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                <title>Baraut News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>समय पर पहचान ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार: डॉ. तरुण तोमर</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज न करें, जागरूकता और नियमित जांच से बचाव संभव बड़ौत  (सच कहूँ/डॉ संदीप कुमार दहिया)। Breast Cancer: ब्रेस्ट कैंसर आज महिलाओं में तेजी से बढ़ती एक गंभीर बीमारी बनती जा रही है, लेकिन समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर ली जाए तो इससे बचाव और उपचार पूरी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/timely-identification-is-the-biggest-weapon-of-protection-dr-tarun-tomar/article-83875"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/baraut-news-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज न करें, जागरूकता और नियमित जांच से बचाव संभव</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत  (सच कहूँ/डॉ संदीप कुमार दहिया)।</strong> Breast Cancer: ब्रेस्ट कैंसर आज महिलाओं में तेजी से बढ़ती एक गंभीर बीमारी बनती जा रही है, लेकिन समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर ली जाए तो इससे बचाव और उपचार पूरी तरह संभव है। मेडिसिटी हॉस्पिटल के एमबीबीएस, डीएम मेडिकल ऑन्कोलॉजी और कैंसर विशेषज्ञ ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि डरने की नहीं, बल्कि समय पर समझदारी दिखाने की जरूरत है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">शुरुआती संकेतों को समझें, अनदेखी न करें</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉ. तरुण तोमर ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य लगते हैं, जिन्हें महिलाएं नजरअंदाज कर देती हैं। जैसे स्तन में गांठ महसूस होना, आकार या बनावट में बदलाव, त्वचा का सिकुड़ना या लाल पड़ना, निप्पल से किसी प्रकार का स्राव होना या दर्द महसूस होना—ये सभी संभावित संकेत हैं। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे किसी aभी बदलाव को हल्के में न लें और तुरंत जांच कराएं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रोकथाम और बचाव के आसान उपाय | Breast Cancer</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि नियमित जांच और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। 30 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं को समय-समय पर चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। इसके साथ ही संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना, वजन नियंत्रित रखना और नशे से दूर रहना बेहद जरूरी है। हर महिला को महीने में एक बार स्वयं जांच करने की आदत डालनी चाहिए, जिससे किसी भी बदलाव का जल्दी पता चल सके।</p>
<h3 style="text-align:justify;">समय पर इलाज से बढ़ती है ठीक होने की संभावना</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉ. तरुण तोमर ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर का इलाज उसकी अवस्था पर निर्भर करता है। शुरुआती चरण में सर्जरी के माध्यम से गांठ को हटाया जाता है, जिससे बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है। इसके अलावा दवाओं द्वारा उपचार, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी जैसे तरीके अपनाए जाते हैं। कुछ मामलों में हार्मोन आधारित उपचार भी प्रभावी होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ तरुण तोमर ने बताया कि यदि कैंसर का पता शुरुआती अवस्था में चल जाए तो इलाज के सफल होने की संभावना बहुत अधिक होती है और मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। उन्होंने कहा कि डरने की नहीं, जागरूक रहने की जरूरत है। समय पर पहचान, सही इलाज और सकारात्मक सोच के साथ ब्रेस्ट कैंसर को हराया जा सकता है। Breast Cancer</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 15:06:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मीठी बीमारी बन रही खामोश खतरा, कंही आप भी न हो जाये इसका शिकार &amp;#8211; डॉ प्रदीप जैन</title>
                                    <description><![CDATA[अक्षय नर्सिंग होम बड़ौत के एमडी डॉ प्रदीप जैन ने बताया जीवनशैली में सुधार और योग ही सबसे बड़ा बचाव बड़ौत (सच कहूँ/डॉ संदीप कुमार दहिया)। Baraut News: वर्तमान समय में शुगर (डायबिटीज) के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है, जो अब एक गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। पहले जहां यह […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/sweet-disease-is-becoming-a-silent-threat-you-too-may-become-its-victims-dr-pradeep-jain/article-83421"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/baraut-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">अक्षय नर्सिंग होम बड़ौत के एमडी डॉ प्रदीप जैन ने बताया जीवनशैली में सुधार और योग ही सबसे बड़ा बचाव</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत (सच कहूँ/डॉ संदीप कुमार दहिया)।</strong> Baraut News: वर्तमान समय में शुगर (डायबिटीज) के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है, जो अब एक गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। पहले जहां यह बीमारी अधिक उम्र के लोगों तक सीमित मानी जाती थी, वहीं अब युवा वर्ग और किशोर भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। बड़ौत के अक्षय नर्सिंग होम के एमड़ी और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ प्रदीप जैन में बताया की चिंता की बात यह है कि 50 प्रतिशत से अधिक लोगों को यह पता ही नहीं होता कि उन्हें शुगर है, जिससे बीमारी बढ़कर गंभीर रूप ले लेती है।</p>
<p style="text-align:justify;">देश में करोड़ों लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं और बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जिन्हें यह तक पता नहीं कि वे शुगर के शिकार हैं। उन्होंने बताया कि गलत खानपान, तनाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अनियमित दिनचर्या इस बढ़ती समस्या के प्रमुख कारण हैं। शुगर एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करती है और यदि समय रहते इसका नियंत्रण न किया जाए तो यह हृदय, आंख, किडनी और नसों से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है। उन्होंने बताया कि बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, जल्दी थकान महसूस होना, वजन का अचानक कम होना और घाव का देर से भरना इसके प्रमुख लक्षण हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। Baraut News</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्वस्थ जीवन शैली और रौजाना योग के अभ्यास से पा सकते है शुगर से निजात</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉ जैन ने बताया कि शुगर से बचाव के लिए सबसे जरूरी है संतुलित जीवनशैली अपनाना। नियमित रूप से व्यायाम करना, रोजाना कम से कम आधा घंटा टहलना, योग और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करना, संतुलित और पौष्टिक भोजन लेना तथा मीठे और तले-भुने खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना बेहद आवश्यक है। साथ ही समय-समय पर शुगर की जांच कराते रहना भी जरूरी है, ताकि बीमारी की समय रहते पहचान हो सके और उसका नियंत्रण किया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग देर रात तक जागना, फास्ट फूड का अधिक सेवन करना और घंटों बैठकर काम करना अपनी आदत बना चुके हैं, जो शुगर जैसी बीमारियों को बढ़ावा दे रहा है। यदि समय रहते लोग अपनी दिनचर्या में सुधार करें और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, तो इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है। जागरूकता और अनुशासन ही शुगर से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। Baraut News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="गांव निनान में रेडीनेस मेले का आयोजन, अभिभावकों को किया गया जागरूक" href="https://www.sachkahoon.com/women-and-child-development-department-organized-a-readiness-fair-in-village-ninan/">गांव निनान में रेडीनेस मेले का आयोजन, अभिभावकों को किया गया जागरूक</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/sweet-disease-is-becoming-a-silent-threat-you-too-may-become-its-victims-dr-pradeep-jain/article-83421</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 18:42:52 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों की मुस्कान ही मेरी सबसे बड़ी ईदी, डॉ. अभिनव तोमर</title>
                                    <description><![CDATA[नए कपड़ों की खुशबू और अपनेपन के स्पर्श से महकी ईद, बच्चों को गले लगाकर बांटी खुशियां बड़ौत (सच कहूँ/डॉ संदीप कुमार दहिया)। Baraut News: बड़ौत के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव तोमर ने ईद के पावन अवसर पर इंसानियत और सेवा की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-smile-of-children-is-my-biggest-eid-gift-dr-abhinav-tomar/article-82532"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/baraut-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">नए कपड़ों की खुशबू और अपनेपन के स्पर्श से महकी ईद, बच्चों को गले लगाकर बांटी खुशियां</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत (सच कहूँ/डॉ संदीप कुमार दहिया)। </strong>Baraut News: बड़ौत के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव तोमर ने ईद के पावन अवसर पर इंसानियत और सेवा की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के बीच पहुंचकर न केवल उन्हें नए कपड़े दिए, बल्कि अपने हाथों से उन्हें भोजन भी कराया। बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान ही इस आयोजन की सबसे बड़ी खुशी बन गई। इस दौरान बच्चों के साथ उनका अपनापन और स्नेह देखते ही बन रहा था। डॉ. तोमर ने हर बच्चे से बात की, उन्हें प्यार दिया और उनके साथ समय बिताया। ऐसा लगा मानो एक चिकित्सक नहीं, बल्कि परिवार का कोई सदस्य उनके बीच मौजूद हो। Baraut News</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. अभिनव तोमर बच्चों से बेहद प्रेम करने वाले चिकित्सक के रूप में जाने जाते हैं। वे सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं रहते, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य और स्वस्थ जीवन के लिए हमेशा चिंतित रहते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">लिटिल फीट संस्था के अध्यक्ष के रूप में भी वे लगातार बच्चों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से वे बच्चों और अभिभावकों को स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हैं। वे समय-समय पर बच्चों को स्वस्थ रहने के लिए जरूरी संदेश और सुझाव भी देते रहते हैं। उनका मानना है कि यदि बचपन सुरक्षित और स्वस्थ होगा, तभी देश का भविष्य मजबूत होगा।.ईद के इस खास मौके पर उनका यह मानवीय पहल न केवल बच्चों के लिए यादगार बन गया, बल्कि समाज को भी यह संदेश दे गया कि सच्ची खुशी दूसरों की मुस्कान में ही छिपी होती है। Baraut News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="सिविल अस्पताल में जल्द शुरू होगी एमआरआई सेवा, पीपीपी मॉडल को मंजूरी: सुनील सांगवान" href="http://10.0.0.122:1245/mri-service-will-start-soon-in-the-civil-hospital-of-dadri-district/">सिविल अस्पताल में जल्द शुरू होगी एमआरआई सेवा, पीपीपी मॉडल को मंजूरी: सुनील सांगवान</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-smile-of-children-is-my-biggest-eid-gift-dr-abhinav-tomar/article-82532</link>
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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 20:22:04 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Health News: दो मिनट का नाश्ता, बच्चों की सेहत पर पड़ रहा भारी — डॉ अभिनव तोमर</title>
                                    <description><![CDATA[मैगी, नूडल्स, पास्ता और मैक्रोनी से बढ़ रही बच्चों में बीमारियां, बाल रोग विशेषज्ञ ने जताई गंभीर चिंता बड़ौत (सच कहूँ/डॉ संदीप कुमार)। Health News: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सुबह के समय मम्मियों के लिए बच्चों का नाश्ता तैयार करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। स्कूल की जल्दी, ऑफिस की भागदौड़ और […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/maggi-noodles-pasta-and-macaroni-are-increasing-diseases-in-children/article-80714"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/baraut.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">मैगी, नूडल्स, पास्ता और मैक्रोनी से बढ़ रही बच्चों में बीमारियां, बाल रोग विशेषज्ञ ने जताई गंभीर चिंता</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत (सच कहूँ/डॉ संदीप कुमार)।</strong> Health News: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सुबह के समय मम्मियों के लिए बच्चों का नाश्ता तैयार करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। स्कूल की जल्दी, ऑफिस की भागदौड़ और समय की कमी के चलते अधिकतर घरों में बच्चों को झटपट तैयार होने वाला “दो मिनट का नाश्ता” परोसा जा रहा है। इसमें मैगी, नूडल्स, पास्ता और अन्य इंस्टेंट फूड प्रमुख रूप से शामिल हैं। लेकिन यह सुविधा बच्चों की सेहत के लिए धीरे-धीरे गंभीर खतरा बनती जा रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अभिनव तोमर के अनुसार, झटपट तैयार होने वाले अनहेल्दी नाश्ते बच्चों के शरीर को आवश्यक पोषण नहीं दे पाते। लगातार इंस्टेंट और प्रोसेस्ड फूड खाने से बच्चों में कई तरह की बीमारियां देखने को मिल रही हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नाश्ते के नाम पर बच्चो की सेहत के साथ खिलवाड़ | Health News</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि ऐसे खाद्य पदार्थों में पोषण बहुत कम और नमक, रिफाइंड आटा, प्रिज़रवेटिव्स व हानिकारक केमिकल्स की मात्रा अधिक होती है और विटामिन, प्रोटीन, आयरन और फाइबर की भारी कमी रहती है।जो बच्चों के शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। डॉ तोमर के अनुसार, रोजाना मैगी, नूडल्स, पास्ता और मैक्रोनी जैसे नाश्ते से बच्चों में पेट दर्द, गैस, कब्ज, एसिडिटी, उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। इसके साथ ही बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिससे बार-बार सर्दी, खांसी, बुखार और संक्रमण होने लगता है। लंबे समय तक ऐसे भोजन से मोटापा, एनीमिया, ध्यान की कमी और थकान जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि सुबह का नाश्ता बच्चों के पूरे दिन की ऊर्जा और मानसिक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि नाश्ता पोषण से भरपूर न हो तो बच्चों की पढ़ाई, एकाग्रता और शारीरिक विकास पर सीधा असर पड़ता है। दुर्भाग्यवश, दो मिनट में बनने वाला नाश्ता बच्चों के पेट तो भर देता है, लेकिन शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं दे पाता। डॉ अभिनव तोमर ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की सेहत के साथ समझौता न करें और समय की कमी के बावजूद हेल्दी विकल्प अपनाएं। उन्होंने कहा कि घर पर बना साधारण और ताजा भोजन ही बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित और फायदेमंद है। Health News</p>
<h3 style="text-align:justify;">बच्चों के लिए हेल्दी नाश्ते और खाने के सुझाव</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉ तोमर के अनुसार, बच्चों के नाश्ते में दलिया, ओट्स, दूध, फल, उबले अंडे, पराठा-सब्जी, पोहा, उपमा, सैंडविच (घर की बनी सब्जियों के साथ) और दही जैसे विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। अंकुरित अनाज, मूंग दाल चीला, इडली या घर पर बने पैनकेक भी पौष्टिक नाश्ते के अच्छे विकल्प हैं। बच्चों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने और जंक फूड से दूरी बनाने की आदत डालना भी जरूरी है। डॉ अभिनव तोमर ने कहा कि बच्चों की सेहत की नींव बचपन में ही रखी जाती है। थोड़ी सी योजना और जागरूकता से मम्मियां बच्चों को स्वाद के साथ-साथ सेहतमंद नाश्ता दे सकती हैं। दो मिनट की सुविधा के बजाय बच्चों का स्वस्थ भविष्य चुनना आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Punjab News: पंजाब पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलेगा सम्मान, डीजीपी यादव ने दी बधाई" href="http://10.0.0.122:1245/punjab-police-officers-and-employees-will-be-honored-dgp-yadav-congratulated/">Punjab News: पंजाब पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलेगा सम्मान, डीजीपी यादव ने दी बधाई</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/maggi-noodles-pasta-and-macaroni-are-increasing-diseases-in-children/article-80714</link>
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                <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 09:28:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मासूम के जीवन से समझौता नहीं, घुट्टी के स्थान पर माँ का दूध सबसे जरूरी: डॉ अभिनव तोमर</title>
                                    <description><![CDATA[बड़ौत (सच कहूँ/डॉ संदीप कुमार)। Baraut News: ग्रामीण क्षेत्रों में नवजात शिशु के जन्म के साथ ही घुट्टी चटाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। दादी–नानी का मानना है कि घुट्टी देने से बच्चा मजबूत बनता है और उसकी पाचन शक्ति बेहतर होती है। लेकिन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और विश्व स्वास्थ्य संगठन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/mothers-milk-is-most-important-in-the-life-of-an-innocent-child-dr-abhinav-tomar/article-80619"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/baraut-news.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत (सच कहूँ/डॉ संदीप कुमार)।</strong> Baraut News: ग्रामीण क्षेत्रों में नवजात शिशु के जन्म के साथ ही घुट्टी चटाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। दादी–नानी का मानना है कि घुट्टी देने से बच्चा मजबूत बनता है और उसकी पाचन शक्ति बेहतर होती है। लेकिन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की गाइडलाइंस इस परंपरा को लेकर गंभीर चेतावनी देती हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अभिनव तोमर ने बताया कि घुट्टी एक घरेलू मिश्रण होती है, जिसमें औषधीय तत्वों के साथ शहद और विभिन्न मसाले मिलाए जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आजकल यह घुट्टी बाजार में तैयार रूप में भी उपलब्ध है। हालांकि WHO और मेडिकल गाइडलाइंस स्पष्ट रूप से कहती हैं कि जन्म से छह महीने तक शिशु को मां के दूध के अलावा कुछ भी नहीं दिया जाना चाहिए, जिसमें घुट्टी भी शामिल है। डॉ अभिनव तोमर के अनुसार, घुट्टी देने से नवजात शिशुओं में कई तरह के संक्रमण देखने को मिले हैं। विशेष रूप से घुट्टी में मौजूद शहद से बोटुलिज़्म जैसी खतरनाक बीमारी का खतरा रहता है, जो शिशु के लिए जानलेवा भी हो सकती है। इसके अलावा घुट्टी से एलर्जी, उल्टी, दस्त और पेट से जुड़े संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। यह समस्याएं जन्म से छह माह तक के बच्चों में अधिक देखी जाती हैं, क्योंकि इस उम्र में उनका इम्यून सिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं होता।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने स्पष्ट किया कि WHO के अनुसार छह महीने बाद भी घुट्टी देना आवश्यक नहीं है। हालांकि यदि परिवार की परंपरा के चलते घुट्टी दी ही जाए, तो कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं। घुट्टी घर पर स्वच्छ तरीके से तैयार होनी चाहिए, शहद की मात्रा बहुत कम रखी जाए ताकि बोटुलिज़्म का जोखिम घटे, और अधिक मसालों का प्रयोग बिल्कुल न किया जाए। डॉ तोमर ने बाजार में मिलने वाली घुट्टी को पूरी तरह असुरक्षित बताते हुए कहा कि इनमें मौजूद केमिकल्स और प्रिज़रवेटिव्स बच्चे के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। Baraut News</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ अभिनव तोमर ने कहा कि दादी–नानी का प्यार और अनुभव अपनी जगह महत्वपूर्ण है, लेकिन नवजात शिशु की सुरक्षा के लिए विज्ञान और चिकित्सकीय तथ्यों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। सही जानकारी और सावधानी अपनाकर ही बच्चों को बीमारियों और संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सकता है।उन्होंने कहा कि परंपराओं का सम्मान करते हुए भी नवजात के स्वास्थ्य के मामले में आधुनिक चिकित्सा मार्गदर्शन को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="PM Svanidhi Credit Card: पीएम मोदी ने विकास योजनाओं की सौगात दी, पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड लॉन्च" href="http://10.0.0.122:1245/pm-modi-launches-pm-svanidhi-credit-card/">PM Svanidhi Credit Card: पीएम मोदी ने विकास योजनाओं की सौगात दी, पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड लॉन्च</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 15:49:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पत्रकारिता की कलम को मिला सम्मान, संदीप दहिया बने मानद डॉक्टरेट</title>
                                    <description><![CDATA[इंडियन न्यूज़ मीडिया काउंसिल ने शिक्षा व सामाजिक जागरूकता में उत्कृष्ट योगदान के लिए किया अलंकृत बड़ौत (सच कहूँ न्यूज़)। Baraut News: पत्रकारिता और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकार संदीप दहिया को इंडियन न्यूज़ मीडिया काउंसिल द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान दिल्ली में रविवार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/sandeep-dahiya-receives-honorary-doctorate/article-80256"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/baraut-news-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">इंडियन न्यूज़ मीडिया काउंसिल ने शिक्षा व सामाजिक जागरूकता में उत्कृष्ट योगदान के लिए किया अलंकृत</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Baraut News: पत्रकारिता और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकार संदीप दहिया को इंडियन न्यूज़ मीडिया काउंसिल द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान दिल्ली में रविवार को आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया गया, जहां देशभर से पत्रकारिता, शिक्षा और समाजसेवा से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संदीप दहिया पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बना चुके हैं। उन्होंने दैनिक जागरण, रॉयल बुलेटिन, दैनिक शाह टाइम्स, दैनिक आज जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में संवाददाता के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वे पिछले 15 वर्षों से ‘दैनिक सच कहूँ’ में प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अपनी लेखनी के माध्यम से उन्होंने समय-समय पर शैक्षिक, सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर समाज को जागरूक करने का कार्य किया है। उनकी निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता ने उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सम्मान दिलाया है। मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने के बाद संदीप दहिया ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को और अधिक मजबूती से निभाने की प्रेरणा है। उन्होंने इंडियन न्यूज़ मीडिया काउंसिल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकारिता के माध्यम से शिक्षा और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में उनका प्रयास निरंतर जारी रहेगा। सम्मान की घोषणा और उपाधि प्राप्ति के बाद बागपत जनपद से शिक्षाविदों , पत्रकार साथियों और समाजसेवियों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। Baraut News</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. राजीव गुप्ता, ग्रामीण अंचलीय पत्रकार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील चौहान, वरिष्ठ पत्रकार मुकेश पंवार, जे.पी. त्यागी, मनोज कलीना, अनिल शर्मा, डिवाइन ग्लोबल एकेडमी के प्रधानाचार्य के.के. त्यागी, वरिष्ठ समाजसेवी अनुराग जैन, वनस्थली स्कूल के प्रबंधक हर्षित जैन, हिंदी प्रवक्ता डॉ गीता रानी, डॉ इंदु, डॉ मनोज बिश्नोई, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ प्रदीप जैन, डॉ दिनेश बंसल, डॉ मनीष तोमर, डॉ अनिल जैन, समाजसेवी डॉ योगेश जिंदल, भूपेश बब्बर, मुदित जैन, राकेश जैन खट्टा, संदीप गर्ग टीटू प्रधान सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने संदीप दहिया को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बताया कि यह सम्मान न केवल संदीप दहिया की वर्षों की मेहनत और समर्पण का प्रतीक है, बल्कि पत्रकारिता को समाज-निर्माण का सशक्त माध्यम बनाने की उनकी सोच का भी सम्मान है। Baraut News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Acting President of Venezuela: ट्रम्प ने कर दिया नया ऐलान, मैं हूं वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति! क्या अमेरिका से इस्तीफा देंगे…" href="http://10.0.0.122:1245/acting-president-of-venezuela/">Acting President of Venezuela: ट्रम्प ने कर दिया नया ऐलान, मैं हूं वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति! क्या अमेरिका से इस्तीफा देंगे…</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/sandeep-dahiya-receives-honorary-doctorate/article-80256</link>
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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 16:38:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>डॉ. प्रदीप जैन जिन्होंने अपने सपनों से नहीं, लोगो की साँसो से इतिहास रचा</title>
                                    <description><![CDATA[जिन्होंने 37 साल पहले लिया था ग्रामीण अंचल को बेहतर चिकित्सा देने का संकल्प संघर्ष की तपिश, सेवा की साधना और संवेदना की शक्ति—जिसने बड़ौत को दिया अपना अक्षय चिकित्सक बड़ौत (सच कहूँ संदीप दहिया)। Baraut News: बड़ौत के अक्षय नर्सिंग होम के एमड़ी डॉ. प्रदीप जैन बड़ौत क्षेत्र में चिकित्सा सेवा का ऐसा नाम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/dr-pradeep-jain-md-akshay-nursing-home-provides-medical-services-in-baraut-area/article-80146"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/baraut-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">जिन्होंने 37 साल पहले लिया था ग्रामीण अंचल को बेहतर चिकित्सा देने का संकल्प</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>संघर्ष की तपिश, सेवा की साधना और संवेदना की शक्ति—जिसने बड़ौत को दिया अपना अक्षय चिकित्सक</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत (सच कहूँ संदीप दहिया)।</strong> Baraut News: बड़ौत के अक्षय नर्सिंग होम के एमड़ी डॉ. प्रदीप जैन बड़ौत क्षेत्र में चिकित्सा सेवा का ऐसा नाम हैं, जिन्होंने डॉक्टर की भूमिका को केवल उपचार तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे मानवीय संवेदना और सामाजिक दायित्व से जोड़ा। शहरों की सुविधाजनक राह छोड़ ग्रामीण अंचल को अपनी कर्मभूमि बनाया। वर्ष 1989 में बड़ौत आकर उन्होंने अभावों, संघर्षों और सीमित संसाधनों के बीच सेवा का दीप जलाया डॉ. प्रदीप जैन के जीवन की नींव बचपन में ही पड़ गई थी। Baraut News</p>
<p style="text-align:justify;">उनके मन में एक ही सवाल गूंजता रहता था—दूसरों के दर्द को कैसे कम किया जाए, बीमार चेहरे पर मुस्कान कैसे लौटाई जाए। इसी भावना ने उन्हें डॉक्टर बनने की राह दिखाई। जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अजमेर से MBBS और MD की पढ़ाई पूरी कर उन्होंने अपने सपने को साकार किया। पिता राजस्थान में डिस्ट्रिक्ट जज के पद से सेवानिवृत्त हुए, लेकिन डॉ. प्रदीप जैन ने सुविधाओं की बजाय सेवा का मार्ग चुना।</p>
<h3 style="text-align:justify;">शहर की चमक ठुकरा, बड़ौत खींच लाई ग्रामीण पीड़ा | Baraut News</h3>
<p style="text-align:justify;">अक्टूबर 1989 में जब अधिकांश डॉक्टर बड़े शहरों की ओर दौड़ रहे थे, तब डॉ. प्रदीप जैन ने दिल्ली की चमक छोड़कर बड़ौत की धूल को अपनाया। यहां न अच्छे अस्पताल थे, न जागरूकता। छोटी बीमारी भी लोगों को दिल्ली और मेरठ की दौड़ लगवाती थी। वर्धमान हॉस्पिटल में डेढ़ वर्ष की निःस्वार्थ सेवा के बाद उन्होंने अपना छोटा सा क्लिनिक शुरू किया। बिजली नहीं, गर्मी बेहाल करती थी। दिन भर की मेहनत के बाद भी सुकून की नींद नसीब नहीं होती थी, मगर हौसला कभी नहीं टूटा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">1994 की वह सुबह, ज़ब हुई अक्षय नर्सिंग होम की स्थापना</h3>
<p style="text-align:justify;">अपने व्यवहार, संवेदना और निष्ठा से डॉ. प्रदीप जैन ने लोगों के दिल जीते। 1994 में उन्होंने अक्षय नर्सिंग होम की नींव रखी। गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य शिविर लगाए, लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक किया और दिन-रात मेहनत की। सपना सिर्फ एक था—क्षेत्र को बेहतर और सुलभ चिकित्सा मिले। मेहनत रंग लाई और क्षेत्रवासियों ने उन्हें असीम प्रेम और भरोसा दिया। उनकी जीवन संगिनी डॉ. निकेता जैन (MS गायनोकोलॉजी) ने भी सेवा-यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कोरोनाकाल का केवट:</strong> जब अक्षय नर्सिंग होम बना जीवन की अंतिम आस</h3>
<p style="text-align:justify;">जब कोरोना ने अपनों को पराया कर दिया, तब डॉ. प्रदीप जैन ने इंसानियत को नहीं छोड़ा। बड़ौत में अक्षय नर्सिंग होम ही वह एकमात्र सहारा बना, जिसने कोरोना पीड़ितों का साहस और धैर्य के साथ इलाज किया। सैकड़ों जिंदगियां बचीं, अनगिनत घरों में फिर से चूल्हे जले। Baraut News</p>
<p style="text-align:justify;">वे मरीजों की जिंदगी के केवट बने—जिनकी सूझ-बूझ ने मौत के मुंह से भी लोगों को वापस खींच लिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">5. “टूटे नहीं, झुके नहीं—अपहरण, अफवाहें और फिर भी अडिग विश्वास”</h3>
<p style="text-align:justify;">सफलता के साथ संघर्ष भी आया। करीब 20 वर्ष पहले पत्नी और बच्चों के अपहरण जैसी भयावह घटना, अफवाहों का दौर—पर डॉ. प्रदीप जैन कभी नहीं टूटे। आज वे सिर्फ एक डॉक्टर नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के दिलों पर राज करने वाले सेवक हैं। उनकी कहानी बताती है कि जब सेवा ही संकल्प बन जाए, तो संघर्ष भी सफलता की सीढ़ी बन जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जीवन दर्शन: फिट रहना, समय पर जांच और समाज के लिए चिंता</h3>
<p style="text-align:justify;">दिनभर की भागदौड़ के बावजूद डॉ. प्रदीप जैन रोज़ाना दो घंटे योग और व्यायाम करते हैं। डॉ प्रदीप जैन अपनी सेहत के साथ दूसरों की सेहत क़ो सही रखना अपनी जिम्मेदारी समझते है। उन्होंने चेताया कि खराब लाइफस्टाइल के कारण मोटापा, हृदय रोग और अन्य बीमारियां बढ़ रही हैं, इसलिए समय पर जांच अनिवार्य है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="भिवानी पुलिस ने ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट के नाम पर 3 करोड़ 27 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी गिरफ्तार" href="http://10.0.0.122:1245/accused-arrested-for-fraud-of-rs-three-crore-twenty-seven-lakh/">भिवानी पुलिस ने ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट के नाम पर 3 करोड़ 27 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी गिरफ्तार</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/dr-pradeep-jain-md-akshay-nursing-home-provides-medical-services-in-baraut-area/article-80146</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/dr-pradeep-jain-md-akshay-nursing-home-provides-medical-services-in-baraut-area/article-80146</guid>
                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 17:52:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वाध्याय से छात्रों ने भरी सफलता की ऊँची उड़ान-के के त्यागी</title>
                                    <description><![CDATA[छात्रों ने बिना शिक्षक की सहायता के हल किया पूरा गणित पाठ्यक्रम, छात्रों क़ो किया सम्मानित बड़ौत (सच कहूँ/संदीप दहिया)। Baraut News: डिवाइन ग्लोबल एकेडमी में प्रधानाचार्य के.के. त्यागी के नेतृत्व में चल रही स्वाध्याय की अनोखी मुहिम ने एक नई मिसाल पेश की है। कक्षा 6 के विद्यार्थियों ने स्व-अध्ययन और उदाहरणों के सहारे […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/students-who-solved-the-entire-maths-syllabus-without-any-teacher-help-were-awarded/article-78997"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/baraut-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">छात्रों ने बिना शिक्षक की सहायता के हल किया पूरा गणित पाठ्यक्रम, छात्रों क़ो किया सम्मानित</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत (सच कहूँ/संदीप दहिया)। </strong>Baraut News: डिवाइन ग्लोबल एकेडमी में प्रधानाचार्य के.के. त्यागी के नेतृत्व में चल रही स्वाध्याय की अनोखी मुहिम ने एक नई मिसाल पेश की है। कक्षा 6 के विद्यार्थियों ने स्व-अध्ययन और उदाहरणों के सहारे पूरा गणित पाठ्यक्रम स्वयं हल कर यह सिद्ध कर दिया कि मेहनत, लगन और दिशा सही हो तो हर चुनौती आसान हो जाती है। Baraut News</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यालय में इस उपलब्धि पर एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों क़ो तिलक, पुष्पवर्षा, मैडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मुहिम के प्रथम चरण में कक्षा 6 से अर्चना, आराध्या दांगी, अवंतिका, आराध्या मलकानी, काव्या तोमर, भव्या तोमर, पंखुरी दहिया, अवनि तोमर, अपूर्वा तोमर, रूही नैन, नव्या त्यागी, लवी, कनिष्क, अवि और माही आदि ने पूरा गणित पाठ्यक्रम स्वाध्याय के माध्यम से हल किया। इन विद्यार्थियों ने प्रधानाचार्य के के त्यागी के निर्देशन में बिना किसी शिक्षक की सहायता के केवल उदाहरणों और अभ्यास के आधार पर पूरे गणित को हल कर विद्यालय का नाम रोशन किया।</p>
<p style="text-align:justify;">छात्रों क़ो सम्मानित करते हुए प्रधानाचार्य के.के. त्यागी ने बताया कि स्वाध्याय वह शक्ति है जो बच्चों को न केवल पढ़ाई में सक्षम बनाती है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और जीवन की हर परिस्थिति का सामना करने योग्य बनाती है। कक्षा 6 के विद्यार्थियों ने जो उपलब्धि हासिल की है, वह विद्यालय के लिए गर्व का विषय है।उन्होंने बताया की स्वाध्याय के दूसरे चरण में छात्र अंग्रेजी ग्रामर क़ो हल करने की तयारी पर जुट चुके है। हमारी यह स्वाध्याय मुहिम आगे की कक्षाओं में भी निरंतर जारी रहेगी। डिवाइन ग्लोबल एकेडमी की यह पहल शिक्षा जगत में नया मानदंड स्थापित कर रही है, जहाँ छात्र केवल पढ़ने ही नहीं, बल्कि स्वयं सीखने की कला भी विकसित कर रहे हैं। Baraut News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="राशन डीलर के पति व पुत्र समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज" href="http://10.0.0.122:1245/a-case-has-been-registered-against-three-people-including-the-husband-and-son-of-a-ration-dealer/">राशन डीलर के पति व पुत्र समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/students-who-solved-the-entire-maths-syllabus-without-any-teacher-help-were-awarded/article-78997</link>
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                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 19:35:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाल जीवन बड़ा अनमोल प्रदूषण में रखे इनका विशेष ध्यान &amp;#8211; डॉ अभिनव तोमर</title>
                                    <description><![CDATA[बड़ौत के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव तोमर ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव “मास्क, हाइड्रेशन, पौष्टिक आहार और घर में शुद्ध वायु—इनसे ही बच्चों को मिलेगा प्रदूषण से बचाव” बड़ौत (सच कहूँ/संदीप दहिया)। Baraut News: क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण ने आमजन का जीवन कठिन बना दिया है, लेकिन इसका सबसे गंभीर प्रभाव बच्चों की सेहत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/baraut-pediatrician-dr-abhinav-tomar-give-important-suggestions/article-78644"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/baraut-news-4.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">बड़ौत के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव तोमर ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>“मास्क, हाइड्रेशन, पौष्टिक आहार और घर में शुद्ध वायु—इनसे ही बच्चों को मिलेगा प्रदूषण से बचाव”</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत (सच कहूँ/संदीप दहिया)।</strong> Baraut News: क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण ने आमजन का जीवन कठिन बना दिया है, लेकिन इसका सबसे गंभीर प्रभाव बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। ऐसे में बड़ौत के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव तोमर ने अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण टिप्स जारी किए हैं, जिन्हें अपनाकर प्रदूषण जनित बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. तोमर ने कहा कि वर्तमान AQI स्तर बच्चों के लिए अत्यंत हानिकारक है, इसलिए बच्चों को आउटडोर गतिविधियों के लिए कम से कम बाहर निकालने की सलाह दी जानी चाहिए। दो साल से अधिक आयु वाले बच्चों को बाहर जाते समय मास्क अवश्य पहनाना चाहिए, जिससे प्रदूषित कणों के फेफड़ों में जाने का खतरा कम हो सके। उन्होंने बताया कि प्रदूषण के दौर में बच्चों की डाइट सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को अधिक से अधिक फल और हरी सब्जियां दें, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके। इसके साथ ही बच्चों के शरीर में हाइड्रेशन का स्तर बनाए रखना बेहद जरूरी है। Baraut News</p>
<p style="text-align:justify;">जितना अधिक पानी और जूस पिलाएंगे, उतना बच्चों के लंग्स के लिए बेहतर रहेगा। इसके अलावा, घर के अंदर की हवा को शुद्ध रखने के लिए उन्होंने नेचुरल एयर प्यूरीफायर प्लांट्स जैसे बैंबू प्लांट, एरिका पाम और एलोवेरा लगाने की सलाह दी। इनके प्रयोग से घर के भीतर की वायु गुणवत्ता काफी सुधारती है। यदि संभव हो, तो एयर प्यूरीफायर का उपयोग करना भी अत्यंत लाभदायक होगा। डॉ. अभिनव ने बताया कि साफ और शुद्ध हवा में सोने से बच्चों के फेफड़ों को रातभर हील होने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी श्वसन क्षमता बेहतर बनी रहती है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि बढ़ते प्रदूषण में अतिरिक्त सावधानी बरतें और बच्चों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए इन सुझावों को अपने दैनिक जीवन में अवश्य शामिल करें।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="UP Railway: खुशखबरी, बिजनौर से मेरठ तक बनेगी नई रेलवे लाइन! इन गांवों और कस्बों की जमीनें हो जाएंगी सोना, आई नई जानकारी" href="http://10.0.0.122:1245/a-new-railway-line-will-be-built-from-bijnor-to-meerut/">UP Railway: खुशखबरी, बिजनौर से मेरठ तक बनेगी नई रेलवे लाइन! इन गांवों और कस्बों की जमीनें हो जाएंगी सोना, आई नई जानकारी</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Nov 2025 17:12:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिवाइन ग्लोबल एकेडमी की पहल: ‘डिस्ट्रिक्ट चैलेंजर’ मॉडल से निखर रही बाल प्रतिभाएँ</title>
                                    <description><![CDATA[प्रतिस्पर्धात्मक पद्धति से छात्र होंगे स्वर्णिम भविष्य की ओर अग्रसर- के के त्यागी बड़ौत (सच कहूँ/संदीप दहिया)। Baraut News: शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार और गुणवत्ता को प्राथमिकता देने वाली डिवाइन ग्लोबल एकेडमी ने विद्यार्थियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से ‘डिस्ट्रिक्ट चैलेंजर कार्यक्रम’ की शुरुआत की है। इसी क्रम में विद्यालय […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-district-challenger-model-is-nurturing-child-talent/article-78448"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/baraut-news-3.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">प्रतिस्पर्धात्मक पद्धति से छात्र होंगे स्वर्णिम भविष्य की ओर अग्रसर- के के त्यागी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत (सच कहूँ/संदीप दहिया)।</strong> Baraut News: शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार और गुणवत्ता को प्राथमिकता देने वाली डिवाइन ग्लोबल एकेडमी ने विद्यार्थियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से ‘डिस्ट्रिक्ट चैलेंजर कार्यक्रम’ की शुरुआत की है। इसी क्रम में विद्यालय में चैलेंजर छात्रों के अभिभावकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रधानाचार्य के.के. त्यागी ने इस मिशन की रूपरेखा प्रस्तुत की।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानाचार्य त्यागी ने बताया कि विद्यालय की मंशा प्रत्येक कक्षा में ऐसे उत्कृष्ट विद्यार्थी तैयार करने की है, जो अपनी आयु–स्तर के अन्य विद्यालयों के बच्चों को शैक्षणिक चुनौती दे सकें। इस अभियान का प्रारंभ यूकेजी के सात मेधावी छात्रों वरतांत राणा, आदित्यराज, रक्षित, देव, संस्कार, प्राची और अर्पित को ‘डिस्ट्रिक्ट चैलेंजर’ स्वरूप तैयार कर किया गया है। इन बच्चों को इस स्तर तक पहुँचाने में उनकी शिक्षिका बीना पालीवाल की सतत मेहनत और समर्पण निर्णायक रहा। प्रधानाचार्य त्यागी ने आगे कहा कि यह पहल केवल यूकेजी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अन्य कक्षाओं में भी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को खोजकर उन्हें विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना था कि हम बच्चों की शैक्षणिक नींव इतनी मजबूत कर रहे हैं कि आने वाले वर्षों में ये बच्चे किसी भी प्रतियोगिता में अग्रणी रूप से उभरेंगे। अभिभावक निश्चिंत रहें, उनके नौनिहाल सुरक्षित और सक्षम हाथों में हैं।”चैलेंजर मॉडल के माध्यम से विद्यालय न केवल प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा को बढ़ावा दे रहा है बल्कि छात्रों में आत्मविश्वास भी पैदा करा रहा है। डिवाइन ग्लोबल एकेडमी के छात्र ज्ञान, आत्मविश्वास और मूल्य आधारित शिक्षा के बल पर निश्चित ही एक स्वर्णिम भविष्य की ओर अग्रसर होंगे।”</p>
<h3 style="text-align:justify;">अभिभावकों ने शिक्षिका के प्रति किया आभार व्यक्त | Baraut News</h3>
<p style="text-align:justify;">बैठक में उपस्थित अभिभावक पवन तोमर, विकास सरोहा, मीनाक्षी, संजय राणा, संजय प्रजापति, धर्मेंद्र व सीमा धनकड़, अर्चना समेत कई लोगों ने विद्यालय और शिक्षकों के प्रति गहरा संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डिवाइन ग्लोबल एकेडमी के शिक्षकों ने बच्चों में अद्भुत आत्मविश्वास और शैक्षणिक सुधार लाकर उन्हें निश्चिंत कर दिया है। अभिभावकों ने बताया कि “बीना पालीवाल मैडम के मार्गदर्शन में बच्चे इतना अच्छा पढ़ने लगे हैं कि अब घर पर अलग से पढ़ाई करवाने की आवश्यकता ही नहीं रही। बच्चे निरंतर प्रगति कर रहे हैं और पढ़ाई के प्रति उत्साहित हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="फर्नीचर गोदाम में लगी आग, लाखों रुपए का सामान हुआ खाक" href="http://10.0.0.122:1245/fire-breaks-out-in-furniture-warehouse-in-rohtak/">फर्नीचर गोदाम में लगी आग, लाखों रुपए का सामान हुआ खाक</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-district-challenger-model-is-nurturing-child-talent/article-78448</link>
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                <pubDate>Sat, 22 Nov 2025 18:08:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोशल मीडिया पर जैन महिलाओं की छवि धूमिल करने पर जैन समाज में आक्रोश</title>
                                    <description><![CDATA[स्त्री की गरिमा के साथ खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त – अनुराग जैन बड़ौत (सच कहूँ/संदीप दहिया)। Baraut News: जैन समाज में महिलाओं के सम्मान और उनकी छवि को धूमिल करने वाले फर्जी, अश्लील एवं भ्रामक संदेशों के प्रसार से जैन समाज में आक्रोश व्याप्त हो गया है। प्रमुख समाजसेवी अनुराग जैन ने समाज में बढ़ती […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/anger-in-jain-community-over-tarnishing-the-image-of-jain-women-on-social-media/article-78367"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/baraut-news-2.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">स्त्री की गरिमा के साथ खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त – अनुराग जैन</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत (सच कहूँ/संदीप दहिया)।</strong> Baraut News: जैन समाज में महिलाओं के सम्मान और उनकी छवि को धूमिल करने वाले फर्जी, अश्लील एवं भ्रामक संदेशों के प्रसार से जैन समाज में आक्रोश व्याप्त हो गया है। प्रमुख समाजसेवी अनुराग जैन ने समाज में बढ़ती इस चिंताजनक प्रवृत्ति पर एक पत्र जारी करते हुए गहरी व्यथा व्यक्त की है। पत्र में उन्होने बताया उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर जैन महिलाओं के नाम से जुड़े अशोभनीय संदेश, फर्जी चैट, मॉर्फ्ड वीडियो और अपमानजनक सामग्री तेजी से प्रसारित की जा रही है, जो न केवल जैन समाज बल्कि भारतीय संस्कृति और नारी गरिमा पर सीधा प्रहार है।उन्होंने बताया कि जैन महिलाएँ सदैव मर्यादा, संयम और सादगी का प्रतीक</p>
<p style="text-align:justify;">रही हैं, ऐसे में उनके नाम पर अशोभनीय सामग्री फैलाना एक संगठित दुष्प्रचार प्रतीत होता है। अधिकांश कंटेंट फेक, एडिटेड या वायरलिटी के उद्देश्य से बनाया गया होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे संदेशों को पढ़ना, साझा करना या आगे बढ़ाना अनजाने में अपराधियों का साथ देने जैसा है। अनुराग जैन ने बताया कि महिलाओं के सम्मान का प्रश्न सिर्फ जैन समाज का नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता का है। किसी भी समाज की सभ्यता का स्तर इस बात से आँका जाता है कि वह अपनी महिलाओं को कितना सम्मान देता है। उन्होंने समाज से आह्वान करते हुए कहा कि यह समय मौन रहने का नहीं, बल्कि साहस और एकजुटता के साथ खड़े होने का है। Baraut News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने समस्त समाज से फर्जी व अश्लील संदेशों का विरोध और रिपोर्टिंग करने, अपराधियों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने,डिजिटल सुरक्षा को लेकर युवाओं व अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाने और समाज में सकारात्मक और सम्मानजनक वातावरण तैयार करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि स्त्री की गरिमा पर चोट करने वालों को किसी भी रूप में सामाजिक या कानूनी छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से आग्रह किया गया कि जैन महिलाओं की मर्यादा, गरिमा और सम्मान की रक्षा हेतु एकजुट होकर कार्य करें और ऐसी असामाजिक प्रवृत्तियों के अंत हेतु जागरूकता फैलाएँ। Baraut News</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/anger-in-jain-community-over-tarnishing-the-image-of-jain-women-on-social-media/article-78367</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Nov 2025 18:32:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिवाइन ग्लोबल एकेडमी के छात्रों का एक दिवसीय शैक्षिक भ्रमण</title>
                                    <description><![CDATA[पाइट कॉलेज में इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की दुनिया से हुए रूबरू बड़ौत (सच कहूँ/संदीप दहिया)। Baraut News: डिवाइन ग्लोबल एकेडमी के विद्यार्थियों ने हरियाणा के प्रसिद्ध पानीपत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी का शैक्षिक भ्रमण किया। इस विजिट का उद्देश्य छात्रों को इंजीनियरिंग और आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ना रहा। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/one-day-educational-tour-of-students-of-divine-global-academy/article-78056"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/baraut-news-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पाइट कॉलेज में इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की दुनिया से हुए रूबरू</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत (सच कहूँ/संदीप दहिया)।</strong> Baraut News: डिवाइन ग्लोबल एकेडमी के विद्यार्थियों ने हरियाणा के प्रसिद्ध पानीपत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी का शैक्षिक भ्रमण किया। इस विजिट का उद्देश्य छात्रों को इंजीनियरिंग और आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ना रहा। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने कंप्यूटर क्विज प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कक्षा 11 की विधिका खोखर तथा कक्षा 12 की टीशा खोखर, सक्षम और अवनि त्यागी ने अपना स्थान बनाया। Baraut News</p>
<p style="text-align:justify;">सभी विजेताओं क़ो 10 हजार रूपये की स्कॉलरशिप और उपहार देकर सम्मानित किया गया। शैक्षिक भ्रमण के दौरान छात्रों ने पाइट में इंजीनियरिंग और करियर के विभिन्न कोर्स, 3D एनीमेशन तथा नवीनतम टेक्नोलॉजी से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। कॉलेज के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को भविष्य की संभावनाओं और करियर विकल्पों के बारे में भी विस्तार से बताया। इस शैक्षिक यात्रा में बेस्ट मोटिवेटर एवं आध्यात्मिक आचार्य प्रो. संदीप चौधरी और प्रो. हरकेश प्रताप सिंह का विशेष सहयोग रहा, जिन्होंने छात्रों को प्रेरक मार्गदर्शन प्रदान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर पायल तोमर, मानसी तोमर, अखिल, शगुण, मिथाली, दिव्यांशी, दृष्टि, वंशिका, श्रुति, अंशिका, गोहर, अदिति, आरुषि, तनु, वैष्णवी, हिमांशी, अवनि, प्रीति आदि छात्रों ने बताया कि शैक्षिक भ्रमण छात्र के लिए अत्यंत जरूरी है। शैक्षिक भ्रमण के माध्यम से छात्र नई जानकारी ग्रहण करते हैं। संस्था के प्रधानाचार्य के के त्यागी ने शैक्षिक भ्रमण को विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा की छात्र किताबों से अधिक शैक्षिक भ्रमण करके सीखते है क्योंकि व्यवहारिक ज्ञान किताबी ज्ञान की अपेक्षा अधिक प्रभावशाली होता है।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 16:51:33 +0530</pubDate>
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