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                <title>Panchayats - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>अब पंचायत का हिसाब-किताब रखेंगे बीडीपीओ</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया ऐलान पहले ग्राम सचिव के पास थी जिम्मेवारी | Manohar Lal यमुनानगर (सच कहूँ/लाजपत राय)। मुख्यमंत्री (Manohar Lal) ने जनसंवाद कार्यक्रम में यह ऐलान किया कि भविष्य में पंचायतों का हिसाब-किताब खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को रखना होगा, जबकि इससे पहले ग्राम सचिव देखता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/cm-manohar-lal-announced-that-the-accounts-of-panchayats-will-have-to-be-kept-by-block-development-and-panchayat-officer/article-51142"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/yamuna-nagar-news.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया ऐलान</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>पहले ग्राम सचिव के पास थी जिम्मेवारी | Manohar Lal</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>यमुनानगर (सच कहूँ/लाजपत राय)।</strong> मुख्यमंत्री (Manohar Lal) ने जनसंवाद कार्यक्रम में यह ऐलान किया कि भविष्य में पंचायतों का हिसाब-किताब खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को रखना होगा, जबकि इससे पहले ग्राम सचिव देखता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पंचायतों की कार्य प्रणाली को पारदर्शी बनाया है, इसलिए ग्राम सचिव के साथ-साथ बीडीपीओ के पास पंचायत का लेखा जोखा होना जरूरी है। अहम पहलु यह है कि उनके पास खुद प्रदेश की 6500 पंचायतों का लेखा जोखा हर समय रहता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मौके पर बनी बुजुर्गों की पेंशन और पात्रों के बीपीएल कार्ड</h3>
<p style="text-align:justify;">जनसवांद कार्यक्रम उन लोगों के लिए आशा की किरण लेकर आया जो वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना में नाम शामिल करवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटकर परेशान हो गए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार एक विशेष काउंटर लगाया गया, जहां पर सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहते हैं और परिवार पहचान पत्र के डाटा से मिलान कर मौके पर ही वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना में नाम शामिल होने का प्रमाण पत्र बनाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद मुख्यमंत्री अपने हाथों से लाभार्थी को देते हैं। आज भी बकाना गांव के माया राम सैनी, नसीबो देवी, मांगा राम व अंजु बाला को मौके पर ही बनाए गए प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए। साथ ही मुख्यमंत्री ने पृथ्वी सिंह, प्रितो, प्रेमचंद, शिकला और शक्ति का बीपीएल राशन कार्ड बनवाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम दिव्यांगजनों को ट्राईसाईकिल व कान की मशीनें वितरित की।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रादौर विधानसभा की सड़कों पर खर्च होंगे 25 करोड़ | Manohar Lal</h3>
<p style="text-align:justify;">सीएम ने गांव बकाना के लोगों को ग्राम सचिवालय, लाईब्रेरी, महात्मा गांधी बस्ती में टयूब्वैल, बिजली की तारों को ठीक करने, बकाना से पलाका तक 5 किलोमीटर सड़क का निर्माण व रिपेयर करने के लिए 65 लाख रुपए खर्च करने की घोषणा की। इसके अलावा रादौर विधानसभा क्षेत्र की 25 करोड़ रुपए की लागत से सड़कों का निर्माण करने की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की तरफ से गांव बकाना को हर साल 60 लाख रुपए का बजट विकास कार्यों के लिए दिया जाएगा। इस अवसर पर सांसद नायब सैनी, पूर्व मंत्री कर्णदेव काम्बोज भी उपस्थित थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="घेवर खाने से महिला समेत 10 बच्चे बीमार" href="http://10.0.0.122:1245/ten-children-including-woman-ill-after-eating-ghevar/">घेवर खाने से महिला समेत 10 बच्चे बीमार</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Aug 2023 21:50:13 +0530</pubDate>
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                <title>डिप्टी स्पीकर ने 11 पंचायतों को सौंपे एक-एक लाख के चेक</title>
                                    <description><![CDATA[सेनेटाइजेशन और स्वच्छता पर खर्च होगी राशि चंडीगढ़/सच कहूँ ब्यूरो। हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर रणबीर सिंह गंगवा ने सोमवार को हरियाणा सरकार की ओर से हिसार जिला के 11 गांवों की पंचायतों को सैनेटाइज करने व स्वच्छता अभियान के लिए एक-एक लाख रुपये की राशि के चेक सौंपे। उन्होंने आज हिसार जिला के गांव […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/deputy-speaker-handed-over-one-lakh-checks-to-11-panchayats/article-15642"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-05/deputy-speaker-handed-over-one-lakh-checks-to-11-panchayats.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">सेनेटाइजेशन और स्वच्छता पर खर्च होगी राशि</h3>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़/सच कहूँ ब्यूरो</strong>। हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर रणबीर सिंह गंगवा ने सोमवार को हरियाणा सरकार की ओर से हिसार जिला के 11 गांवों की पंचायतों को सैनेटाइज करने व स्वच्छता अभियान के लिए एक-एक लाख रुपये की राशि के चेक सौंपे। उन्होंने आज हिसार जिला के गांव बूरे, चारनौंद, चिड़ौद, मंगाली आकलान, मंगाली झारा, मंगाली मोहब्बत, मंगाली सुरतिया, रावतखेड़ा, गावड़, पनिहार चक व रावलवास खुर्द के सरंपचों को 1-1 लाख रुपये के चेक सौंपते हुए सभी सरपंचों से गांवों में कोरोना से बचने के लिए किए गए उपायों की जानकारी ली।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस बात का प्रचार किया जाना बहुत जरूरी है कि घर से बाहर निकलने के दौरान मुंह पर मास्क अवश्य लगाएं। हाथों को बार-बार धोएं तथा सामाजिक दूरी बनाकर रखें।</h6>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2020 18:32:58 +0530</pubDate>
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                <title>शुगर मिलों में होंगी किसान पंचायतें</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार की गलत नीतियों की वजह से हाल ही में बासमती धान की फसल में 900 से 1000 रुपए प्रति क्विंटल का घाटा किसानों को उठाना पड़ा। हजारों एकड़ भूमि जल भराव के चलते बिना बिजाई के खाली पड़ी है।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sugar-mills-will-have-kisan-panchayats/article-12579"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/sugar-mills-will-have-kisan.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">सरकार पर किसानों की अनेदखी का लगाया आरोप (Kisan Panchayats)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>रोहतक (सच कहूँ न्यूज)।</strong> किसान सभा ने गन्ने का रेट बढ़वाने व गन्ना उत्पादक किसानों की अन्य मांगों को लेकर शुगर मिलों में (Kisan Panchayats) किसान पंचायते लगाने का निर्णय लिया है। साथ ही सभा ने कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं हो जाती है, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसान सभा के जिला अध्यक्ष प्रीत सिंह ने बताया कि 21 जनवरी को भाली शुगर मिल व 25 जनवरी को महम शुगर मिल में किसान पंचायतों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेती किसानी सरकार की आर्थिक नीतियों से चौपट होने की कगार पर है।</p>
<h3>हजारों एकड़ भूमि जल भराव के चलते बिना बिजाई के खाली पड़ी है</h3>
<p style="text-align:justify;">सरकार की गलत नीतियों की वजह से हाल ही में बासमती धान की फसल में 900 से 1000 रुपए प्रति क्विंटल का घाटा किसानों को उठाना पड़ा। हजारों एकड़ भूमि जल भराव के चलते बिना बिजाई के खाली पड़ी है। किसान बिजाई न होने से इस फसल का घाटा उठाने को मजबूर है। प्रशासन भी अभी तक गिरदावरी न करवा लापरवाही कर रहा है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">सरकार से गन्ने का रेट बढ़ाकर 500 रुपये प्रति क्विंटल देने।</li>
<li style="text-align:justify;">गन्ने का भुगतान 14 दिन के अंदर किया जाने।</li>
<li style="text-align:justify;">शुगर मिलों में किसानों के ठहरने के लिए कमरे व बिस्तरों का प्रबंध करने।</li>
<li style="text-align:justify;">कंट्रोल रेट पर किसानों को चीनी देने की स्कीम पुन: शुरू करने।</li>
<li style="text-align:justify;">किसान रंगराजन कमेटी की सिफारिशों को हटाया जाए।</li>
<li style="text-align:justify;">एमएसपी पर गन्ने की खरीद करने, शुगर मिल में चल रहे भारी फर्जीवाड़े व भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच करने।</li>
<li style="text-align:justify;">शुगर मिलों की क्षमता व उनकी संख्या बढ़ाने की मांग की।</li>
</ul>
<p> </p>
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<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jan 2020 18:35:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंचायतों की सराहनीय पहल</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा की 700 से ज्यादा पंचायतों ने अपने गांवों से शराब के ठेके बंद करने की मांग की है। पहले भी इस राज्य में शराब पर प्रतिबंध के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चला था। पुरूषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी शराब के ठेके बंद करने के लिए प्रदर्शन तक किए थे। शराब सामाजिक, आर्थिक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/commendable-initiative-of-panchayats/article-12538"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/panchayats.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">हरियाणा की 700 से ज्यादा पंचायतों ने अपने गांवों से शराब के ठेके बंद करने की मांग की है। पहले भी इस राज्य में शराब पर प्रतिबंध के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चला था। पुरूषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी शराब के ठेके बंद करने के लिए प्रदर्शन तक किए थे। शराब सामाजिक, आर्थिक व शारीरिक तबाही की जड़ है। मामला अब यहां तक सीमित नहीं होना चाहिए कि शराब पर पाबंदी लगाने वाली पंचायतों के गांवों में शराब की बिक्री बंद हो बल्कि अब समय आ गया है कि सरकार को भी इस विषय में सोचना चाहिए। क्या सरकार पंचायतों की इस पहल से मार्गदर्शन पाकर प्रदेश में शराब पर पाबंदी लगाने संबंधी कदम उठाएगी? आम तौर पर सरकार द्वारा जारी जनहित की योजनाओं को लागू करने के लिए जनता से सहयोग की मांग की जाती है, जहां तक शराब का मामला है जब सैंकड़ों पंचायतें शराबबंदी की स्वंय पहल कर रही हैं तब सरकार को इन पंचायतों का हौसला बढ़ाने के साथ साथ बाकी पंचायतों को भी इस दिशा में आगे आने की अपील करनी चाहिए। गत वर्षों से पंजाब के संगरूर, पटियाला जिला सहित एक दर्जन के करीब जिलों ने शराब के ठेके हटाने के लिए प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन शराब के व्यापारी कोई न कोई चाल चल पंचायतों शराबबंदी के रास्ते में बाधा बन रहे हैं। बेहतर होगा यदि हरियाणा सरकार पंचायतों की इस पहल को शुभ समझकर राज्य में शराब के खिलाफ मुहिम चलाए। शराब बहुत बड़ी सामाजिक समस्या है लेकिन केंद्र से लेकर राज्य सरकारें इस समस्या पर दोहरा रवैया अपना रहीं हैं। सरकार नशे की रोकथाम के लिए सैकड़ों-करोड़ों रुपये खर्च करती है लेकिन विडंबना है कि सरकार शराब को नशा ही नहीं मान रही, तभी इसकी आम बिक्री के लिए ठेके दे रही है। फिर हद तब हो जाती है जब सरकार शराब से कमाई पर अपनी पीठ थपथपाती है, जोकि भारतीय धर्मों और संस्कृति के विरुद्ध है। गुजरात जैसे राज्य भी हैं जहां शराबबन्दी लागू करने के बावजूद तरक्की हुई है। बिहार जैसा गरीब राज्य भी शराबबन्दी के खिलाफ डटा हुआ है और वहां अपराधिक घटनाओं का ग्राफ भी नीचे आया है। पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों को भी शराब की कमाई का लालच त्याग छोड़कर जनता के हितों के लिए काम करना चाहिए।</h4>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/commendable-initiative-of-panchayats/article-12538</link>
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                <pubDate>Thu, 16 Jan 2020 20:37:10 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कानून का मखौल उड़ाती पंचायतें</title>
                                    <description><![CDATA[आजादी के बाद आशा बंधी थी कि वैधानिक प्रयासों से विवाह और जाति के कठोर बंधन में लचीलापन आएगा। पर राजनीतिक दलों ने जिस तरह जाति को सत्ता का साधन बना कर प्रयोग किया, उससे सरकारों की दशा और दिशा का निर्धारण होना शुरू हो गया। सत्ता में चाहे जो रहे, पर आज जाति से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/mockery-of-law-panchayats/article-10544"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-09/panchayats.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आजादी के बाद आशा बंधी थी कि वैधानिक प्रयासों से विवाह और जाति के कठोर बंधन में लचीलापन आएगा। पर राजनीतिक दलों ने जिस तरह जाति को सत्ता का साधन बना कर प्रयोग किया, उससे सरकारों की दशा और दिशा का निर्धारण होना शुरू हो गया। सत्ता में चाहे जो रहे, पर आज जाति से जुड़े सम्मान, प्रतिष्ठा और वोट की राजनीति उसे ऐसे सामाजिक मुद्दों के सामने घुटने टेकने को मजबूर करती रही है। पंचायतों के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सच यह है कि इन खाप पंचायतों ने बदलते समय के साथ अपनी संस्थात्मक भूमिका का निर्वहन ठीक से नहीं किया। खाप लोगों का समूह होता है. एक गोत्र या जाति के लोग मिलकर एक खाप-पंचायत बनाते हैं, जो पांच या उससे ज्यादा गांवों की होती है. इन्हें कानूनी मान्यता नहीं है. इसके बावजूद गांव में किसी तरह की घटना के बाद खाप कानून से ऊपर उठ कर फैसला करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">किसी भी जाति-बिरादरी की खाप पंचायत का उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाना होता है, पर आज ठीक इसके विपरीत हो रहा है। हरियाणा, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब में पिछले एक-दो वर्षों में खाप पंचायतों के फैसलों को लेकर दर्जनों विवाद जन्म ले चुके हैं। उदाहरण के तौर पर मुंह काला करना, गांव में निर्वस्त्र घुमाना, पीट-पीट कर मार डालना, खौलते तेल में हाथ डाल कर सत्य परीक्षण करने या फिर चुड़ैल बता कर मार डालना , ऐसा आर्थिक दंड लगाना जिसे भर पाना ही संभव न हो, सामाजिक बहिष्कार, जाति बाहर कर देना, गांव छोड़ने का हुक्म दे देना आदि।</p>
<p style="text-align:justify;">उसी प्रकार गत वर्ष जब देश में डिजिटल अभियान जोरों पर था, तभी राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक खाप ने महिलाओं के मोबाइल इस्तेमाल करने पर पाबंदी का फरमान जारी कर डाला। इस खाप ने लड़कियों के जींस पहनने पर भी रोक लगा दी। इस तरह के कई और उदाहरण दिए जा सकते हैं। ऐसे फैसले, जो न्याय के बजाय अन्याय कर बैठते हैं और गांव के अशिक्षित व सीधे-सादे लोग उसे ईश्वर की मर्जी मान कर चुप्पी साध लेते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">देश में ऐसे सैकड़ों मामले हैं और ऐसे अनेक परिवार हैं जो प्रेम विवाह, टोना करने के आरोप, किसी महिला के दूसरे व्यक्ति के साथ चले जाने, अवैध शराब बेचने या समाज के खिलाफ सूचना का अधिकार का उपयोग करने के कारण सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहे हैं। सामाजिक बहिष्कार होने से दंडित व्यक्ति और उसके परिवार से पूरे गांव और समाज में कोई भी व्यक्ति न बातचीत करता है और न ही उनसे किसी भी प्रकार का व्यवहार रखता है। बहिष्कृत परिवार को हेंडपंप से पानी लेने, तलाब में नहाने और निस्तार करने, सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने, दुकान से सामान खरीदने और अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेने से वंचित कर दिया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं सामाजित पंचायतें कभी कभी सामाजिक बहिष्कार हटाने के लिए भारी जुर्माना, अनाज, शारीरिक दंड और गांव छोड़ने जैसे फरमान जारी कर देती हंै। इस सामाजिक बहिष्कार के कारण विभिन्न स्थानों पर आत्महत्या, हत्या, प्रताड़ना और पलायन करने की घटनाएं भी होती हैं। हरियाणा में तो ऐसे प्रकरण अक्सर हो जाते हैं। पर जाति पंचायतों के मध्ययुगीन नियमों के चलते ऐसे मुद्दों पर विरोध और बहस दब कर रह जाती रही है। यहां तक कि वहां का प्रशासन तक खाप पंचायतों के निर्णयों के सामने बेबस दिखाई देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी टिप्पणी की थी कि एक लोकतांत्रिक देश में ऐसा कैसे संभव है कि कुछ लोग अपने को संविधान से ऊपर मान कर चलें। ऐसे समूहों का आचरण पूर्णतया असंवैधानिक है तथा साफ शब्दों में चेतावनी दी कि वे समाज के ठेकेदार न बनें तथा जाति, पंथ या धर्म कोई भी हो, अगर दो वयस्कों ने विवाह करने का निर्णय लिया है, तो कोई तीसरा पक्ष इसमें दखल नहीं दे सकता है। कई लोगों का मानना है कि पंच परमेश्वर होते हैं, यह बात कथा सम्राट प्रेमचंद के जमाने में जरूर सच रही होगी, लेकिन अब के 21 वीं सदी में नहीं। आज परमेश्वर है अपना संविधान। जिसके तहत देश के सभी नागरिक एक समान हैं। सच यह है कि जाति और गोत्र से जुड़े सामंती निर्णयों में खाप पंचायतें अकेली नहीं हैं, राजनीतिक दलों का भी उन्हें समर्थन प्राप्त है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज चर्चा भले वैश्वीकरण की हो रही है, पर सामाजिक सोच के दायरे सिंकुड़ रहे हैं। दरअसल, यह स्थिति हमारी संकुचित मानसिकता और झूठी शान का ही नतीजा है। हम अपने ही आसपास के लोगों को एक दोयम दर्जे की जिंदगी बसर करने को विवश करते हैं और फिर भी खुद को सभ्य और साक्षर नागरिक की श्रेणी में गिनते हैं। इससे हमारी सामाजिक प्रगति और एक लोकतांत्रिक और सभ्य देश होने के हमारे दावे पर सवालिया निशान लगता है। संविधान का अनुच्छेद 21 देश के हर व्यक्ति को शांतिपूर्वक और सम्मान से जीने का अधिकार देता है। इस सच को सामने रखते हुए वर्तमान समाज के ढांचे का मूल्याकंन करना समय की मांग है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज समाज की यही तस्वीर हमें ‘भारत’ और ‘इंडिया’ में फर्क करने को बाध्य करती है। ऐसे में समरसता का और समावेशी संस्कृति का विकास कैसे संभव है? इस तरह, हम सभ्य समाज का निर्माण कैसे कर पाएंगे? सोचिए जहां मानवाधिकारों का हनन इतने व्यापक स्तर पर हो, वहां समाज की तस्वीर कैसी होगी? आज जबकि हमारे देश की न्यायपालिका इतनी सजग है, सतर्क है और बेखौफ फैसले देने के लिए जन-सामान्य में सम्मान की नजर से देखी जा रही है, तब भी एक तीखा सच अभिशाप की तरह हमारे माथे पर चस्पां है कि न्याय गरीब-साधनहीन तबके से कोसों दूर है। ऐसे में वे पंचायतों की शरण लेते है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे समय में जब हमारी विकास दर ऊंची है और जल्दी ही हम एक महाशक्ति बन जाने का दम भरते हैं, हमारे देश में सामाजिक बहिष्कार जैसी प्रथा का जारी रहना एक कलंक ही कहा जाएगा। ऐसी स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हमारी छवि को नुकसान पहुंचाती है। इसलिए सरकारी एजेंसियों को भी ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखानी होगी। पुलिस विभाग की यह जवाबदेही बनती है कि वह कमजोर समूहों के उत्पीड़न की शिकायतों को गंभीरता से ले और फौरन कार्रवाई करे। जरूरत इस बात की भी है कि सरकारें पंचायतों की निगरानी करें, उनके फैसलों की समीक्षा करें।<br />
<strong><em>रीतेन्द्र कंवर शेखावत</em></strong></p>
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                <pubDate>Sun, 29 Sep 2019 21:18:31 +0530</pubDate>
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                <title>रिकार्ड न दिखाने वाली पंचायतों की खैर नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[अधिकारियों के खिलाफ भी होगी कानूनी कार्यवाही: उपायुक्त पंचायतें सप्ताह के भीतर चैक करवाएं विकास कार्यों का रिकार्ड चैकिंग टीमों को रिपोर्ट जल्दी तैयार करने के आदेश फाजिल्का (नारायण)। रूरल मिशन अधीन जिला में करवाए गए विकास कार्यों की समीक्षा करने संबंधी जिला लघु परिसर के मीटिंग हाल में उपायुक्त ईशा कालिया की अध्यक्षयता में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/action-against-panchayats-to-not-showing-record/article-983"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/07fzk03.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">अधिकारियों के खिलाफ भी होगी कानूनी कार्यवाही: उपायुक्त</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>पंचायतें सप्ताह के भीतर चैक करवाएं विकास कार्यों का रिकार्ड </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>चैकिंग टीमों को रिपोर्ट जल्दी तैयार करने के आदेश </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>फाजिल्का (नारायण)।</strong> रूरल मिशन अधीन जिला में करवाए गए विकास कार्यों की समीक्षा करने संबंधी जिला लघु परिसर के मीटिंग हाल में उपायुक्त ईशा कालिया की अध्यक्षयता में मीटिंग हुई। इस मौके उन्होंने संबंधित गांवों की पंचायतें, पंचायत सैक्ट्री, विभिन्न ब्लॉकों के बीडीपीओ और विभिन्न एजेंसियों के साथ जिले में किए गए रूलल मिशन अधीन हुए कार्यों का रिव्यू किया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क़्वालिटी की भी होगी जांच</h3>
<p style="text-align:justify;">उपायुक्त ने सख्त आदेश जारी करते हुए कहा कि विकास कार्यों का अभी तक रिकार्ड न दिखाने वाली पंचायतों को एक हफ्ते के अंदर -अंदर रिकार्ड चैक करवाएं और विकास कार्यो की जांच कर रही टीमों को इस की रिपोर्ट जल्दी तैयार करने के आदेश दिए। उन्होंने जांच कर रही टीमों को यह भी आदेश दिए कि चैकिंग दौरान यह भी यकीनी बनाया जाए कि जिस काम के लिए अनुदान प्राप्त हुई है उसी कार्य के लिए इस्तेमाल की गई हो। यह भी यकीनी बनाया जाए कि हुए विकास कार्यों की क्वालिटी अच्छी हो।</p>
<h3 style="text-align:justify;">400 विकास कार्यों की जांच पूरी</h3>
<p style="text-align:justify;">बैठक दौरान उपायुक्त ने फाजिल्का, जलालाबाद, अरनीवाला व अबोहर ब्लाक अधीन पड़ते गांवों में रूरल मिशन अधीन हुए ििवकास कार्यों का रिकार्ड जांच कर रही टीमों को सप्ताह के भीतर चैक करवाने की हिदायत की। उन्होंने बताया कि जिला में रूरल मिशन अधीन विभिन्न गांवों में हुए 2226 विकास कार्यों की अलग -अलग टीमों द्वारा जांच की जा रही है। अब तक ब्लाकों के लगभग 400 कार्यों के रिकार्ड की पड़ताल की जा चुकी है, जोकि जांच टीमों अनुसार सही पाई गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">देरी बर्दास्त नहीं होगी</h3>
<p style="text-align:justify;">उपायुक्त ने जिला विकास व पंचायत अधिकारी को हिदायत दी कि इस मिशन अधीन हुए बाकी कार्यो की रिपोर्ट पंचायतों से जल्दी मुकम्मल करवाई जाए। उनहोंने यह भी आदेश दिए कि जो पंचायतें संबंधित रिकार्ड को दिखाने से देरी कर रही हैं उन खिलाफ बनती कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाये। संबंधित पंचायत सैक्ट्री और ब्लाक विकास व पंचायत अधिकारी की पूरी जिम्मेदारी होगी कि वह अपने संबंधित पंचायतों का रिकार्ड इस हफ्ते के अंदर -अंदर पड़ताल करवाएं। उन्होंने कहा कि समय पर जांच करवाने में अस्मर्थ रहने वाले अधिकारियों खिलाफ भी बनती कानूनी कार्यवाही की जायेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jun 2017 07:08:37 +0530</pubDate>
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