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                <title>Hybrid Rocket Mission - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Hybrid Rocket: देश का पहला हाइब्रिड रॉकेट हुआ लॉन्च, जानें क्या है रुमी की खूबियां</title>
                                    <description><![CDATA[चेन्नई (एजेंसी)। Chennai News: तमिलनाडु में मोबाइल लॉन्चपैड से देश का पहला पुन: प्रयोज्य हाइब्रिड रॉकेट रुमी का प्रक्षेपण शनिवार सुबह सफलतापूर्वक हुआ। आज सुबह 07.07 बजे तीन क्यूब सैटेलाइट और 50 पिको सैटेलाइट ले जाने वाले रुमी रॉकेट का प्रक्षेपण ईसीआर पर चेंगलपेट के थिरुविदंधई तटीय गांव में मोबाइल लॉन्च पैड से हुआ जो […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-country-first-hybrid-rocket-launched/article-61452"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/hybrid-rocket.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई (एजेंसी)।</strong> Chennai News: तमिलनाडु में मोबाइल लॉन्चपैड से देश का पहला पुन: प्रयोज्य हाइब्रिड रॉकेट रुमी का प्रक्षेपण शनिवार सुबह सफलतापूर्वक हुआ। आज सुबह 07.07 बजे तीन क्यूब सैटेलाइट और 50 पिको सैटेलाइट ले जाने वाले रुमी रॉकेट का प्रक्षेपण ईसीआर पर चेंगलपेट के थिरुविदंधई तटीय गांव में मोबाइल लॉन्च पैड से हुआ जो भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण यात्रा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। मिशन के लिए सरकार, नागरिक उड्डयन, आईएएफ तांबरम और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से सभी आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद एक ट्रक पर लगे हाइड्रोलिक लॉन्चर का उपयोग करके प्रक्षेपण किया गया। Hybrid Rocket</p>
<p style="text-align:justify;">तमिलनाडु की उभरती हुई एयरो-टेक कंपनी स्पेस जोन इंडिया ने मिशन रुमी 2024 को तैयार किया है जो भारतीय एयरोस्पेस उद्योग में अपनी तरह का पहला मील का पत्थर साबित हुआ है। इस मिशन के माध्यम से कंपनी ने मोबाइल लॉन्चपैड पर भारत का पहला पुन: प्रयोज्य हाइब्रिड रॉकेट लॉन्च किया, जो दक्षता में सुधार और परिचालन लागत को कम करने के लिए तरल आॅक्सीडाइजर और ठोस ईंधन प्रणोदक प्रणालियों दोनों के लाभों को मिलाकर प्रौद्योगिकी की शक्ति का उपयोग करेगा। Hybrid Rocket</p>
<p style="text-align:justify;">स्पेस जोन इंडिया के संस्थापक और सीईओ डॉ. आनंद मेगालिंगम ने कहा, ‘यह मोबाइल लॉन्च सिस्टम हमें किसी भी स्थान से आसानी से विभिन्न लॉन्च परिदृश्यों के सटीक नियंत्रण की अनुमति देता है।’ उन्होंने कहा कि रुमी 1 रॉकेट तीन क्यूब उपग्रहों को लेकर गया, जिन्हें ब्रह्मांडीय विकिरण तीव्रता, यूवी विकिरण तीव्रता, वायु गुणवत्ता और अधिक सहित वायुमंडलीय स्थितियों पर डेटा की निगरानी और संग्रह करने के लिए डिजाइन किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि रॉकेट ने 50 अलग-अलग पिको उपग्रहों को तैनात किया जिनमें से प्रत्येक कंपन, एक्सेलेरोमीटर रीडिंग, ऊंचाई, ओजोन स्तर, विषाक्त सामग्री और फाइबर के प्राकृतिक और सिंथेटिक आणविक बंधन जैसे वायुमंडलीय स्थितियों के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के लिए समर्पित है, जिससे पर्यावरणीय गतिशीलता के बारे में हमारी जानकारी बढ़ेगी। Hybrid Rocket</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. आनंद मेगालिंगम ने कहा कि उपग्रह विभिन्न वायुमंडलीय स्थितियों पर निगरानी रखेंगे और डेटा एकत्र करेंगे, उन्हें उप-कक्षा में रखा जाएगा। इस परियोजना का मार्गदर्शन प्रसिद्ध इसरो वैज्ञानिक डॉ. माइलस्वामी अन्नादुरई ने किया जिन्हें भारत का ‘मून मैन’ कहा जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. आनंद ने कहा, ‘भारत अंतरिक्ष नवाचार में एक वैश्विक देश के रूप में तेजी से उभर रहा है, वह लगातार ऐसे अभूतपूर्व मिशन लॉन्च कर रहा है जो संभावनाओं की सीमाओं को आगे बढ़ाते हैं। जैसे-जैसे हमारा देश इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है टिकाऊ और लागत प्रभावी समाधानों की आवश्यकता और अधिक बढ़ रही है। उन्होंने कहा मिशन रुमी 2024 इस जरूरत का सीधा जवाब है। उन्होंने कहा, ‘पुन: प्रयोज्य हाइब्रिड रॉकेट पेश करके, हम न केवल अंतरिक्ष अन्वेषण के वित्तीय बोझ को कम कर रहे हैं बल्कि इसके पर्यावरणीय प्रभाव को भी कम कर रहे हैं। यह मिशन भविष्य के लिए अंतरिक्ष मिशनों को अधिक सुलभ और टिकाऊ बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दशार्ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. अन्नादुरई ने कहा, ‘हमारे हाइड्रोलिक मोबाइल लॉन्चपैड के माध्यम से हाइब्रिड रॉकेट का प्रक्षेपण अपनी तरह की पहली पहल है जो एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी में एक नया मानक स्थापित करती है। उन्होंने कहा, ‘यह अभिनव प्रणाली अद्वितीय लचीलापन और दक्षता प्रदान करने के लिए डिजाइन की गई है जिससे हम आसानी से विभिन्न लॉन्च परिदृश्यों के अनुकूल नियंत्रित कर सकते हैं। यह अंतरिक्ष मिशनों की सुरक्षा, विश्वसनीयता और समग्र सफलता को बढ़ाने वाले उन्नत समाधानों को आगे बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता को दशार्ता है। Hybrid Rocket</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="ब्लॉक स्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में रहा प्रताप स्कूल का दबदबा" href="http://10.0.0.122:1245/pratap-school-dominated-the-block-level-school-sports-competitions/">ब्लॉक स्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में रहा प्रताप स्कूल का दबदबा</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Aug 2024 18:16:19 +0530</pubDate>
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                <title>पहला हाइब्रिड रॉकेट मिशन लॉन्च</title>
                                    <description><![CDATA[चेन्नई (एजेंसी)। देश के पहले हाईब्रिड रॉकेट मिशन का रविवार को यहां सफल प्रक्षेपण किया गया । इसमें दोबारा इस्तेमाल होने वाली प्रक्षेपण यान तकनीकी का इस्तेमाल किया गया है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (एसएलवी) मिशन-2023 नाम से किये गये इस प्रक्षेपण में, रॉकेट 150 पीआईसीओ उपग्रहों को ले गया है जिन्हें […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/first-hybrid-rocket-mission-launched/article-43654"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-02/hybrid-rocket-mission.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई (एजेंसी)।</strong> देश के पहले हाईब्रिड रॉकेट मिशन का रविवार को यहां सफल प्रक्षेपण किया गया । इसमें दोबारा इस्तेमाल होने वाली प्रक्षेपण यान तकनीकी का इस्तेमाल किया गया है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (एसएलवी) मिशन-2023 नाम से किये गये इस प्रक्षेपण में, रॉकेट 150 पीआईसीओ उपग्रहों को ले गया है जिन्हें देश भर के छह से 12 वीं कक्षा तक के 5,000 छात्रों द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। मार्टिन फाउंडेशन ने डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम इंटरनेशनल फाउंडेशन (एकेआईएफ) और स्पेस जोन इंडिया के साथ मिलकर यह मिशन किया है। उपग्रहों को साउंडिंग रॉकेट का उपयोग करके भी प्रक्षेपित किया गया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="अग्निवीर भर्ती परीक्षा के लिए सैंपल पेपर ऑनलाइन उपलब्ध" href="http://10.0.0.122:1245/sample-paper-for-agniveer-recruitment-exam-available-online/">अग्निवीर भर्ती परीक्षा के लिए सैंपल पेपर ऑनलाइन उपलब्ध</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">इन उपग्रहों को दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा</h3>
<p style="text-align:justify;">साउंडिंग उपग्रहों के प्रक्षेपण की सुविधा केलमबक्ककम उपनगरीय इलाके के पट्टीपुलम में है और इस जगह से हाइब्रिड रॉकेश के नाम से भी जाने जाने वाली साउंडिग रॉकेट का प्रक्षेपण किया गया है। एकेआईएफ की स्थापना दिवंगत राष्ट्रपति और प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ अब्दुल कलाम के पौत्रों ने की थी । स्पेस जोन प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ डॉ. आनंद मेगालिंगम ने बताया कि रॉकेट लगभग 5-6 किमी की ऊंचाई तक उड़ गया और उसके बाद समुद्र में गिर गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पूरा मिशन साढ़े आठ मिनट तक चला । इस दौरान हर सेकेंड का डाटा उपग्रह द्वारा रिकॉर्ड कर लिया गया। उपग्रहों की सुरक्षित लैंडिग के लिए पैराशूट की मदद ली गयी और उतरने के बाद सभी उपग्रह बरामद किए गए और सभी उनसे डेटा एकत्र किया जाएगा । इन उपग्रहों को दोबारा इस्तेमाल किया जायेगा।</p>
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                <pubDate>Sun, 19 Feb 2023 16:47:16 +0530</pubDate>
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