा कह रही हैं और आप कुछ निजी सामान पीछे छोड़ने की योजना बना रही हैं? के जवाब में सुनीता ने जवाब दिया कि ओह, मुझे याद मत दिलाओ कि यह मेरी आखिरी उड़ान हो सकती है। यह थोड़ा दुखद है, मैं इसके बारे में ज्यादा नहीं सोच रही हैं।</p>
<h3>अगले क्रू के लिए कुछ छिपा हो सकता है | Nasa News</h3>
<p style="text-align:justify;">दूसरे सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगले क्रू के लिए कुछ छिपा हो सकता है। शायद उन्हें कुछ खोजना होगा…मैं आपको यह नहीं बताने जा रही हूँ कि कहाँ। उन्हें बस इसे खोजना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">नासा ने जानकारी देते हुए बताया कि सुनीता विलियम्स और क्रू 9 के अन्य सदस्य स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान पर पृथ्वी पर वापस आएंगे और स्पेसएक्स का स्वामित्व मस्क के पास है। नासा ने स्पेसएक्स के क्रू सिस्टम को आधिकारिक रूप से प्रमाणित किया है और अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर नियमित मिशन शुरू किए हैं। स्पेसएक्स का क्रू ड्रैगन अंतरिक्ष यान फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर में लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39ए से कंपनी के फाल्कन 9 रॉकेट पर लॉन्च हुआ। इसके बावजूद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने अपने करीबी सलाहकार एलन मस्क से पृथ्वी पर वापस लाने में सहायता करने के लिए कहा था। Nasa News</p>
<p><a title="PM Awas Yojana: अब प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए ये काम करना जरूरी!" href="http://10.0.0.122:1245/citizens-should-get-their-kutcha-houses-surveyed-for-pradhan-mantri-awas-yojana/">PM Awas Yojana: अब प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए ये काम करना जरूरी!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Mar 2025 14:54:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Nasa News: सुनीता विलियम्स को लेकर अंतरिक्ष से आई खुशखबरी!</title>
                                    <description><![CDATA[वॉशिंगटन (एजेंसी)। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और उनके अंतरिक्ष के साथी विल्मोर बुच की अब धरती पर वापसी होने वाली है। इसी महीने 19 मार्च को दोनों पृथ्वी पर लौट आएंगे। अब तक दोनों अंतरिक्ष में नौ महीने गुजार चुके हैं। दोनों एलन मस्क के स्पेसएक्स एयरक्राफ्ट से वापस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/nasa-gives-good-news-about-sunita-williams/article-67996"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/nasa-update.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">वॉशिंगटन (एजेंसी)। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और उनके अंतरिक्ष के साथी विल्मोर बुच की अब धरती पर वापसी होने वाली है। इसी महीने 19 मार्च को दोनों पृथ्वी पर लौट आएंगे। अब तक दोनों अंतरिक्ष में नौ महीने गुजार चुके हैं। दोनों एलन मस्क के स्पेसएक्स एयरक्राफ्ट से वापस आएंगे। दोनों ने हाल ही में एक न्यूज कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। अंतरिक्ष में रहने के दौरान सुनीता को अपने लैब्राडोर डॉगी की याद आ रही है। उन्होंने कहा कि अब उससे मिलने के लिए और इंतजार नहीं कर सकती। Nasa News</p>
<p><a title="Champions Trophy 2025 Final: इस टीम से होगी फाइनल में भारत की टक्कर!" href="http://10.0.0.122:1245/india-will-face-new-zealand-in-the-final/">Champions Trophy 2025 Final: इस टीम से होगी फाइनल में भारत की टक्कर!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 09:40:01 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Nasa News: नासा से आई अच्छी खबर! की ये बड़ी घोषणा!</title>
                                    <description><![CDATA[Nasa:गत दिवस यानि शनिवार, 2 मार्च, 2025 को नासा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक एक्स पोस्ट में फायरफ्लाई स्पेस का ब्लू घोस्ट लूनर लैंडर (Nasa Ghost Riders) चंद्रमा की सतह पर ऐतिहासिक लैंडिंग कर गया है। नासा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, फायरफ्लाई स्पेस टेक्सास में स्थित एक अमेरिकी निजी क्षेत्र की एयरोस्पेस फर्म […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/good-news-from-nasa-this-big-announcement/article-67816"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/ghost-riders.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Nasa:गत दिवस यानि शनिवार, 2 मार्च, 2025 को नासा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक एक्स पोस्ट में फायरफ्लाई स्पेस का ब्लू घोस्ट लूनर लैंडर (Nasa Ghost Riders) चंद्रमा की सतह पर ऐतिहासिक लैंडिंग कर गया है। नासा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, फायरफ्लाई स्पेस टेक्सास में स्थित एक अमेरिकी निजी क्षेत्र की एयरोस्पेस फर्म है जोकि अंतरिक्ष यान वाहनों के प्रक्षेपण के डिजाइन, निर्माण और संचालन से संबंधित है। Nasa News</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">🌕 Moon Landing LIVE</p>
<p>Watch as <a href="https://twitter.com/Firefly_Space?ref_src=twsrc%5Etfw">@Firefly_Space</a>’s Blue Ghost lunar lander, well, lands! It’s scheduled to touch down on the Moon’s surface no earlier than 3:34am ET (0834 UTC). <a href="https://t.co/Py3Zcv6fu2">https://t.co/Py3Zcv6fu2</a></p>
<p>— NASA (@NASA) <a href="https://twitter.com/NASA/status/1896098281828085925?ref_src=twsrc%5Etfw">March 2, 2025</a></p></blockquote>
<p style="text-align:justify;">कई मीडिया रिपोर्टों में यह बताया गया है कि मिशन 15 जनवरी, 2025 को स्पेसएक्स फाल्कन रॉकेट पर लॉन्च के साथ शुरू हुआ। पृथ्वी की परिक्रमा करने के लगभग एक महीने बाद, अंतरिक्ष यान ने शनिवार को लैंडिंग की।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तकनीकी डेमो ब्लू घोस्ट लूनर लैंडर ने पहुंचाया | Nasa News</h3>
<p style="text-align:justify;">नासा की पोस्ट के अनुसार, वाणिज्यिक कंपनी के ब्लू घोस्ट लूनर लैंडर ने नासा के 10 वैज्ञानिक जांच और तकनीकी डेमो को सुरक्षित रूप से चंद्रमा पर पहुंचाया है। इस कदम का लक्ष्य पर्यावरण के बारे में अधिक समझने और सीखने में मदद करना है और साथ ही चंद्रमा और मंगल ग्रह पर भविष्य के अंतरिक्ष यात्रियों की सहायता करना है। नासा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ब्लू घोस्ट ने सुरक्षित रूप से 10 नासा वैज्ञानिक जांच और तकनीकी डेमो वितरित किए हैं जो हमें चंद्र पर्यावरण के बारे में अधिक जानने और चंद्रमा और मंगल ग्रह पर भविष्य के अंतरिक्ष यात्रियों की सहायता करने में मदद करेंगे। Nasa News</p>
<p><a title="Amrit Dhara Yojana: गोवंश पालने पर आसानी से मिलेगा 10 लाख तक लोन! किसी गारंटर की भी जरूरत नहीं!" href="http://10.0.0.122:1245/you-can-easily-get-a-loan-of-up-to-10-lakhs-for-raising-cows/">Amrit Dhara Yojana: गोवंश पालने पर आसानी से मिलेगा 10 लाख तक लोन! किसी गारंटर की भी जरूरत नहीं!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/good-news-from-nasa-this-big-announcement/article-67816</link>
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                <pubDate>Sun, 02 Mar 2025 16:25:19 +0530</pubDate>
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                <title>Nasa News: अंतरिक्ष में फंसे यात्रियों के लिए वीरवार को नासा ने सुनाई अच्छी खबर, जानिये</title>
                                    <description><![CDATA[Nasa News: लॉस एंजिल्स (एजेंसी)। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेन्सी नासा ने कहा कि वह एजेंसी के फंसे हुए अंतरिक्ष यात्रियों सुनी विलियम्स और बुच विल्मोर को ‘जितनी जल्दी व्यावहारिक होगा’ सुरक्षित रूप से घर वापस लाने के लिए स्पेसएक्स के साथ काम कर रहा है। नासा ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘नासा और स्पेसएक्स एजेंसी के स्पेसएक्स […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/on-thursday-nasa-gave-good-news-for-the-passengers-trapped-in-space-know-more/article-66910"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-01/nasa-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Nasa News: लॉस एंजिल्स (एजेंसी)।</strong> अमेरिकी अंतरिक्ष एजेन्सी नासा ने कहा कि वह एजेंसी के फंसे हुए अंतरिक्ष यात्रियों सुनी विलियम्स और बुच विल्मोर को ‘जितनी जल्दी व्यावहारिक होगा’ सुरक्षित रूप से घर वापस लाने के लिए स्पेसएक्स के साथ काम कर रहा है। नासा ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘नासा और स्पेसएक्स एजेंसी के स्पेसएक्स क्रू-9 अंतरिक्ष यात्रियों सुनी विलियम्स और बुच विल्मोर को जल्द से जल्द सुरक्षित रूप से वापस लाने के लिए काम कर रहे हैं, साथ ही अभियानों के बीच हैंडओवर पूरा करने के लिए क्रू-10 के लॉन्च की भी तैयारी कर रहे हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/new-expressway-to-be-built-in-haryana/">Haryana Expressways: हरियाणा में बनेगा नया एक्सप्रेसवे, इन शहरों की जल्द बदलेगी तस्वीर, जमीनों के रेट छूएंगे आसमान</a></p>
<h3>दोनों अंतरिक्ष यात्री कम से कम एक महीने और अंतरिक्ष में रहेंगे | <strong>Nasa News</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">नासा और स्पेसएक्स क्रू-10 को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में लॉन्च करने के लिए मार्च 2025 के अंत से पहले लक्ष्य बना रहे हैं। नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग, सुनी विलियम्स, बुच विल्मोर और रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोबुर्नोव के साथ एजेंसी का स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन कक्षीय प्रयोगशाला में क्रू-10 के आगमन के बाद पृथ्वी पर लौट आएगा। विलियम्स और विल्मोर पिछले साल जून से बोइंग के स्टारलाइनर की तकनीकी समस्याओं के कारण अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं जो उन्हें आईएसएस तक ले गया था। नासा की पिछली योजना इन्हें फरवरी में वापस लाने की थी। लेकिन क्रू-10 के नए प्रक्षेपण कार्यक्रम का मतलब है कि दोनों अंतरिक्ष यात्री कम से कम एक महीने और अंतरिक्ष में रहेंगे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>साहित्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/on-thursday-nasa-gave-good-news-for-the-passengers-trapped-in-space-know-more/article-66910</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 11:07:36 +0530</pubDate>
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