<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/level/tag-2180" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>level - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/2180/rss</link>
                <description>level RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>लोकतंत्र सूचकांक में भारत का स्तर गिरना चिंताजनक: कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[एक सर्वेक्षण में भारतीय लोकतंत्र का सूचकांक गिरा है और यह पहला मौका है जब भारत इस सूचकांक में दस अंक नीचे उतरा है। सिंघवी ने कहा कि लोकतंत्र सूचकांक में भारत इस बार 41 नम्बर से घट कर 51 पर पहुंच गया है
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/indias-level-in-democracy-index-worrisome-congress/article-12696"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/congress-3.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">लोकतंत्र को मापने वाला सूचकांक 2006 में शुुरु हुआ था, भारत पहली बार निचले स्तर पर आया (Congress)</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>भारत इस बार 41 नम्बर से घट कर 51 पर पहुंच गया</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कांग्रेस ने कहा है कि भारतीय लोकतंत्र का पूरी दुनिया में सम्मान है लेकिन इसे मापने के मापदंडों की कसौटी पर भारत कमजोर साबित हुआ है जिसके कारण ताजा सूचकांक में हमारा लोकतंत्र पहली बार दस अंक गिरा है और यह चिंताजनक स्थिति है। (Congress) कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने वीरवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब लोकतांत्रिक सूचकांक में भारत का स्तर गिरता है तो हमारे महान लोकतांत्रिक देश के लोगों के लिए यह स्वाभाविकरूप से चिंता का विषय बन जाता है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">एक सर्वेक्षण में भारतीय लोकतंत्र का सूचकांक गिरा है</li>
<li style="text-align:justify;">यह पहला मौका है जब भारत इस सूचकांक में दस अंक नीचे उतरा है।</li>
<li style="text-align:justify;">सिंघवी ने कहा कि लोकतंत्र सूचकांक में भारत इस बार 41 नम्बर से घट कर 51 पर पहुंच गया है।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">भारत जैसे लोकतंत्र में यह गिरावट क्यों आयी</h3>
<p style="text-align:justify;">लोकतंत्र को मापने वाला यह सूचकांक 2006 में शुुरु हुआ था लेकिन भारत पहली बार इतने ज्यादा अंकों के साथ इतने निचले स्तर तक गिरा है। उनका कहना था कि यह सूचकांक भले ही लोकतंत्र के कुछ ही मापदंडों के आधार पर तैयार हुआ है लेकिन यह विचारणीय है कि भारत जैसे लोकतंत्र में यह गिरावट क्यों आयी।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">लोकतंत्र को कम करने वाले चार मापदंडों पर भी यदि विचार करें तो</li>
<li style="text-align:justify;">भारत का स्तर सचमुच में गिरता हुआ महसूस होता है।</li>
<li style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इसमें पहली कसौटी के तौर पर भय को लिया जा सकता है</li>
<li style="text-align:justify;">और शायद इस कसौटी पर देश के ज्यादातर लोगों का उत्तर हां ही होगा।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;"> देश में यह संस्कृति पहले कभी देखने को नहीं मिली (Congress)</h3>
<p style="text-align:justify;">देश में सच में भय का माहौल बढ़ा है जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। दूसरा असहिष्णुता है और इस मापदंड पर भी जितने उदाहरण देखने को मिल रहे हैं और उन पर भी हम खुद को कमजोर पाते हैं।प्रवक्ता ने इस क्रम में तीसरी कसौटी के रूप में द्वेष और प्रतिशोध को उदाहरण के तौर पर पेश किया और कहा कि द्वेष और प्रतिशोध का जो माहौल वर्तमान में यत्र तत्र देखने को मिल रहा है देश में यह संस्कृति पहले कभी देखने को नहीं मिली है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">चौथे मापदंड के रूप में सामाजिक तथा धार्मिक एकता को लिया जा सकता है</li>
<li style="text-align:justify;">और इस पर हमारा लोकतंत्र कमजोर ही महसूस होता है।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">भारत का लोकतंत्र दुनिया में सबसे बड़ा</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ब्रिटेन तथा अन्य कुछ मुल्कों के साम्राज्यवाद से करीब छह सात दशक पहले जो 30-40 देश आजाद हुए हैं उन सब में भारतीय लोकतंत्र अनोखा और विशिष्ठ है। हमारा लोकतंत्र दुनिया में सबसे बड़ा है और भारत जैसा लोकतंत्र आसपास के मुल्कों में कहीं भी नहीं है। लोकतंत्र के मापदंडों पर भारत की रैंकिंग कम होना देश के सभी लोगों को स्वाभाविक रूप से परेशान करने वाला है।</p>
<p> </p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi</a><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/"> News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/indias-level-in-democracy-index-worrisome-congress/article-12696</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/indias-level-in-democracy-index-worrisome-congress/article-12696</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Jan 2020 15:59:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-01/congress-3.jpg"                         length="18119"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेशी मुद्रा भंडार 15वें सप्ताह बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर</title>
                                    <description><![CDATA[इससे पहले 27 दिसंबर 2019 को समाप्त सप्ताह में यह 2.52 अरब डॉलर बढ़कर 457.47 अरब डॉलर रहा था। विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में 03 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान 3.01 अरब डॉलर की वृद्धि हुई और सप्ताहांत पर यह 427.95 अरब डॉलर पर रहा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/foreign-exchange-reserves-reached-record-level-for-15th-week/article-12430"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/reserves-reached-record-lev.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">इससे पहले 27 दिसंबर 2019 को समाप्त सप्ताह में यह 2.52 अरब डॉलर बढ़कर 457.47 अरब डॉलर रहा था। (Foreign exchange)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई (एजेंसी)।</strong> देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign exchange) लगातार 15वें सप्ताह बढ़ता हुआ 03 जनवरी को समाप्त सप्ताह में पहली बार 360 अरब डॉलर के पार पहुँच गया। रिजर्व बैंक द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, 03 जनवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 3.69 अरब डॉलर बढ़कर 461.16 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया। इससे पहले 27 दिसंबर 2019 को समाप्त सप्ताह में यह 2.52 अरब डॉलर बढ़कर 457.47 अरब डॉलर रहा था। विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में 03 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान 3.01 अरब डॉलर की वृद्धि हुई  और सप्ताहांत पर यह 427.95 अरब डॉलर पर रहा।  स्वर्ण भंडार भी 66.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 28.06 अरब डॉलर पर रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">आलोच्य सप्ताह के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 30 लाख डॉलर बढ़कर तीन अरब 70 करोड़ 30 लाख डॉलर पर और विशेष आहरण अधिकार 70 लाख डॉलर की वृद्धि के साथ एक अरब 44 करोड़ 70 लाख डॉलर पर रहा।</p>
<p> </p>
<p><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/foreign-exchange-reserves-reached-record-level-for-15th-week/article-12430</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/business/foreign-exchange-reserves-reached-record-level-for-15th-week/article-12430</guid>
                <pubDate>Sun, 12 Jan 2020 16:43:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-01/reserves-reached-record-lev.jpg"                         length="24115"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेशी मुद्रा भंडार साढ़े आठ महीने के निचले स्तर पर</title>
                                    <description><![CDATA[तीन लाख डॉलर घटकर 1.48 अरब डॉलर हो गया मुंबई (एजेंसी)।विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में एक अरब डॉलर से ज्यादा की गिरावट के कारण देश का विदेशी मुद्रा भंडार 27 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 95.09 करोड़ डॉलर घटकर साढ़े आठ माह के निचेल स्तर 404.19 अरब डॉलर पर आ गया। पिछले सात सप्ताह में से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/foreign-exchange-at-lower-level/article-5151"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/dollar.jpg" alt=""></a><br /><h3>तीन लाख डॉलर घटकर 1.48 अरब डॉलर हो गया</h3>
<p><img class="aligncenter" src="https://cdn.pixabay.com/photo/2014/11/25/08/08/financial-crisis-544944_960_720.jpg" alt="financial-crisis-544944_960_720.jpg"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई (एजेंसी)।</strong>विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में एक अरब डॉलर से ज्यादा की गिरावट के कारण देश का विदेशी मुद्रा भंडार 27 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 95.09 करोड़ डॉलर घटकर साढ़े आठ माह के निचेल स्तर 404.19 अरब डॉलर पर आ गया। पिछले सात सप्ताह में से छह में इसमें गिरावट रही है। इससे पहले 20 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 6.77 करोड़ डॉलर की बढ़त के साथ 405.14 अरब डॉलर पर रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसका इससे निचला स्तर 15 दिसंबर 2017 को समाप्त सप्ताह में 401.39 अरब डॉलर दर्ज किया गया था। रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आँकड़ों के अनुसार, 27 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 1.01 अरब डॉलर घटकर 379.04 अरब डॉलर रह गया। इसका भी यह 15 दिसंबर 2017 के बाद का निचला स्तर है। स्वर्ण भंडार 6.11 करोड़ डॉलर बढ़कर 21.20 अरब डॉलर पर पहुँच गया। आलोच्य सप्ताह में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि पाँच लाख डॉलर बढ़कर 2.47 अरब डॉलर पर और विशेष आहरण अधिकार तीन लाख डॉलर घटकर 1.48 अरब डॉलर हो गया।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/foreign-exchange-at-lower-level/article-5151</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/foreign-exchange-at-lower-level/article-5151</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Aug 2018 13:14:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/dollar.jpg"                         length="21077"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड में भूस्खलन, नदियों का जलस्तर बढ़ा, हाईवे बाधित</title>
                                    <description><![CDATA[स्कूलों में 12 वीं तक की छुट्टी कल ही घोषित हरादून (एजेंसी)। उत्तराखंड में पिछले तीन दिन से हो रही लगातार बारिश लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। देहरादून, हरिद्वार, रुड़की की सड़कें तालाब में जलमग्न होती जा रही हैं। वहीं, चारधाम यात्रा मार्ग भूस्खलन से बार-बार अवरुद्ध हो रहे हैं। गंगा के साथ […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/landslide-in-uttarakhand-water-level-increases-in-rivers/article-5032"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/barish.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">स्कूलों में 12 वीं तक की छुट्टी कल ही घोषित</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>हरादून (एजेंसी)। </strong>उत्तराखंड में पिछले तीन दिन से हो रही लगातार बारिश लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। देहरादून, हरिद्वार, रुड़की की सड़कें तालाब में जलमग्न होती जा रही हैं। वहीं, चारधाम यात्रा मार्ग भूस्खलन से बार-बार अवरुद्ध हो रहे हैं। गंगा के साथ ही अन्य नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। वहीं, देहरादून, उत्तरकाशी, हरिद्वार सहित अधिकांश जनपदों में स्कूलों में 12 वीं तक की छुट्टी कल ही घोषित कर दी गई थी।</p>
<h1 style="text-align:justify;">गोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग धरासू, बडेथी, ओंगी, थिरांग मार्ग अवरुद्ध</h1>
<p style="text-align:justify;">उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में लगातार बारिश के चारधाम यात्रा मार्ग की सड़कें भी भूस्खलन से दरक रही हैं। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री हाईवे भूस्खलन की वजह से बाधित है। लगातार हो रही बारिश से शहरों में कई स्थानों पर जलभराव की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। बद्रीनाथ हाइवे सुबह से लामबगड़ में बंद है। हेमकुंड यात्रा जारी है। वहीं, केदारनाथ हाईवे डोलिया देवी फाटा, तिलवाडा के समीप, रामपुर और चंडिकाधार में भूस्खलन से बंद है। उत्तरकाशी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग धरासू, बडेथी, ओंगी, थिरांग के पास मलबा आने से अवरुद्ध है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">नौगांव में पहाड़ी से पत्थर गिरने से पांच बाइक क्षतिग्रस्त</h2>
<p style="text-align:justify;">यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग डाबरकोट के पास 21 जुलाई की शाम से अवरुद्ध है। डाबरकोट में लगातार हल्के पत्थर गिरने के कारण मार्ग सुचारु करने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उत्तरकाशी के नौगांव में पहाड़ी से पत्थर गिरने से पांच बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। विकासनगर-बड़कोट राष्ट्रीय राजमार्ग खरसुन क्यारी के पास मलबा आने से अवरुद्ध हैं। वहीं, राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार दून सहित उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बारिश का दौर जारी रहेगा। रुड़की में लगातार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई कालोनियों में जबरदस्त जलभराव हुआ। इसकी वजह से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं शहर के प्रमुख मार्गो पर भी जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">गंगा व अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ा</h2>
<p style="text-align:justify;">लगातार बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। हरिद्वार में रात दस बजे गंगा का जलस्तर 291.90 पर था, जो शनिवार सुबह छह बजे बढ़कर 292.25 मीटर तक जा पहुंचा। हालांकि चेतावनी लेवल 293 और खतरे का निशान 294 मीटर है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंतुरा का कहना है जलस्तर पर नजर है। तहसील आपदा केंद्र और बाढ़ चौकियों के कर्मचारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं, उत्तरकाशी जनपद में भागीरथी नदी का जल स्तर 1121.50 मीटर पर पहुंच गया। खतरे का निशान 1123.00 मीटर पर है। यमुना नदी का जलस्तर 1058.490 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 1060.00 मीटर है।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/landslide-in-uttarakhand-water-level-increases-in-rivers/article-5032</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/landslide-in-uttarakhand-water-level-increases-in-rivers/article-5032</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Jul 2018 03:52:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-07/barish.jpg"                         length="74427"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>25 मीटर पाताल की ओर खिसका पानी</title>
                                    <description><![CDATA[तेजी से नीचे गिर रहा भू-जल स्तर, टयूबवैल के बोर भी देने लगे जवाब, धान रोपाई पर संकट मानसून की बरसात में ही छोड़ा जाता है पानी सच कहूँ/लाजपतराय/रादौर। किसानों के लिए वरदान साबित होने वाली पश्चिमी यमुनानहर लगभग 8 महीने से सूखी है। जिस कारण यह नहर अब किसानों के लिए अभिशाप बनकर रह […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/groundwater-level-falling-rapidly/article-4451"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/canal.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">तेजी से नीचे गिर रहा भू-जल स्तर, टयूबवैल के<br />
बोर भी देने लगे जवाब, धान रोपाई पर संकट</h1>
<ul>
<li><strong>मानसून की बरसात में ही छोड़ा जाता है पानी</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/लाजपतराय/रादौर।</strong> किसानों के लिए वरदान साबित होने वाली पश्चिमी यमुनानहर लगभग 8 महीने से सूखी है। जिस कारण यह नहर अब किसानों के लिए अभिशाप बनकर रह गई है। सुखी नहर के कारण खादर क्षेत्र के गांव का भू-जलस्तर तेजी से नीचे गिरते जा रहा है। गिरते जल स्तर के कारण बहुत से गांवों में किसानों के टयूबवैल के बोर ठप्प होते जा रहे हैं, जिसके चलते किसानों के लिए धान की रोपाई करना मुश्किल हो गया है।</p>
<h1 style="text-align:center;">8 माह से पश्चिमी यमुनानहर का सूखना भी बड़ी वजह</h1>
<p style="text-align:justify;">किसानों की जीवन रेखा कही जाने वाली पश्चिमी यमुनानहर के सुखी होने से रादौर क्षेत्र तेजी से डार्क जोन की ओर बढता जा रहा है। रादौर के साथ लगता लाडवा ब्लॉक पहले से ही सरकार डार्क जोन घोषित कर चुकी है। ऐसे में अब सूखी नहर के कारण जल स्तर अचानक 20 से 25 फुट नीचे चले जाने के कारण किसानों के लिए खेती करना मुश्किल हो गया है। जिसको लेकर किसानों ने सरकार व सिंचाई विभाग से पश्चिमी यमुनानहर में जल्द से जल्द पानी छोडे जाने की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">गांव खुर्दबन निवासी कर्मवीर खुर्दबन व धौलरा निवासी दलबीरसिंह ने बताया कि कई महीनों से पश्चिमी यमुनानहर सूखी पडृी है। नहर के सुखा होने का असर उनके टयूबवैल के पानी पर पड़ने लगा है। नहर के कारण पानी का जल स्तर बना रहता था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से नहरी विभाग ने पश्चिमी यमुनानहर में पानी छोड़ना बंद कर दिया है। मात्र मानसून के दौरान ही बारिश होने पर नहर में पानी छोड़ा जाता है।</p>
<h1 style="text-align:center;">इन गांवों में तेजी से खिसक रहा पानी</h1>
<p style="text-align:justify;">सूखी नहर के कारण गांव खुर्दबन, धौलरा, धनौरा रतनगढ, कांजनू, जुब्बल, दामला, खुर्दी सांगीपुर, घेसपुर, रादौर, भगवानगढ, भगवानपुर, पोटली, आदि गांव में जल स्तर तेजी से नीचे गया है। इसका असर उनकी खेती पर पडा है। जब तक पश्चिमी यमुनानहर में पानी रहा तब तक उनका जल स्तर नीचे नहीं गया और उनकी खेती भी ठीक हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन अब ऐसा नहीं है। नहर के सूखने का असर पूरे क्षेत्र के गांव में पड़ रहा है। इसके बावजूद नहरी विभाग नहर में पानी छोड़ने को लेकर गंभीर नहीं है। यदि समय रहते सरकार ने पश्चिमी यमुनानहर में पानी नहीं छोडा तो क्षेत्र को डार्क जोन में जाने से कोई नही रोक पाएगा जिसको लेकर किसानों ने सरकार व सिंचाई विभाग से पश्चिमी यमुनानहर में जल्द से जल्द पानी छोडेÞ जाने की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहंीं नहरी विभाग के एसडीओ राजेश कुमार यादव ने बताया कि पानी की कमी के कारण नहर में पानी नहीं छोडा जा सका है। बरसात होने पर नहर में पानी छोडा जाएगा। 30 जून को विभाग की ओर से नहर में पानी छोडे जाने की योजना है।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/groundwater-level-falling-rapidly/article-4451</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/groundwater-level-falling-rapidly/article-4451</guid>
                <pubDate>Sun, 24 Jun 2018 09:00:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/canal.jpg"                         length="74951"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फिटनेस का गिर रहा स्तर</title>
                                    <description><![CDATA[हम यह देख-सुन रहे हैं कि औसत आयु बढ़ रही है, स्वास्थ्य और पोषण के बारे में जानकारी भी बढ़ रही है, पर यह भी सच है कि आजकल के बच्चे अपने माता-पिता की तुलना में कम फिट हैं। गत वर्ष दुनिया के 28 देशों के आंकड़ों का अध्ययन कर विशेषज्ञ इस नतीजे पर पहुंचे […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/falling-level-of-fitness/article-995"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/fitness.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">हम यह देख-सुन रहे हैं कि औसत आयु बढ़ रही है, स्वास्थ्य और पोषण के बारे में जानकारी भी बढ़ रही है, पर यह भी सच है कि आजकल के बच्चे अपने माता-पिता की तुलना में कम फिट हैं। गत वर्ष दुनिया के 28 देशों के आंकड़ों का अध्ययन कर विशेषज्ञ इस नतीजे पर पहुंचे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले 50 वर्षों में ढाई करोड़ लोगों के फिटनेस-आंकड़ों की तुलना करने के बाद विशेषज्ञों का मानना था कि हर साल बच्चों में फिटनेस का स्तर पांच प्रतिशत गिर रहा है। एक मोटे अनुमान से आजकल के बच्चे एक मील दौड़ने में जितना वक्त लगाते हैं, उनके माता-पिता अपने बचपन में उससे औसतन 90 सेकेण्ड कम वक्त में एक मील दौड़ लेते थे, यानी अंदाजन बच्चों की रफ्तार में प्रति किलोमीटर एक मिनट बढ़ गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अध्ययन करने वाले लोगों का कहना है कि इसकी मुख्य वजह बच्चों में बढ़ता मोटापा है। ज्यादा खाना, फास्ट फूड का चलन और व्यायाम की कमी इस बात के लिए जिम्मेदार हैं। बचपन में फिटनेस की कमी वयस्क होने पर जीवन शैली की बीमारियां पैदा होने का खतरा बढ़ा देती है। फास्ट फूड जितना चटपटा और स्वादिष्ट होता है वह उतना पौष्टिक नहीं हो सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">उसका स्वादिष्ट होना ही सेहत के लिए उसके ठीक न होने का कारण है, क्योंकि उसे चटपटा बनाने के लिए उसमें नमक, चीनी और फैट जरूरत से ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल किए जाते हैं। इससे भी बड़ी समस्या व्यायाम की कमी है। जानकार बताते हैं कि व्यायाम का अर्थ जिम जाना या स्कूल की किसी खेल टीम का हिस्सा होना नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना है कि इस तरह के व्यायाम के मुकाबले बच्चे दौड़-भाग करें, खुले में खेलें और ज्यादा देर बैठे न रहें, तो बचपन के मोटापे से और फिटनेस की कमी से मुकाबला किया जा सकता है। एक तथ्य यह है कि इंसान की औसत लंबाई बढ़ रही है। उन्नीसवीं शताब्दी के मुकाबले इंसान की औसत लंबाई अब लगभग छह इंच ज्यादा है। उन्नीसवीं शताब्दी में साढ़े पांच फीट की लंबाई अच्छी-खासी मानी जाती थी।</p>
<p style="text-align:justify;">लंबाई के साथ औसत वजन भी बढ़ा है और खासकर बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध के बाद दुनिया के कई हिस्सों में समृद्धि के बढ़ने व फास्ट फूड उद्योग के पनपने की वजह से मोटापा बढ़ा है। इन सब वजहों से भी फिटनेस का असर हुआ है। परिवहन के साधनों की वजह से चलना और दौड़ना कम हो गया है। टेक्नोलॉजी ने वजन उठाने की जरूरत कम कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसीलिए मध्ययुग के साढ़े पांच फीट के लोग जिन हथियारों से लड़ सकते थे, उनमें से कई आज के साढ़े छह फीट के हट्टे-कट्टे लोग उठा नहीं पाते। इनमें से कुछ बातों का तो कोई उपाय नहीं है, पर बच्चों को घर में टीवी या वीडियो गेम से हटाकर खुले में खेलने भेजना तो मुमकिन है। पुराने जमाने के लोगों में फिटनेस का स्तर बेहतर था, लेकिन चिकित्सा सुविधाएं न होने से औसत उम्र कम थी।</p>
<p style="text-align:justify;">अब अगर कोई व्यक्ति अपनी दो तिहाई उम्र किसी लंबी बीमारी के साये में परहेज करते हुए और दवाएं खाते गुजारे, तो यह कितना कष्टप्रद होगा। आधुनिक विज्ञान ने बीमारियों के इलाज तो ढूंढ़े हैं, किन्तु फिटनेस के तरीके वही पुराने हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अब खुली जगह भी कम है, सड़कें भी सुरक्षित नहीं, इसलिए बच्चों के खेलने और दौड़ने के लिए खुली जगहें छोड़ना शहरी नियोजन में अनिवार्य किया जाना चाहिए। साथ ही स्कूलों के लिए बच्चों की फिटनेस पर ध्यान देना जरूरी किया जाना चाहिए। बच्चा जिंदगी की राह पर तंदुरुस्ती के साथ चल सके, इसलिए बचपन में उसे दौड़ने-कूदने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/falling-level-of-fitness/article-995</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/falling-level-of-fitness/article-995</guid>
                <pubDate>Wed, 07 Jun 2017 23:11:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/fitness.jpg"                         length="45625"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        