<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/accepted/tag-2215" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Accepted - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/2215/rss</link>
                <description>Accepted RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रोडवेज कर्मचारियों को बड़ी राहत, सरकार ने कई मांगें मानी, एस्मा भी हटेगा</title>
                                    <description><![CDATA[हड़ताल के दौरान लगाया एस्मा हटाया जाएगा। पानीपत(एजेंसी)। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों की तीनों मांगें मान ली हैंं। हड़ताल के दौरान लगाया एस्मा हटाया जाएगा। आंदोलन के दौरान की अन्य कार्रवाई को वापस लेते हुए हड़ताल के दिनों को ड्यूटी में जोड़ा जाएगा। यूनियन ने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/roadways-employees-accepted-demands/article-10423"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-09/haryana-rodwesy.jpg" alt=""></a><br /><h2>हड़ताल के दौरान लगाया एस्मा हटाया जाएगा।</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>पानीपत(एजेंसी)।</strong> विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों की तीनों मांगें मान ली हैंं। हड़ताल के दौरान लगाया एस्मा हटाया जाएगा। आंदोलन के दौरान की अन्य कार्रवाई को वापस लेते हुए हड़ताल के दिनों को ड्यूटी में जोड़ा जाएगा। यूनियन ने परिवहन मंत्री के विस क्षेत्र इसराना में 22 सितंबर को किए जाने वाले सेमिनार टाल दिए हैं।</p>
<h2>परिवहन मंत्री और रोडवेज की संयुक्त तालमेल कमेटी के बीच दो घंटे तक बातचीत चली।</h2>
<p style="text-align:justify;">परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार और रोडवेज की संयुक्त तालमेल कमेटी के बीच रेस्ट हाउस में करीब दो घंटे तक बातचीत चली। यूनियनों के प्रतिनिधिमंडल में सर्व कर्मचारी संघ से इंद्र सिंह बधाना, महासचिव सरबत पूनिया, कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र धनखड़ और महासचिव पहल सिंह के अलावा हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दलबीर सिंह किरमारा मौजूद रहे। बैठक में पानीपत ग्रामीण विधायक महीपाल ढांडा भी मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने बताया कि रोडवेज तालमेल कमेटी में चार यूनियनों के पदाधिकारी शामिल रहे। सभी मांगों को मान लिया गया है। रोडवेज यूनियनों ने 1 मार्च 2015 से लेकर 9 जनवरी 2019 तक छह बार हड़ताल की थी। सरकार ने एस्मा लगा दिया था। हड़ताल के दौरान गैरहाजिरी लगाने के साथ अन्य कार्रवाई की थी। परिवहन मंत्री ने बताया कि एस्मा खत्म करने के लिए मुख्य सचिव को लिखा जाएगा। इस अवधि को ड्यूटी में जोड़ा जाएगा।</p>
<h2>कोर्ट ने पॉलिसी रद करने का फैसला दिया था।0</h2>
<p style="text-align:justify;">यूनियन ने किलोमीटर स्कीम में शामिल की जाने वाली 710 बसों के टेंडर को वापस लेने की मांग रखी। परिवहन मंत्री ने बताया कि बस ऑपरेटर और यूनियन कोर्ट में चले गए थे। कोर्ट ने पॉलिसी रद करने का फैसला दिया था। बस ऑपरेटर निजी सुनवाई के लिए फिर से कोर्ट में चले गए। कोर्ट के फैसले को सरकार लागू करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">यूनियन की तीसरी बड़ी मांग ड्राइवर, कंडक्टर और तकनीकी कर्मचारियों को मिलने वाली राजपत्रित छुट्टियां दूसरे राज्यों के बराबर करने की थी। नेताओं ने कहा कि 31 राजपत्रित छुट्टियों से ड्राइवर व कंडक्टर को तीन ही मिलती हैं। सरकार ने तकनीकी कर्मचारियों की छुट्टी घटाकर आठ कर दी। मंत्री ने बताया कि यह विधानसभा में प्रस्ताव मंजूर कराना है। तब तक ड्राइवरों को तीन और तकनीकी स्टाफ को 31 छुट्टियों की पुरानी पॉलिसी लागू रहेगी। कच्चे कर्मियों को पक्का करने की मांग पर परिवहन मंत्री ने बताया कि 1993 से अब तक लगे 8200 कर्मियों को पक्का कर दिया गया है। 1992 से 2004 के बीच के कर्मी अटके हैं। बैठक में सहमति बनी तो इन्हें पक्का किया जाएगा।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करे</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/roadways-employees-accepted-demands/article-10423</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/roadways-employees-accepted-demands/article-10423</guid>
                <pubDate>Fri, 13 Sep 2019 11:28:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-09/haryana-rodwesy.jpg"                         length="143147"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंदसौर: प्रदेश सरकार ने स्वीकारा,  पुलिस गोलीबारी में ही हुई थी किसानों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने आखिर मान लिया कि मंदसौर में भड़के किसान आंदोलन में पांच लोगों की मौत पुलिस की गोली से ही हुई थी। गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बातचीत में कहा कि 5 किसानों की मौत पुलिस की गोलीबारी में हुई है। जांच में इसकी पुष्टि हुई है। राज्य सरकार की तरफ […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/mandsaur-state-government-accepted-death-of-farmers-in-police-firing/article-1012"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/raf.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भोपाल।</strong> मध्य प्रदेश सरकार ने आखिर मान लिया कि मंदसौर में भड़के किसान आंदोलन में पांच लोगों की मौत पुलिस की गोली से ही हुई थी। गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बातचीत में कहा कि 5 किसानों की मौत पुलिस की गोलीबारी में हुई है। जांच में इसकी पुष्टि हुई है। राज्य सरकार की तरफ से घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए जाने के साथ ही मृतकों के परिजनों के लिए एक करोड़ रुपये सहायता राशि और नौकरी की घोषणा की गई है।</p>
<h2>मंदसौर में आरएएफ के 1100 जवान तैनात</h2>
<p>हिंसा प्रभावित मंदसौर जिले में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की टुकड़ियों को तैनात किया गया है। जिले में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। पुलिस ने कहा कि मंदसौर के पिपलियामंडी में आरएएफ की दो कंपनियों को भेजा गया है। एक कंपनी में करीब 100 कर्मी शामिल हैं। गरोथ क्षेत्र में आरएएफ की दो कंपनियों को तैनात किया गया है जबकि दो अन्य कंपनियों को मोहू-नीमच राजमार्ग पर किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तैनात किया गया है। रतलाम रेंज के उप महानिरीक्षक अनिवाश शर्मा पिपलियामंडी में बने हुए हैं। केंद्र ने आरएएफ के 1,100 कर्मियों को हिंसा प्रभावित राज्य में भेजा है।</p>
<h2 style="text-align:center;">मंदसौर के डीसी व एसपी का तबादला</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong> 62 लोग हिरासत में, सात मामले दर्ज</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के हिंसाग्रस्त जिले में किसान आंदोलन के संबंध में वीरवार को सात मामले दर्ज किए गए और 62 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि हिंसा की विभिन्न घटनाओं के संबंध में मामले दर्ज किए गए हैं। जिले में गोलीबारी के मद्देनजर त्रिपाठी का तबादला किया गया है। त्रिपाठी ने नए कलेक्टर ओ पी श्रीवास्तव के साथ संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कुछ लोगों को बुधवार को बरहेडा पंत इलाके में मंदसौर के पूर्ववर्ती कलेक्टर एस के सिंह के साथ धक्का-मुक्की करने के मामले में भी हिरासत में लिया गया है। पिपलिया मंडी के नगर निरीक्षक अनिल सिंह ठाकुर को किसानों पर गोलीबारी के संबंध में फील्ड ड्यूटी से हटा दिया गया है। राकेश चौधरी को नए नगर निरीक्षक के तौर पर स्थानांतरित किया गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों की क्या हैं मांगेंं?</h3>
<p style="text-align:justify;">किसान जमीन के बदले मुआवजे के लिए कोर्ट जाने का अधिकार देने, फसल पर आए खर्च का डेढ़ गुना दाम देने, किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, कर्ज माफ करने और दूध खरीदी के दाम बढ़ाने सहित 20 सुत्री मांगों को लेकर 1 जून से आंदोलन शुरू किया था। इसी बीच, 6 जून को पुलिस की गोलीबारी में 5 किसानों की मौत हो गई, जिसके बाद आंदोलन हिंंसक हो गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">19 साल पहले भी प्रदर्शन में गई थी 18 जानें</h3>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई में 1998 में किसानों ने इस तरह का आंदोलन किया था। 12 जनवरी 1998 को प्रदर्शन के दौरान 18 लोगों की मौत हुई थी। किसान बाढ़ से हुई फसलों की बर्बादी के लिए 5000 रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजे और कर्ज माफी की मांग कर रहे थे। उस वक्त राज्य में कांग्रेस सरकार थी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बातचीत के लिए सरकार तैयार: शिवराज</h3>
<p style="text-align:justify;">मंदसौर में भड़की हिंसा एवं आगजनी के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से फिर शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि उनकी सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान से लिए उनसे बातचीत करने के लिए हमेशा तैयार है। चौहान ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की सरकार है, जनता की सरकार है। वह हमेशा जनता और किसानों के लिए काम करते रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/mandsaur-state-government-accepted-death-of-farmers-in-police-firing/article-1012</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/mandsaur-state-government-accepted-death-of-farmers-in-police-firing/article-1012</guid>
                <pubDate>Thu, 08 Jun 2017 06:01:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/raf.jpg"                         length="75066"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        