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                <title>Railway Department - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Railway Department RSS Feed</description>
                
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                <title>रेलवे में गंदगी का आलम</title>
                                    <description><![CDATA[ रेलवे का खाना नहीं रहा मनुष्य के खाने लायक एक तरह जहां राज्य सरकारें ‘सांझी रसोई’ में10 रूपए में सस्ता खाना मुहैया करवा रही हैं वहीं दूसरी तरफ रेलवे विभाग खराब खाने के मामले में चर्चित हो गया है। कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रेलवे का खाना मनुष्य के खाने के लायक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/dirt-atmosphere-in-railways/article-2554"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/dirty-train.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;"> रेलवे का खाना नहीं रहा मनुष्य के खाने लायक</h1>
<p style="text-align:justify;">एक तरह जहां राज्य सरकारें ‘सांझी रसोई’ में10 रूपए में सस्ता खाना मुहैया करवा रही हैं वहीं दूसरी तरफ रेलवे विभाग खराब खाने के मामले में चर्चित हो गया है। कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि<a href="http://10.0.0.122:1245/polluted-railway-food-cag/"> रेलवे का खाना मनुष्य के खाने के लायक नहीं रहा</a>। खाने में चूहों, काकरोच, व अन्य कीड़े-मकौड़ों का आना आम सी बात है। इसी तरह एक्सपायरी उत्पाद भी बेचे जा रहे हैं। मक्खियां, चीटिंया व धूल से बचाने के लिए खाने वाली वस्तुएं ढककर भी नहीं रखी जा रही। रेल सेवा भारत की जीवन रेखा है। रेल के माध्यम से करोड़ों लोग रोजाना यात्रा करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रोजाना सैकड़ों किलोमीटर यात्रा करने वाले लोगों के लिए रेल के भीतर व स्टेशनों पर उपलब्ध खाने पीने की वस्तुएं ही पेट भरने के लिए जरूरी होती है। हालांकि रेल विभाग द्वारा खाद्य वस्तुओं के रेट भी तय किए जाते हैं व लिखवाए भी जाते है लेकिन लालची ठेकेदार मनमर्जी के कई गुणा रेट वसूलते हैं। स्टेशनों पर गंदगी तो पहले ही बहुत ज्यादा है जो रेलवे मैनेजमेंट के लिए चुनौती बनी हुई है। गंदगी व सस्ता सफर होने के बावजूद लोग रेल में सफर करते है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ठेकेदारों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई</h2>
<p style="text-align:justify;">साफ सुथरा रेलवे स्टेशन केवल प्लेटफार्म के फर्श पर झाडू पोचे से नहीं बनता बल्कि आसपास फैली गंदगी खत्म करने व साफ सुथरा खाना मुहैया करवाना भी जरूरी है। खाने पीने की वस्तुओं की चैकिंग होना जरूरी है। नियमों की पालना न करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। यह कहना गलत नहीं होगा कि रेलवे में सफाई के लिए क्रांतिकारी कदम उठाने होंगे। रेल मंत्री सुरेश प्रभु आम यात्रियों की शिकायतें तुरंत हल करने में प्रसिद्ध है। उन्हें सफाई मामले की तरफ भी ध्यान देना होगा। देश के सभी नागरिक बराबर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रेल यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मैट्रो ट्रेन हमारे देश में ही बनी है व वहीं के स्टेशनों के प्रबंध व साफ-सफाई को पहली बार देखने वाले लोग सपना देखने की तरह महसूस करते है। ऐसे प्रबंध ही आम शहरों के रेलवे स्टेशनों पर होने चाहिए। यहां का खान-पान ऐसा ना हो कि यात्री अपने साथ बीमारियां लेकर घर जाएं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत की है। रेलवे विभाग भी इस मुहिम में अपना सहयोग दे।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Jul 2017 04:22:24 +0530</pubDate>
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                <title>रेलयात्रियों के लिए वरदान बनी वाटर वैंडिंग मशीनें</title>
                                    <description><![CDATA[राहत: ट्रायल के तौर पर लुधियाना स्टेशन पर लगाई गई छह मशीनें मशीनें मुहैया करवा रही हैं ठंडा व सस्ता पानी यात्रियों ने रेलवे स्टेशन पर मशीनें बढ़ाने की मांग की लुधियाना (रघबीर सिंह)। कहर की गर्मी में रेलवे स्टेशन पर साफ, ठंडा व सस्ते पानी के लिए जूझते यात्रियों के लिए रेलवे विभाग ने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/water-vending-machines-installed-at-railway-station/article-996"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/water.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">राहत: ट्रायल के तौर पर लुधियाना स्टेशन पर लगाई गई छह मशीनें</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>मशीनें मुहैया करवा रही हैं ठंडा व सस्ता पानी</strong></li>
<li><strong>यात्रियों ने रेलवे स्टेशन पर मशीनें बढ़ाने की मांग की</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>लुधियाना (रघबीर सिंह)।</strong> कहर की गर्मी में रेलवे स्टेशन पर साफ, ठंडा व सस्ते पानी के लिए जूझते यात्रियों के लिए रेलवे विभाग ने लुधियाना के स्टेशन पर लगाई गई वाटर वैंडिंग मशीनें वरदान साबित हो रही हैं। इनसे यात्री एटीएम की तर्ज पर सिक्के डालकर पानी लेते हैं। रेलवे की आईआरसीटीसी ने फौंटस नाम की कंपनी के साथ इकरार करके यह मशीनें लगाईं हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">छुटे नहीं तो कोई चिंता नहीं</h3>
<p style="text-align:justify;">हर मशीन में 110 लीटर की टंकी लगी हुई है, जिसमें से पानी मशीन के साथ लगे फिल्टर व वाटर कूलर से होकर ग्राहकों तक पहुंचता है। एक रुपए में ग्राहक को 300 मिलिलीटर यानि एक गिलास पानी, 3 रुपए में आधा लीटर, 5 रुपए में एक लीटर, 8 रुपए में 2 लीटर और 20 रुपए में 5 लीटर पानी मिलता है। खुले रूपए न होने पर ग्राहक मशीन पर तैनात कर्मचारियों से एक से पांच रुपए तक के सिक्के ले सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">यहां-यहां लगी मशीनें</h3>
<p style="text-align:justify;">लुधियाना रेलवे स्टेशन पर ट्रायल के तौर पर 6 मशीनें लगाई गई हैं, जहां से यात्री 5 रुपए में एक लीटर पानी खरीद रहे हैं। 6 मशीनों में से प्लेटफार्म एक पर 2, प्लेटफार्म 2 पर 2, प्लेटफार्म 4 पर 1 और प्लेटफार्म 6 पर एक मशीन लगाई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रेलवे का प्रशंसनीय कदम</h3>
<p style="text-align:justify;">मशीन पर पानी भरने आए यात्री हरिओम निवासी बस्ती यूपी, जसपाल अग्रवाल और शलिन्दर सिंह अमृतसर ने कहा कि स्टेशन पर स्वच्छ पानी की मशीनों के स्थापित किए जाने से यात्रियों को गर्मी में साफ, ठंडा व सस्ता पानी मिलने से राहत मिली है। रेलवे का यह कदम सराहनीय है। उन्होंने स्टेशन पर इन मशीनों की संख्या बढ़ाने की मांग की।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रात के समय आॅटो मोड पर चलती है मशीन</h3>
<p style="text-align:justify;">मशीन पर तैनात कर्मचारी राहुल यादव ने बताया कि ग्राहक अपने बर्तनों में उक्त दरों पर पानी भर सकता है। यदि ग्राहक के पास बर्तन नहीं है तो मशीन से बोतल, गिलास या पांच लीटर की केन भी खरीद सकता है। मशीन 24 घंटे खुली रहती है। दिन के समय मशीन पर एक कर्मचारी मौजूद रहता है, जबकि रात के समय मशीन को आटो मोड पर लगाकर मशीन का दरवाजा बंद कर दिया जाता है। ग्राहक मशीन में सिक्के डालकर जरूरत अनुसार पानी भर सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बिजली जाने पर बंद हो जाती है मशीन</h3>
<p style="text-align:justify;">रेलवे स्टेशन पर लगी पानी वाली मशीनें तब तक ही पानी देंगी जब तक बिजली है। जब बिजली बंद हो गई तो वाटर वैंडिंग मशीनें पानी देना बंद कर देती हैं। गर्मी में यात्रियों को बिजली जाते ही पानी न मिलने पर परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्टेशन पर लगी 6 मशीनों में केवल दो मशीनें ही ऐसीं हैं जो बिजली बंद होने पर भी चलती रहती हैं। इन दो मशीनों में कंपनी ने यूपीएस लगाए हुए हैं जो बिजली जाने की स्थिति में भी मशीनों को चालू रखते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कई बार सिक्का डालने पर नहीं निकलता पानी</h3>
<p style="text-align:justify;">कई यात्रियों ने शिकायत की कि कई बार सिक्का डालने पर मशीन से भी पानी नहीं निकलता और उनके पैसे व्यर्थ चले जाते हैं। इस संबंधी मशीन पर तैनात कर्मचारी राहुल यादव ने बताया कि कई यात्री सिक्का डालने पर ही हरा बटन दबा देते हैं, जबकि सिक्का डालने के बाद मशीन पर लगे डिस्पले बोर्ड पर ‘कृपा करके इन्तजार करो’ (प्लीज वेट) लिखा आता है। 2 सैंकिड से 5 सैकिंड के बाद प्रैस बटन आने पर हरा बटन दबाने पर पानी जरूर निकलता है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jun 2017 23:42:36 +0530</pubDate>
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