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                <title>अर्पणा ने खोला बुटीक, दर्जनों महिलाओं को दिया रोजगार</title>
                                    <description><![CDATA[भूना (सच कहूँ न्यूज)। मेहनत और ईमानदारी के बल पर एक शिक्षित महिला अर्पणा पसरीजा ने फैशन बुटीक खोलकर दर्जनों बेरोजगार लोगों को जहां रोजगार दिया,वही शहर की सबसे बड़ी कुर्सी की चौधर संभालकर जनसेवक के रूप में विशेष पहचान बना ली है। हालांकि साधन संपन्न परिवार की इस बहु का बुटीक खोलने के पीछे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/arpana-opened-a-boutique-gave-employment-to-dozens-of-women/article-42418"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-01/arpana.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भूना (सच कहूँ न्यूज)।</strong> मेहनत और ईमानदारी के बल पर एक शिक्षित महिला अर्पणा पसरीजा ने फैशन बुटीक खोलकर दर्जनों बेरोजगार लोगों को जहां रोजगार दिया,वही शहर की सबसे बड़ी कुर्सी की चौधर संभालकर जनसेवक के रूप में विशेष पहचान बना ली है। हालांकि साधन संपन्न परिवार की इस बहु का बुटीक खोलने के पीछे धन-दौलत कमाने का उद्देश्य नहीं था, मगर अपने हुनर एवं कलात्मक ज्ञान को बांटने व जनसेवा तथा बेरोजगार लोगों को स्वरोजगार की दिशा और दशा बदलने के लिए जज्बा कायम रखा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए निष्ठा एवं मेहनत तथा ईमानदारी के बल पर फैशन बुटीक के काम ने बुलंदियों को छुआ। वही लगातार 13 वर्षों तक दर्जनों की संख्या में बेरोजगार महिलाओं को कपड़ों की सिलाई एवं डिजाइनिंग कटिंग का बेहतर ज्ञान देकर पैरों पर खड़ा किया। नगर पालिका भूना के आम चुनाव में 19 जून 2022 को मतदान हुआ और 25 जून को मतगणना में आए नतीजे के बाद बुटीक संचालिका अर्पणा पसरीजा रिकॉर्ड तोड़ जीत से नगर पालिका की चेयरपर्सन बन गई। उन्होंने अपना हुनर एवं कलात्मक ज्ञान बांटने और बेरोजगारों को स्वरोजगार की दिशा में लाने का भरसक प्रयास वैसे ही आगे बढ़ाया हुआ है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>2000 में कटिंग टेलरिंग ड्रेस डिजाइनिंग बुटीक कोर्स किया</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">पुराने बाजार में अर्पणा बुटीक की संचालिका अर्पणा पसरीजा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2000 में कटिंग टेलरिंग ड्रेस डिजाइनिंग बुटीक कोर्स करके हिसार में बुटीक का कार्य शुरू किया था। जहां उन्होंने फैशन की दुनिया में एक से बढ़कर एक लेडीज कपड़ों की सिलाई के लिए डिजाइनिंग कटिंग से अपनी प्रतिभा के बल पर पहचान बनाई। मगर हिसार में लगातार 9 वर्षों तक काम किया। परंतु 2009 में भूना निवासी मास्टर पंकज पसरीजा के साथ विवाह हो गया। लेकिन ससुरालजनों की अनुमति के कुछ दिनों के बाद उन्होंने अर्पणा बुटीक नाम से खोलकर कई अलग-अलग डिजाइन में कपड़ों की सिलाई से महिलाओं में अपना नाम कमाया।</p>
<p style="text-align:justify;">अर्पणा पसरीजा का धन दौलत कमाना उद्देश्य नहीं था। क्योंकि उनके सुसर पिता मास्टर हरीश पसरीजा, सास मां संतोष पसरीजा दोनों ही मुख्य शिक्षक रहे है और पति भी एक अध्यापक है। वही आर्थिक रूप से पूरी तरह संपन्न पसरीजा परिवार की बहु अर्पणा पसरीजा का उद्देश्य जन सरोकार से जुड़ा हुआ है। वह चेयरमैन बनने के बावजूद भी अपनी मेहनत की कमाई को छोड़ने की बजाए और कई पढ़ी-लिखी बेरोजगार महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>चेयरपर्सन की चौधर मिलने के बाद भी बुटीक पर कर रही है मेहनत की कमाई</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">नगर पालिका की चेयरपर्सन अर्पणा पसरीजा भले ही रिकॉर्ड तोड़ वोटों से जीत कर चौधर की कुर्सी पर बैठ गई हैं। मगर उनका मेहनत से कमाई करने का उद्देश्य आज भी कायम है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने चुनावों की घोषणा होते ही पहले दिन इलाका के प्रसिद्ध मंदिर बाबा राणाधीर की चौखट पर जाकर हाथ जोड़कर कसम खाई थी कि वह शहर का विकास के नाम पर आने वाली ग्रांड राशि में से कमीशन के रूप में एक भी पैसा नहीं खाएगी। अर्पणा ने शपथ लेने के बाद भी अर्पणा बुटीक पर कामकाज में फर्क नहीं आने दिया। जो प्रतिदिन एक दर्जन के करीब महिलाओं के डिजाइनिंग सूटों की सिलाई के लिए कटिंग चेयरपर्सन स्वयं करती आ रही है।</p>
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                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Jan 2023 11:13:36 +0530</pubDate>
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