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                <title>farmer news - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>farmer news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Vegetable Farming: अगस्त की बारिश और सब्जियों पर कीटों का खतरा, किसान इन उपायों से बचाएं फसल</title>
                                    <description><![CDATA[अगस्त की बारिश और बढ़ी नमी में टमाटर, मिर्च व बैंगन जैसी सब्जियों में माहू, सफेद मक्खी और थ्रिप्स का खतरा बढ़ सकता है। जानें फसल बचाने के प्रभावी उपाय।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/vegetable-farming-august-rains-and-danger-of-pests-on-vegetables/article-89405"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/vegetable-farming-august.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अगस्त माह में लगातार वर्षा और वातावरण में बढ़ी नमी सब्जी उत्पादक किसानों के लिए नई चुनौती खड़ी कर सकती है। टमाटर, मिर्च, बैंगन सहित कई सब्जी फसलों में इस मौसम के दौरान रस चूसने वाले कीटों की सक्रियता बढ़ने की संभावना रहती है। माहू, सफेद मक्खी और थ्रिप्स जैसे कीट पौधों की पत्तियों से रस चूसकर उनकी बढ़वार और उत्पादन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। Vegetable Farming</p>
<p style="text-align:justify;">कीटों का प्रकोप बढ़ने पर पत्तियों का रंग पीला पड़ सकता है, पौधों की वृद्धि रुक सकती है और फलियों या फलों की गुणवत्ता एवं उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए किसानों के लिए जरूरी है कि वे फसल में कीटों की पहचान शुरुआती अवस्था में ही करें और स्थिति के अनुसार उचित नियंत्रण उपाय अपनाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">किसानों को सप्ताह में कम से कम दो बार खेत का निरीक्षण करना चाहिए। पौधों की नई पत्तियों, कोमल भागों और पत्तियों की निचली सतह को विशेष रूप से देखना चाहिए। शुरुआत में ही कीटों की उपस्थिति का पता चल जाने पर कम लागत में नियंत्रण करना आसान हो जाता है। उड़ने वाले कीटों की निगरानी के लिए खेत में पीले और नीले चिपचिपे जाल लगाए जा सकते हैं। इनके माध्यम से कीटों की गतिविधि का अनुमान लगाने में सहायता मिलती है और समय रहते नियंत्रण की योजना बनाई जा सकती है। Vegetable Farming</p>
<h3 style="text-align:justify;">संक्रमित पत्तियों को खेत से हटाएं</h3>
<p style="text-align:justify;">जिन पत्तियों पर कीटों का अधिक प्रकोप दिखाई दे, उन्हें सावधानीपूर्वक तोड़कर खेत से बाहर नष्ट करना चाहिए। इससे संक्रमण को अन्य स्वस्थ पौधों तक फैलने से रोकने में मदद मिल सकती है। खेत में अनावश्यक रूप से अत्यधिक सिंचाई या ऐसी परिस्थितियां बनाने से भी बचना चाहिए, जिनसे लंबे समय तक अत्यधिक नमी बनी रहे। उचित जल निकास बनाए रखना भी सब्जी फसलों के लिए महत्वपूर्ण है।</p>
<p style="text-align:justify;">पौध संरक्षण में यथासंभव जैविक और समेकित उपायों को प्राथमिकता देना उपयोगी रहता है। खेत में मौजूद प्राकृतिक शत्रु कीटों और मित्र कीटों का संरक्षण किया जाना चाहिए, क्योंकि ये कई हानिकारक कीटों की संख्या नियंत्रित करने में प्राकृतिक भूमिका निभाते हैं। बिना आवश्यकता कीटनाशकों का छिड़काव करने से उत्पादन लागत बढ़ सकती है और लाभकारी कीटों को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए किसी भी रासायनिक दवा का उपयोग फसल की स्थिति और कीटों की संख्या को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए। Vegetable Farming</p>
<h3 style="text-align:justify;">कीटनाशक के प्रयोग में रखें सावधानी</h3>
<p style="text-align:justify;">यदि कीटों की संख्या आर्थिक क्षति स्तर तक पहुंचती है और रासायनिक नियंत्रण आवश्यक हो, तो केवल अनुशंसित कीटनाशक का ही प्रयोग करें। दवा की मात्रा और छिड़काव विधि के लिए उत्पाद के लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। छिड़काव सामान्यतः सुबह या शाम के समय करना अधिक उपयुक्त रहता है। वर्षा के तुरंत बाद दवा का छिड़काव करने से बचना चाहिए, क्योंकि बारिश होने पर दवा का प्रभाव कम हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कीट नियंत्रण के लिए लगातार एक ही रसायन का प्रयोग करने से कीटों में उस दवा के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार अलग-अलग प्रभावकारी समूहों की अनुशंसित दवाओं का उचित क्रम में उपयोग करना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों के लिए जरूरी पौध संरक्षण उपाय</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">सप्ताह में कम से कम दो बार फसल का निरीक्षण करें।</li>
<li style="text-align:justify;">पत्तियों और पौधों के कोमल हिस्सों पर कीटों की मौजूदगी जांचें।</li>
<li style="text-align:justify;">पीले और नीले चिपचिपे जाल लगाकर उड़ने वाले कीटों की निगरानी करें।</li>
<li style="text-align:justify;">अधिक संक्रमित पत्तियों को हटाकर सुरक्षित तरीके से नष्ट करें।</li>
<li style="text-align:justify;">प्राकृतिक शत्रु एवं मित्र कीटों को बचाने का प्रयास करें।</li>
<li style="text-align:justify;">आवश्यकता के अनुसार ही कीटनाशकों का प्रयोग करें।</li>
<li style="text-align:justify;">दवा की मात्रा और उपयोग की विधि के लिए लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करें।</li>
<li style="text-align:justify;">वर्षा के तुरंत बाद रासायनिक छिड़काव न करें।</li>
<li style="text-align:justify;">कीट नियंत्रण के लिए एक ही दवा का लगातार प्रयोग करने से बचें।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के अनुसार, अगस्त की नमी वाले मौसम में सब्जी फसलों की नियमित निगरानी ही बचाव का पहला कदम है। किसान यदि प्रारंभिक अवस्था में कीटों की पहचान कर लें और जैविक उपायों, निगरानी जाल तथा आवश्यकतानुसार अनुशंसित पौध संरक्षण उपायों को अपनाएं, तो फसल को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। Vegetable Farming</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/agriculture/vegetable-farming-august-rains-and-danger-of-pests-on-vegetables/article-89405</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 16:20:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आमरन अनशन का असर: दो घंटे में जागा बिजली विभाग, 10 दिन में कृषि कनेक्शन का लिखित आश्वासन</title>
                                    <description><![CDATA[टिब्बी कस्बे में छह माह से लंबित कृषि बिजली कनेक्शन की मांग को लेकर किसान विजय किलानिया बुधवार को विद्युत निगम कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/effect-of-amarnath-fast-woke-up-in-two-hours-electricity/article-88539"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/tibbi-news7.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>टिब्बी (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>Tibbi News: टिब्बी कस्बे में छह माह से लंबित कृषि बिजली कनेक्शन की मांग को लेकर किसान विजय किलानिया बुधवार को विद्युत निगम कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए। अनशन शुरू होने के करीब दो घंटे बाद ही बिजली विभाग हरकत में आया और अधिकारियों ने किसान से वार्ता कर दस दिन के भीतर कृषि कनेक्शन जारी करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद विजय किलानिया ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, टिब्बी के 11 जीजीआर रोही निवासी किसान विजय किलानिया का कृषि बिजली कनेक्शन पिछले छह माह से लंबित था। कई बार विभागीय अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद समाधान नहीं होने पर उन्होंने आमरण अनशन शुरू किया।</p>
<p style="text-align:justify;">अनशन पर बैठते ही विद्युत निगम के सहायक अभियंता दिनेश कुमार एवं कनिष्ठ अभियंता इरफान खान मौके पर पहुंचे और विजय किलानिया से वार्ता की। वार्ता के दौरान विभाग की ओर से दस दिन के भीतर कृषि कनेक्शन जारी करने का लिखित आश्वासन दिया गया, जिसके बाद अनशन समाप्त कर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">अनशन समाप्त होने के बाद विजय किलानिया ने कहा कि यदि विभाग ने तय समय सीमा के भीतर कृषि कनेक्शन जारी नहीं किया तो किसानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन और प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी। इस दौरान कुलवंत सुथार, नरसी बौद्ध, अटल बिहारी, शंकरलाल नायक, डॉ. सुखराज सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/tibbi-news7.jpg" alt="Tibbi News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 18:27:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों ने निकाली मोटरसाइकिल रैली, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार (फ्री ट्रेड) समझौते के विरोध में बुधवार को देश बचाओ मोर्चा के बैनर तले किसानों, मजदूरों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मोटरसाइकिल रैली निकाली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/farmers-took-out-a-motorcycle-rally-and-submitted-a-memorandum/article-88153"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/kurukshetra-news5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र (सच कहूँ ब्यूरो)। </strong>Kurukshetra News: भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार (फ्री ट्रेड) समझौते के विरोध में बुधवार को देश बचाओ मोर्चा के बैनर तले किसानों, मजदूरों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मोटरसाइकिल रैली निकाली। यह रैली विभिन्न मार्गों से होती हुई लघु सचिवालय पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड समझौता देश के किसानों, खेत मजदूरों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों और लघु उद्योगों के हितों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना था कि यदि यह समझौता लागू किया गया तो भारतीय कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और करोड़ों लोगों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ज्ञापन में केंद्र सरकार से मांग की गई कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए तथा किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी करती है तो देश बचाओ मोर्चा के नेतृत्व में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। मोटरसाइकिल रैली के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए फ्री ट्रेड समझौते का विरोध जताया और कहा कि देश के कृषि एवं ग्रामीण हितों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।</p>
<h4 style="text-align:justify;">देश बचाओ मोर्चे ने निकाली मोटरसाईकिल जागृति यात्रा</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>यमुनानगर (सच कहूँ/लाजपतराय)। </strong>Yamunanagar News: भारतीय किसान यूनियन चढूनी  द्वारा यमुनानगर में मोटरसाइकिल यात्रा निकाली गई। जिला यमुनानगर के किसान अपने-अपने ब्लॉक से एकत्रित होकर मोटरसाईकिलों से कैल कचरा प्लांट पर पहुंचे और वहां से जिले भर के किसान मोटरसाइकिल यात्रा लेकर शहर से गुजरे और डीसी कार्यालय पहुंचे और डीसी प्रीति के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर भाकियू नेता संजू गुदियाना ने सम्बोधित करते हुए कहा कि लंबे समय से किसान आंदोलन कर रहे हैं कि भारत सरकार अमेरिका के साथ जो समझौते बिना टैक्स के करने जा रही है उनको न करें।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/yamunanagar.jpg" alt="Yamunanagar News" width="1280" height="720"></img>
Yamunanagar News: डीसी प्रीति को मांगो का ज्ञापन देते देश बचाओ मोर्चा के सदस्य व मोटरसाईकिल यात्रा में भाग लेते किसान।

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">उन समझौतो के होने से भारत के किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होने कहा कि  भारत में केवल एक से दो एकड़ तक के किसान है, जो केवल जीवन के लिए खेती कर अपना गुजारा करते हैं। इस मौके पर युवा जिला अध्यक्ष संदीप टोपरा, डायरेक्टर मन्दीप रोड छप्पर, गुरवीर सिंह तलाकौर, विक्रांत ससोली, राज कुमार छछरौली, नैब सिंह बुढेडी, कृष्ण पाल, राजेश, जगतार प्रताप नगर, अनेज, किरण पाल, जसबिन्द,्र राजीव, जीत व सचिन मौजूद रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 18:56:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उचित मुआवजा नहीं, कंपनियों के हाथों नहीं होने देंगे जमीन को बर्बाद</title>
                                    <description><![CDATA[ भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की जिला  कार्यकारिणी की बैठक खरखौदा अनाज मंडी में जिला प्रधान बेदी दहिया की अध्यक्षता में हुई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/will-not-allow-land-to-be-ruined-by-companies-without/article-85293"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/kharkhoda-farmer-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>खरखौदा (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>Kharkhoda Farmer News: भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की जिला  कार्यकारिणी की बैठक खरखौदा अनाज मंडी में जिला प्रधान बेदी दहिया की अध्यक्षता में हुई। जिसका संचालन जिला संयोजक इंद्रजीत राणा ने किया। बैठक में मुख्य तौर पर प्रदेश सचिव वीरेंद्र खोखर, जिला महासचिव हँसबीर खरब, खरखौदा ब्लॉक प्रधान शक्ति दहिया, युवा जिला प्रधान प्रवीन दहिया, जिला सचिव बुधराम कोहाड़,</p>
<p style="text-align:justify;">जिला कोषाध्यक्ष बिजेंद्र दहिया, गोहाना ब्लॉक प्रधान राजबीर माजरा, गोहाना ब्लॉक महासचिव रामनिवास निजामपुर, गन्नौर ब्लॉक युवा प्रधान अंकित लाकड़ा, चुन्नी हलालपुर, रामकुंवार दहिया, जिला प्रचार मंत्री राज सिंह दहिया, वतन दहिया, रोहताश दहिया, जिला प्रवक्ता देशपाल दहिया, विकास राणा, रामकुंवार कुंडल, सुनील राणा आदि उपस्थित रहे। जिला संयोजक इंद्रजीत राणा ने कहा कि जिले की मीटिंग में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया है कि भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की जिला कमेटी हरियाणा सरकार द्वारा खेतों की मार्किट वैल्यू निकालने के लिए बनाई गई नई लॉटरी पॉलिसी का पूरी तरह विरोध करेगी और पीड़ित किसानों के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला प्रधान बेदी दहिया ने कहा कि बिजली की हाईटेंशन लाइन से पीड़ित किसानों ने कहा है कि यूनियन उनका सहयोग करे। इसलिए  जिले कार्यकारिणी की मीटिंग बुलाकर आंदोलन की रणनीति तैयार की गयी है। उन्होंने कहा कि एक तरफ हरियाणा सरकार पारदर्शिता एवम ईमानदारी के दावे करती है लेकिन दूसरी तरफ लॉटरी यानि जुए की व्यवस्था के माध्यम से किसानों की जमीन उचित मुआवजा दिए बगैर कम्पनियों के हाथों बर्बाद करवाना चाहती है। प्रदेश सचिव वीरेंद्र खोखर ने कहा कि अगले 1 सप्ताह के अंदर सभी जिलों की मीटिंग करके प्रदेशव्यापी धरने-प्रदर्शन का ऐलान किया जाएगा। जिसमें प्रदेशभर से हजारों किसान शामिल होगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/kharkhoda-farmer-news.jpg" alt="Kharkhoda Farmer News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 18:40:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जाखल के बैंकों में कैश की कमी से किसान और व्यापारी परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[जाखल क्षेत्र में सरकारी और निजी बैंकों में पिछले कई दिनों से कैश का गंभीर संकट बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/farmers-and-traders-troubled-by-lack-of-cash-in-jakhals/article-84778"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/jakhal-news2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)।</strong> Jakhal News: जाखल क्षेत्र में सरकारी और निजी बैंकों में पिछले कई दिनों से कैश का गंभीर संकट बना हुआ है। इसके कारण किसान, व्यापारी, मजदूर और आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">बैंक शाखाओं में कैश की कमी के चलते लोग अपनी आवश्यकतानुसार राशि नहीं निकाल पा रहे हैं। इससे उनकी रोजमर्रा की लेनदेन और व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। किसान नेता जग्गी महल ने बताया कि मंगलवार को वे जाखल स्थित भारतीय स्टेट बैंक से अपनी एक लाख रुपए की लिमिट निकलवाने गए थे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पर्याप्त कैश न मिलने से किसान परेशान</h4>
<p style="text-align:justify;">बैंक द्वारा उन्हें केवल 20 हजार रुपए ही दिए गए। महल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी कम राशि से किसान अपने खर्च कैसे पूरे करेंगे। किसानों को फसल के भुगतान से जुड़े लेनदेन निपटाने हैं, लेकिन पर्याप्त कैश न मिलने से वे परेशान हैं। उन्हें खेती से जुड़े भुगतान, मजदूरी, खाद-बीज और परिवहन जैसे जरूरी खर्चों के लिए कैश की आवश्यकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बैंक में कैश की कमी चल रही- मैनेजर</h4>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में जाखल भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर सरबजीत सिंह ने बताया कि बैंक में कैश की कमी चल रही है। उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों को लगातार स्थिति से अवगत कराया जा रहा है, लेकिन अभी तक पर्याप्त कैश उपलब्ध नहीं हो पाया है। मैनेजर सिंह के अनुसार, सीमित कैश आने के कारण सभी ग्राहकों को पूरी राशि देना संभव नहीं हो पा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छोटी राशि निकालने वाले किसी भी उपभोक्ता को परेशानी नहीं आने दी जा रही है। क्षेत्र के किसान और व्यापारी सरकार और बैंक प्रशासन से जल्द से जल्द बैंकों में पर्याप्त कैश उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि आर्थिक गतिविधियां सुचारु रूप से चल सकें।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/jakhal-news2.jpg" alt="Jakhal News" width="1280" height="720"></img>
Jakhal News: जाखल बैंक में कैश न मिलने पर अपनी समस्या बताते हुए किसान नेता जग्गी महल
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 20:42:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Yogi Sarkar: यूपी में ड्रिप इरीगेशन का बड़ा विस्तार, 73 हजार हेक्टेयर में लगी तकनीक: योगी आदित्यनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[ योगी सरकार में किसानों का हित प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए पिछले 9 वर्षों से लगातार कोशिशें जारी हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/big-expansion-of-drip-irrigation-in-up-technology-installed-in/article-83961"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/yogi-adityanath2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी)। </strong>Lucknow News: योगी सरकार में किसानों का हित प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए पिछले 9 वर्षों से लगातार कोशिशें जारी हैं। अलग-अलग तकनीकी को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाई जा रही है। इसी क्रम में गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विकास विभाग ने ड्रिप इरीगेशन (बूंद-बूंद सिंचाई) को बढ़ावा दिया है। यह तरीका अपनाने वाले किसानों को गन्ना उत्पादन में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी मिली है। </p>
<p style="text-align:justify;">गन्ना विभाग के मुताबिक, पिछले 9 वर्षों में 73,078 हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल में ड्रिप इरीगेशन संयंत्र की स्थापना की जा चुकी है। जो किसान इसका उपयोग कर रहे हैं, वहां उत्पादन 25 प्रतिशत बढ़ा है। ड्रिप इरीगेशन में बूंद-बूंद पानी सिंचाई के लिए उपयोग होता है। </p>
<p style="text-align:justify;">इससे 50 प्रतिशत तक जल की बचत भी हो रही है। करीब इतनी ही उर्वरकों की भी बचत हो रही है, क्योंकि इनको पानी में मिलाकर ही पौध तक आसानी से पहुंचा दिया जाता है। पानी और उर्वरकों की बर्बादी कम होने के साथ ही किसानों पर इसके खर्च का बोझ भी कम हुआ है। यह उनकी आय में वृद्धि की प्रमुख वजह भी बन रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">गन्ना विभाग के मुताबिक ड्रिप इरीगेशन के जरिए क्षारयुक्त और कम बारिश वाले क्षेत्रों में भी गन्ने की खेती संभव हो पाई है। पिछले कई वर्षों में ड्रिप इरीगेशन के फायदे देखकर इसे अपनाने वाले किसानों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">गन्ना विभाग के मुताबिक वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश में मात्र 37 चीनी मिलों में एथनॉल प्लांट थे। इनकी क्षमता लगभग 88 करोड़ लीटर वार्षिक थी लेकिन उत्पादन महज 42 करोड़ लीटर था। वहीं वर्तमान में 53 चीनी मिलों की एथनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाकर करीब 258 करोड़ लीटर वार्षिक हो चुका है। शुगर सेक्टर की एथनॉल उत्पादन बढ़कर 137 करोड़ लीटर तक पहुंच गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-04/yogi-adityanath2.jpg" alt="Yogi Adityanath" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/big-expansion-of-drip-irrigation-in-up-technology-installed-in/article-83961</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 16:58:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CM Yogi Adityanath: बारिश से परेशान किसानों के लिए मुख्यमंत्री योगी ने दिए मुआवजे के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ (एजेंसी)। UP Farmer News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई जनपदों में बुधवार को हुई बारिश से परेशान किसानों का हाल जाना। उन्होंने असमय बारिश के कारण किसानों को होने वाली परेशानी के बारे में जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। Lucknow News अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश देते हुए सीएम योगी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/chief-minister-yogi-orders-compensation-for-rain-affected-farmers/article-82962"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/yogi-adityanath.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> UP Farmer News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई जनपदों में बुधवार को हुई बारिश से परेशान किसानों का हाल जाना। उन्होंने असमय बारिश के कारण किसानों को होने वाली परेशानी के बारे में जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। Lucknow News</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश देते हुए सीएम योगी ने कहा कि मौसम की मार झेलने वाले किसानों को परेशानी न हो, किसान हित सरकार की प्राथमिकता है। किसानों की बर्बाद हुई फसल के नुकसान का आकलन कर संपूर्ण जानकारी एकत्र करें और उन्हें जल्द से जल्द राहत दिलाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">सीएम योगी ने निर्देश दिया कि राजस्व, कृषि विभाग व बीमा कंपनी फसल नुकसान का तत्काल संयुक्त सर्वे कराकर शासन को अवगत कराएं, जिससे किसानों को तत्काल मुआवजा दिलाया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सरकार हर आपदा-विपदा में प्रदेशवासियों के साथ निरंतर खड़ी है। विगत दिनों हुई बारिश से भी किसानों की फसल प्रभावित हुई थी, इससे नुकसान होने वाली फसल का मुआवजा दिलाया जा रहा है। बुधवार को होने वाली बारिश के कारण भी फसल को जो नुकसान हुआ है, उसका भी जल्द से जल्द आकलन करा लिया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के हित में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और सुनिश्चित करें कि किसानों को कोई परेशानी न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि फील्ड में रहकर वस्तुस्थिति का जायजा लें और प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराएं, जिससे किसानों को समय पर उचित सहायता मिल सके। Lucknow News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने प्रमुख सचिव (कृषि) व राहत आयुक्त से कहा कि फील्ड में कार्यरत अधिकारियों से सीधा संपर्क करें और समन्वय बनाएं। सभी सूचनाएं समय पर एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, जिससे राहत कार्य भी समय से हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि फसलों को हुई क्षति का आकलन प्राप्त होते ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। भुगतान व्यवस्था समयबद्ध ढंग से हो, ताकि मौसम की मार से प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Lahsun ki Kheti: हरियाणा में किसानों का लहसुन की खेती की ओर बढ़ा रूझान, मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर बढ़ा क्षेत्रफल " href="http://10.0.0.122:1245/farmers-in-haryana-are-increasingly-turning-to-garlic-cultivation/">Lahsun ki Kheti: हरियाणा में किसानों का लहसुन की खेती की ओर बढ़ा रूझान, मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर बढ़ा क्षेत्रफल </a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/chief-minister-yogi-orders-compensation-for-rain-affected-farmers/article-82962</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 15:22:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Farmer News: किसानों के कल्याण और समृद्धि के लिए समर्पित मोदी सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[भागीरथ चौधरी, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भारत सरकार जयपुर (सच कहूँ न्यूज़)। Farmer News: भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांवों की आत्मा किसान है। किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का आधार स्तंभ है। एक किसान परिवार में जन्म लेने और खेत-खलिहान में स्वयं […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/modi-government-dedicated-to-the-welfare-and-prosperity-of-farmers/article-82445"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/farmer-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">भागीरथ चौधरी, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भारत सरकार</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Farmer News: भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांवों की आत्मा किसान है। किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का आधार स्तंभ है। एक किसान परिवार में जन्म लेने और खेत-खलिहान में स्वयं श्रम करने के कारण मैं भलीभांति समझता हूं कि खेती केवल पेशा नहीं, बल्कि जीवन का दर्शन है। हल चलाने से लेकर निराई-गुड़ाई तक खेत के हर कार्य को अपने हाथों से करने का अनुभव मुझे किसानों की वास्तविक जरूरतों और चुनौतियों को समझने की दृष्टि देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज जब मुझे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला है, तो यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि किसानों के प्रति सेवा और उत्तरदायित्व का संकल्प है। पिछले लगभग 12 वर्षों में मोदी सरकार ने कृषि क्षेत्र को सशक्त, आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय लिए हैं। Farmer News</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार की नीतियों का मूल उद्देश्य किसान को बीज से बाजार तक सशक्त बनाना है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से करोड़ों किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जो आज उनके सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक बन चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों को सुरक्षा कवच दिया है। नीम कोटेड यूरिया ने उर्वरकों के उपयोग में पारदर्शिता और संतुलन लाया है। ई-नाम प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर की मंडियों को डिजिटल रूप से जोड़ा गया है, वहीं एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) योजना ने किसानों की सामूहिक शक्ति और सौदेबाजी क्षमता को मजबूत किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन प्रयासों का ही परिणाम है कि आज भारत कृषि उत्पादन में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। हमारे अन्नदाताओं के अथक परिश्रम, वैज्ञानिक खेती पद्धतियों और किसान-हितैषी नीतियों के चलते देश चावल उत्पादन में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है। वर्ष 2014 के बाद से देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। गेहूं, चावल, मक्का, सोयाबीन और मूंगफली जैसे प्रमुख फसलों में रिकॉर्ड उत्पादन इस बात का प्रमाण है कि भारतीय कृषि अब आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान समय में सरकार का विशेष फोकस फसल विविधीकरण (Crop Diversification) पर है। किसानों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण सुनिश्चित करने और कृषि को टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से तंबाकू तथा अधिक पानी की खपत वाली पारंपरिक फसलों के विकल्प विकसित किए जा रहे हैं। तंबाकू के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए किसानों को मिलेट्स, दलहन, तिलहन, बागवानी और पशुपालन जैसी गतिविधियों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह परिवर्तन पूरी तरह स्वैच्छिक और चरणबद्ध है, ताकि किसानों पर किसी प्रकार का आर्थिक दबाव न पड़े और उनकी आय के स्रोत भी विविध हों। Farmer News</p>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रकार हरित क्रांति से प्रभावित उन राज्यों में, जहां गेहूं और धान जैसी जल-गहन फसलें बड़े पैमाने पर उगाई जाती हैं, वहां प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना के अंतर्गत लगभग 10 प्रमुख राज्यों में वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में परिस्थितियां अनुकूल हैं, वहां कपास, दलहन, तिलहन और मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे जल का संतुलित उपयोग हो और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ विपक्षी नेताओं, जिनमें राहुल गांधी भी शामिल हैं, द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। यह कहा जा रहा है कि इससे भारतीय किसानों को नुकसान होगा। यह आरोप पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं। भारत सरकार किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में किसानों के हितों को सर्वोपरि रखती है। हर समझौते में यह सुनिश्चित किया जाता है कि भारतीय किसानों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता सुरक्षित रहे और घरेलू बाजार प्रभावित न हो। वास्तविकता यह है कि सरकार कृषि निर्यात को बढ़ाकर भारतीय किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजस्थान में भी आज किसानों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा है। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर किसानों के हित में योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही हैं। डबल इंजन सरकार का लाभ किसानों को सिंचाई, कृषि अवसंरचना, प्राकृतिक खेती और बाजार सुविधाओं के रूप में मिल रहा है। इससे राज्य के किसान नई तकनीकों और बेहतर अवसरों से जुड़ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मेरे लिए राजनीति कभी भी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का माध्यम नहीं रही। मैं हमेशा इसे सेवा का साधन मानता हूं। किसान, मजदूर, गरीब और वंचित वर्ग की समस्याओं का समाधान करना मेरी प्राथमिकता रही है और आगे भी रहेगा। आज भी जब अवसर मिलता है, मैं अपने गांव और खेतों में अवश्य जाता हूं। मेरा पहनावा और जीवनशैली उस मिट्टी से मेरे जुड़ाव का प्रतीक है, जिसने मुझे जीवन के मूल्यों से परिचित कराया।</p>
<p style="text-align:justify;">आज भारत आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—किसानों की आय बढ़ाना, कृषि को आधुनिक बनाना और भारत को वैश्विक कृषि शक्ति के रूप में स्थापित करना। आधुनिक तकनीक, मूल्य संवर्धन, बेहतर बाजार और नीति समर्थन के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाया जा रहा है।<br />
मुझे पूर्ण विश्वास है कि देश का किसान अपने परिश्रम, नवाचार और सरकार के सहयोग से आने वाले वर्षों में और अधिक समृद्ध होगा। जब हमारा अन्नदाता सशक्त होगा, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनेगा—यही हमारा संकल्प है, यही हमारी दिशा है। Farmer News</p>
<p style="text-align:justify;">(लेखक – भारत सरकार में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री है।)</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Rajasthan New Rail Line: सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल नेटवर्क को और सुदृढ़ करने के लिए रेल परियोजनाओं का निर्माण" href="http://10.0.0.122:1245/work-is-in-progress-at-various-stages-for-construction-of-new-railway-lines-in-bikaner-jaisalmer-and-barmer-area-in-rajasthan/">Rajasthan New Rail Line: सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल नेटवर्क को और सुदृढ़ करने के लिए रेल परियोजनाओं का निर्माण</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/modi-government-dedicated-to-the-welfare-and-prosperity-of-farmers/article-82445</link>
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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 16:01:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों के हक के लिए मरते दम तक संघर्ष करेंगे, उतार-चढ़ाव लेकर ही रहेंगे: बिजेंद्र सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेस-वे पर उतार-चढ़ाव की मांग को लेकर किसानों का धरना जारी 20 गांवों के किसानों की महापंचायत, भाकियू ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान मांगें नहीं मानी गईं तो दिल्ली जाने वाले मार्गों को बंद किया जायेगा: मांगेराम त्यागी यह मार्ग केवल एक गांव नहीं, बल्कि 20 से अधिक गांवों की जीवनरेखा उतार-चढ़ाव जरूरी: […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/farmers-protest-continues-demanding-de-escalation-of-the-delhi-meerut-expressway/article-79783"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/ghaziabad-10.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेस-वे पर उतार-चढ़ाव की मांग को लेकर किसानों का धरना जारी</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>20 गांवों के किसानों की महापंचायत, भाकियू ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान</li>
<li>मांगें नहीं मानी गईं तो दिल्ली जाने वाले मार्गों को बंद किया जायेगा: मांगेराम त्यागी</li>
<li>यह मार्ग केवल एक गांव नहीं, बल्कि 20 से अधिक गांवों की जीवनरेखा उतार-चढ़ाव जरूरी: कुलदीप त्यागी</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>गाजियाबाद (सच कहूँ/रविंद्र सिंह)।</strong> Ghaziabad News: दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेस-वे के पांचवें चरण में निर्माणाधीन तलहेटा गोल चक्कर पर रविवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेतृत्व में किसानों ने क्षेत्रीय समस्याओं और एक्सप्रेस-वे पर आवश्यक कट/उतार-चढ़ाव की मांग को लेकर धरना दिया। इस दौरान आसपास के 20 गांवों के किसान महापंचायत में जुटे और एक स्वर में मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।धरने का नेतृत्व भाकियू जिला अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने किया।</p>
<p style="text-align:justify;">धरने की अध्यक्षता मांगेराम त्यागी (पलोता) ने की, जबकि संचालन कुलदीप त्यागी (तलहेटा), उपाध्यक्ष मेरठ मंडल और ज्ञानेश्वर त्यागी, युवा जिला अध्यक्ष हापुड़ ने किया। किसानों ने स्पष्ट किया कि एक्सप्रेस-वे पर उतार-चढ़ाव न होने से ग्रामीणों की आवाजाही, खेती-बाड़ी और आपात सेवाओं पर गंभीर असर पड़ रहा है। गाजियाबाद के भाकियू जिला अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि यह लड़ाई अब निर्णायक चरण में है। उन्होंने कहा कि यह 20 गांवों की साझा समस्या है। किसानों के हक के लिए हम आखिरी दम तक संघर्ष करेंगे और उतार-चढ़ाव लेकर ही रहेंगे। महापंचायत को संबोधित करते हुए, त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी मांगेराम त्यागी (कुतुबपुर) ने आंदोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो दिल्ली जाने वाले मार्गों को बंद करने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं भारतीय किसान आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप त्यागी (खासपुर जीबी) ने कहा कि यह मार्ग केवल एक गांव नहीं, बल्कि करीब 20 से अधिक गांवों की जीवनरेखा है, इसलिए यहां उतार-चढ़ाव अनिवार्य है। धरने में भाकियू के राष्ट्रीय सचिव ओमपाल सिंह, जिला प्रभारी जयकुमार मलिक, जिला सचिव वेदपाल मुखिया, प्रदेश उपाध्यक्ष राम अवतार त्यागी,रामकुमार चौधरी, गाजियाबाद के जिला उपाध्यक्ष यशवीर सिंह, महेश यादव ,युवा जिला अध्यक्ष छोटे चौधरी, विनीत चौधरी, युवा व तहसील स्तर के पदाधिकारी, ग्राम प्रधान, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। Ghaziabad News</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/farmers-protest-continues-demanding-de-escalation-of-the-delhi-meerut-expressway/article-79783</link>
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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 14:43:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसान अभी भी कर सकते हैं पछेती किस्म की गेहूँ की बुवाई</title>
                                    <description><![CDATA[कुरुक्षेत्र (सच कहूँ/देवीलाल बारना)। Farmer News: यदि किसान अभी भी गेहूँ की बिजाई किए बिना रहते हैं, ऐसे किसानों के लिए अभी भी पछेती गेहूँ बिजाई का समय बचा हुआ है। ऐसे में किसान आलू व मटर की फसल के बाद भी गेहूँ का उत्पादन कर सकते हैं। इसको लेकर कृषि विशेषज्ञ ने विशेष जानकारी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/farmers-can-still-sow-wheat/article-79119"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/kurukshetra-nerws.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र (सच कहूँ/देवीलाल बारना)।</strong> Farmer News: यदि किसान अभी भी गेहूँ की बिजाई किए बिना रहते हैं, ऐसे किसानों के लिए अभी भी पछेती गेहूँ बिजाई का समय बचा हुआ है। ऐसे में किसान आलू व मटर की फसल के बाद भी गेहूँ का उत्पादन कर सकते हैं। इसको लेकर कृषि विशेषज्ञ ने विशेष जानकारी दी है। दैनिक सच कहूँ से विशेष बातचीत में कृषि विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. सरिता ने कहा कि अभी पछेती किस्मों की बिजाई की जा सकती है। पछेती किस्मों के लिए 26 नवंबर से 25 दिसंबर तक का समय बिजाई के लिए उचित है। डा. सरिता रानी के अनुसार डब्ल्यू एच 201, डब्ल्यू एच 1124, एच डी 3059, एचडी 3298, डीबीडब्ल्यू 173, पीबीडब्ल्यू 771 वैरायटी पछेती किस्में हैं, इनमें से किसान अपने खेतों में बुआई कर सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">उर्वरक ड्रिल से करें बिजाई : डा. सरिता</h3>
<p style="text-align:justify;">कृषि विशेषज्ञ डा. सरिता रानी ने कहा कि पछेती गेहूँ की बिजाई उर्वरक ड्रिल मशीन से करें। इस समय में 25 प्रतिशत ज्यादा बीज यानि 50 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ डालें। यदि छिड़काव विधि से बुआई करते हैं तो 55 से 60 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ के हिसाब से बुआई करें। अधिक जमाव व उत्पादन के लिए बीज को 12 घंटे पानी में भिगोएं। भिगोने वाले बर्तन में पानी का स्तर बीज से दो सैंटीमीटर ऊपर रखना चाहिए। Farmer News</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद दो घंटे छाया में बीज को सुखाएं व फफूंदनाशक व जैविक खाद से उपचारित कर बीज की बुआई करें। पछेती गेहूँ की फसल में नाईट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश की मात्रा 48:24:12 के अनुपात में रखें। प्रति एकड़ 50 किलोग्राम डीएपी, 85 किलोग्राम यूरिया व 20 किलोग्राम म्यूरेट आॅफ पोटाश गेहूँ में डालें। इससे ज्यादा खाद न खेत में न डालें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसान अंधाधुध कीटनाशकों का प्रयोग न करें: डा. सहारण</h3>
<p style="text-align:justify;">केवीके के मुख्य कृषि वैज्ञानिक डा. बलजीत सहारण ने जानकारी देते हुए कहा कि किसान कई बार पछेती धान को ज्याद ग्रोथ के चक्कर में ज्यादा ही कीटनाशकों का प्रयोग करते हैं। किसानों को ऐसा नही करना चाहिए बल्कि विशेषज्ञों से सलाह के अनुसार की कीटनाशकों का प्रयोग करें। उन्होेंने कहा कि पछेती गेहूँ फसल में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए बिजाई के 30-35 दिन बाद मेटसल्फुरोन-इथाईल 40 प्रतिशत डीएफ का 20 ग्राम प्रति एकड़ 200-250 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें। मंडूसी व जंगली जई के लिए क्लोडिनोफोप 15 प्रतिशत घु.पा. 160 ग्राम प्रति एकड या सल्फोसल्फयूरान 75 प्रतिशत घु.पा. 13 ग्राम प्रति एकड़ व 500 मिलीलीटर पृषठ सक्रिय क्रमक चिपचिपा पदार्थ 5 प्रतिशत ई.सी. 400 मिलीलीटर मात्रा प्रति एकड़ 200 से 250 लीटर पानी में छिड़काव करें। Farmer News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="बीएसएफ ने अमृतसर में तस्कर को गिरफ्तार कर ड्रोन और हेरोइन बरामद किया" href="http://10.0.0.122:1245/bsf-arrested-smugglers-in-amritsar-seizes-drone-and-heroin/">बीएसएफ ने अमृतसर में तस्कर को गिरफ्तार कर ड्रोन और हेरोइन बरामद किया</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/farmers-can-still-sow-wheat/article-79119</link>
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                <pubDate>Fri, 12 Dec 2025 15:04:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Farmer News: रबी फसलों के लिए फॉस्फेटिक तथा पोटाश उर्वरक पर सब्सिडी दरों को मंत्रिमंडल की मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)। New Delhi: सरकार ने किसानों के लिए रियायती दरों पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के वास्ते रबी सीजन फसल 2025-26 के लिए फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी दरों को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cabinet-approves-subsidy-rates-on-phosphatic-and-potassic-fertilizers-for-rabi-crops/article-77450"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/new-delhi-16.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> New Delhi: सरकार ने किसानों के लिए रियायती दरों पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के वास्ते रबी सीजन फसल 2025-26 के लिए फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी दरों को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार ने रबी सीजन 2025-26 एक अक्टूबर से 31 मार्च 2026 तक के लिए फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी दरें तय करने के लिए उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि रबी फसलों के वास्ते उर्वरकों के लिए बजटीय अस्थायी प्रावधान करीब 37,952.29 करोड़ रुपए का होने का अनुमान है। सरकार ने इससे पहले खरीफ फसलों के लिए जो बजटीय आवश्यकता व्यक्त की यह उससे 736 करोड़ रुपए अधिक है। सरकार का मकसद इन घोषणाओं के जरिए किसानों को रियायती, किफायती और उचित मूल्य पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरकों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हालिया रुझानों को देखते हुए उर्वरकों पर सब्सिडी को तर्कसंगत बनाना है। New Delhi</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="8th Pay Commission: करोड़ों कर्मचारियों, पेंशनधारकों को मोदी सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी, आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी" href="http://10.0.0.122:1245/8th-pay-commission-news/">8th Pay Commission: करोड़ों कर्मचारियों, पेंशनधारकों को मोदी सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी, आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/cabinet-approves-subsidy-rates-on-phosphatic-and-potassic-fertilizers-for-rabi-crops/article-77450</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Oct 2025 17:21:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Farmer News: डीसी कार्यालय समक्ष धरना देने पहुंचे किसानों को पुलिस ने किया डिटेन</title>
                                    <description><![CDATA[संगरूर (गुरप्रीत सिंह/नरेश कुमार)। Sangrur News: पंजाब सरकार द्वारा बीती रात खनौरी व शंभू बॉर्डर पर किसानों के खिलाफ की कार्रवाई से रोष में आए सैंकड़ों किसानों ने जब डिप्टी कमिशनर संगरूर के कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की तो वहां मौजूद पुलिस ने उनको डिटेन कर लिया। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में बुजुर्ग […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/police-detained-the-farmers-who-came-to-protest-in-front-of-dc-office/article-68608"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/sangrur-news-5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर (गुरप्रीत सिंह/नरेश कुमार)।</strong> Sangrur News: पंजाब सरकार द्वारा बीती रात खनौरी व शंभू बॉर्डर पर किसानों के खिलाफ की कार्रवाई से रोष में आए सैंकड़ों किसानों ने जब डिप्टी कमिशनर संगरूर के कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की तो वहां मौजूद पुलिस ने उनको डिटेन कर लिया। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल थीं। वीरवार को भारतीय किसान यूनियन (आजाद) के सैंकड़ों कारकुन्न डिप्टी कमिशनर के कार्यालय के समक्ष धरना देने से पहले ही भारी तादाद में पुलिस पार्टी वहां मौजूद रही और पुलिस ने डीसी कॉम्पलैक्स रोड को दोनों तरफ से सील कर दिया था। Sangrur News</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान डिप्टी कमिशनर संगरूर के कार्यालय समक्ष पहुंच गए। कुछ ही मिनटों बाद पुलिस ने इन नेताओं को काबू कर लिया व सामने खड़ी पीआरटीसी की बसों में बैठा दिया। वहीं महिला पुलिस कर्मियों ने बड़ी संख्या में महिला प्रदर्शनकारियों को काबू किया। वहीं किसानों ने कहा कि केन्द्र सरकार पहले ही किसानों के खिलाफ है, लेकिन अब राज्य सरकार भी उसके नक्शे कदम पर चलने लगी है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को किसानों के खिलाफ यह कार्रवाई महंगी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि किसान हर हाल में अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने शांतिपूर्वक संघर्ष कर रहे किसानों पर अत्याचार किया है व उनको धोखे से बॉर्डरों से हटाकर हिरासत में ले लिया है। Sangrur News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Shambhu Border: पुलिस ने सड़क के दोनों तरफ से हटाए बैरीकेड्स" href="http://10.0.0.122:1245/police-removed-barricades-from-both-sides-of-the-road/">Shambhu Border: पुलिस ने सड़क के दोनों तरफ से हटाए बैरीकेड्स</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/police-detained-the-farmers-who-came-to-protest-in-front-of-dc-office/article-68608</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 20:45:03 +0530</pubDate>
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