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                <title>Guru Ravidas Jayanti - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Guru Ravidas Jayanti RSS Feed</description>
                
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                <title>Guru Ravidas Jayanti: श्रद्धा व हर्षोल्लास से मनाई गई संत रविदास जयंती</title>
                                    <description><![CDATA[कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Guru Ravidas Jayanti: नगर एवं क्षेत्र के सामाजिक संगठनों तथा शिक्षण संस्थानों में संत शिरोमणि रविदास जयंती श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। बुधवार को कस्बे के सेंट आरसी सांईटिफिक कॉन्वेंट स्कूल में संत शिरोमणि रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान विद्यालय निदेशक यशपाल पंवार ने संत रविदास […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/guru-ravidas-jayanti-was-celebrated-in-social-organizations-and-educational-institutions-of-the-city-and-the-region/article-67329"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-02/kairana-news-2-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>Guru Ravidas Jayanti: नगर एवं क्षेत्र के सामाजिक संगठनों तथा शिक्षण संस्थानों में संत शिरोमणि रविदास जयंती श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। बुधवार को कस्बे के सेंट आरसी सांईटिफिक कॉन्वेंट स्कूल में संत शिरोमणि रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान विद्यालय निदेशक यशपाल पंवार ने संत रविदास के जीवन चरित्र पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्र-छात्राओं को संत रविदास के जीवन से प्रेरणा प्राप्त करके समाज उत्थान की भावना को विकसित करने हेतु प्रेरित किया। Kairana News</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर अमित गर्ग, लोकेंद्र तोमर, अंकित चौहान, विवेक चौहान, प्रदीप कौशिक, आकाश वर्मा, अजेंद्र सिंह, अमित कुमार, अजीत सिंह, जॉनी चौहान, संध्या शर्मा, कल्पना तोमर, मीनाक्षी चौधरी, पूजा शर्मा, ममता शर्मा आदि उपस्थित रहे। वहीं, नगर की टीचर्स कॉलोनी में स्थित दानवीर कर्ण स्कूल में भी संत रविदास को श्रद्धा के साथ स्मरण किया गया। विद्यालय के विज्ञान शिक्षक श्रीपाल सिंह ने माँ सरस्वती एवं महापुरुषों के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। Kairana News</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यालय चेयरमैन राजकुमार सेन ने अपने संबोधन में छात्र-छात्राओं को संत शिरोमणि रविदास के सरल जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधक संजीव गोयल तथा जगदीश चौहान, अवनीश सैनी, आदित्य राज, रवि मलिक, मनीष थालिया, मनोज वर्मा, सना अराईन आदि ने भी अपने विचार रखें। इस दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय को भी याद किया गया। Kairana News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Khizrabad: एफसीए के तहत अनुमति न लेने पर कलेसर वन विभाग ने 9 ढाबों समेत 11 व्यवसायिक संस्थानों को दिया नोटिस" href="http://10.0.0.122:1245/the-forest-department-has-issued-a-notice-in-kalesar-area-for-not-taking-approval-under-fca/">Khizrabad: एफसीए के तहत अनुमति न लेने पर कलेसर वन विभाग ने 9 ढाबों समेत 11 व्यवसायिक संस्थानों को दिया नोटिस</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 18:17:51 +0530</pubDate>
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                <title>गुरु रविदास जयंती पर हुई दौड़ प्रतियोगिता</title>
                                    <description><![CDATA[बरवाला (सच कहूँ/कुलदीप स्वतंत्र)। Guru Ravidas Jayanti: जगतगुरु रविदास जी महाराज के जन्म जयंती के उपलक्ष में पहली दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसके संचालक बिजेन्दर दहिया फौजी व कोच बिट्टू राठी द्वारा किया गया। विशेष सहयोग मास्टर कृष्ण चौहान गाँव देविगड पुनिया द्वारा किया गया। इस दौड़ प्रतियोगिता में 200 मीटर अंडर 11 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/race-competition-held-on-guru-ravidas-jayanti/article-67221"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-02/barwala-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरवाला (सच कहूँ/कुलदीप स्वतंत्र)।</strong> Guru Ravidas Jayanti: जगतगुरु रविदास जी महाराज के जन्म जयंती के उपलक्ष में पहली दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसके संचालक बिजेन्दर दहिया फौजी व कोच बिट्टू राठी द्वारा किया गया। विशेष सहयोग मास्टर कृष्ण चौहान गाँव देविगड पुनिया द्वारा किया गया। इस दौड़ प्रतियोगिता में 200 मीटर अंडर 11 में पहला स्थान अमन मैहरा, दूसरा स्थान पवन, तीसरा स्थान सेवक मैहरा ने प्राप्त किया। 1500 मीटर दौड़ ओपन में पहला स्थान अंकित गाँव कापड़ो, दूसरा स्थान राहुल कुमार गुरु रविदास नगर, तीसरा स्थान गुरमेल रंगा गुरु रविदास नगर ने प्राप्त किया। Barwala News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Khizrabad: संयुक्त तत्वाधान में 16वें रक्तदान शिविर कार्यक्रम का आयोजन" href="http://10.0.0.122:1245/sixteenth-blood-donation-camp-organized-under-the-joint-aegis-of-shri-guru-sundar-muni-charitable-trust/">Khizrabad: संयुक्त तत्वाधान में 16वें रक्तदान शिविर कार्यक्रम का आयोजन</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Feb 2025 16:44:18 +0530</pubDate>
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                <title>‘मन चंगा, तो कठौती में गंगा’</title>
                                    <description><![CDATA[समस्त भारतीय समाज को भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता और भाईचारे की सीख देने वाले 15वीं सदी के महान समाज सुधारक संत रविदास का जन्म वाराणसी के गोवर्धनपुर गांव में माघ पूर्णिमा के दिन हुआ था। इसीलिए प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा के ही दिन उनकी जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष माघ पूर्णिमा 5 फरवरी को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/if-mind-is-healthy-the-everything-is-fine/article-43117"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-02/guru-ravidas-jayanti.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">समस्त भारतीय समाज को भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता और भाईचारे की सीख देने वाले 15वीं सदी के महान समाज सुधारक संत रविदास का जन्म वाराणसी के गोवर्धनपुर गांव में माघ पूर्णिमा के दिन हुआ था। इसीलिए प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा के ही दिन उनकी जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष माघ पूर्णिमा 5 फरवरी को है, इसीलिए इसी दिन संत रविदास जयंती मनाई जा रही है। उनका जन्म ऐसे विकट समय में हुआ था, जब समाज में घोर अंधविश्वास, कुप्रथाओं, अन्याय और अत्याचार का बोलबाला था, धार्मिक कट्टपंथता चरम पर थी, मानवता कराह रही थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="जीएम सरसों फायदा एक चिंताएं अनेक" href="http://10.0.0.122:1245/geac-has-recommended-gm-mustard-for-commercial-use/">जीएम सरसों फायदा एक चिंताएं अनेक</a></p>
<p style="text-align:justify;">उस जमाने में मध्यमवर्गीय समाज के लोग कथित निम्न जातियों के लोगों का शोषण किया करते थे। ऐसे विकट समय में समाज सुधार की बात करना तो दूर की बात, उसके बारे में सोचना भी मुश्किल था लेकिन जूते बनाने का कार्य करने वाले संत रविदास ने आध्यात्मिक ज्ञान अर्जित करने के लिए समाधि, ध्यान और योग के मार्ग को अपनाते हुए असीम ज्ञान प्राप्त किया और अपने इसी ज्ञान के जरिए पीड़ित समाज एवं दीन-दुखियों की सेवा कार्य में जुट गए।</p>
<p style="text-align:justify;">संत रविदास को ‘रैदास’ के नाम से भी जाना जाता है। वे गंगा मैया के अनन्य भक्त थे। संत रविदास को लेकर ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ कहावत बहुत प्रचलित है। इस कहावत का संबंध संत रविदास की महिमा को परिलक्षित करता है। वे जूते बनाने का कार्य किया करते थे और इस कार्य से उन्हें जो भी कमाई होती, उससे वे संतों की सेवा किया करते और उसके बाद जो कुछ बचता, उसी से परिवार का निर्वाह करते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">एक दिन रविदास जूते बनाने में व्यस्त थे कि तभी उनके पास एक ब्राह्मण आया और उनसे कहा कि मेरे जूते टूट गए हैं, इन्हें ठीक कर दो। रविदास उनके जूते ठीक करने लगे और उसी दौरान उन्होंने ब्राह्मण से पूछ लिया कि वे कहां जा रहे हैं? ब्राह्मण ने जवाब दिया, मैं गंगा स्नान करने जा रहा हूं पर चमड़े का काम करने वाले तुम क्या जानो कि इससे कितना पुण्य मिलता है! इस पर रविदास जी ने कहा कि आप सही कह रहे हैं ब्राह्मण देवता, हम नीच और मलिन लोगों के गंगा स्नान करने से गंगा अपवित्र हो जाएगी। जूते ठीक होने के बाद ब्राह्मण ने उसके बदले उन्हें एक कौड़ी मूल्य देने का प्रयास किया तो संत रविदास ने कहा कि इस कौड़ी को आप मेरी ओर से गंगा मैया को ‘रविदास की भेंट’ कहकर अर्पित कर देना।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्राह्मण गंगाजी पहुंचा और स्नान करने के पश्चात जैसे ही उसने रविदास द्वारा दी गई मुद्रा यह कहते हुए गंगा में अर्पित करने का प्रयास किया कि गंगा मैया रविदास की यह भेंट स्वीकार करो, तभी जल में से स्वयं गंगा मैया ने अपना हाथ निकालकर ब्राह्मण से वह मुद्रा ले ली और मुद्रा के बदले ब्राह्मण को एक सोने का कंगन देते हुए वह कंगन रविदास को देने का कहा। सोने का रत्न जड़ित अत्यंत सुंदर कंगन देखकर ब्राह्मण के मन में लालच आ गया और उसने विचार किया कि घर पहुंचकर वह यह कंगन अपनी पत्नी को देगा, जिसे पाकर वह बेहद खुश हो जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पत्नी ने जब वह कंगन देखा तो उसने सुझाव दिया कि क्यों न रत्न जड़ित यह कंगन राजा को भेंट कर दिया जाए, जिसके बदले वे प्रसन्न होकर हमें मालामाल कर देंगे। पत्नी की बात सुनकर ब्राह्मण राजदरबार पहुंचा और कंगन राजा को भेंट किया तो राजा ने ढ़ेर सारी मुद्राएं देकर उसकी झोली भर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">राजा ने प्रेमपूर्वक वह कंगन अपनी महारानी के हाथ में पहनाया तो महारानी इतना सुंदर कंगन पाकर इतनी खुश हुई कि उसने राजा से दूसरे हाथ के लिए भी वैसे ही कंगन की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;">राजा ने अगले ही दिन ब्राह्मण को दरबार बुलाया और उसे वैसा ही एक और कंगन लाने का आदेश देते हुए कहा कि अगर उसने तीन दिन में कंगन लाकर नहीं दिया तो वह दंड का पात्र बनेगा। राजाज्ञा सुनकर बेचारे ब्राह्मण के होश उड़ गए। वह गहरी सोच में डूब गया कि आखिर दूसरा कंगन वो कहां से लाएगा? उसे जब और कोई रास्ता नहीं सूझा तो उसने निश्चय किया कि वह संत रविदास के पास जाकर उन्हें सारे वाकये की जानकारी देगा कि कैसे गंगा मैया ने स्वयं यह कंगन उसे उन्हें देने के लिए दिया था, जो उसने लोभवश अपने पास रख लिया। अंतत: यही सोचकर वह रविदास जी की कुटिया में जा पहुंचा। रविदास उस समय प्रभु का स्मरण कर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्राह्मण ने जब उन्हें सारे वृत्तांत की विस्तृत जानकारी दी तो रविदास जी ने उनसे नाराज हुए बिना कहा कि तुमने मन के लालच के कारण कंगन अपने पास रख लिया, इसका पछतावा मत करो। रही बात राजा को देने के लिए दूसरे कंगन की तो तुम उसकी चिंता भी मत करो, गंगा मैया तुम्हारे मान-सम्मान की रक्षा करेंगी। यह कहते हुए उन्होंने अपनी वह कठौती (चमड़ा भिगोने के लिए पानी से भरा पात्र) उठाई, जिसमें पानी भरा हुआ था और जैसे ही गंगा मैया का आह्वान करते हुए अपनी कठौती से जल छिड़का, गंगा मैया वहां प्रकट हुई और रविदास जी के आग्रह पर उन्होंने रत्न जड़ित एक और कंगन उस ब्राह्मण को दे दिया। इस प्रकार खुश होकर ब्राह्मण राजा को कंगन भेंट करने चला गया और रविदास जी ने उसे अपने बड़प्पन का जरा भी अहसास नहीं होने दिया। ऐसे थे महान संत रविदास जी, जिनकी आज हम जयंती मना रहे हैं।<br />
<strong>                                                                                                               -योगेश कुमार गोयल</strong></p>
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                <pubDate>Sun, 05 Feb 2023 14:54:53 +0530</pubDate>
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